प्रधानमंत्री मोदी का बिलासपुर दौरा, एनटीपीसी के 800 मेगावाट यूनिट का करेंगे शिलान्यास

बिलासपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम मोहभट्ठा में सभा लेंगे। सभा में दो लाख लोगों के आने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम मोहभट्ठा में सभा लेंगे। इस दौरान वे एनटीपीसी के 800 मेगावाट यूनिट का शिलान्यास, रेलवे की बिलासपुर-रायपुर चौथी लाइन के शिलान्यास सहित विभिन्न विकास योजनाओं का भूमिपूजन करेंगे। सभा में दो लाख लोगों के आने की संभावना है। करीब 55 एकड़ मैदान में होगा तो बाकी में पार्किंग रहेगी। सभा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 05 हैलीपेड बनाए गए हैं। 09 पार्किंग स्थल हैं। मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए 02 टॉवर लगाए जा रहे हैं। इस सभी का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को सभा स्थल आकर तैयारियों की समीक्षा करेंगे। 5 डोम, डेढ़ सौ पक्के टॉयलेट बनाए जा रहे रूट चार्ट के अनुसार अलग-अलग रूट के लिए पार्किंग की कलर कोडिंग कर जिलेवार आरक्षित रखे गए हैं। सभास्थल में पांच डोम खड़े किए जा रहे हैं। सभी डोम मिलाकर 120 सेक्टर मेें लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक सेक्टर में एक से डेढ़ हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। उनके पानी, नाश्ता, दवा और साफ-सफाई से जुड़े लगभग 7 कर्मचारी सहयोग करेंगे। लोग 4-5 घंटे तक सभास्थल पर ठहरेंगे, इसलिए लगभग डेढ़ सौ पक्का टॉयलेट भी निर्मित किए जा रहे हैं। 25 मार्च के बाद सभास्थल की ब्रांडिंग एवं फिनिशिंग का कार्य किया जाएगा। एसएसपी रजनेश सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का ब्यौरा दिया। recent visitors 46

NDA के सरताज होगा Bihar, मांझी-चिराग और उपेंद्र की रणनीति तैयार

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के चार प्रमुख सहयोगी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और चुनावी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक का आयोजन बीजेपी नेता संजय जासवाल के आवास पर किया गया, जिसमें जेडीयू नेता संजय झा भी शामिल हुए। 225 सीटों पर जीत का दावा बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में NDA की बड़ी जीत तय है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन को 225 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, बिहार चुनाव की तैयारियों पर आगे पटना में विस्तृत चर्चा की जाएगी। NDA की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमें जनता का भरपूर समर्थन मिलेगा। सीट शेयरिंग और रणनीति पर चर्चा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि बैठक का कोई खास उद्देश्य नहीं था, लेकिन यह चुनावी वर्ष होने के कारण रणनीतियां तय करने का समय है। उन्होंने कहा, हम चुनाव में किस सोच के साथ जाएंगे, सरकार की उपलब्धियां जनता के बीच कैसे रखी जाएंगी, और सीट शेयरिंग समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। NDA इस बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा और 225 से अधिक सीटों पर जीत सुनिश्चित होगी। एनडीए के सामने कोई गठबंधन नहीं टिकेगा आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बैठक को NDA की मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, यह एक आपसी विचार-विमर्श का कार्यक्रम था। चुनावी वर्ष में जब राजनीतिक दलों के नेता मिलते हैं, तो चुनाव को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है। हम सभी चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुटे हुए हैं। बिहार में NDA की स्थिति बेहद मजबूत है और हमारे सामने कोई अन्य गठबंधन टिकने वाला नहीं है। सभी चीजें तय हैं और इसी आधार पर हम चुनाव जीतेंगे। आगे की रणनीति पर मंथन जारी बैठक में शामिल नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि बिहार चुनाव को लेकर आगे पटना में विस्तृत बैठक होगी, जहां सीटों के बंटवारे और चुनाव प्रचार की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। बिहार में NDA सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा। बिहार में सत्तारूढ़ NDA के नेताओं का यह आत्मविश्वास बताता है कि वे आगामी चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल महागठबंधन इस चुनौती का किस तरह सामना करते हैं। recent visitors 52

इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी कनाड़िया बायपास पर बनेगा डबल डेकर ओवर ब्रिज

इंदौर  इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने 1597 करोड़ रुपए की आय का बजट पेश किया, जो 88.12 करोड़ के फायदे वाला है। बजट में शहर को एक और डबल डेकर ओवर ब्रिज(Double decker over bridge) की सौगात दी गई है, जो कनाड़िया बायपास पर बनाया जाएगा। इसके अलावा भोपाल व धार रोड पर आइएसबीटी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बजट में सबसे ज्यादा खर्च सड़क, बिजली और फ्लाई ओवर पर करने का प्रावधान किया है।  संभागायुक्त व आइडीए अध्यक्ष दीपक सिंह की अध्यक्षता में बजट बैठक हुई। बैठक में बजट का अनुमोदन किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 500 करोड़ रुपए अधिक है। बजट में सड़कें बनाने पर फोकस है तो प्रमुख चौराहों पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए 198.80 करोड़ खर्च करने का प्रावधान किया है। इसमें महू नाका, मरीमाता चौराहा, गांधी नगर चौराहा, बड़ा गणपति चौराहा पहले से स्वीकृत है, जिनका निर्माण होगा। इनके अलावा कनाड़िया बायपास पर डबल डेकर ओवर ब्रिज की घोषणा की गई। पिछले बजट से तुलना यह ब्रिज मोर्या हिल्स के आगे से शुरू होकर कनाड़िया थाने के सामने उतरेगा। इसकी लागत करीब 175 करोड़ आएगी। ब्रिज आइडीए की महत्वाकांक्षी योजनाओं टीपीएस 5 व 9 के लिए काफी अहम साबित होगा। बीआरटीएस के नौ चौराहों पर फ्लाई ओवर बनाने का लक्ष्य भी रखा है। बजट में नायता मुंडला व कुमेड़ी के बाद भोपाल और धार रोड पर आइएसबीटी (आधुनिक बस स्टैंड) बनाने का प्रावधान है, ताकि शहर से बसों का संचालन बंद किया जा सके।  बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, डीएफओ प्रदीप मिश्रा, अपर कलेक्टर ज्योति शर्मा, टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक शुभाशीष बेनर्जी, आइडीए सीईओ आरपी अहिरवार आदि मौजूद थे। अपने बजट में आइडीए ने इन योजनाओं पर भी किया है फोकस     आइएसबीटी कुमेड़ी के शेष काम पर 15.50 करोड़ का प्रावधान।     सीनियर सिटीजन हाउस के संचालन की निविदा आमंत्रित।     दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन पर 2 करोड़ खर्च होंगे।     प्रधानमंत्री आवास योजना 2 में बिल्डिंग बनाने पर 25 करोड़ खर्च होंगे।     एक आंगनबाड़ी व स्मार्ट प्राइमरी स्कूल का नवीनीकरण किया जाएगा।     इंदेश्वर महादेव मंदिर व तुलसीदास राम मंदिर का जीर्णोद्धार होगा।     योजना 166 के पास सुपर कॉरिडोर पर टिगरिया बादशाह तालाब का सौंदर्गीकरण, पौधरोपण व छठ पूजा के लिए घाट का निर्माण होगा।     टीपीएस योजना में 56.42 हेक्टेयर हरियाली की जाएगी। नई योजनाओं में पांच के बजाए सात प्रतिशत ग्रीन बेल्ट होगा।     योजना 97 पार्ट 4 में 40 एकड़ क्षेत्र में रीजनल पार्क बनेगा।     सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन रोड की लिंक रोड एमआर-12 और उस पर रेलवे ट्रैक व नदी पर ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। recent visitors 52

मुकेश अंबानी नेटवर्थ 1 लाख करोड़ रुपये घटी, दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप-10 से हुए बाहर

नई दिल्ली  बिजनेस की दुनिया में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब दुनिया के टॉप 10 सबसे अमीर लोगों में नहीं रहे। उनकी नेटवर्थ में पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन पर कर्ज बढ़ गया है। यह जानकारी Hurun Global Rich List 2025 में दी गई है। टेस्ला (Tesla) के CEO एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए हैं। उनकी संपत्ति में 82% की बढ़ोतरी हुई है। अब उनके पास कुल 420 बिलियन डॉलर की संपत्ति है। इस बीच आईटी कंपनी HCL की रोशनी नादर दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला बन गई हैं। उनके पास 3.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। रोशनी नाडर पहली भारतीय महिला हैं जो दुनिया की टॉप 10 महिलाओं में शामिल हुई हैं। उनके पिता शिव नाडर ने HCL में अपनी 47% हिस्सेदारी उन्हें दे दी है। मुकेश अंबानी अभी भी भारत और एशिया के सबसे अमीर आदमी हैं। अंबानी परिवार के पास 8.6 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले उनकी संपत्ति में करीब 13 फीसदी यानी 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। गौतम अडानी और उनके परिवार की संपत्ति में 13% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले एक साल में उनकी नेटवर्थ में 1 लाख करोड़ रुपये की तेजी आई है। वह 8.4 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ भारतीय अमीरों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। रोशनी नाडर और उनका परिवार इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। उन्हें पहली बार इस लिस्ट में जगह मिली है। कौन-कौन है टॉप 10 में सन फार्मा के दिलीप सांघवी की संपत्ति में 21% की बढ़ोतरी हुई है। अब उनके पास 2.5 लाख करोड़ रुपये हैं और वह इस लिस्ट में चौथे स्थान पर आ गए हैं। विप्रो के अजीम प्रेमजी 2.2 लाख करोड़ रुपये के साथ पांचवें, कुमार मंगलम बिड़ला 2 लाख करोड़ रुपये के साथ छठे नंबर पर हैं। साइरस पूनावाला 2 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ संयुक्त छठे नंबर पर हैं। पिछले एक साल में उनकी नेटवर्थ में 8 फीसदी गिरावट आई है। बजाज ऑटो वाले नीरज बजाज 1.6 लाख करोड़ रुपये के साथ आठवें नंबर पर हैं जबकि रवि जयपुरिया और राधाकिशन दमानी 1.4 लाख करोड़ रुपये के साथ संयुक्त रूप से नौवें नंबर पर हैं। मुंबई में सबसे ज्यादा अरबपति हैं। टॉप 10 में से पांच अरबपति मुंबई से हैं। नई दिल्ली में दो अरबपति हैं। बेंगलुरु,अहमदाबाद और पुणे में एक-एक अरबपति हैं। recent visitors 51

सीबीएसई का नया सर्कुलर: उपस्थिति इतनी कम हुई तो 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम नहीं दे पाएंगे छात्र

नई दिल्ली  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक बार फिर उन छात्रों को चेतावनी दी है, जो रेगुलर क्लासेस नहीं ले रहे. ऐसे छात्रों को सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में बैठने की परमिशन नहीं दी जाएगी. साथ ही जो स्कूल डमी स्कूल प्रणाली को बढ़ावा देंगे या गैर-हाजिर छात्रों को बोर्ड परीक्षा के लिए नामांकित करेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीबीएसई के नियमित स्कूलों में न पढ़ने वाले छात्रों को कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा देने से रोका जाएगा. अधिकारी ने बताया कि "डमी स्कूलों" में दाखिला लेने की जिम्मेदारी छात्रों और उनके माता-पिता की होगी. बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएंगे स्कूल से 'गायब' छात्र दरअसल, सीबीएसई अपनी परीक्षा नियमावली में संशोधन करने पर विचार कर रहा है. नए नियमों के अनुसार, डमी स्कूलों के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे छात्रों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की परीक्षा देनी होगी. सीबीएसई के एक सीनियर ऑफिसर ने पीटीआई को बताया कि, अगर जांच के दौरान कोई छात्र स्कूल से अनुपस्थित पाया जाता है या नियमित कक्षाओं में नहीं जाता है, तो उसे बोर्ड परीक्षा देने से रोका जा सकता है." बोर्ड परीक्षा के लिए 75% हाजिरी अनिवार्य सीबीएसई गवर्निंग बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों के लिए कम से कम 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी. एक सीबीएसई अधिकारी ने कहा, "सीबीएसई नियमों के अनुसार, केवल रजिस्ट्रेशन कर लेने से कोई छात्र बोर्ड परीक्षा के लिए योग्य नहीं होगा. उसे कम से कम 75% हाजिरी पूरी करनी होगी." सिर्फ इन छात्रों को अटेंडेंस में 25% की छूट जो छात्र सीबीएसई की उपस्थिति नीति के अनुसार योग्य नहीं होंगे, वे NIOS परीक्षा के जरिए बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे. केवल चिकित्सा आपातकाल, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भागीदारी, या अन्य गंभीर परिस्थितियों में 25% उपस्थिति की छूट दी जाएगी. डमी स्कूलों में दाखिला क्यों लेते हैं छात्र? इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र डमी स्कूलों में दाखिला लेते हैं ताकि वे पूरी तरह से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें. इसके अलावा, कुछ छात्र राज्य कोटा लाभ पाने के लिए भी डमी स्कूलों में नामांकन कराते हैं. उदाहरण के लिए, दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में दिल्ली राज्य कोटा पाने के लिए कई छात्र दिल्ली के डमी स्कूलों में नामांकन कराते हैं. डमी स्कूलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन रही है क्योंकि ये छात्र नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं होते और केवल बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूल आते हैं. सीबीएसई जल्द ही NIOS के साथ मिलकर इस पर नए दिशा-निर्देश तैयार कर सकता है, जिन्हें अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा.   recent visitors 46

65 करोड़ की लागत से राजबाड़ा, सभी छत्रियां, लालबाग पैलेस और जाम गेट के सौंदर्यीकरण का काम 15 मई से शुरू होगा

 इंदौर उज्जैन सिंहस्थ 2028 (Ujjain Simhastha 2028) को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। उज्जैन से इंदौर की सबसे अच्छी कनेक्टिविटी होने से सिंहस्थ में लाखों पर्यटक यहीं से गुजरेंगे। इसी के चलते इंदौर के भी प्रमुख पर्यटक स्थलों को संवारा जाएगा। पर्यटन विभाग को इंदौर और उज्जैन संभाग के पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 266 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसके टेंडर अभी प्रक्रिया में हैं। टेंडर के बाद राजबाड़ा, सभी छत्रियां, लालबाग पैलेस और जाम गेट के सौंदर्यीकरण का काम 65 करोड़ की लागत से लगभग 15 मई से शुरू हो जाएगा। इंदौर-उज्जैन संभाग पर्यटन के उप संचालक प्रकाश परांजपे के अनुसार 266 करोड़ में से 250 करोड़ केंद्र सरकार, बाकी राज्य सरकार और विभागों द्वारा मंजूर किए गए हैं। इसमें से कुछ टेंडर जारी कर दिए है, बाकी अभी टेंडर प्रक्रिया में है। सभी स्थलों का ज्यादातर विकास कार्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। सभी काम उज्जैन सिंहस्थ से पहले पूरे करने का लक्ष्य है। लालबाग के भीतर का काम दिल्ली की कंपनी और पुरातत्व विभाग द्वारा पिछले कुछ माह से किया जा रहा है। इसके बाद अब पर्यटन विकास निगम पैलेस के बाहर बाउंड्री वॉल, आउटर गार्डन, सिक्योरिटी गार्ड, फव्वारे सहित ओपन एयर थिएटर, देवी अहिल्या बाई सेंटर फॉर सेल्फ डिफेंस, साइकलिंग व वॉक के लिए ट्रैक भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा लाइट एंड साउंड शो भी होगा, जिससे शहर की इस ऐतिहासिक धरोहर के प्रति टूरिस्ट भी आकर्षित होंगे। इसके लिए 45 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। शहर की कृष्णपुरा छत्री, छत्रीबाग, गोलिया सरकार की छत्री सहित अन्य छत्रियों के विकास कार्यों पर भी 2.5 से 3 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यहां सीवेज, लाइट, रंग-बिरंगी लाइट लगाई जाएगी, ताकि अंधेरे में भी छत्री पर्यटकों को आसानी से दिखे। साफ-सफाई, पेड़ों की काट-छाट आदि कार्य किए जाएंगे। इसी तरह जाम गेट के सौंदर्यीकरण का काम भी होगा। सुरक्षा की दृष्टि से सिक्योरिटी गार्ड, तार फेंसिंग कर लगाकर गेट को टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 50-60 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। शहर का सबसे मुख्य पर्यटक स्थल राजबाड़ा का सौंदर्यीकरण कुछ माह पहले ही किया गया है, लेकिन स्मार्ट सिटी द्वारा अधूरे छोड़े गए कामों को पूरा किया जाएगा। इसमें दरबार हॉल, बिजली से संबंधित काम, वाटर हार्वेस्टिंग, आउटलेट, टॉयलेट, पानी और मुय स्थानों पर एसी लगाने के काम किए जाएंगे। इसके लिए करीब 12 से 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। recent visitors 45

MP में अब कर्मचारियों के लिए अब बनेगा ऑनलाइन पे-रोल, PF और TDS की खुद होगी कटौती !

भोपाल  भोपाल शहर में व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाने संबंधी भारत सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के अधिकारियों और औद्योगिक-व्यापारिक संगठनों की बैठक हुई। उद्योगपतियों ने सुझाव दिया कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में से कटौतियों में आती है।  इसके लिए ऐसा ऑनलाइन पे-रोल बनाया जाए जिसमें कर्मचारी का वेतन डाल दें। इसमें से उसकी पात्रता के अनुसार कर्मचारी बीमा, पीएफ, टीडीएस आदि की कटौती होकर श्रम, पीएफ और आयकर को चली जाए और इसके बाद वेतन कर्मचारी के खाते में आ जाए। बार-बार न भरना पड़े रिटर्न उद्योगपतियों को बार-बार इसका रिटर्न न भरना पड़े। सभी तरह की अनुमतियां फेसलैस होना चाहिए। टास्क फोर्स की प्रमुख और केंद्रीय टेक्सटाइल विभाग की सचिव नीलम शमी राव ने टीम के साथ अधिकारियों और उद्योगपतियों के साथ बैठकें कीं। इनमें प्रमुख सचिव उद्योग राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमपीआइडीसी के एमडी चंद्रमौलि शुक्ला भी शामिल हुए। फिक्की के शांतनु त्रिपाठी और कुनाल ज्ञानी आदि उद्योगपतियों ने बताया कि सभी अधिकारियों ने उद्योगपतियों की समस्याओं पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जल्द इनका समाधान करने का आश्वासन दिया है। उद्योगपतियों ने यह दिए सुझाव उद्योगों की अनुमतियों की प्रक्रिया फेसलैस होना चाहिए। कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं होना चाहिए। औद्योगिक क्षेत्र से बाहर यदि उद्योगों की लाइन बनाई जाती है तो अभी आसानी से बिजली नहीं मिलती है। उद्योग लगाने वालों को ही वहां तक विद्युत लाइन लाने का खर्च उठाना पड़ता है। इसकी व्यवस्था सुगम होना चाहिए। एक बार फैक्ट्री एक्ट में उद्योग का पंजीयन हो जाने पर उसे फायर एनओसी की जरूरत नहीं होना चाहिए। सीपीसीबी की गाइडलाइन अनुसार ग्रीन और व्हाइट श्रेणी के उद्योगों को बार-बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्टिफिकेट लेने की अनिवार्यता खत्म होना चाहिए। उद्योगों से अभी दोहरा टैक्स वसूला जा रहा है। उद्योग विभाग के साथ नगरीय निकाय भी टैैक्स लेते हैं। दोहरा टैक्स खत्म होना चाहिए। recent visitors 45