24 जनवरी को योगी आदित्यनाथ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की शुरुआत करेंगे, बिना ब्याज के मिलेगा लोन

लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार शुरू करने के लिए ब्याज व गारंटी मुक्त लोन दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर 24 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत हर वर्ष एक लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। पहले चरण में 25,000 लाभार्थियों को लोन उपलब्ध कराया जाएगा। एमएसएमई विभाग की तरफ से युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए पंजीकरण व आवेदन की ऑनलाइन सुविधा विभाग की वेबसाइट (https://msme.up.gov.in) पर उपलब्ध कराई गई है। वेबसाइट पर उद्योग शुरू करने के लिए 400 परियोजना रिपोर्ट और लगभग 600 बिजनेस आइडिया भी विभिन्न फार्मेट में दिए गए हैं। 21 से 40 साल तक के युवा कर सकते हैं आवेदन एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि यह अभियान प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत उन्हीं युवाओं का चयन किया जाएगा जो न्यूनतम कक्षा आठ उत्तीर्ण हों और 21 से 40 आयु वर्ष के हों। 5 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन गाजियाबाद के दो हजार युवाओं को उद्यमी बनाएगी योगी सरकार मार्च 2025 तक गाजियाबाद के दो हजार युवाओं को उद्यमी बनाया जाएगा। युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त लोन मिलेगा। शासन के आदेश पर जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र को शुरुआत में 15 जनवरी तक जिले से 100 युवाओं का चयन करना है। इससे जिले में रोजगार को गति मिलेगी। प्रदेश में योगी सरकार युवाओं को बनाएगी उद्यमी बता दें कि प्रदेश में रोजगार का स्तर बढ़ाने के लिए युवाओं को उद्यमी बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के उद्योग विभाग मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत युवाओं को उद्यमी बनाना है। 50 हजार रुपये का मिलेगा अनुदान आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ ही कौशल विकास मिशन, आइटीआइ, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के डिग्रीधारियों को लोन दिया जाएगा। आवेदक करने वाले की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें 50 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। recent visitors 94

सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर, इस दौरान नये साल के पहले जनता दर्शन में दिया न्याय का भरोसा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद नए साल के पहले जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं एवं संतुष्टिपरक समाधान का भरोसा दिया। दरअसल, सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर है। आज दौरे के दूसरे दिन हमेशा की तरह सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद जनता दर्शन किया। जनता दर्शन में योगी ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।  जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी खुद लोगों के पास गए और सबकी समस्या सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए द्दढ़ संकल्पित है। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि हर पीड़ित की समस्या पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री योगी के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। यदि कोई किसी की भूमि पर जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसे कानून सम्मत सबक सिखाया जाए।   recent visitors 59

‘निक्षय मित्र’ वरिष्ठ नागरिक ‘टीबी उन्मूलन’ के प्रयासों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवानिवृत्त हो चुके आईएएस, आईपीएस, पूर्व कुलपतियों/शिक्षाविदों व अन्य वरिष्ठ नागरिकों को‘निक्षय मित्र' की बड़ी जिम्मेदारी दी है।‘निक्षय मित्र' के रूप में यह वरिष्ठ नागरिक ‘टीबी उन्मूलन' के प्रयासों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सभी के साथ बैठक की और टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग का आह्वान किया। स्वस्थ भारत से ही समर्थ भारत का निर्माण संभव हैः योगी विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और पूर्व कुलपतियों को प्रधानमंत्री मोदी के ‘टीबी मुक्त भारत' के संकल्प के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ भारत से ही समर्थ भारत का निर्माण संभव है और जब भारत समर्थ होगा तभी शक्तिशाली होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक विश्व को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे मिशन मोड में लेते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे अधिक टीबी रोगी भारत मे हैं और भारत को टीबी मुक्त करने के लिए सबसे बड़ी आबादी के राज्य उत्तर प्रदेश में टीबी उन्मूलन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में टीबी रोगियों की जाँच पहले के मुकाबले चार गुना हो गई है। नैट एवं एक्सरे मशीनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में टीबी उपचार की सफलता दर पिछले चार वर्षों में 79 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है। 'प्रदेश की 1372 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया' टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में जनभागीदारी के महत्व पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि अब तक 45 हजार से अधिक नि:क्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को गोद लिया गया है और प्रदेश की 1372 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। उन्होंने सभी से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी ने लंबे समय तक समाज के बीच कार्य किया है। सभी सुदीर्घ अनुभव रखते हैं। अब सेवानिवृत्ति के बाद आप सभी इस राष्ट्रीय मिशन में सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सबका साझा दायित्व है कि कोई भी टीबी का रोगी छूटने न पाये और जिनको भी टीबी से ग्रसित पाया जाये, उनको तत्काल सही और निरंतर चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाये। उनको अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जाए और कोई न कोई नि:क्षय मित्र उनसे जुड़कर उनका सहारा बने। इसके साथ ही उनके परिवार के शेष सदस्यों की भी जांच कराकर उचित चिकित्सा परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए। 'टीबी रोगी को सम्मान प्रदान कराना हमारी प्राथमिकता' मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी रोगी समाज का अंग हैं, समाज में उनको सम्मान प्रदान कराया जाना, हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। निक्षय मित्र के रूप में सभी सेवानिवृत्त आईएएस/आईपीएस और पूर्व कुलपतियों टीबी मरीजों को गोद लें, उन्हें उपचार के बारे में जानकारी दें और समुचित सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के लापता रोगियों को खोजना, टीबी की मृत्यु दर को कम करना एवं स्वस्थ व्यक्तियों को टीबी के संक्रमण से बचाना है। प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार पूर्णत: प्रतिबद्ध है और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी अति आवश्यक है। recent visitors 53

मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी: योगी

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ मेला में मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी. प्रयागराज में महाकुंभ के दृष्टिगत समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेला लगभग आकार ले चुका है और 7,000 से अधिक संस्थाएं यहां आ चुकी हैं. डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्था मेला प्राधिकरण की ओर से की गई है. देश-दुनिया से लोग प्रयागराज महाकुंभ में आने के लिए उत्सुक हैं. 144 वर्ष के बाद महाकुंभ का यह मुहूर्त आ रहा है और इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं भाजपा सरकार द्वारा यहां युद्धस्तर पर की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने प्रयागवासियों से आतिथ्य सेवा के साथ ही महाकुंभ के दौरान स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता और आतिथ्य सेवा का जो उदाहरण उन्होंने 2019 के कुंभ में प्रस्तुत किया, उससे अच्छा अवसर इस बार उनके सामने आ रहा है. योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा, “महाकुंभ में कोई भारतीय हो या विदेशी, प्रवासी भारतीय हो या प्रयागराजवासी, बिना भेदभाव सबकी सुरक्षा-सबकी सुविधा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन, घाट सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को और पुख्ता किया जाना आवश्यक है. सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों को चौबीस घंटे और सातों दिन सक्रिय रहना होगा. महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी विभागों से उनके कार्यों की प्रगति का विवरण लिया. उन्होंने सभी रेहड़ी-पटरी वालों, ऑटो रिक्शा चालकों और ई-रिक्शा चालकों के पुलिस सत्यापन तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिये. फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के निर्देश उन्होंने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया पर फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के भी निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं जिन्हें यथोचित जवाब दिया जाना चाहिए. मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी अखाड़ों, महामंडलेश्वर, खालसा, दंडीबाड़ा, खाकचौक और अन्य संस्थाओं के लिए भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि अन्य नई संस्थाओं को आवंटन का कार्य जारी है. मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में अरैल क्षेत्र में नया स्नान घाट तैयार करने के निर्देश दिए और महाकुंभ के लिए चलाई जाने वाली करीब 550 शटल बसों को पांच जनवरी से चलाने का भी निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने प्रयागराज दौरे पर मां गंगा का अभिषेक और पूजन किया. उन्होंने बड़े हनुमान जी का भी दर्शन-पूजन किया. इससे पूर्व उन्होंने नैनी के अरैल में बायो सीएनजी संयंत्र का उद्घाटन किया.   recent visitors 57

याेगी आदित्यनाथ ने यूपी इनोवेशन फंड को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने यूपी इनोवेशन फंड (यूपीआईएफ) को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी को इनोवेशन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इनोवेशन सेंटर बनाए जाएं, जहां पर बच्चों को स्टार्टअप से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा उन्होंने ग्लोबल और लोकल मार्केट की मैपिंग कराने के निर्देश दिए ताकि वर्तमान की आवश्यकता के अनुसार छात्र इनोवेशन को विकसित कर सकें। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान में तेजी के साथ टेक्नोलॉजी बदल रही है। ऐसे में बदलती हुई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मार्केट के अनुसार इनोवेशन को विकसित किया जाए। इसके लिए जरूरी है कि नए इनोवेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाए। साथ ही सभी तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इनोवेशन की आवश्यकता के अनुसार सेंटर की स्थापना की जाए। इसके लिए सरकार द्वारा उन्हें फंड उपलब्ध कराया जाए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है। वहीं, युवाओं के पास इनोवेशन तो हैं, लेकिन फंड की कमी है। ऐसे में यूनिवर्सिटी के माध्यम से छात्रों को फंड उपलब्ध कराया जाए। इससे आने वाले समय में नए-नए इनोवेशन सामने आएंगे। इससे जहां प्रदेश का युवा ग्रोथ करेगा, वहीं प्रदेश का भी नाम रौशन होगा। इसके लिए सीएम ने अधिकारियों को एक प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्लोबल मैपिंग के बाद उसकी आवश्यकता के अनुसार ट्रेड तैयार करने को कहा। उन्होंने वर्तमान आवश्यकता के अनुसार पुरानी ट्रेडों को आधुनिकीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को इकोसिस्टम से जोड़ना होगा। इसके लिए टेक्निकल यूनिवर्सिटी में मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) के लिए भी स्पेस दिया जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार ट्रेड चुन करके छात्रों को इनोवेशन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी को भी प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके लिए यूनिवर्सिटी को पूरी तरह से फ्रीडम दी जाए, तभी नए इनोवेशन सामने आएंगे। उन्होंने इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी को आईआईटी से जोड़ने के निर्देश दिए।   recent visitors 73

दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी :CM योगी

अयोध्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया है. सीएम योगी ने अयोध्या में कहा,'विश्व मानव सभ्यता को बचाना है तो सनातन का सम्मान करना होगा. हमारे ऋषि-मनीषियों ने हजारों वर्ष पहले वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही. दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी है.' सीएम योगी ने आगे कहा,'क्या कभी ऐसा हिंदुओं के साथ हुआ है? क्या हुआ बांग्लादेश में, उससे पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान में क्या हुआ था! कभी काशी विश्वनाथ धाम, कभी अयोध्या में, कभी संभल में कल्कि अवतार की हरिहर भूमि तो कभी भोजपुर में. हर समय हिंदुओ के मंदिरों को तोड़ा गया.' रिक्शा चला रहा था औरंगजेब का खानदान औरंगजेब पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा,' औरंगजेब का खानदान पता चला कोलकाता के पास रिक्शा चला रहा था. कभी उसने ईश्वर की दुर्गति नहीं की होती तो उसकी औलादों को ये दिन न देखना पड़ता.' 'हिंदुओं के लिए कभी दो शब्द नहीं कहे' बता दें कि मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर सीएम योगी पहले से ही मुखर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने संभल हिंसा को लेकर कहा था कि संभल में 1947 से लेकर अबतक 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या की गई. जो लोग आज संभल में मारे गए लोगों के लिए घड़ियालू आंसू बहा रहे हैं, उन्होंने इन हिंदुओं के लिए कभी दो शब्द नहीं कहे. उन्होंने कहा कि संभल हिंसा में शामिल एक भी दोषी नहीं बचेगा. सीएम ने इस दौरान संभल में अबतक हुए दंगों का पूरा इतिहास भी याद दिलाया था. बहराइच हिंसा पर भी बोले थे CM योगी सीएम योगी ने बहराइच में शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा को लेकर भी बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि जिस निर्दोष रामगोपाल मिश्रा की निर्मम हत्या हुई, उसकी हत्या घर में अंदर ले जाकर हुई. अंदर से फायरिंग की गई. हिंदू मोहल्ले से अगर मुस्लिम जुलूस निकल सकता है तो मुस्लिम मोहल्ले से हिंदू शोभा यात्रा क्यों नहीं निकल सकती. मुस्लिम पर्व त्योहार के जुलूस हिंदू इलाकों से निकल सकते हैं तो हिंदू पर्व त्योहार के जुलूस मुस्लिम इलाके से क्यों नहीं निकल सकती.   recent visitors 118

सीएम योगी द्वारा पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व व निर्देशन में प्रदेश की पंचायतों की भूमिका अब पहले से अधिक महत्वपूर्ण और जवाबदेही भरी हो गई है। सीएम योगी द्वारा पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। रोजगार मेले, किसान विकास योजनाएं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गांवों में समग्र विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल तकनीक के समावेश ने पंचायतों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बना दिया है। सीएम योगी ने पंचायत निधि के बेहतर और सार्थक उपयोग पर जोर देते हुए निर्देश दिया है कि इसका लाभ सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने पंचायतों से रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी योजनाओं को प्राथमिकता देने और ऐसे काम करने की अपील की है, जो पंचायतों को विशिष्ट पहचान दें। उन्होंने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह की पहल की है। सीएम योगी ने पंचायतों को नए और नवाचारी प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो उनके क्षेत्र को अलग पहचान दें। पंचायतों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे सामुदायिक शौचालयों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई को प्राथमिकता दें। सीएम योगी ने गांवों में कम्युनिटी सेंटर बनाकर उसका आर्थिक रूप से उपयोग करने की बात कही है। यह न केवल पंचायतों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। सीएम योगी की मंशानुरूप पंचायतों में आदर्श गांव, विकसित गांव और आत्मनिर्भर गांव बनाने की दिशा में बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और निर्देशन में ग्राम चौपाल की पहल ने यह सुनिश्चित किया है कि सरकार खुद चलकर ग्रामीणों और गरीबों के पास जाए। यह पहल शासन और जनता के बीच विश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ समस्याओं के समाधान को सरल और सुलभ बना रही है। प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। ‘गांव की समस्या – गांव में समाधान’ के मूल मंत्र के साथ आयोजित इन चौपालों ने ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया है। ग्राम चौपालों में न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक मुद्दों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इन चौपालों से गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आई है। ग्राम चौपालों की सफलता के लिए गांवों में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चौपालों से पहले व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाता है ताकि अधिक से अधिक लोग इनसे जुड़ सकें। यह पहल ये भी सुनिश्चित करती है कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे। ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी के अनुसार, जनवरी 2023 से अब तक 01 लाख 13 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है। इन चौपालों में 79 लाख से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया और 04 लाख 42 हजार से अधिक समस्याओं का निस्तारण किया गया। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पंचायतें विकास की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। डिजिटल तकनीक, स्वच्छता, और आत्मनिर्भरता को अपनाकर पंचायतें ग्रामीण भारत का भविष्य लिखने की दिशा में अग्रसर हैं। ग्राम चौपाल जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने यह साबित किया है कि गांव की समस्याओं का समाधान गांव में ही किया जा सकता है। योगी सरकार की यह पहल न केवल गांवों को सशक्त बना रही है बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की ओर भी अग्रसर है। ग्रामीण विकास के इस मॉडल ने पंचायतों को नए अवसरों और जिम्मेदारियों के साथ मजबूती प्रदान की है, जिससे उत्तर प्रदेश देशभर में एक मिसाल बनता जा रहा है।   recent visitors 44