OIC ने अब भारत को चेतावनी देने की हिमाकत, कश्मीर को आत्मनिर्णय के अधिकार से वंचित किया जा रहा

न्यूयॉर्क गाजा पट्टी में युद्ध रूकवाने में नाकाम रहने वाले इस्लामिक देशों के संगठन OIC ने अब भारत को चेतावनी देने की हिमाकत की है। OIC ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लगाए गये आरोपों को "निराधार" बताते हुए कहा है कि इससे दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ रहा है। इसके अलावा OIC ने अपनी हदों को पार करते हुए कहा है कि "कश्मीर को आत्मनिर्णय के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिसकी गारंटी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों में दी गई है।" OIC का ये लहजा धमकाने वाला है लेकिन इसकी औकात कितनी है, और इसकी बातों का कितना असर होता है, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि ना तो ये गाजा पट्टी में युद्ध को रूकवा पाया है और ना ही इजरायल को गाजा में विनाशक हमला करने से रोक पाया है। TRT वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने "दक्षिण एशिया में बिगड़ते सुरक्षा माहौल पर गहरी चिंता" जताई है जिसमें भारत के "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान के खिलाफ निराधार आरोपों" को क्षेत्र में तनाव को बढ़ाने वाला एक प्रमुख फैक्टर बताया गया है। आपको बता दें कि OIC में 57 देश हैं, जिनमें 48 मुस्लिम बहुल देश हैं। 57 सदस्य देशों वाले संगठन OIC ने कहा कि "इस तरह के आरोपों से पहले से ही अस्थिर स्थिति और खराब होने का खतरा है, और "आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ अपनी सैद्धांतिक स्थिति और निंदा को दोहराया, चाहे वह किसी भी व्यक्ति द्वारा और कहीं भी किया गया हो।" कश्मीर पर OIC ने फिर लांघी सीमा रेखा TRT वर्ल्ड की रिपोर्ट मं कहा गया है कि इसके अलावा OIC ने कश्मीर को लेकर फिर से अपनी हदें लांघने की गुस्ताखी की और कहा कि "अनसुलझा विवाद दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने वाला मुख्य मुद्दा बना हुआ है। जम्मू और कश्मीर के लोगों को उनके आत्मनिर्णय के अविभाज्य अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जैसा कि प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों में निहित है।" इसके अलावा ओआईसी ने अपने बयान में कहा है कि "OIC, संयुक्त राष्ट्र महासचिव (एंटोनियो गुटेरेस) द्वारा की गई सहायता की पेशकश की सराहना करता है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और प्रभावशाली राज्यों सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान करता है कि वे स्थिति को कम करने के लिए तत्काल और विश्वसनीय उपाय करें।" आपको बता दें कि पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चरम पर तनाव है। भारत ने एक्शन लेते हुए सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया है और आशंका है कि भारत, पाकिस्तान पर हमला कर सकता है। भारत का मानना है कि आतंकवादी हमले के बीच पाकिस्तान है। जबकि पाकिस्तान ने हमेशा की तरफ आरोपों का खंडन किया है। इसके अलावा दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ कूटनीतिक कदम उठाए हैं, जिसमें एक-दूसरे के नागरिकों के वीजा रद्द करना और राजनयिक कर्मचारियों को वापस बुलाना शामिल है। OIC का डबल स्टैंडर्ड हालांकि OIC के पाकिस्तान को समर्थन करने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन इससे OIC के डबल स्टैंडर्ड का एक बार फिर से खुलासा होता है। OIC ने अपने बयान में कहा है कि "भारत द्वारा पाकिस्तान पर लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोप दक्षिण एशिया में तनाव को बढ़ा रहे हैं। हम कश्मीरियों को उनका आत्मनिर्णय का अधिकार दिलाने की मांग दोहराते हैं, जैसा कि UN प्रस्तावों में गारंटी दी गई है।" लेकिन ये वही ओआईसी है जो चीन में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ होने वाले अत्याचार को लेकर चुप्पी साधे रखता है। ये वही ओआईसी है, जो अफगानिस्तान में तालिबान के क्रूर इस्लामिक शासन और महिलाओं को घर में बंधक बनानए जाने की नीति को लेकर चुप्पी साधे रखता है। ये वही ओआईसी है जो पाकिस्तान में शिया, अहमदिया और हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति पर कभी कुछ नहीं कहता। लेकिन जब भारत की बात आती है तो यही ओआईसी अचानक से मानवाधिकार का चैंपियन बन जाता है। भारत ने अब ओआईसी को मुंह लगाना बंद कर दिया है। भारत पहले भी ओआईसी से दो टूक शब्दों में कह चुका है कि "कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है" और ऐसे संगठनों को पाकिस्तान के प्रोपेगेंड टूलर का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि OIC एक पक्षपाती मंच है जो आतंकवाद को शह देने वाले देश के साथ खड़ा रहता है। भारत ऐसे बयानों को पूरी तरह खारिज करता रहा है। कई ओआईसी के सदस्य देश इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान का समर्थन करते हैं। जबकि पाकिस्तान ने ओआईसी को अपने प्रोपेगेंडा फैलाने का मंच बना दिया है। लिहाजा ओआईसी का ये समर्थन कोई मायने नहीं रखता है। recent visitors 35

मुख्यमंत्री ने आज सहसपुर ग्राम पंचायत आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया

रायपुर प्रदेश में सुशासन और जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव को धरातल पर परखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इन दिनों लगातार प्रदेश के विभिन्न इलाकों के दौरे पर हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने जिला बेमेतरा के सहसपुर ग्राम पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया और वहां इलाज करा रहे मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी स्थिति जानी। मुख्यमंत्री ने मितानिन दीदियों से चर्चा करते हुए संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व और नवजात के स्वास्थ्य के लिए यह आवश्यक है कि सभी प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में हों। मितानिनों को गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक करने और उन्हें अस्पताल में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सा स्टाफ को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए दवाइयों और उपचार सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आमजन को समय पर, गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले, यही राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने का काम कर रही है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाने की बात भी कही। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय सुशासन तिहार के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण की बुनियादी संस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर की कमियों को तुरंत दूर किया जाए।   इस मौके पर विधायक ईश्वर साह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद मौजूद रहे। recent visitors 66

भारत-पाकिस्तान में टेंशन के बीच युद्ध की आहाट, कई शहरों में हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन बजेंगे

भोपाल भारत-पाकिस्तान में टेंशन के बीच कल 7 मई को देश के 244 सिविल डिफेंस जिलों में मॉक ड्रिल होगा। इन शहरों में मध्य प्रदेश के 5 जिले शामिल हैं। इन शहरों में हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन बजेंगे। साथ ही पूरे शहर में ब्लैक आउट कर दिया जाएगा। PHQ में बैठक इसकी तैयारियों को लेकर राजधानी भोपाल में PHQ में डीजी होमगार्ड बैठक ले रहे हैं। इस मीटिंग में सारे अधिकारी मौजूद है। बैठक के बाद इसकी जानकारी सामने आएगी कि मॉकड्रिल किस समय और कहां पर की जाएगी। MP के इन जिलों में होगी मॉकड्रिल भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी जंग जैसे हालात के लिए किया जाएगा तैयार मॉकड्रिल का मकसद आम नागरिकों को युद्ध जैसे हालात के लिए तैयार करना है। साथ ही जंग जैसे हालात में वे खुद को कैसे सुरक्षित रखें इसकी तैयारी के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने देशभर में 7 मई को सिविल डिफेंस से जुड़ी मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मई को देश के सभी राज्यों को एयर-रेड सायरन संबंधित मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं। 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के दौरान हुई थी एयर डिफेंस ड्रिल देश में पिछली बार ऐसी मॉक ड्रिल 1971 में हुई थी। तब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था। यह मॉक ड्रिल युद्ध के दौरान हुई थी। recent visitors 54

Mock Drill: CM मोहन ने कहा- PM मोदी ने मनोबल बनाए रखा, सेना दुश्मनों से निपटने को तैयार

भोपाल  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. गृह मंत्रालय ने देश के कई राज्यों को 7 मई को व्यापक नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. सरकारी सूत्रों के अनुसार, मॉक ड्रिल के तहत महत्वपूर्ण गतिविधियां की जाएंगी. इस दौरान एयर रेड वार्निंग सायरनों का संचालन होगा. यह बड़े खतरे और दुश्मन की गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी करने से जुड़ा कदम है. 7 मई को प्रदेशों में होने वाली मॉकड्रिल को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी अपनी बात रखी है. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा? PM ने देश का मनोबल बनाए रखा : CM सीएम मोहन ने कहा कि "माननीय गृह मंत्री ने निर्देश किया है मॉकड्रिल होना ही है, हम सब जानते हैं जिस तरह का वातावरण बना हुआ है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा देश एकजुट है हम पूरी ताकत के साथ दुश्मनों से निपटने में सक्षम है. सेना को जिस प्रकार से प्रधानमंत्री ने छूट दी है और नए संसाधन देकर सेना को और मजबूत किया है. सरकार की व्यवस्थाओं के बलबूते पर भी देश के दुश्मनों से निपटने के लिए तैयार है. पीएम देश का भी मनोबल बनाए रख रहे हैं, देश के दुश्मनों से निपटने में हम सक्षम हैं. दुनिया हमारे साथ खड़ी हुई है." ऐसा है MP में ड्रिल का प्लान कल होने वाली नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि "नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल के संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं. राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश के पांच नगरों  क्रमशः इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में कल मॉकड्रिल होगी. कल शाम 4 बजे से सायरन के माध्यम से खतरे की सूचना, ब्लैकआउट, प्रमुख अधोसंरचनाओं को सुरक्षित रखने, दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने जैसी गतिविधियों की ड्रिल की जाएगी." गृह मंत्रालय के निर्देश पर 7 मई को देश भर के 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित होगी इसमें मध्यप्रदेश के पांच नगरों (इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी) में मॉक ड्रिल होगी. इन मुद्दों पर भी रखी अपनी बात सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र के साथ भी मध्य प्रदेश के नदी जोड़ो अभियान की होगी शुरुआत, 10 में को आयोजन होगा. इस में देवेंद्र फडणवीस शामिल हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा आगामी 10 तारीख को हमारे अपने राज्य में एक बार फिर एक और राज्य के साथ नदी जोड़ो अभियान के लिए शुरुआत हो रही है. पहले केन बेतवा हमने उत्तर प्रदेश के साथ किया है, राजस्थान के साथ हमने पार्वती काली सिंध चंबल योजना पर 20 साल से उलझे हुए मसाले का निराकरण किया और सफलतापूर्वक जल के बंटवारे का निर्णय किया. "महाराष्ट्र के साथ हम नदी जोड़ो शुरू कर रहे हैं, यह निमाड़ इलाके के लिए बहुत बड़ा वरदान साबित होगी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश आ रहे हैं, ताप्ती नदी के पानी के लिए  महाराष्ट्र का और हमारा MOU होगा जिसके माध्यम से महाराष्ट्र मध्य प्रदेश और गुजरात भी लाभान्वित होगा. एकमात्र राज्य मध्य प्रदेश रहेगा जो तीन-तीन राज्यों के साथ तीन राज्यों के जल का निराकरण करेगा." परीक्षाओं के परिणाम को लेकर सीएम ने कहा कि "मैं अपनी ओर से इस परीक्षा परिणाम के लिए बच्चों और अभिभावकों को बधाई देना चाहूंगा इस बार के जो परीक्षा परिणाम में बदलाव आया. इस बदलाव के लिए भी बताया गया कि एकेडमिक कार्य को प्राथमिकता दी गई सीधा संवाद सभी लेवल पर किया गया. टीचर्स को भी प्रेरित किया गया सभी विश्लेषण करते हुए यह एग्जाम आयोजित हुए हैं. पढ़ाई के दिनों में दायरा बढ़ाकर कठिन से कठिन समय शिक्षकों द्वारा पढ़ाने पर ध्यान दिया गया है. 16000 अतिशेष शिक्षकों की युक्तियुक्त कारण से रेगुलर शिक्षक बच्चों को मिले, अन्य कामों में जहां शिक्षक लगे हुए थे उनको वहां से हटाकर हमने शिक्षा के काम में लगाया यह बहुत खास रहा. सांदीपनि विद्यालय से योग्य वातावरण मिलेगा सीएम ने कहा कि सभी बच्चों को योग्य वातावरण मिले ठीक से पढ़ाई हो इसलिए आने वाले समय में सांदीपनि विद्यालय के माध्यम से हम बहुउद्देशीय शिक्षण स्थापित करेंगे. सभी प्रकार के सुविधा देंगे. बच्चों के व्यक्तिगत प्रतिभाओं को निखारने के लिए कई तरह के कोर्स शुरू कर रहे हैं. प्राइवेट स्कूल में जिसका मन है पढ़ना चाहिए लेकिन सरकारी विद्यालय भी किसी से काम नहीं है. यह रिजल्ट बता रहे हैं सरकार अपने संसाधनों के बलबूते पर काम कर रही है और यह रिजल्ट का आंकड़ा बता रहा है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा भी उसी प्रकार से निकाल कर आती है. जैसे प्राइवेट में पढ़ाई होती है बच्चा सबको प्यार है मां-बाप जैसे चाहे वैसे पढ़ सकते हैं, लेकिन अब वह देख सकते हैं कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा कितनी बेहतर हो चुकी है. recent visitors 39

पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन

नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के 850 पद स्वीकृत पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को अभयारण्य की सीमा से पृथक किये जाने का निर्णय पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को अभयारण्य की सीमा से पृथक किये जाने का निर्णय लिया गया। पचमढ़ी नगर का नजूल क्षेत्र जिसका रकबा 395.931 हेक्टेयर है, जो साडा के प्रशासनिक नियंत्रण में है, को पचमढी अभयारण्य की सीमा से बाहर करने का निर्णय लिया गया है। इसके पूर्व अधिसूचना 22 दिसम्बर 2017 द्वारा पचमढ़ी अभयारण्य की परिधि पर स्थित 11 ग्रामों को अभयारण्य से बाहर किया और कुछ ग्रामों को इन्क्लोजर में रखा गया है। मंत्रि-परिषद द्वारा पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50-50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के लिए पैरा-ओलम्पिक-2024 में कांस्य पदक विजेता खिलाडियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिससे कुल सम्मान राशि 1 करोड़ रूपये हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा पैरा-ओलम्पिक खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस और श्री कपिल परमार को पैरा-ओलम्पिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 करोड़ रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी। पेरिस, फ्रांस में आयोजित पैरा ओलम्पिक खेल, 28 अगस्त से 8 सितंबर 2024 में म.प्र. की खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस ने शूटिंग खेल में कांस्य पदक एवं श्री कपिल परमार ने ब्लाइंड जुडो खेल में कांस्य पदक अर्जित किया था। नक्सल प्रभावित तीन जिलों के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के लिये के 850 पद स्वीकृत मंत्रि-परिषद ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सह‌योगी दस्ते के लिये एक वर्ष के लिए 850 पदों की स्वीकृति प्रदान की है। पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" का गठन मंत्रि-परिषद द्वारा पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" का गठन करने के निर्णय को स्वीकृति दी गई। राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को पेंशन प्रकरणों के निराकरण से संबंधित समस्त प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया जायेगा। संभागीय और जिला स्तर के कार्यालयों तथा सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से 2 वर्ष के लिए वर्तमान संभागीय और जिला पेंशन कार्यालयों को पेंशन समाधान केन्द्र के रूप में सीमित संरचना के साथ रखा जायेगा। पदों का युक्तियुक्तकरण किया जायेगा। इससे राज्य शासन पर अनावर्ती व्यय भार 5 करोड़ रूपये होगा। नव गठित जिलों में आपूर्ति कार्यालय और नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नव गठित जिले मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय और निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दी। तीन जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिए कुल 16 पद और 4 जिलों में नाप-तौल कार्यालय के लिए कुल 13 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में जिला आपूर्ति अधिकारी का 1-1 पद, सहायक आपूर्ति अधिकारी के 1-1 पद, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के मऊगंज में 2 और मैहर, पांढुर्णा में 1-1 पद, लेखापाल का 1-1 पद एवं भृत्य का 1-1 पद स्वीकृत किया गया। कार्यालय नाप-तौल के लिए नव गठित जिला निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में निरीक्षक का 1-1 पद, सहायक ग्रेड-3 के 1-1 पद, श्रम सहायक के मऊगंज में 2 पद एवं मैहर, पांढुर्णा और निवाडी में 1-1 पदो की स्वीकृति दी गयी।   recent visitors 41

पीथमपुर में 55 दिनों में यूनियन कार्बाइड के 307 टन जहरीले कचरे का होगा निपटारा

भोपाल /पीथमपुर पीथमपुर में प्लांट में कचरा निष्पादन की प्रकिर्या पर पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारी निगाह रखे हुए हैं।पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के 307 टन कचरे का निष्पादन कोर्ट के आदेश पर शुरू हो गया है। पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 5 मई 2025 को यह कार्य प्रारंभ किया। कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया रात आठ बजे से शुरू की गई। प्रति घंटे 270 किलोग्राम कचरे को नष्ट किया जा रहा है। कचरे से निकलने वाली गैसों की निगरानी के लिए ऑनलाइन कंटीन्यूअस मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके परिणाम मध्य प्रदेश और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर पर देखे जा सकते हैं। चिमनी से निकलने वाले धुएं में चार तत्वों की मात्रा मापी जा रही है। इनमें पार्टिकुलेट मैटर, हाइड्रोजन क्लोराइड, सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड शामिल हैं। आसपास की हवा की गुणवत्ता की निगरानी के लिए शहर में तीन जगह एयर मॉनीटरिंग स्टेशन हैं। तारपुरा के पुराने स्टेशन के अलावा चीराखान और बजरंगपुरा में 4 मई को नए स्टेशन लगाए गए। रासायनिक कचरे को भस्मक में डालने से पहले छोटे-छोटे पैकेट बनाए जा रहे हैं। पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारी प्लांट के अंदर मौजूद हैं। हवा में रसायन के स्तर को मापने के लिए सैंपलिंग मशीन लगाई गई हैं। पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारी प्लांट के अंदर मौजूद हैं। हवा में रसायन के स्तर को मापने के लिए सैंपलिंग मशीन लगाई गई हैं। recent visitors 40

भोपाल दुष्कर्म का अड्डा बने 90 रेस्टोरेंट पर चला बुलडोजर

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'लव जिहाद' कांड वाले मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। रेप के आरोपी जिस क्लब 90 रेस्टोरेंट में हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म करते थे, उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया है। वहीं इस क्लब 90 रेस्टोरेंट को सील भी कर दिया गया है। दरअसल, भोपाल में कॉलेज छात्राओं से रेप, ब्लैकमेलिंग और 'लव जिहाद' के मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम क्लब-90 रेस्टोरेंट भी गई थी। जहां कॉलेज छात्राओं को ले जाने के बाद आरोपी फरहान और उसके साथ गलत काम करते थे। इसके साथ ही आरोपियों को फंडिंग करने वालों की जांच भी शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने निरस्त किया लीज वहीं दूसरी ओर, सोमवार शाम को जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई की। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि क्लब-90 का अवैध हिस्से को तोड़ दिया गया। नगर निगम ने लीज निरस्त करके अपने कब्जे में ले लिया है। तीन पीड़िताओं के बयान दर्ज सोमवार की शाम को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने रेप पीड़िताओं के बयान दर्ज किए हैं। एक होटल में ठहरी टीम ने तीन पीड़िताओं को वहीं बुलाया। होटल के एक कमरे में उनके बयान दर्ज किए गए हैं। रविवार को एक पीड़िता का बयान दर्ज किया जा चुका था। बता दें कि महिला आयोग की टीम रायसेन रोड स्थित उस कॉलेज में भी गई थी जहां पीड़ित छात्राएं पढ़ती हैं। वहां पहुंचकर टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि इसके पहले लड़कियों ने कभी शिकायत दर्ज कराई है या नहीं। कॉलेज के प्रबंधन और प्रोफेसरों से लंबी पूछताछ की। टीम ने कॉलेज की सुरक्ष व्यवस्था की भी जांच की। सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम पीड़िताओं के कॉलेज के अलावा यहां भी पहुंची थी। शाम को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने 3 पीड़िताओं के बयान दर्ज किए।पीड़िताओं को होटल रेडिसन बुलाया गया था। रविवार को एक पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पीड़िताओं के कॉलेज भी पहुंची NCW की टीम इससे पहले आयोग की टीम रायसेन रोड स्थित उस कॉलेज भी गई जहां पीड़ित छात्राएं पढ़ती हैं। इस दौरान टीम ने कॉलेज प्रशासन, अधिकारियों और पीड़ित छात्राओं को पढ़ाने वाले स्टाफ से लंबी पूछताछ की। टीम ने कॉलेज परिसर में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर भी विस्तार से जांच की। जांच के दौरान ये पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या पीड़ित छात्राओं ने पहले कभी आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत कॉलेज प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों से की थी। विभाग के प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत की 5 पीड़िताओं की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी भी महिला आयोग की टीम के साथ कॉलेज पहुंचे। आयोग की टीम ने कॉलेज स्टाफ और संबंधित विभाग प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत कर जानकारी ली। उस क्लब भी टीम गई जहां छात्राओं को ले जाते थे आरोपी कॉलेज से निकलने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम क्लब-90 रेस्टोरेंट पहुंची। यहां उन्होंने क्लब का जायजा लिया। इसी रेस्टोरेंट में आरोपी पीड़िताओं को ले जाने के बाद गलत काम करते थे। इस बात का खुलासा मुख्य आरोपी फरहान और साहिल ने पुलिस की पूछताछ में किया था। पुलिस-आयोग के बीच होटल रेडिसन में बैठक सूत्रों के मुताबिक, रविवार को महिला आयोग की टीम और भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच होटल रेडिसन में इस केस को लेकर अहम बैठक हुई। टीम ने मामले की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी। महिला आयोग की टीम बाग सेवनिया थाने भी पहुंची थी, जहां केस की शुरुआती कार्रवाई की गई थी recent visitors 44