मप्र से राजस्थान पहुंचने वाले मरीजों को न ओपीडी शुल्क देना होगा न ही किसी प्रकार की जांचों के लिए अतिरिक्त रुपए लगेंगे

भोपाल राजस्थान सीमा से लगे मप्र के जिलों के मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। अब झालावाड़ सहित पूरे राजस्थान में आयुष्मान कार्ड से फ्री इलाज कराया जा सकेगा। मप्र से पहुंचने वाले मरीजों को न ओपीडी शुल्क देना होगा न ही किसी प्रकार की जांचों के लिए अतिरिक्त रुपए लगेंगे। 3 साल पहले बंद हुई थी सुविधा दरअसल, करीब तीन साल पहले राज्य शासन ने बाहर के राज्यों से आने वाले मरीजों को मुत उपचार की सुविधा बंद कर दी थी और उसके लिए शुल्क निर्धारित किया था। जिसमें ओपीडी शुल्क, भर्ती शुल्क के साथ ही जरूरी दवाइयों पर भी शुल्क लागू किया गया था। अब इसमें राहत दी गई है। तीन साल बाद राज्य शासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए रोक हटा दी और आयुष्मान कार्ड यहां भी चालू कर दिया है। इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिले से लगे झालावाड़ और झालरा पाटन में मरीजों को मुत उपचार मिलेगा। झालावाड़ के आर्थोपेडिक ट्रॉमा सेंटर खांड्या चौराहा, बालाजी आर्थोपेडिक अस्पताल, संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी सेंटर और एलएन मल्टीस्पेशलिटी सेंटर सहित झालवरा पाटन के सरदार पटेल अस्पताल में यह मुत उपचार मिल सकेगा। सभी जगह आयुष्मान कार्ड लागू होगा। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में कार्ड दिखाकर ओपीडी शुल्क के साथ ही भर्ती शुल्क, जांर्चा का शुल्क भी नहीं लगेगा। जानकारी अनुसार झालावाड़ में उपचार करवाने के लिए राजगढ़ जिले के खिलचीपुर, जीरापुर, माचलपुर, छापीहेड़ा, संडायता और राजगढ़ जिला मुयालय, कालीपीठ तक के लोग पहुंचते हैं। राजगढ़ के साथ ही श्योपुर, शिवपुरी, गुना, आगर मालवा, शाजापुर सहित अन्य समीपवर्ती जिलों के नागरिकों को भी इस नहीं योजना का लाभ मिलने लगेगा। राज्य सरकार के दिशा निर्देश झालावाड़ सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि ‘आयुष्मान कार्ड की पोर्टेबिलिटी राज्य सरकार के दिशा निर्देश के बाद शुरू कर दी है। इसमें चयनित अस्पतालों में पांच लाख रुपए तक का उपचार मुत होगा। साथ ही कार्ड दिखाने पर ओपीडी शुल्क और अन्य प्रकार की जांचों के लगने वाले शुल्क भी नहीं लगेंगे। यह व्यवस्था सोमवार से ही लागू कर दी गई है।’ हर दिन मप्र से आने वाले मरीज जानकारी झालावाड़ शासकीय अस्पताल के अनुसार     50 से 60 मरीज मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पताल में     50 मरीज निजी अस्पतालों में     10 से 12 प्रसूताएं प्रतिदिन रेफर होकर आती हैं     ओपीडी चार्ज भी शुरू कर दिया गया था अभी तक ये चार्ज तय थे, अब नहीं लगेंगे ओपीडी शुल्क- 10 रुपए भर्ती शुल्क- 30 रुपए जांचों का शुल्क- 10-1000 रुपए सिटी स्कैन शल्क- 900-10000 रुपए recent visitors 31

प्रदेश में लाड़ली बहना योजना सहित कई योजनाओं का होगा सोशल ऑडिट, घर-घर संपर्क कर इन योजनाओं को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना जैसी कई फ्लैगशिप योजनाओं का सोशल ऑडिट(सामाजिक अंकेक्षण) करवाया जाएगा। इन योजनाओं से लोगों के जीवन में क्या बदलाव आया, इनकी कमियों से लेकर खूबियों तक की रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर योजनाओं में सुधार या परिवर्तन जैसे निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके लिए शासन स्तर पर तैयारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर विभागों से समन्वय कर सोशल आडिट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें, मध्य प्रदेश में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के पहले शुरू हुई लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में एक करोड़ 17 लाख पात्र महिलाओं प्रतिमाह 1250 रुपये दिए जा रहे हैं। इस योजना पर हर महीने करीब 1550 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पर 18,669 करोड़ रुपये बजट का प्रविधान भी किया गया है। यह योजना इतनी लुभावनी साबित हुई कि महाराष्ट्र में भी इसे लागू किया गया। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं के लिए भी इसी तरह का वादा किया। ये हैं एमपी सरकार की योजनाएं सोशल आडिट के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का विभागवार खाका तैयार किया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री मातृवंदना, पीएम आवास, निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण, पथ विक्रेता योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित तमाम ऐसी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया जाएगा। कैग (सीएजी) की तरह ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी, अंतर केवल यह होगा कि वित्तीय आडिट की जगह यह एक सोशल आडिट होगा। बता दें, सोशल आडिट का उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी होता है। मुख्यमंत्री के जनसेवा मित्रों की सेवाएं लेने पर किया जा रहा विचार फ्लैगशिप योजनाओं के लाभार्थियों के डाटा के आधार पर घर-घर संपर्क किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री के जनसेवा मित्रों की सेवाएं लिए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में 9390 जनसेवा मित्र हैं। इनकी सेवाएं पिछले वर्ष पूर्ण हो चुकी हैं। योजनाएं एक नजर में – वर्ष 2024-25 में लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के अंतर्गत दो लाख 43 हजार 396 बालिकाओं का पंजीयन किया गया है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब तक 12,932 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। – प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 52 लाख माताएं पंजीकृत हैं वित्तीय वर्ष 2024-25 में पांच लाख 75 हजार हितग्राहियों को 264 करोड़ रुपये भुगतान किया गया। – प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत एक करोड़ 33 लाख परिवारों को निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण। अब तक 32,47,304 टन खाद्यान्न वितरण किया गया है। recent visitors 36

इंदौर की पहचान अब आईटी सेक्टर में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा, जल्द 2 नए IT Parks की सौगात

इंदौर इंदौर की पहचान अब सिर्फ साफ-सफाई और व्यापार तक सीमित नहीं रही। अब शहर आईटी सेक्टर में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। सरकार दो नए आईटी पार्कों की सौगात देने जा रही है, जिनकी आधारशिला 27 अप्रैल को आईटी कॉन्क्लेव में रखी जाएगी। इससे न केवल स्टार्टअप्स को सहूलियत मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। छोटे स्टार्टअप्स को बड़ी ताकत देगा नया आईटी इकोसिस्टम इंदौर में आईटी सेक्टर का ईकोसिस्टम तेजी से तैयार हो चुका है। फिलहाल शहर में 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी आईटी कंपनियां सक्रिय हैं और हर दिन इस संख्या में इज़ाफा हो रहा है। अब सरकार दो नए आईटी पार्क बना रही है, जहां खासकर छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल के तहत सस्ती दरों पर स्पेस मिलेगा। कहां बनेंगे ये आईटी पार्क? पहला आईटी पार्क परदेशीपुरा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स (Pardesipura Electronics Complex) में और दूसरा भंवरकुआ क्षेत्र में बनेगा। अच्छी बात ये है कि दोनों जगह पहले से उपलब्ध हैं, जिससे काम जल्दी शुरू किया जा सकेगा। सरकार इन्हें स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) का दर्जा देगी, जिससे कंपनियों को टैक्स जैसी कई अहम रियायतें भी मिलेंगी। 250 करोड़ का निवेश, दो हजार नौकरियों की उम्मीद परदेशीपुरा में बनने वाला आईटी पार्क पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर तैयार किया जाएगा। इसमें करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे और अनुमान है कि करीब दो हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। यह न सिर्फ शहर के युवाओं के लिए बल्कि राज्य के टेक टैलेंट को रोकने के लिए भी बड़ा कदम साबित होगा। पहले से मौजूद हैं आईटी पार्क, और भी होंगे शामिल इंदौर में पहले ही तीन सरकारी और दो निजी आईटी पार्क काम कर रहे हैं। आईटी चौराहा, परदेशीपुरा (पहले वाला), और सिंहासा में बने पार्क में पहले से कई कंपनियां कार्यरत हैं। सिंहासा में तो 40 से ज्यादा कंपनियों को प्लॉट भी मिल चुके हैं। टीसीएस और इंफोसिस ने दिखाया रास्ता प्रदेश सरकार ने एक दशक पहले टीसीएस और इंफोसिस को 100 और 130 एकड़ जमीन रियायती दरों पर दी थी, साथ ही शर्त रखी थी कि 50 फीसदी नौकरियां प्रदेश के युवाओं को दी जाएं। इन कंपनियों ने न केवल SEZ स्टेटस हासिल किया, बल्कि इंदौर के युवाओं को करियर की नई दिशा भी दी। recent visitors 38

चीन ने बनाया खतरनाक बम, एल्यूमीनियम भी पिघला दे! क्या चीन के विस्फोटक से घबरा जाएगा अमेरिका?

बीजिंग अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर तनाव चल रहा है. दोनों एक-दूसरे को युद्ध की धमकी भी दे चुके हैं. दोनों देशों का झगड़ा सामान्य तू-तू मैं-मैं से आगे जा चुका है. इसी बीच चीन ने एक नॉन न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम तैयार कर लिया है. इसे नॉन न्यूक्लियर बम इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि इसे बनाने के लिए परमाणु मटेरियल का इस्तेमाल नहीं हुआ है. ये खबर सामने आते ही अमेरिका की टेंशन बढ़ना लाजमी है. चीन ने इसका सफलतापूर्वक टेस्ट भी कर लिया चीन ने इस नॉन-न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम का सफलतापूर्वक टेस्ट भी कर लिया है. 2 किलो के वजन वाले इस बम ने 1000 डिग्री सेल्सियस की गर्मी वाला आग का गोला बनाया था. ये आग का गोला महज 2 सेकेंड के लिए ही रहा. हालांकि, ये TNT विस्फोटक के मुकाबले काफी ज्यादा गर्म था और इसके कायम रहने का टाइम भी अधिक रहा. TNT का ब्लास्ट तो सिर्फ 0.12 सेकंड में ही सिमट जाता है. ऐसे काम करता है ये हाइड्रोजन बम इस हाइड्रोजन बम को चीन स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन-CSSC के 705 रिसर्च इंस्टीट्यूट शोधकर्ताओं ने मिलकर बनाया है. ये बम मैग्नीशियम हाइड्राइड नाम के केमिकल से बना है, ये दिखने में चांदी जैसा नजर आता है. इसे बनाने वाली टीम में शामिल रहे वैज्ञानिक वांग जुएफेंग ने बताया कि जब मैग्नीशियम हाइड्राइड को विस्फोटक से एक्टिव किया जाता है, तो यह टूटता है और इससे हाइड्रोजन गैस निकलने लगती है. ये तेजी से जलने लगती है और तेज गति के साथ काफी दूर तक फैल जाती है. ये बम बड़े इलाके में तबाही मचा सकता है. क्या है इस बम की खासियत? शोधकर्ताओं ने चीनी भाषा के जर्नल ऑफ प्रोजेक्टाइल्स, रॉकेट्स, मिसाइल्स एंड गाइडेंस में कहा कि ये सक्रिय किए जाने पर मैग्नीशियम हाइड्राइड तेजी से थर्मल अपघटन से गुजरता है, जिससे हाइड्रोजन गैस निकलती है जो लगातार आग में बदल जाती है. सीएसएससी रिसर्च साइंटिस्ट वांग ज़ुएफेंग के नेतृत्व वाली टीम ने कहा, "हाइड्रोजन गैस के विस्फोट नई प्रज्वलन ऊर्जा के साथ प्रज्वलित होते हैं, इनका विस्फोट क्षेत्र व्यापक होता है. साथ ही इनकी लपटें तेजी से बाहर की ओर फैलती हैं. ये कॉम्बिनेशन विस्फोट की तीव्रता सटीक कंट्रोल रखता है, जिससे एक बड़े इलाके में टारगेट का आसानी से विनाश किया जा सकता है." एल्युमिनियम को पिघलाने की क्षमता रखता है ये बम ये हाइड्रोजन बम लंबे समय तक थर्मल डैमेज कर सकता है क्योंकि इससे बहुत ज्यादा गर्मी पैदा होती है. इससे पैदा सफेद गर्म आग का गोला एल्युमिनियम तक को पिघलाने की क्षमता रखता है. ये टीएनटी ब्लास्ट से भी ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि टीएनटी का आग का गोला 0.12 सेकेंड तक रहता है तो ये हाइड्रोजन बम 2 सेकेंड तक आग का गोला बना रहा. वैज्ञानिकों का दावा है कि इसका इस्तेमाल बड़े इलाकों में गर्मी पैदा करने या फिर खास तरह के टारगेट को तबाह करने के लिए किया जा सकता है. हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि चीन की सेना किन परिस्थितियों में इस हथियार की तैनाती कर सकती है. एल्यूमीनियम भी पिघल जाता है ऐसा दावा है कि इस बम से जो आग का गोला बना, वह इतना गर्म था कि उससे एल्यूमीनियम भी पिघल जाता है. हालांकि, तकनीक की मदद से विस्फोट की स्पीड को कंट्रोल किया जा सकता है. आधुनिक दौर की जंग में ये बम बेहद कारगर साबित हो सकता है. नॉन-न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम की विशेषताएं विस्फोटक शक्ति: यह बम 1000 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाला आग का गोला बनाता है, जो सामान्य TNT विस्फोट की तुलना में 15 गुना अधिक समय तक रहता है. छोटा आकार: इस बम का वजन केवल 2 kg है, जो इसे छोटे आकार में भी जबरदस्त शक्ति प्रदान करता है. स्वच्छ ऊर्जा: यह बम रेडियोधर्मी कचरा नहीं छोड़ता है, जो इसे पारंपरिक न्यूक्लियर बम से अलग बनाता है. वैश्विक सैन्य संतुलन पर प्रभाव नई सैन्य रणनीतियां: यह बम युद्ध की तकनीक में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जो पारंपरिक न्यूक्लियर हथियारों पर आधारित रणनीतियों को बदल सकता है. वैश्विक सुरक्षा: इस बम के उपयोग से वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, खासकर अगर यह तकनीक अन्य देशों या संगठनों के हाथ लगती है. चीन के नए हथियार के मायने चीन अपने नए हाइड्रोजन बम के जरिए कई निशाने साधने की कोशिश में है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन नहीं करना. दुश्मन पर बड़ा हमला करने के लिए विकल्प बढ़ाना शामिल है. चीन के फायदे रणनीतिक बढ़त: बिना परमाणु टैग के भी यह हथियार चीन को युद्धक्षेत्र में बढ़त दिलाएगा. प्रतिरोधक क्षमता: यह हथियार दुश्मन देशों के लिए एक नया खतरा होगा, जिसके लिए वे तैयार नहीं हैं. अंतरराष्ट्रीय संधियों से बचाव: चीन अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ा सकता है बिना अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन किए. भारत के लिए खतरा – भारत-चीन सीमा पर पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति है. – चीन इस हथियार का उपयोग सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित हमले के लिए कर सकता है. – भारत को अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाने और नई रणनीतियों को विकसित करने की आवश्यकता है. भारत-चीन सैन्य तुलना चीन ने अपनी सेना को एआई, ड्रोन स्वार्म, हाइपरसोनिक मिसाइल और नॉन-न्यूक्लियर रणनीतिक हथियारों से लैस करना शुरू कर दिया है. भारत को अपनी सैन्य क्षमताओं की तुलना चीन से करनी चाहिए. अपनी ताकत बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए. recent visitors 50

मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित

जनसेवा का प्रभावी माध्यम है सिविल सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल सिविल सर्विस-डे पर अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया पुरस्कार में लोकसेवकों को प्रदान किया 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति-पत्र मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिविल सेवा सिर्फ़ एक पेशा नहीं, यह जनसेवा का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों का दायित्व है कि वे अपने अधिकारों का नि:संदेह सदुपयोग करें, लेकिन अपने कर्तव्यों से कदापि विमुख न हों। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन एक वृहद विषय है। इसका मूल मंत्र है – "लोगों की हर संभव तरीके से सेवा"। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राष्ट्रीय लोक सेवा दिवस (नेशनल सिविल सर्विस डे) के अवसर पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी सिविल सेवकों को लोक सेवा दिवस की बधाई दी और सभी से अपने उत्तरदायित्वों के प्रति संकल्पबद्ध रहने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पूरी निष्ठा, समर्पण, मनोयोग के साथ निभाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के चयनित 16 सिविल सेवकों (अधिकारियों) को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी अवार्डियों को उनके द्वारा किए गए नवाचारों के लिए बधाई देकर एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक कुशल सिविल सेवक वह होता है, जो न केवल शासन के नियमों, उपनियमों का पालन करे, बल्कि पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाइयों एवं समस्याओं को समझे और उन्हें समुचित समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने सभी सिविल सेवकों से अपेक्षा की कि वे नागरिकों की तत्पर सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और शासन को जनकल्याण की दिशा में अधिक प्रभावी बनाने की ओर अग्रसर करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे कामों और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसीलिए सभी लोक सेवक शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और लोक जवाबदेही की भावना को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करें। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक पागला, राज्य शासन के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे, जिससे एक शक्तिशाली राजवंश में प्रशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोक सेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल्स) तैयार किए। उन्होंने लोक सेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। करप्शन फ्री और गुड गवर्नेंस के लिए कार्य करें सभी लोकसेवक: मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि हर साल 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोक सेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और इसके आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे हैं। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि न्यू इंडिया का सपना साकार करने में अनुभवी अधिकारियों के साथ युवा अफसरों के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी है। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 के लिए 16 लोक सेवकों में क्रमशः माधव प्रसाद पटेल (माध्यमिक शिक्षक), श्रीमती अदिति गर्ग (तत्कालीन सीईओ आयुष्मान भारत निरामयम योजना), डॉ. इंदिरा दांगी (शिक्षक) आष्टा जिला सीहोर, श्रीमती शारदा डुडवे (माध्यमिक शिक्षक) चंद्रशेखर आजाद नगर, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया जिला दमोह, चंद्रमोहन ठाकुर तत्कालीन प्रबंध निदेशक भवन विकास निगम, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय भोपाल, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, अमित तोमर तत्कालीन प्रबंध संचालक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर, ऋषव गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा तत्कालीन प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिव्यांक सिंह तत्कालीन सीईओ स्मार्ट सिटी परियोजना इंदौर, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा सहायक प्राध्यापक इंदौर, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक चिमनाखारी जिला सिवनी तथा सुशीला दाहिमा अतिरिक्त सचिव शिक्षा विभाग को नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। प्रशासन अकादमी में हुई नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेश भर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान ने सभी अथितियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। recent visitors 42

राहुल गांधी को मंत्री सारंग ने कहा आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता ….

भोपाल  राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है , महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद से राहुल गांधी और उनकी पार्टी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। इस समय राहुल अमेरिका दौरे पर हैं और उन्होंने एक बार फिर वहां भारत के चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। राहुल गांधी को एमपी के मंत्री विश्वास सारंग ने जवाब दिया है सारंग ने कहा आप चुने हुए सांसद है, आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार किया है, बता दें राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में एक बार फिर भारत निर्वाचन आयोग पर उंगली उठाई और भारत की चुनाव प्रक्रिया की बुराई की है वहीं दिग्विजय सिंह ने मस्जिद के सामने से हिंदू जुलूस पर सवाल उठाये हैं और खड़गे ने नेशनल हेराल्ड केस में भाजपा पर निशाना साधा है। बोस्टन में राहुल ने फिर उठाया महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा   नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका के बोस्टन शहर के दौरे पर पहुंचे वहां उन्होंने ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से बात करते हुए महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जितने युवा थे, उससे ज्यादा वोट डाले गए, ये एक सच्चाई है, हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े मिले थे, लेकिन 5:30 से 7:30 बजे के बीच, जब वोटिंग बंद हो जानी चाहिए थी, उस समय 65 लाख लोगों ने वोट डाला। चुनाव आयोग पर पक्षपात करने के आरोप लगाए राहुल गांधी ने आगे कहा  ये शारीरिक रूप से मुमकिन ही नहीं है क्योंकि एक व्यक्ति को वोट डालने में करीब 3 मिनट लगते हैं, और यदि इसका हिसाब लगाएं तो मतलब ये है कि रात 2 बजे तक लोग लाइन में लगे रहे और पूरी रात वोटिंग चलती रही, जोकि सच नहीं है ऐसा हुआ ही नहीं, उन्होंने कहा हमारे लिए ये स्पष्ट था कि चुनाव आयोग ने अपनी निष्पक्षता से समझौता कर लिया है, सिस्टम में कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ी है, ये बिल्कुल साफ दिख रहा है, हमने यह बात खुलकर कही है और मैंने खुद कई बार यह बात दोहराई है। सारंग ने राहुल गांधी पर किया पलटवार राहुल गांधी के इस बयान पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि फिर राहुल गांधी का बचपना सामने आया है वे हमेश अंतर राष्ट्रीय मंच पर भारत का अपमान करते हैं वे भूल जाते हैं कि उन्हें यदि वहां बोलने का मौका मिल रहा है तो एक सांसद के तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में, आपकी निजी कोई पहचान नहीं है। भारत को विदेश में बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए सारंग ने कहा  वहां जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए, आप विपक्ष में है सरकार की आलोचना कीजिये लेकिन भारत में कीजिये विदेश की धरती पर भारत को बदनाम करना अपमानित करना देश द्रोह की श्रेणी में आता है, हो सकता है अप मीडिया की सुखियों में आने के लिए ये सब बोलते हैं लेकिन इससे भारत के मान सम्मान कम होता है। सारंग का सवाल , राहुल, प्रियंका, सोनिया संसद कैसे पहुंच गए सारंग ने सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है तो राहुल गांधी संसद में कैसे पहुंच गए? प्रियंका गांधी कैसे पहुंच गई, सोनिया गांधी कैसे लगातार सांसद चुनी जाती रहीं, कांग्रेस इतनी सीटें कैसे जीते गई? अपनी हार का ठीक किसी और पर फोड़ना बचपना ही है, इसलिए वे इस तरह की बातों को करना बंद करें। गुना एसपी को हटाने की वजह बताई दिग्विजय सिंह ने गुना के एसपी को हटाये जाने के मामले पर दिग्विजय सिंह ने सरकार को निशाने पर लिया और भाजपा पार्षद पर कार्रवाई होने की वजह से एसपी को हटाया गया है उन्होंने कहा कि आरोपी भाजपा पार्षद पहले भी माहौल ख़राब करने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन भाजपा ने उन्हें बचा लिया, उन्होंने कहा मैं आज तक यह नहीं समझ पाया इन नफरत फैलाने वालों को मस्जिद के सामने ही नाचने का मन क्यों होता है, यह खोज का विषय है। भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता दिग्विजय के बयान पर सारंग ने पलटवार करते हुए कहा दिग्विजय सिंह भारत में पाकिस्तान की भाषा ना बोले, क्या हिन्दुओं का जुलूस मस्जिदों के सामने से नहीं निकलेग?  तुष्टिकरण की राजनीति करना, सनातन विरोधी मानसिकता के साथ जीवन जीना मियां दिग्गी की आदत है , इसलिए वे पूरे देश में बदनाम हैं।  उन्होंने कहा भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता। नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? उधर नेशनल हेराल्ड मामले में ED की चार्जशीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसे भाजपा की बदले की कार्रवाई कह रहे हैं, सारंग ने इस पर प्रहार करते हुए कहा नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? मल्लिकार्जुन खड़गे जिस मामले की बात कर रहे हैं वो 2012 में शुरू हुआ, नेशनल हेराल्ड का सच जनता के सामने है।   recent visitors 48

दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ क्षिप्रा के घाटों की सफाई कर जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता की माँ नर्मदा परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण करण के साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंच कोशी यात्रियों का स्वागत, सम्मान कर यात्रा का शुभारंभ कराया नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का सम्मान किया उज्जैन जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन क्षिप्रा के रामघाट पर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत घाटों की सफाई की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी में उतरकर घाटों की सफाई की। उन्होंने सफाई के बाद क्षिप्रा में स्नान किया। उन्होंने माँ क्षिप्रा का पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारे प्रदेश के पुराने ऐतिहासिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का विशेष अभियान है। इसमें नदियों को पुनः प्रवहमान बनने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। भोपाल के पास बेतवा नदी के उद्गम स्थल को पुनर्जीवित कर दिया गया है, इस अभियान की यह विशेषता है कि हम अपनी ऐतिहासिक, पुरानी बावड़ी, कुएँ, तालाब, जल स्त्रोत को पुनर्जीवित कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में और पूरे विश्व में हमारे मध्यप्रदेश की माँ नर्मदा ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है, मध्यप्रदेश सरकार नर्मदा नदी के परिक्रमा स्थल को सुव्यवस्थित कर तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं बनाएंगे और माँ क्षिप्रा के घाटों को 29 किलोमीटर और बनाया जा रहा है, जिससे माँ क्षिप्रा के परिक्रमा करने वाले यात्रियों को भी सुविधा होगी। उज्जैन में माँ क्षिप्रा को प्रवहमान बनाने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी जलाशय योजना, माँ क्षिप्रा की स्वच्छता बनाए रखने के लिए खान डायवर्सन नदी परियोजना भी चल रही है। इसका 50% काम लगभग पूरा हो चुका है, आने वाले 2 वर्षों में माँ क्षिप्रा कल-कल होकर बहेगी, इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक पौराणिक नगरी के साथ-साथ काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है, अकबर, शाहजहां, जहांगीर ने भी उज्जैन में प्रवास किया था और भर्तहरी गुफा पहुंचकर काल गणना के ज्ञान को समझा था, यहां पर उन्होंने टकसाल भी स्थापित कराई थी। यह केवल ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के साथ एक वैज्ञानिक नगरी भी है हम इसके वैभव को पुनः स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं राजा भृतहरि, सम्राट विक्रमादित्य, सम्राट अशोक के साथ-साथ अन्य महान राजाओं के द्वारा उज्जैन के लिए अनेक प्रकार के प्रमाणिक कार्य किए गए हैं। श्रीमंत महाद जी सिंधिया ने पानीपत के युद्ध के बाद इसके गौरव को पुनर्स्थापित किया और लाल किले पर धवज फहराया था। इन सभी महान राजाओं की गाथा का आज भी उज्जैन की भूमि आज भी यशोगान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सलामतपुर से आए पंचकोशी यात्रियों का सम्मान किया गया और उनकी यात्रा का शुभारंभ कराया गया और नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव नगर निगम महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल और जन प्रतिनिधि एवं संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल थाने को आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी हैं। recent visitors 36