केकेआर के बल्लेबाज मैदान पर फेल हो रहे थे, स्टैंड्स में उतरता जा रहा था सुहाना खान का चेहरा

मुंबई इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2025 में अपने डेब्यू मैच में चार विकेट लेकर बायें हाथ के तेज गेंदबाज अश्वि‍नी कुमार ने तबाही मचा दी. अश्विनी आईपीएल के पहले मैच में चार विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने, उन्होंने इत‍िहास तो रचा ही, वहीं मुंबई के ल‍िए जीत का सबसे बड़ा ट्रम्प कार्ड भी बने. अश्व‍िनी के बाद 41 गेंद में नाबाद 62 रन बनाकर रयान रिकेलटन ने मुंबई इंडियंस की जीत तय कर दी. इस तरह गत चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स को सोमवार (31 मार्च) को मुंबई से इस आईपीएल मैच में आठ विकेट से हार म‍िली. मुंबई की यह जीत टूर्नामेंट में उसकी बोहनी भी रही. पंजाब के 23 वर्ष के अश्वि‍नी ने आईपीएल में पहला मैच खेलते हुए 24 रन देकर चार विकेट हास‍िल किए. मुंबई ने इस सीजन में पहली बार वानखेड़े स्टेडियम पर खेलते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स को 16.2 ओवर में 116 रन पर आउट कर दिया जो इस सत्र में उसका न्यूनतम स्कोर है. मुकाबले में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम 16.2 ओवरों में 116 रनों पर ढेर हो गई. कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत खराब रही और उसने पावरपप्ले के अंदर ही 4 विकेट खो दिए. मुंबई के ट्रेंट बोल्ट ने सुनील नरेन (0) को बोल्ड कर दिया. फिर दीपक चाहर ने विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (1) को पवेलियन भेजा. इसके बाद अश्विनी कुमार ने डेब्यू मैच की पहली गेंद पर कप्तान अजिंक्य रहाणे को तिलक वर्मा के हाथों कैच आउट करवा दिया. फ‍िर दीपक चाहर ने वेंकटेश अय्यर (3) को न‍िपटाया. वेंकटेश के आउट होने के समय केकेआर का स्कोर 4 विकेट खोकर 41 रन हुआ. इसके कुछ देर बाद ही अंगकृष रघुवंशी (26) भी हार्द‍िक पंड्या की गेंद पर आउट हो गए. इस तरह कोलकाता की टीम का स्कोर 45/5 हो गया कुल मिलाकर कोलकाता की टीम को यहां से संभलने का मौका नहीं मिला और उसके एक के बाद एक विकेट ग‍िरते गए. फिर डेब्यूटेंट अश्विनी कुमार का जादू एक बार फ‍िर चला. उन्होंने रिंकू सिंह (17), 'इम्पैक्ट सब' मनीष पांडे (19) और आंद्रे रसेल (5) को आउट करके कोलकाता नाइट राइडर्स की हालत पस्त कर दी. हर्षित राणा को विघ्नेश पुथुर ने पवेलियन भेजा. रमनदीप सिंह 22 रन बनाकर मिचेल सेंटनर की फ‍िरकी में फंसकर आउट हुए. कोलकाता के गेंदबाज भी रहे फेल बेहद मामूली टारगेट को चेज करते हुए 'इम्पैक्ट सब' रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन ने मुंबई इंडियंस को अच्छी शुरुआत दिलाई. दोनों ने मिलकर पहले विकेट लिए 5.2 ओवरों में 46 रन जोड़े, लेकिन रोहित आंद्रे रसेल की गेंद पर हर्षित राणा को 13 रन पर कैच दे बैठे. फ‍िर रयान रिकेल्टन ने कोलकाता के गेंदबाजों पर टूट पड़े और तूफानी फिफ्टी जड़ी. साउथ अफ्रीकी  रिकेल्टन ने पांच चौके और चार छक्के की मदद से 41 बॉल पर नाबाद 62 रन कूटे. सूर्यकुमार यादव भी 27 रन पर नाबाद लौटे. केकेआर की ओर से दोनों विकेट आंद्रे रसेल ने लिए. कोलकाता के सुनील नरेन (3 ओवर 32 रन), हर्ष‍ित राणा (2 ओवर 28 रन) महंगे साबित हुए. वहीं वरुण चक्रवर्ती (3 ओवर 12 रन) और स्पेंसर जॉनसन (2 ओवर 14) ने रन तो नहीं दिए, लेकिन विकेट भी नहीं ले पाए. जो उनकी हार की वजह बना. आईपीएल डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 6/12- अल्जारी जोसेफ (MI) बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, 2019 5/17- एंड्रयू टाई (गुजरात लॉयन्स) बनाम राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स, 2017 4/11- शोएब अख्तर (KKR) बनाम दिल्ली कैपिटल्स, 2008 4/24- अश्विनी कुमार (MI) बनाम केकेआर, 2025* 4/26- केवोन कूपर (RR) बनाम पंजाब किंग्स, 2012 4/33- डेविड विजे (RCB) बनाम मुंबई इंडियंस, 2015     हिटमैन ने फिर किया बल्ले से निराश मुंबई इंडियंस ने तो जीत का खाता खोल लिया है, लेकिन उसके लिए चिंता का सबब दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा का फॉर्म बन चुका है. रोहित कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 13 रन बनाकर आंद्रे रसेल की गेंद पर हर्षित राणा के हाथों लपके गए. रोहित इस मैच में 'इम्पैक्ट सब' के तौर पर उतरे, लेकिन वो बल्ले से इम्पैक्ट नहीं डाल सके. इससे पहले रोहित शर्मा ने गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ 8 रन बनाए थे और तब उनका विकेट मोहम्मद सिराज ने लिया था. जबकि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मुकाबले में मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान का खाता भी नहीं खुला था. उस मैच में रोहित को खलील अहमद ने चलता किया था. यानी रोहित शर्मा ने आईपीएल 2025 में अब तक तीन पारियों में 7 की औसत से 21 रन बनाए हैं और वो तीनों पारियों में तेज गेंदबाज का शिकार बने. वैसे रोहित शर्मा का आईपीएल में खराब फॉर्म पिछले कुछ सीजन से चल रहा है. देखा जाए तो आईपीएल 2020 से अब तक सिर्फ 8 मौके ऐसे आए, जब रोहित शर्मा ने किसी आईपीएल मैच में 50 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया. इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 105 रन रहा, जो उन्होंने पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ बनाया था. हालांकि उस शतकीय पारी के बावजूद मुंबई को तब हार का सामना करना पड़ा था. रोहित ने पिछले पांच आईपीएल सीजन में से सिर्फ एक में 400 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसके चलते उनके मौजूदा प्रदर्शन पर और भी सवाल उठ रहे हैं. आईपीएल में रोहित शर्मा के आंकड़े (2020 से अब तक)  साल  मैच  रन  एवरेज   शतक  अर्धशतक  2020  12  332  27.66  0  3  2021  13  381  29.30  0  1  2022  14  268  19.14  0  0  2023  16  332  20.75  0  2  2024  14  417  32.08  1  1  2025  3*   21  7.00  0  0 हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक 260 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 6649 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 43 अर्धशतक शामिल रहे. रोहित का आईपीएल में सर्वाध‍िक स्कोर 109* रन रहा है. वहीं उनका एवरेज 29.42 और स्ट्राइक-रेट 131.04 रहा है. रोहित ने अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को पांच बार आईपीएल चैम्पियन बनाया. लेकिन पिछले सीजन में उनकी जगह मुंबई इंडियंस ने हार्दिक पंड्या को कप्तान बनाने का फैसला किया. हार्दिक मौजूदा सीजन में भी मुंबई इंडियंस की कप्तानी कर रहे हैं. recent visitors 47

संघ के बिना BJP की कामयाबी नामुमकिन नहीं, बीजेपी-RSS ने बना लिया 2029 का भी प्लान!

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी राजनीतिक सफलता का श्रेय आरएसएस को हमेशा ही देते रहे हैं। हालांकि 11 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद वह रविवार को पहली बार आरएसएस के मुख्यालय पहुंचे। पीएम मोदी इससे पहले 2013 में लोकसभा चुनाव की बैठक को लेकर नागपुर आए थे। पीएम मोदी ने आरएसएस के संस्थापक डॉ. केबी हेडगेवार के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आरएसएस की तारीफ खरते हुए कहा कि यह एक संगठन नहीं बल्कि राजनीति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि संघ एक अमर संस्कृति के वट वृक्ष की तरह है जो कि आधुनिकता से भी ओतप्रोत है। आरएसएस कार्यकर्ता के तौर पर ही शुरू हुआ राजनीतिक सफर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय चेताना का जो बीज 100 साल पहले बोया गया था वह एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के कार्यकर्ता पूरे देश में तन-मन से लोगों की सेवा कर रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सफर 1972 में आरएसएस प्रचारक के तौर पर ही शुरू हुआ था। उनकी सक्रियता के चलते ही उन्हें 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया था। आरएसएस के एक सीनियर पदाधिकारी ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि बीजेपी का वैचारिक मेंटॉर आरएसएस है। इसके बावजूद बीजेपी ने आरएसएस से दूरी ही दिखाने की कोशिश की। सरकार और संघ का काम पूरी तरह अलग होता है। कई नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि उनका भविष्य आरएसएस की वजह से ही तय हो पाया है। फिर भी मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आरएसएस कभी सरकार के कामकाज में कोई दखल नहीं देता है और ना ही इसका कोई राजनीतिक अजेंडा है। आरएसएस से अनबन की भी थी चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह भी चर्चा थी की आरएसएस और बीजेपी की बन नहीं रही है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यहां तक कहा था कि बीजेपी अब आत्मनिर्भर है। वहीं जब बीजेपी को हिंदी बेल्ट में सीटों का नुकसान हुआ तो आरएसएस प्रमुख ने भी कई बार इशारों-इशारों में खुले मंच पर नसीहत दे डाली। हालांकि लोकसभा में झटके के बाद बीजेपी ने फिर आरएसएस को अहमियत देनी शुरू की और इसका प्रभाव हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में दिखाई दिया। हालांकि आरएसएस नेता एचवी शेषाद्री ने कहा कि यह कोई डिबेट ही नहीं थी। जो लोग बीजेपी और आरएसएस दोनों को नहीं जानते हैं वही अनबन की अफवाह उड़ा रहे थे। इसके अलावा दो अहम कार्यक्रम भी आने वाले दिनों में होने वाले हैं। एक है बेंगलुरु में होने वाली बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक और दूसरी आरएसएस का शताब्दी वर्ष समारोह। ऐसे में दोनों ही संगठन अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने में ललगे हैं। अगले महीने बेंगलुरु में होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी ऐलान कर सकती है। ऐसे में पीएम मोदी का आरएसएस मुख्यालय जाना अहम मानाजा रहा है। दो प्रधानमंत्रियों के दौरे के बीच कितना कुछ बदल चुका है? पच्चीस साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आंगन में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री की आमद हुई है. अटल बिहारी वाजपेयी ने बतौर प्रधानमंत्री संघ के दफ्तर का दौरा 27 अगस्त 2000 को किया था. ये संघ की स्थापना का 75वां साल था. अब 25 वर्ष बाद RSS की यात्रा के शताब्दी वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर संघ मुख्यालय की यात्रा की है. 11 साल पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद नागपुर में आरएसएस मुख्यालय की अपनी पहली यात्रा में नरेंद्र मोदी ने संघ को भारत की अमर संस्कृति का 'वट वृक्ष' बताया. आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान साल 2000 में यहां का दौरा किया था. संयोग है कि पीएम मोदी जब आरएसएस के दफ्तर पहुंचे हैं तो ये उनका तीसरा कार्यकाल है. संघ भारतीय संस्कृति का अक्षय वटवृक्ष- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए भारतीय संस्कृति की चेतना कभी समाप्त नहीं हुई. स्वतंत्रता संग्राम से पूर्व डॉ.हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर ने भी इस राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा दिया. उन्होंने 100 वर्ष पहले जिस वटवृक्ष का बीजारोपण किया था, वह आज विशाल रूप में फैल चुका है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि संघ का यह वटवृक्ष आदर्श और सिद्धांतों की वजह से टिक पाया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की राष्ट्रीय संस्कृति का कभी न समाप्त होने वाला अक्षय वटवृक्ष है. अब एक चौथाई सदी पहले उस मुलाकात की बात करते हैं जो तब हुई जब बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संघ कार्यालय नागपुर पहुंचे थे. RSS और भारतीय जनता पार्टी के रिश्ते को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से गहरा माना जाता है, जो समय के साथ विकसित हुआ है 10 मार्च, 2000 को के एस सुदर्शन संघ के प्रमुख बने तो देश में पीएम की कुर्सी पर वो व्यक्ति था जो कभी स्वयंसेवक रहा था. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी  के जमाने में स्वदेशी जागरण मंच, विहिप, भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ जैसे संघ के अनुषांगिक संगठनों से कई मौकों पर टकराव होता रहा. हालांकि संघ के प्रति वाजपेयी की निष्ठा पर कोई सवाल ही नहीं था. 1995 में ऑर्गनाइजर में लिखे एक लेख में संघ को अपनी आत्मा बताया था. उन्होंने लिखा था, "आरएसएस के साथ लंबे जुड़ाव का सीधा कारण है कि मैं संघ को पसंद करता हूं. मैं उसकी विचारधारा पसंद करता हूं और सबसे बड़ी बात, लोगों के प्रति और एक दूसरे के प्रति आरएसएस का दृष्टिकोण मुझे भाता है और यह बस आरएसएस में मिलता है." अटल के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक दौर ऐसा भी आया, जब उनके संघ से रिश्ते कुछ असहज हो चले थे. उस वक्त संघ और सहयोगी संगठनों के नेता व्यक्तिगत हमले करने से भी नहीं चूकते थे. जबकि संघ में व्यक्तिगत नहीं बल्कि नीतिगत आलोचना की परंपरा रही. संघ विचारक दिलीप देवधर के अनुसार केएस सुदर्शन अपने विचारों को लेकर बहुत दृढ़ रहते थे. यह अटल बिहारी वाजपेयी जानते थे. यही वजह रहा कि भले ही रज्जू भईया ने उन्हें 1998 में उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था, मगर उन्हें सर संघचालक का … Read more

एमपी में कॉलोनी पर नया कानून, सिर्फ ये कॉलोनियां ही नियमित होगी, इनको हो जाएगी जेल, 2016 से पहले की कॉलोनियां ही होंगी नियमित

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा अवैध कॉलोनी पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा जल्द ही नगर पालिका एक्ट में बदलाव किया जाएगा और अवैध कॉलोनीयों के लिए एक सख्त कानून बनाया जाएगा। नए कानून के अनुसार अगर कोई अवैध कॉलोनी बनता है तो उसे 10 साल की सजा होगी साथ ही 50 लख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस संबंध में जानकारी दिया और कहा कि इसी महीने से इस कानून को प्रभावित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 2016 से पहले की जितनी भी अवैध कालोनियां है सबको वैध कर दिया जाएगा। हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर अपना अंतिम फैसला नहीं लिया है। मोहन सरकार ला रही नया कानून दरअसल, मोहन यादव सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नए कानून का मसौदा तैयार कर रही है. इस कानून के तहत अवैध कॉलोनी बनाने पर 10 साल की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार नया कानून एक महीने में प्रभावी हो जाएगा. मध्य प्रदेश में मोहन सरकार लाएगी सख्त कानून मोहन यादव सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नए कानून का मसौदा तैयार कर रही है। इस कानून के तहत अवैध कॉलोनी बनाने पर 10 साल की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार नया कानून एक महीने में प्रभावी हो जाएगा। 2016 से पहले की अवैध कॉलोनियों को वैध करने पर विचार मोहन सरकार 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने पर विचार कर रही है. दरअसल, अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के मौजूदा कानून में सजा और जुर्माने के प्रावधानों में बदलाव के साथ यह भी तय किया जा रहा है कि 2016 से पहले या 2022 से पहले बनी कॉलोनियों को वैध किया जाए. इस पर अभी तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं बनी है. हालांकि, पिछले साल नगरीय प्रशासन मंत्री ने अवैध कॉलोनियों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टरों से 2016 तक की अवैध कॉलोनियों का डेटा मांगा था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार 2016 से पहले बनी कॉलोनियों को ही नियमित कर सकती है. बता दें कि एमपी के पूर्व सीएम ने 2022 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला लिया था. विधानसभा चुनाव 2023 से पहले इसकी घोषणा की गई थी. पहले जानिए, शिवराज सरकार ने क्या फैसला लिया था पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 23 मई 2023 को अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में घोषणा करते हुए शिवराज ने दिसंबर 2022 तक बनी सभी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया। किसी तरह का विकास शुल्क न लेने का भी ऐलान किया था। शिवराज ने कहा था- मैं मानता हूं कि जब ये कॉलोनियां बन रही थीं, तब ध्यान देना चाहिए था कि वो वैध बन रही हैं या अवैध। लेकिन हमारे भाई-बहन का क्या दोष? जिंदगीभर की पूंजी लगाकर प्लॉट खरीद लिया। पाई-पाई जोड़कर मकान बना लिया। मकान बन गया, तब सरकार आई और कहा- ये तो अवैध है। यह न्याय नहीं है। अवैध मतलब क्या हम अपराधी हो गए? अवैध ठहराने का निर्णय ही अवैध है, इस निर्णय को मैं समाप्त करता हूं। अब जानिए, कानून में संशोधन क्यों कर रही मौजूदा सरकार मध्यप्रदेश सरकार ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने का कानून तो बना दिया है लेकिन इसका प्रभावी पालन नहीं हो सका है। शिवराज सरकार ने साल 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया था। उस समय नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्वे कर ऐसी 6077 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की थीं। मोहन सरकार ने पिछले साल जब अवैध कॉलोनियों का डेटा जिलों से मंगाया तो पाया गया कि अवैध कॉलोनियों की संख्या 6077 से बढ़कर 7981 हो चुकी है यानी 1908 नई अवैध कॉलोनियां बन चुकी हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा के पिछले सत्र में कहा था कि प्रदेश में बन रही अवैध कॉलोनियों को सरकार वैध नहीं करेगी। इनमें रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, बिल्डिंग परमिशन मिल जाए, यह काम जरूर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदेश में अवैध कॉलोनियां एक गंभीर मुद्दा बन गई हैं। इसके लिए जल्द ही कानून लाया जाएगा। बता दें कि मप्र नगरपालिका अधिनियम 2021 की धारा 292 और 339 की उप धाराओं में अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान है। भोपाल के उदाहरण से समझिए, कैसे बढ़ रही अवैध कॉलोनियां पिछले दो साल में भोपाल में 300 नई अवैध कॉलोनियां कट चुकी हैं। साल 2022 में हुए सर्वे के मुताबिक, भोपाल जिले में कुल 576 अवैध कॉलोनियां मिलीं थीं। इनमें से 31 दिसंबर 2016 से पहले बनी 321 कॉलोनियों को नियमतिकरण की श्रेणी में रख दिया गया। बाकी 255 पर दिसंबर 2023 तक एफआईआर दर्ज कराई गई। अब नए सिरे से सर्वे शुरू किया गया तो 300 से ज्यादा नई अवैध कॉलोनियां और मिल गई हैं। यह सर्वे अभी जारी है, ऐसे में इनकी संख्या बढ़ सकती है। बता दें कि वर्ष 2000 के पहले भोपाल में 198 अवैध कॉलोनियां थीं। नगर निगम की तत्कालीन सर्वे रिपोर्ट में इसका जिक्र था यानी 25 साल में ऐसी कॉलोनियों में तीन गुना तक इजाफा हो चुका है। अवैध कॉलोनाइजर: 10 साल की सजा, 50 लाख जुर्माना     प्रस्तावित संशोधन में व्यक्ति के साथ फर्म, कंपनी, सोसाइटी, संस्था, प्रमोटर या सरकारी इकाई को भी कॉलोनाइजर की कैटेगरी में रखा गया है।     पहले किसी कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन एक जिले में होता था, लेकिन प्रस्तावित संशोधन में अब प्रदेश स्तर पर रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए सरकार रजिस्ट्रेशन प्राधिकारी की नियुक्ति करेगी। इसके बाद कॉलोनाइजर प्रदेश के किसी भी हिस्से में कॉलोनी काट सकेगा।     कॉलोनी बनाने के लिए कॉलोनाइजर पहले की ही तरह सक्षम अधिकारी के पास आवेदन करेगा। मगर, प्रस्तावित संशोधन में कॉलोनी की अनुमति देने की समय सीमा तय करने का प्रावधान किया … Read more

1 अप्रैल से बदले पैसे और टैक्स से जुड़े ये नियम, 12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री, UPI, GST, क्रेडिट कार्ड रूल्स भी चेंज

नई दिल्ली 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष चालू हो रहा है। आज  यानी एक अप्रैल से पैसे और टैक्स से जुड़े कुछ नियमों में बड़ा बदलाव हो जाएगा। इनमें से अधिकतर बदलावों की जानकारी पिछले महीने यानी मार्च 2025 में ही दे दी गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने फरवरी में आए बजट के दौरान इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े कुछ बड़े ऐलान किए थे और अब इन नियमों को 1 अप्रैल 2025 यानी आज  से लागू किया जाएगा। प्रमुख वित्तीय और टैक्स परिवर्तनों में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर इनकम टैक्स छूट, लंबे समय तक इस्तेमाल न किए गए मोबाइल नंबरों के लिए यूपीआई को डीएक्टिवेट करना और पैन-आधार लिंक नहीं होने पर कोई डिविडेंड (लाभांश) नहीं देना शामिल है। 1 अप्रैल से लागू हो रहे पैसे और टैक्स से जुड़े ये बदलाव… नया इनकम टैक्स नियम: New income tax rule     वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में नए टैक्स रेट और स्लैब का ऐलान किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होगा। इसके तहत 12 लाख रुपये तक सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए होगा। यानी इस तरह न्यू टैक्स रिजीम में 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यूपीआई नियमों में बदलाव: Changes in UPI rules नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। 1 अप्रैल से लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए गए यूपीआई नंबर निष्क्रिय यानी डीएक्टिवेट हो जाएंगे। अगर आपका मोबाइल नंबर यूपीआई से लिंक है और आप लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो 1 अप्रैल से पहले इसे अपडेट कर लें, नहीं तो आपका यूपीआई अकाउंट एक्सेस नहीं हो पाएगा। क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पॉइन्ट में बदलाव: Changes in credit card reward points     कुछ क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए रिवॉर्ड प्वाइंट के नियम बदलने जा रहे हैं। एसबीआई सिंपलीक्लिक और एयर इंडिया एसबीआई प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड धारकों को नए रिवॉर्ड स्ट्रक्चर के तहत बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, एक्सिस बैंक एयर इंडिया और विस्तारा के विलय के कारण विस्तारा क्रेडिट कार्ड के लाभों को भी रिवाइज करेगा। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस): Unified Pension Scheme (UPS) सरकार द्वारा अगस्त 2024 में लॉन्च की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) 1 अप्रैल से लागू होगी। यह पुरानी पेंशन स्कीम की जगह लेगी और लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को प्रभावित करेगी। इसके तहत 25 साल या उससे अधिक की सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। जीएसटी नियमों में बदलाव: Changes in GST rules     1 अप्रैल से जीएसटी पोर्टल पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) अनिवार्य कर दिया जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूत होगी। इसके अलावा अब केवल उन्हीं दस्तावेजों पर ई-वे बिल जेनरेट किया जा सकेगा जो 180 दिन से ज्यादा पुराने न हों। होटल रूम टैरिफ और जीएसटी: Hotel room tariff and GST अब, किसी भी वित्तीय वर्ष में प्रतिदिन 7,500 रुपये से ज्यादा कमरे का किराया रखने वाले होटलों को ‘Specified Premises’ माना जाएगा। ऐसे होटलों में ऑफर की जाने वाली रेस्तरां सेवाओं पर 18% जीएसटी लगेगा, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा। बैंक अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस का नियम: Bank account minimum balance rules     एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और अन्य बड़े बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस की जरूरतों को अपडेट किया है। अगर आपके बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं है तो 1 अप्रैल से आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है। पैन-आधार लिंक नहीं तो डिविडेंड भी नहीं: Dividend will not be received if PAN-Aadhaar is not linked अगर आपने 31 मार्च तक अपने पैन और आधार को लिंक नहीं किया तो 1 अप्रैल से आपको डिविडेंड इनकम नहीं मिलेगी। इसके अलावा टीडीएस भी बढ़ जाएगा और फॉर्म 26AS में कोई क्रेडिट नहीं मिलेगा। म्यूचुअल फंड और डीमैट केवाईसी अनिवार्य: Mutual fund and demat KYC mandatory 1 अप्रैल, 2025 से म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए केवाईसी अनिवार्य हो जाएगी। इसके तहत सभी नामांकित विवरणों (nominee details) को फिर से सत्यापित किया जाएगा। चेक क्लियरेंस के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम बैंक फ्रॉड रोकने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू किया जाएगा। अब 50,000 रुपये से अधिक के चेक भुगतान के लिए खाताधारक को चेक का विवरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैंक को देना होगा, जिसे बैंक भुगतान से पहले सत्यापित करेगा। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग में बदलाव: Changes in Priority Sector Lending 1 अप्रैल से होम लोन लेने वाले लोग प्रायोरिटी सेक्टर लोन के तहत बड़े शहरों में 50 लाख रुपये, मीडियम-साइज वाले शहरों में 45 लाख रुपये और छोटे शहरों में 35 लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे। टीडीएस लिमिट में बढ़ोतरी: Increase in TDS limit     वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। टीसीएस नियमों में बदलाव: Changes in TCS rules टीसीएस (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) की नई दरें 1 अप्रैल, 2025 से लागू होंगी। अब विदेश यात्रा, निवेश और अन्य बड़े लेनदेन पर टीसीएस की सीमा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि इन सभी बदलावों का सीधा असर आपकी जेब और वित्तीय लेनदेन पर पड़ेगा। इसलिए जरूरी वित्तीय कामों को 1 अप्रैल से पहले पूरा कर लें ताकि कोई परेशानी न हो।   recent visitors 34

मध्य प्रदेश में संपत्ति की नई दरें आज एक अप्रैल से लागू , सरकार ने नई दरों को मंजूरी दी, घर खरीदना होगा महंगा

भोपाल  मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 60 हजार स्थानों पर एक अप्रैल से घर, मकान, फार्म हाउस और खेती की जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। सभी जिलों से कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्तावों को लेकर शनिवार को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने बैठक रखी। इसमें बोर्ड के अध्यक्ष और महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने चर्चा की और प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित सभी जिलों में संपत्ति के दामों में पांच से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो जाएगी। बता दें कि इस पर सभी जिलों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से निकाली गई सबसे अधिक दामों पर होने वाली रजिस्ट्रियों को आधार बनाकर जमीनों के दाम बढ़ाए गए हैं। तीन से चार गुना ज्यादा दामों पर रजिस्ट्रियां जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में एक लाख 12 हजार स्थान हैं, जिनमें से 74 हजार स्थानों पर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। विभिन्न जिलों के पंजीयन और राजस्व अधिकारियों द्वारा एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे कराया गया। इसमें पता चला कि 55 हजार स्थानों पर वर्तमान दामों से तीन से चार गुना अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। वहीं पांच हजार स्थान ऐसे हैं जहां जमकर निर्माण कार्य, आवासीय, व्यावसायिक भवन, सड़क आदि का निर्माण किया जा रहा है, वहां भी अधिक दामों रजिस्ट्रियां की गई हैं। इन सभी को आधार बनाकर 60 हजार स्थानों पर पंजीयन की नई दरों को स्वीकृति दी गई है। ये दरें पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी। निर्माण दरों में नहीं किया कोई बदलाव महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2018 के तहत वर्ष 2025-26 में अचल संपत्ति के पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों के मूल्यांकन के लिए जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रविष्ट संपत्ति के संव्यवहारों की जानकारी, आंकड़े और अनंतिम दरों के बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रस्तावों और भूमि, भवन व स्थावर संपत्ति में विभिन्न प्रकार के हितों के संबंध में बाजार मूल्य के नियतन के लिए बैठक रखी गई। इसमें सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन आवासीय आरसीसी निर्माण और सभी क्षेत्रों में आरबीसी, टिनशेड, कच्चा कवेलू के लिए हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रचलित निर्माण दरों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में यथावत रखा गया है। recent visitors 38

काल भैरव मंदिर के सामने से हटेंगे शराब काउंटर, कालभैरव के भोग के लिए अब इस तरह रहेगी व्यवस्था

उज्जैन  एमपी के उज्जैन शहर में नगर सीमा की 17 शराब दुकानों को 1 अप्रेल से बंद कर दिया जाएगा। इन दुकानों के साथ शहर में चल रहे बार और होटल में भी शराब नहीं मिल पाएगी। अगर किसी ने इसके बाद भी शराब परोसी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि नगर सीमा में आने वाली कालभैरव मंदिर के पास स्थित दो शराब दुकानें शराब बंदी में शामिल नहीं हैं। काल भैरव महाराज को भोग लगाने के लिए यहां शराब मिलती रहेगी।  अगर यहां से शराब खरीदकर किसी ने परिवहन किया तो उसके खिलाफ आबकारी एक्ट में कार्रवाई होगी। शराब बंदी की घोषणा सीएम डॉ. मोहन यादव ने दो माह पूर्व की थी। इसके तहत नगर सीमा में आने वाली 17 दुकानें बंद की जाएगी। ये रहेंगे नियम शराब पार्टी के लिए आबकारी से लेना पड़ेगी अनुमति शराब बंदी की घोषणा के साथ लोगों में असमंजस की स्थिति है। आबकारी अधिकारियों के अनुसार शराब पीने पर प्रतिबंध नहीं है। शहरवासी अपने घर में चार बोतल शराब की रखकर पी सकते हैं, परंतु वाहन नहीं चला सकते। वहीं कोई भी शराब पार्टी नहीं दे सकता। अगर जरूरी होगा तो इसके लिए उन्हें शहर से बाहर शराब पार्टी करना होगी और इसके लिए आबकारी से परमिशन लेना जरूरी किया गया है। हालांकि यह परमिशन तभी दी जाएगी जब आयोजनकर्ता शहर से बाहर पार्टी का आयोजन करेगा। शराब पीकर शहर में प्रवेश रहेगा वर्जित इसके साथ ही शराब पीकर शहर में प्रवेश करना वर्जित किया गया है। धार्मिक शहर होने के नाते शराब पीकर शहर में प्रवेश करने के लिए पुलिस ने बाहरी मार्ग पर ब्रीथ एनालाइजर से चेकिंग शुरू करवाई है। पिछले दो माह में ही पुलिस ने इन मार्ग पर 100 से ज्यादा शराबी वाहन चालकों को पकड़ा। इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 185 की कार्रवाई की गई। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लिए शहरभर में चेकिंग प्वाइंट लगाए हैं। शहर में शराब पीकर प्रवेश करने पर भी लोगों को रोक रहे हैँ। हालांकि जब तक शराब बंद नहीं होती तब तक लोगों को समझाइश दे रहे हैं। शराब बंदी के बाद आबकारी एक्ट में कार्रवाई करेंगे। तस्करों ने किया स्टॉक हालांकि शराब बंदी के इस निर्णय के बाद से ही शराब तस्करों ने स्टॉक करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि शहर की झुग्गी झोपड़ी और निचली बस्तियों में शराब तस्करों ने स्टॉक करना शुरू कर दिया। 2 अरब की ये दुकानें होंगी बंद इंदौर गेट, मकोडिय़ा आम, कोयला फाटक, फाजलपुरा, टंकी चौक, छत्री चौक, केडी गेट, नई सड़क, जयसिंहपुरा, नीलगंगा कवेलू कारखाना, फ्रीगंज जीरो पाइंट ब्रिज, नानाखेड़ा बस स्टैण्ड-1, नानाखेड़ा बस स्टैण्ड-2, सांवेर रोड दो तालाब, पंवासा, नागझिरी -1 और नागझिरी -2 ये शराब दुकानें पुरी तरह हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी।  कालभैरव के भोग के लिए अब इस तरह रहेगी व्यवस्था धार्मिक नगरी उज्जैन में इस निर्देश से भगवान काल भैरव को लगाने वाले भोग को लेकर काफी समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जिस पर आज कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि काल भैरव मंदिर के सामने लगे शराब के काउंटर नगर निगम की परिसीमा में आते हैं, इसीलिए इन्हें हटाया जाएगा। रही काल भैरव के पूजन और भोग परंपरा की तो इसकी जिम्मेदारी मंदिर प्रबंध समिति की रहेगी। भगवान को लगाए जाने वाले मदिरा के भोग की व्यवस्था हमेशा की तरह मंदिर समिति करेगी। इसीलिए बन रही थी असमंजस की स्थिति कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कालभैरव मंदिर की परंपराओं को देखते हुए शासन को एक पत्र भेजा था, जिसमें मंदिर के सामने के दो शराब काउंटर को यथावत रखने की बात कही गई थी, लेकिन अब कलेक्टर का कहना है कि क्योंकि यह शराब काउंटर नगर निगम की परिसीमा में आते हैं, इसलिए इन्हें यहां से हटाया जाएगा। श्रद्धालु कैसे लगा पाएंगे कालभैरव को मदिरा का भोग धार्मिक नगरी उज्जैन में कल से नगर निगम की परीसीमा में लागू की जा रही शराबबंदी को लेकर जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि काल भैरव मंदिर के सामने के शराब काउंटर आज हटाए जाएंगे। मंदिर भोग पहले की तरह ही लगता रहेगा। इसके लिए मंदिर समिति के पास स्टाक रहेगा। हां बाहर से आने वाले श्रद्धालु भगवान काल भैरव को किस प्रकार से मदिरा का भोग लगा पाएंगे इसको लेकर जल्द ही योजना बनाई जाएगी। कालभैरव को प्रतिदिन लगता है मदिरा का भोग उज्जैन के प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में मदिरा का भोग लगाने की परंपरा वर्षों से जारी है। मंदिर के पुजारी पंडित ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया की ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब शराबबंदी की जा रही हो। वर्ष 2016 में सिहस्थ महाकुंभ के दौरान भी कालभैरव क्षेत्र में शराबबंदी की गई थी, लेकिन मंदिर में वर्षों से चली आ रही है परंपरा लगातार जारी रहे इसके लिए शासन ने ही उस समय भगवान काल भैरव को भोग के रूप में चढ़ाए जाने वाली शराब का इंतजाम किया था। गजट नोटिफिकेशन में नहीं था कालभैरव मंदिर का जिक्र एक अप्रैल से लागू की जाने वाली शराबबंदी को लेकर जारी हुए गजट नोटिफिकेशन की बात की जाए तो पता चलेगा कि इसमें मंदसौर, मुलताई, ओंकारेश्वर, ओरछा, मंडलेश्वर, मेहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना के साथ ही कल 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी करने की बात कही गई है। साथ ही उन दुकानों के बारे में भी बताया गया जिन्हें बंद किया जाना है लेकिन इस गजट नोटिफिकेशन में काल भैरव मंदिर के सामने की शराब दुकानों का कोई जिक्र नहीं किया गया था। recent visitors 38

प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम होगा, मुख्यमंत्री यादव स्कूल चलें हम अभियान-2025 का करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अप्रैल मंगलवार को शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में प्रात: 9 बजे "स्कूल चलें हम" अभियान – 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम भी होगा। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल चलें हम अभियान कार्यक्रम के डिजिटल प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का होगा स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मीडिल, हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 इस वर्ष एक अप्रैल से नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 के माध्यम से समस्त शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्रवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर "स्टूडेंड डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम" प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया गया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। समस्त जिलों में भी होगा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में एक अप्रैल को शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित शाला में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक-सत्र की शुरूआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गयी है। संभाग स्तर के 8 डिपो के माध्यम से किताबों की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षण सत्र शुरू होते ही अप्रैल माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो जायें। कक्षा एक से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिये करीब 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ 2 लाख फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमरेसी (एफएलएन) अभ्यास पुस्तिकाएं और करीब 26 लाख ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य से भेंट कार्यक्रम स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन दो अप्रैल को शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियाँ सुनायेंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वैच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएँ भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम अभियान" के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जुड़ाव करना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक-सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम अभियान" के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।   recent visitors 38