1 लाख रुपये के पार Gold, सोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, चेक करें 22k और 24k का रेट

मुंबई सोना 1,00,000 रुपये का स्तर पार कर गया है। मंगलवार को सोने की कीमतों ने एक मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार करते हुए 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की आलोचना के चलते बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश ऑप्शन की ओर मुड़ गया, जिसके कारण सोने की कीमत अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अब देखना होगा कि गोल्ड 1,38,000 रुपये के लेवल को कब तक पार करता है? GST जोड़ने के बाद 1,00,116 रुपये तक पहुंचा सोना भारत में सोने की कीमतों में 3 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद रेट 1,00,116 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। वहीं, वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1.76% चढ़कर ₹98,991 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 0.62% बढ़कर 95,840 रुपये प्रति किलोग्राम रही। GST समेत चांदी की कीमत 98,715 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। आपके शहर में क्या है रेट अगर आपके घर में शादी है या फिर आप सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो एक बार अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर लें। ये हैं सिटी वाइज सोने-चांदी के रेट- मुंबई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल मुंबई में सोने की कीमतें – ₹97,380/10 ग्राम। मुंबई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। मुंबई में चांदी की कीमत – ₹95,540/किग्रा। मुंबई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। चेन्नई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल चेन्नई में सोने की कीमत – ₹94,750/10 ग्राम। चेन्नई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। चेन्नई में चांदी की कीमत – ₹95,460/किग्रा। चेन्नई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। कोलकाता में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल कोलकाता में सोने की कीमत — ₹94,350/10 ग्राम। कोलकाता में MCX सोने की कीमत — ₹97,670/10 ग्राम। कोलकाता में चांदी की कीमत — ₹95,820/किग्रा। कोलकाता में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। हैदराबाद में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल हैदराबाद में सोने की कीमत — ₹97,540/10 ग्राम। हैदराबाद में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। हैदराबाद में चांदी की कीमत — ₹95,690/किग्रा। हैदराबाद में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। बेंगलुरू में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल बेंगलुरू में सोने की कीमत — ₹94,460/10 ग्राम। बेंगलुरू में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। बेंगलुरू में चांदी की कीमत — ₹95,620/किग्रा। बेंगलुरू में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। नई दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल नई दिल्ली में सोने की कीमतें — ₹94,260/10 ग्राम। नई दिल्ली में MCX सोने की कीमत — ₹97,220/10 ग्राम। नई दिल्ली में चांदी की कीमतें — ₹95,380/किग्रा। नई दिल्ली में MCX चांदी 999 की कीमतें — ₹97,275/किग्रा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार $3,400 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। स्पॉट गोल्ड 1.4% चढ़कर $3,472.49 प्रति औंस पर पहुंचा, जो इससे पहले सत्र में $3,473.03 के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है। वहीं, अमेरिका के गोल्ड फ्यूचर्स 1.7% की बढ़त के साथ $3,482.40 पर ट्रेंड कर रहे हैं। डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता ने बढ़ाया सोने का आकर्षण Mehta Equities Ltd के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री के मुताबिक डॉलर इंडेक्स तीन साल के निचले स्तर पर आ गया है और ट्रंप-पॉवेल के बीच ब्याज दरों को लेकर चल रही खींचतान से बाजार अस्थिर है। इससे सोने की मांग तेज हुई है। वहीं, अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर ने भी सेफ हेवन एसेट्स की मांग को बढ़ावा दिया है। ट्रंप की चेतावनी और निवेशकों की सतर्कता KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर ने कहा कि ट्रंप ने ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ सकती है। इस बयान ने निवेशकों को अमेरिकी एसेट्स से दूर कर दिया है और सोने को प्राथमिकता में ला दिया है। कुल मिलाकर वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और डॉलर की कमजोरी ने सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है। वायदा बाजार में सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोने और चांदी की कीमतों में एक्शन देखने को मिल रहा है. MCX पर सोने का जून वायदा बाजार करीब 1660 रुपए महंगा होकर 98940 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. इसने शुरुआत कारोबार में 99178 रुपए प्रति ग्राम का लेवल टच किया, जोकि वायदा बाजार में सोने का अब तक का सबसे हाइएस्ट लेवल है. MCX पर सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही. चांदी का मई वायदा करीब 600 रुपए की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहR है, जोकि 95850 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. इसका ऑल टाइम हाई लेवल 104072 रुपए प्रति किलोग्राम है. विदेशी बाजार में सोना-चांदी घरेलू ही नहीं विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी है. कॉमैक्स पर सोने का भाव 2.1% की मजबूती के साथ 3500 डॉलर प्रति ऑन्स के रिकॉर्ड लेवल पर कारोबार कर रहा. अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व को प्रेसिडेंट ट्रंप की धमकी के बाद सोने में जोश देखने को मिल रहा. साथ ही टैरिफ को लेकर अनिश्चितता से भी सपोर्ट मिल रहा. इसके अलावा डॉलर इंडेक्स 3 साल के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया. सोने की कीमतों में रैली कॉमैक्स पर सोने का भाव 2025 में अब तक 30 फीसदी से ज्यादा उछल गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ से पर्दा उठाया. इस दिन से अब तक सोने की कीमतों में करीब 10% की तेजी देखने को मिली है. 2025 के लिए सोने पर टारगेट 3500 डॉलर प्रति ऑन्स का टारगेट दिया था. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने अपने नोट में कहा कि इस साल सोने के लिए पूरा खुला आसमान है. लेकिन अगर अमेरिका … Read more

मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ, भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण

विज्ञान मंथन यात्रा विद्यार्थियों के लिये उपयोगी सिद्ध होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने निभाई शिक्षक की भूमिका और भावी वैज्ञानिकों से किया संवाद मैपकॉस्ट की 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 27 अप्रैल तक प्रदेश के 375 भावी वैज्ञानिकों का हुआ चयन, वंदे भारत ट्रेन से होगी यात्रा भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (मैपकॉस्ट) की 17वीं "विज्ञान मंथन यात्रा" का मुख्यमंत्री निवास परिसर से शुभारंभ किया। उन्होंने इस यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिक बच्चों को बधाई देते हुए उनके साथ संवाद भी किया। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री निवास परिसर से टेलीस्कोप द्वारा विभिन्न ग्रहों को देखा। उन्होंने विद्यार्थियों से अंतरिक्ष विज्ञान पर विस्तार पूर्वक संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं आप सभी के बीच मुख्यमंत्री या किसी शिक्षक नहीं मित्र के रूप में उपस्थित हूँ। आपके जीवन के लिए यह विज्ञान मंथन यात्रा उपयोगी सिद्ध होगी। पाठ्य पुस्तकों के अध्ययन के साथ विद्यार्थी जब विज्ञान से जुड़े नामी-गिरामी संस्थानों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वहां की कार्य पद्धति की जानकारी प्राप्त करते हैं तो यह ज्ञान सिर्फ नौकरी के लिए नहीं बल्कि जीवन के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर और प्रकृति का भी समन्वय है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी प्रक्रियाएं जानने और समझने का विषय है। प्राण भी 5 प्रकार के हैं, जो श्वसन प्रणाली, हृदय, वाणी, पाचन प्रणाली, उत्सर्जन और प्रजनन प्रणाली और मांसपेशी के साथ परिसंचरण प्रणाली के रूप में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैपकॉस्ट जैसी संस्थाएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध करवाने की दिशा में सार्थक भूमिका निभा रही हैं। अंतरिक्ष विज्ञान पर बच्चों से बातचीत मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों से प्रश्न किए कि पृथ्वी और चंद्रमा में से परिक्रमा कौन करता है? ग्रह और उपग्रह में क्या अंतर है? गुरुत्वाकर्षण शक्ति क्या है? ग्रहों की परस्पर दूरी का आकलन किस तरह होता है? विद्यार्थियों के सारगर्भित उत्तर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने यात्रा के लिए चयनित विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर की प्रशंसा की। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के कुलगुरू एवं पदाधिकारी, शिक्षकगण उपस्थित थे। विज्ञान मंथन यात्रा पर जाने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्ष तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यार्थी में से दिल्ली जाने वाले समूह में प्रौद्योगिकी परिषद के आमंत्रण पर नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली के संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। विद्यार्थी वन्दे भारत ट्रेन से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर विज्ञान भारती द्वारा इन सभी भावी वैज्ञानिकों का स्वागत किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् ने स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए गत 16 वर्ष से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढ़ाए जाने का कार्य किया जा रहा है।   recent visitors 22

कोलकाता की शर्मनाक हार, गुजरात ने उसे 158 रन पर रोका

कोलकाता  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में सोमवार को खेले गए मैच में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 39 रनों से करारी शिकस्त दी. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में हुआ. इस मैच में टॉस जीतकर केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए गिल की 90 और साई सुदर्शन की शानदार फिफ्टी के दम पर केकेआर के सामने 199 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी केकेआर 8 विकेट गंवाकर 158 रन ही बना सकी. ऐसी रही केकेआर की बल्लेबाजी 199 रनों के जवाब में उतरी केकेआर की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ही ओवर में सिराज ने गुरबाज को चलता किया, उनके बल्ले से केवल एक रन ही निकला. इसके बाद नरेन और रहाणे ने पारी को संभालने की कोशिश की . लेकिन राशिद खान ने छठे ओवर में नरेन का विकेट झटक लिया. नरेन ने 12 गेंदों में 17 रन बनाए. इसके बाद वेंकटेश अय्यर और अजिंक्य रहाणे के बीच एक छोटी साझेदारी हुई लेकिन 23.75 करोड़ के अय्यर एक बार फिर फ्लॉप रहे. वो 14 रन बनाकर 12वें ओवर में साई किशोर का शिकार हो गए. इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने फिफ्टी लगाई.लेकिन 13वें ओवर में ही उनका विकेट साई किशोर ने लिया. रहाणे ने 37 गेंद में 50 रन बनाए. इसके बाद रसेल का बल्ला एक बार फिर खामोश रहा. रसेल सिर्फ 21 रन बना सके और राशिद खान का शिकार हो गए. इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने एक ही ओवर में रमनदीप और मोईन अली को आउट कर केकेआर की उम्मीदें भी खत्म कर दीं. कोलकाता की टीम 20 ओवर में 8 विकेट गंवार 158 रन ही बना सकी. ऐसी रही है गुजरात की बल्लेबाजी टॉस के बाद पहले बैटिंग करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत कमाल की रही. सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और साई सुदर्शन दोनों ही टच में दिखे. दोनों ने आतिशी शुरुआत की और केकेआर के गेंदबाजों की जमकर खबर ली. 10 ओवर में दोनों ने बिना विकेट गंवाए 89 रन जोड़े. गिल ने महज 34 गेंदों पर अर्धशतक जमाया. वहीं, साई सुदर्शन ने 33 गेंदों में 50 रन बनाए. हालांकि, 13वें ओवर में गुजरात को पहला झटका लगा जब साई सुदर्शन 52 के निजी स्कोर पर आउट हुए. लेकिन इसके बाद बटलर और गल ने मोर्चा संभाला. दोनों ने तेजी से रन बनाने शुरू किए. गिल ने 55 गेंदों पर 90 रनों की पारी खेली और 18वें ओवर में आउट हुए. इसके बाद राहुल तेवतिया खाता भी नहीं खोल सके और आउट हो गए. हालांकि, बटलर एक छोर पर टिके रहे. जिनकी आतिशी पारी के दम पर गुजरात ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 199 रनों का टारगेट केकेआर के सामने रखा था. recent visitors 36

3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ की यात्रा, श्रद्धालुओं को ऐसे कराना होगा पंजीयन

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तक चलेगी। इस बार 5 से 8 चरणों में जत्था जाएगा। इसके लिए पंजीयन की 14 अप्रैल से शुरू हो गई है, जो 31 मई तक चलेगी। पंजीयन हर दिन सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बैंकों में की जा रही है। बैंकों को प्रतिदिन 19 सीट के कोटे के हिसाब से रजिस्ट्रेशन स्लॉट दिया गया है। वहीं पंजीयन कराने वालों की संख्या तीन गुना पहुंच रही है। प्रत्येक सदस्य का रजिस्ट्रेशन शुल्क 150 रुपए है। इस बार 38 दिन की है यात्रा इस बार यात्रा की अवधि 38 दिन की है। दुर्ग-भिलाई से प्रतिवर्ष 5 हजार से ज्यादा भक्त अमरनाथ यात्रा के लिए जाते हैं। इस बार भी उनमें खासा उत्साह है, लेकिन पंजीयन के लिए बैंक की सुविधा दुर्ग-भिलाई में नहीं होने से उनमें निराशा है। इस बार रायपुर में तीन और राजनांदगांव में एक बैंक अधिकृत किया गया है। रायपुर के तीन बैंकों में पीएनबी कटोरा तालाब, जम्मू एंड कश्मीर बैंक जीई रोड, एसबीआई जय स्तंभ चौक शामिल है। राजनांदगांव में पीएनबी का रामदीन मार्ग शामिल है। वेबसाइट से करते हैं आवेदन फार्म डाउनलोड, 31 मई तक रजिस्ट्रेशन नियमित रूप से अमरनाथ यात्रा करने वाले ज्ञानेश्वर ताम्रकार ने बताया कि वेबसाइट से फार्म डाउनलोड किया जाता है। उसमें मापदंड के अनुसार मेडिकल टेस्ट भी कराना होगा। इसके बाद आधार कार्ड की कॉपी लेकर फॉर्म जमा कराने बैंक जाना होगा है। यहां पर बायोमैट्रिक फिंगर से रजिस्ट्रेशन हो रहा है। अमरनाथ शाइन बोर्ड ने ग्रुप रजिस्ट्रेशन भी शुरू किए हैं, जो कि 31 मई तक होंगे। समूह में प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क 250 रुपए है। ग्रुप में रजिस्ट्रेशन में 5 से 30 व्यक्तियों का समूह हो सकता है। अमरनाथ में पहलगांव और बालटाल में आवास, भोजन की निःशुल्क व्यवस्था है। अमरनाथ यात्रा के लिए दुर्ग से पहला जत्था 30 जून और 1 जुलाई को निकलेगा। क्या है रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस? इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2025 से 9 अगस्त 2025 तक चलेगी. यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल 2025 से शुरू हो चुके हैं. तीर्थयात्री श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से ऑफलाइन और ऑनलाइल रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के पूरे भारत में 540 से ज्यादा बैंक ब्रांच हैं जहां से आप रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाइए और वहां 'ऑनलाइन सर्विसेज' पर क्लिक करें. उसके बाद ड्रॉपडाउन मेन्यू में 'यात्रा पर्मिट रजिस्ट्रेशन' पर क्लिक करें. सभी दिशा-निर्देशों का ध्यान से पढ़ें, शर्तों से सहमत रहें और रजिस्ट्रेशन के लिए आगे बढ़ें. अपनी निजी जानकारी जैसे नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और अपनी यात्रा की तारीख लिखें. अपनी एक पासपोर्ट साइज फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट की स्कैन कॉपी अपलोड करें. उसके बाद, आपके रजिस्टर्ड नंबर पर आए ओटीपी को बताकर अपना मोबाइल वेरिफाई करवाएं. फिर, 220 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस भरें. पेमेंट हो जाने के बाद आप पोर्टल से अपना यात्रा रजिस्ट्रेशन पर्मिट डाउनलोड कर सकते हैं. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस अगर तीर्थयात्री ऑफलाइन रजिस्टर करना चाहते हैं तो वो रजिस्ट्रेशन सेंटर या फिर बैंक ब्रांच पर जा सकते हैं. आमतौर पर यात्रा के चुने गए दिन से तीन दिन पहले वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन हॉल जैसे स्थानों पर टोकन पर्चियां बांटी जाती हैं. तीर्थयात्री अगले दिन ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन और मेडिकल जांच के लिए सरस्वती धाम जाएं. तीर्थयात्रियों को जम्मू में विशिष्ट स्थानों से अपने आरएफआईडी कार्ड लेने होंगे. बाबा बर्फानी का महत्व बाबा बर्फानी की महिमा अपरंपार है. बाबा बर्फानी को अमरनाथ और अमरेश्वर भी कहा जाता है. अमरनाथ जी के शरणागत साधकों को शिव लोक में स्थान मिलता है. साथ ही पृथ्वी लोक पर सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है. हर साल बड़ी संख्या में लाखों श्रद्धालु देश और विदेश से मनोकामना पूर्ति के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु अमरनाथ यात्रा करते हैं. बाबा बर्फानी, जो अमरनाथ गुफा में विराजमान हैं, एक प्रमुख धार्मिक स्थल हैं. हिंदू धर्म में इसे विशेष महत्व दिया जाता है और एक पवित्र यात्रा माना जाता है. अमरनाथ गुफा में एक प्राकृतिक शिवलिंग है, जो बर्फ से बनता है और चंद्रमा के चरणों के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है. पौराणिक मान्यतानुसार, भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता की कथा इसी गुफा में सुनाई थी, जिससे यह गुफा और भी पवित्र हो गई. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा बर्फानी के दर्शन करने और अमरनाथ यात्रा करने से भक्तों के पाप नष्ट होते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन करके अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की आशा रखते हैं. सनातन शास्त्रों में कहा गया है कि अमरनाथ यात्रा करने से अश्वमेघ यज्ञ करने जितना पुण्य मिलता है. यह भी कहा जाता है कि अमरनाथ की यात्रा करने से व्यक्ति को 23 तीर्थों के दर्शन करने जितना पुण्य प्राप्त होता है. recent visitors 40

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में लगेंगी मस्ती की पाठशाला, मोहन सरकार का आनंद प्लान

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार अब सरकारी स्कूलों में मस्ती की पाठशाला लगाने जा रही है. दरसअल, सरकारी स्कूल की पढ़ाई बेहतर बनाने के साथ सराकार बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसी के तहत मोहन सरकार शासकीय स्कूलों के लिए आनंद योजना लेकर आ रही है. इसके तहत अब स्कलों में कोर्स की पढ़ाई के साथ बच्चों को जीवन जीने की कला और स्ट्रेस मैनेजमेंट की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. सरकारी स्कूलों में लगेगा आनंद पीरियड इसके लिए सरकारी स्कूलों में अलग से आनंद का एक पीरियड लगाया जाएगा, जिसमें हायर सेकंडरी के बच्चों को जीवन जीने और तनाव मुक्त रहने की कला सिखाई जाएगी. दरअसल, स्कूली बच्चों में स्ट्रेस और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने आनंद विभाग के साथ अनुबंध किया है. 2 हजार सरकारी स्कूलों से होगी आनंद क्लास की शुरुआत इसमें आनंद विभाग शिक्षकों को पहले ट्रेनिंग देगा, फिर वही शिक्षक बच्चों को प्रशिक्षित करेंगे. ऐसे में इसे मस्ती की पाठशाला भी कहा जा रहा है, जो बच्चों के लिए काफी फायदेमंद भी होगी. 2 हजार सरकारी स्कूलों से होगी शुरुआत बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग पहले भी सीएम राइज और मॉडल स्कूलों में मस्ती की पाठशाला का प्रयोग कर चुका है. इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अन्य सरकारी स्कूलों में भी मस्ती की पाठशाला लगाने का फैसला लिया गया है. हालांकि, पहले चरण में 2 हजार स्कूलों में मस्ती की पाठशाला की शुरुआत होगी. इसके बाद प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों के हायर सेकंडरी के बच्चों के लिए आनंद क्लास लगाई जाएगी. इंजीनियरिंग और मेडिकल कालेजों में भी आनंद पीरियड सरकार की मंशा है कि जिस तरह सरकारी स्कूलों में आनंद की कक्षाएं शुरु की जा रही है. इसी तरह प्रदेश के इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनटीटीटीआर और अन्य कालेजों में भी स्ट्रेस मैनेजमेंट और आर्ट आफ लिविंग की शिक्षा दी जाए. इसके लिए राज्य आनंद संस्थान ने पूरी तैयारी कर ली है. इधर सरकारी स्कूलों में बच्चों को ट्रेनिंग देने के लिए 4 हजार सरकारी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा. बता दें कि अभी 24 से 29 मार्च तक सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए वर्चुअल क्लासेस भी लगाई गई थी, जिसमें 3500 से 4 हजार बच्चों ने भाग लिया था. पहली बार हायर सेकंडरी स्कूलों में मस्ती की पाठशाला राज्य आनंद संस्थान के डायरेक्टर सत्य प्रकाश आर्य ने बताया, '' पहली बार सरकारी स्कूलों में आनंद की क्लास लगाई जाएगी. नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को स्कूली शिक्षा देने के साथ उनको मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा देना भी अनिवार्य है. इसी के तहत स्कूलों में आर्ट ऑफ लिविंग और स्ट्रेस मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके साथ ही शिक्षकों को भी 6 दिनों का प्रशिक्षण आनंद संस्थान द्वारा किया जाएगा.''   recent visitors 37

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी, किराया 2 रुपये प्रति किमी होगा

भोपाल मध्य प्रदेश के 6 शहरों में जल्द ईलेक्ट्रिक बस चलने वाली है. बस सर्विस की शुरुआत सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है. दरअसल, ये केंद्र सरकार की योजना है. इस प्रोजेक्ट में देश के 88 शहरों में ई बसें चलाई जानी है. इसमें से 582 बसें मध्य प्रदेश के खाते में आई है. अब जल्द इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. ये बस पॉल्यूशन को काफी कंट्रोल करेगी. इसकी साथ ही ग्रीन परिवहन को भी बढ़ावा देगी. मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में 10 नए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड जैसी मॉर्डन सुविधाएं मिलेंगी. इसमें 472 मिडी बसें होंगी. इनमें से 26 यात्री सफर कर सकेंगे, तो वहीं 110 मिनी बसें 21 सीटर होंगी. यात्रियों को 2 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया देना होगा. केंद्र सरकार से मिलेगी सब्सिडी ई बसों के संचालन के लिए केंद्र सरकार से भी सब्सिडी मिलेगी. इसके लिए सरकार 58.14 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च करेगी, जिसमें से 22 रुपये केंद्र सरकार देगी. ई बसों का संचालन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मॉडल पर होगा. ऐसे में यात्रियों को 2 रुपये प्रति किमी का किराया देना होगा, जो सिटी बस सर्विस की तुलना में काफी सस्ती है. भोपाल, उज्जैन, सागर और इंदौर में बसों के संचालन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा. 10 इलेक्ट्रिक बस डिपो बनाए जाएंगे. भोपाल के बैरागढ़ और कस्तूरबा नगर में डिपो बनाया जाएगा. ऐसे ही इंदौर में नायता मुंडला और चंदन नगर में डिपो और पावर स्टेशन बनेगा. इसी तरह उज्जैन और सागर में भी डिपो होगा. बस डिपो के पास ही इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे. अब जानिए, बसों का संचालन कैसे होगा ई- बसों का संचालन जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) मॉडल पर होगा। इसमें संबंधित फर्म बस खरीदेगी और उसके ड्राइवर, कंडक्टर, मेंटेनेंस की व्यवस्था भी खुद करेगी। इसके संचालन के लिए ऑपरेटर कंपनी को प्रत्येक बस 58 रुपए 14 पैसे प्रति किमी की दर से भुगतान किया जाएगा। इसमें भारत सरकार की तरफ से प्रति बस संचालन के लिए प्रति किमी 22 रुपए का भुगतान किया जाएगा, जबकि बाकी का भुगतान राज्य सरकार करेगी। लेकिन यह शर्त भी है कि हर बस प्रति दिन न्यूनतम 180 किमी की दूरी तय करेगी। 6 शहरों में 58 करोड़ रुपए से बनेंगे 10 डिपो नई ई-बसों के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में दो- दो स्थानों पर डिपो बनाए जाएंगे। भोपाल में बैरागढ़ और कस्तूरबा नगर में 14 करोड़ की लागत से ये डिपो बनेंगे। वहीं, इंदौर के नायता मुंडला और चंदन नगर में 6 करोड़ की लागत से डिपो बनाए जाएंगे। उज्जैन और सागर में एक-एक स्थान पर डिपो बनेगा। डिपो के निर्माण के लिए 60 फीसदी पैसा केंद्र सरकार का होगा और 40 फीसदी पैसा राज्य सरकार देगी। कुल 10 डिपो के लिए राज्य सरकार करीब 24 करोड़ रुपए खर्च करेगी। चार्जिंग स्टेशन के लिए बिजली की व्यवस्था केंद्र सरकार के जिम्मे डिपो के पास ई- बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में दो-दो चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। वहीं, जबलपुर, सागर और उज्जैन में एक-एक चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 9 चार्जिंग स्टेशन के लिए 41 किमी लंबी हाई टेंशन लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता से विद्युत सब स्टेशन बनाए जाएंगे। 5 पॉइंट्स में जानिए, क्या होगा रूट और कैसे तय होगा किराया 1. हर सिटी की जरूरत के हिसाब से प्लान हर शहर के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान तैयार किया जा रहा है। यह अगले 20 साल की आबादी को देखते हुए किया जाएगा। इसके लिए हर शहर में सड़क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और अलग-अलग एरिया में सर्वे किया जा रहा है। ई-बसों का रूट इसी सिस्टम से तय किया जाएगा। कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान में मेट्रो, बस, ऑटो और साइकिल के मार्ग अलग-अलग होंगे। जैसे कोई यात्री रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर उतरता है तो वहां पर उसे मेट्रो या सिटी बस मिल जाएगी लेकिन यह सुविधा मुख्य मार्गाें तक ही सीमित रहेगी। इसके आगे बस स्टॉप या मेट्रो स्टेशन से कॉलोनियों तक पहुंचने के लिए ऑटो या अन्य छोटे वाहनों का रूट तैयार किया जाएगा। जिससे यात्री आसानी से अपने घर तक पहुंच सके। 2. ट्रैफिक के हिसाब से तय होगा रूट और टाइम शहरों में ऑफिस टाइम (आने और जाने) पर हैवी ट्रैफिक होता है। इसके अलावा ट्रेन और बसों के आने पर भी ट्रैफिक बढ़ता है। इसी हिसाब से ई-बसों का रूट और टाइम तय किया जाएगा। उदाहरण के लिए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से आने वाली शताब्दी ट्रेन पहुंचेगी तो यहां ई-बसों की फ्रिक्वेंसी ज्यादा रहेगी। ऐसा ही प्लान इंदौर और बाकी शहरों के लिए रहेगा। 3. नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड सिस्टम लागू होगा सूत्रों ने बताया कि बसों में टिकटिंग के लिए एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। लेकिन इस कंपनी को किराया तय करने का अधिकार नहीं होगा। बस का किराया जिले की एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल कमेटी) तय करेगी। इसके लिए आरटीओ से सलाह ली जाएगी। परिवहन सुविधा को बेहतर बनाने के लिए मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड वन नेशन वन कार्ड लागू करने की तैयारी है। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) के लागू होने के बाद इन 6 शहरों में सार्वजनिक परिवहन टिकटिंग सेवाओं सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए इस कार्ड का उपयोग किया जा सकेगा। यानी टिकट के लिए मल्टीपल कार्ड बनेंगे, जिसका उपयोग मेट्रो, साइकिल और बस में हो सकेगा। 4. 70% लोग बस स्टॉप तक पैदल पहुंचते हैं सिटी मोबिलिटी प्लान के अध्ययन में सामने आया है कि भोपाल में रोजाना 1.52 लाख लोग बस सेवा का उपयोग करते हैं। इनमें से 70% लोग बस स्टॉप के लिए पैदल पहुंचते हैं। ये 1.20 किमी की औसत दूरी है। इसमें बताया गया है कि 16% लोग बस के लिए ऑटो का उपयोग करते हैं, जबकि महज 6% लोग दो पहिया वाहन से स्टॉप तक पहुंचते हैं। 5. भोपाल में 1200 किमी सड़कों को आपस में जोड़ा जाएगा भोपाल में मौजूदा और प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क से शहरवासियों को जोड़कर लास्ट माइल कनेक्टिविटी देने के लिए 1200 किमी लंबाई के रोड नेटवर्क को आपस में जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही ई-रिक्शा … Read more

भोज मुक्त विश्वविद्यालय में रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को समझाया जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश का भोज मुक्त विश्वविद्यालय रामचरितमानस को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पढ़ाने जा रहा है। इसके लिए स्नातक स्तर का पाठ्यक्रम डिजाइन हुआ है, जो मानस में आए विज्ञान के सिद्धांतों को समाहित करता है। विश्वविद्यालय इस पाठ्यक्रम(Bhoj University curriculum) के जरिए भारतीय संस्कृति और साहित्य की वैज्ञानिकता को आधुनिक ज्ञान के साथ जोड़ना चाहता है। भोज मुक्त विश्वविद्यालय प्रबंधन(Bhoj Open University news) के अनुसार नए पाठ्यक्रम में रामचरितमानस और भौतिक विज्ञान, रामचरितमानस और रसायन विज्ञान, रामचरितमानस और जीव विज्ञान, रामचरितमानस और पर्यावरण विज्ञान जैसे विषय शामिल किए गए हैं। भोज विश्वविद्यालय ने तीन साल पहले 'विज्ञान से सामाजिक उत्थान' नाम से एक डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया था। विद्यार्थियों को पढ़ाने का पाठ्यक्रम फिर डिजाइन किया इसमें रामचरितमानस की चौपाइयों से पर्यावरण, जीव विज्ञान, रसायन शास्त्र और भौतिक विज्ञान को समझाने का प्रयास किया गया है। इस डिप्लोमा पाठ्यक्रम में हर साल 50 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। अब स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम को फिर से डिजाइन किया गया है। विज्ञान के सूत्रों को समझाया जाएगा विषय विशेषज्ञों का कहना है कि इस पाठ्यक्रम में मानस के अलग-अलग कांड में आए प्रसंगों के दोहों-चौपाइयों को लिया जाएगा। इसके जरिए वर्णन में छिपे विज्ञान के सूत्रों को समझाया जाएगा। उदाहरण के लिए मानस के उत्तरकांड में आई चौपाई 'हिमगिरि कोटि अचल रघुवीरा…का भावार्थ है कि श्री रघुवीर यानी भगवान राम करोड़ों हिमालयों के समान अचल या स्थिर हैं और अरबों समुद्रों से भी गहरे हैं..।' इस चौपाई में बताई गई भगवान की विशेषताओं के साथ इस पाठ्यक्रम में विद्युत चुंबकीय क्षेत्र, गुरुत्वाकर्षण के परिणामी बल के बारे में बताया जाएगा, जो इस चौपाई का छिपा विज्ञान है। इसी तरह अन्य चौपाइयों के आधार पर ही रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, पर्यावरण और भौतिकी को जानने और समझने का मौका विद्यार्थियों को मिलेगा। गणित-रसायन के सूत्रों को आसान करने की कोशिश बताया जा रहा है कि इस पाठ्यक्रम में गणित और रसायन विज्ञान के कठिन सूत्र भी सरलता से समझाया जा सकेगा। रामकथा के विविध प्रसंगों पर आधारित छंदों से प्रभाविता का नियम, मेंडेलिज्म का आर्थिक महत्व जैसे हजारों नियमों और सूत्रों को आसान और लयबद्ध भाषा में समझाया जाएगा। विज्ञानी दृष्टिकोण से समझने का अवसर     अभी तक रामचरितमानस का डिप्लोमा पाठ्यक्रम चल रहा था। अब इसे स्नातक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को संस्कृति के महत्व को विज्ञानी दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिलेगा। – सुशील मंडेरिया, कुलसचिव, भोज विश्वविद्यालय, भोपाल   recent visitors 32