चीतों को मिल गया नया घर, कूनो जंगल के बाद गांधी सागर में शिफ्ट होंगे , गांधी सागर अभ्यारण में सारी तैयारी पूरी

भोपाल चीतों का दूसरा घर मंदसौर जिले का गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य(Gandhi Sagar Sanctuary) होगा। यहां दक्षिण अफ्रीका से चीते लाने में देरी के बीच अब कूनो नेशनल पार्क(Kuno National Park) से ही आज 20 अप्रेल को 2 चीते भेजेंगे। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव व सीएम डॉ. मोहन यादव ने सीएम निवास पर हुई चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में इसे हरी झंडी दी। 18 फरवरी 2023 को जो 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से लाए गए, उनमें से पावक और प्रभाष को गांधी सागर में छोड़ा जाएगा। 5 साल के पावक और साढ़े पांच साल के प्रभाष को खेमला वन क्षेत्र में बने 15.04 वर्ग किमी बाडे़ में छोड़ा जाएगा। दोनों भाई हैं, अभी बाडे़ में हैं। देश के अंदर चीतों की इस पहली शिफ्टिंग की शुरुआत शनिवार रात से होगी, रविवार अपराह्न तीन बजे खत्म होगी। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सीएम डॉ. मोहन यादव अपराह्न 3 बजे दोनों को गांधीसागर में छोड़ेंगे। सीएम बोले- कूनो में रोड टू एयर कनेक्टिविटी सीएम डॉ. यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा, ग्वालियर से कूनो तक पक्की सड़क बनेगी। टेंट सिटी बनेगी। युवाओं-महिलाओं को वन्य पर्यटन से जोड़ेंगे, चीता मित्र, महिला स्व-सहायता समूह को टूरिस्ट गाइड बनाएंगे। दीदी कैफे से रोजगार मिलेगा। 10 किंग कोबरा लाने पर विचार हो रहा है। सीएम ने चंबल से घड़ियाल व कछुओं को 4 बड़ी नदियों में छोड़ने के निर्देश दिए। गुजरात भी शिफ्ट किए जाएंगे चीते केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि आज सुबह NTCA की बैठक हुई। बैठक में, NTCA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक के दौरान लिए गए निर्णय पर एक व्यापक योजना पर चर्चा करने का फैसला किया। भविष्य में गुजरात के बन्नी घास के मैदानों और मध्य प्रदेश के गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को पेश करने की कार्य योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। सीएम हाउस में विस्तार से होगी समीक्षा उन्होंने यह भी बताया कि चीता परियोजना से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होगी। इस बैठक में चीतों को शिफ्ट करने पर बात होगी। देश में हैं 58 टाइगर रिजर्व केंद्रीय मंत्री यादव ने आगे कहा कि अब हमारे देश में 58 टाइगर रिजर्व हैं। 58वें टाइगर रिजर्व का श्रेय मध्य प्रदेश को जाता है। यह वास्तव में एक टाइगर स्टेट है और यहां माधव टाइगर रिजर्व बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि मध्य प्रदेश देश में एक विशेष राज्य है, जो वन, इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक विरासत पर ध्यान केंद्रित करता है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर्यटन, वन और आदिवासी लोगों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। गांधी सागर में सारी तैयारी पूरी इस बीच, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। विजय शाह उस समय राज्य के वन मंत्री थे जब चीतों को पहली बार लाया गया था। उन्होंने कहा कि लोगों को जल्द ही चीतों को वहां शिफ्ट करने की खुशखबरी मिलेगी। कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने के बाद, अब गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को चुना गया है। यह अभयारण्य चीतों के लिए एक नया घर होगा। सरकार चीतों की सुरक्षा और उनके विकास के लिए पूरी तरह से तैयार है। मई में बोत्सवाना से आएंगे 4 चीते इस शिफ्टिंग के साथ ही दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और केन्या से चीते लाने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। अगले एक साल में 8 और चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। बैठक में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने बताया, 4 चीते मई 2025 तक बोत्सवाना से लाए जाने हैं। भारत और केन्या के बीच अनुबंध पर सहमति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 4 चीते गांधी सागर अभयारण्य में रखे जाने हैं, बाकी कूनो में ही छोड़े जाएंगे। अपने यहां सबसे ज्यादा सर्वाइवल रेट अफसरों ने बताया, देश में जन्मे चीता शावकों का सर्वाइवल रेट विश्व में सबसे अधिक है। अन्य देशों में जलवायु अनुकूलन के अभाव में आसानी से सर्वाइव नहीं कर पाते। गांधीसागर अनुकूल है, इसलिए यहां चीते छोड़ने का फैसला लिया गया। आइआइएफएम की मदद से ट्रेनिंग केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, श्योपुर के 80 गांवों के 400 चीता मित्रों को प्रशिक्षित करने के लिए आइआइएफएम भोपाल की मदद लेंगे। सैटेलाइट कॉलर आइडी से निगरानी होगी। चीता सफारी शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी। कूनो (Kuno National Park)और गांधी सागर से जुड़े रिजर्व व दूसरे प्रदेशों के पार्कों के बीच वन्यप्राणी कॉरिडोर के साथ पर्यटन कॉरिडोर बनाएं। recent visitors 54

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चल रहे तीन माह अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण और उनकी देखरेख के कार्यों में नागरिकों की भागीदारी और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर अच्छे परिणाम सामने लाएं। शासन स्तर पर अभियान की निरंतर समीक्षा की जा रही है और डैश बोर्ड पर ग्राम एवं नगर स्तर के कार्यों को दर्ज करने का कार्य भी किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1.06 लाख जल दूत तैयार किए गए हैं, जो जल स्रोतों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 30 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक चलना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों में देखेंगे कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास विभागों सहित मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के स्तर पर अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए। जिला कलेक्टर्स भी बैठक से वर्चुअल रूप से जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य देखने विभिन्न जिलों में जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्थापत्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण जल संरचनाओं की सूची तैयार की जाए। पुरातत्व और पर्यटन महत्व की ऐसी धरोहर को सहेजने की दृष्टि से संरक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भोपाल के साथ ही जबलपुर, सागर, उज्जैन नगरों में अनेक प्राचीन बावड़ियां विद्यमान हैं, वहां स्वच्छता के कार्य संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभागवार अभियान के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। संस्कृति और शिक्षा विभाग पर्व त्योहारों पर करें आयोजन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को जलस्रोतों और जल संरक्षण के महत्व की जानकारी प्रार्थना सभाओं के अवसर पर दी जाए। शिक्षा विभाग संस्कृति विभाग के साथ मिलकर विभिन्न पर्व और त्योहारों पर पानी के महत्व पर निबंध और भाषण स्पर्धाएं आयोजित करे। गंगा दशहरा और आखातीज जैसे अवसरों पर ऐसे कार्यक्रम किए जाएं। खेत तालाब योजना में बालाघाट अव्वल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में सर्वाधिक 561 खेत तालाब बनाए जाने पर अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में बताया गया कि जीआईएस आधारित प्रणाली में प्रदेश में निर्मित 76 हजार खेत तालाब की संख्या एक उपलब्धि है। प्रदेश में अनूपपुर जिला 275 खेत तालाब बनाकर दूसरे क्रम और अलीराजपुर जिला 216 खेत तालाब बनाकर तीसरे क्रम पर है। अमृत सरोवर निर्माण के लिए सिवनी जिले में सबसे अच्छा कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स और अधिकारियों की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की जिलों के कार्या पर चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स से अभियान के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। भोपाल जिले में कलियासोत से कार्य प्रारंभ किया गया है। साथ ही बैरसिया में प्राचीन जल स्रोतों को स्वच्छ बनाया जा रहा है। रायसेन कलेक्टर ने बताया कि भोपाल शहर के नजदीक स्थित बेतवा नदी के उद्गम स्थल ग्राम झिरी में बोरी बंधान निर्माण के कार्य हो रहे हैं। टीकमगढ़ कलेक्टर ने बताया कि 70 प्राचीन तालाबों और 10 बावड़ियों के निकट क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें स्वच्छ और सुंदर बनाने का कार्य हो रहा है। शहडोल में तातापानी से गर्म जल की उपलब्धता के नाते यह विशेष स्थान माना जाता है। ऐसे स्रोतों को सहेजने का कार्य हो रहा है। सागर में पुरानी संरचनाओं को राजस्व रिकार्ड में लिया गया है। नदियों को पुनर्जीवित करने के कार्य भी किए जा रहे हैं। ग्वालियर में व्यापारी संघ ने सार्वजनिक प्याऊ के लिए मटकों और चील्ड कूलर की व्यवस्था की है। उपार्जन केंद्रों पर पानी के साथ शरबत और छांछ की व्यवस्था की जा रही है। राजगढ़ में मोहनपुरा क्षेत्र में इजराइल पद्धति से पानी के उपयोग और उज्जैन में गयाकोठा, बावनकुंड के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा के मार्ग में अभियान के तहत हो रहे कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक में विभिन्न जिलों में पौधरोपण गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में नवाचार करने वाले और सक्रियता से कार्य करने वाले जिलों की प्रशंसा की। पेयजल प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रबंध कार्यों की जानकारी विस्तार से प्राप्त की। उन्होंने हर जिले में प्रत्येक बसाहट में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।        recent visitors 60

दीपावली तक 17.5 किमी रूट पर दौड़ने लगेगी मेट्रो रेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रायोरिटी कारिडोर का निरीक्षण किया

इंदौर इंदौर में 5.9 किमी लंबे सुपर प्रायोरिटी कारिडोर पर सीएमआरएस से मेट्रो रेल चलाने की अनुमति मिल चुकी है। अब कमर्शियल रन की तैयारी की जा रही है। इसी के तहत शनिवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रायोरिटी कारिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ मेट्रो का सफर किया। अधिकारियों ने सभी यात्री सुविधाओं से अवगत कराया। निरीक्षण के बाद विजयवर्गीय ने कहा कि जल्द ही मेट्रो रेल की सुविधा मिलेगी। दीपावली तक 17.5 किमी मार्ग पर रेल दौड़ने लगेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। गांधीनगर स्टेशन से लेकर सुपर कारिडोर स्टेशन-3 तक मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। मंत्री विजयवर्गीय ने गांधी नगर स्टेशन की टिकट खिड़की से मेट्रो का पहला टिकट लिया। स्वचालित डोर टिकट के माध्यम से ऊपर पहुंचे। लगेज चेकिंग मशीन और अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। एस्केलेटर से ऊपर पहुंचकर मेट्रो में सवार हुए। गांधीनगर स्टेशन से मेट्रो 11:45 पर रवाना हुई। करीब पांच किमी की दूरी तय कर 11.58 बजे सुपर कारिडोर स्टेशन-3 पहुंची। मंत्री विजयवर्गीय चालक कक्ष में भी पहुंचे। यहां चालक गणेश देशमुख से मेट्रो के संचालन की जानकारी ली और अनाउंसमेंट व अन्य सुविधाओं को समझा। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य, निदेशक सिस्टम शोभित टंडन, निदेशक प्रोजेक्ट अजय गुप्ता मौजूद रहे। इंदौरियों के लिए बनेगी आकर्षण मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो का उद्घाटन होने के साथ संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में प्रायोरिटी कारिडोर पर ही मेट्रो का संचालन होगा, लेकिन यह इंदौरियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। शुरू में लोग मेट्रो में सफर से अधिक इसे देखने और अनुभव करने के लिए आएंगे। यह मेट्रो शहरवासियों को यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगी। 17.5 किमी मार्ग पर परीक्षण की तैयारी मंत्री विजयवर्गीय ने निरीक्षण के बाद बताया कि मेट्रो का कार्य तेज गति से जारी है। दीपावली तक पहले चरण के 17.5 किमी रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू कर देंगे। इस रूट पर ट्रायल की तैयारी की जा रही है। दूसरे चरण में भूमिगत लाइन करने को लेकर सर्वे किया जा रहा है। एमजी रोड से पहले कहीं मेट्रो रेल को भूमिगत किया जाएगा। मेट्रो स्टेशन से जोड़ेंगे सिटी बसें कमर्शियल रन से पहले मेट्रो स्टेशन से सिटी बसों की कनेक्टिविटी की योजना भी बनाई जा रही है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि शहर की बसों को मेट्रो से अच्छी तरह जोड़ा जाए। सिटी बसों के अलावा जरूरत पड़ने पर ई-रिक्शा को भी मेट्रो स्टेशन तक पहुंच दी जाएगी। मेट्रो स्टेशन के आसपास पार्किंग बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है।   recent visitors 34

चीन में हाफ मैराथन के दौरान इंसानों के साथ रोबोट ने भी भाग लिया, यह रोबोट की विश्व की पहली ऐसी दौड़ बताई जा रही है

बीजिंग चीन ने शनिवार को हाफ मैराथन का आयोजन किया। यह अपने आप में अनोखा था, क्योंकि इसमें इंसानों के साथ रोबोट ने भी भाग लिया। यह ह्यूमनाइड रोबोट की विश्व की पहली ऐसी दौड़ बताई जा रही है। इस दौरान रोबोटिक्स में बीजिंग की अमेरिका के साथ बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच एआई प्रौद्योगिकियों में प्रगति को प्रदर्शित किया गया। शीर्ष विश्वविद्यालयों और फर्मों के अपने तकनीकी संचालकों के साथ 21 ह्यूमनाइड रोबोट (मानव की तरह दिखने वाले रोबोट) बीजिंग में 21 किलोमीटर की दौड़ में शामिल हुए। 20 टीमों ने लिया हिस्सा इंसानों के साथ दौड़ते इन रोबोटों को देखने के लिए फुटपाथों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। प्रतियोगिता के बाद कई श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए। इस दौरान न केवल गति, बल्कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, चलने के तरीके, एथलेटिक प्रदर्शन और इंजीनियरिंग क्षमता आदि को ध्यान रखा गया।   एजेंसी ने एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें कई रोबोट प्रतियोगियों के साथ दौड़ रहे हैं, जिनमें से एक रोबोट ने काली टोपी और सफेद दस्ताने पहन रखे हैं। हालांकि, इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट वीडियो से पता चला कि यह एक सहज दौड़ नहीं थी, क्योंकि कुछ रोबोट को शुरुआत में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि वे दुर्घटनाग्रस्त भी हो गए। इस प्रतियोगिता में 20 प्रतिस्पर्धी टीमों ने भाग लिया। इनमें तियांगोंग टीम के तियांगोंग अल्ट्रा ने दो घंटे 40 मिनट के समय के साथ रोबोट के बीच दौड़ जीती। इथियोपिया के एलियास डेस्टा द्वारा इस दौड़ को एक घंटे और दो मिनट में पूरा कर लिया गया, जिन्हें इंसानों की दौड़ का विजेता घोषित किया गया। recent visitors 47

एलन मस्क ने कहा- पीएम मोदी से बात करना सम्मान की बात थी, मैं इस साल के अंत में भारत आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं

नई दिल्ली टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने शनिवार को कहा कि वह इस साल के अंत में भारत आने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद मस्क ने यह जानकारी दी है। मस्क इस साल भारत में टेस्ला को लॉन्च करने की भी तैयारी कर रहे हैं। पिछले दिनों टेस्ला ने शोरूम के लिए मुंबई और दिल्ली में जगह भी किराए पर ले ली है। एलन मस्क ने फोन पर पीएम मोदी के साथ बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "पीएम मोदी से बात करना सम्मान की बात थी। मैं इस साल के अंत में भारत आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर अपनी बातचीत का विवरण साझा किया। पीएम मोदी ने लिखा था, "एलन मस्क से बात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें इस साल की शुरुआत में वॉशिंगटन डीसी में हमारी बैठक के दौरान शामिल किए गए विषय भी शामिल हैं। हमने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। भारत इन क्षेत्रों में अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।'' पीएम मोदी ने इस साल की शुरुआत में अमेरिका का दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात एलन मस्क के साथ भी हुई थी। उस बैठक के दौरान, मोदी और मस्क ने अंतरिक्ष अन्वेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और सतत विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय और अमेरिकी संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। फरवरी की बैठक के बाद एक बयान में, विदेश मंत्रालय ने कहा था, "प्रधानमंत्री और मस्क ने नवाचार, अंतरिक्ष अन्वेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत विकास में भारतीय और अमेरिकी संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उनकी चर्चा में उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और सुशासन में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।" डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में मस्क ने अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) का भी नेतृत्व किया। फरवरी में पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान मस्क के साथ उनके तीन बच्चे भी थे। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी उपस्थिति पर ध्यान देते हुए पोस्ट किया था, "एलन मस्क के परिवार से मिलना और कई विषयों पर बात करना भी बहुत खुशी की बात थी।" उन्होंने यह भी कहा था, "वॉशिंगटन डीसी में एलन मस्क के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। हमने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें वे मुद्दे भी शामिल हैं, जिनके बारे में वह भावुक हैं, जैसे कि अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार। मैंने सुधार और न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत के प्रयासों के बारे में बात की।" recent visitors 36

मैं युवाओं अनुरोध करता हूं कि वे प्रतिदिन अपने शरीर के लिए दो घंटे और अपने दिमाग के लिए छह घंटे की नींद जरूर दें: अमित शाह

 नई दिल्ली विश्व लिवर दिवस पर इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलियरी साइंसेज (ILBS) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार अपनी फिटनेस के राज खोले हैं और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली का मंत्र भी साझा किया है. गृह मंत्री शाह ने कहा, मेरे जीवन में मैंने बहुत बड़ा परिवर्तन किया है. शरीर को जितनी चाहिए- उतनी नींद. शरीर को जितनी चाहिए- उतना पानी और शरीर को जैसा चाहिए, वैसा आहार और नियमित व्यायाम से मैंने मेरे जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है. उन्होंने आगे कहा, हमारे देश के युवाओं को अभी अगले 40-50 वर्षों तक जीना है और देश के विकास में योगदान देना है. मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे प्रतिदिन अपने शरीर के लिए दो घंटे और अपने दिमाग के लिए छह घंटे की नींद जरूर दें. यह अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी. यह मेरा स्वयं का अनुभव है. आज मैं यहां इसी अनुभव को आपसे साझा करने आया हूं. गृह मंत्री अमित शाह का पूरा बयान…. ''मैं एक मेरे जीवन का अनुभव साझा करने के लिए यहां आया हूं. 2020 के मई महीने से आज तक… मेरे जीवन में मैंने बहुत बड़ा परिवर्तन किया है. शरीर को जितनी चाहिए- उतनी नींद. शरीर को जितनी चाहिए- इतना पानी और शरीर को जैसा चाहिए, वैसा आहार और नियमित व्यायाम से मैंने मेरे जीवन में बहुत कुछ हासिल किया और ये अनुभव को साझा करने के लिए मैं आया हूं. मैं आपको बता सकता हूं कि ये साढ़े चार साल के समय में मैं आज करीब करीब सभी एलोपैथिक दवा और इंसुलिन से मुक्त होकर आपके सामने खड़ा हूं. और आज विश्व यकृत पर भी मैं देशभर के विशेषकर सभी युवाओं को… जिनको अभी 40-50 साल तक अपना जीवन व्यतीत करना है. इस देश के विकास में योगदान देना है. और देश के विकास के माध्यम से हम सब इच्छा करते हैं, ऐसे विश्व का निर्माण करना है, वो युवाओं को मैं जरूर कहना चाहूंगा कि अपने शरीर के लिए दो घंटा और दिमाग के लिए कम से कम छह घंटे की नींद एक बार रिजर्व कर लीजिए… अनेक गुना उपयोगिता इसकी बढ़ जाएगी. और ये मेरा अनुभव है.'' ''अगर चार साल पहले डॉक्टर शिव सरीन मुझे यहां बुलाते तो मैं नहीं आता, क्योंकि मैं यहां बात करने लायक ही नहीं होता. महात्मा बुद्ध के जीवन का एक प्रसंग है. एक मां एक बच्चे को लेकर महात्मा बुद्ध के सामने उपस्थित हुई. उसने कहा- महात्मा जी बेटा बहुत गुड़ खाता है तो आप जरा उसको समझाइए. निश्चित मात्रा से ज्यादा कोई भी चीज खाना शरीर के लिए फायदेकारक नहीं होता है. महात्मा बुद्ध ने कहा कि सप्ताह के बाद आइए. एक सप्ताह के बाद मां फिर से आई और बुद्ध ने बेटे को समझाया कि आप ज्यादा गुड़ मत खाइए- इससे हानि होती है. फिर मां से रहा ना गया उसने पूछा कि आपने यही बात एक सप्ताह पहले क्यों नहीं की तो उन्होंने कहा- माता जी मैं स्वयं ही बहुत गुड़ खाता था तो गुड़ छोड़कर बेटे को नसीहत देना चाहता था. मेरी भी स्थिति कुछ ऐसी ही है. मेरे जीवन में डिसिप्लिन लाने का किसी एक महात्मा के आग्रह के कारण मैंने निर्णय किया और ये निर्णय का मुझे बहुत फायदा हुआ है. इसे शेयर करने के लिए मैं आज यहां आया हूं.''   recent visitors 52

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दतिया में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

दतिया उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अक्टूबर माह तक डॉक्टर्स की नई भर्ती सुनिश्चित कर सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। प्राथमिक, उप-स्वास्थ्य एवं सामुदायिक केंद्रों सहित आरोग्य मंदिरों की अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु पर्याप्त बजट की व्यवस्था की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दतिया जिले के अपने अल्प प्रवास के दौरान जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवा से जिले के सभी प्राथमिक एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक उन्नत विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टर गाँव-गाँव में बैठकर मरीजों को परामर्श दे सकेंगे। इससे मरीजों को बार-बार जिला अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उनके समय एवं धन की भी बचत होगी। इस अवसर पर कलेक्टर संदीप कुमार माकिन ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि जिला अस्पताल में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिंक अलार्म जैसी नवीन पहल प्रारंभ की गई है। उन्होंने नव निर्मित दतिया एयरपोर्ट की व्यस्थाओं के संबंध में भी अवगत कराया। माँ पीताम्बरा के दर्शन कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने दतिया के अल्प प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध पीताम्बरा शक्तिपीठ पहुंचकर माँ पीताम्बरा के दर्शन किए एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण एवं सुख-समृद्धि की कामना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्राचीन वन खण्डेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक भी किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ पीताम्बरा शक्तिपीठ परिसर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र सरकार की "प्रसाद योजना" के अंतर्गत शक्तिपीठ परिसर के सौंदर्यीकरण हेतु स्वीकृत 44.24 करोड़ रूपए की परियोजना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 29