Friday, July 17, 2026 2:22 am

BJP नेता मनोहर के डर्टी पिक्चर कांड में पुलिस ने , अश्लील वीडियो वायरल करने पर चार टोल कर्मचारियों पर FIR

BJP नेता मनोहर के डर्टी पिक्चर कांड में पुलिस ने , अश्लील वीडियो वायरल करने पर चार टोल कर्मचारियों पर FIR

In BJP leader Manohar’s dirty picture case, police filed FIR against four toll employees for making obscene video viral दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ का अश्लील वीडियो वायरल के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने अब चार टोल कर्मचारियों केस दर्ज किया है। कर्मचारियों पर वीडियो लीक करने और ब्लैकमेलिंग कर 25 हजार रुपए वसूलने का आरोप है। Manohar Dhakad Viral Video Case update: मंदसौर जिले में बीजेपी नेता मनोहर लाल धाकड़ का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में है। वीडियो में धाकड़ को एक महिला के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर महिला के साथ यौन संबंध बनाते देखा गया था। इस मामले में धाकर की गिरफ्तारी हुई थी लेकिन उन्हें जमानत मिल गई थी। अब मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ के अश्लील वायरल वीडियो में पुलिस ने कार्रवाई की है। हाई सिक्योरिटी कैमरे में रिकॉर्ड वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने चार टोल कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन कर्मचारियों पर ब्लैकमेलिंग और वीडियो लीक करने का आरोप है। ये सभी 13 मई की रात ड्यूटी पर थे। इस मामले में कंपनी ने इन कर्मचारियों को पहले ही काम से बर्खास्त कर दिया था। इस कंपनी के पास एनएचएआई के लिए कंट्रोल रूम ऑपरेशन का ठेका दिया गया था। 4 टोल कर्मचारियों के खिलाफ केस13 मई की रात ड्यूटी पर मौजूद एमकेआई कंपनी के चार कर्मचारी अजय मीणा (27), कमलेश मेघवाल (32), रोहित नागर (27) और बन्ने सिंह चौहान (32) पर वीडियो लीक करने का आरोप है। कंपनी ने पहले ही चारों को बर्खास्त कर दिया था, अब पुलिस ने इन चारों के खिलाफ IT एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में पुलिस की पूछताछ में मनोहर लाल धाकड़ ने ब्लैकमेलिंग का जिक्र किया था। जिसके बाद पुलिस ने इसको लेकर जांच की। ब्लैकमेलिंग कर लिए गए थे 25 हजारएसपी अभिषेक आनंद के अनुसार, बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ ने पूछताछ में बताया कि वीडियो वायरल न करने की एवज में उसने 20 हजार रुपए नकद और 5 हजार रुपए यूपीआई से बन्ने सिंह को ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने चारों कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 309, 294 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। ये सभी एनएचएआई के लिए कंट्रोल रूम ऑपरेट कर रही कंपनी के कर्मचारी थे। मामले में एनएचएआई, एमकेसी और एमकेआई कंपनी के अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है। महिला अब भी फरार, धाकड़ को जमानतअश्लील वीडियो के मामले में बीजेपी मनोहर धाकड़ के खिलाफ पहले ही IPC की धारा 296, 285, 3(5) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज है। नेता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके एक दिन बाद उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन वीडियो में दिख रही महिला अब भी फरार है। धाकड़ के वकील ने की फोरेंसिक जांच की मांगबीजेपी नेता धाकड़ के वकील संजय सोनी ने कहा कि वीडियो के साथ एआई तकनीक से छेड़छाड़ की गई हो सकती है, इसलिए इसकी फोरेंसिक जांच जरूरी है। यह वीडियो एआई से एडिट किया हुआ भी हो सकता है। इसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है। recent visitors 91

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पुलिस ने गश्त बढ़ाई, जल्द ही ड्रोन से निगरानी होगी शुरू, पुलिस कानवाय से वाहनों को छोड़ रही

रतलाम  दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के रतलाम जिले की सीमा में रावटी व शिवगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में आए दिन वाहनों पर पथराव व लूट की वारदातें होती रहती है। दो दिन पहले भी लुटेरों ने एक वाहन में सवार लोगों को लूटने का प्रयास किया था। वाहन एक्सप्रेस-वे के गश्ती दल का होने से लुटेरे वारदात नहीं कर पाए। इसके पहले कई बार वाहनों पर पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है। वहीं पथराव व लूट की वारदातों पर अंकुश लगाने तथा बदमाशों को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। नाइट विजन के हाई क्वालिटी ड्रोन से होगी निगरानी नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दो ड्रोन खरीदने की स्वीकृत दी है। पुलिस एक-दो सप्ताह में नाइट विजन के हाई क्वालिटी के ड्रोन खरीदकर उनसे निगरानी शुरू करेगी। मंदसौर के बाद रतलाम होकर झाबुआ होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे मुंबई की तरफ जाता है। 15 किमी क्षेत्र में होती हैं पथराव और लूट की वारदातें रतलाम जिले का करीब 90 किलोमीटर का एरिया आता है। मंदसौर व रतलाम एरिया का काम लगभग पूरा होने के साथ ही करीब डेढ़ वर्ष पहले इस पर आवागमन भी शुरू कर दिया गया है। जिले में रावटी व शिवगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर के एरिया में बदमाश पथराव व लूट की वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस की गश्त का नहीं दिखता असर हाईवे पर कई बार वाहनों पर पथराव व लूट की वारदातें हो चुकी है। यात्रियों के सुरक्षा देने के लिए एनएचएआई के दल गश्त करते हैं। वहीं पुलिस भी गश्त करती हैं। गश्ती दल के आने के पहले या गश्त कर जाने के बाद बदमाश वाहनों पर पथराव कर वारदातें करते हैं। सात लाख रुपये से खरीदे जाएंगे ड्रोन रात के अंधेरे में वारदात कर बदमाश भाग जाते हैं। हर जगह सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से कई बार बदमाशों की पहचान भी नहीं हो पाती है। इसलिए अब बदमाशों की पहचान करने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी। जानकारी के अनुसार पुलिस करीब सात लाख रुपये की लागत से हाई क्वालिटी के दो ड्रोन खरीदेगी। मोबाइल फोन पर भी देखे जा सकेंगे ड्रोन उच्च क्वालिटी के होंगे तथा उनमें वीडियो-फोटो एचडी में ही बनेंगे। फोटो की क्वालिटी ऐसी होगी कि उनमें जमीन पर दिखने वाले व्यक्ति को नाइट विजन कैमरा झूम करके रात में भी स्पष्ट रूप से देखकर पहचाना जा सकेगा। कैमरों की उच्च गुणवत्ता होने से उन्हें वाईफाई से जोड़कर अधिकारियों के मोबाइल फोन से कनेक्ट किया जाएगा तथा वे गतिविधियों को दो किलोमीटर तक की रेंज में देख सकेंगे। ड्रोन पुलिस कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जाएगा। नाइट विजन कैमरों से निगरानी के लिए एक्सपर्ट को बुलाया जाएगा। वे स्थानीय पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे तथा कुछ समय उनके साथ रहेंगे। नाइट विजन कैमरे से लैस होंगे ड्रोन नाइट विजन कैमरे से लैस होंगे। वे ऊपर उड़ने के बावजूद जमीन पर होने वाली पत्थरबाजी के बदमाशों की गतिविधियों को थर्मल इमेज के जरिये कैप्चर कर लेंगे। वैसे ज्यादातर घटनाएं रावटी व शिवगढ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में होती हैं। वहीं नामली व सैलाना थाना क्षेत्र के भी कुछ स्थानों पर लूट व मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने नामली के पास से लेकर झाबुआ जिले की सीमा तक सात स्थानों को चिह्नित किया है, जहां विशेष निगरानी की जाएगी। पुलिस ने कानवाय शुरू किया     कानवाय शुरू की, शीघ्र ड्रोन शुरू करेंगे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक छोड़ने के लिए कानवाय शुरू कर दी गई है। गश्त बढ़ाई गई है। जल्द ही ड्रोन से निगरानी भी शुरू की जाएगी। – राकेश खाखा, एएसपी   recent visitors 52

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा खुलने से मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी

नई दिल्ली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा 12 नवंबर को आम जनता के लिए खुल सकता है। इससे मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर छह लेन हैं और आगरा नहर व गुड़गांव नहर पर दो नए पुल भी बने हैं। जाम से मिलेगा छुटकारा बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे और पुलों के खुलने से मथुरा रोड पर जाम से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा यह सिर्फ एक वैकल्पिक मार्ग नहीं है, बल्कि मथुरा रोड पर लगने वाले भारी जाम की समस्या का स्थायी समाधान है।यह नया एक्सप्रेसवे यमुना नदी के किनारे यमुना खादर, ओखला विहार और बतला हाउस जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरता है। इसका निचला हिस्सा महारानी बाग के पास बना है और यह DND फ्लाईओवर के आश्रम एंट्री के पास सड़क को पार करेगा। ढाई घंटे का सफर 25 मिनट में सासंद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर 5500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस सड़क का इस्तेमाल फरीदाबाद, पलवल और सोहना जाने के लिए किया जा सकेगा।इससे लोगों का समय भी बचेगा। अभी महारानी बाग से सोहना पहुंचने में 2.5 घंटे लगते हैं लेकिन एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद यह समय घटकर केवल 25 मिनट रह जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का आधुनिक सड़क मार्ग है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे देश के सबसे तेज़ सड़कों में से एक बनाता है। इस एक्सप्रेसवे पर पशुओं और पैदल चलने वालों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस एक्सप्रेसवे पर बाइक और धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित है। बता दें कि 12 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था। recent visitors 135

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का 24 किलोमीटर का हिस्सा तैयार, जल्द होगा शुरू

फरीदाबाद फरीदाबाद में बाईपास पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का मीठापुर से कैली इंटरचेंज तक 24 किलोमीटर का हिस्सा तैयार हो गया है। 12 नवंबर को इसे वाहनों के लिए खोला जा सकता है। इसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी तैयारी में जुट गई है। इसके बाद मीठापुर से ही लोग एक्सप्रेस-वे का प्रयोग कर पाएंगे। एक-दो दिन में कंपनी की ओर से एक्सप्रेस-वे को ट्रायल के लिए शुरू किया जाएगा, ताकि देखा जा सके कि कहां क्या कमी रह गई है। बता दें कि जिले की सीमा में इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य की डेडलाइन सितंबर थी, लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। यह देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे में शुमार है। इसकी कुल लंबाई 1350 किलोमीटर है। इससे दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में आना-जाना संभव हो सकेगा। recent visitors 111