मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद गौतम के पात्र उत्तराधिकारी को शासकीय सेवा में लेने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए

मऊगंज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर मऊगंज जिले के गौतम परिवार को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के अंतर्गत एक करोड़ रूपये की राशि का चेक प्रदान किया। भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सेलरी पैकेज योजना में पुलिसकर्मियों को दी जाने वाली पूरक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सुविधा के अनुसार परिवार को यह राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद गौतम के पात्र उत्तराधिकारी को शासकीय सेवा में लेने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि कर्तव्य निवर्हन के दौरान अपने प्राणों को उत्सर्ग करने वाले पुलिस उपनिरीक्षक रामचरण गौतम की पत्नी श्रीमती पुष्पा को चेक प्रदान करते हुए कहा कि राज्य शासन ने स्व. गौतम को शहीद का दर्जा देते हुए उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। ग्राम गडरा जिला मऊगंज में कर्तव्य निर्वहन करते हुए इस माह पुलिस उप निरीक्षक रामचरण गौतम शहीद हुए। स्व. गौतम के परिवार को बीमा की अनुदान राशि का चेक सौंपे जाने के अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सीजीएम एसबीआई म.प्र./छ.ग चंद्रशेखर शर्मा, महाप्रबंधक अजिताभ पाराशर, महाप्रबंधक कुन्दन ज्योति, महाप्रबंधक मनोज कुमार सहित भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. गौतम की धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा और इस अवसर पर उपस्थित स्व. गौतम के पुत्र धीरेन्द्र और भतीजे सतीश से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधि का जो विधान था वह हुआ लेकिन राज्य शासन द्वारा स्व. रामचरण गौतम के परिवार को पूरा सहयोग दिया जाएगा।   recent visitors 37

Ranya Rao Gold Smuggling: रान्या की जमानत याचिका की अदालत ने खारिज, जेल में ही रहेंगी

 बेंगलुरु गोल्ड स्मगलिंग के आरोप में जेल में बंद कन्नड़ एक्ट्रेस रन्या राव को बड़ा झटका लगा है. 64वें सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट (CCH) ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा. इससे पहले आर्थिक अपराधों के लिए स्पेशल कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका को ठुकरा दिया था. निचली अदालतों से राहत न मिलने के बाद अब उनके पास केवल हाईकोर्ट का विकल्प बचा है, रन्या का कानूनी दल जल्द ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है. कोर्ट ने रन्या राव की जमानत याचिका खारिज करते हुए कई गंभीर बातों की ओर इशारा किया है. इसमें ये शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: जांच में पता चला है कि रन्या का मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है. कस्टम नियमों का उल्लंघन: उन पर हवाई यात्रा के दौरान कस्टम बैगेज नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका: जांच एजेंसियों ने कोर्ट में दलील दी कि रन्या को जमानत मिलने पर वह सबूत नष्ट कर सकती हैं या जांच को भटकाने की कोशिश कर सकती हैं. लगातार विदेश यात्राएं: एक साल में 27 बार विदेश यात्रा करने के कारण उनकी गतिविधियों पर शक गहरा गया है. भारी टैक्स चोरी: उन पर 28% कस्टम ड्यूटी की चोरी का आरोप है, जिससे सरकार को 4.83 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ. देश छोड़कर भागने का खतरा: अदालत को आशंका है कि जमानत मिलने पर रन्या विदेश भाग सकती हैं. गवाहों को प्रभावित करने की आशंका: उनकी प्रभावशाली छवि को देखते हुए अदालत को चिंता है कि वह गवाहों पर दबाव डाल सकती हैं या जांच को बाधित कर सकती हैं. इन कारकों को देखते हुए कोर्ट ने जमानत देने का कोई आधार नहीं पाया और चल रही जांच के लिए उसकी हिरासत को आवश्यक माना.   recent visitors 49

मध्य प्रदेश तपने लगा, सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक पहुंचा दिन का पारा, मार्च में 2 दिन चलेगी लू

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस सीजन की गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को राज्य के 7 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। नर्मदापुरम, रतलाम, बड़वानी, नौगांव, शिवपुरी, गुना और दमोह में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में भी तेज गर्मी रही। किन शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी? मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को दर्ज किए गए अधिकतम तापमान नर्मदापुरम: 40.9°C,रतलाम: 40.2°C,तालुन (बड़वानी): 40.2°C,नौगांव (छतरपुर), शिवपुरी, गुना और दमोह: 40°C रहा। इसके अलावा, 13 अन्य शहरों में तापमान 39 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया जिसमें ग्वालियर: 39.9°C,उज्जैन: 39°C,खजुराहो, धार, टीकमगढ़, मंडला, सागर, सतना, शाजापुर, उमरिया, सिवनी, खरगोन और बैतूल में भी तापमान 39 डिग्री के आसपास रहा। बड़े शहरों में भोपाल: 38.8°C, इंदौर: 38.2°C, जबलपुर: 38°C तापमान  रहा। पिछले 2 दिन से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ा है। दिन में तीखी धूप खिल रही है। इस कारण लोग बचने के तरीके ढूंढते हैं। दूसरी ओर, कई शहरों में पारा सामान्य से 1 4.5 डिग्री तक अधिक है। नौगांव में बुधवार को दिन का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। यहां सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा है। प्रदेश में गर्मी के इस सीजन में पहली बार 7 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। बुधवार को नर्मदापुरम, रतलाम, बड़वानी, नौगांव, शिवपुरी, गुना-दमोह में पारे में यह बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन भी गर्म रहे। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के आखिरी 2 दिन में लू चलने के असर है। नर्मदा पुरम में 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ तापमान मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को नर्मदापुरम में 40.9 डिग्री, रतलाम में 40.2 डिग्री, तालुन (बड़वानी) में 40.2 डिग्री, नौगांव (छतरपुर), शिवपुरी, गुना-दमोह में अधिकतम तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, 13 शहर- ग्वालियर, उज्जैन, खजुराहो, धार, टीकमगढ़, मंडला, सागर, सतना, शाजापुर, उमरिया, सिवनी, खरगोन और बैतूल में तापमान 39 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 39.9 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, भोपाल में 38.8 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री और जबलपुर में पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी दिन का तापमान बढ़ गया है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कई शहर में पारा 22 डिग्री तक चल रहा है। मार्च के आखिरी दो दिन प्रदेश में चलेगी लू मार्च के आखिरी दो दिन प्रदेश में लू का असर रह सकता है। मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रहने की संभावना है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है।अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 27 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। 28 मार्च: इस दिन भी पारे में गिरावट रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में पारा 38 डिग्री के आसपास रह सकता है। recent visitors 34

UK के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला गुजरात दूसरा राज्य बनेगा

अहमदाबाद  उत्तराखंड के बाद गुजरात समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। राज्य के कानून मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कल राज्य विधानसभा में यह बात कही। राज्य के कानून मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय राज्य के सभी लोगों के लिए समान न्याय सुनिश्चित करने और एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक कदम है। इस दिशा में राज्य सरकार ने राज्य के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मूल्यांकन और मसौदा तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति ने निवासियों, सामाजिक राजनीतिक संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए हैं, कानून बनाने में अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सुझाव प्रस्तुत करने की समय सीमा 15 अप्रैल, 2025 तक बढ़ा दी गई है। निचली अदालतों में डिजिटलीकरण ई-कोर्ट प्रोजेट के बारे में पटेल ने कहा कि हाईकोर्ट और निचली अदालतों में डिजिटलीकरण के लिए 27.84 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे अदालतों में कागजी काम कम होगा और सब कुछ कंप्यूटर पर होगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट के बारे में बताते हुए पटेल ने कहा कि पिछले साल जिला अदालतों ने 18,41,016 मामलों को सुलझाया। मतलब, अदालतों ने बहुत तेजी से काम किया। पटेल ने यह भी बताया कि अलग-अलग कानूनों के लिए राज्य में कई अदालतें बनाई गई हैं। 595 विशेष अदालतें बनाई गई उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की मंजूरी से, 595 विशेष अदालतें बनाई गई हैं। इनमें अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले मामले भी शामिल हैं। गुजरात पीड़ित मुआवजा योजना-2019 के बारे में मंत्री जी ने बताया कि अपराधों के शिकार लोगों को मुआवजा दिया गया। जैसे कि अत्याचार, एसिट अटैक (तेजाब हमला), और पॉक्सों एक्ट (Pocso Act) के तहत आने वाले मामलों में पिछले तीन सालों में 39 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों की मदद कर रही है। क्या होती है समान नागरिक संहिता(UCC), जानें समान नागरिक संहिता: समान नागरिक संहिता धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने के लिए कानूनों का एक सेट रखती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं। यूसीसी फुल फॉर्म यूसीसी का मतलब समान नागरिक संहिता है। समान नागरिक संहिता का अर्थ समान नागरिक संहिता कानूनों के एक सामान्य समूह को संदर्भित करती है, जो भारत के सभी नागरिकों पर विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और उत्तराधिकार के संबंध में लागू होती है। ये कानून भारत के नागरिकों पर धर्म और लिंग रुझान के बावजूद लागू होते हैं। क्या आप जानते हैं: गोवा में एक समान पारिवारिक कानून है, इस प्रकार यह एकमात्र भारतीय राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता है और 1954 का विशेष विवाह अधिनियम किसी भी नागरिक को किसी विशेष धार्मिक व्यक्तिगत कानून के दायरे से बाहर शादी करने की अनुमति देता है। समान कानूनों की उत्पत्ति ब्रिटिश सरकार ने 1840 में लेक्स लोकी की रिपोर्ट के आधार पर अपराधों, सबूतों और अनुबंधों के लिए एक समान कानून बनाए थे, लेकिन हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को उन्होंने जानबूझकर कहीं छोड़ दिया था। दूसरी ओर ब्रिटिश भारत न्यायपालिका ने ब्रिटिश न्यायाधीशों द्वारा हिंदू, मुस्लिम और अंग्रेजी कानून को लागू करने का प्रावधान किया। साथ ही उन दिनों सुधारक महिलाओं द्वारा मूलतः धार्मिक रीति-रिवाजों जैसे सती आदि के तहत किये जाने वाले भेदभाव के विरुद्ध कानून बनाने के लिए आवाज उठा रहे थे। संविधान सभा की स्थापना की गई थी, जिसमें दोनों प्रकार के सदस्य शामिल थे: वे जो समान नागरिक संहिता को अपनाकर समाज में सुधार चाहते थे जैसे डॉ. बी. आर अम्बेडकर और अन्य मुस्लिम प्रतिनिधि थे, जिन्होंने व्यक्तिगत कानूनों को कायम रखा। साथ ही समान नागरिक संहिता के समर्थकों का संविधान सभा में अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा विरोध किया गया था। परिणामस्वरूप, डीपीएसपी (राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत) के भाग IV में अनुच्छेद 44 के तहत संविधान में केवल एक पंक्ति जोड़ी गई है। recent visitors 47

भारतीय रेल का बड़ा फैसला: वेटिंग टिकट वालों को नहीं मिलेगी स्टेशन में एंट्री

नई दिल्ली अगर आप भी हाल-फिलहाल के दिनों में ट्रेन (भारतीय रेल) से सफर करने वाले हैं और अगर आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में है तो ये खबर आपके लिए ही हैं। वेटिंग टिकट को लेकर इंडियन रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को ट्रेन में सफर करने की तो छोड़िए वैसे यात्रियों को अब स्टेशन में भी एंट्री नहीं मिलेगी। संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार (26 मार्च) को जानकारी दी कि रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। इनमें चौड़े फुट-ओवर-ब्रिज, सीसीटीवी निगरानी और वॉर रूम की व्यवस्था शामिल है। रेल मंत्री ने कहा कि त्यौहारों और मेलों के दौरान भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने सीमित प्रवेश नियंत्रण प्रणाली लागू की है। इस व्यवस्था के तहत स्टेशनों के बाहर होल्डिंग क्षेत्र बनाए गए हैं, जहां यात्रियों को तब तक एंट्री नहीं दिया जाता जब तक ट्रेन प्लेटफॉर्म पर नहीं आ जाती। बेटिकट और वेटिंग टिकट वालों पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। वहीं नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ से सबक लेते हुए रेलवे जोनल अधिकारियों को प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर कंट्रोल करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि वृद्ध, अशिक्षित और महिला यात्रियों की सहायता के लिए कुछ विशेष परिस्थितियों में प्लेटफॉर्म टिकट जारी किया जाएगा। देश के 60 स्टेशनों पर अब सिर्फ कन्फर्म टिकट वालों को एंट्री रेल मंत्री के अनुसार 2024 के त्यौहारी सीजन के दौरान सूरत, उधना, पटना और नई दिल्ली में होल्डिंग एरिया बनाए गए थे।महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के नौ स्टेशनों पर भी ये व्यवस्था लागू की गई थी। अब 60 स्टेशनों पर पूर्ण प्रवेश नियंत्रण लागू किया जाएगा। केवल कन्फर्म रिजर्व टिकट वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक एंट्री मिलेगा, जबकि वेटिंग लिस्ट और बिना टिकट यात्रियों को बाहरी प्रतीक्षा क्षेत्र में रहना होगा। अनाधिकृत प्रवेश द्वारों को भी सील किया जाएगा। रेल मंत्री ने संसद में कहा कि बड़े रेलवे स्टेशनों पर वॉर रूम स्थापित किए जाएंगे जहां भीड़भाड़ की स्थिति में सभी विभागों के अधिकारी समन्वय से काम करेंगे। सभी भारी भीड़ वाले स्टेशनों पर वॉकी-टॉकी, अनाउंसमेंट प्रणाली और डिजिटल संचार उपकरण लगाए जाएंगे। रेलवे कर्मचारियों को नई वर्दी और आईडी कार्ड मिलेगा रेलवे कर्मचारियों के लिए नई वर्दी और आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे ताकि केवल अधिकृत व्यक्ति ही स्टेशनों में एंट्री कर सकें। प्रमुख स्टेशनों पर स्टेशन डायरेक्टर नियुक्त किए जाएंगे जिन्हें वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे ताकि वे तत्काल फैसले ले सकें। स्टेशन डायरेक्टर को स्टेशन की क्षमता और उपलब्ध ट्रेनों के अनुसार टिकटों की बिक्री को कंट्रोल करने का अधिकार दिया जाएगा। स्टेशनों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी, स्थानीय पुलिस और सिविल प्रशासन को भी शामिल किया जाएगा। recent visitors 34

मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश

पक्का आवास पाने से कोई न छूटे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने 31 मार्च तक पूर्ण करें सर्वे कार्य जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए करें प्रयास पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण देने बनाएं कार्ययोजना जनजातीय परिवारों की माताओं-बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए करें सभी उपाय जनजातीय परिवारों को उपलब्ध कराएं दुधारू गाय मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय वर्ग के सभी हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करें। कोई भी हितग्राही आवास पाने से वंचित न रहे। किन्हीं भी कारणों से आवास पाने से छूट गये पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रतानुसार सबको पक्के घर की सौगात दी जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अभियान के मैदानी क्रियान्वयन से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को अभियान तहत गांव और हितग्राही चयन का काम पूरा कर तय कार्य योजना एवं मापदंडों के अनुसार लक्षित क्षेत्रों में विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव उर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि शमी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमन शुक्ल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की अब तक की प्रारंभिक प्रगति एवं केन्द्र सरकार को अभियान के संदर्भ में भेजे गये विकास प्रस्तावों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों, बसाहटों, मजरों टोलों में ज़रूरत वाले विकास कार्यों में गति लाने ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार के इस अभियान से राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय वर्ग के लिए संचालित सभी योजनाओं का लाभ हर हितग्राही तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं। गांव में मिट्टी का परीक्षण कर किसानों को बताया जाए कि उन्हें कौन सी फसल लगाना ज्यादा लाभदायक होगा। साथ ही टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिनार आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों के बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए शासकीय सहयोग से दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाए। इससे जनजातीय वर्ग की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय आबादी वाले 89 विकासखंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 31 मार्च 2025 तक सर्वे का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबको पक्का आवास देने की मंशा से समर्पित होकर कार्य करें। पारम्परिक उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए शुरू करें ई-कॉमर्स सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों को पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और बैठक जैसे आयोजन के लिए गांव-गांव में सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए जाएं। यहां होने वाले आयोजनों से जनजातीय संस्कृति समृद्ध रहेगी। उन्होंने जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के चयनित 11 हजार 377 जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों द्वारा उगाई जाने वाली रागी, कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) की खरीदारी शासन स्तर पर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज के विक्रय के लिए प्रदेश में विशेष मंडियां शुरू की जाए जिससे गांव के लोगों को उनकी फसल का उचित दाम मिले और बिचौलियों का नेटवर्क खत्म हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किए जा रहे पारम्परिक उत्पादों एवं खाद्य उत्पादों की देश-दुनिया में बेहतर मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स की सुविधा शुरू की जाए। मत्स्य उत्पादन में संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ही मछलियों के बीज तैयार करने की व्यवस्था के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से कार्य योजना तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन डीपी आहूजा ने अवगत कराया कि विभाग पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण प्रदान करने के लिए योजनाओं पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में हेचरी विकसित कर दूसरे राज्यों को मत्स्य-बीज बेचने से रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मत्स्य उत्पादन में अपार संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा‍ कि जनजातीय कृषकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर खेती की संभावना कम है, वहां लोगों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित कर लाभान्वित किया जाए। पोषण वाटिका की स्थापना में बालाघाट और मण्डला को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में शामिल जनजातीय ग्रामों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया रोग के पीड़ितों को चिन्हित कर उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर और शहडोल में मरीजों के बोनमेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत बालाघाट और मण्डला जिले में पोषण वाटिकाएं प्राथमिकता से स्थापित करने के निर्देश दिए। विद्युत कनेक्शन के लिए मजऱे-टोलों पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुदूर जनजातीय ग्रामों में बिजली और पानी के कनेक्शन की बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को सोलर पम्प योजना से लाभान्वित करने … Read more

नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अगले पांच साल में राज्य का बजट करेंगे दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल को बनाएंगे मेट्रोपॉलिटन सिटी भोपाल शहर की सभी दिशाओं में बनाएंगे नगर द्वार भोजपुर रोड में बनाएंगे भोज द्वार, इंदौर-उज्जैन रोड पर विक्रम द्वार मुख्यमंत्री का भोपाल उत्सव मेला समिति ने जीआईएस की सफलता के लिए किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के चहुंमुखी विकास में मध्यप्रदेश का योगदान अव्वल रहेगा। भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सालाना बजट दोगुना कर देंगे। कोई नया टैक्स नहीं लगाएंगे बल्कि नागरिकों की आय बढ़ाकर अपने बजट को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल की प्राकृतिक सम्पदा और इसके पुरा-इतिहास के संवर्धन में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें जनता की सेवा का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा आयोजित नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भोपाल को एक सुदंर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। भोपाल शहर में सभी दिशाओं से आने वाली सड़कों में नगर द्वार बनाए जाएंगे। भोजपुर मंदिर रोड पर 'भोज द्वार' और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर विक्रमादित्य के सुशासन के प्रतीक स्वरूप 'विक्रम द्वार' बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में विश्व से उद्योगपति भोपाल आए। भोपाल आकर उन सभी को आनंद आ गया, क्योंकि यहां की झीलें, तालाब और यहां की संस्कृति जीवंत हैं, यही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भोपाल देश का एकमात्र राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव और बाघों के सह-अस्तित्व का अनोखा और अद्वितीय उदाहरण विद्यमान है। भोपाल शहर के समीप ही रातापानी अभयारण्य है। यहां दुर्लभ बाज मिलने की भी पुष्टि हुई है। यह हमारी राजधानी को और भी आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हम भोपाल शहर का सतत सौन्दर्यीकरण कर रहे हैं। हम भोपाल की विरासतों को चिरस्थायी बनाए रखेंगे। भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। भोपाल के 35 से अधिक व्यापारी संघों, उद्योगपतियों एवं समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का होली मिलन समारोह में आत्मीय सम्मान कर उन्हें जन्मदिन की बधाई भी दी। भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित करने और अपनी कुशलता व कर्मठता से जीआईएस को सफल बनाने के लिए भोपाल मेला उत्सव समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रशस्ति (सम्मान) पत्र दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबके सहयोग से हमको विकास की नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगे। अब तक जो नहीं हुआ वो करके दिखाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ राजनीतिज्ञ रघुनंदन शर्मा, नगर निगम के सभापति किशन सूर्यवंशी, रवीन्द्र यति, भोपाल मेला उत्सव समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल, डीबी ग्रुप के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, राहुल कोठारी, आशीष अग्रवाल सहित भोपाल शहर के सभी व्यापारी संघों के पदाधिकारी, उद्योगपति एवं समाजसेवी उपस्थित थे। मेला समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जीआईएस ने पूरे विश्व में भोपाल की शान बढ़ाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिली है।   recent visitors 36