Thursday, July 16, 2026 1:19 pm

सीएम योगी ने कहा- राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन मंगलवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन पर किए जा रहे दुष्प्रचार और राज्यपाल के अभिभाषण पर किए गए व्यवहार पर विपक्ष को आइना दिखाया। सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को पढ़ते हुए कहा कि महाकुंभ में सभी को अपनी दृष्टि के अनुरूप चीजें देखने को मिली है। महाकुंभ दुनिया में अब तक हुए सभी आयोजनों के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है। प्रयागराज महाकुंभ ने प्रदेश में नए पंच तीर्थ को जोड़ा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु अयोध्या, काशी, गोरखपुर, मथुरा दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और अपने संवैधानिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए ही वर्ष की शुरुआत में पहले सत्र में उनके द्वारा दोनों सदनों को एक साथ संबोधित किया जाता है। लोकतंत्र संवाद पर आधारित होता है, यह आवश्यक नहीं कि सभी लोग एक-दूसरे से सहमत हों, लेकिन मर्यादा और शालीनता का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद के प्रति जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा और नारेबाजी का प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें जो लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है, उसका सम्मान करना सभी दलों का कर्तव्य है। समाजवादी पार्टी का यह आचरण लोकतंत्र और संविधान, दोनों के विरुद्ध है। एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने विधान परिषद में विपक्ष के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व प्रयागराज के महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता का साक्षी बन रहा है, तब विपक्ष सिर्फ आलोचना में व्यस्त है। यह कोई साधारण आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, आस्था और संस्कृति का वह महोत्सव है, जिसने देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अब तक 64 करोड़ श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में शामिल हो चुके हैं, जो विश्व के किसी भी धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या से कहीं अधिक है। उत्तर प्रदेश आज एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, गोरखपुर और प्रयागराज तीर्थाटन के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रयागराज महाकुंभ ने इन धार्मिक स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में जोड़ दिया है। सीएम योगी ने कहा कि महान कार्यों के प्रति समाज का रवैया तीन चरणों से गुजरता है- उपहास, विरोध और अंततः स्वीकृति। यही हाल राम मंदिर निर्माण और महाकुंभ आयोजन के दौरान भी देखने को मिला। पहले विपक्ष ने तंज कसे, फिर विरोध किया, लेकिन अंततः वे भी इसी आस्था में समर्पित हो गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं संगम में स्नान कर आए और नेता प्रतिपक्ष ने खुद को पहले सनातनी बताया, बाद में समाजवादी। यह उनकी स्वीकृति का प्रमाण है। सीएम योगी ने महाकुंभ की तुलना दुनिया के अन्य धार्मिक आयोजनों से करते हुए कहा कि मक्का में हज के दौरान 1.4 करोड़, वेटिकन सिटी में सालभर में 80 लाख, जबकि अयोध्या धाम में मात्र 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह, काशी, मथुरा-वृंदावन और अन्य तीर्थों में भी करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे यह साबित हुआ कि भारत की सनातन परंपरा केवल धार्मिक मान्यताओं तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग हर बार महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस आयोजन ने हर नकारात्मक प्रचार को ध्वस्त कर दिया। वामपंथी और समाजवादी महाकुंभ को बदनाम करने में जुटे रहे, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर उनकी नकारात्मकता को नकार दिया। सनातन संस्कृति की ताकत दुनिया ने देखी। करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर सनातन विरोधियों को करारा जवाब दिया। यह वही नया उत्तर प्रदेश है, जिसने आध्यात्मिक पर्यटन को एक नई दिशा दी है और अब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की इस अद्भुत शक्ति का लोहा मान रही है। मुख्यमंत्री योगी ने गंगाजल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में वैज्ञानिक डॉ. अजय शुक्ला की लैब और उत्तर प्रदेश व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंगाजल स्नान योग्य ही नहीं, बल्कि अल्कलाइन वाटर जितना शुद्ध भी है। वैज्ञानिक परीक्षणों से यह साबित हुआ है कि गंगाजल में स्वयं को शुद्ध बनाए रखने की प्राकृतिक क्षमता है, जो इसे अन्य नदियों से अलग बनाती है। 17 जनवरी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में संगम क्षेत्र में क्लोरोफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई। संगम तट पर इसकी मात्रा 780 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर थी, जबकि वाराणसी की ओर जाने वाले घाटों पर यह 280 तक थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, जल की शुद्धता के तीन प्रमुख मानक- बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड), सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) और फीकल कॉलीफॉर्म-संगम क्षेत्र में पूरी तरह संतुलित पाए गए।   recent visitors 65

महाकुंभ में स्नान जारी, सड़क पर उतरें अधिकारी, यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने सख्त निर्देश दिए

महाकुंभ नगर प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में स्नान जारी है। शुक्रवार को यहां पर यातायात की व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारी भी सड़क पर उतरें। महाकुंभ में शुक्रवार होने के कारण भीड़ बढ़ने लगी है। कल शनिवार और फिर रविवार है। ऐसे में प्रशासन का अंदेशा है कि सप्ताह के आखिरी में एक बार फिर भीड़ बढ़ सकती है। इसको देखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ में मीटिंग की। महाकुंभ में यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सड़क पर उतरें। प्रयागराज महाकुंभ नगर, प्रयागराज जनपद, अयोध्या, वाराणसी और आसपास के सभी जिलों में कहीं भी सड़क पर जाम न लगे। हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। जहां जाम होगा, वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। दरअसल, प्रयागराज में कुंभ जाने वाले श्रद्धालु अयोध्या भी जाना चाहते हैं। इसे लेकर जाम के हालात बन रहे हैं। अमेठी, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर में जाम लग रहा है। कई बाहरी राज्यों की गाड़ियां जाम में फंस रही हैं। उधर, महाकुंभ में सफाई कर्मियों की तरफ से एक साथ घाटों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा। महाकुंभ में शुक्रवार को 40.02 लाख लोगों ने स्नान किया है। वहीं, 13 फरवरी से आज तक 49.14 करोड़ लोगों ने स्नान किया है। शुक्रवार को भी कई अतिविशिष्ट लोग त्रिवेणी में स्नान के लिए आएंगे। कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के अलावा देश के कई वीवीआईपी ने भी आस्था की डुबकी लगाई है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद समेत कई बड़े सियासी दिग्गज यहां स्नान कर चुके हैं। recent visitors 57

महाकुंभ के आयोजन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा: सीएम योगी

लखनऊ लखनऊ में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में 114 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर तीनों नेताओं ने लोगों को संबोधित किया और उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। महाकुंभ पर खर्च हुए 1500 करोड़ रुपए, सीएम योगी का खुलासा इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि कुंभ और महाकुंभ आयोजन से यूपी की अर्थव्यवस्था को भारी लाभ होता है। योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा। सीएम योगी ने उन लोगों का जवाब दिया, जो पूछते हैं कि 5000-6000 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि यह राशि सिर्फ कुंभ के आयोजन पर नहीं, बल्कि प्रयागराज शहर के जीर्णोद्धार पर भी खर्च की गई है। कुंभ के आयोजन में कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च हुए, और यदि इसके बदले यूपी की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ हो, तो यह राशि उचित ही खर्च की गई है। महाकुंभ से यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन से राज्य की अर्थव्यवस्था को और भी मजबूती मिलेगी। जब 50-55 करोड़ लोग उत्तर प्रदेश के महाकुंभ में शामिल होंगे, तो इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार के आने के बाद, श्रद्धालु उन जगहों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं, जहां आठ साल पहले वे नहीं जा पाते थे। नितिन गडकरी ने महाकुंभ के प्रभाव पर जताई राय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज ने 3 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी वृद्धि में योगदान दिया। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र बताया, जहां 49 प्रतिशत पूंजी निवेश रोजगार पैदा करने में खर्च होता है। गडकरी ने कहा कि इस आयोजन से टैक्सी चालकों, रिक्शा चालकों और अन्य श्रेणियों के लोगों को रोजगार के कई अवसर मिले हैं। राजनाथ सिंह ने किया सीएम योगी और गडकरी का सम्मान लखनऊ में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम योगी और नितिन गडकरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लखनऊ में जो विकास हो रहा है, वह पूरी तरह से सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के योगदान के कारण हो रहा है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि इन नेताओं के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा मिल रही है और राज्य का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा सुधार और राज्य की आर्थिक वृद्धि को एक नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।   recent visitors 61

नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 4 लेन के दो प्रमुख फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इनमें 270 करोड़ रुपये की लागत से बना इंदिरा नगर सेक्टर 25 से खुर्रमनगर-कल्याणपुर फ्लाईओवर (3 किमी) और 170 करोड़ रुपये की लागत से बना पॉलिटेक्निक से मुंशी पुलिया चौराहा फ्लाईओवर (2 किमी) शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुल 588 करोड़ रुपये की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार द्वारा लखनऊ को न केवल एयरो सिटी बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हो रहा है और राज्य के हर नागरिक को बेहतर बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ को 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसमें 440 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं और करीब 600 करोड़ रुपये की विभिन्न राज्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को मेट्रो शहरों की तरह विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सीएम योगी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने से लेकर झांसी में बड़े प्रोजेक्ट्स को लाकर यूपी को डिफेंस निर्माण का केंद्र बनाने में रक्षा मंत्री का योगदान अमूल्य है। लखनऊ के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने बताया कि स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर लखनऊ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर, किसान पथ, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं लखनऊ को विश्व स्तरीय शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए लखनऊ को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है महाकुम्भ- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ के ऐतिहासिक आयोजन को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ 2025 में अब तक 50 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, जो उत्तर प्रदेश की शक्ति और व्यवस्थागत कुशलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज महाकुम्भ में लोगों की सैंकड़ों वर्षों से दबी हुई भावनाओं को सम्मान मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ का आयोजन स्थल रक्षा मंत्रालय की भूमि पर होता है और पिछले आठ वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार को यह भूमि लीज पर सहजता से प्राप्त हो रही है। इस बार पहली बार श्रद्धालु अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से सीमित पहुंच में रखा गया था। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ में असाधारण भीड़ को संभालने के लिए सड़क मार्ग, रेलवे और वायु मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी दी गई है। 40 रेगुलर फ्लाइट्स प्रयागराज को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रही हैं, वहीं रेलवे द्वारा सैकड़ों मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। सड़क मार्ग से सबसे अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं और इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत विभिन्न सड़क परियोजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया और सुचारू व्यवस्थाओं के कारण कोई अव्यवस्था नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ न केवल आस्था का महापर्व है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कुंभ पर खर्च को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन यह निवेश प्रयागराज के संपूर्ण पुनरुद्धार के लिए किया गया है। महाकुम्भ पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बदले में उत्तर प्रदेश को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ होने जा रहा है। यह आयोजन पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा प्रोत्साहन देगा। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 जनवरी को प्रयागराज में सामूहिक स्नान कर महाकुम्भ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया ब्रिज और यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह महाकुम्भ जैसे आयोजनों को सुगम बनाने के साथ-साथ प्रयागराज की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘नए भारत का नया उत्तर प्रदेश’ बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं और राज्य को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब विश्व स्तरीय सुविधाओं का अनुभव कर रही है और प्रदेश में निवेश, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण – बसंतकुंज योजना के निकट नागरियाकला में 400 केएल एवं जी-20 रोड जनेश्वर मिश्र पार्क के निकट 20 केएल स्ट्रॉम ड्रेनेज हेतु फ्लड पम्पिंग स्टेशन – बसंतकुंज योजना के सेक्टर-आई में 6 डीप नलकूप सीजी सिटी में हार्मनी पार्क (म्यूजिकल एवं स्पोर्ट्स पार्क) – अहिमामऊ में कल्याण मंडप शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं – कबीरनगर-देवपुर पारा आवासीय योजना में 1,032 ईडब्ल्यूएस आवास एवं सड़क – गोमती पर कुकरैल नदी से बैकुंठ धाम तक 4 लेन ब्रिज – सीजी सिटी योजना के … Read more

जो लोग कुंभ की व्यवस्थाओं पर उठा रहे थे सवाल, अब खुद ही चुपचाप डुबकी लगाकर आ रहे: सीएम योगी

बागपत सीएम योगी ने बुधवार को बागपत में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अजित सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा।  छपरौली के श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रालोद के संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी अजित सिंह की प्रतिमा का बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनावरण किया। इसके साथ ही सीएम ने 351 करोड़ की 281 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह उनके साथ रहे।   सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेस्ट यूपी के किसानों ने खेती की उन्नत तकनीक अपनाकर अपना विकास किया है। चौधरी अजित सिंह भी कहते थे कि देश के विकास का रास्ता खेत और किसान से होकर गुजरता है। उसी से प्रेरणा लेकर हम किसानों के हित की दिशा में काम कर रहे हैं।   सीएम ने कहा कि जो लोग कुंभ की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठा रहे थे, वे अब चुपचाप डुबकी लगाकर आ रहे हैं। 26 फरवरी तक कुंभ भव्यता से चलता रहेगा और श्रद्धालु लाभ उठाते रहेंगे। महाकुंभ में कल तक 50 करोड़ लोग डुबकी लगा लगेंगे।   सीएम ने कहा कि पहले पुलिस की भर्ती निकलती थी, लेकिन नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। हमारी सरकार में अब पुलिस भर्ती चल रही है और बिना भेदभाव के सभी जिलों के युवाओं को उनकी प्रतिभा के आधार पर चयनित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का नौजवान तो अपनी ताकत दिखाएगा ही, हमने इसमें 20 फीसदी नौकरी बेटियों के लिए आरक्षित कर दी हैं। अगले दो महीने में इनकी ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। इसी साल में यूपी पुलिस को 60 हजार नए पुलिसकर्मी मिलेंगे।   recent visitors 57

युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा- योगी आदित्यनाथ को मारना चाहता है, ताकि वह डॉन बन सके

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के एक गांव के 20 वर्षीय युवक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी है। यह घटना तब सामने आई जब युवक ने सोशल मीडिया के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार के विजिलेंस विभाग का फोन नंबर प्राप्त कर उसे कॉल किया। युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को मारना चाहता है, ताकि वह "डॉन" बन सके युवक ने कैसे दी धमकी? युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा कि मेरी योगी आदित्यनाथ से बात करवा दीजिए।" जब अधिकारियों ने पूछा कि वह ऐसा क्यों करना चाहता है, तो उसने जवाब दिया, "मैं उन्हें मारकर डॉन बनना चाहता हूं।" उत्तर प्रदेश एसटीएफ की कार्रवाई इस धमकी की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और एसटीएफ की दो टीमों को मुरैना भेजा। मंगलवार देर शाम जब टीम युवक के गांव पहुंची, तो उसके घर पर ताला लगा मिला। करीब 10 घंटे की तलाश के बाद युवक को पकड़ लिया गया। युवक की सफाई युवक ने पूछताछ में बताया कि उसने यह सब सिर्फ मजाक में किया था। उसने कहा कि उसे यह फोन नंबर सोशल मीडिया पर मिला था और वह मोबाइल चलाते समय उसे कॉल करने का विचार आया। उसने आगे बताया कि वह अक्सर फोन पर धमकियां देता है और कुछ ग्रामीणों ने कहा कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। आरोपी पहुंचा थाने दिलचस्प बात यह है कि आरोपी खुद ही सिविल लाइन थाने पहुंच गया और मुरैना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। थाने के टीआई ने यूपी एसटीएफ के अधिकारियों को सूचित किया कि जिस युवक की तलाश थी, वह अब थाने में मौजूद है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि कुछ ग्रामीणों ने बताया कि युवक अक्सर ऐसे फोन कॉल करता है। इस मामले की जांच अब आगे बढ़ रही है, और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं।   recent visitors 24

वीवीआईपी ट्रीटमेंट लेने वाले लोग आज महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार में जुटे, सीएम योगी ने विपक्ष पर कसा तंज

लखनऊ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की अंत्योदय की सोच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रही है। उन्होंने गरीबी उन्मूलन के खोखले नारों पर विपक्ष को घेरा, साथ ही सीएम योगी ने महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार करने वालों पर भी करारा प्रहार किया। सीएम योगी ने कहा कि जीवन भर वीवीआईपी ट्रीटमेंट लेने वाले लोग आज महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार में जुटे हैं। भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पंडित उपाध्याय के आदर्शों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण और विकास पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार पंडित उपाध्याय के सपनों को पूरा कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का यह मत था कि किसी भी देश की प्रगति का मापदंड ऊंचे पायदान पर खड़े व्यक्ति की समृद्धि से नहीं बल्कि सबसे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर से किया जाना चाहिए। उनकी इसी सोच को केंद्र में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा दिया। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबी हटाने के बड़े-बड़े नारे दिए, लेकिन गरीबों की संख्या लगातार बढ़ती रही। वहीं, मोदी सरकार ने बीते 11 वर्षों में गरीबों को सशक्त बनाने का कार्य किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने बताया कि अब तक 4 करोड़ गरीबों को मकान मिल चुके हैं, 12 करोड़ शौचालय बने हैं, 10 करोड़ लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ये सभी योजनाएं अंत्योदय के मंत्र को साकार कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष द्वारा महाकुंभ को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में 29 दिन में 45 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई है, जो एक ऐतिहासिक घटना है। भारत और चीन के बाद दुनिया के किसी देश की आबादी 45 करोड़ नहीं है, एक अस्थाई शहर में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आकर डुबकी लगाए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे वीआईपी स्नान से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सच यह है कि महाकुंभ समरसता और आस्था का संगम है, जहां जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के भेदभाव को खत्म करके सभी श्रद्धालु एक साथ जुड़ते हैं। लेकिन ये नकारात्मकता फैलाने वाले कौन लोग हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने जीवन भर सरकार से वीवीआईपी ट्रीटमेंट लिया है और अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए एक रास्ता खोलने का प्रयास किया था। ये वही लोग हैं जो नकारात्मकता पैदा करके भारत और सनातन के विरोध में सदैव खड़े रहते हैं और दुष्प्रचार करने में मशगूल रहते हैं। सीएम योगी ने विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने वाले लोगों पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब भी कोई नई योजना शुरू होती है, तो कुछ लोगों को केवल कमियां निकालने की आदत होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘जब पाइपलाइन बिछाई जाती है, तो सड़क खुदाई के कारण खराब हो जाती हैं, लेकिन जब वह कार्य पूरा होता है, तो लोगों को सुविधा मिलती है।’ उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हम 4 करोड़ लोगों को आवास देते हैं तो वे कहते हैं कि अभी बहुत लोग बाकी हैं। उनको बताना चाहता हूं कि 3 करोड़ आवास और स्वीकृत किए जा चुके हैं। जो लोग पहले केवल वीआईपी सुविधाएं भोगते थे, वही आज आम जनता को मिल रही सुविधाओं पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें सिर्फ गरीबी हटाने के नारे देती रहीं, लेकिन हकीकत में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ती गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीबी उन्मूलन का वास्तविक कार्य किया। सीएम योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय की बात करने वाले ज्योतिपुंज थे। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के कल्याण को राजनीतिक चिंतन का एजेंडा बनाया था। उनके इस चिंतन का आज असर दिखता है। आज एकात्म मानववाद की ताकत दुनिया देख रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने समाज को साथ लेकर चलने का विचार दिया। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति सिर्फ पास-पास होता है लेकिन साथ नहीं होता, तो अकेलापन और डिप्रेशन जन्म लेता है। यही स्थिति समाज के साथ भी होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को अपनाकर इसी सोच को धरातल पर उतारा है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए संकल्पित है।   recent visitors 48