छत्तीसगढ़ में पेट्रोल सस्ता, टोल महंगा, ई-ऑफिस सिस्टम लागू, जानें प्रदेश में 1 अप्रैल से क्या हुआ बदलाव?

रायपुर  छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में आज से पेट्रोल की कीमत में कटौती हुई है। पेट्रोल का रेट 1 रुपया लीटर सस्ता हुआ है। नए रेट 31 मार्च को आधी रात से लागू हहुआ है। राज्य सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में पेट्रोल प्रति लीटर 1 रुपए सस्ता करने की घोषणा की। जिसके बाद रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत करीब 100.42 रुपए प्रति लीटर हो गई है। दूसरी ओर अगर अब PAN से आधार लिंक नहीं होगा तो फाइन लगेगा. इससे टैक्सपेयर्स को परेशानी जरूर हो सकती है. तो वहीं राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 50 फीसदी बढ़ाकर 53 फीसदी कर दिया गया है. इसका फायदा कर्मचारियों को अप्रैल में होगा. छत्तीसगढ़ में सस्ती होगी शराब छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से शराब सस्ती हो जाएगी. इसके साथ ही प्रदेश के 600 से ज्यादा दुकानों में नए रेट भी लागू हो जाएंगे. अब फैसले से उपभोक्ताओं को कम कीमतों पर शराब उपलब्ध हो पाएगी. एक जानकारी के मुताबिक नई रेट के बाद अब शराब की कीमतों में 40 रुपये से लेकर 3 हजार रुपये तक की बचत हो सकेगी. ये नई दरें 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में लागू होगी. सरकार के फैसले के तहत 1000 रुपये की शराब की बोतल पर करीब 40 रुपये तक की बचत पर उपभोक्ताओं को मिलेगी. अब विस्तार से जानिए छत्तीसगढ़ में होने वाले बदलाव DA बढ़ा- राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 50% से बढ़ाकर 53% कर दिया गया है। जिसका फायदा अप्रैल महीने से मिलेगा। यानी मार्च की सैलरी में ये पैसा जुड़कर आएगा। पेट्रोल सस्ता- राज्य सरकार ने VAT की कटौती की है, इसकी वजह से आज 1 अप्रैल 2025 से लोगों को छत्तीसगढ़ में पेट्रोल 1 रुपए सस्ता मिलेगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर- राज्य सरकार अपने बजट का 26 हजार 341 करोड़ पूंजीगत व्यय करेगी। यानी सड़कें, ब्रिज, स्कूल-कॉलेज,अस्पताल बनेंगे, ये खर्च आम लोगों की सुविधा पर होगा। ये काम आज (मंगलवार) से ही शुरू होगा। स्कूलों की टाइमिंग बदलेगी- 2 अप्रैल से स्कूल सुबह 7 बजे से 11 बजे तक लगेंगे। दो पालियों में चलने वाले स्कूलों में बड़ी क्लासेस सुबह 8 से 3 बजे तक लगेंगी। व्यापारियों के लिए- ई-वे बिल बनवाने के नियम में सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख के सामान पर लागू किया गया है। जो आज 1 अप्रैल से लागू होगा।     40 हजार व्यापारियों की 10 साल से पुरानी VAT और CST की 25 हजार से कम की बकाया राशि माफ की गई है। ई-ऑफिस सिस्टम- आज 1 अप्रैल से जिला और संभाग कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू होगा। कम्प्यूटर पर फाइलें चलेंगी।     संबंधित अफसर के पास संबधित फाइल पहुंचने का SMS भी पहुंचेगा।     शराब सस्ती – छत्तीसगढ़ में आज से शराब सस्ती हो गई है। आबकारी विभाग के मुताबिक रिटेल वाइन शॉप में अधिक बिकने वाली बोतलों में 20, 40, 150, 200 और 300 रुपए तक कम कीमतों में शराब मिलेगी। बार में भी शराब के दाम घटे हैं। देशभर में होंगे ये बदलाव 1. इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव     1 अप्रैल से नई टैक्स व्यवस्था में नौकरी पेशा लोगों को 12 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।     75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी।     न्यू टैक्स रिजीम में 20 से 24 लाख की इनकम के लिए 25% टैक्स का नया स्लैब भी शामिल किया गया।     2.4 लाख रुपए से ज्यादा की आय पर नई टैक्स स्लैब के हिसाब से कटौती होगी।     सीनियर सिटीजन्स के लिए एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस की छूट की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। 2. बैंकों में मिनिमम बैलेंस के नियम बदलेंगे     बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ाई जा सकती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक समेत कई बैंकों ने मिनिमम बैलेंस की शर्तें बदली है।     इन बैंकों के ग्राहकों को सीमा शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होगा।     न्यूनतम बैलेंस न रखने पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। जो बैंक अकाउंट की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग होगी।     शहरी इलाकों में 5 हजार और ग्रामीण इलाकों में 3 हजार मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होगा।     हालांकि बैंकों ने अभी ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। 3. क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड में कटौती होगी।     SBI और IDFC First Bank अपने क्रेडिट कार्ड के यूज पर मिलने वाले रिवॉर्ड में कटौती कर रही है।     एयर इंडिया SBI प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड के यूजर्स को अब एयर इंडिया की टिकट बुकिंग पर हर 100 रुपए खर्च करने पर 15 की जगह सिर्फ 5 रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे। 4. पॉजिटिव-पे सिस्टम लागू किया जा सकता है     चेक में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 50,000 रुपए से ज्यादा के चेक जारी करने पर ग्राहकों को पहले बैंक को इसकी जानकारी देनी होगी। 5. TDS लिमिट की सीमा बढ़ी     6 लाख तक की रेंटल इनकम पर टैक्स नहीं     रेंट से होने वाली इनकम पर TDS की सीमा 2.4 लाख से बढ़कर 6 लाख हो गई है।     बैंक FD से मिलने वाले इंट्रेस्ट से इनकम लेने वाले सीनियर सिटीजन्स के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़कर 1 लाख हो गई है। 6. PAN और आधार लिंकिंग अनिवार्य     1 अप्रैल के बाद जिनका PAN आधार से लिंक नहीं होगा, उनका PAN कार्ड ब्लॉक हो सकता है।     PAN और आधार लिंक नहीं है, तो डिविडेंड और कैपिटल गेन पर TDS ज्यादा कटेगा, और टैक्स रिफंड में भी देरी हो सकती है।     देर से लिंक कराने पर जुर्माना देना होगा। 7.निष्क्रिय UPI अकाउंट बंद होंगे     अगर आपका यूपीआई खाता लंबे समय से निष्क्रिय है, तो बैंक उसे बंद कर सकता है। 8. ATM से पैसे निकालने का चार्ज देना होगा अब दूसरे बैंकों के एटीएम से महीने में केवल 3 बार ही फ्री ट्रांजेक्शन की अनुमति होगी। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 20 से 25 रुपए तक का चार्ज देने होगा। छत्तीसगढ़ में होंगे ये बदलाव … Read more

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा नाम से राज्य में चलेंगी बसें, मोहन कैबिनेट में कई प्रस्तावों पर मुहर

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार (1 अप्रैल) को राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। कैबिनेट में कई फैसलों पर मुहर लगी। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री कैलाश कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, कैबिनेट में सीएम राइज स्कूल के नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। अब ‘सांदीपनि स्कूल’ नाम से इसे जाना जाएगा। एक होल्डिंग कंपनी बनाई जाएगी, जो पीपी मॉडल पर बसों का संचालन करेगी और उसका नियंत्रण होगा। कंपनी गठन के लिए 101 करोड़ रुपए दिए गए हैं, इसके बाद आगे राशि का इंतजाम किया जाएगा। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में आने-जाने की सुविधा मिलेगी। अब टिकट के बिना बस में कोई नहीं बैठेगा। टिकट काटने वाली एजेंसी अलग होगी और यह काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। जिले में भी होगी सलाहकार समिति मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि जिले में भी सलाहकार समिति होगी, जिसमें मंत्री, कलेक्टर और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे, जो समय-समय पर होल्डिंग कंपनी को सलाह देंगे। बस संचालकों को नुकसान न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। सवारी के साथ बस का उपयोग माल परिवहन के लिए भी कार्गो सिस्टम पर आधारित होगा। इस पर होगा फोकस     प्रदेश के सभी आदिवासी इलाकों में सुगम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी।     नई परिवहन योजना में प्रदेश में यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी।     प्रदेश के सात बड़े संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा) में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएंगी।     प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित की जाएंगी।     ये सभी बॉडीज यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग एवं मार्गदर्शन करेंगी।     सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे।     नई योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा।     नई योजना में यात्रियों और बस ऑपरेटर्स के लिए ऐप और कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए एक डेशबोर्ड भी होगा। यात्री बसों की संख्या के लिए हो रहा सर्वे नई परिवहन सेवा के संचालन के लिए प्रदेश के सात बड़े संभागों में यात्री बसों की आवश्यकता और जरूरी संख्या के लिए सर्वे कराए जा रहे हैं। सर्वे के परिणाम जल्द ही प्राप्त हो जाएंगे। सर्वे के फीडबैक के आधार पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। बस ऑपरेटर्स को भी बेहतर माहौल और उन्हें लगातार बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नई परिवहन सेवा योजना में किया गया है, जिससे ऑपरेटर्स की बस सेवाएं बाधित न हों और यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो। कैबिनेट में यह फैसले भी हुए     सीएम राइज स्कूल का नाम 'सांदीपनि स्कूल' होगा। इन विद्यालयों में भगवान श्री कृष्ण की छवि दिखाई दे, ऐसा इंतजाम किया जाएगा।     284 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की सहायता से महिलाओं के लिए होस्टल बनाने के लिए मिले हैं। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए यह राशि उपयोग की जाएगी।     इंदौर में आईटी सेक्टर की कॉन्फ्रेंस 27 अप्रैल को होगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए तैयारियां करने को कहा है और इसके लिए देश की बड़ी आईटी कंपनियों को बुलाने के लिए कहा गया है।     एमएसएमई की सभी छोटी इंडस्ट्री को सब्सिडी दे दी गई है।     जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रभार के जिलों में नगरीय निकायों, पंचायतों में जल संग्रहण के लिए जनभागीदारी से काम कराएंगे।     गेहूं की खरीदी शुरू हो गई है। इस बार 2600 प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। 14.76 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है और आठ लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी कर ली गई है। मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभार के जिलों में दौरा करें और व्यवस्थाएं देखें।     स्कूल में प्रवेशोत्सव के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। किताबें समय पर बच्चों को मिल जाएं। यह काम अप्रैल माह में ही पूरा किया जाना है। कुल 85 लाख बच्चों को किताबें बांटी जाएंगी। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल के निर्माण हेतु केंद्र सरकार से 224 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिली है। राशि का उपयोग उद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बनाने के लिए होगा। 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा, जिसमें तकनीकी और उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 जून तक चलाया जाएगा, जिसमें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण पर ध्यान दिया जाएगा। गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी। 14 लाख 76 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और अब तक 8 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। सरकार अब बस नहीं खरीदेगी। होल्डिंग कंपनी बनाकर पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल बसों का संचालन होगा। आईटी का उपयोग कर बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे संचालन में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। बसों के टिकट सॉफ्टवेयर के जरिए जारी किए जाएंगे, जिससे टिकट प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा नाम से यह बसें चलेंगी, जो नागरिकों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवा प्रदान करेंगी। कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के तहत भत्ता दिया जाएगा, जिससे उनकी भत्तों में वृद्धि की जाएगी और कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएम राइज स्कूल’ का नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। अब इन स्कूलों को ‘सांदीपनि स्कूल’ नाम से जाना जाएगा। recent visitors 22

बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री में हुआ ब्लास्ट, 11 मजदूरों की मौत, विस्फोट से बिल्डिंग का स्लैव गिर, कई श्रमिकों बुरी तरह घायल

 बनासकांठा गुजरात से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। गुजरात के बनासकांठा में आज एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हो गया। बताया जा रहा है कि विस्फोट की चपेट में आकर 11 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 3 मजदूरों को गंभीर चोटे आई हैं। घायल मजदूरों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि डीसा के धुनवा रोड स्थित जिस फटाका फैक्ट्री में विस्फोट हुआ वह अवैध रूप से संचालित थी। जानकारी के मुताबिक ये हादसा गुजरात के बनासकांठा हुआ है। घटना के बाद मौके पर पहुंची एसडीएम नेहा पांचाल ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से ब्लास्ट हुआ है। विस्फोट से बिल्डिंग का स्लैव गिर गया, जिस कारण वहां काम कर रहे मजदूर फैक्ट्री के अंदर फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन कर मजदूरों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस दौरान 11 मजदूरों की विस्फोट की चपेट में आकर मौत हो गई। वहीं 3 लोगों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। अवैध रूप से संचालित थी पटाखा फैक्ट्री डीसा विधायक प्रवीण माली ने बताया, दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह यहां विस्फोटक लाकर पटाखा बनाते थे। उनके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस नहीं है। उन्हें सिर्फ पटाखा बेचने का लाइसेंस जारी किया गया है। फिलहाल, स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। खेतों में बिखरे मिले मानव अंग पटाखा फैक्ट्री में बड़ी संख्या में विस्फोटक मौजूद था। आग लगते ही उसमें ब्लास्ट होने लगा। लिहाजा, फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को भागने का मौका ही नहीं मिला। विस्फोट इतना भीषण था कि न सिर्फ बिल्डिंग का स्लैब धराशायी हो गया, बल्कि मजदूरों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। कुछ मानव अंग तो फैक्ट्री के पीछे स्थित खेत में पड़े मिले हैं। बताया जा रहा है कि पटाखा फैक्ट्री में बड़ी संख्या में विस्फोटक मौजूद था। आग लगते ही उसमें ब्लास्ट होने लगा। जिससे फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को भागने का मौका भी नहीं मिल सका। विस्फोट इतना भीषण था कि न सिर्फ बिल्डिंग का स्लैब धराशायी हो गया, बल्कि विस्फोट की चपेट में आकर मजदूरों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। कुछ मानव अंग तो फैक्ट्री के पीछे स्थित खेत में पड़े मिले हैं। इस घटना को लेकर डीसा विधायक प्रवीण माली ने बताया दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह यहां विस्फोटक लाकर पटाखा बनाते थे। उनके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस नहीं है। उन्हें सिर्फ पटाखा बेचने का लाइसेंस जारी किया गया है। बावजूद इसके उक्त स्थान पर अवैध तरीके से पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। विस्फोट कैसा हुआ इसके अभी तक स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। प्रशासन और पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। 40 प्रतिशत से अधिक झुलसे 3 लोग एसडीएम नेहा पांचाल के मुताबिक, सभी घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, वहां 3 लोगों का इलाज चल रहा है। जो 40 प्रतिशत से अधिक झुलस गए हैं। हादसे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई। प्रशासन और पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर कूलिंग कर रहे हैं। recent visitors 27

नवरात्रि के बीच आम जनता को बड़ी राहत… कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता, दिल्ली से मुंबई तक घट गए

नई दिल्ली  तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया है। 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती की गई है। नई कीमत आज से लागू हो जाएगी। अब दिल्ली में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर 1762 रुपये में मिलेगा। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले एक जनवरी को भी वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 14.50 रुपये की कटौती की गई थी। व्यापारी वर्ग को मिलेगा लाभ तेल कंपनियां वैश्विक कच्चे तेल की दरों और अन्य कारणों से कीमतों में बदलाव करती हैं। दिसंबर में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 62 रुपये का इजाफा किया गया था। नई कीमतों का लाभ व्यापारियों वर्ग को मिलेगा। रेस्तरां, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इन सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है। बता दें कि टैक्स और परिवहन लागतों के आधार पर एलपीजी की कीमतें हर राज्य में अलग-अलग हो सकती हैं। मुंबई में सिलेंडर ₹1755.50 से ₹42 घटकर ₹1713.50 रुपए हो गया है। चेन्नई में सिलेंडर ₹1,924.50 का मिल रहा है, जो पहले ₹1,965.50 थी। इससे पहले 1 फरवरी को भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹7 घटाई गई थी। हालांकि, 14.2 KG वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में यह ₹803 और मुंबई में ₹802.50 का मिल रहा है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और अन्य बाजार कारकों को ध्यान में रखते हुए हर महीने एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। दिसंबर 2023 में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹62 बढ़ाई गई थी, जिससे रेस्तरां, होटल और छोटे कारोबारी प्रभावित हुए थे। ऐसे उतार-चढ़ाव का सीधा असर उन व्यवसायों पर पड़ता है, जो नियमित रूप से एलपीजी का उपयोग करते हैं। 1 अप्रैल से ATF की कीमतों में बदलाव, जानिए नए रेट देश के चार बड़े महानगरों में एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की नई कीमतें 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गई हैं। घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ के रेट (प्रति किलोलीटर) इस प्रकार हैं:     दिल्ली: ₹89,441.18 (पहले- 95,311.72 रुपए प्रति किलोलीटर)     कोलकाता: ₹91,921.00 (पहले- 97,588.66 रुपए प्रति किलोलीटर)     मुंबई: ₹83,575.42 (पहले- 89,070.03 रुपए प्रति किलोलीटर)     चेन्नई: ₹92,503.80 (पहले- 98,567.90 रुपए प्रति किलोलीटर) वहीं, अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतें डॉलर में इस प्रकार हैं:     दिल्ली: $794.41 (पहले- 848.32 डॉलर प्रति किलोलीटर)     कोलकाता: $832.88 (पहले- 848.32 डॉलर प्रति किलोलीटर)     मुंबई: $794.40 (पहले- 847.10 डॉलर प्रति किलोलीटर)     चेन्नई: $789.76 (पहले- 843.13 डॉलर प्रति किलोलीटर) ₹12 लाख तक इनकम टैक्स फ्री, आज से देश में लागू हो रहे ये 5 बड़े बदलाव   LPG के दाम घटे आज से अप्रैल महीने की शुरुआत हो गई है और पहले ही दिन एलपीजी सिलेंडर पर बड़ी राहत मिली है. 1 अप्रैल 2025 को ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने LPG Cylinder Price में संशोधन करते हुए कटौती की है. इसके बाद दिल्ली से मुंबई तक सिलेंडर के दाम घट गए हैं. IOCL की वेबसाइट के मुताबिक, 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं और दिल्ली में ये 41 रुपये, जबकि कोलकाला में 44.50 रुपये तक सस्ता हो गया है. हालांकि, इस बार भी 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.   12 लाख रुपये तक टैक्स फ्री इनकम नए टैक्स ईयर की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2025 से नए टैक्स स्लैब भी लागू कर दिए गए हैं. बजट 2025 में मिडिल क्‍लास को राहत देते सरकार ने कई बड़े ऐलान किए गए थे, जिसमें टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव से लेकर टीडीस, टैक्‍स रिबेट और अन्य चीजें शामिल थीं. वहीं पुराने इनकम टैक्‍स एक्‍ट 1961 की जगह पर नए इनकम टैक्‍स बिल का प्रस्‍ताव रखा था. यह सभी बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गए हैं. नए टैक्‍स स्‍लैब के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को टैक्‍स का भुगतान करने से छूट दी जाएगी. इसके अलावा, वेतनभोगी कर्मचारी 75,000 रुपये की स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन के लिए पात्र होंगे. इसका मतलब है कि 12.75 लाख रुपये तक की वेतन आय अब टैक्‍स से मुक्त होगी. हालांकि, यह छूट केवल उन लोगों पर लागू होती है जो नया टैक्‍स विकल्‍प चुनते हैं. TDS के नियमों में बदलाव New Tax Slab के अलावा TDS विनियमों को भी अपडेट किया गया है, जिसमें अनावश्यक कटौती को कम करने और टैक्‍सपेयर्स के लिए कैश फ्लो में सुधार करने के लिए विभिन्न वर्गों में लिमिट बढ़ाई गई है. उदाहरण के लिए, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा दोगुनी करके 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे बुजुर्गों के लिए वित्तीय सुरक्षा बढ़ गई है. इसी तरह, किराये की आय पर छूट की सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये सालाना कर दी गई है, जिससे मकान मालिकों के लिए बोझ कम हो गया है और शहरी क्षेत्रों में किराये के बाजार को बढ़ावा मिल सकता है. UPS की शुरुआत नए टैक्स ईयर की शुरुआत के साथ पहली अप्रैल से केंद्रीय कर्मचारियों को गारंटीकृत पेंशन देने वाली यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS की शुरुआत होने जा रही है. पोर्टल पर आज यानी 1 अप्रैल 2025 से केंद्रीय सरकारी कर्मचारी अप्‍लाई कर सकेंगे. अगर कर्मचारी UPS के तहत पेंशन पाना चाहता है तो उन्‍हें यूपीएस का ऑप्‍शन सेलेक्‍ट करने के लिए क्‍लेम फॉर्म भरना होगा. अगर वे यूपीएस का चयन नहीं करना चाहते हैं तो NPS का विकल्‍प चुन सकते हैं. इसके तहत 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को UPS और NPS में से कोई एक विकल्‍प चुनना होगा. केंद्र सरकार यूपीएस विकल्प चुनने वाले सभी कर्मचारियों के (बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता) का अनुमानित 8.5% अतिरिक्त अंशदान भी प्रदान करेगी. यूपीएस के तहत न्यूनतम पेंशन 10,000 रुपये प्रति माह होगा, जो यूपीएस द्वारा न्यूनतम दस साल की सर्विस को पूरा करने पर दी जाएगी. बैंक अकाउंट से जुड़ा ये बड़ा चेंज अप्रैल महीने की पहली तारीख से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत अन्य कई बैंक ग्राहकों के सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियम संशोधित कर दिए हैं. बैंक द्वारा खाताधारक … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि "सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो, इसलिए इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया. मध्यप्रदेश के स्कूलों में आज एक अप्रैल से 'स्कूल चलें हम' अभियान- 2025 का आगाज होने जा रहा है। ऐसे में भोपाल के शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे।मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" शुभारंभ समारोह को संबोधित किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" अंतर्गत स्कूल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भोपाल से "स्कूल चले हम अभियान" का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी कई महान व्यक्तित्वों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में सीएम के अलावा जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई थी। पहली बार राज्यभर में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांटी गई कार्यक्रम में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस साल 1 अप्रैल से, जब छात्र अपने विद्यालय में प्रवेश करेंगे, तो शासन द्वारा दी जाने वाली किताबें उनके बैग में पहले से उपलब्ध होंगी। यह पहली बार हुआ है कि पूरे राज्य के प्रत्येक जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर वितरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक कौशल और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में पहली बार शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार हो रहे हैं। जुलाई से बेटियों को मिलेगी साइकिल मंत्री उदय प्रताप सिंह ने यह भी बताया की कि जुलाई में बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग और शिक्षकों को बधाई दी कि इस बार 1 अप्रैल से ही सभी विद्यार्थी अपनी नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर संभागों में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। इन समिट्स के माध्यम से 60% से अधिक निवेशकों ने उद्योग स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत कार्यक्रम में सबसे पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया गया। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होंगे बच्चे प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 में सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्यवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर 'स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम' प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। सभी जिलों में भी हुआ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम चयनित शालाओं में हुआ। कार्यक्रम में सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गई। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नए शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जाएं। जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिह्नित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जाएगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जाएगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जाएगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। स्कूल छोड़ने वालों को 4 अप्रैल से फिर से मिलेगा प्रवेश सीएम ने इस अवसर पर सरकारी स्कूलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने से प्रतिभा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि वहां भी छात्र उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। इसके अलावा, शिक्षकों के समन्वय के लिए एक विशेष पोर्टल का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन्होंने किसी कारणवश स्कूल छोड़ दिया है, उन्हें 4 अप्रैल को वापस स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। recent visitors 33

मध्य प्रदेश में आज आधी रात से इन 19 क्षेत्रों में पूर्ण शराबबंदी, कैबिनेट में लिया गया था फैसला, धार्मिक स्थल में नहीं बिकेगी मदिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से 19 धार्मिक स्थलों में शराबबंदी हो जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने इस सबंध में फैसला लिया था। कैबिनेट का यह फैसला आज आधी रात से लागू हो जाएगा। धार्मिक स्थलों में शराबबंदी का फैसला खरगोन के महेश्वर में आयोजित 24 जनवरी की कैबिनेट बैठक में लिया गया था। राज्य में नई आबकारी नीति लागू हो जाएगी। इसी नीति के तहत 19 धार्मिक शहरों में शराब की बिक्री पर रोक लग जाएगी। किन स्थानों में होगी शराबबंदी प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में की गई शराब बंदी की घोषणा होगी। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त मदिरा दुकानों एवं बार को बंद कर दिया जाएगा। प्रदेश के इन 19 नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों को पूर्णतः पवित्र घोषित करते हुए एक अप्रैल 2025 से पूर्ण शराब बंदी कर दी गई है। क्या कहा सीएम ने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशामुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। यह कदम जन-आस्था और धार्मिक दृष्टि से श्रृद्धा के 19 नगरीय क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों में प्रभावशाली होगा। जिन धार्मिक स्थान पर शराब बंदी का निर्णय लिया उसमें एक नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायतें हैं। क्यों फेमस हैं ये धार्मिक स्थल जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा रामराजा मंदिर क्षेत्र, भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर भेड़ाघाट क्षेत्र, भगवान राम की तपोभूमि कहे जाने वाले चित्रकूट, मां शारदा की नगरी मैहर, माता का प्रसिद्ध मंदिर सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं। शराबबंदी कहां लागू होगी? शराबबंदी 19 प्रमुख धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायतों में लागू की जाएगी. इनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना मण्डला, मुलताई, मंदसौर, अमरकंटक, सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द, लिंगा का नाम शामिल है. इन सभी नगरों और ग्राम पंचायतों में 1 अप्रैल 2025 से पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी जाएगी. इन स्थानों को पूरी तरह से पवित्र घोषित करते हुए मदिरा दुकानों और बार को बंद कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री का बयान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर कहा कि राज्य सरकार ने नशामुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है. यह कदम जन-आस्था और धार्मिक दृष्टि से 19 नगरीय और ग्राम पंचायतों में प्रभावशाली होगा. इन धार्मिक स्थानों में 1 नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायतें शामिल हैं. शराब पीने का समय क्या होगा? मध्य प्रदेश में शराब बिक्री का समय अब सुबह 9:30 बजे से रात 11:30 बजे तक रहेगा. इसके अतिरिक्त, रेस्तरां, होटल, रिसॉर्ट, बार और क्लब में शराब बिक्री सुबह 10 बजे से रात 11:30 बजे तक होगी. बार-रेस्तरां और क्लब में बैठकर शराब पीने की अनुमति रात 12 बजे तक होगी. लाइसेंस धारक बार, क्लब या रेस्तरां में अतिरिक्त शुल्क देकर शराब बेचने और पीने का समय बढ़वा सकते हैं. क्या है इन धार्मिक स्थानों का महत्व जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है, उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा (रामराजा मंदिर क्षेत्र), भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर का भेड़ाघाट क्षेत्र, भगवान राम की तपोभूमि कहे जाने वाला चित्रकूट, मां शारदा की नगरी मैहर, माता का प्रसिद्ध मंदिर सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं. शराब पीने का टाइम क्या होगा मध्य प्रदेश में शराब बिक्री का समय सुबह 9:30 बजे से रात 11:30 बजे तक होग। वहीं, रेस्तरां, पर्यटन, होटल, रिसॉर्ट, बार और क्लब में सुबह दस बजे से शराब की बिक्री शुरू होगी जो रात में साढ़े 11 बजे तक चलेगी। बार-रेस्तरां और क्लब बैठकर में 12 बजे तक शराब पी सकते हैं। वहीं, लाइसेंस धारक बार-क्लब या रेस्तरां अतिरिक्त शुल्क देकर शराब बेचने और पीने के समय को बढ़वाने का भी विकल्प रखा गया है। recent visitors 26

राज्यपाल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ‘सदाकाल गुजरात’ कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति में समरसता का अद्भुत भाव है। गुजरातियों में मेलजोल और आपसी भाईचारे का व्यवहार होता है। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन में अखिल भारतीय गुजराती समाज के कार्यक्रम ‘सदाकाल गुजरात’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि “जहां बसे गुजराती, वहां बसे सदाकाल गुजरात” कहावत को गुजरातियों ने हमेशा चरितार्थ किया है। मध्यप्रदेश की संस्कृति में भी गुजराती समाज रच, बस गया है। गुजराती समाज का मध्यप्रदेश के विकास में विशेष योगदान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत को बनाने में मध्यप्रदेश की जनता के साथ गुजराती समाज लगातार सहयोग और सहभागिता कर रहा है। राज्यपाल पटेल ने केंद्र और राज्य सरकार के सामाजिक सहभागिता पर आधारित कार्यक्रमों को सफल बनाने में अखिल भारतीय गुजराती समाज संस्था के सहयोग और सक्रियता की सराहना की। गुजरात देश का ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति गर्व का प्रतीक है। आजादी के आन्दोलन में देश को गुजरात ने ही महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल के रूप में मजबूत नेतृत्व दिया है। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित और विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने गुजरात राज्य की भौगोलिक चुनौतियों को अवसरों में बदल कर गुजरात को देश का ग्रोथ इंजन बनाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की कार्यकुशलता, नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति की सराहना की। मुख्यमंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश के गुजराती समाज को प्रदेश के विकास में हमेशा योगदान देने और “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” निर्माण में बढ़-चढकर भाग लेने का आव्हान किया। गुजरात पर ईश्वर की विशेष कृपा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि गुजरात राज्य पर ईश्वर की विशेष कृपा और आशीर्वाद है। आजादी से लेकर देश के विकास और अर्थव्यवस्था में आज गुजरात का अहम योगदान है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात-मध्यप्रदेश की रीति-नीति-संस्कृति एक जैसी: गृह राज्य मंत्री संघवी गुजरात राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने गुजराती में कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश का इतिहास, भूगोल और संस्कृति एक समान है। दोनों राज्य के लोगों का व्यवहार, रीति-नीति और संस्कृति एक जैसी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रहने वाला प्रत्येक गुजराती, गुजरात की संस्कृति का ब्रांड एम्बेसडर है। संघवी ने कहा कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को गुजरात दर्शन जरूर कराए। कोरोना काल में गुजराती समाज ने की मानवता की सराहनीय सेवा : सांसद शर्मा खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के गुजराती समाज ने पीड़ित मानवता की सराहनीय सेवा की है। अनेक अवसरों पर भी गुजराती समाज द्वारा मानव सेवा के उत्कृष्ट और अनुकरणीय उदाहरण मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में गुजराती समाज की सक्रिय भागीदारी कर रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर, कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उनका गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और अखिल भारतीय गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में गुजरात के विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अध्यक्ष संजय पटेल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में एन.आर.जी. विभाग गुजरात के चेयरमेन हरीश शुक्ला, प्रदेश और अन्य राज्यों के गुजराती समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।         recent visitors 36