मंत्री विश्वास सारंग ने कहा ऐसे अपराधियों को सरे राह गोली मारकर खत्म कर देना चाहिए

भोपाल भोपाल में कॉलेज छात्राओं को ड्रग्स, सेक्स, धोखा और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाने के मामले में लव-जिहाद के मुख्य आरोपी फरहान को शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली लगी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने हिरासत के दौरान पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, इसी दौरान झूमाझटकी में उसके पैर में गोली लग गई।  अब इस मामले में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग का बयान सामने आया है। मंत्री सारंग ने अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि "ऐसे लोगों के पैर पर नहीं, छाती पर गोली मारनी चाहिए। ये लोग इस धरती पर बोझ हैं। लव जिहाद जैसे कुकृत्य करने वालों को इस प्रदेश और देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्री ने आगे कहा कि जो लोग महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं, मासूम लड़कियों को निशाना बनाते हैं और समाज को नशे के जाल में फंसाते हैं, ऐसे अपराधियों को सरे राह गोली मारकर खत्म कर देना चाहिए। बता दें आरोपी फरहान पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज है, जिनमें दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, ड्रग तस्करी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।   जानकारी के अनुसार देर रात अशोका गार्डन पुलिस फरहान को लेकर गिरोह के फरार आरोपी अबरार की तलाश में सीहोर जिले के बिलकीसगंज जा रही थी। फरहान को शुक्रवार को ही अशोका गार्डन पुलिस ने रिमांड पर लिया है। फरहान ने पुलिस से कहा कि अबरार बिलकीसगंज में छिपा है। पुलिस रात साढ़े ग्यारह बजे अशोका गार्डन थाने से सुरक्षा बल के साथ फरहान का लेकर बिलकीसगंज जा रही थी। रातीबड़ थाने के आगे निकलते ही सरवर गांव में फरहान ने पेशाब करने के लिए गाड़ी रुकवाई। उसकी सुरक्षा के लिए उप निरीक्षक सहित दो पुलिस वाले उसकी सुरक्षा के लिए नीचे उतरे। इस बीच आरोपी फरहान उप निरीक्षक की पिस्टल छीनकर फरार होने की कोशिश की। दोनों के बीच छीना झपटी में उप निरीक्षक के पिस्टल से गोली चल गई जो फरहार के पैर में लगी है। चन्नी का बयान बेहद शर्मनाक है कांग्रेस सांसद चरणजीत चन्नी के बयान पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर समय कांग्रेस का हाथ पाकिस्तान के साथ रहा है। पाकिस्तान परस्ती की बात करना कांग्रेस नेतृत्व का उनके नेताओं के लिए निर्देश है। देश अब यह बर्दाश्त नहीं करेगा। यह सेना और सैनिकों के मनोबल को तोड़ने का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान के एजेंडे पर काम कर रही है। जब देश सेना के साथ खड़ा है तब ऐसे बयान सेना को हतोत्साहित करती है। कांग्रेस ने जो आपत्तिजनक ट्वीट किया उसे सबसे पहले पाकिस्तान ने रिट्वीट किया। क्या कांग्रेस पाकिस्तान की स्क्रिप्ट पर बयान देती है। उन्होंने कहा कि चन्नी का बयान बेहद शर्मनाक है।  मंत्री ने कहा- लव जिहाद मामले को हल्के में नहीं लेंगे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया है. संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने तत्परता से कार्रवाई शुरू कर दी है. मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि उनकी सरकार लव जिहाद के किसी भी मामले को हल्के में नहीं लेगी. आरोप है कि धर्म विशेष के कुछ युवकों ने अपनी बातों के जाल में फंसा कर कुछ हिंदू लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया. इतना ही नहीं इन पीड़ितों के जरिए और लड़कियों को फंसाने का काम किया. ऐसा लगता है कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है : सारंग मंत्री विश्वास सारंग ने इस घटना को लेकर कहा, " सरकार के संज्ञान में इस मामले के आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है. अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है जो इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी. यह एक बहुत ही गंभीर मामला है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ऐसा लगता है कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं." मंत्री सारंग ने आगे कहा, " जिन बेटियों के साथ यह अमानवीय कृत्य हुआ है, उनकी पहचान को गोपनीय रखा जाएगा और पूरी संवेदनशीलता के साथ जांच आगे बढ़ाई जाएगी. राज्य सरकार इस प्रकार की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और 'लव जिहाद' जैसे मामलों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसआईटी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच निष्पक्ष और गहन होनी चाहिए, यदि इस मामले से जुड़े और लोग सामने आते हैं तो उन्हें भी गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी डीसीपी (जोन 2) संजय अग्रवाल ने पूरे केस के बारे में बताया. उन्होंने कहा, पीड़िताओं की रिपोर्ट में संबंधित थानों में मामला दर्ज किया गया है. एसआईटी गठित की गई है. मुख्य आरोपी को बागसेवानिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग थानों में गिरफ्तार कर लिया गया है. कुछ आरोपी फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. अग्रवाल के मुताबिक जो कंटेंट उनके पास मिले हैं उस आधार पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लगाया गया है. सभी आरोपियों के मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं. recent visitors 27

भारत सरकार का पाकिस्तान से व्यापारिक नाता खत्म, आयात-निर्यात की सभी वस्तुओं पर लगाया बैन

नई दिल्ली पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यातित सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे मुक्त रूप से आयात योग्य हो या अन्यथा अनुमत हो, तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाएगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। जारी किये गए आदेश में कहा गया है कि, यह आदेश तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता होगी। पाकिस्तान से आयात पर पूर्ण प्रतिबंध, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू भारत सरकार ने एक सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान से आने वाले सभी उत्पादों के आयात और पारगमन (Transit) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह रोक न केवल प्रत्यक्ष आयात पर लागू होगी, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से किसी अन्य देश के माध्यम से आने वाले पाकिस्तानी सामान पर भी प्रभावी होगी। पहले डायरेक्‍ट ट्रेड बंद किया गया था, लेकिन अब इनडायरेक्‍ट ट्रेड भी बंद कर दिया गया है. यह पाकिस्‍तान पर गहरा चोट है. भारत का वाणिज्य मंत्रालय उन उत्पादों की सूची तैयार कर रहा है, जिन्हें भारत से आयात-निर्यात नहीं किया जाएगा. वाणिज्य मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्‍ट या इनडायरेक्‍ट आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 में इस संबंध में एक प्रावधान जोड़ा गया है. जिसमें कहा गया है कि अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से आने वाले या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के डायरेक्‍ट या इनडायरेक्‍ट आयात पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है. यह 2 मई की अधिसूचना में जानकारी दी गई है. अगले आदेश तक एक्‍सपोर्ट-इम्‍पोर्ट बंद FTP के प्रावधान में कहा गया है कि पाकिस्तान से आने वाले या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात किए जा सकें या अनुमति प्राप्त हों, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेंगे. भारत सरकार का ये आदेश तब आया है, जब आतंक को बढ़ाव देने वाला देश पाकिस्‍तान ने पर्दे के पीछे रहते हुए पहलगाम में आतंकी हमला करवा था और इससे 26 लोगों की जान चली गई. भारत सरकार की चाहिए होगी मंजूरी विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने अधिसूचना में कहा कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है. इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की मंजूरी की आवश्‍यकता होगी. इसका मतलब है कि अगर कोई भी चीज पाकिस्‍तान व्‍यापार के उद्देश्‍य से भेजी आती है या फिर वहां से आती है तो भारत सरकार की मंजूरी की आवश्‍यकता होगी. सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है और इसमें वे वस्तुएं भी शामिल हैं जिनके आयात की पहले अनुमति थी।इस निर्णय से भारत-पाक व्यापारिक संबंधों पर बड़ा असर पड़ सकता है और पहले से ही सीमित व्यापारिक संपर्क अब पूरी तरह ठप हो जाएंगे। और कंगाल हो जाएगा पाकिस्तान… पाकिस्तान के साथ आयात-निर्यात पर बैन लगने से पाकिस्तान और कंगाल होन जाएगा। पहले से ही दोनों देशों के बीच सीमित व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह ठप हो सकते हैं। पाकिस्तान से भारत को होने वाले आयात में मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, मसाले, और कुछ खाद्य पदार्थ शामिल थे, जो अब पूरी तरह बंद हो जाएंगे। जानकारों का मानना है कि इस कदम से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा, खासकर खाद्य पदार्थों की कमी और बढ़ती महंगाई के रूप में। भारत ने पहले ही 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को सीमित कर दिया था, और अब यह प्रतिबंध उस दिशा में एक और कड़ा कदम है।   पहलगाम हमले ने बढ़ाया तनाव पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें दो विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, हालांकि बाद में उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और इसके जवाब में कई कड़े कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल समझौता निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा बंद करना, और पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना शामिल है। recent visitors 31

भोपाल दुष्कर्म कांड के मुख्य आरोपी फरहान का का शॉर्ट एनकाउंटर, भागने की थी कोशिश, पुलिस ने पैर में मारी गोली

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों से रेप, ब्लैकमेलिंग और 'लव जिहाद' के गंभीर मामले में मुख्य आरोपी फरहान का शॉर्ट एनकाउंटर हो गया है. दरअसल, आरोपी फरहान ने पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश की, इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई. गोली लगने के बाद फरहान को हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि लव जिहाद मामले में कुल 5 FIR हुई हैं, जिसमें लगभग सभी FIR में फरहान ही आरोपी है. भोपाल ज़ोन-1 की डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फरहान को सबूत जुटाने के लिए अशोका गार्डन पुलिस स्टेशन की एक टीम बिलकिसगंज गांव लेकर जा रही थी. रास्ते में फरहान ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई और मौके का फायदा उठाकर सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनने की कोशिश की. इसी दौरान छीना-झपटी में पुलिस की पिस्तौल से गोली चल गई, जो फरहान के पैर में लगी. घायल फरहान को तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है. अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे की ये घटना है. उन्होंने कहा कि जब फरहान रातीबड़ इलाके में टॉयलेट के लिए पुलिस की गाड़ी से उतरा तो एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल भी उसके साथ नीचे उतरे. इसी दौरान फरहान ने एसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया. झूमाझटकी में गोली फरहान के दाएं पैर में लग गई. इस घटना को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने X पर लिखा कि 'एक जिहादी का शॉर्ट एनकाउंटर…' शातिर आरोपी ऐसे फंसाते थे हिंदू लड़कियों को पुलिस पूछताछ में आरोपी फरहान ने कहा था कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उसने 'सवाब' का काम किया है. रिमांड अवधि के दौरान फरहान से पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने कॉलेज में हमउम्र मुस्लिम लड़कों का एक गिरोह बनाया था, जो केवल हिंदू लड़कियों से ही दोस्ती और प्रेम संबंध बनाते थे. गिरोह में यह सख्त नियम था कि कोई भी मुस्लिम लड़की के साथ प्रेम संबंध नहीं बनाएगा. एक बार हिंदू लड़की से प्रेम संबंध स्थापित हो जाने के बाद, उसे हुक्का लाउंज, पब या गिरोह के सदस्यों के किराए के कमरों में ले जाया जाता था. वहां नशे की हालत में उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था और इसका वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए अन्य युवतियों से दोस्ती करने का दबाव बनाया जाता था. छठे आरोपित तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस टीआईटी कालेज से जुड़े गिरोह के साहिल सहित उसके पांच साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक आरोपित अबरार फरार है। पुलिस का कहना है कि अबरार की भी लोकेशन मिल चुकी है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। इस मामले में तीन थानों में पांच एफआईआर दर्ज हैं। टूटेगा आरोपितों का अड्डा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में आरोपित युवक टीआईटी कालेज की छात्राओं को कालेज के पास स्थित एक क्लब-रेस्टोरेंट पर लेकर जाते थे। क्लब में कई कमरे मिले हैं। बताया जा रहा है इन्हीं कमरों में पीड़िताओं से दुष्कर्म कर वीडियो बनाए गए हैं। यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपित फरहान को मौके पर ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन करवाया था। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा कि क्लब की जांच की जा रही है। यदि क्लब संचालक का कोई दोष पाया गया तो उस पर भी कार्रवाई होगी और पुलिस की संस्तुति पर प्रशासन द्वारा क्लब को तोड़ा जाएगा। डांस स्टूडियो की आड़ में देह व्यापार चला रहा था साहिल     हिंदू युवतियों से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में सक्रिय गिरोह बड़े शातिर ढंग से वारदात को अंजाम दे रहा था। छात्राओं को इस दलदल में फंसाने के लिए हर आरोपित की भूमिका तय थी।     अब सामने आया है कि अशोका गार्डन क्षेत्र में डांस स्टूडियो चलाने वाला साहिल खान दरअसल इसकी आड़ में देह व्यापार करा रहा था।     पुलिस को दिए बयान में साहिल और फरहान के झांसे में आई कई पीड़िताओं ने यह जानकारी दी है।     पुलिस सूत्रों के मुताबिक साहिल पिछले करीब दो साल से डांस क्लास संचालित कर रहा था।     वहां आने वाली युवतियों को वह रुपयों का लालच देकर या फिर ब्लैकमेल कर देह व्यापार के धकेलता था।     वह शहर के आसपास फार्म हाउस में होने वाली पार्टियों में भी इन युवतियों को भेजता था।     आरोपित डांस स्टूडियो में आने वाली हिंदू युवतियों की दोस्ती भी अपने दूसरे दोस्तों से करवाता था।     उनकी पूरी कोशिश होती थी कि वहां पहुंची हिंदू लड़की किसी न किसी के झांसे में आ जाए।     एक बार ऐसा हुआ तो आरोपित वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे।     पीड़िताओं के इस सनसनीखेज दावे के बाद पुलिस एक बार फिर आरोपित साहिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि देह व्यापार के पूरे प्रकरण का भांडाफोड़ किया जा सके।       recent visitors 44

सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिले की सूची से बालाघाट हुआ बाहर, अब देश मे केवल 6 ज़िलें सर्वाधिक नक्सल प्रभावित

बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ताजा समीक्षा में बालाघाट जिले को बड़ी राहत मिली है। एक समय देश के 12 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल रहा बालाघाट अब इस सूची से बाहर हो चुका है। हालांकि, जिले को अभी ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि यहां अभी भी सतर्कता की जरूरत है, लेकिन हालात पहले से काफी सुधरे हैं। इस बदलाव की पुष्टि बालाघाट के पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह ने की है। एसपी ने दी जानकारी एसपी के मुताबिक, बीते वर्षों में सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई और निरंतर प्रयासों के चलते जिले में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। नक्सलियों के कई मंसूबों को सुरक्षा बलों ने विफल किया है और अब जिले में नक्सलियों का दबदबा पहले जैसा नहीं रहा। गृह मंत्रालय की हालिया समीक्षा रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ है कि अब देश में 58 की बजाय केवल 38 जिले ही नक्सल प्रभावित हैं। इनमें भी अब केवल 6 जिले ही सर्वाधिक नक्सल प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी की श्रेणी में ये जिले मध्य प्रदेश के अन्य दो जिले मंडला और डिंडोरी, जहां पहले नक्सल प्रभाव दर्ज किया गया था, उन्हें अब ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी’ की श्रेणी में रखा गया है। यह श्रेणी उन क्षेत्रों के लिए बनाई गई है जहां पहले नक्सलियों की सक्रियता रही है लेकिन वर्तमान में हालात काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं। इन दोनों जिलों को अब निरंतर निगरानी के साथ विकास की मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। पांच साल में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का यह सकारात्मक परिणाम है। बालाघाट पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कैंप स्थापित किए। नक्सल उन्मूलन अभियान चलाए। साथ ही क्षेत्र में सरकारी योजनाओं से विकास कार्य भी हुए। पहले देश में 58 नक्सल प्रभावित जिले थे, जिनमें 12 सर्वाधिक प्रभावित जिलों में बालाघाट भी शामिल था। अब यह संख्या घटकर 38 रह गई है। इनमें केवल 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित श्रेणी में हैं। 2020 से फरवरी 2025 के बीच बालाघाट पुलिस ने कई एनकाउंटर में करोड़ों रुपए के इनामी नक्सलियों को मार गिराया। इससे जिले के जंगलों को सुरक्षित आश्रय मानने वाले नक्सलियों में पुलिस का खौफ है। कोर जोन में अब केवल एक दलम सक्रिय है। एसपी नगेन्द्र सिंह के अनुसार, श्रेणी में बदलाव के बावजूद नक्सल उन्मूलन के लिए मिली सुरक्षा कंपनियों के बलों में कोई कमी नहीं होगी। पुलिस का लक्ष्य मार्च 2026 तक जिले से नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि इस क्षेत्र के लोग मुख्य धारा से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जिले में नक्सलियों की संख्या में भारी कमी आई है। पहले तीन दलम थे, अब एक दलम रह गया है, जिसमें 8 से 10 नक्सली हैं, जिसे लेकर हम निरंतर प्रभाव बनाए हुए हैं। मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील है कि वह प्रदेश की आत्मसमर्पण नीति के तहत, आत्मसमर्पण करें और मुख्य धारा से जुड़ें और यदि वे नहीं आएंगे तो कार्रवाई जारी रहेगी। नक्सल प्रभाव वाले जिलों में गिरावट गृह मंत्रालय की रिपोर्ट यह भी बताती है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मिलकर अपनाई गई रणनीति, जिसमें सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों और स्थानीय संवाद शामिल हैं, वास्तव में प्रभावशाली रही है। देशभर में नक्सल प्रभाव वाले जिलों की संख्या 58 से घटकर 38 हो गई है, जो नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि भले ही बालाघाट अब सर्वाधिक प्रभावित जिलों की सूची से बाहर हो गया है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेंगी। उनका कहना है कि नक्सलवाद को जिले से पूरी तरह समाप्त करने का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में बालाघाट को किसी भी नक्सली श्रेणी से बाहर करने का लक्ष्य है। recent visitors 38

नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की संतुष्टी ही हमारा ध्येय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपनी दक्षता और क्षमता संवर्धन पर दें विशेष ध्यान योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में की सीधी सुनवाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता की संतुष्टि ही हमारा ध्येय है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सुशासन है, इसलिए प्रदेश के हर नागरिक को सुशासन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और उनके सुझावों पर भी अमल करें। हरसंभव तरीके से अपनी दक्षता और क्षमता बढ़ायें। जिले में चल रही सभी प्रकार की घटनाओं पर पैनी नजर रखें। योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हों, इसके लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में आए प्रदेश के 14 जिलों के विभिन्न प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से रू-ब-रू बात कर उनके मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम के मजबूती के लिये प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिये यहां-वहां भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाये। समाधान ऑनलाइन में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में ही निराकरण किया जाये। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाईन में आ रहा है तो यह गंभीर है। सुशासन के तहत स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को उनकी समस्या का निदान मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी योजनाओं में जिलों के प्रदर्शन की ग्रेडिंग कराई गई है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के बारे में फीडबैक भी लिया जा रहा है। ग्रेडिंग में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने वाले जिले अपना प्रदर्शन सुधार लें और नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को कस्टमर फ्रेंडली बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। किसान पराली न जलायें, इसके लिये उन्हें समझाइश दें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में किसानों को जागरूक करें। कलेक्टर्स किसानों को यह समझायें कि वे किसी भी स्थिति में अपने खेत में पराली या अन्य फसल अवशेष न जलायें। किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण फैलने के साथ-साथ खेत की मिट्टी के जलने से उसकी उर्वरता कम होने से जुड़े भावी नुकसान के बारे में भी बतायें। उन्होंने कहा कि पराली को जलाना ही कोई हल नहीं है। किसान दूसरे तरीकों से भी पराली का निदान या निपटान कर सकते हैं। समाधान ऑनलाईन में आये ये 14 मामले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में पांढुर्णा, मुरैना, उमरिया, नीमच, भिंड, बैतूल, निवाड़ी, रायसेन, नर्मदापुरम एवं धार जिले के एक-एक मामले तथा शहडोल और सतना जिले के 2-2 मामलों (कुल 14 प्रकरणों) की सीधी सुनवाई की। पांढुर्णा जिले की आवेदिका श्रीमती कलावती हिंगवे ने शिकायत की थी कि उन्हें कपिलधारा कूप निर्माण, मेढ़ बंधान, खेत-तालाब, भूमि शिल्प, नंदन फल उद्यान के संबंध में मनरेगा की ओर से भुगतान नहीं किया गया था। कलेक्टर पांढुर्णा ने बताया‍कि इस मामले में दोषी ग्राम रोजगार सहायक को पद से पृथक कर दिया गया है। पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दोषी सब इंजीनियर का 15 दिन का वेतन रोका गया और दोषी पाये गये सहायक यंत्री के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव कमिश्नर जबलपुर को भेज दिया गया है। वर्तमान में आवेदिका को उसका भुगतान करा दिया गया है। मुरैना जिले के आवेदक ब्रह्मलाल सिंह ने उसके फौती नामांतरण में देरी होने की शिकायत की थी। कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस दिया गया है और पटवारी पर भी कार्रवाई की गई है। उमरिया जिले के आवेदक दीपक कोरी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना में उसे पेंशन न मिलने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि शिकायत करने के बाद अब उसे पेंशन मिल रही है। कलेक्टर उमरिया ने बताया कि हितग्राही को पेंशन मिलने में देरी के लिये दोषी पाये गये समग्र सामाजिक न्याय अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोकी गई है। ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और इस संबंध में देरी के लिये विशेष रूप से दोषी पाये गये ग्राम रोजगार सहायक से अर्थदंड की राशि तीन हजार रूपए वसूल करके आवेदक को दे दी गई है। नीमच जिले के आवेदक लालाराम भील ने उसे दिये गये वनाधिकार हक प्रमाण पत्र में वन विभाग की गलती के कारण उसे लाभ न मिलने की शिकायत की थी। अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल ने बताया कि जारी किये गये वनाधिकार प्रमाण पत्र में शाब्दिक/तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदक के साथ यह परिस्थिति बनी। निराकरण कर अब आवेदक को उसके हक की 9 लाख 28 हजार 200 रूपए की शासकीय राशि भुगतान कर दी गई है। भिंड जिले के आवेदक (छात्र) दिनेश चरकोटा ने उसे जनजातीय कार्य विभाग की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की थी। कलेक्टर भिंड ने बताया कि आवेदक को छात्रवृत्ति मिलने में विलंब के‍लिये दोषी क्षेत्र संयोजक पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा जिला संयोजक (जो पहले से ही निलंबित चल रहे हैं) के निलंबन आरोप में इस मामले के आरोप भी जोड़ दिये गये हैं। बैतूल जिले के आवेदक (किसान) अनोखीलाल यादव ने सहकारिता विभाग द्वारा जारी उसके केसीसी किसान क्रेडिट कार्ड का नवीनीकरण नहीं होने के कारण उसे कठिनाई होने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि उसने वर्ष- 2022 में शिकायत की थी। कलेक्टर बैतूल ने मामले में अद्यतन जानकारी देते हुये बताया‍कि आवेदक द्वारा जमा की गई राशि का संबंधित शाखा प्रबंधक द्वारा गबन कर लिया गया था। इसलिए प्रबंधक पर एफआईआर की गई, फिर उससे वसूली भी की गई है। निवाड़ी … Read more

मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई

जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़ें अधिकाधिक नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा परिक्रमा पथ के स्थानों पर परिक्रमावासियों के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को जरूरी निर्देश भी दिए। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 से संबंधित गतिविधियों और एयर एंबुलेंस सेवा के संबंध में भी चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा पथ में आश्रय स्थलों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिक्रमा पथ के 321 स्थानों की पोर्टल पर भी मैपिंग की गई है। परिक्रमावासियों के विश्राम, भोजन के साथ ही संतों के लिए ध्यान कक्ष और कुटिया की व्यवस्था भी इन स्थानों पर की जा रही है। जनभागीदारी बढ़ाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रदेश में पानी बचाने, सहेजने, जल स्त्रोतों के संरक्षण और नए स्त्रोतों के निर्माण कार्यों में नागरिक भी भागीदारी कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत अब तक 21 लाख नागरिकों की सहभागिता सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संवर्धन कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में खेत-तालाब के माध्यम से एक लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा का सृजन करने में सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि खेत-तालाब निर्माण के लिए प्रति किसान 100 रूपए के व्यय पर राज्य शासन पर मात्र 5 रूपए का वित्तीय भार आता है। प्रदेश में वर्तमान में पूर्ण हुए 23 हजार 494 कार्यों पर लागत 634 करोड़ रूपए है। प्रति किसान औसत लागत 2.7 लाख रूपए आई है। प्रदेश में रिमोट सेंसिंग से 7 लाख कूपों की मैपिंग की गई है। अभिनव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी जिलों को बधाई जल गंगा संवर्धन अभियान में कूप रीचार्ज कार्य में बैतूल जिला प्रदेश में प्रथम है। खंडवा द्वितीय और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। खंडवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी के संरक्षण के कार्य को व्यापक प्रशंसा मिली है। यह नदी छह महीने सूखी रहती थी। अब 12 ग्रामों की साढ़े सात सौ हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होने लगी है। अमृत सरोवर निर्माण में धार प्रथम है। सीधी द्वितीय स्थान और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण में टीकमगढ़ जिले में वजीतपुरा बावड़ी का संरक्षण किया गया है। इंदौर में अहिल्या कुंड ने संरक्षण के बाद नया स्वरूप ले लिया है। इंदौर में एक पॉली टैंक कानिर्माण भी हुआ है, जहां मत्स्य पालन हो रहा है। नर्मदापुरम में नर्मदा पथ में जल मंदिर का निर्माण किया गया है। 7339 पुराने जल संरक्षण कार्य हुए पूर्ण बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 अप्रैल की एक माह की अवधि में 7 हजार 339 पुराने जल संरक्षण कार्य पूर्ण किए गए हैं। कुल 24 हजार 685 डगवेल रिचार्ज किए गए हैं। कुल 822 अमृत सरोवर बनकर तैयार हुए हैं। विदिशा जिले में 100 साल प्राचीन चेतन बावड़ी का जीर्णोद्धार हुआ है। अनूपपुर में मृदा क्षरण रोकने के लिए कल्प वृक्ष के संरक्षण में सफलता मिली। राजगढ़ जिले में टोंटी लगाओ पानी बचाओ अभियान से पानी की बचत सुनिश्चित की जा रही है। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन और पन्ना जिलों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स को श्रेष्ठ कार्य के लिए बधाई दी। तीन-चार महीने पर्वों पर होंगे ये कार्य बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अक्षय तृतीया से रक्षाबंधन तक पानी, मिट्टी और पेड़-पौधों से जुड़े अनेक पर्व मनाए जाएंगे। इनमें 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर कुओं और जलाशयों की पूजा-अर्चना की गई। गंगा दशहरा पर 5 जून को जल की पूजा, नदियों की शुद्धता और जली संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। वट सावित्री व्रत पर 6 जून को बरगद की पूजा और धागा बांधकर वृक्ष रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। निर्जला एकादशी पर 8 जून को जल का दान, पर्यावरण संरक्षण संदेश, हरियाली अमावस्या पर 25 जुलाई को पेड़-पौधे लगाने और उपासना करने का कार्य होगा। हरियाली तीज पर नवीन वस्त्र धारण, पेड़-पौधों की पूजा, रक्षाबंधन पर वृक्षों को राखी बांधने, कजरी तीज पर 12 अगस्त को नीम के वृक्ष की पूजा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिये जल गंगा संवर्धन अभियान के संदर्भ में अन्य निर्देश          जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य से जनप्रतिनिधि और आम नागरिक जुड़ें।          अधिकारी दल जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण भी करें।          खेत-तालाब और कूप रिचार्ज कार्यों में भी गति लाई जाए।          प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण के कार्य भी चलें          सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था सभी जिलों में की जाए। जहां प्रारंभ हो गए हैं, उनका सुचारू संचालन हो, नए प्याऊ भी प्रारंभ करें।          नदियों के जल उद्गम स्थलों की सूची तैयार कर उनके निकट पौध-रोपण के कार्य हों।          नर्मदा परिक्रमा के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा और ओंकारेश्वर में नर्मदा परिक्रमा पथ से संबंधित आवश्यक कार्य हो।          जल संरचनाओं के संरक्षण में प्रदेश में 20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सामने आई है। इसे बढ़ाया जाए।          सभी 55 जिलों में नर्सरियों के विकास के भी प्रयास हों। उद्योग संवर्धन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          उद्योग और रोजगार वर्ष : 2025 के संदर्भ में जिला स्तरीय उद्योग और निवेश संवर्धन समितियां गतिशील रहें।          कलेक्टर उद्योग संवर्धन प्रयासों और गतिविधियों की नियमित रूप से बैठकों में समीक्षा करें।          नए निवेश प्रस्तावों का परीक्षण कर उनकी प्रगति में सहयोग करें।          स्थानीय बाजारों, पारम्परिक मेलों को परस्पर जोड़ें। राज्य शासन मेलों को प्रोत्साहित करेगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। एयर एम्बुलेंस सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          जिन स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं होती है, वहां गंभीर रूप से घायल नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस का उपयोग सुनिश्चित करें।          डायल 100 और पुलिस … Read more

मुख्यमंत्री ने उपयंत्री मनोज पटेल को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए बधाई दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुविधा के लिए प्रारंभ किए गए प्लेटफार्म निरंतर उपयोगी रहें इसके लिए इनके संचालन और प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों का सजग सक्रिय रहना आवश्यक है। सीएम हेल्पलाइन एक ऐसा माध्यम है, जिससे नागरिकों की लंबित समस्याओं का समाधान संभव होता है। इसे प्रभावी बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। दो यंत्रियों को‍मिली मुख्यमंत्री की बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जबलपुर के नगरीय विकास और आवास विभाग के उपयंत्री मनोज पटेल को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए बधाई दी। इसी तरह सीहोर जिले में पदस्थ ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री रवि चौहान को सीएम हेल्पलाइन के 98.57 प्रतिशत प्रकरणों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की बधाई मिली। विभागों में ऊर्जा और जिलों में रायसेन, सीहोर, कटनी, सागर, सिंगरौली की हुई प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए उनके निराकरण के लिए किए गए कार्य में प्रथम आए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। प्रदेश के‍जिन जिलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, उनमें रायसेन, सीहोर, कटनी, सागर और सिंगरौली के नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स और उनकी टीम को श्रेष्ठ कार्य की प्रशंसा करते हुए बधाई दी। जबलपुर में लैंड रिकार्ड के नवाचार की प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे गुरूवार को जबलपुर में राजस्व अभिलेखागार के शुभारंभ में गए थे, जहां बरसों पुराने लैंड रिकार्ड को प्लास्टिक बैग में सुरक्षित करने, उनकी हार्डकॉपी और सॉफ्ट कॉपी की व्यवस्था करने का कार्य किया गया है। समस्त रिकार्ड का लोकेशन निर्धारित कर यह जानने की ऑनलाईन व्यवस्था की गई है कि दस्तावेज किस जगह संधारित किया गया है। यह नवाचार प्रशंसनीय है और अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का कारण भी बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना को इस नवाचार की जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को प्रदान की।   recent visitors 23