जो प्रवासी भारत के विकास के लिए आ रहे हैं, हम उनका स्वागत करते हैं: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण जारी है। इसी बीच आज  लोकसभा में इमीग्रेशन बिल को लेकर चल रही चर्चा में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया।  घुसपैठ और अवैध अप्रवास रोकने के मकसद से लाए गए इस बिल का नाम इमिग्रेशन एंड फॉरेन बिल 2025 (अप्रवासन और विदेशी विधेयक) है।   देश के विकास करने वालों का भारत में स्वागत: अमित शाह इस विधेयक के महत्व का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जो प्रवासी भारत के विकास के लिए आ रहे हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। जो लोग देश में शिक्षा के लिए, व्यापार के लिए, रिसर्च के लिए आते हैं हम उनका स्वागत करते हैं। पीएम मोदी का लक्ष्य है कि साल 2047 तक हमारा देश एक विकसित राष्ट्र बने। इसी वजह से हम कई पुराने कानूनों को खत्म किया। सीमा में कौन दाखिल हो रहा, जानना जरूरी: अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "आव्रजन कोई अलग मुद्दा नहीं है। देश के कई मुद्दे इससे जुड़े हुए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह जानना बहुत जरूरी है कि देश की सीमा में कौन घुसता है। हम उन लोगों पर भी कड़ी नजर रखेंगे जो देश की सुरक्षा को खतरे में डालेंगे।" अमित शाह ने आगे कहा,"10 साल में हमारा अर्थतंत्र 11वें नंबर से 5वें नंबर पर पहुंच गया है। पूरी दुनिया के अर्थतंत्र की सूची में भारत एक चमकदार जगह बनकर उभरा है। भारत मैन्युफैक्चरिंग का हब बनने जा रहा है। ऐसे में हमारे यहां विश्वभर से लोगों का आना बड़ा स्वभाव है।" हमारा इमीग्रेशन का स्कैन और साइज दोनों बहुत बड़ा है। इसके साथ-साथ शरण लेने की जगह पर उनके निहित निवास और देश को असुरक्षित करने वालों की संख्या भी बढ़ती है। ऐसे में जो लोग भारत की व्यवस्था में योगदान देने के लिए आते हैं, व्यापार और शिक्षा के लिए आते हैं, ऐसे सभी लोगों का स्वागत है, लेकिन लकड़ी रोहिंग्या हो या बांग्लादेशी हो। अगर यहां गंदगी फैलाने के लिए आते हैं तो इन लोगों के साथ बड़ी दोस्ती के साथ उनका व्यवहार होगा। recent visitors 53

झाबुआ में एक साथ लगभग दो हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह में शामिल होने का आनंद अदभुत और अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ में एक साथ लगभग दो हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह में शामिल होने का आनंद अदभुत और अविस्मरणीय है। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सभी के मंगलमय और सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य जीवन के 16 संस्कारों में से पाणिग्रहण संस्कार गृहस्थ जीवन में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण संस्कार है। इसमें 7 फेरों से 7 वचनों को पूरा कर सात जन्मों तक बंधन में बंधते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में शामिल जोड़ों को विवाह और निकाह की बधाई देते हुए सभी के जीवन में खुशियों की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव झाबुआ में सामुहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में 11 जोड़ों को प्रतीकात्मक रूप से 49-49 हजार की राशि के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले के निवासियों को सौगात देते हुए कहा कि राणापुर क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या के निराकरण के लिए भांडाखेड़ा बैराज, नागन खेड़ी, गलती, छायण, झालरवा, बुदाशाला और कल्लीपुरा में बैराज बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध झाबुआ में मेडिकल कॉलेज भी बनाया जायेगा। झाबुआ के विकास के लिये सभी कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी वर्गों का विकास समाहित है। किसी भी वर्ग को विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप सबका साथ लेकर सबका विकास किया जायेगा, जिसमें सबके प्रयास और सबका विश्वास शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के सशक्तिकरण के लिये राशि प्रदान की जा रही है। किसानों का गेहूँ 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जित किया जा रहा है। धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जा रहे हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूटी और लेपटॉप प्रदाय किये जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश में बेटियों को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि झाबुआ में आयोजित लगभग 2000 जोड़ों के सामूहिक विवाह में सम्मिलित होकर मन आनंदित हो गया हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि जिले के लिए सौभाग्य है कि इतना विशाल विवाह समारोह आयोजित हुआ और जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर बहनों को आशीर्वाद प्रदान किया। पारंपरिक रूप से स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री सुश्री भूरिया ने जनजातीय परम्परा के अनुरूप जनजातीय जैकेट "झूलड़ी" पहनाकर, साफा बांधकर एवं तीर कमान भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन किया। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषण मुक्त झाबुआ के तहत मोटी आई कैम्पैन, मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन गलसन माला, गुड्डा गुड्डी, तीर कमान, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अंतर्गत जिले में उत्पादित टमाटर एवं टमाटर से बने उत्पाद जैसे टमाटर पाउडर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग श्री अन्न फसल एवं जैविक उत्पाद, नगर पालिका परिषद झाबुआ द्वारा वेस्ट टु वेल्थ प्रोजेक्ट अंतर्गत तैयार किये गये डस्टबिन एवं गमले प्रदर्शित किये गये। सम्मेलन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता चौहान, संभागायुक्त इंदौर श्री दीपक सिंह, आईजी श्री अनुराग, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री पद्म विलोचन शुक्ल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों उपस्थित रहे। recent visitors 33

70 साल पुराना सपना साकार, जम्मू-कश्मीर की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द दौड़ेगी पटरी पर

 जम्मू  70 साल पुराना सपना साकार होने जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी  19 अप्रैल को कटरा से घाटी तक चलने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी कटरा से कश्मीर तक चलने वाली जम्मू-कश्मीर की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेन रियासी जिले के कटरा कस्बे से शुरू होकर पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला को पार करते हुए श्रीनगर पहुंचेगी और फिर उत्तरी कश्मीर के बारामूला तक जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी 19 अप्रैल की सुबह नई दिल्ली से उधमपुर आर्मी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे चेनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें पुल के निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद पीएम मोदी कटरा स्थित माता वैष्णो देवी आधार शिविर से वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल ये ट्रेन संगलदान से बारामूला तक चल रही है। इस इतिहास बनाने वाले कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल होंगे। दिल्ली लौटने से पहले प्रधानमंत्री मोदी कटरा में एक सार्वजनिक रैली को भी संबोधित करेंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जम्मू रेलवे स्टेशन पर विस्तार कार्य पूरा होने के बाद इस वर्ष जुलाई-अगस्त तक जम्मू से घाटी के लिए ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी। हालांकि फिलहाल दिल्ली या अन्य हिस्सों से कश्मीर के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं होगी। यात्रियों को कटरा में उतरकर दूसरी ट्रेन पकड़नी होगी जिसे बाद में जम्मू में भी लागू किया जाएगा। बता दें कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के तहत कुल 272 किलोमीटर में से 118 किलोमीटर लंबे काजीगुंड-बारामूला खंड को अक्टूबर 2009 में शुरू किया गया था। इसके बाद जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबे बनिहाल-काजीगुंड लिंक और जुलाई 2014 में 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-कटरा खंड का कार्य पूरा किया गया है। पिछले साल फरवरी में 48.1 किमी बनिहाल-संगलदान खंड को भी जोड़ा गया था। 46 किलोमीटर लंबे संगलदान-रियासी खंड का काम भी पिछले साल जून में पूरा हुआ जबकि रियासी और कटरा के बीच 17 किलोमीटर का निर्माण हाल ही में पूरा किया गया है। recent visitors 41

संबल योजना: 28 मार्च को सीएम मोहन यादव जारी करेंगे श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रूपये, मिलेगा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 मार्च को मंत्रालय में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 23 हजार 162 प्रकरणों में 505 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपये दिए जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालयीन शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिए संपूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। गिग वर्कर्स भी योजना में शामिल नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारंभ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। जन्म से मृत्यु तक आर्थिक सहायता संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ होने के बाद 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग योजनांतर्गत वर्तमान तक 06 लाख 58 हजार से अधिक प्रकरणों में 5 हजार 927 करोड़ रुपये से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। जानिए क्या है संबल योजना     मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं।     स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं।     संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।     नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं।     संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं।संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है।     प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण स्कीम अंतर्गत 2.16 करोड़ अंतरित सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण स्कीम के तहत राज्य अधिवक्ता परिषद् जबलपुर के बैंक खाते में 2 करोड़ 16 लाख रूपये अंतरित कर दिये गये है। राशि वित्त वर्ष 2024-25 के लिये अंतरित की गई है। इस स्कीम के तहत 12 हजार रूपये के मान से प्रत्येक नवीन अधिवक्ता को सहायता राशि प्रदान की जाती है।   recent visitors 39

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री साय ने 780 बुजुर्ग श्रद्धालुओं से भरे ट्रैन को दिखाई हरी झंडी

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने तीर्थ दर्शन योजना को फिर शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में तीर्थयात्रा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इस योजना के तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और कम आय वाले परिवारों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान सीएम साय ने कहा कि, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को तीर्थ करने का फल मिल सके इसलिए संवेदनशील सरकार ने यह पहल की है। मोदी की गारंटी को पूरा कर रही छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, यह योजना हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का हिस्सा है। हम चाहते हैं कि राज्य के हर नागरिक को देश के पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन का मौका मिले, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। हम एक और मोदी की गारंटी पूरी कर रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के वक्‍त जनता से वादा किया था, उस दौरान मोदी की गारंटी में इसे भी शामिल किया गया था, जिसे छत्‍तीसगढ़ सरकार पूरा कर रही है। इस दौरान सीएम साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में यात्रियों से बातचीत की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य गरीब और वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा कराना है। सभी वर्गों के लोगों को धार्मिक यात्राओं का लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ से बाहर के तीर्थ स्थलों पर जाने से राज्य के लोगों को नए स्थानों के दर्शन का अवसर मिलेगा। बता दें कि, ट्रेन में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को खाने-पीने की व्यवस्था, यात्रा बीमा और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएगी। योजना के तहत यात्रा का अधिकांश खर्च सरकार वहन करेगी, जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ न उठाना पड़े। कैसे मिलेगा योजना का लाभ? इच्छुक लाभार्थियों को ऑनलाइन या जिला प्रशासन के माध्यम से आवेदन करना होगा। आयु सीमा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को प्राथमिकता। आर्थिक पृष्ठभूमि में कम आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में लाभार्थियों का चयन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। गौरतलब है कि, यह योजना पहले भाजपा सरकार के दौरान शुरू हुई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे बंद कर दिया गया था। अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। recent visitors 80

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दी जानकारी, भारत आएंगे व्लादिमीर पुतिन, स्वीकार किया निमंत्रण

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत दौरे के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार यह जानकारी दी और कहा कि इस दौरे के लिए तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि अब हमारी बारी है। रूसी अंतर्राष्ट्रीय मामलों की परिषद (आरआईएसी) द्वारा आयोजित "रूस और भारत: एक नए द्विपक्षीय एजेंडे की ओर" शीर्षक वाले सम्मेलन को संबोधित करते हुए लावरोव ने कहा, "पुतिन के भारत दौरे के लिए वर्तमान में व्यवस्था की जा रही है।" रूसी विदेश मंत्री के हवाले से सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने कहा, "राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत सरकार के प्रमुख के भारत दौरे के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। रूसी राष्ट्र प्रमुख की भारत गणराज्य की यात्रा की वर्तमान में तैयारी की जा रही है।" लावरोव ने कहा कि पिछले साल फिर से चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली विदेश यात्रा रूस की थी। उन्होंने कहा, "अब हमारी बारी है।" हालांकि, यात्रा की तारीखों का अभी खुलासा नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2024 में रूस का दौरा किया था, जो लगभग पांच वर्षों में देश की उनकी पहली यात्रा थी। इससे पहले, उन्होंने 2019 में एक आर्थिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक का दौरा किया था। पिछली यात्रा के दौरान, मोदी ने पुतिन को भारत आने का निमंत्रण दिया था। 24 मार्च को, लावरोव ने कहा कि रूस भारत के साथ विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी विकसित कर रहा है। लावरोव ने एक कार्यक्रम में कहा कि रूस चीन, भारत, ईरान, उत्तर कोरिया और स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस) देशों जैसे देशों के साथ सक्रिय रूप से संबंधों का विस्तार कर रहा है। शीर्ष रूसी राजनयिक ने कहा, "पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ व्यापक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग के संबंध अभूतपूर्व स्तर के आपसी विश्वास का दावा करते हैं। भारत के साथ विशेष रूप से विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी विकसित हो रही है।" recent visitors 40

ग्वालियर मेले में किताबें उपलब्ध न कराने पर 8 स्कूल व 6 वेंडर्स को नोटिस, दो स्कूलों के प्रिंसिपलों पर एफआईआर दर्ज

ग्वालियर  ग्वालियर जिला प्रशासन की ओर से आयोजित किए गए पुस्तक मेला में दो स्कूल प्रबंधनों को मनमानी भारी पड़ी है। निजी प्रकाशकों की किताबें जानबूझकर उपलब्ध न कराकर मनमानी करने के मामले में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल महाराजपुरा (महाराजपुरा थाना) और अमर पब्लिक स्कूल थाटीपुर (थाटीपुर थाना) के प्राचार्यों पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिसमें बताया कि स्कूलों द्वारा उनके यहां चलने वाली निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। न ही पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इस पर जब नोटिस जारी किया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जबलपुर की तर्ज पर लगाया गया पुस्तक मेला दो दिन पहले ही कलेक्टर ने स्कूल संचालकों को फटकार लगाई थी व स्कूलों को नोटिस भी जारी किए गए। ग्वालियर में पुस्तक मेला जबलपुर की तर्ज पर लगाया गया है। जबलपुर में पिछले साल से पुस्तक मेले का आयोजन हो रहा है, इस बार यह 25 मार्च से लगाया गया है। इस बार जबलपुर पुस्तक मेले में अभिभावकों को किताबें व स्टेशनरी आदि पिछले साल की तुलना में आधे में मिल रही हैं। यदि जबलपुर के पैटर्न को ग्वालियर में भी अपनाया जाए तो अगले साल के पुस्तक मेले में अभिभावकों को जबलपुर की तरह ही लाभ मिल सकता है। वहीं बुधवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुस्तक मेले का निरीक्षण किया और वेंडरों से कहा कि वे समय पर दुकान खोलें, यदि वे समय पर दुकानें नहीं खोलते हैं तो माना जाएगा कि वे अधिक कीमत में देना चाहते हैं। ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी। क्या है जबलपुर का पैटर्न जबलपुर के शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने नईदुनिया को बताया कि पिछले साल पुस्तक मेला लगाया था, तब अभिभावकों को लाभ मिला था। मेले के दौरान समझ में आया था कि स्कूल संचालक निजी पब्लिशर की किताबें चलाते थे जो महंगी पड़ती थीं। मेले के बाद ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद सभी स्कूलों ने कक्षा एक से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें ही चलाते हैं। चूंकि एनसीईआरटी की किताबें पहले से ही सस्ती होती हैं। इनके साथ एक दो किताबें ही निजी पब्लिशर की चलाते हैं। इसलिए किताबों का बजट कम हो गया। ग्वालियर में भी अगले मेले से मिल सकती है राहत जिला प्रशासन ने जिस तरह से आठ बड़े स्कूलों को नोटिस दिए हैं और जवाब मंगाए हैं। उन जवाबों में स्कूल संचालकों ने कहा कि वे कक्षा एक से 12वीं तक एनसीआरटीई की किताबें ही चलाते हैं और आगे से यही किताबें चलाएंगे। हालांकि स्कूल संचालकों के जवाब का शिक्षा विभाग अभी परीक्षण कर रहा है। शिक्षा अधिकारी के मुताबिक परीक्षण के बाद जिनके जवाब संतोषजनक नहीं होंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एक बार कार्रवाई होगी तो आगे से सभी स्कूल नियमों का पालन करेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने किया निरीक्षण, दी चेतावनी कलेक्टर ने कुछ दुकानदारों द्वारा देरी से दुकानें खोले जाने की शिकायत मिलने पर पुस्तक मेले का निरीक्षण किया। देरी से खुली दुकानों पर पहुंचकर दुकान संचालकों को चेतावनी दी कि आगे से ऐसी स्थिति न बने, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में जहां पर भी दुकान संचालित हैं, वहां पर छापामार कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही दुकान पर डिस्काउंट की सूची लगाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा कलेक्टर ने बुक बैंक का भी निरीक्षण किया। किताबें उपलब्ध न कराने पर 8 स्कूल व 6 वेंडर्स को नोटिस जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए पुस्तक मेले में किताबें उपलब्ध न कराना स्कूलों को भारी पड़ सकता है। सोमवार को ऐसे 8 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिन्होंने मेले में अब तक किताबें ही उपलब्ध नहीं कराईं। वहीं, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने सोमवार को पुस्तक मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम, पूछताछ केंद्र, बुक बैंक, फीडबैक स्टॉल, बुक स्टॉल व फूड स्टॉल देखे एवं दुकानदारों से चर्चा की। तीसरे दिन भी पुस्तक मेले में बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे। परीक्षण के बाद कार्रवाई होगी     जिन स्कूलों को किताबें उपलब्ध कराने पर नोटिस दिए थे उनके जवाब आ गए हैं। हालांकि सभी ने कक्षा एक से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें चलाने की बात कही है। परीक्षण के बाद कार्रवाई होगी। उम्मीद है कि इस बार डिस्काउंट मिल रहा है, अगली बार अभिभावकों को अधिक फायदा होगा। – अजय कटियार, जिला शिक्षा अधिकारी, ग्वालियर   recent visitors 37