Thursday, July 16, 2026 11:57 am

लैंड जिहाद के माध्यम से प्रयागराज के पौराणिक स्थलों पर कब्जा किया गया था: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के शासन में लैंड माफिया ने प्रयागराज के पौराणिक स्थलों, अक्षय वट, माता सरस्वती कूप, पातालपुरी, श्रृंगवेरपुर, द्वादश माधव और भगवान बेनी माधव, पर अवैध कब्जे कर लिए थे, जिससे इनकी गरिमा को गहरी चोट पहुंची। महाकुंभ के दौरान इन स्थलों को माफिया मुक्त कर उनके कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे श्रद्धालु अब सालभर दर्शन कर सकते हैं। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को दिखाया, साथ ही उत्तर प्रदेश की नकारात्मक छवि को भी बदला। उन्होंने बुधवार को लखनऊ में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि भरद्वाज की नगरी प्रयागराज, जो दुनिया के पहले गुरुकुल की भूमि है, पिछली सरकारों के दौर में माफियाओं के हवाले थी। अक्षय वट को गुलामी के काल में कैद कर नष्ट करने की कोशिश की गई, जिससे 500 वर्षों तक श्रद्धालु दर्शन से वंचित रहे। माता सरस्वती कूप और पातालपुरी जैसे स्थल उपेक्षित रहे, जबकि श्रृंगवेरपुर-भगवान राम और निषादराज के मैत्री स्थल पर लैंड जिहाद के जरिए कब्जा कर लिया गया। द्वादश माधव और नागवासुकी जैसे पवित्र स्थल भी अवैध कब्जों की चपेट में थे। महाकुंभ के दौरान वहां नए कॉरिडोर बनाकर इन स्थलों को मुक्त कराया गया, जो हमारी पौराणिक परंपरा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक हैं। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन ने न केवल दुनिया को भारत के सामर्थ्य और सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को दिखाया, बल्कि उत्तर प्रदेश को लेकर बनी नकारात्मक धारणा को भी बदल दिया। उन्होंने दावा किया कि महाकुंभ के माध्यम से दोनों लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए गए हैं। महाकुंभ ने सनातन धर्म के सच्चे और व्यापक स्वरूप को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। त्रिवेणी संगम में हर जाति, पंथ और क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने एक साथ डुबकी लगाई, जो 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाता है। सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिनकी सोच नकारात्मक है, उनसे सकारात्मकता की उम्मीद करना बेकार है। उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले कुंभ (1954) से लेकर 1974, 1986, 2007 और 2013 तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में हुई अव्यवस्थाओं का जिक्र किया। 1954 में एक हजार से अधिक मौतें हुईं, 2007 में प्राकृतिक आपदा ने जन-धन की हानि की और 2013 में मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री ने संगम की गंदगी देखकर आंसू बहाए थे। पिछली सरकारों ने कुंभ को अव्यवस्था और गंदगी का अड्डा बना दिया था। आज वही लोग हमारे स्वच्छ महाकुंभ पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी नकारात्मकता ने उन्हें जनता की नजरों से गिरा दिया। विपक्ष हर अच्छे कार्य का विरोध करना अपनी शक्ति समझता है, लेकिन जनता ने महाकुंभ में पहुंचकर उन्हें सबक सिखा दिया। सीएम योगी ने 2025 के महाकुंभ को स्वच्छता, सुरक्षा और तकनीक का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा कि 2019 में पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कुंभ की नकारात्मक धारणा को बदलने का प्रयास शुरू हुआ, जिसे 2025 में और मजबूती से लागू किया गया। डिजिटल महाकुंभ की अवधारणा को साकार करते हुए 54,000 बिछड़े लोगों को डिजिटल खोया-पाया केंद्र के जरिए उनके परिजनों से मिलाया गया। डेढ़ लाख शौचालय बनाए गए और उन्हें क्यूआर कोड से जोड़ा गया। 11 भाषाओं में एक ऐप के जरिए श्रद्धालुओं को सुविधाएं दी गईं। हमारा प्रयास था कि कोई भी श्रद्धालु 3-5 किमी से ज्यादा पैदल न चले। अनुमान था कि 40 करोड़ लोग आएंगे, लेकिन 66.30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। पौष पूर्णिमा पर 1.5 करोड़, मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ और मौनी अमावस्या पर 15 करोड़ लोगों ने स्नान किया। सीएम योगी ने मौनी अमावस्या की रात एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि 10 करोड़ से अधिक भीड़ के बीच कुछ लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अखाड़ों और संतों से बातचीत की और अमृत स्नान को दोपहर तक स्थगित कर दिया। संतों ने व्यापक जनहित में परंपरा को बाधित किए बिना सहयोग दिया। दोपहर 2 बजे के बाद स्नान सुचारू रूप से हुआ। यह सनातन धर्म की श्रद्धा और एकता का प्रतीक है। उन्होंने संतों के सहयोग को अभिनंदन योग्य बताया और कहा कि उनकी जिम्मेदारी आयोजन को सकुशल संपन्न कराना था, जिसमें संतों का योगदान अहम रहा। औरंगजेब को आदर्श मानने वालों पर तीखा हमला करते हुए योगी ने कहा कि यह मानसिक विकृति का परिणाम है। उन्होंने शाहजहां की पुस्तक का हवाला देते हुए बताया कि औरंगजेब ने अपने पिता को कैद कर एक बूंद पानी के लिए तरसाया और भाई को मार डाला। जो औरंगजेब को पसंद करते हैं, वे अपने बच्चों का नाम औरंगजेब रखें और उसके अत्याचार भोगने को तैयार रहें। वो लोग इस तरह की बातें करके भारत के नायकों का अपमान कर रहे हैं। संभल का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 5000 साल पुराने पुराणों में इसका वर्णन है, जहां श्रीहरि का दसवां अवतार होगा। 1526 में मीर बाकी ने वहां मंदिर तोड़ा, लेकिन अब तक 18 तीर्थों का उत्खनन हो चुका है। जो इतिहास छिपाते हैं, उन्हें पुराण पढ़ना चाहिए। आस्था को अर्थ से जोड़कर हजारों टैक्सी चालकों, बस चालकों और व्यापारियों को रोजगार मिला। कोविड संकट में जनता के साथ खड़े होने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नया भारत आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों में अग्रणी होगा। recent visitors 62

होली से पहले मुख्यमंत्री योगी ने 1.86 करोड़ परिवारों को दिया तोहफा: सीएम योगी

लखनऊ होली के ठीक पहले बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य के 1.86 करोड़ पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल के लिए 1,890 करोड़ रुपए की सब्सिडी वितरित की। इस योजना का शुभारंभ लखनऊ के लोकभवन सभागार में सीएम योगी ने किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां गैस कनेक्शन के लिए घूस देना पड़ता था, अब यह सुविधा देश में 10 करोड़ परिवारों को फ्री में उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही होली और दीपावली पर गैस सिलेंडर भी मुफ्त दिया जा रहा है। इस बार होली और रमजान एक साथ हैं, तो सभी लोगों को इस योजना का फायदा मिलेगा। उज्ज्वला योजना को 2016 में शुरू किया गया था, जिसके तहत देश भर में 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन मिले। उत्तर प्रदेश में करीब 2 करोड़ लोग योजना से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि 2021 के चुनाव में हमने वादा किया था कि 2022 में सरकार बनने पर होली और दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर दिया जाएगा। उस समय से हर साल यह योजना चल रही है ताकि लोग पर्व और त्योहार अच्छे से मना सकें। इस बार होली और रमजान दोनों साथ हैं, इसलिए सभी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले एक गैस कनेक्शन के लिए 25-30 हजार रुपए की घूस देनी पड़ती थी और त्योहारों पर सिलेंडर भी नहीं मिल पाते थे। यह योजना गरीब माताओं को धुएं से बचाने के लिए शुरू की गई है और इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा। यूपी में 80 हजार राशन डीलर 3 करोड़ 60 लाख राशन कार्डधारकों के जरिए 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बांट रहे हैं। 2017 में ई-पॉश मशीनों के जरिए राशन वितरण में पारदर्शिता लाई गई, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगी। कोविड काल में जब लोग परेशान थे, तब से लगातार पांच साल हो गए, हर महीने देश में 80 करोड़ लोगों और यूपी में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों और बेटियों के कल्याण के लिए संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 22 लाख बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रति बेटी 25 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है, जबकि 4 लाख बेटियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराई गई है। अप्रैल से बेटियों की शादी के लिए 1 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट आने के बाद मेधावी बेटियों को स्कूटी और कामकाजी महिलाओं को अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर आवासीय सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। किसानों के लिए गेहूं की खरीद दर को 150 रुपए बढ़ाकर 2,425 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां जरूरत का सामान, बिजली बिल जमा करने की सुविधा और वेयरहाउस की व्यवस्था होगी। दो हजार से अधिक अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण चल रहा है। ग्राम सचिवालयों के जरिए ऑनलाइन आय, जाति, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र भी दिए जा रहे हैं। recent visitors 74

सीएम योगी ने कहा-इस्लाम से भी पहले के ग्रंथों में संभल का उल्लेख है,1526 में विष्णु मंदिर तोड़कर नष्ट कर दिया गया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि इस्लाम से भी पहले के ग्रंथों में संभल का उल्लेख है। संभल में श्री हरि विष्णु मंदिर को 1526 में तोड़कर नष्ट कर दिया गया था। संभल का उल्लेख 5000 साल पुराने ग्रंथों में किया गया है। उनमें भगवान विष्णु के भावी अवतार का उल्लेख है। दूसरी ओर इस्लाम का उदय केवल 1,400 साल पहले हुआ। मैं ऐसी चीज़ की बात कर रहा हूं जो इस्लाम से कम से कम 2,000 साल पुरानी है। इन बातों के सबूत सदियों से मौजूद हैं। सीएम योगी ने कहा कि 1526 में संभल में भगवान विष्णु का मंदिर तोड़ा गया और दो साल बाद 1528 में अयोध्या में राम मंदिर को भी तोड़ दिया गया था। आरएसएस से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिका 'ऑर्गनाइजर' द्वारा लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम 'मंथन: कुंभ और उसके आगे' में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों कृत्य एक ही व्यक्ति द्वारा किए गए थे। आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में हर धर्म और पूजा पद्धति में कुछ अच्छे गुण होते हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी की आस्था को जबरन छीनना और उनकी मान्यताओं को कुचलना अस्वीकार्य है। खासकर जब हम संभल के बारे में सच्चाई जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल एक ऐतिहासिक सत्य का प्रतिनिधित्व करता है और उन्होंने हमेशा इसके बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि मैं योगी हूं। मैं हर संप्रदाय, समुदाय और पूजा पद्धति का सम्मान करता हूं। अगर आप गोरखनाथ पीठ जाएं, तो आप देखेंगे कि वहां किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं है। सभी जाति, क्षेत्र और संप्रदाय के लोग एक साथ बैठकर एक ही थाली में भोजन करते हैं। हमारे पूज्य संत, चाहे वे किसी भी धर्म से जुड़े हों, एक साथ बैठकर भोजन करते हैं और उन्हें समान सम्मान मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए मैं कहता हूं कि भारत की वैदिक परंपरा की भावना, जैसा कि उपनिषदों में व्यक्त किया गया है, हमारे अंदर गहराई से समाहित है। पूजा की हर पद्धति, चाहे वह सनातन धर्म से जुड़ी हो या दुनिया के किसी भी अन्य धर्म से, उसमें कुछ अंतर्निहित अच्छाइयां होती हैं, यही वजह है कि इतने सारे लोग उनका पालन करते हैं। विपक्षी दलों और आलोचकों की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों को पहले धर्मग्रंथों को पढ़ना चाहिए, उसके बाद ही मुझे उन पर बहस करने की चुनौती देनी चाहिए। recent visitors 38

दुनिया में हर धर्म और पूजा पद्धति में कुछ अच्छे गुण होते हैं, 1526 में विष्णु मंदिर तोड़कर नष्ट कर दिया गया: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि इस्लाम से भी पहले के ग्रंथों में संभल का उल्लेख है। संभल में श्री हरि विष्णु मंदिर को 1526 में तोड़कर नष्ट कर दिया गया था। संभल का उल्लेख 5000 साल पुराने ग्रंथों में किया गया है। उनमें भगवान विष्णु के भावी अवतार का उल्लेख है। दूसरी ओर इस्लाम का उदय केवल 1,400 साल पहले हुआ। मैं ऐसी चीज़ की बात कर रहा हूं जो इस्लाम से कम से कम 2,000 साल पुरानी है। इन बातों के सबूत सदियों से मौजूद हैं। सीएम योगी ने कहा कि 1526 में संभल में भगवान विष्णु का मंदिर तोड़ा गया और दो साल बाद 1528 में अयोध्या में राम मंदिर को भी तोड़ दिया गया था। आरएसएस से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिका 'ऑर्गनाइजर' द्वारा लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम 'मंथन: कुंभ और उसके आगे' में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों कृत्य एक ही व्यक्ति द्वारा किए गए थे। आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में हर धर्म और पूजा पद्धति में कुछ अच्छे गुण होते हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी की आस्था को जबरन छीनना और उनकी मान्यताओं को कुचलना अस्वीकार्य है। खासकर जब हम संभल के बारे में सच्चाई जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल एक ऐतिहासिक सत्य का प्रतिनिधित्व करता है और उन्होंने हमेशा इसके बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि मैं योगी हूं। मैं हर संप्रदाय, समुदाय और पूजा पद्धति का सम्मान करता हूं। अगर आप गोरखनाथ पीठ जाएं, तो आप देखेंगे कि वहां किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं है। सभी जाति, क्षेत्र और संप्रदाय के लोग एक साथ बैठकर एक ही थाली में भोजन करते हैं। हमारे पूज्य संत, चाहे वे किसी भी धर्म से जुड़े हों, एक साथ बैठकर भोजन करते हैं और उन्हें समान सम्मान मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए मैं कहता हूं कि भारत की वैदिक परंपरा की भावना, जैसा कि उपनिषदों में व्यक्त किया गया है, हमारे अंदर गहराई से समाहित है। पूजा की हर पद्धति, चाहे वह सनातन धर्म से जुड़ी हो या दुनिया के किसी भी अन्य धर्म से, उसमें कुछ अंतर्निहित अच्छाइयां होती हैं, यही वजह है कि इतने सारे लोग उनका पालन करते हैं। विपक्षी दलों और आलोचकों की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों को पहले धर्मग्रंथों को पढ़ना चाहिए, उसके बाद ही मुझे उन पर बहस करने की चुनौती देनी चाहिए। recent visitors 28

सीएम योगी ने कहा- अबू आजमी को लेकर योगी सपा पर खूब गरजे, कहा कि उसको एक बार यूपी भेज दो, उपचार हम कर देंगे

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के बजट सत्र में विधान परिषद को संबोधित करते हुए सपा पर जमकर हमला बोला। योगी ने कहा कि इस्लामीकरण करने वाले का सपा आदर्श मानती है। औरंगजेब को समाजवादी नायक मानते हैं। सीएम योगी ने कहा कि लोहिया के विचारों से कोसों दूर हैं। औरंगजेब क्रूर शासक था। औरंगजेब ने अपने पिता को ही जेल भेजा था। खुदा करे कि ऐसा कमबख्त किसी को पैदा न हो। अबू आजमी को लेकर योगी सपा पर खूब गरजे। कहा कि उसको एक बार यूपी भेज दो, उपचार हम कर देंगे। क्या उसको भारत के अंदर रहने का अधिकार होना चाहिए? समाजवादी पार्टी को इस पर जवाब देना चाहिए अबू आजमी को पार्टी से क्यों नहीं निकालते ? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसकी जैसी दृष्टि थी उसको वैसी ही सृष्टि प्रयागराज महाकुंभ में देखने को मिली। उन्होंने विधान परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान यह भी कहा कि कई पार्टियां और संगठन इस आयोजन को लेकर अनर्गल बातें कर रहे थे लेकिन सरकार उनकी मौन साक्षी बनकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही थी। आदित्यनाथ ने कहा कि जब महाकुंभ का आयोजन हो रहा था उस समय हम लोग इस बात का अनुभव कर रहे थे कि बहुत सारे ऐसे माननीय सदस्य थे, या ऐसी पार्टियां थीं, ऐसे संगठन थे जो तमाम तरह के अनर्गल प्रलाप उस समय कर रहे थे लेकिन उस सबसे इतर रहकर के हम लोग उन सभी घटनाओं के मौन साक्षी बनाकर अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन कर रहे थे। उनका कहना था कि भगवान श्री कृष्ण ने भी श्रीमद् भागवत गीता में इस बात का उल्लेख किया है कि मुझे जो जिस रूप में स्मरण करता है मैं उसी रूप में उसको दिखाई देता हूं। मुझे लगता है कि जिसकी जैसी दृष्टि थी उसको वैसी ही सृष्टि प्रयागराज में देखने को मिली। आदित्यनाथ ने कहा कि कुंभ के बारे में चर्चा वही कर सकता है जिसने महाकुंभ का दर्शन किया हो और महाकुंभ की नगरी में जाकर जो साक्षात इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन में सहभागी बना हो। उन्होंने कहा, ''यह पहला आयोजन है जिसको पूरी दुनिया की मीडिया ने सराहा है। चाहे वह 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' (अमेरिकी अखबार) हो, 'बीबीसी' हो, 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' हो, रायटर हो, द गार्जियन हो, सीएनएन हो, इन सब ने इस महा आयोजन की तारीफ की।'' मुख्यमंत्री के अनुसार, महाकुंभ प्रयागराज हर उसे व्यक्ति के मन मस्तिष्क पर छाता हुआ नजर आया है जो अपने आप में दुनिया का एक ''यूनीक इवेंट'' (अद्भुत आयोजन) बनकर लंबे समय तक दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है। अपने विचारों की अभिव्यक्ति मर्यादा के दायरे में हम अपनी अभिव्यक्ति को सदन के मंच पर रखें, इससे बड़ी दूसरी बात नहीं हो सकती है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े हुए सदस्यों ने जो रुचि ली है इस सदन के सामने अपने बहुमूल्य विचार रखे हैं मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं।' recent visitors 54

सीएम योगी ने संभल का जिक्र करते हुए कहा- जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए, इससे इतर कुछ नहीं

लखनऊ यूपी विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों का विस्तार से ब्योरा दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी पर जमकर हमले किए। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आंकड़ों को गलत बताया और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव को चच्चू कहकर एक बार फिर तंज भी कसा। सीएम योगी ने संभल का जिक्र करते हुए कहा कि जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए। इससे इतर कुछ नहीं। सीएम योगी ने कहा कि एक शरारत के तहत संभल के 68 तीर्थों और 19 कूपों की निशानी मिटाने की कोशिश की गई। उसको खोजना हमारा काम था। हमने 54 तीर्थ खोजे और 19 कूपों को भी पाया। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ में 66 करोड़ लोग पहुंचे लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई है। महाकुंभ में जो आया, वो अभिभूत हो गया। सभी लोग सुरक्षित घर लौटे हैं। महाकुंभ में लूट, छेड़खानी, रेप या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा भले डॉ. राममनोहर लोहिया को अपना आदर्श मानती हो लेकिन उनके बताए रास्ते पर नहीं चलती है। सपा लोहिया के आदर्शों से दूर जा चुकी है। लोहिया जी ने कहा था कि राम, कृष्ण, शंकर भारत के आदर्श हैं लेकिन सपा को इन तीन देवताओं पर कोई भरोसा नहीं है। उपचुनाव की चर्चा करते हुए उन्होंने सपा नेता शिवपाल सिंह यादव पर तंज कसा। कहा कि चुनाव कैसे जीता जाता है यह चच्चू से बेहतर कौन जानता है। सीएम ने कहा कि महाकुंभ में भारत के विकास और विरासत की छाप दिखाई दी। महाकुंभ में कोई जाति, धर्म, क्षेत्र का भेदभाव नहीं दिखाई दिया। सीएम योगी ने महाकुंभ से हुए आर्थिक लाभ के बारे में विधानसभा में बताया। recent visitors 41

महाकुंभ में व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे CM योगी, श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश समेत देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 का समापन महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ होने वाला है। महाशिवरात्रि स्नान पर्व को लेकर बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। मंगलवार रात से ही त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का भारी जुटान दिख रहा था। बुधवार अहले सुबह से ही श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। प्रयागराज में पहुंचे श्रद्धालुओं को देखते हुए मेला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। योगी सरकार की ओर से महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर संगम में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई। मेला में व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रयागराज से वाराणसी तक श्रद्धालुओं के उफान और आस्थ के सैलाब। सुबह 11 बजे तक 85 लाख से अधिक ने लगाई पवित्र डुबकी सुबह 11 बजे तक, 85 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर लिया था। वे "हर हर गंगे, बम बम भोले, और जय श्री राम" के जयकारे लगा रहे थे। कुंभ मेला क्षेत्र दिव्य ऊर्जा से भर गया था। सीएम योगी ने किया रुद्राभिषेक महाशिवरात्रि के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी पूरे विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक करते दिखे। इससे उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ में चल रहे आखिरी स्नान पर्व की स्थिति को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किया। सुबह 8 बजे तक 60 लाख से अधिक स्नान महाकुंभ मेला के आखिरी दिन सुबह 8 बजे तक 60 लाख 14 हजार लोगों ने पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। लोगों का प्रयागराज पहुंचना लगातार जारी है। सरकार और प्रशासन की ओर से आंकड़ा दो करोड़ पार करने की उम्मीद है। 11 जनवरी को महाकुंभ मेला की शुरुआत के बाद से 25 फरवरी तक 64 करोड़ करोड़ 77 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। महाशिवरात्रि स्नान पर्व की शुरुआत के साथ ही आंकड़ा 65 करोड़ पार कर गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं का इंतजार काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते बैरिकेड्स से घिरे हैं। इन रास्तों पर हजारों श्रद्धालु कतारों में खड़े हैं और मंदिर में प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं। सभी 7 अखाड़ों के अपने मठों में 11 बजे तक लौटने के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिलेगा। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान शिव और देवी शक्ति से सभी के लिए आशीर्वाद की कामना की। राहुल गांधी ने X पर अपनी शुभकामनाएं साझा करते हुए लिखा, "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सभी को हार्दिक बधाई। शिव शक्ति का आशीर्वाद आप सभी पर सदा बना रहे। हर हर महादेव।" खड़गे ने भी X पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, "महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महादेव का आशीर्वाद सभी पर बना रहे, और आपके जीवन में सुख, समृद्धि और प्रगति का वास हो। यही मेरी प्रार्थना है।" इसी बीच, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने महाकुंभ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लगभग आधे भारत की आबादी ने इस आयोजन में भाग लिया। इससे दुनिया के सामने भारत की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति की झलक दिखाई दी। महाकुंभ में लोगों की भागीदारी भारत की आध्यात्मिकता का प्रमाण है। यह आयोजन देश की एकता और विविधता को भी दर्शाता है। महाकुंभ जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पर्व के माध्यम से लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़ने का अवसर मिलता है। स्वामी जी ने महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन इसी प्रकार सफल रहेंगे। इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रचार-प्रसार होता रहेगा। recent visitors 55