भोपाल में भीषण गर्मी के बीच राहत, स्कूलों के समय में बदलाव; सुबह 7:30 से 12 बजे तक

भोपल मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के चलते भोपाल में राहत की घोषणा की है। अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे, ताकि बच्चों को तेज गर्मी से बचाया जा सके। दोपहर 12 बजे के बाद स्कूलों को खोलने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय बच्चों की स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे उन्हें गर्मी के प्रभाव से कुछ राहत मिलेगी। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। प्रदेश में पारा 42 डिग्री पार हो गया है। बड़ों का हाल बेहाल है तो वहीं अब स्कूल के बच्चों की हालत खराब हो रही है। अब इसमें राहत देते हुए सागर कलेक्टर ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। जिसके अनुसार अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। यानी दोपहर 12 बजे के बाद स्कूलों को लगाने की अनुमति नहीं होगी। recent visitors 38

MP में आठ साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया पुनः शुरू होगी, चार लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। आठ साल से रुकी पड़ी पदोन्नति की प्रक्रिया को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे चार लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक के बाद वीडियो संदेश के जरिए यह खुशखबरी सुनाई। सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद नए नियमों के साथ पदोन्नति की तैयारी की है, जिससे कर्मचारी जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह कदम न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। हालांकि, पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन सरकार ने वैकल्पिक रास्ता तलाशकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। मेरिट और वरिष्ठता बनेगी आधार सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पदोन्नति के नए नियमों में मेरिट के साथ-साथ वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाएगी। एक अप्रैल 2025 से पदोन्नत कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है। सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि कैबिनेट से नियम पारित होते ही विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर आदेश जारी करें। कार्यवाहक पदों पर दी गई अस्थायी पदोन्नति की पुन: डीपीसी होगी, ताकि उन्हें भी वरिष्ठ पद का आर्थिक लाभ मिल सके। खास बात यह है कि 2002 से पदोन्नत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) कर्मचारियों को पदावनत नहीं किया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है। आरक्षण विवाद ने रोकी थी पदोन्नति     पदोन्नति में आरक्षण का मामला 2016 से उलझा हुआ है। निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका दायर कर पदोन्नति नियम 2002 को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया, जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची।     सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के चलते मई 2016 से पदोन्नति ठप हो गई थी। इस दौरान एक लाख से अधिक कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। इस लंबे अंतराल ने कर्मचारियों में असंतोष पैदा किया था, जिसे अब सरकार दूर करने की कोशिश में है। शिवराज सरकार में बने नियम, पर नहीं बनी सहमति     तत्कालीन शिवराज सरकार ने कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गोरकेला से नए नियम तैयार करवाए थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।     उसके बाद तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में समिति बनी, जिसने कर्मचारी संगठनों से बातचीत की, पर कोई समाधान नहीं निकला। अंतरिम उपाय के तौर पर पात्र कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया, लेकिन यह स्थायी हल नहीं था। इस स्थिति ने कर्मचारियों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया था। विधि विभाग ने दिखाई राह     पदोन्नति का रास्ता विधि एवं विधायी विभाग ने सुझाया। कर्मचारियों की याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने माना कि आरक्षण नियम भले ही निरस्त हुए हों, लेकिन विभागीय भर्ती नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। इन नियमों के तहत एक निश्चित अवधि के बाद वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है।     हाई कोर्ट के आरपी गुप्ता प्रकरण के आदेश के आधार पर समिति बनाकर भर्ती नियम 2010 के तहत नए पदों को शामिल करते हुए पदोन्नति का फैसला लिया गया। ये पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी, जिससे कानूनी पेचीदगियां टाली जा सकें। मुख्यमंत्री का संदेश: जल्द मिलेगा हक     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा, “पदोन्नति के उलझे मामले सुलझने की ओर बढ़ रहे हैं। लंबे समय से कर्मचारी इस अवसर से वंचित थे। कई तो बिना पदोन्नति के रिटायर हो गए। एक ही सीट पर बैठे हुए हक न मिलना अटपटा लगता है।     अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श के बाद हमने रास्ता तलाशा है। सभी वर्गों को सहमत कर मार्ग प्रशस्त किया गया है। मुझे खुशी है कि कैबिनेट के निर्णय से जल्द ही कर्मचारियों को यह सुखद सूचना देंगे।” उनके इस बयान ने कर्मचारियों में उम्मीद जगाई है। कर्मचारियों की संख्या और प्रभाव     मार्च 2024 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में प्रथम श्रेणी के 8,286, द्वितीय श्रेणी के 40,020, तृतीय श्रेणी के 5,00,048 और चतुर्थ श्रेणी के 58,522 नियमित कर्मचारी हैं। पिछले एक साल की भर्तियों के साथ यह संख्या सात लाख से अधिक हो गई है।     चार लाख से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। यह निर्णय सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति को भी दर्शाता है।   recent visitors 33

नवकार महामंत्र विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है:उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पावन एवं शक्तिशाली मंत्र है, जो विनम्रता, अहिंसा, भाईचारे और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। यह मंत्र न केवल मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन का माध्यम है, बल्कि विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व नवकार महामन्त्र दिवस पर रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज एवं अन्य आचार्य गण से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने किया श्रवण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आध्यात्मिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भारत की आत्मा उसकी अध्यात्म-समृद्ध परंपरा में निहित है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम उस आत्मा को पुनः जाग्रत करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नवकार महामंत्र दिवस' कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने श्रवण एवं दर्शन किया। जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है: मुनिआचार्य प्रमाण सागर मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नवकार महामंत्र की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब विश्व आतंक, हिंसा और युद्ध के भयावह दौर से गुजर रहा है, तब नवकार महामंत्र शांति, सह-अस्तित्व और आत्मबोध की ओर मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि महावीर का जन्म नहीं, निर्माण होता है — जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है। आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि सच्चा वंदन केवल बाह्य अर्चना नहीं बल्कि अपने अस्तित्व के प्रति जागरूकता है। जब हम अपने अंदर के महावीर को पहचानते हैं और उसका वंदन करते हैं, तभी हम सम्पूर्ण विश्व का वंदन कर रहे होते हैं। नवकार मंत्र की आराधना सम्पूर्ण विश्व की शांति के लिए है। उन्होंने कहा कि धर्म का आश्रय, अर्थात् सत्य, तप, अनुशासन और धैर्य को जीवन में अपनाना आवश्यक है। धर्म को अपने स्वभाव और प्रवृत्ति में लाने से ही समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयंत मलैया, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जैन संत समाज के पूज्य संतगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।   recent visitors 48

डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, फार्मास्यूटिकल्स पर भी जल्द लगाया जाएगा टैरिफ, जानिए किन सामानों के एक्सपोर्ट पर क्या असर होगा

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तकरीबन 180 देशों पर लगाया गया रेसिप्रोकल टैरिफ आज से लागू हो गया है. सुबह 9.31 बजते ही भारत पर लगाया गया 26 फीसदी टैरिफ लागू हो गया. भारत पर लगाए गए इस टैरिफ के बाद आज से अमेरिका में निर्यात किए जाने वाले हर भारतीय सामान पर 26 फीसदी शुल्क लगेगा. कहा जा रहा है कि इस टैरिफ का भारत पर कई स्तरों पर असर देखने को मिल सकता है. अमेरिका में भारत के सामान पर 26 फीसदी टैरिफ लगाने से यकीनन उस सामान की कीमत बढ़ेगी. इससे वहां भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, खासकर उन देशों की तुलना में जिन पर कम टैरिफ लगाया गया है. भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल हैं. ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का सबसे ज्यादा असर दवाओं पर पड़ेगा. भारत से अमेरिका में सस्ती दवाएं जाती हैं. भारत से अमेरिका 12 अरब डॉलर से ज्यादा की दवाएं और फार्मा प्रोडक्ट्स लेता है. 2023-24 में भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस 35.32 अरब डॉलर था. टैरिफ से यह सरप्लस कम हो सकता है. कॉमर्स मिनिस्ट्री के मुताबिक, भारत से 73.7 अरब डॉलर का निर्यात जबकि अमेरिका से 39.1 अरब डॉलर का आयात होता है. हालांकि, अमेरिकी सरकार के आंकड़े इससे अलग हैं. अमेरिका के आंकड़े बताते हैं कि भारत से 91.2 अरब डॉलर का निर्यात तो 34.3 अरब डॉलर का आयात होता है. अमेरिका के साथ कारोबार करना भारत के लिए फायदे का सौदा रहा है क्योंकि उसके इंपोर्ट कम और एक्सपोर्ट ज्यादा है. टैरिफ के कारण एक्सपोर्ट कम हो सकता है. लेकिन भारत पर टैरिफ क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दोस्ती जगजाहिर है. दोनों एक-दूसरे को अच्छा दोस्त बताते हैं. 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' रैलियों को इसका सशक्त उदाहरण भी बताया जाता है. लेकिन ट्रंप कई मौकों पर भारत को टैरिफ किंग बता चुके हैं. ट्रंप ने कहा था कि भारत बहुत अधिक टैरिफ लगाता है यह बहुत Brutal है. ऐसे में ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के आंकड़ों की माने तो भारत में औसत टैरिफ सबसे ज्यादा है. भारत में औसत टैरिफ 17 फीसदी तो अमेरिका में 3.3 फीसदी ही है. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से आने वाले खाने-पीने के सामान, मांस और प्रोसेस्ड फूड पर भारत में 37.66 फीसदी टैरिफ लगता है, जबकि इन्हीं सामानों पर भारत, अमेरिका में 5.29 फीसदी टैरिफ देता था. अब तक ऑटोमोबाइल पर भारत 24.14 फीसदी तो अमेरिका 1.05 फीसदी टैरिफ लगाता आया है. शराब पर भारत 124.58 फीसदी तो अमेरिका 2.49 फीसदी टैरिफ वसूलता है. सिगरेट और तंबाकू पर अमेरिका में 201.15 फीसदी तो भारत में 33 फीसदी टैरिफ लगता रहा है. ट्रंप का मानना है कि टैरिफ की मदद से अमेरिका का व्यापार घाटा कम किया जा सकता है. व्यापार घाटा उस स्थिति को कहा जाता है जब कोई देश किसी दूसरे देश से आयात ज्यादा करता है लेकिन निर्यात कम करता है. भारत और अमेरिका के बीच करीब 45 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है. वहीं, कैबिनेट की आज सुबह 11 बजे की मीटिंग में ट्रंप के टैरिफ के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. केंद्रीय कैबिनेट आज से लागू होने जा रहे टैरिफ को लेकर भारत की रणनीति पर चर्चा कर सकती है. कहा जा रहा है कि इसे लेकर सरकार निर्यातकों के संपर्क में हैं. वाणिज्य मंत्रालय आज निर्यातकों के साथ बैठक भी कर सकता है. जल्द ही दवाओं पर भी लगाएंगे भारी भरकम शुल्क अमेरिका के राष्ट्रपति और टैरिफ किंग डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा धमाका किया है। दुनियाभर के 180 से अधिक देशों पर 2 अप्रैल को पारस्परिक टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने अब एलान किया है कि जल्द ही दवाओं के आयात पर शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका जल्द ही दवा आयात पर बड़े टैरिफ की घोषणा करेगा। नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि इस टैरिफ से दवा कंपनियों को अपना कारोबार अमेरिका में सेटअप करना पड़ेगा। चीन पर लगाया 104 फीसदी टैरिफ मंगलवार की आधी रात से सभी देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर टैरिफ की नई दर लागू हो गई है। इस बीच ट्रंप ने चीन पर 104 फीसदी टैरिफ का एलान किया है। पहले चीन पर अमेरिका ने कुल 54 फीसदी टैरिफ लगाया था। जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर 34 फीसदी टैरिफ की घोषणा की। इससे डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे थे। इस बीच ट्रंप ने मंगलवार को चीन पर अमेरिकी टैरिफ से बचने की खातिर अपनी मुद्रा में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि आपको उन्हें जवाब देना होगा। वे आज टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी मुद्रा में हेरफेर कर रहे हैं। बातचीत में जुटे 70 देश ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि 70 देशों के साथ व्यापार के मुद्दे पर बात चल रही है। हर देश के साथ एक कस्टम-मेड डील पर सहमत होने की कोशिश है। कई नेताओं से ट्रंप ने की बात डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से बात की और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू से भी बात की। अमेरिका इस बात पर खफा है कि चीन ने बातचीत के बजाय जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप हर समय फोन उठाने को तैयार हैं। recent visitors 60

‘नवकार महामंत्र दिवस’: पीएम बोले- सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'नवकार महामंत्र दिवस' पर आयोजित 'नवकार महामंत्र' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिना जूते के पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने मंच पर नहीं बल्कि आम लोगों के साथ बैठकर कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक धोती और कुर्ता धारण किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने भारत की पहचान स्थापित करने में अमूल्य भूमिका निभाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके मूल्य आतंकवाद, युद्ध और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से पार पाने में मददगार हैं। पीएम मोदी ने 'नवकार महामंत्र दिवस' के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों की शिक्षाओं और मूर्तियों के जरिए इस धर्म का प्रभाव संसद भवन पर दिखाई देता है। क्यों मनाया जाता है नवकार महामंत्र दिवस? नवकार महामंत्र दिवस आध्यात्मिक सद्भाव और नैतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो जैन धर्म में सबसे अधिक पवित्र है। इस नवकार महामंत्र के सामूहिक जप के माध्यम से लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान 108 से अधिक देशों के लोग शांति और एकजुटता के लिए वैश्विक जप में शामिल हुए। अनेकांतवाद के सिद्धांत का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया को इसकी बहुत जरूरत है क्योंकि इसके तहत विभिन्न दृष्टिकोणों की सराहना की जाती है। अनेकांतवाद जैन धर्म में गैर-निरपेक्षता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख सिद्धांत है। इसके तहत यह माना जाता है कि अंतिम सत्य को अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में जीवन की पारस्परिक निर्भरता का खासा महत्व है और इसलिए इसमें मामूली हिंसा पर भी रोक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शांति, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे अच्छा सबक है। मोदी ने कहा कि जैन साहित्य भारत की आध्यात्मिक भव्यता की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसे संरक्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है, जिसमें इसके प्राचीन ग्रंथों का डिजिटलीकरण और पाली व प्राकृत को शास्त्रीय भाषा घोषित करने की हालिया योजना भी शामिल है। मोदी ने लोगों से जल संरक्षण, अपनी मां की याद में एक पेड़ लगाना, स्वच्छता को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों के लिए मुखर होना, देश में यात्रा करना, प्राकृतिक खेती को अपनाना, मोटे अनाजों का अधिक सेवन कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और खाद्य तेल के उपयोग में 10 प्रतिशत की कटौती करना, गरीबों की मदद करना और खेल तथा योग को दिनचर्या में सम्मिलित करने समेत नौ प्रतिज्ञाएं लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से देश भर में एकता का संदेश ले जाने और "भारत माता की जय" कहने वाले किसी भी व्यक्ति को गले लगाने को कहा। recent visitors 42

गुजरात टाइटन्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच होगा घमाशान, इनका होगा पिच पर राज

नई दिल्ली अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज आईपीएल 2025 का 23वां लीग मैच खेला जाएगा। ये मुकाबला मेजबान गुजरात टाइटन्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच होगा। दोनों टीमें अपना पिछला-पिछला मैच जीतकर यहां पहुंची हैं। ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होगा, क्योंकि दोनों ही टीमें अपनी जीत की लय को बरकरार रखना पसंद करेंगी। राजस्थान रॉयल्स के लिए ये ग्राउंड अच्छा नहीं रहा है, क्योंकि वे यहां 2022 का फाइनल भी हारे हैं। इसके अलावा कुछ और भी मैच वे इस मैदान पर हार चुके हैं। हालांकि, आप यहां जान लीजिए कि अहमदाबाद की पिच पर बल्लेबाज हावी होंगे या गेंदबाजों का कहर देखने को मिलेगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच रिपोर्ट की बात करें तो यहां आंकड़े बड़े दिलचस्प हैं। कुल 38 मुकाबले यहां आईपीएल के खेले गए हैं, जिनमें से 17 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करते हुए टीमें जीती हैं और 20 मैचों में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। एक मैच बारिश में धुल गया था। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल में पहली पारी का औसत स्कोर यहां 174 रन है। बावजूद इसके कि यहां बड़ी बाउंड्री हैं। दूसरी पारी का औसत स्कोर भी 161 है तो आप यहां बड़ा स्कोर चेज कर सकते हैं। गेंदबाजों के नजरिए से अहमदाबाद की पिच को देखें तो स्पिनरों को भी अच्छी खासी मदद यहां मिलती है। स्पिनरों को साढ़े 33 फीसदी से ज्यादा विकेट मिलते हैं, जबकि पेसर्स यहां 66 फीसदी से ज्यादा विकेट निकालते हैं। ऐसे में मुकाबला बैट और बॉल का यहां दिलचस्प रहने वाला है। हालांकि, पहली पारी के औसत स्कोर को देखते हुए बल्लेबाजों के हावी रहने की उम्मीद है। अभी तक दो मैच यहां इस सीजन खेले गए हैं। दोनों मैचों की पहली पारी का औसत 200 से ज्यादा का है। हालांकि, सफल रन चेज यहां इस सीजन नहीं हुई। ओस बड़ा फैक्टर होती है, लेकिन पहली पारी में विशाल स्कोर बनाकर दूसरी टीमों पर दबाव आ जाता है। recent visitors 49

CG में कभी भी हो सकता है साय मंत्रिमंडल का विस्तार, आज दिनभर बैठकों का दौर चलेगा

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Dev Sai) के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार कभी भी हो सकता है। सीएम के इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि 10 अप्रैल तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। वहीं, कांग्रेस ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चुटकी ली है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इसे बीरबल की खिचड़ी करार दिया है। इस पर भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि भगत का कोई वजूद नहीं है। छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी में बुधवार को दिनभर बैठकों का दौर चलेगा। इसके लिए खासतौर पर दिल्ली से भाजपा के सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश और प्रभारी नितिन नबीन रायपुर पहुंच चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, निकाय स्तर के नेताओं की अलग बैठक होगी। माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद प्रदेश में निगम मंडल में अन्य पदाधिकारी की घोषणा, कैबिनेट विस्तार में मंत्रियों के नाम का ऐलान और संसदीय सचिवों से जुड़ी सूची भी भाजपा जल्द जारी कर सकती है। ऐसा है संगठन के नेताओं का आज का शेड्यूल शिवप्रकाश और नीतिन नबीन भाजपा और निगम-मंडल व आयोगों के पदाधिकारियों के साथ ही नगरीय निकायों के महापौर, सभापति, अध्यक्ष व उपाध्यक्षों की बैठक लेंगे। भाजपा प्रदेश महामंत्री जगदीश (रामू) रोहरा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले महामंत्रियों की बैठक होगी। इसके बाद निगम, मंडल और आयोगों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों की बैठक होगी। फिर सभी मोर्चा प्रदेश अध्यक्षों की बैठक लेंगे। इसके बाद नगरीय निकायों के महापौर-सभापतियों, अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के साथ ही जिला पंचायतों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों की बैठक नेता लेंगे। कार्यकर्ताओं को क्या सीख मिली एक दिन पहले मंगलवार शाम रायपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन भी हुआ। भाजपा 6 अप्रैल स्थापना दिवस से ही अलग-अलग कार्यक्रम कर रही है। रायपुर के एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं का सम्मेलन हुआ। यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले पार्टी के दो सांसद हुआ करते थे, तब सत्ता पक्ष के लोग मजाक उड़ाकर व्यंग्य करते थे- हम दो हमारे दो। तब श्रद्धेय अटल जी कहा था कि अभी तो आप लोगों की हंसने की बारी है। एक समय आएगा कि पूरा देश भाजपा के साथ होगा। आज देशभर में कमल खिल चुका है, खिलता जा रहा है। भाजपा की इस सफलता और जन-विश्वास को हमें आगे बढ़ाना है और पार्टी की मजबूती को बनाकर रखना है। बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच नौ अप्रैल को भाजपा की कई महत्वपूर्ण बैठकें रायपुर स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित की जाएंगी। भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश सुबह से ही संगठन के विभिन्न स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें निगम-मंडल, आयोगों के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के साथ-साथ नगरीय निकायों के महापौर और सभापति भी शामिल रहेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन और सरकार के समन्वय को मजबूत करना और संभावित मंत्रियों के नामों पर अंतिम चर्चा करना है। अमर अग्रवाल और गजेंद्र यादव का मंत्री बनना तय सूत्रों की मानें तो साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में बिलासपुर से पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल और दुर्ग से विधायक गजेंद्र यादव का मंत्री बनना लगभग तय है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया दौरे के बाद इन नामों पर मुहर लगी है। अमर अग्रवाल पूर्व में वित्त और नगरीय प्रशासन मंत्री रह चुके हैं, वहीं गजेंद्र यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े वरिष्ठ नेता बिसराराम यादव के बेटे हैं। भाजपा की रणनीति यादव समाज को साधने की है, ताकि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में यादव वोटरों को अपने पक्ष में किया जा सके। recent visitors 26