सीएम योगी को जान से मारने की धमकी देने वाले एक शख्स को पुलिस ने धर दबोचा, हथियार भी बरामद किए गए

नोएडा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले एक शख्स को नोएडा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से हथियार भी बरामद किए गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो आरोपी योगी आदित्यनाथ की कुर्बानी देने की बात कहता दिखा था। उसने सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाली भी टिप्पणी की थी। आरोपी की पहचान शेख अताउल पुत्र उसमान गनी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। शेख ने कबूल किया है कि उसका परिवार बांग्लादेश की सीमा पार करके पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बस गया। बाद में वह दिल्ली के शाहीन बाग में आकर रहने लगा। करीब 40 साल के शेख अताउल के कब्जे से एक तमन्चा .315 बोर, जिंदा कारतूस, एक चाकू और आपत्तिजनक दस्तावेज (फोटो), मोबाइल फोन बरामद किया गया है। नोएडा सेक्टर 39 पुलिस ने शेख अताउल को गिरफ्तार करने के बाद उसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल है और क्या क्या सच में वह सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमले की योजना बना रहा था। फिलहाल उसने पुलिस को बताया है कि हथियार उसने अपनी सुरक्षा और लोगों को डराने के लिए रखा था। शुरुआती पूछताछ में शेख ने बताया कि उसने किसी ने कहा था कि वह सभी मस्जिदों को ध्वस्त करा रहे हैं, इसी वजह से उसने भड़काऊ बयान दिया था। उसके पास मिली एक तस्वीर को लेकर उसने कहा है कि वह इसे अपने धर्म के लोगों को दिखाने के लिए रखता था। शेख के खिलाफ बीएनएस और आईटी ऐक्ट की कई धाराओं में नोएडा सेक्टर 39 थाने में केस दर्ज किया गया है। नोएडा पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया सेल गौतमबुद्धनगर की ओर से एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सेक्टर 39 थाने में केस दर्ज कराया गया था। सोशल मीडिया एक्स पर वायरल हो रहे वीडियो में देश में संवैधानिक पद पर बैठे जननेता के संबंध में आपत्तिजनक, झूठे और भडकाऊ बातें कहीं जा रही थी, जिनसे करोडों भारतीय नागरिकों की आस्था जुडी है। आरोपी ने अलगाववादी और भडकाऊ बातें करके सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया। उसने खुले में गोश्त खाने जैसी बातें कहकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया। वीडियो में वह 'बिस्मिल्लाह कहकर कुर्बना करूंगा' जैसी धमकी भरी बातें कर रहा था। recent visitors 51

सीएम योगी ने कहा संभल में कोई गिरफ्तारी बिना सबूत नहीं हुई, एक भी पत्थरबाज नहीं बचेगा

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानसभा में संभल और बहराइच को लेकर विपक्ष पर जमकर बरसे। सीएम योगी ने कहा कि संभल में कोई गिरफ्तारी बिना सबूत नहीं हुई है। यह भी कहा कि संभल का एक भी पत्थरबाज नहीं बचेगा। सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों का एक-एक कर जवाब दिया। संभल में निर्दोषों की गिरफ्तारी का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लोकसभा में भाजपा को घेरने की कोशिश की थी। सीएम योगी ने कहा कि संभल में 1947 से ही दंगा होता रहा है। हमारी सरकार बनने के बाद कोई दंगा नहीं हुआ है। उन्होंने 2017 से पहले संभल-बहराइच के साथ ही यूपी के अलग अलग जिलों में हुए दंगों का ब्योरा भी विधानसभा में पेश किया। कहा कि आज प्रदेश में सुरक्षा का माहौल है। कानून व्यवस्था का जो माहौल है उसी के कारण 40 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला है। सीएम योगी ने बहराइच में हुए दंगे की चर्चा करते हुए कहा कि मोहर्रम हो या मुस्लिम समाज का कोई जुलूस हिंदू मुहल्ले से निकल जाता है। जब हिन्दू समाज का जुलूस निकलता है तो क्यों समस्या आती है। सवाल उठाया कि झंडा क्यों नहीं लग सकता है। रास्ते में झंडा लगाने में क्या दिक्कत है। बहराइच में राम गोपाल मिश्रा की घर के अंदर से गोली चलाकर हत्या की गई है। कट्टे लहराते वीडियो वायरल हुए हैं। यह दंगा सड़क पर नहीं हुआ है। घर के अंदर खींचकर हत्या की गई है। पुलिस घर के अंदर घुसती तो कई आरोप लगते। कहा कि आप चाहते हैं कि आपके पर्व त्योहार शांति से निपट जाएं लेकिन दूसरे का पर्व हो तो बवाल हो जाए। सीएम योगी ने कहा कि संभल में शिया सुन्नी का विवाद हो या लखनऊ का ऐसा ही विवाद, दोनों भाजपा की सरकार में खत्म हुआ है। शोभायात्रा के रास्ते में केसरिया झंडा क्यों नहीं लग सकता है। मोहर्रम का जुलूस हिंदू मुहल्ले से निकल जाता है, लेकिन शोभायात्रा मस्जिद के सामने से क्यों नहीं निकल सकती है। संविधान में कहां लिखा है कि मुस्लिम बहुल मुहल्ले से हिन्दू शोभायात्रा नहीं निकल सकती। बहराइच में परंपरागत जुलूस था। उसी जुलूस को आगे बढ़ाने के लिए सभी कार्यक्रम संपन्न हुए और आगे भी संपन्न होंगे। योगी ने कहा कि आपत्तिजनक नारे लगाने का आरोप लगाया गया। जयश्रीराम का नाम आपत्तिजनक कैसे हो गया? कल हम अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाने से रोकेंगे तो आपको अच्छा लगेगा? कोई हिंदू कहेगा कि हमें भी आपत्ति है तो आप मान जाएंगे? शोभायात्रा में भजन और भक्ति गीत बजते ही हैं, सारा विवाद इसी पर है। भाजपा विधायक के आरोपों को दंगों से जोड़ने पर सीएम योगी ने कहा कि उनके आरोपों तोड़मरोड़ कर पेश किया गया। भाजपा विधायक की गाड़ी पर पथराव घटनास्थल से तीस किलोमीटर दूर हुआ है। सीएम योगी ने कुंदरकी में मिली भाजपा की जीत पर भी विपक्ष पर तंज कसा। कहा कि कुंदरकी में लोगों को एहसास हुआ है, आपको भी होगा। कुंदरकी में हुई जीत सनातक की जीत है। recent visitors 59

समय के अनुरूप सोचने और चलने की आदत डालनी होगी, खुद को तैयार नहीं करने वाले पीछे छूट जाते हैं : CM योगी

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कालचक्र किसी की परवाह नहीं करता है, उसका प्रवाह निरंतर चलता रहता है, इसलिए हमें खुद को समय की धारा के अनुरूप तैयार करना होगा। समय के अनुरूप सोचने और चलने की आदत डालनी होगी। समय के अनुरूप खुद को तैयार नहीं कर पाने वाले पिछड़कर पिछलग्गू हो जाते हैं। सीएम योगी मंगलवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 92वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम समय के अनुरूप समाज के प्रत्येक तबके को जोड़ते हुए टीम भावना के साथ समाज और देश हित के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएं। जब सामूहिकता की भावना और टीम वर्क से प्रयास किए जाएंगे तो परिणाम भी उसी के अनुरूप सार्थक आएंगे। परिणाम ही प्रयास और तैयारी के स्तर का वास्तविक परिचय देता है। टीम वर्क और परिणाम के बीच साम्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का बचपन इंसेफेलाइटिस के दुष्चक्र में 1977 से लेकर 40 साल तक फंसा रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में पचास हजार से अधिक बच्चों की मौत हो गई। पहले उपचार की व्यवस्था नहीं थी। उपचार की व्यवस्था हुई, वैक्सीन आया तो वायरस ने अपना नेचर चेंज कर लिया। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो प्रदेश और केंद्र सरकार ने टीम भावना के साथ, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और अन्य संगठनों के सहयोग तथा सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वय से मिलकर लड़ाई लड़ी। इसका परिणाम रहा कि 40 साल की समस्या का समाधान 2 साल में हो गया। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता कठिन चुनौतियों का सामना करने से लेकर टीम भावना से परिणाम प्राप्त करने की यात्रा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने आज की पीढ़ी के मोबाइल फोन के इस्तेमाल में अत्यधिक समय बिताने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल के उपयोग में अनावश्यक अत्यधिक समय बिताने से बचे। अपना समय प्रकृति के बीच, रचनात्मक कार्यों, अध्ययन और कौशल विकास की गतिविधियों में बिताएं। हमें यह ध्यान रखना होगा कि तकनीकी हमसे संचालित हो, हम तकनीकी से संचालित न हों। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के जीवन से सीख लेने की बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी रुचि के अनुसार लीक से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए। यह क्षेत्र समाज सेवा, सामाजिक चेतना, महिला एवं बाल उत्थान, अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन या समाज से जुड़ा कुछ भी हो सकता है। हम किसी भी एक क्षेत्र को चुनकर आगे बढ़ सकते हैं। अपने क्षेत्र में, रुचि के अनुसार ईमानदारी और कठिन परिश्रम से कार्य करेंगे तो परिणाम अवश्य आएगा। जीवन शॉर्टकट का मार्ग नहीं है। जीवन में सफलता के सतत प्रवाह के लिए परिश्रम और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है। यदि जीवन में अधूरी तैयारी होगी, विजन और एक्शन नहीं होगा तो कन्फ्यूजन की स्थिति बनी रहेगी। जीवन का उद्देश्य सिर्फ डिग्री और नौकरी हासिल करना नहीं हो सकता। जीवन का उद्देश्य विराट होना चाहिए। यदि हम विजन के अनुरूप निष्ठा और ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने यही साबित किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात समाज सुधारक और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज ही के दिन दस वर्ष पूर्व उन्हें दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। कैलाश सत्यार्थी का जीवन प्रत्येक क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरक है, खासकर उन युवाओं के लिए जो किन्हीं कारणों से असमंजस की स्थिति में रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपने संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए 92 वर्षों से निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और नागरिकों के मन में असमंजस की स्थिति थी, तब युवाओं में देश हित और स्वाभिमान की भावना को जगाने के लिए 1932 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। देश और स्वाभिमान की प्रेरणा के प्रतीक महाराणा प्रताप के त्याग और बलिदान को केंद्र में रखकर राष्ट्रवादी शिक्षा का कार्य प्रारंभ किया। आज यह परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवादी शिक्षा की गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए सेवारत है। संस्थापक सप्ताह के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की उत्कृष्ट संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मंच से 200 पुरस्कार वितरित किए गए। करीब 800 पुरस्कार संस्थाओं के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। संस्थापक समारोह के मुख्य महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन भी किया गया। recent visitors 91

‘हर काम देश के नाम होना चाहिए, हमारा कोई व्यक्तिगत अस्तित्व नहीं , यदि हमारा राष्ट्र सुरक्षित है, तो हमारा धर्म भी सुरक्षित रहेगा – CM योगी

 वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के स्वर्वेद महामन्दिर धाम में आयोजित 'विहंगम योग संत-समाज' की स्थापना के शताब्दी समारोह महोत्सव में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'हर काम देश के नाम होना चाहिए, हमारा कोई व्यक्तिगत अस्तित्व नहीं है. यदि हमारा राष्ट्र सुरक्षित है, तो हमारा धर्म भी सुरक्षित रहेगा, यदि हमारा धर्म सुरक्षित है तो हम भी सुरक्षित रहेंगे.' योगी आदित्यनाथ ने शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह देश गुलामी की बेड़ियों से जकड़ा हुआ था. गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपनी आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ सदगुरु सदाफल महाराज ने आजादी के आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया. उन्होंने कहा, 'अकेले चुपचाप नहीं बैठ जाना है. एक कार्य पूरा हुआ तो अगले कार्य की शुरुआत कर देनी है, लेकिन हर कार्य देश के नाम, सनातन धर्म के नाम पर होना चाहिए. एक सच्चा संत देश और समाज की परिस्थितियों से हाथ पर हाथ रखकर चुपचाप बैठा नहीं रह सकता है.' आगामी प्रयागराज महाकुंभ का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, 'एक कुंभ यहां पर है, तो दूसरा महाकुंभ प्रयागराज में 13 जनवरी से प्रारंभ होने वाला है. प्रयागराज महाकुंभ को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दिला दी है. यही नहीं यह वर्ष हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 22 जनवरी, 2024 को 500 वर्षों का इंतजार समाप्त करते हुए अयोध्या में भव्य मंदिर में रामलला फिर से विराजमान हुए हैं.' पीएम मोदी के कार्यकाल में वाराणसी में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'आप देख रहे होंगे कि आज काशी एक नई काशी है. प्रधानमंत्री मोदी ने 10 वर्षों में काशी को चमका दिया है. आज काशी में नमो घाट है. देश ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा घाट है, जहां हेलीपैड भी है. काशी में देव मंदिरों का कायाकल्प हुआ है. इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य- चाहे सड़क, रेल और वायु सेवा की कनेक्टिविटी हो, जो 2014 से पहले था उससे 100 गुना बेहतर अब है. अब काशी से हल्दिया के बीच जलमार्ग का उपयोग करते हुए भी अपनी यात्रा को आगे बढ़ा सकते हैं.'   recent visitors 74

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है, अब ढोंग करने वाले मौन क्यों : सीएम योगी

लखनऊ आज बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कट्टरपंथी मार रहे हैं। उन्हें जलाया जा रहा है। उनकी संपत्तियों को लूटा जा रहा है। इतना ही नहीं माता और बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब तक वहां जिन्ना का जिन्न रहेगा तब तक इस तरह की अराजकता होती रहेगी। उन्होंने कहा कि वहां पर गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है। यह पाप 1947 में देश के विभाजन के रूप में सभी के सामने आया था। उसी का बदसूरत स्वरूप बांग्लादेश के रूप में फिर हमारे सामने है। बाबा साहेब ने 1946-47 में ही जनता को इसे लेकर आगाह कर दिया था, उन्होंने कहा था कि देश का बंटवारा मत होने दीजिए। अगर यह हो गया तो आर-पार की लड़ाई शुरू हो जाएगी, जो आज हमारे सामने है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा मार्ग स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कुछ लोग समाज को धोखा दे रहे हैं। वह समाज में झूठ फैला रहे हैं। यह वही लोग हैं, जो उस समय हैदराबाद के निजाम और उनके रजाकारों द्वारा दलितों के गांव जलाए जा रहे थे तो चुप थे। उस दौरान उनका शोषण हो रहा था। उन पर अत्याचार किया जा रहा था। उस समय भी बाबा साहेब आंबेडकर ने खुला पत्र लिखा था कि हैदराबाद के निजाम की रियासत के सभी दलितों, जिन पर अत्याचार हो रहा है, वह निजाम की रियासत को छोड़कर महाराष्ट्र की ओर चले जाएं, लेकिन अपना धर्म और मत न बदलें। सीएम योगी ने आगे कहा कि वहीं, हैदराबाद के निजाम और पाक परस्त जिन्ना के लोगों ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए बाबा साहेब को प्रलोभन देने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने आदर्शों से टस से मस नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा भारतीय ही रहूंगा। मैंने भारतीय के रूप में जन्म लिया है और मेरी अंतिम यात्रा भी भारतीय के रूप में ही निकलेगी। उन्होंने आजीवन इस व्रत का पालन भी किया। वह लगातार दलित और वंचितों के लिए काम करते रहे। जिन लोगों ने बाबा साहेब की बात मानी, वह आज भारत में सुरक्षित हैं और आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। हमारी सरकार उन सभी का सम्मान करने के साथ उन्हें हर सुविधा उपलब्ध करा रही है। सीएम योगी ने कहा कि योगेंद्र नाथ मंडल की बातों में आकर जो लोग बहक गए थे, वह आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार सह रहे हैं। यह दृश्य आज हम सभी के सामने है। 1947 में पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की बड़ी तादाद में आबादी थी। बांग्लादेश में 1971 तक 22 पर्सेंट हिंदू रहते थे, आज वह घटकर 6 से 8 फीसदी रह गए हैं। आज वहां जो कुछ भी हो रहा है, अगर इसी तरह नरसंहार चलता रहा तो यह संख्या बहुत सीमित रह जाएगी। जो लोग हमेशा दलितों को अपना वोट बैंक बना करके उनका शोषण करते आए हैं, वह बांग्लादेश की घटना पर मौन हैं। उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है क्योंकि वह सच स्वीकार नहीं कर सकते हैं और सच बोल भी नहीं सकते हैं। उनमें बोलने का सामर्थ्य नहीं है इसलिए वह बांग्लादेश के दृश्य पर मौन हैं। यह लोग सिर्फ संविधान की प्रति दिखाकर ढोंग कर रहे हैं। उन्हें बाबा साहेब के मूल्यों से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले भी इन्होंने बाबा साहेब के मूल संविधान पर कुठाराघात करके उसकी हत्या करने का प्रयास किया था। सीएम योगी ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है। कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना से उसकी आत्मा हटाने का काम किया है। वर्ष 1975 में देश में इमरजेंसी लागू करके बाबा साहेब का अपमान किया था। आज भी कांग्रेस यही कर रही है। इन्होंने मूल संविधान की प्रस्तावना में संशोधन करके वह शब्द डालने का काम किया था, जो बाबा साहेब ने मूल संविधान में डाले ही नहीं थे। ऐसे में जो यह ढोंग कर रहे हैं, उसका वास्तविक चेहरा जनता और देश के सामने लाने की आवश्यकता है। बाबा साहेब हमेशा वंचित, पीड़ित और शोषित के लिए काम करते रहे। उन्होंने ही समाज को नई दिशा दिखाते हुए खुशहाल समाज की परिकल्पना दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बाबा साहेब के सपने को साकार करते हुए लगातार काम कर रही है। हमारी सरकार उन्हें फ्री टॉयलेट, आवास, जमीन के पट्टे उपलब्ध करा रही है। उन्हें पेंशन की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। एससी-एसटी वर्ग के छात्रों स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा रही है। वर्तमान में हम जीरो पावर्टी के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में गरीबी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। सभी वंचितों को राशन, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, हर घर तक पानी समेत अनेक सुविधाओं को लाभ दिया जाएगा। हमारी सरकार बाबा साहेब पर शोध हो सके, जीवन दर्शन को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए लखनऊ में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना करने जा रही है। अंबेडकर महासभा की मांग पर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां पर भव्य ऑडिटोरियम के साथ लाइब्रेरी भी होगी। यहां पर छात्राओं के लिए छात्रावास और अतिथि गृह के साथ बाबा साहेब का भव्य स्मारक भी होगा। recent visitors 92

गुरु तेग बहादुर के बलिदान और स्मृतियों को किया नमन, दिया बड़ा बयान, कहा- उन्होंने कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाया

लखनऊ सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरु श्री तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यहियागंज स्थित गुरुद्वारा में उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान और स्मृतियों को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सिख पंथ के अनुयायियों ने अपनी साधना और सामर्थ्य से अपने कौम के साथ-साथ पूरे देश को और पूरे सनातन धर्म को न केवल सुरक्षा प्रदान की बल्कि एक लंबे समय के लिए उन्हें अभय भी प्रदान किया। कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाया – योगी कश्मीरी पंडितों पर कश्मीर में हुए अत्याचार को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज ने उस समय कश्मीर को बचाया था जब वहां के सनातन धर्मावलंबियों को विदेशी आक्रांताओं द्वारा धर्म परिवर्तन करने का आदेश मिला था। गुरु तेग बहादुर ने धर्म परिवर्तन के आदेश के बाद सुरक्षा के लिए भटक रहे कश्मीरी पंडितों को न सिर्फ नया जीवन दिया था बल्कि उनसे कहा था कि अत्याचारियों से कह दो कि पहले हमारे गुरु को इस्लाम स्वीकार कराओ। सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने हमेशा देश और धर्म को प्राथमिकता दी और किसी विदेशी आक्रांता के सामने सिर नहीं झुकाया। 'मुख्यमंत्री आवास पर वीर बाल दिवस मनाया जाना मेरा सौभाग्य है' मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने कहा कि गुरु तेग बहादुर अपनी शहादत के पहले सनातन धर्म की रक्षा के लिए, देश और धर्म की रक्षा करने के लिए गुरु गोविंद सिंह जी महाराज जैसा सशक्त शक्तिपुंज भी देश को दिया। उनके चार-चार साहिबजादे बलिदान हो गए। सीएम योगी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी जी के आभारी हैं, जिन्होंने 26 दिसंबर की तिथि को वीर बाल दिवस के रूप में आयोजित करने की घोषणा की। यह मेरा सौभाग्य है कि वीर बाल दिवस साल 2020 से लगातार मुख्यमंत्री आवास में पूरी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। पूरा संत समाज इसमें शामिल होता है। recent visitors 146

सीएम योगी ने कहा- अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए, छेड़छाड़ करने वालों का तत्काल हो इलाज

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर फॉर्म में नजर आ रहे है। सीएम ने कानून व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। सीएम योगी ने कहा कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए और जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए। वहीं, सीएम ने छेड़छाड़ करने वालों को भी सबक सिखाने के निर्देश दिए है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर हीला हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 'राजस्व विभाग में लंबित मामलों का निपटारा हो' सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी निजी कंपनी या व्यक्ति के कार्यक्रम में न जाए और न ही कोई सम्मान ग्रहण करे। उन्होंने छेड़छाड़ करने वालों का चौराहों पर ही उपचार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में लंबित पैमाइश के चलते हत्याएं हो रही हैं। बिना लटकाए और अटकाए राजस्व विभाग में लंबित मामलों का निपटारा हो। अगर इसके बावजूद अगर राजस्व विभाग में ऐसा होता है तो संबंधित अफसरों पर भी आपराधिक साजिश के तहत कार्यवाही होनी चाहिए। 'अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए और जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जनता से जुड़े विभागों के अधिकारी तय समय पर जनता से जरूर मिलें और प्रत्येक विभाग में जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जाए। recent visitors 79