गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुंबई इंडियंस आज होगी भिड़ंत, दोनों टीमें अपनी पहली जीत की तलाश में हैं

अहमदाबाद कप्तान हार्दिक पंड्या की एक मैच के प्रतिबंध के बाद बहुप्रतीक्षित वापसी शनिवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले मैच में मुंबई इंडियंस की टीम को जरूरी संतुलन प्रदान करेगी। दोनों टीमें मौजूदा सत्र में अपनी पहली जीत की तलाश में हैं। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस आईपीएल सत्र के शुरुआती मैच में हारने के अपने लंबे समय से चले आ रहे मिथक को नहीं तोड़ सकी। चेन्नई ने इस मैच को आसानी से चार विकेट से अपने नाम किया। दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस ने पंजाब किंग्स के खिलाफ बड़े स्कोर वाला मैच को 11 रन से गंवा दिया। मुंबई इंडियंस ने पहले और दूसरे मैच के बीच लगभग एक सप्ताह के अंतराल के दौरान रिलायंस की जामनगर स्थित सुविधा में कुछ दिन बिताए। टीम ने यहां आराम करने के साथ आपसी समझ बढ़ाने वाली गतिविधियों पर ध्यान दिया। टूर्नामेंट अभी अपने शुरुआती दिनों में ही है लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बिना मुंबई की गेंदबाजी इकाई संघर्ष करते हुए दिखी। इस दौरान पहले मैच में नियमित कप्तान पंड्या की गैरमौजूदगी ने टीम के लिए चीजों को और मुश्किल कर दिया। हार्दिक भारतीय क्रिकेट में मौजूदा समय में इकलौते तेज गेंदबाजी हरफनमौला है। वह गेंद और बल्ले दोनों में किसी एक से भी मैच पर बड़ा प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं। उनकी वापसी का मतलब है कि रॉबिन मिंज को शायद बाहर बैठना होगा। मिंज अपने पहले मैच में चेन्नई के खिलाफ चेपॉक मैदान की मुश्किल पिच पर संघर्ष करते दिखे। टीम को हालांकि शनिवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच खेलना है जहां परिस्थितियां पूरी तरह से बल्लेबाजी के अनुकूल दिखी है। इस मैदान पर पंजाब किंग्स (243) और गुजरात टाइटंस (232) के बीच खेले गये पिछले मैच में 475 रन बने थे। बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर गुजरात के लिए तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का प्रदर्शन अहम होगा। वह पिछले कुछ समय से लय में नहीं है और पंजाब के खिलाफ उन्होंने 54 रन लुटा दिये। प्रसिद्ध कृष्णा भी इस मैच में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। गुजरात की टीम में भारत के अनुभवी तेज गेंदबाजों की कमी है और मुख्य कोच आशीष नेहरा के लिए यह चिंता की बात होगी। कैगिसो रबाडा और राशिद खान जैसे दिग्गज विदेशी खिलाड़ियों पर रन रोकने के साथ-साथ विकेट लेने का दबाव पर बहुत अधिक है। मुंबई के लिए भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और टेस्ट तथा एकदिवसीय कप्तान रोहित शर्मा की मौजूदा लय चिंता का सबब है। हार्दिक की वापसी से टीम की बल्लेबाजी को गहराई मिलेगी जबकि जरूरत पड़ने पर वह नयी गेंद से गेंदबाजी आक्रमण की शुरुआत भी कर सकते है। मुंबई इंडियंस की एक और समस्या विकेटकीपर बल्लेबाज की है। टीम रयान रिकलेटन पर बहुत अधिक निर्भर है क्योंकि रॉबिन मिंज के पास इस स्तर के क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ स्पिनरों की मददगार पिच पर कलाई के वामहस्त स्पिनर विग्नेश पुथुर ने अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया। लेकिन उनकी असली परीक्षा गुजरात टाइटंस के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर होगी। गुजरात टाइटंस को अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी कप्तान शुभमन गिल पर होगी। पिछले मैच में पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज विजयकुमार वैशाख ने जिस तरह से शेरफेन रदरफोर्ड को वाइड यॉर्कर या वाइड लो फुल-टॉस से परेशान किया उसे देखते हुए गुजरात की टीम ग्लेन फिलिप्स को मौका दे सकती है। फिलिप्स आक्रामक बल्लेबाजी के साथ ऑफ-स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं। गिल के लिए गेंदबाजी चिंता का विषय होगी क्योंकि अधिकांश भारतीय गेंदबाज (सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अनुभवी इशांत शर्मा) एक ही तरह की गेंदबाजी करते है। टीमें : गुजरात टाइटंस : जोस बटलर, शुभमन गिल, साई सुदर्शन, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, कागिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, इशांत शर्मा, जयंत यादव, महिपाल लोमरोर, करीम जनत, कुलवंत खेजरोलिया, अनुज रावत, गेराल्ड कोएट्जी, शेरफेन रदरफोर्ड, मानव सुथार, कुमार कुशाग्र, अरशद खान, गुरनूर बरार, निशांत सिंधु मुंबई इंडियंस : हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज, रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिशेल सेंटनर, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह समय : शाम 07:30 बजे। recent visitors 39

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय जाएंगे

नागपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय जाएंगे। नागपुर में संघ का मुख्यालय रेशमबाग में स्थित है। पीएम मोदी वैसे तो इन सालों में कई बार नागपुर के दौरे पर पहुंचे हैं लेकिन वह पहली बार रेशमबाग स्थित संघ मुख्यालय जाएंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर नागपुर में चाकचौबंद तैयारियां की गई है। इस महीने 17 मार्च को नागपुर के महल इलाके में हिंसा और दंगों को देखते हुए पीएम मोदी की सुरक्षा की अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। बतौर प्रधानमंत्री पहली बार संघ मुख्यालय जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। पीएम मोदी 30 मार्च को नागपुर पहुंचेंगे। पीएम मोदी अक्टूबर, 2001 में सीएम बने थे, लेकिन वह इसके बाद से कभी संघ मुख्यालय नहीं गए हैं। वह 1972 में प्रचारक बने थे। 1987 में वह भाजपा में शामिल हुए। बाद में वरिष्ठ नेताओं की ओर से मोदी को पार्टी में बड़ी जिम्‍मेदारी मिली थी। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का आखिरी दौरा बतौर प्रचारक ही किया था। जानें क्या है पूरा कार्यक्रम आधिकारिक कार्यक्रम के हिंदू नववर्ष के शुभारम्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिपदा कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। वह सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। 2014 में स्थापित यह संस्थान नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। संस्थान की स्थापना गुरुजी श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। आगामी परियोजना में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे। 2007 में आए थे बाजपेयी गुढ़ीपाड़वा के मौके पर प्रधानमंत्री के नागपुर आगमन को लेकर काफी ज्यादा अलर्ट है। बीजेपी की तरफ से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर स्मृति मंदिर रेशिमबाग, दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुढ़ीपाड़वा को महाराष्ट्र में नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 2007 में अटल बिहारी बाजपेयी ने डॉ. हेडगेवार स्मारक स्मृति मंदिर का दौरा किया था। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचारक के तौर पर रेशिमबाग आ चुके हैं लेकिन बतौर प्रधानमंत्री पहली बार वह संघ मुख्यालय जाएंगे। इसको लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का बाजार गर्म और कौतूहल है। उनके इस दौरे को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहली बार बतौर पीएम रेशिमबाग में प्रवेश करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ संघ का शीष नेतृत्व मौजूद रहेगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एसपीपी ने तमाम प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को पूरा कर लिया है। recent visitors 58

म्‍यांमार और थाइलैंड में विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1000 के पार, भारत ने भेजी राहत सामग्री

नेपीडा  म्यांमार और पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर 1000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी ने 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के अधिकारियों ने बताया है कि विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह बढ़कर 1000 हो गई है, जबकि 2300 लोग घायल हुए हैं। हालांकि बैंकॉक के अधिकारियों ने शुक्रवार को थाईलैंड में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब कम कर दी है। थाईलैंड ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट रिपोर्ट दी है, जिसमें 6 लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई है। वहीं 22 लोगों को घायल और 101 लोगों को लापता बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को मरने वालों का आंकड़ा 10 था। हालांकि थाईलैंड की राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। जबकि म्यांमार की तानाशाह सेना ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश की सरकारी टेलीविजन पर कहा है कि उन्होंने "किसी भी देश" को मदद और दान देने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा उन्होंने भी आशंका जताई है की भूकंप की वजह से भारी संख्या में लोगों की जान गई होगी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किमी थी। USGS ने आज सुबह अपनी ताजा रिपोर्ट में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई है। मुश्किल वक्त में भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। इसके तहत भारत सरकार ने भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए तुरंत ही कदम उठाए हैं। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री लेकर हमारा हेलीकॉप्टर यांगून पहुंचा है। 15 टन राहत सामग्री भेजी गई यांगून विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ये जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारत से भेजी मदद की पहली खेप यांगून पहुंच गई है। इससे पहले AFS हिंडन से भारतीय वायुसेना का सी 130 जे विमान राहत सामग्री के साथ म्यांमार के लिए उड़ान भरा था। इस विमान में लगभग 15 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी गई। जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट, आवश्यक दवाएं (पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने, कॉटन बैंडेज, मूत्र बैग आदि) शामिल हैं। म्यांमार भूकंप: जुंटा की सूचना टीम के एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार के उथले 7.7 तीव्रता के भूकंप में 1,002 लोगों की मौत हो गई है, और 2,376 घायल हुए हैं। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल का अधिकांश हिस्सा सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गया है। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल के ऑपरेटरों के अनुसार, शनिवार की सुबह ज़्यादातर मेट्रो और लाइट रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलने लगी थीं। हालाँकि, दो लाइट रेल लाइनें अभी भी बंद हैं और उनकी जाँच चल रही है। शुक्रवार को म्यांमार में एक ज़ोरदार भूकंप आया। इससे काफ़ी नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। अभी तक 140 से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर है। पड़ोसी देश थाईलैंड में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। बैंकॉक में एक निर्माणाधीन ऊँची इमारत गिर गई थी। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप ने भयानक तबाही मचाई है। कई जगह पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों को नुकसान पहुंचा है। पूरे देश में हालात बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। ऐसे में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत आगे आया है। भारत ने 15 टन से ज्यादा राहत सामग्री यांगून भेज दी है। यह मदद IAF के C-130J विमान से भेजी गई। इस विमान ने एयर फोर्स स्टेशन हिंडन से उड़ान भरा। चश्मदीदों ने भयानक भूकंप को लेकर क्या बताया? भूकंप को लेकर चश्मदीदों ने बताया है कि अचानकर इमारतें जोर-जोर से हिलने लगी और अफरा-तफरी मच गई। हजारों लोग सड़क पर आ गये। सभी लोग बदहवाश थे। बैंकॉक में लोग अपने अपने दफ्तरों, घरों और मॉल से बाहर निकल आए। छतों पर बने पूल से पानी बह रहा था और लोग बुरी तरह से डरे हुए थे। उस वक्त भूकंप के झटके लगातार आ रहे थे। बैंकॉक में एक स्कॉटिश पर्यटक ने कहा कि "अचानक पूरी इमारत हिलने लगी। लोग चीख-चिल्ला रहे थे और इधर-उधर भाग रहे थे।" सोशल मीडिया पर म्यांमार के मांडले से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें टूटे घर और टूटी इमारतें देखी जा सकती हैं। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के कारण मौतों का असली आंकड़ा शायद पूरी तरह से कभी सामने नहीं आ पाए। इसके अलावा गृहयुद्ध ने राहत-बचाव कार्यों को और भी मुश्किल बना दिया है। इसके अलावा बीबीसी की रिपोर्ट में जेल अधिकारियों के एक करीबी सूत्र के बताया है कि म्यांमार की जेल में बंद नेता आंग सान सू पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भूकंप का उनपर कोई असर नहीं पड़ा है और वे राजधानी नेपीडा की जेल में ही हैं। आपको बता दें कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से आंग सान सू को गिरफ्तार कर लिया गया था और अलग अलग मामलों में उन्हें 50 सालों से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चीन ने कहा है कि उसने 37 लोगों की एक आपदा प्रतिक्रिया टीम को म्यांमार में राहत और बचाव कार्य में सहायता करने के लिए म्यांमार में भेज दिया है। चीनी शहर युन्नान से भेजी गई यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल सैटेलाइट सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर आई है। भारत ने भेजीं ये जरूरी चीजें राहत सामग्री में कई जरूरी चीजें शामिल हैं। टेंट और स्लीपिंग बैग लोगों को रहने के लिए जगह देंगे। कंबल उन्हें ठंड से बचाएंगे। तैयार भोजन और पानी शुद्ध करने वाले उपकरण खाने-पीने की समस्या दूर करेंगे। स्वच्छता किट लोगों को साफ रहने में मदद करेंगे। सोलर लैंप और जेनरेटर सेट रोशनी … Read more

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के समापन कार्यक्रम 29 से 31 मई तक होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रतीक देवी अहिल्याबाई के सम्मान में महेश्वर में केबिनेट, चित्र प्रदर्शनियां, नाट्य मंचन के बाद अब होगा लाइट एंड साउंड शो मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रारंभ करें महेश्वरी साड़ी बिक्री केन्द्र मंत्रालय में हुई लोकमाता की 300वीं जयंती की आयोजन समिति की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई के कार्यों से नई पीढ़ी को अवगत करवाने के लिए विविध आयोजनों के साथ ही सामान्य ज्ञान स्पर्धा भी आयोजित की जाए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर गत एक वर्ष में महेश्वर में केबिनेट के आयोजन, बटालियन का नामकरण देवी अहिल्या बाई के नाम पर करने, नाट्य मंचन और चित्र प्रदर्शनी जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्या बाई की महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित जन्मस्थली में भी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। स्कूली पाठ्यक्रम में लोकमाता के जीवन का विवरण शामिल किया गया है। विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, इंदौर विश्वविद्यालय में देवी अहिल्या शोध पीठ की स्थापना और लोकमाता के अप्रकाशित पत्रों का प्रकाशन भी किया गया है। लोकमाता के जीवन से जुड़े स्थानों महेश्वर, चित्रकूट, ओरछा, इंदौर, जानापाव, उज्जैन, ममलेश्वर, ओंकारेश्वर, गौमुखघाट, अमरकंटक, बड़वानी, मंदसौर, शिवपुरी आदि स्थानों पर लोक गायन, लोक नृत्य और नृत्य नाटिकाएं गत सितम्बर से फरवरी 2025 तक की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम मंत्रालय में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के आयोजन के लिए गठित समारोह समिति की बैठक में बताया गया कि आगामी 31 मई को लोकमाता पर केन्द्रित स्मारिका का लोकार्पण प्रस्तावित है। इसके साथ ही 29 से 31 मई तक लोकमाता की 300वीं जयंती के वृहद समापन समारोह के अंतर्गत राजधानी भोपाल सहित विभिन्न स्थानों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। कई राज्यों में हुए थे लोकमाता के जनकल्याण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ ही लोकमाता के जनकल्याण के कार्य क्षेत्र में महाराष्ट्र, हरियाणा, उड़ीसा, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और अनेक स्थान रहे हैं। महेश्वरी साड़ी को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर बिक्री केन्द्र प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में महेश्वर साड़ी के निर्माण में महिलाओं को हाथकरघा बुनाई, रंगाई और आकल्पन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। लोकमाता के शासनकाल में महेश्वरी साड़ी की वैश्विक पहचान बनी थी। खरगोन जिले में स्थित ऐतिहासिक महेश्वर किले की दीवारों पर निर्मित कलात्मक आकल्पन को महेश्वरी साड़ियों में उकेरा जाता है। लोकमाता के कृतित्व पर फिल्म का निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर सुशासन, धर्म स्थलों पर सामुदायिक भवनों और धर्मशालाओं के निर्माण और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य करने वाली प्रशासिका थीं। उनकी 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समिति गठित कर गतिविधियों का कैलेंडर बनाया गया है। इसके अनुसार देवी अहिल्याबाई के जीवन और अवदान से संबंधित अनेक गतिविधियां सम्पन्न हुई हैं। संस्कृति विभाग द्वारा लोकमाता के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फिल्म का निर्माण भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने लोकमाता के सम्मान में आयोजित कीं बहुआयामी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवस्थलों के प्रबंधन, अन्न क्षेत्रों के संचालन और नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने जैसे कार्य लोकमाता के जन-जन के लिए समर्पित जीवन का प्रतीक हैं। वे वित्त प्रबंधन, स्वदेशी को महत्व, सैन्य रणनीति, नागरिक अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में कार्य करती रहीं। उनके कुशल प्रशासन, समाज सुधार और धार्मिक सहिष्णुता के भाव को मध्यप्रदेश सरकार ने पूरा सम्मान देते हुए बहुआयामी गतिविधियां की हैं। लोकमाता की 300वीं जयंती के उपलक्ष में हुए कार्यक्रम उनके जीवन और भारतीय संस्कृति में दिए गए योगदान को उजागर करते हैं। प्रदेश की महिला उद्यमियों और शिल्पियों को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों के अनुरूप लोकमाता के जीवन से जुड़ी विशेषताओं के प्रचार-प्रसार के लिए आगे भी कार्य करेगी। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि देवी अहिल्याबाई द्वारा निर्मित मंदिरों की सूची तैयार की गई है। लोकमाता द्वारा अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। ऐसे ज्ञात 118 स्थानों में से 90 स्थानों पर 234 चित्रांकन वॉटर कलर द्वारा तैयार करवाए गए। इस कार्य में देश के लब्ध प्रतिष्ठित चित्रकारों द्वारा योगदान दिया गया। चित्र प्रदर्शनी गत दिसम्बर में बैंगलोर में मध्यप्रदेश दिवस, जनवरी में भोपाल में गीता महोत्सव और लोकरंग के साथ ही जनवरी और फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में भी संयोजित की गई। आगामी महीनों में लोकमाता से जुड़े स्थानों पर हो रहे आयोजनों में भी यह चित्र प्रदर्शनी जन आकर्षण का केन्द्र रहेगी। विभिन्न आयोजनों में महिला उद्यमियों और शिल्पियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है। महिला स्टार्ट-अप पॉलिसी भी बनाई जा रही है। लोकमाता के जीवन ओर कार्यों पर नृत्य नाट्य और लाइट एंड साउंड शो समिति की बैठक में जानकारी दी गई कि विश्व मांगल्य सभा नागपुर से एक नृत्य नाट्य तैयार करवाया गया जो लोकमाता के जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। इसकी प्रस्तुति प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रारंभ की गई है। विश्व संवाद केन्द्र न्यास, इंदौर ने नर्मदा साहित्य मंथन अहिल्या पर्व के रूप में मनाया। पर्यटन निगम ने महेश्वर किले पर लोकमाता के जीवन पर लाइट और साउंड शो तैयार करवाया गया है। इसे देवी अहिल्याबाई की पुण्यगाथा के नाम से प्रस्तुत किया जाएगा। धर्मपाल शोधपीठ में मोढ़ी लिपि के प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की है। इस प्राचीन लिपि का कई शताब्दियों तक चलन रहा है। मराठी भाषा लिखने के लिए कभी इसी लिपि का इस्तेमाल होता है। लोकमाता के शासनकाल में भी अनेक पुस्तकों का इस लिपि में प्रकाशन हुआ था, जिनके हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद के लिए मराठी साहित्य अकादमी द्वारा विषय-विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। नर्मदा परिक्रमा पथ पर लोकमाता की मूर्तियों की स्थापना के लिए भी परीक्षण किया जा रहा है।   recent visitors 30

RCB ने 17 साल बाद खत्म किया चेपॉक में जीत का सूखा, चेन्नई को 50 रनों से हराया

चेन्नई  इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 8वें मैच में आरसीबी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 50 रन से हरा दिया। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला चेन्नई के होम ग्राउंड एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। मुकाबले में आरसीबी की टीम ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर के खेल में 196 रन का स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में सीएसके की बल्लेबाजी काफी साधारण रही। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की टीम जैसे-तैसे 8 विकेट के नुकसान पर 146 रन के स्कोर तक ही पहुंच पाई। सीएसके के खिलाफ जैसे ही आरसीबी को जीत मिली टीम के खिलाड़ी खुशी से उछल पड़े थे। विराट कोहली जश्न में ऐसे डूबे मानो उन्होंने मैच नहीं, आईपीएल की ट्रॉफी जीत ली हो। हालांकि, पिछली बार की तरह आरसीबी का जश्न आक्रामक नहीं था। बता दें कि आईपीएल 2024 में जब बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी में सीएसके को हराया था तो धोनी उनके आक्रामक जश्न पर गुस्सा हुए थे। 17 साल बाद RCB को CSK के घर में मिली जीत बता दें कि सीएसके के खिलाफ आरसीबी को मिली ये जीत काफी खास है। आरसीबी ने सीएसके को उसके घर में साल 2008 के बाद अब जाकर हराया है। इन 17 सालों में दोनों टीमें चेपॉक के मैदान पर 8वीं बार एक दूसरे से टकराई थी, जिसमें आरसीबी को दूसरी बार जीत मिली है। इस तरह रजत पाटीदार ने आरसीबी के लिए कप्तानी करते हुए अपने दूसरे ही मैच में कमाल कर दिया। वहीं दोनों टीमों के प्रदर्शन की बात करें तो आरसीबी के लिए कप्तान रजत पाटीदार ने 30 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की थी। पाटीदार 12 साल बाद कप्तान के तौर आरसीबी के लिए सीएसके के खिलाफ चेपॉक में फिफ्टी लगाने वाले खिलाड़ी बने। इसके अलावा आरसीबी की गेंदबाजी भी दमदार रही। टीम के लिए जोश हेजलवुड ने तीन विकेट हासिल किए। वहीं सीएसके की टीम बॉलिंग और बैटिंग दोनों में साधारण रही। जडेजा के नाम IPL का अनोखा डबल रिकॉर्ड 1. CSK के खिलाफ टॉप स्कोरर बने कोहली RCB के विराट कोहली ने शुक्रवार को 31 रन बनाए। इसी के साथ वे CSK के खिलाफ सबसे ज्यादा IPL रन बनाने वाले प्लेयर बन गए। उनके नाम अब 34 मैचों में 1084 रन हो गए। उन्होंने शिखर धवन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 29 मैचों में 1057 रन बनाए थे। 2. चेपॉक में 17 साल बाद RCB ने CSK को हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 17 साल बाद चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में CSK को हराया। टीम ने इस मैदान पर 2008 में आखिरी बार चेन्नई को 14 रन से हराया था। तब राहुल द्रविड़ की कप्तानी में टीम को जीत मिली थी। इस बीच RCB ने 8 मैच गंवाए और अब जाकर उन्होंने चेपॉक में होम टीम को हराया। 3. जडेजा के 3000 IPL रन पूरे रवींद्र जडेजा ने शुक्रवार को अपने 3000 IPL रन पूरे कर लिए। उन्होंने 242वें मैच में यह कारनामा हासिल किया, उनके नाम 160 विकेट भी हैं। जडेजा IPL में 3000 रन और 150+ विकेट का डबल रिकॉर्ड बनाने वाले इकलौते प्लेयर बने। recent visitors 48

भविष्य में कचरे से हाइड्रोजन बनाने जैसी तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकती है: नितिन गडकरी

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क, परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक ऐसी जानकारी साझा की, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र नागपुर में टॉयलेट के पानी को रिसाइकिल करके सालाना 300 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है। गडकरी ने समिट 2025 में इस अनोखी पहल के बारे में बताया, जिसमें वेस्ट वॉटर रिसाइक्लिंग के जरिए जल को पुनः उपयोग के लायक बनाया जाता है। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक पर्यावरणीय समाधान नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "आप शायद विश्वास न करें, लेकिन हम टॉयलेट का पानी रिसाइकिल करके सालाना 300 करोड़ रुपये कमा रहे हैं।" इसकी सफलता के पीछे गडकरी ने वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट और रिसाइक्लिंग के महत्व को बताया, जो कि एक बेहद सस्टेनेबल और प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य शहरों में भी ऐसे प्रोजेक्ट्स को लागू करने की बात की, जिससे न केवल जल संकट का समाधान हो, बल्कि शहरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो। इसके अलावा, गडकरी ने यह भी कहा कि भविष्य में कचरे से हाइड्रोजन बनाने जैसी तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकती है। उन्होंने बताया कि कचरे को रिसाइकिल करके बायोडाइजेस्टर से मिथेन उत्पन्न किया जाएगा, जिसे फिर हाइड्रोजन में बदला जाएगा। यह हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन होगा, और अगर यह सफलतापूर्वक और सस्ती दर पर तैयार किया गया, तो भारत जीवाश्म ईंधन पर खर्च होने वाली बड़ी रकम को बचा सकेगा और एक दिन ऊर्जा का निर्यातक देश बन जाएगा। गडकरी की यह सोच न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह आर्थिक विकास और सस्टेनेबिलिटी का भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है। recent visitors 53

सुकमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में नक्सली लीडर जगदीश को किया ढ़ेर, 16 नक्सलियों को मार गिराया

 सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा और दंतेवाड़ा बॉर्डर एरिया पर नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार फायरिंग हो रही है. जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है और 16 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं. सुरक्षाबलों द्वारा क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जारी है. सुकमा जिले के केरलापाल थानाक्षेत्र के गोगुंडा की पहाड़ी पर नक्सली कमांडर जगदीश के होने की सूचना पर डीआरजी और सीआरपीएफ के जवान रवाना हुए, सुबह मुठभेड़ हुई जिसमें 16 नक्सली मारे गए और दो जवानों घायल हुए हैं। खबर है कि सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में 16 नक्सलियों को मार गिराया है और दो जवानों को मामूली चोटें आई हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ केरलापाल थाना क्षेत्र के एक जंगल में हुई, जहां सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. DIG कमलोचन कश्यप ने  बताया कि 16 नक्सलियों की डेडबॉडी रिकवर कर ली गई है। जिस तरह से हथियार मिले हैं, उससे यह स्पष्ट है कि मारे गए नक्सलियों में बड़े कैडर्स के भी हैं। अभी मुठभेड़ चल रही है। DIG ने बताया कि ऑपरेशन खत्म होगा, तब सर्चिंग की जाएगी, इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नक्सलियों को और कितना नुकसान हुआ है। इंसास, SLR जैसे ऑटोमैटिक वेपंस भी बरामद किए हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे पहले 25 मार्च को सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ ​​सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया था। बस्तर रेंज में जवानों ने 2025 में मुठभेड़ में 100 नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। खुफिया इनपुट के आधार पर शुरू किया ऑपरेशन एक अधिकारी ने बताया कि जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान इस ऑपरेशन में शामिल हैं. अभियान को शुक्रवार रात उस क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद शुरू किया गया था. ऑटोमैटिक हथियार बरामद पहाड़ी इलाके में सुबह 6 बजकर 50 मिनट में गोलीबारी शुरू हुई। इसके बाद निलावाया, उप्लल्ली में मुठभेड़ हुई। इसमें 15 नक्सली मारे गए वही दो जवान घायल हुए है। घायल जवानों को हेलीकॉप्टर के जरिए उपचार के लिए रायपुर भेजा जा रहा है। इस पूरी मुठभेड़ को एसपी किरण चव्हाण ने वॉर रूम से मॉनीटिर किया। जवान सर्चिंग करने के बाद कैंप लौटेंगे। मुठभेड़ में ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 20 मार्च को 2 बड़ी मुठभेड़ हुई। इसमें 30 नक्सली मारे गए हैं। पहली मुठभेड़ बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर और दूसरी कांकेर-नारायणपुर सीमा पर हुई। बस्तर IG सुंदरराज पी. ने बताया कि, बीजापुर में हुई मुठभेड़ में 26 नक्सलियों को मार गिराया। इसी मुठभेड़ में DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान भी शहीद हुआ। वहीं कांकेर इलाके में हुई मुठभेड़ में भी 4 नक्सलियों को ढेर किया गया। इधर, तीसरी नक्सल घटना नारायणपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर हुई। यहां थुलथुली इलाके में IED ब्लास्ट की चपेट में आने से दो जवान जख्मी हो गए। शाह का दावा- 2026 तक खत्म कर देंगे नक्सलवाद इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंच से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे। वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह की इस डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं। तीन नक्सलियों को किया था ढेर इससे पहले मंगलवार को दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए थे. इनमें 25 लाख रुपए का इनामी माओवादी सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली भी शामिल था. इसके साथ ही घटनास्थल से इंसास राइफल, 303 राइफल सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया था. 25 लाख का इनामी नक्सली ढेर पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर स्थित गीदम थाना क्षेत्र के गिरसापारा, नेलगोड़ा, बोड़गा और इकेली के सरहदी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी सूचना मिली थी. इसके बाद डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली. सुरक्षा बलों को देखते ही नक्सली गोलीबारी करने लगे. इसके बाद जवाबी फायरिंग के दौरान तीन नक्सली मौके पर ही ढेर हो गए. इनमें एक की पहचान सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली के रूप में हुई, जिसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम था.   recent visitors 33