मध्यप्रदेश में मरीजों को दी जाएगी ‘पेंशन’, बनाए जाएंगे कार्ड, सरकार का बड़ा आदेश

भोपाल मध्यप्रदेश के 89 आदिवासी ब्लॉकों में सिकल सेल के मरीजों को सरकार पेंशन देने की तैयारी में हैं। शासन के आदेश पर अफसरों ने स्थानीय स्तर पर योजना को शुरु करने की तैयारी शुरु कर दी है। आदिवासी ब्लॉकों में विशेष शिविर लगाकर सिकल सेल के डिसीज यानी पॉजिटिव मरीजों का दिव्यांग कार्ड बनाने की तैयारी शुरू की है। शासन ने आदिवासी ब्लॉकों के जिले में पत्र भेजकर स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक न्याय विभाग से जानकारी मांगी है। बनाए जाएंगे दिव्यांग कार्ड कहा गया है कि दिव्यांग कार्ड धारियों में कितने सिकल सेल के मरीज शामिल हैं। सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतवत ने जिले मेडिकल ऑफिसर्स से लिस्ट लेकर पॉजीटिव मरीजों को फोन लगाकर पूछा रहे हैं कि पेंशन का लाभ मिल रहा है या नहीं। सीएमएचओ ने बताया कि सभी सिकल सेल मरीजों के दिव्यांग कार्ड बनाए जाएंगे। शासन सामाजिक न्याय विभाग से सभी को पेंशन देगी। दोनों विभागों ने सिकल सेल मरीजों के दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में 2.85 लाख संदिग्धों की स्क्रीनिंग की गई। 398 सिकल सेल पॉजिटिव मरीज मिले हैं। सभी का लगातार इलाज चल रहा है। सभी के दिव्यांग कार्ड बनाए जाएंगे। इसमें से कुछ दिव्यांग के कार्ड जारी किए गए हैं। अब तक स्क्रीनिंग के दौरान 3549 मरीजों में सिकल सेल के आंशिक लक्षण मिले हैं। इन्हें केरियर में दर्ज किया गया है। प्रारंभिक चरण में डिसीज पॉजिटिव मरीजों के दिव्यांग कार्ड बनाए जाएंगे। डॉ. अनिरुद्ध कौशल, सिविल सर्जन का कहना है कि गाइडलाइन पर सभी चिह्नित सभी सिकल सेल मरीजों का मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग कार्ड बनाए जाएंगे। इससे उन्हें पेंशन की पात्रता होगी। दिव्यांग कार्ड बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में विशेष शिविर लगाएंगे। क्या है सिकल सेल रोग सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएँ अपना सामान्य गोल आकार खोकर अर्धचंद्राकार (सिकल) आकार ले लेती हैं. इससे ऑक्सीजन परिवहन में बाधा आती है और विभिन्न जटिलताएं होती हैं, जिनमें दर्द, एनीमिया और संक्रमण शामिल हैं. इतने है मरीज 2,85,435 स्क्रीनिंग 2,90,645 निगेटिव 3,547 आंशिक 398 पॉजिटिव recent visitors 38

मॉक ड्रिल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर प्रदेश के 5 शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में आयोजित होगी

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 मई यानी बुधवार को होने वाली नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने की घोषणा की है. यह मॉक ड्रिल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर प्रदेश के 5 शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में आयोजित होगी. मंत्रि-परिषद द्वारा पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50-50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के लिए पैरा-ओलम्पिक-2024 में कांस्य पदक विजेता खिलाडियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिससे कुल सम्मान राशि 1 करोड़ रूपये हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा पैरा-ओलम्पिक खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस और श्री कपिल परमार को पैरा-ओलम्पिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 करोड़ रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी। पेरिस, फ्रांस में आयोजित पैरा ओलम्पिक खेल, 28 अगस्त से 8 सितंबर 2024 में म.प्र. की खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस ने शूटिंग खेल में कांस्य पदक एवं श्री कपिल परमार ने ब्लाइंड जुडो खेल में कांस्य पदक अर्जित किया था। नक्सल प्रभावित तीन जिलों के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के लिये के 850 पद स्वीकृत मंत्रि-परिषद ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सह‌योगी दस्ते के लिये एक वर्ष के लिए 850 पदों की स्वीकृति प्रदान की है। पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" का गठन मंत्रि-परिषद द्वारा पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" का गठन करने के निर्णय को स्वीकृति दी गई। राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को पेंशन प्रकरणों के निराकरण से संबंधित समस्त प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया जायेगा। संभागीय और जिला स्तर के कार्यालयों तथा सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से 2 वर्ष के लिए वर्तमान संभागीय और जिला पेंशन कार्यालयों को पेंशन समाधान केन्द्र के रूप में सीमित संरचना के साथ रखा जायेगा। पदों का युक्तियुक्तकरण किया जायेगा। इससे राज्य शासन पर अनावर्ती व्यय भार 5 करोड़ रूपये होगा। नव गठित जिलों में आपूर्ति कार्यालय और नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नव गठित जिले मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय और निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दी। तीन जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिए कुल 16 पद और 4 जिलों में नाप-तौल कार्यालय के लिए कुल 13 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में जिला आपूर्ति अधिकारी का 1-1 पद, सहायक आपूर्ति अधिकारी के 1-1 पद, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के मऊगंज में 2 और मैहर, पांढुर्णा में 1-1 पद, लेखापाल का 1-1 पद एवं भृत्य का 1-1 पद स्वीकृत किया गया। कार्यालय नाप-तौल के लिए नव गठित जिला निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में निरीक्षक का 1-1 पद, सहायक ग्रेड-3 के 1-1 पद, श्रम सहायक के मऊगंज में 2 पद एवं मैहर, पांढुर्णा और निवाडी में मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा, "वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नागरिक सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है. बुधवार शाम 4 बजे से इन पांच शहरों में सायरन के माध्यम से खतरे की सूचना, ब्लैकआउट, प्रमुख इमारतों को सुरक्षित रखने और दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा." यह मॉक ड्रिल केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश के 244 जिलों में आयोजित की जा रही है, जिसमें मध्य प्रदेश के उक्त पांच शहर शामिल हैं. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और सिंधु जल समझौते जैसे मुद्दों ने युद्ध की आशंकाओं को बढ़ाया है, जिसके चलते यह कवायद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मॉक ड्रिल का उद्देश्य सिविल डिफेंस की तैयारियों का मूल्यांकन करना और आपसी समन्वय को बेहतर बनाना है. इसमें जिला अधिकारी, सिविल डिफेंस वार्डन, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, कॉलेज और स्कूल के छात्र शामिल होंगे. गृह मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि हवाई हमले के सायरन, ब्लैकआउट उपाय, जरूरी स्थानों की छिपाने की व्यवस्था (कैमोफ्लाज), और निकासी (एवैक्यूएशन) योजनाओं का अभ्यास किया जाए. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह ड्रिल विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों और तालमेल की जांच के लिए जरूरी है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन का सहयोग करें और घबराएं नहीं.   recent visitors 40

रात 12 बजे के बाद… प्रदेश की जनता को लगेगा बड़ा झटका! अब सांची दूध होगा महंगा

भोपाल महंगाई की मार झेल रही एमपी को जनता को एक और बड़ा झटका लगा है. यहां मदर डेयरी, अमूल दूध के बाद अब मध्य प्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ (सांची) ने भी अपने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, सांची दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. यह नई कीमतें आज रात 12 बजे से लागू होंगी.मदर डेयरी, अमूल के बाद अब सांची दूध भी महंगा हो गया है। सांची दूध के रेट में 2 रुपए लीटर का इजाफा किया गया है। इस हिसाब से फूल क्रीम दूध अब 67 रुपए लीटर मिलेगा। बढ़ी हुई ये कीमतें बुधवार यानी 7 मई लागू की जाएंगी। जानकारी के मुताबिक, यह कीमत बढ़ोतरी सांची की सभी प्रमुख दूध वैरायटियों पर लागू होगी, जैसे- टोंड, डबल टोंड, स्टैंडर्ड और फूल क्रीम दूध। नई दरें उपभोक्ताओं को दूध के पैकेटों पर दिखाई देंगी। यहां बता दें, मदर डेयरी का दूध 30 अप्रैल से महंगा हुआ था, जबकि अमूल मिल्क की कीमत 1 मई को बढ़ाई गई थीं। सांधी दूध के रेट अब ये होंगे सांची दूध के दाम में 2 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, अब 1 लीटर फुल क्रीम गोल्ड दूध 67 रुपए में मिलेगा। ये नई कीमतें 7 मई से लागू होंगी। फुल क्रीम दूध (गोल्ड) 500 ML के लिए 34 रुपए का हो गया है, जो पहले 33 रुपए था। स्टैण्डर्ड दूध (शक्ति) 500 ML के लिए 31 रुपए का हो गया है, जो पहले 30 रुपए था। टोण्ड दूध (ताजा) 500 ML के लिए 28 रुपए का हो गया है, जो पहले 27 रुपए था। डबल टोण्ड दूध (स्मार्ट) 500 ML के लिए 26 रुपए का हो गया है, जो पहले 25 रुपए था। चाय दूध अब 60 रुपए में 1 लीटर मिलेगा, जो पहले 58 रुपए था। ये जानकारी भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने जारी की है। रेट बढ़ने के कारण संस्था के अधिकारियों के मुताबिक, कच्चे दूध की खरीद कीमतें बढ़ने, पशु आहार के दामों में वृद्धि और परिवहन खर्च बढ़ने के चलते यह फैसला लेना पड़ा है। यह भी बताया गया कि किसानों को उचित मूल्य देने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी हो गया था। पांच दिन पहले अमूल दूध के रेट बढ़े इससे पहले अमूल दूध की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी, जो 1 मई, 2025 से लागू की गई। यह बढ़ी हुई कीमतें अमूल के सभी दूध उत्पादों पर लागू की गईं। दाम बढ़ने की यह बताई वजह अमूल की ओर से इस बढ़ोतरी का कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत (Amul Milk Price Hike) को बताया गया था। कंपनी ने बताया कि इस मूल्य वृद्धि के बाद, अमूल दूध के उपभोक्ताओं को अब 2 रुपये अधिक चुकाने होंगे। यह कीमतें देशभर के बाजारों में लागू की गईं और 1 मई से सभी अमूल मिल्क उत्पादों की नई कीमतें प्रभावी कर दी गईं। बढ़ती कीमतें आम लोगों पर आर्थिक दबाव डाल रही हैं, जो पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हुए हैं। मदर डेयरी ने सबसे पहले बढ़ाए दूध के रेट दूध के रेट बढ़ाने की शुरुआत मदर डेयरी ने की थी। सबसे पहले मदर डेयरी ने 30 अप्रैल से दूध के रेट बढ़ाए थे। इन्होंने भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। मदर डेयरी ने भी दूध के रेट बढ़ाने के पीछे कच्चे माल की बढ़ती लागत ही बताई थी। इसके बाद अमूल ने भी यही कारण गिनाते हुए रेट बढ़ाए थे। हालांकि,अमूल के लिए यह वृद्धि विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में दूध की आपूर्ति करने वाले प्रमुख ब्रांडों से चुनौती साबित हो सकती है। भोपाल में पैक्ड दूध में सांची की सबसे ज्यादा खपत भोपाल में पैक्ड दूध में सांची की सबसे ज्यादा खपत होती है। रोज साढ़े 3 लाख लीटर से अधिक दूध की खपत है। अमूल की खपत 70 हजार लीटर है। इसके बाद सौरभ, श्रीधी, मदर डेयरी के दूध भी पैकेट में बिकते हैं। सौरभ और श्रीधी की बात करें, तो इनकी करीब 1 लाख लीटर दूध की खपत शहर और भोपाल के ग्रामीण इलाकों में है। मदर डेयरी ब्रांड के दूध की ज्यादातर खपत शहर में ही होती है। पैक्ड से ज्यादा खुला दूध बिकता भोपाल में पैक्ड दूध की तुलना में खुले दूध की बिक्री ज्यादा होती है। खुले दूध की खपत 8 से 9 लाख लीटर तक प्रतिदिन है। खुला दूध भी महंगा हुआ है। कई डेयरियों पर प्रति लीटर 2 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल जुलाई में बढ़े थे रेट सांची ने पिछले साल जुलाई में रेट बढ़ाए थे। करीब 10 महीने के बाद फिर से दूध के रेट में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, सांची डीटीएम 160 एमएल टोंड मिल्क एवं परिवार 200 मिमी पैक दूध के रेट में बढ़ोतरी नहीं की गई है। अमूल ने 6 दिन पहले बढ़ाए थे रेट 6 दिन पहले यानी, 1 मई को अमूल ने दूध के भाव बढ़ाए थे। 1 लीटर दूध पर 2 रुपए, जबकि आधा लीटर पर एक रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों में नए रेट लागू हो गए हैं। प्रदेश में सांची के बाद अमूल दूध की सबसे ज्यादा खपत होती है। रोजाना साढ़े 3 लाख लीटर से अधिक अमूल दूध की खपत होती है। सबसे ज्यादा इंदौर में करीब सवा लाख लीटर दूध बिकता है। वहीं, भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर में 50 से 80 हजार लीटर के बीच दूध की खपत है।   recent visitors 35

हूती विद्रोहियों पर हमले के दौरान खुद Air Force के कमांड सेंटर में थे Netanyahu

तेल अवीव इजरायल ने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए मिसाइल अटैक का बदला ले लिया है. इजरायली एयरफोर्स ने सोमवार शाम को यमन के हूतियों के कब्जे वाले बंदरगाह शहर हुदैदाह पर धड़ाधड़ हवाई हमले किए हैं. इससे पहले ईरान समर्थित विद्रोही गुट हूती ने इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे. 20 फाइटर जेट और 50 बम इजरायली सेना के मुताबिक करीब 20 फाइटर जेस्ट ने यमन के कोस्टल इलाके में हूती पोर्ट को निशाना बनाया है, जिसमें हुदैदाह बंदरगाह और एक कंक्रीट फैक्ट्री भी शामिल थी. इजरायली सेना ने करीब दो हजार किलोमीटर की दूरी तय करके जेट विमानों से हूती ठिकानों पर 50 से ज्यादा बम गिराए हैं. सेना ने जेट विमानों के उड़ान भरने की तैयारी करते हुए वीडियो भी जारी की हैं. इस ऑपरेशन में इजरायली एयरफोर्स के ईंधन भरने वाले विमानों और जासूसी विमानों ने भी हिस्सा लिया था. इज़रायली सिक्योरिटी फोर्स का दावा है कि हुदैदाह बंदरगाह का इस्तेमाल हूतियों की ओर से ईरानी हथियारों, सैन्य जरूरतों के सामान और अन्य आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता था. इसी वजह से इजरायल ने बम गिराकर पूरे बंदरगाह को तबाह कर दिया है, ताकि ईरान से हथियारों की सप्लाई बाधित की जा सके. जनवरी के बाद पहला हमला आईडीएफ ने कहा कि बाजिल कंक्रीट फैक्ट्री हूती विद्रोहियों के लिए एक अहम आर्थिक संसाधन के रूप में काम करती है और इसका इस्तेमाल सुरंगों और सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए किया जाता है. साथ ही ये हमले हूतियों के शासन और उनकी अर्थव्यवस्था पर एक तगड़ी चोट हैं. सेना ने एक बयान में कहा, 'यह हमला हूतियों की ओर से इजरायल के खिलाफ बार-बार किए गए हमलों के जवाब में था, जिसमें सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों को इजरायली इलाके और उसके नागरिकों की ओर लॉन्च किया गया था.' जंग की शुरुआत के बाद से यमन में यह छठा इज़रायली हमला था और जनवरी के बाद से पहला अटैक था. कई महीने पहले अमेरिका ने भी ईरान समर्थित विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा हवाई हमला किया था. इसके बाद आईडीएफ ने हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमले का जवाब देना बंद कर दिया था. हमले के जरिए इजरायल ने हूतियों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है और बंदरगाह पर खड़े जहाजों के होने वाले नुकसान को सीमित किया है. कमांड सेंटर में मौजूद रहे नेतन्याहू आईडीएफ का कहना है कि इजरायल के सामने आने वाले हर खतरे के खिलाफ किसी भी दूरी पर सेना अपनी कार्रवाई जारी रखेगी. यमन में जिस वक्त हूतियों पर हमले किए गए, उस दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वायुसेना कमांड सेंटर में मौजूद थे और पूरी कार्रवाई को देख रहे थे. इजरायली रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी फोटो में बताया गया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ रक्षा मंत्री और आईडीएफ चीफ भी तेल अवीव स्थित अंडरग्राउंड हेडक्वार्टर में मौजूद रहकर इस पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर कर रहे थे.   recent visitors 39

मुख्यमंत्री ने बरगद की छांव में खाट पर बैठ जाना ग्रामीणों का हाल-चाल, विद्युत सब स्टेशन, हायर सेकंडरी स्कूल भवन और प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा

रायपुर : मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे बेमेतरा के सहसपुर, लिया ग्रामीणों से सीधा फीडबैक मैं आप लोगों की दुख-तकलीफ जानने आया हूँ- मुख्यमंत्री साय गांव में सहसा गूंजी हेलीकॉप्टर की आवाज तो अचंभित ग्रामीण निकले घरों से अपने मुखिया से मिलने उमड़ी भीड़ मुख्यमंत्री ने बरगद की छांव में खाट पर बैठ जाना ग्रामीणों का हाल-चाल, विद्युत सब स्टेशन, हायर सेकंडरी स्कूल भवन और प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण के दूसरे दिन हेलीकॉप्टर से अचानक बेमेतरा जिले के सहसपुर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का सीधा फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि मैं आप लोगों के बीच आपकी दुख-तकलीफ जानने आया हूँ। ग्राम- सहसपुर में मुख्यमंत्री के आने की कोई पूर्वयोजना नहीं थी। ऐसे में जब गांव में सहसा हेलीकॉप्टर की आवाज गूंजी तो अचंभित ग्रामीण अपने घरों से निकले। अपने मुखिया से मिलने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने खुशी में कहा- राम-राम जी गा मुख्यमंत्री जी ! और सदाबहार फूल की माला और चंदन-आरती के साथ उनका स्वागत किया।   बरगद की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल मुख्यमंत्री साय ने ग्राम- सहसपुर में ग्रामीणों से पुराने बरगद की छांव में खाट पर बैठ संवाद किया। उन्होंने लोगों से शासन की योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नल जल योजना, धान खरीदी, स्कूल में बच्चों की शिक्षा सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को अभी डेढ़ साल हुए हैं इस अवधि में हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई गारंटी को पूरा किया है। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास को स्वीकृति दी।किसानों को 2 साल का बकाया बोनस दिया। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी भी की जा रही है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का ये तीसरा चरण है। शुरुआती चरणों में लोगों से उनकी समस्याओं के सम्बंधित आवेदन लिए गए। इन आवेदनों का अधिकारियों द्वारा लगातार निराकरण किया जा रहा है। अब मैं स्वयं आप सभी के बीच सरकार के अधिकारियों के साथ पहुंचा हूँ ताकि आप सीधे मुझ तक अपनी बात पहुंचा सकें। पूनम साहू ने कहा- महतारी वंदन से मिली बड़ी मदद मुख्यमंत्री साय के चौपाल में महतारी वंदन से मिल रही सहायता पर श्रीमती पूनम साहू ने अपनी बात रखी।  पूनम ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से परिवार और बच्चों की जरूरतों को पूरी करने में बड़ी मदद मिलती है। हर माह महतारी वंदन योजना की राशि नियमित रूप से मिलती है। सहसपुर ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं मुख्यमंत्री ने सहसपुर में ग्रामीणों से बरगद के नीचे खाट पर बैठकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नए भवन को स्वीकृति दी। साथ ही उन्होंने 13 वीं-14 वीं शताब्दी में फणी नागवंशी राजाओं द्वारा निर्मित शिव मंदिर व हनुमान मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेंगे। महाशिवरात्रि के मेले में मैं खुद आऊंगा। मुख्यमंत्री साय ने सहसपुर में 33 केव्ही विद्युत सब स्टेशन की भी घोषणा की।   इस अवसर पर विधायक ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित थे। recent visitors 38

पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 2 लाख 73 हजार 752 नए आवासों का आवंटन राज्य को मिला, इंतजार अब खत्म

जयपुर राजस्थान में 6 वर्षों से पक्के घर का इंतजार कर रहे लाखों परिवारों के लिए खुशखबरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 2 लाख 73 हजार 752 नए आवासों का आवंटन राज्य को मिल गया है। वर्ष 2018 के आवास प्लस सर्वेक्षण में शामिल इन सभी परिवारों को अब जल्द ही पक्के घरों की सौगात मिलेगी। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद मिली स्वीकृति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी, जिसमें पीएम आवास योजना समेत कई ग्रामीण योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद केंद्र ने यह आवास स्वीकृति दी है, जिससे सर्वेक्षण में दर्ज कोई भी परिवार अब इंतजार की सूची में नहीं रहेगा। 20 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पहले ही पूरा राजस्थान को पहले पीएमएवाई-ग्रामीण के तहत 22.23 लाख आवासों का लक्ष्य मिला था, जिनमें से करीब 20 लाख मकानों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब नए आवंटन के साथ राज्य सरकार ने सभी ज़िला कलेक्टरों को पात्र लाभार्थियों को तुरंत स्वीकृति पत्र और पहली किश्त जारी करने के निर्देश भी दे दिए हैं। घर के साथ शौचालय और मनरेगा का लाभ भी सरकार हर पात्र परिवार को मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख की सहायता राशि दे रही है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत 90 दिन का रोजगार भी प्रदान किया जा रहा है। गरीबी मुक्त गांवों की ओर कदम, 5000 गांवों का चयन राज्य सरकार की ओर से गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत पहले चरण में 5000 गांवों को चिन्हित किया गया है। इसके लिए ₹300 करोड़ का विशेष बजट प्रावधान किया गया है। इन गांवों के बीपीएल परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी। recent visitors 43

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’नगर सुराज संगम’ के लिए दिया आमंत्रण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दो दिनों तक करेंगे मंथन नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का आयोजन, प्रदेश के सभी निकायों के जनप्रतिनिधि होंगे शामिल नगरीय निकायों की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर होगा संवाद, नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा की योजनाओं की दी जाएगी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन सत्र में होंगे शामिल उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’नगर सुराज संगम’ के लिए दिया आमंत्रण बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव प्रदेशभर के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दो दिनों तक मंथन करेंगे। वे इस दौरान प्रत्येक नगरीय निकाय की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष तथा निकाय के अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राजधानी रायपुर के होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में 5 मई और 6 मई को दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 6 मई को कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’’नगर सुराज संगम’’ के लिए आमंत्रित किया है। वे 5 मई को सवेरे 11 बजे दो दिवसीय इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव कार्यशाला में नगरीय निकायों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे। वे इस दौरान नगरीय निकायों की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। डॉ. बसवराजु ने बताया कि प्रबोधन-सह-कार्यशाला में नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं, कार्यों तथा विभिन्न अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। शहरों के व्यवस्थित विकास के लिए अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण की योजनाओं पर विभाग द्वारा मार्गदर्शिका का प्रकाशन किया गया है। साव शुभारंभ सत्र में इस ‘मार्गदर्शिका बुकलेट’ का विमोचन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने पाती लिखकर दिया आमंत्रण उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर प्रबोधन-सह-कार्यशाला में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने अपनी पाती में नगरीय निकायों के आम निर्वाचन में निर्वाचित होने के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि हमारी सुशासन की सरकार के संकल्प पर आम जनता ने नगरीय निकायों के निर्वाचन में भी अपना विश्वास हमारी नीतियों एवं कार्यप्रणाली पर जताया है। भविष्य में भी हमारा प्रयास जनता के इस भरोसे को अपने जन हितकारी कार्यों से अक्षुण्ण बनाए रखना होगा। आप अपने शहर के प्रथम नागरिक हैं, जिससे आपका दायित्व भी बढ़ा है। हमारी सरकार आप सभी के सहयोग से शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री साव ने महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को संबोधित करते हुए लिखा है कि हमारे संकल्पों के सोपान में एक पहल के रूप में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण की विभिन्न योजनाओं एवं अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों, कामकाज तथा हमारी सरकार की शहर के व्यवस्थित विकास के लिए आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर विस्तृत परिचर्चा की जाएगी। साव ने अपनी पाती में विश्वास व्यक्त किया है कि अब तक आपके द्वारा अपने शहर के व्यवस्थित और सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार कर ली गई होगी, इस कार्यक्रम में आपसे प्रत्यक्ष संवाद कर इस संबंध में सार्थक परिचर्चा करना चाहूंगा। उन्होंने सभी नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला में सहभागिता का आग्रह किया है। recent visitors 34