मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बढ़ती गर्मी के मद्देनजर वे प्रदेश के सभी अंचलों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी रखें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों से कहा है कि बढ़ती गर्मी के मद्देनजर वे प्रदेश के सभी अंचलों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि मंत्रीगण अपने प्रभार के जिलों और अपने गृह जिले में भी पेयजल की आवश्यकतानुसार समुचित आपूर्ति के लिए स्वस्फूर्त प्रयास करें। पीने के पानी की आपूर्ति बाधित न हो। किसी को भी पेयजल के लिए कठिनाई न होने पाए। उन्होंने कहा कि पेजयल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करें और उन्हें अपना मार्गदर्शन एवं आवश्यक दिशा-निर्देश भी दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, सरकार ने दी सैद्धांतिक सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। निवेशकों द्वारा सहमति देने पर ग्वालियर में जल्द ही टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए हम केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय को हर जरूरी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस टीएमजेड में बड़े निवेशकों द्वारा निवेश करने की रूचि व्यक्त की गई है। इस प्रयोजन के लिए पहले चरण में ग्वालियर आईटी पार्क की 70 एकड़ तथा दूसरे चरण में साडा ग्वालियर की 300 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में लगभग 12 हजार करोड़ रूपए के निवेश की संभावना है। इससे 5 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। 50.18 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ गेंहू उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अवगत कराया कि प्रदेश में गेंहू उपार्जन कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि जब से सरकार ने गेहूं की उपार्जन दर 2600 रुपए प्रति क्विंटल (समर्थन मूल्य 2,425 रूपए तथा बोनस राशि 175 रूपए प्रति क्विंटल) घोषित की है, तब से अब तक 50 लाख 18 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हो चुका है। अब तक करीब 5.50 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से गेहूं उपार्जन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष 60 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। गेहूं उपार्जन की गति को देखते हुए प्रतीत हो रहा है कि हम यह लक्ष्य जल्द ही (उपार्जन की अंतिम तिथि 5 मई से पहले ही) प्राप्त कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 10 हजार 562 करोड़ रुपए से अधिक उपार्जन राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित कर दी है। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन के मामले में हम जल्द ही पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से भी आगे होंगे। गांधी सागर अभयारण्य में दो चीतों के रिलोकेशन पर सरकार को मिल रही वैश्विक सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधी सागर अभयारण्य में दो चीतों के पुनर्वास के विषय में मंत्रि-परिषद के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में पहली बार चीतों का सफल पुनर्वास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभाष और पावक दोनों नर चीतों को गांधी सागर अभयारण्य की जलवायु और सहज वातावरण भा गया है। वे दोनों बड़े ही आनंद से अभयारण्य में विचरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर हम मध्यप्रदेश में सभी वन्य प्राणियों के विकास और संवर्धन सहित जरूरी होने पर उनके पुनर्वास के लिए भी हर संभव प्रयास जारी रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि चीतों के पुनर्वास के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं उसके लिए सरकार को राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर से सराहना मिल रही है। मंत्रि-परिषद की अगली बैठक में होगी स्थानांतरण नीति पर चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि अगली कैबिनेट में प्रदेश की ट्रांसफर पॉलिसी पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि स्थानांतरण के लिए नवीन नीति – 2025 पर अगली बैठक में चर्चा एवं स्वीकृति के लिए तैयारी कर लें। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण नीति के अनुरूप 1 से 31 मई तक स्थानांतरण विभाग कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से भी कहा कि वे अपने-अपने विभाग में ट्रांसफर्स के लिए प्रॉपर प्लानिंग कर लें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलों में जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियां भी सतत् रूप से चलती रहे। प्रभारी मंत्री अपने जिलों में इस अभियान की समीक्षा और सहभागिता भी करें। टेक-आईटी कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 27 अप्रैल को इंदौर में एमपी टेक कॉन्क्लेव होने जा रही है। इस कॉन्क्लेव के लिए अब तक 500 से अधिक टेक कंपनियों ने इंदौर आने में रुचि दर्शाई है। उन्होंने आशा जताई कि आईटी कॉन्क्लेव में राज्य सरकार को अपेक्षा के अनुरूप निवेश प्रस्ताव प्राप्त होंगे। पोप फ्रांसिस के निधन पर प्रदेश में रहेगा 2 दिन का राजकीय शोक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैथोलिक ईसाई समुदाय के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पोप फ्रांसिस के देहावसान पर प्रदेश में दो दिन (22 एवं 23 अप्रैल) का राजकीय शोक रहेगा।   recent visitors 51

मैं पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं, जिन्होंने प्रियजनों को खोया, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। मंगलवार को उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा जा रही है।' उन्होंने कहा कि इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अटल है और यह और भी मजबूत होगा। दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में आतंकवादी हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हुए हैं। हमले वाली जगह का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें कई लोग खून से लथपथ और जमीन पर बेसुध पड़े हुए दिखाई देते हैं। इसमें महिला पर्यटक रोती और अपने प्रियजनों की तलाश करती दिखती हैं। हालांकि, वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सालों तक आतंकवाद से जूझने के बाद कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। साथ ही, 38 दिवसीय अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होनी है। आतंकवादी बैसरन घाटी से उतरे और शुरू की गोलीबारी रिपोर्ट के मुताबिक, हमला दोपहर करीब 3 बजे हुआ। आतंकवादी बैसरन घाटी में पहाड़ से नीचे उतरे और वहां पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस स्थान को लंबे हरे-भरे घास के मैदानों के कारण 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है। बैसरन पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। पहलगाम से खच्चरों के माध्यम से इस क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है और रास्ते में पहलगाम शहर व लिद्दर घाटी का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। देश भर से लाखों तीर्थयात्री दो मार्गों से पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा करते हैं। एक मार्ग दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा मार्ग गंदेरबल जिले में 14 किलोमीटर का छोटा बालटाल मार्ग है जहां खड़ी चढ़ाई है। गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर के लिए रवाना इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह तुरंत श्रीनगर के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को घटना के बारे में जानकारी दी है। आतंकवादी हमले के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है। पीएम मोदी फिलहाल सऊदी अरब में हैं। शाह ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। इस जघन्य आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और हम अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे।’ हालात सामान्य होने के दावे पर राहुल गांधी का सवाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है और सरकार को इस केंद्रशासित प्रदेश में हालात सामान्य होने के खोखले दावे करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि इस कायराना आतंकी हमले में पर्यटकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की खबर बेहद निंदनीय और दिल दहलाने वाली है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं।’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘आतंक के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के खोखले दावों के बजाय अब जवाबदेही ले। साथ ही, सरकार ठोस कदम उठाए -ताकि आगे ऐसी बर्बर घटनाएं न होने पाएं और निर्दोष भारतीय यूं अपनी जान न गंवाएं।’ recent visitors 42

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक से पहले मुख्य सचिव को निर्देश दिए, तबादला नीति 2025 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाए

भोपाल प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले से प्रतिबंध एक मई से हट जाएगा। तबादले एक से 30 मई में के बीच किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक से पहले मुख्य सचिव अनुराग जैन को निर्देश दिए कि अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति 2025 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाए। प्रदेश में वर्ष 2021 में तबादला नीति घोषित की गई थी, उसके बाद से सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध है। केवल मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से ही तबादले किए जा रहे हैं। मंत्रियों की मांग और प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए सरकार ने 29 जनवरी 2025 को तबादला नीति में संशोधन कर यह प्रविधान किया था कि विशेष परिस्थिति में प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले विभागीय मंत्री के अनुमोदन से किए जा सकते हैं। इसमें गंभीर बीमारी, न्यायालय के दिशा-निर्देश, गंभीर शिकायत, लोकायुक्त या आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किसी शासकीय सेवक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने या जांच प्रभावित किए जाने की संभावना, निलंबन, त्यागपत्र, प्रतिनियुक्ति से वापसी और कर्मचारी के निधन से रिक्त पद की पूर्ति को शामिल किया गया था। यह व्यवस्था भी अधिक कारगर नहीं हुई। जनप्रतिनिधि भी तबादले से प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए अब सरकार ने तय किया है कि तबादले पर से प्रतिबंध एक से 30 मई तक के लिए हटा दिया जाएगा। इस अवधि में प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर तबादले किए जा सकेंगे। जिले के भीतर तबादले करने का अधिकार प्रभारी मंत्री के पास रहेगा। मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से हुए तबादले उसी सूरत में निरस्त किए जा सकेंगे, जब मुख्यमंत्री समन्वय से ही अनुमति प्राप्त कर ली गई हो। आदिवासी क्षेत्रों में तबादला करने से पहले यह जरूर देखना होगा कि वहां पद रिक्त तो नहीं हो जाएगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो पहले उस स्थान की पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे तबादले विभागीय सूत्रों का कहना है कि किसी भी संवर्ग में 20 प्रतिशत से अधिक तबादले करने का अधिकार नहीं दिया जाएगा। यदि कोई संवर्ग 200 का है तो 20 प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे। 201 से लेकर 2000 तक के संवर्ग में 10 प्रतिशत और 2000 से अधिक के संवर्ग में पांच प्रतिशत तक ही तबादले करने का अधिकार दिया जाएगा।   recent visitors 39

छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन की दिशा में अभिनव पहल, मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए 23 अप्रैल से 11 मई तक आवेदन आमंत्रित

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नवाचार और प्रभावी नीतियों पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस फेलो योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है। योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के साथ मिलकर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करेगी। फेलो को शासन के विभिन्न विभागों में प्रायोगिक प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख पहल है जिसकी घोषणा नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पेशेवरों को शासन और नीति कार्यान्वयन में योगदान देना, प्रशासनिक दक्षता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए आकर्षित करना है। इसके माध्यम से शासन की कार्यप्रणाली में दक्षता एवं पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही युवाओं को शासन, एनजीओ, थिंक टैंक एवं निजी क्षेत्र के साथ समन्वय में कार्य कर गवर्नेंस सुधार की दिशा में योगदान देने का अवसर प्राप्त होगा। आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी, अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष,न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। बैंक खाता और आधार मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। प्रवेश के लिए कैट परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार इस पाठ्यक्रम की संपूर्ण फीस वहन करेगी, साथ ही प्रत्येक नामांकित छात्र को प्रतिमाह 50,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण आईआईएम रायपुर परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए फेलो छत्तीसगढ़ सरकार के शासन-प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चयनित अभ्यर्थी डेटा-आधारित नीतियों के डिजाइन और मूल्यांकन में सहयोग, प्रशासनिक कुशलता के लिए सरकारी विभागों में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित, संसाधनों का बेहतर उपयोग और ई-गवर्नेंस को सुदृढ़ करने के साथ ही जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का विश्लेषण कर नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाने में मदद करेंगे। इस फेलोशिप के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक कुशल और पारदर्शी होंगी, जिससे सरकारी योजनाओं का प्रभाव बढ़ेगा। यह कार्यक्रम युवा पेशेवरों को नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर देगा, जिससे सुशासन की संस्कृति मजबूत होगी और नागरिकों का सरकार पर भरोसा बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप न केवल युवाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करती है, बल्कि राज्य के सुशासन के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह पहल छत्तीसगढ़ को समृद्ध, समावेशी और प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के तहत लोक नीति और सुशासन में दो वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए चयनित फेलो छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज में लोक नीति और सुशासन में विशेषज्ञता के साथ प्रशासनिक नीतियों के डिजाइन, विश्लेषण और कार्यान्वयन में सहायता करेंगे। वे डेटा-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देकर योजनाओं की प्रभावशीलता को भी बेहतर बनाएंगे। फेलोशिप धारक विभिन्न सरकारी विभागों में कार्य करते हुए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। फेलो नागरिकों की जरूरतों को समझकर योजनाओं और सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने में योगदान देंगे। वे जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन कर सरकार को फीडबैक प्रदान करेंगे, जिससे नीतियां अधिक लक्षित और प्रभावी बनेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह फेलोशिप कार्यक्रम सुशासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चयनित अभ्यर्थी न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत करेंगे, बल्कि राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रगतिशील और समावेशी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर द्वारा लोक नीति और सुशासन में दो वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए 23 अप्रैल से 11 मई तक आवेदन आमंत्रित हैं। इसके लिए अभ्यर्थी के पास किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 55 प्रतिशत अंक या समतुल्य सीजीपीए) होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022, 2023, या 2024 का वैध कैट स्कोर कार्ड भी आवश्यक है। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ की आरक्षण नीति के अनुसार लाभ मिलेगा। विस्तृत जानकारी और आवेदन के लिए आईआईएम रायपुर की वेबसाइट https://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ का अवलोकन किया जा सकता है। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0771-2474612 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। recent visitors 40

आतंकी ने पूछा मुस्लिम हो? फिर गोली मार दी’, पहलगाम आतंकी हमले के चश्मदीदों ने बयां किया मंजर

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों के ग्रुप को निशाना बनाया, जिसमें 12 लोग घायल हो गए हैं. घायलों में चार की हालत क्रिटिकल है. एक पर्यटक की मौत हो गई है. इस हमले में न केवल इंसान बल्कि कुछ घोड़े भी घायल हुए हैं, जिनको गोलियां लगी हैं. आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. सीआरपीएफ (CRPF) की अतिरिक्त क्विक रिएक्शन टीम (QAT) घटनास्थल के लिए भेजा गया है. दरअसल, कश्मीर में कुछ ऐसे इलाके हैं जहां पर आतंकवाद नजर नहीं आता, पहलगाम उसमें से एक ऐसा हिस्सा है. यहां पर पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. मार्च में हुई बर्फबारी के बाद सैकड़ों की तदाद में पर्यटक यहां लगातार पहुंच रहे हैं. पहलगाम के एक पहाड़ के टॉप पर ट्रैकिंग के लिए पर्यटक जाते हैं. वहां पर ये आतंकी हमला हुआ. पर्यटकों पर वहां छुपे आतंकियों ने गोलीबारी की. भेलपूरी खा रहे थे और आतंकी ने पति को गोली मार दी पहलगाम में हुए आतंकी हमले में एक महिला के पति को गोली मार दी गई. सोशल मीडिया और स्थानीय खबरों के माध्यम से जो वीडियो सामने आई है उसमें एक महिला ने दुःख भरे शब्दों में बताया कि आतंकियों ने उनके पति को केवल इस वजह से गोली मार दी क्योंकि उन्होंने कहा था कि ये मुस्लिम नहीं है. मेरे पति को बचा लो – महिला की अपील पहलगाम से आई ताजा तस्वीर में एक महिला लोगों से अपने पति को बचाने की अपील कर रही हैं. इस भावुक अपील ने पूरे देश में सहानुभूति की लहर पैदा कर दी है. चश्मदीदों का कहना है कि आतंकियों ने पहले नाम पूछे और फिर उनपर गोलियां चलाई गईं. घटनास्थल पर क्या हैं ताजा हालात?     पहगलाम में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह से फोन पर बात की है. प्रधानमंत्री ने शाह से उचित कदम उठाने को कहा है. प्रधानमंत्री ने शाह को घटनास्थल का दौरा करने के लिए कहा है.     पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आपात बैठक बुलाई है. बैठक में आईबी के गृह सचिव और गृह मंत्रालय के दूसरे अधिकारी मौजूद हैं. जम्मू-कश्मीर के लोग और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी वर्चुअली इस मीटिंग में जुड़ रहे हैं.     जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम में हुए हमले को लेकर कहा कि वह स्तब्ध हैं. पर्यटकों पर किया गया हमला बेहद घृणित है. इस हमले के अपराधी दरिंदे हैं, अमानवीय हैं और तिरस्कार के पात्र हैं. श्रीनगर से लौट रहा हूं. घायल लोगों की निगरानी करने के लिए मेरे सहयोगि अस्पताल पहुंच चुके हैं.     घायलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. घायलों की संख्या अब 12 पहुंच गई है. जिसमें से चार की हालत गंभीर है. एक पर्यटक की मौत हो गई है.     बीजेपी नेता रविंदर रैना ने पहलगाम में हुआ आतंकी हमला को कायराना बताया है. रविंदर ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी भारतीय सुरक्षाबलों का सामना नहीं कर सकते, इसलिए निहत्थे और मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया.     इस आतंकी हमले में एक शख्स की मौत हो गई है. घायलों का इलाज किया जा रहा है.     जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की. महबूबा ने कहा कि हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है.     खुफिया सुरक्षा एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में TRF के आतंकी तंजीम का हाथ है. दो से तीन हमलावर पुलिस/आर्मी यूनिफॉर्म में थे.     हमले के बाद आई तस्वीर में पर्यटक घबराए हुए दिख रहे हैं. वह अपने होटल की ओर तेजी से भागते नजर आए.     पहलगाम से आए ताजा तस्वीर में एक महिला रोते हुए नजर आ रही हैं. महिला रो-रोकर बता रही हैं कि उनके बेटे को गोली लगी है. आसपास खड़े लोग उन्हें दिलासा दे रहे हैं.     आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. सुरक्षाबलों ने पर्यटकों से नहीं घबराने की अपील की है. वहीं, पहलगाम से आई ताजा तस्वीर में नजर आ रहा है कि कई स्थानीय लोग अपनी दुकान को बंद कर दिया. J&K के पूर्व DGP एसपी वैद ने हमले को लेकर क्या कहा? पहलगाम में हुए आतंकी हमला चिंताजनक खबर है. कुछ समय में अमरनाथ यात्रा भी आने वाली है और पहलगाम में ही बेस कैंप है. प्रदेश में टूरिज्म अभी पीक पर है. क्योंकि भारत के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है. ज्यादातर आतंकी टूरिस्ट पर हमला नहीं करते है. क्योंकि इसे स्थानीय लोगों के व्यापार पर असर पड़ेगा. ये पर्यटक जहां पहुंचे थे वो पहाड़ की ऊंचाई थी, सभी जगह पुलिसवाले नहीं पहुंच सकते. आतंकी को मौका मिला और उन्होंने पर्यटकों को टारगेट किया. कश्मीर घाटी और जम्मू के क्षेत्र में 90 फीसदी जो अभी आतंकी मौजूद हैं वह पाकिस्तान से इन्फिलिटरेट होकर अंदर आए हैं. लोकल आतंकी को सेंसिटिविटी रहती है, उनकी संख्या बेहद ही कम है.   recent visitors 51

मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में आर्थिक सहायता एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम की स्वीकृति टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना में कन्या तथा कन्या के अभिभावकगरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करने वाले होने पर उन बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। कन्या विवाह तथा निकाह सम्मेलन कैलेण्डर जारी कर संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रति कन्या राशि 55 हजार रूपये में से वधू को राशि रूपये 49 हजार का एकाउन्ट पेयी चेक और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह समारोह आयोजन के लिए संबंधित निकाय को प्रदाय किया जायेगा। सहायता राशि रुपये 49 हजार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से वधू के खाते में एवं शेष 6 हजार रूपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय के लिए प्रदाय की जायेगी। संभागवार जिलों मे आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की जायेगी। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूँटनी पूर्व अनुसार निकाय स्तर पर की जायेगीं। पात्र/अपात्र एवं समग्र पोर्टल पर वर-वधू की आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिये शासन की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सार्थक बनाने का प्रयास करते हुये आयोजन में जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के संपन्न और सक्षम व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए नवीन योजना "टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास" के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी। इस योजना में बफर क्षेत्रों में संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इस नवीन योजना में बफर क्षेत्रो में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग का निर्माण किया जाएगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। चारागाहों एवं जल स्त्रोतों का विकास किया जाएगा। वन्य प्राणियों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है।   recent visitors 32

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद PM मोदी ने गृह मंत्री को किया फोन, कुछ देर में J-K रवाना हुए अमित शाह

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आज आतंकी हमले को अंजाम दिया गया। इस हमले में एक पर्यटक की मौत हो गई है। वहीं, हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में गृह सचिव और IB के अधिकारी शामिल हैं। पीएम मोदी ने शाह से की बात पीएम मोदी ने अमित शाह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने इस घटना पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए। वहीं, पीएम ने अमित शाह को घटनास्थल पर जाने का आदेश भी दिया है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबल पहुंच चुके हैं और पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। घायल पर्यटकों को इलाज के लिए भेजा गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई को फोन पर एक महिला ने बताया, मेरे पति के सिर में गोली लगी है, जबकि सात अन्य भी इस हमले में घायल हुए हैं। महिला ने अपनी पहचान नहीं बताई है। लेकिन महिला ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की गुहार लगाई है। अमरनाथ यात्रा प्रभावित करना चाहते आतंकी   बताते चलें कि 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। ऐसे में पर्यटकों को निशाना बनाना आतंकियों की नई चाल की ओर इशारा करता है। हमले से ऐसे लग रहा है कि आतंकी अमरनाथ यात्रा को प्रभावित करना चाहते हैं। आतंकी हमले पर सीएम अब्दुल्ला ने क्या कहा? सीएम उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर चिंता जाहिर करते हुए कहा,"मैं विश्वास से परे सदमे में हूं। पर्यटकों पर यह हमला एक घृणित घटना है। इस हमले के अपराधी जानवर, अमानवीय और घृणा के पात्र हैं। निंदा के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने आगे कहा कि घायलों के लिए अस्पताल में व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी सहकर्मी सकीना इटू से बात की है और वह घायलों के लिए व्यवस्थाओं की देखरेख करने के लिए अस्पताल चली गई हैं। मैं तुरंत श्रीनगर वापस आ जाऊंगा।" कश्मीरियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं आतंकवादी : सज्जाद लोन इस आतंकी हमले पर J&K पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन ने कहा, "आतंकवादियों से बड़ा कश्मीरियों का कोई दुश्मन नहीं हो सकता। उनकी जंग कश्मीरियों के आतिथ्य के खिलाफ है। वे चाहते हैं कि पर्यटक कश्मीर छोड़ दें और कश्मीरियों के पास आजीविका का कोई स्रोत न हो। वे हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के दुश्मन हैं। वे आतंकवादी हैं। निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाना सबसे बड़ा पाप है। उन्हें न तो यहां माफ किया जाएगा, न ही भगवान की नजर में।" recent visitors 27