RBI ने रेपो रेट में लगातार दूसरी बार की कटौती, सस्ते हो जाएंगे लोन, इकॉनमी को लगेंगे पंख

नई दिल्ली आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी है। लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कटौती की गई है। इससे पहले फरवरी में भी रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती की गई थी। यह करीब पांच साल में रेपो रेट में पहली कटौती थी। आज की कटौती के साथ अब रेपो रेट 6 फीसदी हो गया है। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसके कम होने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किस्त कम होती है।आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में रेपो रेट में कटौती का फैसला लिया गया। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। आरबीआई की एमपीसी की नए फाइनेंशियल ईयर में यह पहली बैठक थी। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट में कटौती के पक्ष में वोट दिया। उन्होंने कहा कि नया वित्त वर्ष काफी उथलपुथल के साथ शुरू हुआ है। ट्रेड के मामले में कुछ आशंकाएं सही साबित हो रही हैं और ग्लोबल कम्युनिटी परेशान है। भारतीय अर्थव्यवस्था ने कीमतों में स्थिरता और नियमित विकास के मामले में अच्छी प्रगति की है। दुनिया में इकनॉमिक आउटलुक तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत अमेरिकी शुल्क के साथ वैश्विक अनिश्चितता के साथ हुई है लेकिन आरबीआई स्थिति पर नजर रखे हुए है। भारतीय अर्थव्यवस्था लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ रही है और आर्थिक वृद्धि में सुधार जारी है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत रुख को तटस्थ से बदलकर उदार करने का फैसला किया है। महंगाई में कमी आरबीआई गवर्नर ने कहा कि रियल जीडीपी ग्रोथ के इस फाइनेंशियल ईयर में 6.5% रहने का अनुमान है। पहले इसके 6.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था। पहली तिमाही में इसके 6.5%, दूसरी तिमाही में 6.7%, तीसरी तिमाही में 6.6% और चौथी तिमाही में 6.3% रहने का अनुमान है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में महंगाई दर 4 फीसदी रहने का अनुमान है जो फरवरी के 4.2 फीसदी अनुमान से कम है। पहली तिमाही में महंगाई की दर 3.6%, दूसरी तिमाही में 3.9%, तीसरी तिमाही में 3.8% और चौथी तिमाही में 4.4% रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि हमारा रुख नकदी प्रबंधन पर किसी मार्गदर्शन के बिना नीति दर मार्गदर्शन प्रदान करता है। वैश्विक निश्चितताओं से मुद्रा पर और दबाव पड़ सकता है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, नवीनतम व्यापार संबंधी उपायों से अनिश्चितताएं और बढ़ गई हैं जिससे विभिन्न क्षेत्रों में परिदृश्य धुंधला गया है। महंगाई में कमी का असर माना जा रहा था कि आरबीआई रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती कर सकता है। अधिकांश अर्थशास्त्रियों ने इसका अनुमान जताया था। उनका कहना था कि देश में महंगाई कम हो रही है, इसलिए आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकता है। भारत की खुदरा महंगाई की दर फरवरी में 3.61% तक गिर गई थी। यह जनवरी में 4.26% थी। यह सात महीनों में पहली बार RBI के 4% के लक्ष्य से नीचे आई। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मार्च में भी महंगाई RBI के अनुमान से कम रहेगी। क्या होता है रेपो रेट? रेपो रेट के जरिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया वाणिज्यिक बैंकों को शॉर्ट टर्म लोन प्रदान करती है। ये एक तरह से बैंकों के लिए लोन ब्याज दर की तरह काम करता है। ये लोन एक समय सीमा के लिए निर्धारित किया जाता है। हालांकि अगर बैंक लंबे समय के लिए लोन लेना चाहे तो उन्हें बैंक रेट के आधार पर आरबीआई लोन ऑफर करती है। कैसे पड़ेगा आप पर प्रभाव? रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर- अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी आती है, तो इसका मतलब है कि बैंकों को लोन महंगा पड़ने वाला है, जिसका इनडायरेक्ट असर आपके लोन के ब्याज और ईएमआई पर देखने को मिलता है। रेपो रेट में कटौती का असर- अगर आरबीाई द्वारा रेपो रेट में कटौती की जाती है। तो इससे बैंकों को लोन सस्ता पड़ता है। वहीं लोग भी कम ब्याज दर पर लोन ले पाते हैं। इस तरह से रेपो रेट फिक्सड डिपॉजिट के फ्लोटिंग और फिक्सड रेट पर भी इनडायरेक्ट असर डाल सकता है। आरबीआई ने क्यों घटाया रेपो दर? हमारे देश की केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कटौती और बढ़ोतरी कर अर्थव्यवस्था में मनी सप्लाई पर नियंत्रित करने की कोशिश करती है। रेपो रेट में कटौती और बढ़ोतरी का फैसला कई तरह के महत्वपूर्ण तथ्यों को देखकर लिया जाता है। इनमें से एक महंगाई भी है। रेपो रेट की खबर ने दी राहत इससे पहले 7 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के उत्पाद शुल्क बढ़ाना, एलपीजी गैस के दामों में इजाफा होने की खबर से लोगों को बड़े झटके मिले हैं। इस बीच आरबीआई का ये फैसला राहत दे सकता है हालांकि बढ़ते उत्पाद शुल्क का असर पेट्रोल डीजल के दामों में देखने को नहीं मिला है। आज भी इनमें दाम स्थिर है। recent visitors 53

प्रधानमंत्री संतगण से करेंगे भेंट, आनंद सरोवर में करेंगे पुष्प अर्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से वैशाखी का वार्षिक मेला बनेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री बनेंगे आनंदपुर धाम के सेवा कार्यों के साक्षी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री संतगण से करेंगे भेंट, आनंद सरोवर में करेंगे पुष्प अर्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव आनंदपुर धाम जैसा केन्द्र, एक बार जरूर देखना चाहिए मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री की मध्यप्रदेश यात्रा की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेन्स द्वारा ग्वालियर संभाग के कमिश्नर, आईजी सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर, एसपी अशोक नगर से चर्चा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 11 अप्रैल को प्रस्तावित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं गरिमामयपूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके पहले गत 4 अप्रैल को आनंदपुर धाम पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की तैयारियों को लेकर किये गये प्रबंधों का अवलोकन कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी आगामी 11 अप्रैल को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी अशोक नगर जिले के आनंदपुर धाम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी परमहंस अद्वैत मत के प्रमुख गुरू महाराज, महात्मा शब्द प्रेमानंद जी और अन्य संतगण से भेंट कर आनंदपुर धाम के सेवा प्रकल्पों की जानकारी लेंगे। धाम में वैशाखी मेले में लगभग 20 हजार श्रद्धालु भागीदारी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में कार्यक्रम के स्वरूप और अन्य तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर लिए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक और सेवा संस्थानों में से एक अशोकनगर के आनंदपुर धाम में प्रतिवर्ष वैशाखी पर वार्षिक मेला लगता है। इस समागम में धाम से जुड़े हजारों देशी-विदेशी अनुयायी पधारते हैं। इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से यह मेला अविस्मरणीय बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आनंदपुर धाम जैसे स्थान आस्था के केंद्र होने के साथ ही धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन के भी बड़े केंद्र हैं। इसे जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को एक बार जरूर देखना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी आनंद सरोवर में पुष्प करेंगे अर्पित प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर धाम परिसर स्थित आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी को इस धाम में होने वाली भक्ति और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के साथ ही संचालित सेवा कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर सत्संग आश्रम परिसर स्थित चारों मंदिरों को देखेंगे। वे विशाल सत्संग हॉल में मंचीय कार्यक्रम में वैशाखी के वार्षिक मेला आयोजन में नागरिकों और इस धाम से जुड़े देश-विदेश के अनुयायियों को संबोधित करेंगे। वे लंगर में प्रसाद भी ग्रहण करेंगे।   recent visitors 40

फिर टूटा CSK फैन्स का दिल, पंजाब किंग्स के सामने फीकी पड़ी चेन्नई सुपर किंग्स

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का 22वां मुकाबला पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुल्लांपुर में खेला गया। इस मैच को पंजाब किंग्स ने 18 रन से अपने नाम कर लिया। पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। ऐसे में पंजाब ने 6 विकेट के नुकसान पर 219 रन बना लिए थे। 220 रन के टारगेट का पीछा करते हुए चेन्नई निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 201 रन ही बना पाई। बता दें कि यह सीएसके की इस आईपीएल में लगातार चौथी हार है। लामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य के तूफानी शतक से पंजाब किंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स को 18 रन से हरा दिया। यह चेन्नई सुपर किंग्स की लगातार चौथी हार है। पंजाब किंग्स के 220 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सुपर किंग्स की टीम सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे (69 रन, 49 गेंद, छह चौके, दो छक्के) के अर्धशतक और शिवम दुबे (42) के साथ तीसरे विकेट की उनकी 89 रन की साझेदारी के बावजूद पांच विकेट पर 201 रन ही बना सकी। कॉन्वे ने रचिन रविंद्र (36) के साथ भी पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़े। पंजाब किंग्स की ओर से लॉकी फर्ग्युसन सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 40 रन देकर दो विकेट चटकाए। पंजाब किंग्स ने इससे पहले खराब शुरुआत से उबरते हुए छह विकेट पर 219 रन बनाए। आईपीएल इतिहास का संयुक्त रूप से चौथा सबसे तेज शतक जड़ने वाले प्रियांश ने 42 गेंद में नौ छक्कों और सात चौकों से 103 रन की पारी खेली। उन्होंने शशांक सिंह (नाबाद 52) के साथ उस समय छठे विकेट के लिए 34 गेंद में 71 रन की साझेदारी की जब टीम 83 रन पर पांच विकेट गंवाकर संकट में थी।  प्रियांश आर्या ने 39 गेंद में जड़ा आईपीएल का चौथा सबसे तेज शतक पंजाब किंग्स (PBKS) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच खेले गए मैच में प्रियांश आर्या का तूफान देखने को मिला. प्रियांश ने महज 39 गेंदों पर शतक जड़ दिया. अपनी इस पारी में प्रियांश ने 9 छक्के और 7 चौके लगाए. जड़ा चौथाा सबसे तेज आईपीएल शतक 24 वर्षीय प्रियांश आर्या ने शतक जड़कर कई कीर्तमान अपने नाम कर लिए हैं. आईपीएल में सबसे तेज शतक (गेंदों के हिसाब से) लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में वो संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं. इस लिस्ट में टॉप पर क्रिस गेल हैं जिन्होंने 2013 में महज 30 गेंदों पर शतक जड़ा था. 30 गेंद – क्रिस गेल (RCB) 2013 37 गेंद – यूसुफ पठान (RR) 2010 38 गेंद- डेविड मिलर (KXIP) 2013 39 गेंद- ट्रैविस हेड (SRH) 2024 39 गेंद- प्रियांश आर्य 2025* सबसे तेज शतक जड़ने वाले अनकैप्ड भारतीय बने प्रियांश इन अनकैप्ड खिलाड़ियों ने आईपीएल में अबतक शतक लगाए हैं. शॉन मार्श 2008 मनीष पांडे 2009 पॉल वाल्थाटी 2009 देवदत्त पडिक्कल 2021 रजत पाटीदार 2022 यशस्वी जयसवाल 2022 प्रभसिमरन सिंह 2023 प्रियांश आर्य 2025* धोनी फिर नहीं जिता सके मैच 220 रनों के जवाब में उतरी सीएसके ने शुरुआत में ही धीमी बल्लेबाजी की. हालांकि, शिवम दुबे और कॉन्वे के बीच अच्छी साझेदारी हुई. लेकिन 16वें ओवर में दुबे का विकेट गिरा. इसके बाद बल्लेबाजी के लिए महेंद्र सिंह धोनी पहुंचे. जब धोनी बल्लेबाजी के लिए आए तो चेन्नई को जीत के लिए 25 गेंदों में 69 रनों की दरकार थी. धोनी ने लगाए तीन छक्के धोनी ने 12 गेंदों में 27 रन बनाए. इसमें तीन छक्के भी शामिल हैं. एक चौका भी धोनी ने लगाया. धोनी ने फग्यूसन के  18वें ओवर में दो छक्के लगाए. जबकि अर्शदीप को एक छक्का जड़ा. लेकिन 20वें और आखिरी ओवर में जब जीत के लिए 6 गेंदों में 28 रनों की दरकार थी तब धोनी पहली ही गेंद पर आउट हो गए. recent visitors 44

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में तेजी से अनेक विकास कार्य मूर्तरूप ले रहे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विवेकानंद नीडम आरओबी व छात्रावासों का वर्चुअल लोकार्पण तेजी से हो रहा है ग्वालियर का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष तोमर एवं राज्य सरकार के मंत्रीगण भी कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल ग्वालियर में सांसद कुशवाह की मौजूदगी में हुआ लोकार्पण समारोह का आयोजन ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में तेजी से अनेक विकास कार्य मूर्तरूप ले रहे हैं। ग्वालियर से आगरा तक सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण से ग्वालियर और दिल्ली में कोई अंतर नहीं रहेगा। साथ ही वेस्टर्न बायपास सहित अन्य बड़े-बड़े विकास कार्य होने जा रहे हैं, जिससे अधोसंरचनागत विकास के साथ आर्थिक दृष्टि से भी ग्वालियर विकसित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित हुए विवेकानंद नीडम रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लोकार्पण समारोह को भोपाल से वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्वालियरवासियों को इस सौगात के लिये बधाई देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा ग्वालियरवासियों को वेस्टर्न बायपास के रूप में एक और बड़ी सौगात दी है। केन्द्र सरकार द्वारा 4 हजार करोड से अधिक लागत से प्रदेश में मंजूर की गईं 4 महत्वपूर्ण सड़कों में ग्वालियर की वेस्टर्न बायपास भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर को रेलवे ओवरब्रिज के साथ 2 छात्रावासों की सौगात भी मिली है। 50-50 सीटर कन्या छात्रावासों से ग्वालियर की अनुसूचित जाति की बालिकाओं को पढ़ाई के लिये आवासीय सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले के आनंदपुर धाम भी पधार रहे हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल में भी उद्योगों के लिए बना है अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों के लिए प्रदेश में काफी अनुकूल वातावरण बना है। ग्वालियर-चंबल अंचल में भी तेजी के साथ औद्योगिक विकास हो रहा है। गत मार्च माह में ग्वालियर-चंबल अंचल में नई औद्योगिक इकाइयों की आधारशिला रखी गई है। साथ ही आगे चलकर बड़ी-बड़ी इकाईयां यहां मूर्तरूप लेंगी। उन्होंने कहा बड़े उद्योग हों या लघु अथवा सूक्ष्म उद्योग सभी के लिये प्रदेश में काफी अनुकूल वातावरण बना है। राज्य शासन द्वारा 5200 करोड रुपए की समस्त देनदारी चुका दी गई है। ऊर्जा विभाग ने भी कोयले से संबंधित भुगतान का कार्य पूर्ण कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी का सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों को आगामी 10 अप्रैल को महावीर जयंती और 14 अप्रैल की अंबेडकर जयंती की अग्रिम बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपए वार्षिक से अधिक हो गई है। प्रदेश का बजट 5 वर्ष में दोगना हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। नदी लिंक परियोजनाओं का लाभ भी ग्वालियर-चंबल को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना से भी ग्वालियर चंबल क्षेत्र लाभान्वित होगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों से यह संभाग लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में श्योपुर और अन्य जिलों की विशेष पहचान है। अद्भुत है यह लोकार्पण कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुशनुमा अंदाज में कहा कि यह लोकार्पण कार्यक्रम अद्भुत है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रेल में सफर करते हुए कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े हैं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर नई दिल्ली से, जबलपुर से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट नर्मदापुरम से इस कार्यक्रम में वर्चुअल जुडे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा भोपाल में मेरे साथ ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सहित तोमर मौजूद है। सांसद भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर में मौके पर मौजूद हैं। इसलिए यह अद्भुत लोकार्पण कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ग्वालियर के बहादुरा के लड्डू पसंद हैं। आज जो सौगात ग्वालियर को मिली है सहज ही परस्पर मिठाई खिलाने का भी एक सुअवसर है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर के विकास में नए-नए आयाम जुड़ रहे हैं। इस श्रृंखला में शामिल हुए नए आरओबी से शिवपुरी – दतिया हाईवे तक जाने के लिये एक और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतियों को अवसर में बदला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्पूर्ण प्रदेश में विकसित राज्य बनाने का काम कर रहे हैं। इससे ग्वालियर के विकास को भी नई ऊँचाईयां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने आज नए आरओबी के साथ-साथ ग्वालियर को दो छात्रावासों का लोकार्पण भी किया है। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर को 1300 करोड रूपए लागत के वेस्टर्न बायपास की सौगात मिली है, जिससे ग्वालियर के विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने पिछले वर्षों में ग्वालियर में स्थापित हुए विकास के विभिन्न आयामों का उल्लेख भी इस अवसर पर किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी वर्चुअल उदबोधन दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार से ग्वालियर के सुनियोजित विकास के लिये भरपूर मदद कर रहीं हैं। प्रसन्नता की बात है कि ग्वालियर में एक साथ 5 रेलवे ओवरब्रिज सरकार ने मंजूर किए थे। ये सभी पूर्ण हो चुके हैं, इससे ग्वालियरवासियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिली है। साथ ही शहर की तस्वीर बदली है। उन्होंने विवेकानंद नीडम आरओबी की शहरवासियों को बधाई दी। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने ग्वालियर के सुनियोजित विकास में योगदान के लिये प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति भी आभार जताया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी इस अवसर पर वर्चुअल संबोधन दिया और सभी को विवेकानंद नीडम आरओबी के लोकार्पण की बधाई और शुभकामनायें दीं। जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकसित ग्वालियर का संकल्प तेजी से मूर्तरूप ले रहा है। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने आरओबी व दो छात्रावासों की सौगात देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। साथ ही कहा कि ग्वालियर में विकास कार्यों की श्रृंखला चल रही है। निर्माणाधीन बड़े-बड़े कार्यों के पूर्ण होने पर आगे चलकर निश्चित ही ग्वालियर एक विकसित शहर का रूप लेगा। … Read more

सोने के दाम में आ रही बड़ी गिरावट: इस महीने पहुंचेगा 56,000 रुपये तोला, एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी

मुंबई सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, और निवेशक जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या सोने का भाव 56,000 रुपये तक गिर सकता है। हालिया घटनाओं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए कई Gold Market एक्सपर्ट्स इस संभावना को लेकर अपने विचार साझा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में सोने के दामों में और गिरावट आने की संभावना है, और अगर ये ट्रेंड जारी रहता है, तो सोने का भाव 56,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इसका मुख्य कारण अमेरिका के tariff chart, वैश्विक शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, और डॉलर की मजबूत स्थिति को माना जा रहा है। इसके अलावा, मांग में कमी और अधिक खनन के कारण भी सोने के दामों में गिरावट आ सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ चार्ट ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों पर टैरिफ लगाने का फैसला किया, जिसके बाद इन देशों ने भी जवाबी कार्रवाई में टैरिफ बढ़ा दिए। इसका असर वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ा, और कहीं न कहीं हर देश में महंगाई बढ़ने की आंशका जताई जा रही है। इसी बीच, सोने की कीमतों को लेकर एक नया अनुमान सामने आया है। गोल्ड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप के टैरिफ की वजह से अगले महीने सोने की कीमतों में भारी गिरावट आने वाली है। कब तक आएगी सोने में गिरावट? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोने के दाम 40% तक गिर सकते हैं, और ये गिरावट अगले महीने तक महसूस हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो सोने का दाम 90,000 रुपये से घटकर महज 50-55 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। क्या है सोने के दाम गिरने की वजह? सोने के दाम में यह गिरावट अमेरिका के टैरिफ चार्ट, अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण हो सकती है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव और सोने की मांग में कमी भी इसकी वजह हो सकती है। अगर आप सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहतरीन हो सकता है। मगर, क्या यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी, या यह महज एक अस्थायी बदलाव है? क्यों गिरेगा सोने का भाव? अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थितियां: वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव सोने के दाम को प्रभावित कर सकते हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर के मजबूत होने से सोने के दाम में गिरावट हो सकती है, क्योंकि डॉलर की तुलना में सोने की मांग घट सकती है। सार्वभौमिक खनन और आपूर्ति: सोने के ज्यादा खनन और कम डिमांड के चलते भी इसकी कीमतों में कमी हो सकती है। निवेशकों के लिए क्या है सही समय? अगर आप सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अच्छा हो सकता है, खासकर अगर सोने के दाम में गिरावट आती है। लेकिन, जैसा कि एक्सपर्ट्स का कहना है, सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना है, तो आपको सावधानी से काम करना चाहिए और बाजार की स्थिति को ध्यान से देखना चाहिए।   recent visitors 51

मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक और बड़ी सौगात मिली, नेशनल हाईवे होगा अपग्रेड

भोपाल मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक और बड़ी सौगात मिल गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश से गुजर रहे नेशनल हाईवे-34 के हिस्से को अपग्रेड करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद एक्स पर साझा की है। 531.84 करोड़ रुपए की स्वीकृति केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के शाहगढ़-बक्सवाहा-नरसिंहगढ़-दमोह से 63.50 किमी लंबाई के खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन में अपग्रेड करने के लिए 531.84 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। बनाए जाएंगे 4 बाईपास आगे जानकारी देते हुए लिखा है कि नेशनल हाईवे-34 उत्तराखंड के गंगोत्री धाम को मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर) पर लखनादौन से जोड़ता है। शाहगढ़-दमोह खंड के उन्नयन में 5 प्रमुख पुल, बक्सवाहा, भटेरा, नरसिंहगढ़ और पिपरिया चंपत में 4 बाईपास और दमोह के निर्मित क्षेत्रों में सर्विस/स्लिप रोड (दोनों तरफ 1.3 किलोमीटर) शामिल हैं। इस राजमार्ग के जुड़ने से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी और आर्थिक विकास को भी तेजी से बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय से चल रही थी मांग नेशनल हाईवे 34 प्रदेश के नरसिंहपुर, सागर, दमोह और राजगढ़ से निकलता है। इस मार्ग को लंबे समय से अपग्रेड करने की मांग की जा रही थी। बता दें कि, 63.50 किलोमीटर का हिस्सा एमपी से गुजरता है। इस मार्ग के अपग्रेड होने से कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। recent visitors 52

एक दशक में दूसरी बार भारतीय प्रधानमंत्री ने यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया

नई दिल्ली  श्रीलंका की सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत लौट आए हैं। थाईलैंड के बाद श्रीलंका पहुंचे पीएम मोदी का जोरदार स्‍वागत किया गया। इस दौरान श्रीलंका के राष्‍ट्रपति अनूरा कुमार दशनायके ने शनिवार को पीएम मोदी को देश का सर्वोच्‍च नागर‍िक सम्‍मान 'श्रीलंका मित्र व‍िभूषण' दिया। पीएम मोदी ने बौद्ध धर्मस्‍थलों का भी दौरा किया जिनका भारत से करीबी नाता रहा है। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान एक दुर्लभ घटना घटी। पीएम मोदी ने श्रीलंका में अनुराधापुरम की अपनी यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना के बेहद शक्तिशाली हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया। एक दशक में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब भारतीय प्रधानमंत्री ने श्रीलंका के अंदर यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया। बताया जा रहा है कि कभी तमिल विद्रोही गुट लिट्टे का गढ़ रहे श्रीलंका में सुरक्षा कारणों से पीएम मोदी के लिए यह फैसला लिया गया। यही नहीं पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंका के अंदर कई आतंकी हमले भी हो चुके हैं। इसी खतरे को देखते हुए पीएम मोदी के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया गया। पीएम मोदी ने अनुराधापुरम में भारत के वित्‍तपोषण वाले कई रेलवे प्राजेक्‍ट का उद्घाटन किया। इसमें माहो- ओमानथाई लाइन और हाल ही में बनाया गया माहो- अनुराधापुरम खंड शामिल है। इसके अलावा माहो- अनुराधापुरम खंड के सिग्‍नल को भी दुरुस्‍त किया गया। पीएम मोदी ने क‍िया वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल वरिष्‍ठ पत्रकार येशी सेली ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि सुरक्षा कारणों से भारतीय हेलिकॉप्‍टर इस्‍तेमाल करने का यह फैसला लिया गया था। एक सूत्र ने कहा, 'यह किसी राष्‍ट्राध्‍यक्ष के लिए ऐसी जगहों पर जिन्‍हें सुरक्षित नहीं माना जाता है, वहां पर अपनी सेना के हेलिकॉप्‍टर या विमान का इस्‍तेमाल करने में कुछ भी असामान्‍य नहीं है। इसके लिए काफी पहले ही हवाई क्लियरेंस ले लिया जाता है।' उन्‍होंने कहा कि निश्चित रूप से भारतीय प्रधानमंत्री के इस हेलिकॉप्‍टर के लिए पहले ही मंजूरी ले ली गई होगी। दुनियाभर में हाल के वर्षों में राष्‍ट्राध्‍यक्षों के साथ कई ऐसी घटनाएं हुई हैं। माना जा रहा है कि इसी वजह से भी पीएम मोदी को किसी खतरे से बचाने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया गया। प‍िछले साल 19 मई को ईरानी एयरफोर्स का एक हेलिकॉप्‍टर अजरबैजान की सीमा के पास क्रैश हो गया था और इसमें ईरान के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई थी। सूत्र ने कहा, 'श्रीलंका में हालांकि हालात सुधर गए हैं लेकिन फिर भी हम खतरा नहीं उठा सकते हैं।' माना जा रहा है कि उनका इशारा श्रीलंका के गृहयुद्ध की ओर था जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। पीएम मोदी ने एसपीजी के साथ अपनी लैंड रोवर में क‍िया सफर लिट्टे नेता प्रभाकरण की मौत के बाद तमिल हिंसक आंदोलन खत्‍म हो गया। लिट्टे के ही आत्‍मघाती हमले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत हो गई थी। इससे पहले साल 2015 में जब पीएम मोदी श्रीलंका के अनुराधापुरम, जाफना और तलाईमनार की यात्रा पर गए थे तब उन्‍होंने भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया था। पीएम मोदी की यात्रा को देखते हुए श्रीलंका की सरकार ने कुछ समय के लिए अनुराधापुरम के एयरफोर्स बेस को रविवार को इंटरनैशनल एयरपोर्ट घोषित कर दिया था ताकि भारतीय प्रधानमंत्री यहां से आसानी से स्‍वदेश रवाना हो सकें। पीएम मोदी अपनी खास लैंडरोवर कार से इस एयरपोर्ट पर पहुंचे थे जिसे खासतौर पर श्रीलंका पहुंचाई गई थी। पूरी सुरक्षा का जिम्‍मा एसपीजी कमांडो के हवाले था। यह शक्तिशाली कार हर तरह के हमले झेल सकती है। recent visitors 50