मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पर्यटन विकास के प्रयासों में पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यटन विकास के प्रयासों में पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है। प्रकृति और पर्यावरण को क्षति पहुंचाए बिना ही पर्यटन‍विकास के सभी प्रकल्प क्रियान्वित किए जाएंगे। इस संबंध में समुचित परीक्षण के बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की पांचवीं बैठक मंगलवार को मंत्रालय में संपन्न हुई। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश में वेटलैण्ड्स के भौतिक सत्यापन और सीमांकन कार्य की जानकारी प्राप्त कर सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि इसरो-एसएसी-2021 (इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र) एटलस के अनुसार प्रदेश में भौतिक सत्यापन और सीमांकन का कार्य पर्यावरण विभाग के राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। यह वेटलैण्ड्स 2.25 हैक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक के हैं। यह कार्य राजस्व विभाग और वन विभाग के सहयोग और संबंधित जिला प्रशासन के नेतृत्व में सम्पन्न करवाया जा रहा है। प्रदेश में 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में 13 हजार 454 वेटलैण्ड्स का जमीनी सत्यापन और 12 हजार 741 वेटलैण्ड्स के सीमांकन का कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश में कुछ ही वेटलैण्ड्स शेष हैं, जहां यह कार्य अभी चल रहा है। एक नया मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। इस कार्य के लिए प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 5 हजार कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मॉनीटरिंग के लिए डैशबोर्ड विकसित किया गया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि पर्यावरण विभाग के स्तर पर वेटलैण्ड के भौतिक सत्यापन और सीमांकन कार्य की नियमित समीक्षा की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के श्री संजय कुमार शुक्ला, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 42

पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल स्थित कारखाने ने वित्तीय वर्ष कोचों की पीरियाडिक ओवरहॉलिंग सफलतापूर्वक पूरी की

भोपाल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय  के मार्गदर्शन में पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल स्थित सीआरडब्ल्यूएस (CRWS) कारखाने ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में असाधारण प्रदर्शन करते हुए कुल 1369 कोचों की पीरियाडिक ओवरहॉलिंग (POH) सफलतापूर्वक पूरी की है। यह उपलब्धि पश्चिम मध्य रेलवे के इतिहास में एक नया कीर्तिमान है, जो रेलवे की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के कुशल नेतृत्व और नियमित निगरानी के चलते यह लक्ष्य प्राप्त हुआ। पूरे पश्चिम मध्य रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 8307 कोचों एवं वैगनों की ओवरहॉलिंग की, जो कि रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित 7968 के लक्ष्य से 4% अधिक है। इसमें भोपाल के CRWS कारखाने ने 1369 कोचों का अनुरक्षण किया, जबकि कोटा स्थित WRS कारखाने ने 6938 वैगनों की मरम्मत पूर्ण की। यह दोनों कारखानों का अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन माना जा रहा है। भोपाल कारखाने में ओवरहॉलिंग के दौरान कोच बॉडी और अंडर गियर की मरम्मत, ट्रॉली व बोगी पार्ट्स का पुनर्निर्माण, एयर ब्रेक सिस्टम, बफर, व्हील और एक्सल जैसे अहम हिस्सों का रखरखाव किया गया। इन कार्यों से कोचों की सुरक्षा और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे यात्रियों को और अधिक सुरक्षित व आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सकेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि, “भोपाल कारखाने का यह योगदान न केवल रेलवे के उच्च तकनीकी मानकों को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और संतुष्टि सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह उपलब्धि पूरे भोपाल मंडल के लिए गर्व का विषय है।” recent visitors 49

वक्फ बिल पर वोटिंग के लिए भाजपा ने जारी की व्हिप, लोकसभा में सभी सांसद हाजिर रहें

नई दिल्ली लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर वोटिंग होनी है। इसके लिए भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कमर कस ली है। यहां तक कि भाजपा ने मंगलवार को ही व्हिप जारी कर दी है और अपने सभी सांसदों से लोकसभा में मौजूद रहने को कहा है। पार्टी की ओर से जारी व्हिप में कहा गया कि बुधवार को सदन में अति महत्वपूर्ण विधायी कार्य है। उन्हें पारित करने के लिए सभी लोग पार्टी का समर्थन करें और वोटिंग करें। व्हिप में सभी सांसदों से पूरे दिन सदन में ही मौजूद रहने को कहा गया है। भाजपा के पास लोकसभा में 240 सांसद ही हैं। सरकार जेडीयू और टीडीपी पर निर्भर है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस विधेयक को लेकर किस दल का क्या रुख रहेगा। अब तक चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-आर ने खुलकर समर्थन नहीं किया है, लेकिन विपक्ष को मुसलमानों को डराने से बचने की नसीहत दी है। इसी तरह जेडीयू का स्टैंड भी क्लियर नहीं है। ललन सिंह ने कहा कि हम लोकसभा में ही अपना रुख स्पष्ट करेंगे। इसके चलते सस्पेंस भी बढ़ गया है कि आखिर क्या होगा। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया है कि सरकार को अपने सहयोगी दलों के अलावा विपक्ष के भी कुछ सांसदों का समर्थन हासिल है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि विधेयक पर सदन में आठ घंटे की प्रस्तावित चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू जवाब देंगे। इस विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की मंजूरी लेंगे। सूत्रों ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। पिछले साल विधेयक पेश करते समय सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव किया था। समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने के बाद उसकी सिफारिश के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मूल विधेयक में कुछ बदलावों को मंजूरी दी थी। बहस के बाद मीटिंग छोड़ आए विपक्ष के नेता कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष ने विधेयक पर चर्चा के लिए 12 घंटे का समय आवंटित करने की मांग की, जबकि सरकार ने कम समय रखने पर जोर दिया ताकि अन्य विधायी कामकाज निपटाया जा सके। इस मुद्दे पर बीएसी बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और विपक्षी दलों के नेता बैठक छोड़कर बाहर आ गए। हालांकि बाद में रीजिजू ने संसद परिसर में मीडिया से कहा कि कुछ दल चार से छह घंटे की चर्चा चाहते थे, वहीं विपक्ष 12 घंटे की चर्चा कराने पर अड़ा रहा। चर्चा के लिए स्पीकर ने तय किया 8 घंटे का वक्त उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने चर्चा के लिए आठ घंटे निर्धारित किए हैं और सदन की भावना के अनुरूप इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। रीजिजू ने इस बात पर हैरानी जताई कि विपक्ष ने बीएसी की बैठक से वॉकआउट क्यों किया? रीजिजू ने कहा कि वह बुधवार को 12 बजे निचले सदन में प्रश्नकाल समाप्त होते ही विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए रखेंगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया कि कुछ दल चर्चा से बचने के लिए बहाने बना रहे हैं। recent visitors 42

प्रदेश के जनजातीय व दूरस्थ अंचलों तक संचालित होंगी परिवहन सेवा की बसें – श्री विष्णुदत्त शर्मा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जताया आभार ————————————————————  जन-जन को सुविधा उपलब्ध कराएगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा- श्री विष्णुदत्त शर्मा प्रदेश की जनता को सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का निर्णय लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई-श्री विष्णुदत्त शर्मा  प्रदेश के जनजातीय व दूरस्थ अंचलों तक संचालित होंगी परिवहन सेवा की बसें – श्री विष्णुदत्त शर्मा भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में प्रदेश की जनता को सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का निर्णय लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए आभार जताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का लाभ प्रदेश के जन-जन को मिलेगा और विशेषकर ग्रामीण, पिछड़े तथा दूरस्थ जनजातीय अंचल के लोगों को भी आवागमन सुविधा आसानी से मिल सकेगी, जहां अभी यात्रीं बसों की सुविधा कम है। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूल का नाम सांदीपनि स्कूल करने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए होस्टल बनाने के निर्णय भी डॉ. मोहन यादव की सरकार के सराहनीय कदम हैं, जिनका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा। प्रदेश की जनता का जीवन आसान बना रही भाजपा सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार लगातार प्रदेश की जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को मंजूरी इन्हीं प्रयासों की अगली कड़ी है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप में शुरू हो रही इस परिवहन सेवा की शुरुआत से जहां बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं सेवा से जुड़ने वाले निजी बस ऑपरेटरों को भी काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस सेवा के सलाहकार समिति होगी, जिसमें मध्यप्रदेश शासन के मंत्री, कलेक्टर और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे, जो समय-समय पर होल्डिंग कंपनी को सलाह देंगे। यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएंगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि नई योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा, इसलिए यात्रियों के शोषण की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी आदिवासी इलाकों में सुगम यात्री परिवहन के लिए हर जरूरी प्रयास करेगी और इस बस सेवा के माध्यम से इन अंचलों के लोग भी विकास से जुड़ेंगे। recent visitors 46

भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया, 25 से अधिक देशों को चाय निर्यात

नई दिल्‍ली भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। उसने श्रीलंका को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय चाय बोर्ड के अनुसार, भारत ने 2024 में 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। केन्या पहले स्थान पर है। भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत का चाय निर्यात बढ़ा है। 2024 में निर्यात 10 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। चाय निर्यात से भारत को अच्छी कमाई हुई है। इराक को भेजे जाने वाले शिपमेंट में बढ़ोतरी हुई है। भारत 25 से ज्‍यादा देशों को चाय निर्यात करता है। भारत दुनिया के शीर्ष पांच चाय निर्यातकों में से एक है। भारतीय चाय बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि भारत ने चाय निर्यात में बड़ी सफलता हासिल की है। भारत अब श्रीलंका से आगे निकल गया है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। 2024 में भारत ने 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे देश को 7111 करोड़ रुपये की आय हुई। चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं दुनिया में कई तरह की परेशानियां चल रही हैं। इसके बाद भी भारत के चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ा। यह पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है। 2023 में यह आंकड़ा 23.16 करोड़ किलो था। इसका मतलब है कि 2024 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चाय के निर्यात से भारत को खूब फायदा हुआ है। 2023 में भारत ने 6,161 करोड़ रुपये की चाय निर्यात की थी। 2024 में यह बढ़कर 7,111 करोड़ रुपये हो गई। यह 15 फीसदी की बढ़ोतरी है। 2024 में उत्तरी भारत (असम और पश्चिम बंगाल) ने 15.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 4833 करोड़ रुपये मिले। वहीं, दक्षिणी भारत ने 9.98 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 2278 करोड़ रुपये की आय हुई। उत्तरी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 60.79% और मूल्य के हिसाब से 67.96% रहा। दक्षिणी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 39.21% और मूल्य के हिसाब से 32.04% रहा। भारत 25 से ज्यादा देशों को चाय बेचता है। यूएई, इराक, ईरान, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन भारत के प्रमुख ग्राहक हैं। श्रीलंका में चाय की फसल कम होने के कारण कई भारतीय व्यापारियों को पश्चिम एशिया के बाजारों में जाने का मौका मिला। अब वे वहां पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल हो रहे हैं। दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल भारत भारत दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल है। पूरी दुनिया में जितनी चाय का निर्यात होता है, उसका लगभग 10 फीसदी भारत से होता है। असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी की चाय को दुनिया की सबसे अच्छी चाय माना जाता है। भारत से ज्यादातर 'ब्लैक टी' चाय का निर्यात होता है। यह कुल निर्यात का लगभग 96 फीसदी है। इसके अलावा, रेगुलर टी, ग्रीन टी, हर्बल चाय, मसाला चाय और लेमन टी भी निर्यात की जाती हैं। भारत सरकार चाय के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार चाहती है कि भारतीय चाय की एक खास पहचान बने। इसके साथ ही, सरकार चाय उद्योग से जुड़े परिवारों की मदद भी करना चाहती है। असम में दो मुख्य चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: असम घाटी और कछार। पश्चिम बंगाल में तीन प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: दोआर्स, तराई और दार्जिलिंग। दक्षिण भारत देश के कुल चाय उत्पादन का लगभग 17 फीसदी उत्पादन करता है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक यहां के मुख्य चाय उत्पादक राज्य हैं। छोटे चाय उत्पादक भी चाय के उत्पादन में बड़ा योगदान दे रहे हैं। कुल उत्पादन का लगभग 52 फीसदी हिस्सा छोटे चाय उत्पादकों का होता है। अभी लगभग 2.30 लाख छोटे चाय उत्पादक हैं जो चाय के कारोबार से जुड़े हैं।   recent visitors 60

कल 12 बजे संसद में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में फैसला

 नई दिल्ली  वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक दोपहर 12 बजे विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विधेयक को पेश करने की जानकारी दी गई। विपक्ष ने बिल पर 12 घंटे चर्चा की मांग की। जबकि सरकार ने आठ घंटे का समय दिया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप भी जारी करेगी। पार्टी के सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहना होगा। विपक्ष ने किया बैठक से वॉकआउट सरकार के रुख से नाराज होकर विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने उनके किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हमने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी से वॉकआउट किया क्योंकि सरकार अपना अजेंडा थोप रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात नहीं सुन रही है। वक्फ बिल पर 8 घंटे चर्चा होगी। जरूरत के मुताबिक समय बढ़ाया जा सकता है। हर पार्टी को अपनी बात रखने अधिकार है। हम बिल पर चर्चा कराना चाहते हैं। हमने इस मुद्दे पर सभी दलों से व्यापक चर्चा की है। वक्फ बिल पर व्यापक चर्चा की मांग विपक्षी दलों के सदस्यों ने कहा कि हमने वक्फ पर व्यापक चर्चा की। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर चर्चा की बात कही। वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने को लेकर मुद्दा रखा। हालांकि, सरकार ने किसी भी मुद्दे पर विपक्ष की बात नहीं मानी। विपक्ष का कहना है कि हाउस सरकार की मनमर्जी से चल रहा है। विपक्ष को कोई जगह नहीं दी जा रही है। यह हाउस सिर्फ रूलिंग पार्टी का नहीं जनता का है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम लागातर वोटर कार्ड की बात कर रहे हैं। हमारी मांग नहीं मानी। उन्होंने कहा कि दूसरे मुद्दे थे। ये किसी पर भी चर्चा नहीं करने दे रहे। अभी तक नहीं मिलीं विधेयक की प्रतियां: बीजद सांसद बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, "जहां तक ​​विधेयक की बारीकियों का सवाल है तो इसकी प्रतियां अभी तक वितरित नहीं की गई हैं। इस विधेयक पर बीजद की गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि चिंता यह नहीं है कि जेपीसी की बैठक हुई, बल्कि यह है कि विपक्ष की आवाज पर विचार किया गया है या नहीं। उन्होंने कहा कि अब अगर दो दिन लोकसभा में ही चर्चा होगी तो राज्यसभा के लिए समय बचेगा क्या. किरेन रिजिजू ने कहा कि इतना अच्छा बिल हमलोग लेकर आए हैं, रिकॉर्ड में दर्ज होगा कि किसने समर्थन किया और किसने विरोध. उन्होंने ये भी कहा कि कल ही चर्चा होगी, जवाब होगी और लोकसभा से इसे पारित कराना है. किरेन रिजिजू ने कहा कि हम हाथ जोड़कर विनती करते हैं, बिल पर बोलने के लिए कुछ नहीं है तो बहाना मत बनाइए. खुलकर बोलिए. उन्होंने ये भी कहा कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है लेकिन बिल उसी दिन पारित कराना है. किरेन रिजिजू ने कहा कि बहुत से मुस्लिम भी इस बिल के समर्थन में हैं. जेपीसी में इतनी चर्चा हो चुकी है. इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. विपक्ष ने किया बैठक से वॉकआउट विपक्ष ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया. सरकार की ओर से पहले चार से छह घंटे चर्चा का प्रस्ताव रखा गया था. विपक्षी दलों के नेता वक्फ बिल पर कम से कम 12 घंटे चर्चा की मांग कर रहे थे. सरकार की ओर से दो ही दिन का समय बचा होने की बात कहते हुए दो दिन तक चर्चा जारी रखने में असमर्थता जता दी. इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया. बाद में आठ घंटे चर्चा की बात पर सहमति बनी और सरकार की ओर से ये भी कहा गया कि चर्चा का समय और बढ़ाया भी जा सकता है. सांसदों को उत्तेजित न होने के निर्देश वक्फ बिल को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही सरकार नहीं चाहती कि कोई भी सदस्य उत्तेजित होकर ऐसा कुछ बोल जाए जिससे विपक्ष को हंगामा करने का कोई अवसर मिले और सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ जााए. इसलिए सभी सदस्यों से कहा गया है कि जिन्हें भी इस बिल पर चर्चा में शामिल होने का मौका मिले, वे अपनी बात मर्यादित तरीके से प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करके रखें. बोलते समय उत्तेजित न हों. बीजेपी ने सहयोगी दलों से भी अपने सभी सदस्यों की मौजूदगी सदन में सुनिश्चित करने के लिए कहा है. recent visitors 49

बस्तियों का दौरा कर स्वच्छता अभियान में भाग लें पार्टी पदाधिकारी – हितानंद जी

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में भोपाल जिले की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बूथ के व्हाट्सअप और लाभार्थी प्रमुख ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लोगों को जोड़ें। कार्यकर्ता 6 अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस और 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की तैयारियों में जुट जाएं। मंडल समितयों में महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस मनाने के लिए विशेष तैयारियां करें और अपने निवास और पार्टी कार्यालय पर पार्टी का ध्वज लगाकर पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएं। कार्यालय की सजावट कर रंगोली सजाएं तथा मिठाई बांटें। सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर ‘‘हैशटैग बीजेपी फॉर विकसित भारत’’ के साथ पोस्ट करें। बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी एवं जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने भी संबोधित किया। बस्तियों में स्वच्छता व सेवा कार्यों में जुटें पदाधिकारी भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि 6 एवं 7 अप्रैल को बूथ स्तर पर और 8-9 अप्रैल को मंडल व विधानसभा स्तर पर भाजपा की चुनावी सफलता, संगठनात्मक विस्तार, भारतीय राजनीति में भाजपा द्वारा लाया गया परिवर्तन एवं प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी के साथ विकसित भारत की ओर यात्रा जैसे विषयों पर नए प्राथमिक सदस्यों का सम्मेलन आयोजित करना सुनिश्चित करें। 7 से 12 अप्रैल के बीच जिला पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि व मंडल अध्यक्ष दिन में 8 घंटे “बस्ती चलो अभियान“ के तहत सेवा बस्ती का दौरा कर मंदिर, अस्पताल, स्कूल व गलियों में स्वच्छता अभियान में भाग लें। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों से मिलकर उनसे बातचीत करें, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, पशु चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व पंचायत कार्यालय का दौरा कर जल संरचनाओं की सफाई में सहभागिता करें। स्थानीय निवासियों की चौपाल का आयोजन तथा अलग-अलग समुदाय के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के घर पहुंचना है। वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता, मीसा बंदी तथा कारसेवकों का सम्मान करने के साथ बूथ समितियों की बैठक आयोजित करना है। बाबा साहब की प्रतिमाओं को सफाई कर मनाएं दीपोत्सव भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पूर्व 13 अप्रैल को उनकी प्रतिमाओं की सफाई करना तथा संध्या के समय दीपोत्सव मनाना है। 14 अप्रैल को बाबा साहब की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करना है। आंगनबाड़ी केंद्रों और अनुसूचित जाति बस्तियों के स्कूल परिसरों की सफाई एवं सामुदायिक सुविधाओं का रखरखाव किया जाए। 15 से 25 अप्रैल के बीच समाज के विभिन्न वर्गों के वरिष्ठों के साथ कम से कम 2 सत्रों की जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन कर कांग्रेस द्वारा किए गए बाबा साहब के अपमान और भाजपा द्वारा दिए जा रहे सम्मान और जिस तरह से कांग्रेस ने संविधान से खिलवाड़ किया तथा भाजपा ने संविधान के प्रति जो सम्मान प्रदर्शित किया है, उस पर विस्तार से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी वर्ष समारोह मना रही है, इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता श्रद्वेय अटल जी के पत्र, फोटो, वीडियो आदि के माध्यम से नए कार्यकर्ताओं को अवगत कराएं। बैठक में पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, जिला प्रभारी महेन्द्र सिंह यादव, महापौर श्रीमती मालती राय, वरिष्ठ नेता प्रदीप त्रिपाठी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी मंचासीन रहे।   recent visitors 39