सुप्रीम कोर्ट में वक्फ विधेयक को चुनौती देगी कांग्रेस, जल्द खटखटाएगी अदालत का दरवाजा

नई दिल्ली वक्फ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी होने लगी है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बाद अब कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि वह संसद में पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को बहुत जल्द सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। विधेयक को शुक्रवार सुबह संसद ने मंजूरी दी थी। इसे पहले लोकसभा फिर राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाए DMK इससे पहले वक्फ विधेयक को लेकर स्टालिन ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का एलान कर दिया था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने गुरुवार को कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगी। लोकसभा से विधेयक पारित होने के विरोध में स्टालिन विधानसभा में काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत में बड़ी संख्या में दलों के विरोध के बावजूद कुछ सहयोगियों के इशारे पर रात दो बजे संशोधन को अपनाना संविधान की संरचना पर हमला है। 'सरकार के सभी हमलों का विरोध करना जारी रखेंगे' 'एक्स' पर एक पोस्ट में एआईसीसी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'कांग्रेस बहुत जल्द ही वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।' उन्होंने कहा, 'हमें पूरा भरोसा है। हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और प्रथाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के सभी हमलों का विरोध करना जारी रखेंगे।' कांग्रेस ने गिनाए मामले , जिसे सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती जयराम रमेश ने कहा कि सीएए, 2019 को कांग्रेस की ओर से चुनौती दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। आरटीआई अधिनियम, 2005 में 2019 के संशोधनों को लेकर भी कांग्रेस की चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। चुनाव संचालन नियम (2024) में संशोधनों की वैधता को लेकर कांग्रेस की चुनौती पर भी सुनवाई जारी है। ऐसे ही पूजा स्थल अधिनियम, 1991 की मूल भावना को बनाए रखने के लिए कांग्रेस के हस्तक्षेप पर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है। स्टालिन खटखटाएंगे अदालत का दरवाजा लोकसभा में पास हुए वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का एलान कर दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगी। लोकसभा से विधेयक पारित होने के विरोध में स्टालिन विधानसभा में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। इस दारान उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में दलों के विरोध के बावजूद कुछ सहयोगियों के इशारे पर रात दो बजे संशोधन को अपनाना संविधान की संरचना पर हमला है। 'यह धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला काम' मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि यह धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला काम है। इसे उजागर करने के लिए हम आज विधानसभा की कार्यवाही में काली पट्टी बांधकर भाग ले रहे हैं। स्टालिन ने कहा, 'मैं आपको सूचित करना चाहूंगा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की ओर से इस विवादास्पद संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया जाएगा। तमिलनाडु केंद्र सरकार के उस कानून के खिलाफ लड़ेगा, जो वक्फ बोर्ड की आजादी को नष्ट करता है और अल्पसंख्यक मुस्लिम आबादी को खतरे में डालता है।' 'विधेयक पारित कराने के तरीका निंदनीय' उन्होंने बताया कि राज्य विधानसभा ने प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ 27 मार्च को एक प्रस्ताव पारित किया था, क्योंकि यह अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय पर असर डालेगा। यह भारत के धार्मिक सद्भाव को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि वक्फ अधिनियम में संशोधन को लोकसभा में 232 सांसदों के विरोध में वोट देने के बावजूद पारित कर दिया गया। यह कोई सामान्य संख्या नहीं है। यह संख्या बढ़ भी सकती है। केवल 288 सदस्यों ने ही इसके पक्ष में मतदान किया। recent visitors 44

कांग्रेस नेत्री ने परशुराम से की Aurangzeb की तुलना, पार्टी के अल्टीमेटम के बाद मांगनी पड़ी माफी

जबलपुर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की एक महिला पार्टी नेता को सोशल मीडिया पर हिंदू देवता परशुराम की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस भेजा है. नोटिस में पार्टी ने रेखा विनोद जैन से 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है. जबलपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है, "आपने न केवल भारतीय संविधान का बल्कि कांग्रेस पार्टी के संविधान का भी उल्लंघन किया है, जिससे पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि धूमिल हुई है." उन्होंने कहा कि जैन के कृत्य ने कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्ष नीति का उल्लंघन किया है और यह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है. '48 घंटे के अंदर माफी…' सौरभ शर्मा ने कहा, "आपके द्वारा किए गए कृत्य के आधार पर आपको यह कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और इसे मिलने के 48 घंटों के अंदर आपको पोस्ट के संबंध में अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपना जवाब भेजना चाहिए." नोटिस में आगे चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी या संतोषजनक जवाब नहीं भेजा, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस लीडर ने पोस्ट में क्या कहा था? कांग्रेस लीडर रेखा विनोद जैन ने पोस्ट में कहा था, "औरंगजेब ने अपने भाई का सिर काटकर अपने पिता को भेंट किया, जबकि परशुराम ने अपनी मां का सिर काटा था. औरंगजेब क्रूर था, कोई भी उसे आदर्श नहीं मानता. मुसलमान भी अपने बच्चों का नाम औरंगजेब नहीं रखते लेकिन हिंदुत्व के अनुयायी परशुराम के मंदिर भी बनाते हैं." हालांकि, रेखा ने बाद में पोस्ट हटा दी और अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. रेखा विनोद ने एक अलग पोस्ट में कहा, "जैसे ही यह बात मेरे संज्ञान में आई, मैंने तुरंत उस पोस्ट को वॉल से हटा दिया. इसके साथ ही, मैं आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सभी से माफी मांगती हूं." हालांकि, सत्तारूढ़ बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी की हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना आदत बन गई है.   recent visitors 43

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विष्णु राजोरिया का निजी अस्पताल में निधन

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विष्णु राजोरिया का मंगलवार शाम निजी अस्पताल में निधन हो गया है। उनकी इच्छानुसार नेत्रदान किया गया है। वे कई संस्थाओं के अध्यक्ष रहे। वे कुछ दिन से बीमार थे। बुधवार सुबह 11 बजे सुभाष नगर विश्राम घाट में अंतिम संस्कार होगा।  पूर्व मंत्री विष्णु राजोरिया मंगलवार शाम भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 83 साल के थे। उन्होंने’ करीब 6 दशक पहले मासिक पत्रिका शिखर वार्ता के साथ करियर महाविद्यालय, कैरियर अस्पताल और आदर्श प्रायवेट लिमिटेड की स्थापना की थी। वे प्रदेश की अनेक शैक्षणिक एवं सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं के अध्यक्ष एवं सदस्य भी रहे है। परिजन ने किया नेत्रदान राजोरिया के बड़े पुत्र आशीष राजोरिया ने बताया कि, वे कुछ समय से बीमार थे। छोटे बेटे मनीष राजोरिया नें बताया कि, पिताजी की इच्छानुसार परिजन ने उनके नेत्रदान का संकल्प पूरा किया। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास बी-244, ‘शाहपुरा से सुबह- 11 बजे सुभाष नगर स्थित विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेगी। देशभर में शोक की लहर पूर्व मंत्री के निधन पर कांग्रेस, भाजपा एवं अन्य राजनीतिक दलों के अनेक, वर्तमान मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक समेत तमाम नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक प्रकट किया। recent visitors 57

7 से ज्यादा कांग्रेसी घायल, विधानसभा घेराव के लिए एकजुट हुए थे

भोपाल  आज से बजट सत्र का आगाज है। 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे। उससे पहले ही विपक्ष विरोध प्रदर्शन के मूड में आ गया। विपक्ष की मांग है कि प्रदेश बजट सत्र को और आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सभी नेताओं ने प्रदर्शन का अनोखा तरीका अपनाया। सभी के चेहरे पर काला कपड़ा था तो हाथों में तख्तियां दिखीं। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन भोपाल में किसान कांग्रेस विधानसभा का घेराव करने इकट्ठा हुई। रंगमहल चौराहे पर प्रदर्शन के बीच कांग्रेस का मंच टूट गया। जानकारी के मुताबिक 10 से ज्यादा कांग्रसी घायल हुए हैं। एमपी बजट सत्र के पहले दिन विपक्षी पार्टियों की मांग है कि इस बार का बजट सत्र आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सभी विपक्षी नेता सफेद कपड़ा पहने, मुंह को काले कपड़े से ढंका हुए दिखाई दिए। हाथों में उनके तख्तियां भी थीं, जिसपर लिखा था कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए। इसके अलावा उनका आरोप है कि बीजेपी सदन नहीं चला रही है, मुंह छिपा रही है। ना की थोड़ी देर बाद ही किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास शुरू कर दिया है। पुलिस लगातार वाटर कैनन बल के प्रयोग से इनको पीछे हटाने की कोशिश कर रही है। बता दें कि आज से मध्य प्रदेश के बजट सत्र की शुरुआत है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। इस बार 12 मार्च को पेश होने वाले बजट को क्यूआर कोड स्कैन कर भी पूरा पढ़ा जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा 2025 का प्रदेश बजट 4 लाख करोड़ से ऊपर जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे। recent visitors 49

नेट सज्जन सिंह वर्मा को अपने नेताओं पर नहीं भरोसा! इन लोगों को बाहर करने की मांग, कहा- कोई भाईचारा-दोस्ती नहीं होनी चाहिए

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर कई नेता ऐसे हैं जो भाजपा के बड़े नेताओं के साथ मिलकर गठजोड़ करते हैं। ऐसे लोग कांग्रेस के लिए घातक हैं। कांग्रेस के लिए ऐसे लोग घातक सज्जन वर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी रिस्ट्रक्चरिंग की जा रही है। कांग्रेस के कई लोगों ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आघात पहुंचाया है। साथ ही कांग्रेस के पोर्टफोलियो में रहकर बीजेपी से हाथ मिलाकर अपने ही उम्मीदवारों को हराने की कोशिश की है। ऐसे लोगों की शिकायत मिली है। ऐसे लोग कांग्रेस के लिए घातक हैं। पूर्व मंत्री ने कहा- ईमानदार नेता की नियुक्ति होगी पूर्व मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को तत्काल मीटिंग करके बाहर करना चाहिए। जो जगह खाली होगी, उसमें ईमानदार नेता की नियुक्ति होगी। जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक बुलानी चाहिए। 500 शिकायतें आई है। वहां पर भी तत्काल बैठक बुलाकर एक्शन लेना चाहिए। जिन लोगों ने कुठाराघात किया है उनको तत्काल बाहर करना चाहिए. कहा- जिनके खिलाफ शिकायत मिली, वह पदाधिकारी बने हुए उन्होंने आगे कहा, जिनके खिलाफ शिकायत मिली, वह पदाधिकारी बने हुए हैं। हरीश चौधरी इंदौर आए हुए थे, वहां चर्चा हुई है। विधानसभा सत्र के बाद अनुशासन समिति की बैठक होगी। जो गंभीर शिकायत है, उन पर एक्शन लेना चाहिए। कोई भाईचारा-दोस्ती नहीं होनी चाहिए। कितना बड़ा भी नेता हो, उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। recent visitors 83

आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध तेज, कांग्रेस ने की पदयात्रा शुरू

इंदौर आउटर रिंग रोड के लिए किए जा रहे सर्वे का विरोध करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ ने इसे रुकवा दिया था। अब कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रभावित गांवों के किसानों तक पहुंचने के लिए पदयात्रा निकालने की योजना बनाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे और आठ दिनों तक इंदौर के प्रभावित क्षेत्रों में पदयात्रा करेंगे।   सर्वे को लेकर क्यों हुआ विरोध?   जब आउटर रिंग रोड का सर्वे किया जा रहा था, तब प्रभावित गांवों के किसानों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। भारतीय किसान संघ ने किसानों के साथ मिलकर नेशनल हाईवे के अधिकारियों को किसी भी गांव में सर्वे करने से रोक दिया। यहां तक कि प्रशासन को कलेक्टर कार्यालय पर हुए धरने के बाद यह आश्वासन देना पड़ा कि जब तक मुख्यमंत्री से बातचीत नहीं हो जाती, तब तक सर्वे नहीं होगा। इस आश्वासन के बाद सर्वे कार्य पूरी तरह रोक दिया गया। अब कांग्रेस इस मुद्दे पर सक्रिय हो गई है और किसानों के बीच जाकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है।  आउटर रिंग रोड और पूर्वी रिंग रोड के प्रभावित गांव   आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत धार जिले के पांच गांव, देपालपुर तहसील के 16 गांव और सांवेर तहसील के 18 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से देपालपुर तहसील का 35 किलोमीटर और सांवेर तहसील का 37 किलोमीटर का हिस्सा इस परियोजना में शामिल है। जीतू पटवारी इन सभी गांवों में पदयात्रा करेंगे। इसके अलावा, पूर्वी रिंग रोड भी इस पदयात्रा का हिस्सा होगी। यह रोड पीर कराड़िया गांव से शुरू होकर नेटरेक्स तक फैली हुई है। इस क्षेत्र में चार केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर सेंटर से 200 बीघा जमीन अधिग्रहित की जानी है। बेटमा खुर्द को भी एक केंद्र बनाया गया है। इस पूरे क्षेत्र की कुल लंबाई 77 किलोमीटर है, जिसे चार दिन में कवर किया जाएगा।   कैसा रहेगा पदयात्रा का कार्यक्रम? पदयात्रा को लेकर कांग्रेस ने विस्तृत शेड्यूल तैयार किया है।   – हर दिन सुबह नाश्ते के बाद पदयात्रा शुरू होगी।   – दिन में किसी गांव में रुककर भोजन किया जाएगा।   – शाम को जिस स्थान पर यात्रा रुकेगी, वहां पर सभा का आयोजन होगा।   – इस दौरान कांग्रेस के नेता किसानों से मिलकर सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे।   – जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव के अनुसार, यह यात्रा 10 मार्च तक तय की गई है और होली के बाद इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।   किसानों को 15 गुना कम मुआवजा देने का आरोप कांग्रेस का आरोप है कि सरकार किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक कीमत से 15 गुना कम मुआवजा देने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता सदाशिव यादव का कहना है कि जिस गांव में सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत 10 लाख रुपए प्रति एकड़ है, वहां की वास्तविक कीमत 1.5 करोड़ रुपए प्रति एकड़ है। इसके बावजूद सरकार केवल दोगुना मुआवजा देने की योजना बना रही है, जबकि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।   किसानों को पक्ष में लेने का प्रयास कांग्रेस इस पदयात्रा के जरिए किसानों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार पर दबाव बनाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग करेगी।   समय बताएगा पदयात्रा का कितना असर होगा आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले भारतीय किसान संघ ने इसका विरोध करके सर्वे रुकवा दिया, और अब कांग्रेस ने पदयात्रा निकालकर इस मुद्दे को और गरमा दिया है। जीतू पटवारी की यह यात्रा किसानों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। अब देखना होगा कि इस पदयात्रा का कितना असर पड़ता है और क्या किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिल पाता है या नहीं। recent visitors 64

अशोका होटल में 9 मार्च को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी आयोजित, बजट सत्र को लेकर बनेगी रणनीति

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल होंगे। यह बैठक 9 मार्च की शाम को होगी। जिसमें बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 9 मार्च को विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक भोपाल के अशोका होटल में आयोजित की जाएगी। इस मीटिंग में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक बजट सत्र को लेकर चर्चा होगी। एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। 10 मार्च से होगी सत्र की शुरुआत एमपी विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च को राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। 11 मार्च को सरकार आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करेगी। इसमें वर्ष 2024-25 में राज्य सकल घरेलू उत्पाद की स्थिति, राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि राज्य सकल घरेलू उत्पाद 15 लाख करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। 12 मार्च को पेश होगा बजट आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च 2025 से शुरू होगा। जो कि 24 मार्च तक चलेगा। 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा लगभग 4 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश करेंगे। इस बजट में प्रधानमंत्री मोदी की चार जातियों पर ज्यादा फोकस रहेगा। जिसमें गरीब, किसान, महिला, युवा को बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। मोहन सरकार का पहला पूर्ण बजट मोहन सरकार का यह पहला पूर्ण बजट होगा। क्योंकि दिसंबर 2023 में सरकार बनी थी। 2024 में फरवरी में ही बजट आ गया था। लिहाजा अब सरकार के कार्यकाल को एक साल पूरा हो चुका है, ऐसे में यह मोहन सरकार के कामकाज को लेकर यह पहला पूर्ण बजट होगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के तर्ज पर मोहन सरकार भी बजट में कई बड़े ऐलान कर सकती है। recent visitors 44