जन्मदिन की पार्टी में हंगामा करने चार युवकों को अनूठी सजा दी गई। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

इंदौर  जन्मदिन की पार्टी में हंगामा करने चार युवकों को अनूठी सजा दी गई। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में एसीपी कोर्ट में पेश हुए चारों से चार घंटे साफ-सफाई करवाई गई। जमानती धाराओं में प्रकरण दर्ज होने के कारण युवक थाने से जमानत पर छूट गए थे। द्वारकापुरी थाना अंतर्गत परिवहन नगर में सोमवार रात दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। चंदननगर में रहने वाले रिजवान, रेहान, अमान और शिब्बू एक युवती की जन्मदिन की पार्टी में पहुंचे और आधी रात को हंगामा किया। रहवासियों द्वारा आपत्ति लेने पर युवकों ने चाकू और डंडों से हमला कर दिया। वाहनों में की थी तोड़फोड़ रहवासियों ने आरोप लगाया कि दो व चार पहिया वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। हिंदू संगठन के सक्रिय होने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया, लेकिन कमजोर धाराओं के कारण जमानत मिल गई। पुलिस ने रिजवान, रेहान, अमान और शिब्बू पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और एसीपी कोर्ट के माध्यम से जेल भेज दिया। जमानत न होने पर आरोपितों के स्वजन एसीपी के समक्ष पहुंचे और रिहाई की अपील की। दोपहर को एसीपी ने सशर्त जमानत दी। एसीपी ने पाबंद करते हुए आदेश दिया कि उन्हें कार्यालय में हाजिरी देना होगी। इसके बाद आरोपितों ने चार घंटे तक परिसर में साफ-सफाई की। चारों तरफ झाड़ू भी लगाई और घास काटी। लसूड़िया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात दो नशेड़ी युवकों की शामत आ गई। युवतियों के साथ अश्लील हरकत करने पर भीड़ ने उनकी सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है। भीड़ की पिटाई से युवकों के कपड़े तक फट गए। हालांकि शिकायत नहीं मिलने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस के मुताबिक घटना गुरुवार देर रात स्कीम-78 में ब्रोडेड कैफे के समीप की है। नशे की अवस्था में दो युवकों 21 वर्षीय नीरज गुलसईया और 19 वर्षीय आयुष सिंह सोलंकी दोनों निवासी रघुनंदन बाग कालोनी ने युवतियों का हाथ पकड़ लिया। अभद्रता देखकर लोग इकट्ठा हो गए अपशब्दों का प्रयोग किया और विवाद करने लगे। युवतियों से अभद्रता करते हुए देखकर लोग इकट्ठा हो गए और युवकों को पकड़ लिया। जैसे ही युवतियों ने चप्पल से पिटाई शुरू की, भीड़ भी हाथ साफ करने में जुट गई। लोगों ने दोनों को सड़क पर लेटाकर खूब पीटा। आरोपित नशे में थे और भाग भी नहीं पा रहे थे। युवतियों ने बताया युवक उनके आगे आकर गिरे थे। चोट का पूछा तो उनसे ही अभद्रता करने लग गए। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। recent visitors 102

लेफ्टिनेंट कर्नल पर शोषण का आरोप लगाने वाली महिला मेजर को कोर्ट से राहत नहीं, जानें-क्या है पूरा मामला

 जबलपुर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की जबलपुर हाई कोर्ट (Jabalpur High Court) पीठ ने शोषण के आरोप लगाने वाली महिला मेजर की याचिका को खारिज कर दिया. महिला मेजर को कोर्ट से किसी तरह की राहत मिलती हुई नजर नहीं आ रही है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और उसके नतीजे याचिकाकर्ता के खिलाफ हैं. ऐसे में अदालत इसमें कोई दखल नहीं देगी. महिला मेजर ने दायर की थी ये याचिका महिला मेजर ने अपनी याचिका में कहा था कि 2020 में उनकी पोस्टिंग सीओडी में हुई थी. जनवरी 2021 से 8 नवंबर 2021 तक एडवांस मटेरियल मैनेजमेंट कोर्स के दौरान वहां तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल ने अभद्र टिप्पणियां की और अनुचित व्यवहार करते हुए उनका हाथ पकड़ने की कोशिश की थी. उनका कहना था कि उनकी शिकायत करने पर भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई. समिति ने दिया था ये फैसला महिला मेजर ने अपनी याचिका में शिकायत की थी कि 7 अप्रैल 2021 की शाम एक परीक्षा के दौरान, जब फैकल्टी रूम में केवल लेफ्टिनेंट कर्नल मौजूद थे, उन्होंने फिर से याचिकाकर्ता के साथ अनुचित बातें की. इसके बाद महिला ने आंतरिक शिकायत समिति को घटना की जानकारी दी. जांच के बाद 31 दिसंबर 2021 को समिति ने महिला मेजर को ही दोषी ठहराते हुए जांच के आदेश दिए थे. कोर्ट ने महिला की याचिका की खारिज इस पूरे मामले की चार्जशीट को याचिकाकर्ता महिला ने आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली. इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा. यहां सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष डिप्टी सॉलिसिटर जनरल पुष्पेंद्र यादव ने रखा. सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद हाई कोर्ट ने महिला मेजर की याचिका खारिज कर दी और किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया.     recent visitors 64

पूर्व IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को HC से मिली बड़ी राहत, रायपुर सेंट्रल जेल में ट्रांसफर का आदेश

बिलासपुर  पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को रायपुर सेंट्रल जेल से अन्य जेल ट्रांसफर करने का विशेष न्यायाधीश का फैसला हाईकोर्ट ने पलट दिया है। जेल अधीक्षक रायपुर के आवेदन पर विशेष अदालत ने दोनों को कांकेर और अंबिकापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई में अदालत से दोनों को वापस रायपुर सेंट्रल जेल ट्रांसफर करने के निर्देश दिए हैं। 2 हजार करोड़ के शराब घोटाले मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को ईडी ने गिरफ्तार किया था। तब से दोनों रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है। उन पर रायपुर जेल में वीआईपी सुविधाएं लेने का आरोप है। इसके अलावा सिंडिकेट बनाकर जेल में शांति भंग का भी आरोप दोनों पर लगा कर रायपुर जेल अधीक्षक ने विशेष न्यायाधीश ईडी निधि शर्मा की अदालत में आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर दोनों को अलग-अलग कांकेर और जगदलपुर जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया गया था। आदेश के बाद दोनों को वहां शिफ्ट कर दिया गया था। आदेश को दोनों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके मामले की सुनवाई रायपुर में चल रही है इसलिए पेशी में उन्हें उपस्थित होना पड़ता है और उनके अधिवक्ता भी रायपुर जेल में उनसे वकील मुलाकात करते हैं साथ ही उनका परिवार भी रायपुर में निवास रथ है जिससे परिवार के लोगों को भी जेल में मिलने में सुविधा होती है। जेल अधीक्षक के आवेदन पर रायपुर विशेष न्यायाधीश ने बगैर उनके पक्ष सुने एकपक्षीय आदेश जारी किया गया है। सुनवाई के बाद जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने दोनों को तत्काल रायपुर जेल शिफ्ट करने के निर्देश दिए। आबकारी घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर को अंबिकापुर और अनिल टुटेजा को कांकेर जेल शिफ्ट किया गया था, जबकि ए.पी. त्रिपाठी को जगदलपुर जेल भेजा गया था। कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी को दंतेवाड़ा जेल और कोयला घोटाले के मुख्य सरगना सूर्यकांत तिवारी को जगदलपुर जेल ट्रांसफर किया गया था। recent visitors 75

मुस्लिम कानून के तहत, ससुर को अपने मृत बेटे की विधवा को गुजारा भत्ता देने की जरूरत नहीं – हाईकोर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक ससुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है और बड़ी टिप्पणी की है. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने दोहराया है कि मुस्लिम कानून के तहत, ससुर को अपने मृत बेटे की विधवा को वित्तीय सहायता करने की जरूरत नहीं है. ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और सत्र अदालतों के आदेशों को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता ससुर को उसकी मृत्यु के बाद अपनी बहू को मासिक गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था. शिवपुरी की अदालत ने ससुर के खिलाफ दिया था फैसला दरअसल, शिवपुरी की एक अदालत ने आदेश दिया था कि ससुर अपनी विधवा बहू को हर महीने 3000 रुपये का गुजारा भत्ता देंगे. पूरा मामला शरीफ बनाम इशरत बानो का है. इशरत की शादी साल 2011 में 14 जून को हुई थी. साल 2015 में 30 जून को शरीफ की मौत हो गई. इसके बाद इशरत ने अपने ससुर बशीर खान के खिलाफ शिवपुरी की मजिस्ट्रेट कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया. बहू ने मांगे थे 40 हजार रुपए प्रतिमाह इशरत ने अपने ससुर से 40 हजार रुपये हर महीने गुजारा भत्ता देने की मांग की थी. साल 2021 में 9 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अपने फैसले में बशीर खान को अपनी विधवा बहू को 3,000 रुपये हर महीने देने को कहा. इसके बाद बशीर खान ने एडीजे कोर्ट में अपील की, जहां 2022 में 21 जनवरी को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया. इसके बशीर खान हाईकोर्ट पहुंचे. बशीर के वकील अक्षत जैन ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के मुताबिक एक पिता को अपने बेटे की विधवा को भरण-पोषण देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है. क्या कहता है हिंदू मैरिज एक्ट हालांकि हिंदू मैरिज एक्ट में यह कानून ठीक उलटा है. एक्ट के तहत विधवा बहू अपने ससुर से भरण-पोषण का दावा कर सकती है. लेकिन इसके लिए कुछ शर्त भी हैं. जैसे कि विधवा बहू अपनी कमाई या संपत्ति से अपना भरण-पोषण ना कर पाती हो. विधवा बहू के पास कोई संपत्ति ना हो. विधवा बहू के पति, पिता या माता की संपत्ति हो. विधवा बहू का कोई बेटा या बेटी हो. हिंदू महिला को दूसरी शादी के बाद भी संपत्ति का हक इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुताबिक अगर विधवा बहू अपने ससुराल में नहीं रहती है तो भी वह ससुर से भरण-पोषण का दावा कर सकती है. इसके अलावा आपको बता दें कि हिंदू विधवा महिला यदि दूसरी शादी भी कर लेती है तो उसका अपने पहले पति की संपत्ति का पूरा अधिकार होगा. कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया था. कोर्ट का कहना था कि अगर कोई विधवा महिला दोबारा शादी करती है तो अपने मृत पति के संपत्ति से उसका हक खत्म नहीं होगा. recent visitors 97

मनमानी फीस वसूली और फर्जी पुस्तकों के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का दिया आदेश

जबलपुर प्रशासन द्वारा मनमानी फीस वसूली और फर्जी पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की जांच में सख्त कार्रवाई न किए जाने के मामले में आधा दर्जन निजी स्कूल प्रबंधनों ने जबलपुर हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष शासन की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई। युगलपीठ ने रिपोर्ट को संतोषजनक नहीं पाया और एक नई स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता रॉयल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लिटिल किंगडम, स्मॉल वंडर्स, नचिकेता हायर सेकेंडरी स्कूल, स्टेम फील्ड इंटरनेशनल सहित अन्य निजी स्कूल प्रबंधनों की ओर से दायर अपील में कहा गया है कि मनमानी फीस वृद्धि और फर्जी पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की जांच जबलपुर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। पूर्व में कई स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ मामले दर्ज कर प्राधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। स्कूल प्रबंधन जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें आशंका है कि दीवाली अवकाश के दौरान प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। युगलपीठ ने याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान आरोपी स्कूल संचालकों और स्टाफ के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई न करने के आदेश दिए थे। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि वे जिला समिति की जांच में पूरा सहयोग करें और अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत करें। साथ ही युगलपीठ ने जिला प्रशासन से कार्रवाई के संबंध में जवाब मांगा था। प्रशासन की रिपोर्ट को संतोषजनक न पाते हुए युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिका पर अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने पैरवी की। recent visitors 68

हिंदू युवती-मुस्लिम युवक की शादी के मामले में हाई कोर्ट की अंतरिम रोक, DGP-कलेक्टर को भेजा नोटिस

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिन्दू-मुस्लिम कपल को झटका दिया है। हाई कोर्ट ने एकलपीठ के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी जिसमें एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक की शादी की अनुमति दी गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत, जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले प्रदेश के डीजीपी, जबलपुर के कलेक्टर, मैरिज ऑफिसर और एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल, एकल पीठ के आदेश के खिलाफ युवती के पिता इंदौर निवासी हीरालाल राठौर ने डिवीजन बेंच में अपील पेश की। अपीलाकर्ता ओर से अधिवक्ता अशोक ललवानी ने दलील दी कि युवक ने लड़की का ब्रेनवॉश कर दिया है। उसे 'लव-जिहाद अभियान' के तहत निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि युवती को उसके परिवार वालों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यह दलील भी दी गई कि मुस्लिम लॉ के तहत मूर्ति पूजक या अग्नि की पूजा करने वाले से शादी अवैध कहलाती है। 22 अक्टूबर को इंदौर की हिंदू युवती अंकिता और जबलपुर के मुस्लिम युवक हसनैन अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा की मांग की थी। दोनों की ओर से कोर्ट में कहा गया था कि वे दोनों एक-दूसरे को पिछले 4 साल से जानते हैं। पिछले एक साल से वे लिव-इन में रह रहे हैं और अब दोनों शादी करना चाहते हैं। दोनों ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है। युवती का कहना है कि परिवार वाले उसे जबरन अपने साथ ले जाना चाहते हैं और दोनों की जान को खतरा है। एकलपीठ ने युवती को 11 नवंबर तक शास्त्री ब्रिज स्थित राजकुमारी बाई बाल निकेतन भेजने के निर्देश दिए थे। वहीं युवक को फिलहाल किसी अज्ञात स्थान पर रखने और स्थिति अनुकूल होने पर उसके घर भेजने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि इस दौरान दोनों एक दूसरे से संपर्क नहीं करेंगे। कोर्ट ने कहा था कि 12 नवंबर को युवती को नारी निकेतन से मैरिज रजिस्ट्रार के यहां ले जाएं और शादी के पहले उसके बयान दर्ज कराएं। recent visitors 101

नशीली सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई, 10 -10 साल सश्रम कारावास

रीवा रीवा शहर में नशीली सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। आरोपी शहर में नशीली प्रतिबंधित सिरप की सप्लाई करते थे। नशे की खेप लाने के लिए कार का इस्तेमाल करते थे।  फिर शहर के कबाड़ी मोहल्ले स्थित अपने गोदाम से नशे का नेटवर्क संचालित करते थे। मामले में आरोपियों को सजा विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट केशव सिंह की अदालत से सुनाई गई है। लोक अभियोजन ने बताया कि नशा तस्कर इरशाद खान और अनुराग त्रिपाठी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इरशाद लंबे समय से नशा तस्करी में जुड़ा हुआ था, पुलिस ने इसके घर में भी एक बार छापा मारा था। जहां से भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप तहखाने से बरामद हुई थी। पुलिस को सूचना मिली थी 25 मई 2023 को कुछ लोग नशे की खेप लेकर रीवा के करहिया मार्ग से होकर लाडली लक्ष्मी मार्ग के रास्ते रीवा शहर में प्रवेश करेंगे। पुलिस ने लाड़ली लक्ष्मी मार्ग पर चेकिंग अभियान शुरू किया। वहां पुलिस को एक अल्टो कार आती हुई नजर आई। पुलिस ने कार की चेकिंग की कार के दौरान अंदर से 2160 सीसी नशीली कफ सिरप बरामद की। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले को कोर्ट में पेश किया। जहां सुनवाई के बाद दोनों आरोपी अनुराग त्रिपाठी और इरशाद को 10 साल की सजा सुनाई। एक लाख रुपए का जुर्माना ना अदा करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वर्तमान में जिस तरीके से पूरा रीवा शहर में नशा छाया हुआ है। उसको देखकर माना जा रहा है यह नशे के खिलाफ एक बड़ा प्रहार है। recent visitors 116