सरकार ने एमएसएमई में निवेश और टर्नओवर की सीमा बढ़ाई, इस कदम से छोटे उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली  अगर आप कोई छोटा कारोबार शुरू करने जा रहे हैं तो MSME (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) से जुड़े नए नियम जरूर जान लें। सरकार ने MSME की परिभाषा बदल दी है। अब निवेश और टर्नओवर के आधार पर तय किया जाएगा कि कौन सा बिजनेस माइक्रो की कैटेगरी में आएगा और कौन सा स्मॉल व मीडियम की कैटेगरी में। ये नए नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। सरकार ने 1 फरवरी को पेश किए बजट में एमएसएमई के नए नियम के बारे में घोषणा की थी। इन नए नियमों के लागू होने के बाद अब एमएसएमई को नए तरीके से पहचाना जाएगा। इससे छोटे उद्योगों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। सरकार ने एमएसएमई के लिए निवेश और कारोबार की सीमा बढ़ा दी है। पहले के मुकाबले अब ज्यादा निवेश और कारोबार करने वाले उद्योग भी एमएसएमई में शामिल हो सकेंगे। क्या हुआ बदलाव? अब एमएसएमई को पहचानने के लिए उनके निवेश और कारोबार की सीमा को बढ़ाया गया है। निवेश की सीमा को 2.5 गुना और कारोबार की सीमा को 2 गुना कर दिया गया है। इससे ज्यादा एमएसएमई सरकार की योजनाओं का फायदा उठा पाएंगे।     अगर किसी कंपनी ने 2.5 करोड़ रुपये तक का निवेश किया है तो उसे माइक्रो एंटरप्राइजेज माना जाएगा। पहले यह सीमा 1 करोड़ रुपये थी।     इसी तरह 25 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली कंपनियों को स्मॉल एंटरप्राइजेज कहा जाएगा। पहले यह सीमा 10 करोड़ रुपये थी।     अगर किसी एमएसएमई ने 125 करोड़ रुपये तक का निवेश किया है तो उसे मीडियम एंटरप्राइजेज माना जाएगा। पहले यह सीमा 50 करोड़ रुपये थी। टर्नओवर के मामले में नए नियम     अगर किसी माइक्रो एंटरप्राइजेज का टर्नओवर 10 करोड़ रुपये तक है तो उसे माइक्रो एंटरप्राइजेज माना जाएगा। पहले यह सीमा 5 करोड़ रुपये थी।     स्मॉल एंटरप्राइजेज के लिए टर्नओवर की सीमा 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दी गई है।     मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए भी सीमा बढ़ाई गई है। इसे बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा 250 करोड़ रुपये थी। क्यों लिया यह फैसला? एक फरवरी को बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था, 'आजकल 1 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई रजिस्टर्ड हैं। ये 7.5 करोड़ लोगों को नौकरी देते हैं और हमारे देश के मैन्युफैक्चरिंग का 36% हिस्सा हैं। ये एमएसएमई अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाते हैं और हमारे एक्सपोर्ट का 45% हिस्सा इन्हीं का है। इनको और बेहतर बनाने के लिए, टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ाने के लिए और आसानी से पैसे मिल सके, इसलिए हमने इनके निवेश और टर्नओवर की सीमा को बढ़ाया है। इससे उन्हें आगे बढ़ने और युवाओं को नौकरी देने का हौसला मिलेगा।' क्या मिलेगा फायदा? इन बदलावों से एमएसएमई यानी छोटे उद्योगों को बड़ा फायदा होगा। वे अब बिना किसी डर के अपना कारोबार बढ़ा सकेंगे। सरकार का यह कदम एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने और देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। छोटे कारोबारियों को अब ज्यादा मौके मिलेंगे और वे देश के विकास में और भी ज्यादा योगदान दे पाएंगे। recent visitors 65

प्रदेश सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में विगत सवा वर्ष में मध्यप्रदेश सरकार ने विरासत को साथ लेकर विकास के नए आयाम स्थापित किये हैं, जिससे उन्हें संतोष है। प्रदेश सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के श्रमिकों का कई वर्षों से लंबित भुगतान जहां एक ओर पूरा कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर राज्यों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों के आधार पर 20 वर्ष पुरानी पार्बती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना भी मूर्त रूप ले रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में साढ़े आठ लाख आवास और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 36 लाख आवास में गृह प्रवेश करवाया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जड़ों से जुड़े रहकर ही विकास पथ पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने ये विचार रविवार को दिल्ली में एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित 'डायमंड स्टेट्स समिट' कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2000 वर्ष पूर्व सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता से शासन की व्यस्थाओं का संचालन किया और विदेशी आक्रांताओं से स्वतंत्रता दिलाकर सुशासन स्थापित किया, जो प्रदेश की गौरवशाली विरासत है। विक्रम संवत का प्रवर्तन इसी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपने राज्य में जनता का कर्ज माफ किया और बिना ब्याज का धन जनता को उपलब्ध कराया। उनके पुरुषार्थ के विभिन्न आयामों का उत्सव मनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार आगामी 12 से 14 अप्रैल तक दिल्ली में विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन महाकाल और काल की नगरी है। यहां पृथ्वी 23.6 अंश पर झुकी हुई है जो इसे कालगणना के लिए सर्वोत्तम स्थल बनाती है। उज्जैन को विश्व का मीन टाइम बनाने के उद्देश्य से यहां वैदिक घड़ी की स्थापना की गई है, जो भारतीय ज्ञान की गौरवशाली परंपरा को पुनर्स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के उच्च आदर्शों और नैतिकता को जीवन शैली में सम्मिलित करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। महर्षि सांदीपनि के आश्रम को तीर्थ के रूप में विकसित कर नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण से जोड़कर आदर्श गोकुल ग्राम बनाए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी को 9% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 1956 में गेहूं का समर्थन मूल्य 94 रुपए प्रति क्विंटल और वर्ष 2002-03 में 600 रुपए था, जिसे आज बढ़ाकर 2600 रुपए कर दिया गया है। वर्ष 2002-03 में राज्य का बजट केवल 23 हजार करोड़ का था, जो वर्तमान में बढ़कर 4 लाख 21 हजार करोड़ का हो गया है। पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में उपलब्ध है, जो दिल्ली मेट्रो को भी प्रदाय की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश को सक्षम और सम्पन्न राज्य बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को 'डायमंड स्टेट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।   recent visitors 47

केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन और पेंशन में की बढ़ोतरी, अधिसूचना जारी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन में 24 प्रतिशत की वृद्धि को अधिसूचित कर दिया है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी होगी और इसे मूल्य वृद्धि सूचकांक के आधार पर तय किया गया है। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, न केवल सांसदों के वेतन में वृद्धि की गई है, बल्कि बैठकों में भाग लेने पर मिलने वाले दैनिक भत्ते, पूर्व सांसदों की पेंशन, और अतिरिक्त सेवा वर्षों के लिए दी जाने वाली पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। नए वेतन और भत्ते इस प्रकार हैं: सांसदों का मासिक वेतन पहले: 1,00,000 रुपए प्रति माह अब: 1,24,000 रुपए प्रति माह दैनिक भत्ता (संसद सत्र के दौरान बैठकों में भाग लेने पर) पहले: 2,000 रुपए प्रति दिन अब: 2,500 रुपए प्रति दिन पूर्व सांसदों की मासिक पेंशन पहले: 25,000 रुपए प्रति माह अब:  31,000 रुपए प्रति माह अतिरिक्त पेंशन (पांच वर्ष की सेवा से अधिक के प्रत्येक वर्ष के लिए) पहले:  2,000 रुपए प्रति माह अब:  2,500 रुपए प्रति माह सरकार ने यह बढ़ोतरी सांसद वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम के तहत आयकर अधिनियम, 1961 में निर्दिष्ट मूल्य वृद्धि सूचकांक के आधार पर अधिसूचित की है। recent visitors 43

प्रदेश में सामुदायिक सहभागिता से 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को क्षयरोग मुक्त घोषित किया जा चुका

टीबी मुक्त भारत के लिए मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निक्षय भारत अभियान में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों की सराहना की  प्रदेश में सामुदायिक सहभागिता से 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को क्षयरोग मुक्त घोषित किया जा चुका उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें क्षयरोग मुक्त घोषित भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निक्षय भारत अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की सराहना की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल शासकीय प्रयासों से ही संभव नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही इसे साकार किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि इस अभियान में सहयोग दें और टीबी मुक्त मध्यप्रदेश बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व टीबी दिवस पर स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सबकी मेहनत और सेवा भाव से ही मध्यप्रदेश क्षयरोग उन्मूलन की दिशा में इतनी तेज गति से आगे बढ़ा है। निक्षय मित्रों ने अपने स्तर पर आर्थिक और पोषण सहायता प्रदान कर मरीजों को नया जीवन दिया है, जो एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से हम टीबी मुक्त भारत का सपना साकार करेंगे। मध्यप्रदेश में 100 दिवसीय विशेष निक्षय शिविर अभियान के तहत 7 दिसंबर 2024 से 23 जिलों में गहन टीबी खोज और उपचार अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य उच्च टीबी बोझ वाले जिलों में टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान, मृत्यु दर में कमी और नए मामलों को रोकना है। इस अभियान के तहत 78 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 21 हजार 430 नए टीबी मरीज चिन्हित (नोटिफाई) किए गए और उनका तुरंत उपचार शुरू कराया गया। डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। इस दौरान 19 हजार से अधिक निक्षय मित्रों ने 25 हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की और 4 लाख से अधिक नागरिकों ने टीबी मुक्त भारत के संकल्प की शपथ ली। प्रदेश में सामुदायिक सहभागिता के अंतर्गत 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को क्षयरोग मुक्त घोषित किया जा चुका है। मध्यप्रदेश ने क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को प्राप्त किया है। वर्ष 2020 में संभावित क्षयरोगी दर 532 प्रति लाख थी, जो 2024 में बढ़कर 3031 प्रति लाख हो गई, जो रोगियों की शीघ्र पहचान और बेहतर निगरानी का प्रमाण है। वर्ष 2024 में 1 लाख 90 हजार क्षय रोगियों को खोजने के लक्ष्य के विरुद्ध 1 लाख 81 हजार 85 (95%) रोगियों की पहचान की गई। प्रदेश में टीबी उपचार की सफलता दर 87% है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है। गत 1 नवंबर 2024 से सभी अधिसूचित टीबी मरीजों को उपचार के दौरान एक हजार रूपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो पहले 500 रूपये प्रतिमाह थी। इसके अलावा, अधिसूचित जनजातीय क्षेत्रों में सभी खोजे गए टीबी रोगियों को 750 रूपये की एकमुश्त राशि भी प्रदान की जा रही है। प्रदेश की सभी जेलों में भी समय-समय पर आईसीएमआर की हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। बलगम के नमूने लेकर उन्हें सीबीनेट और टूनेट मशीनों द्वारा जांच की जाती है, जिससे जेलों में क्षयरोग के मामलों की शीघ्र पहचान हो रही है।   recent visitors 42

पंत और केएल राहुल होंगे आमने-सामने, दिल्ली और लखनऊ में होगा रोमांचक मुकाबला

विशाखापत्‍तनम  नए कप्तान और नई टीम के साथ दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपरजायंट्स की टीम सोमवार को जब आमने-सामने होगी तो उनका लक्ष्य आईपीएल के नए सत्र का आगाज जीत से करना होगा। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जबकि दिल्ली की टीम अपने दो घरेलू मैच यहां खेलेगी। अपने आईपीएल करियर में अभी तक केवल दिल्ली की टीम से खेलने वाले ऋषभ पंत इस बार लखनऊ की टीम की कमान संभाल रहे हैं जिसने उन्हें नीलामी में रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था। अपनी महंगी कीमत के कारण पंत का चर्चा में रहना लाजमी है, लेकिन यह विकेटकीपर बल्लेबाज इन सब बातों को दरकिनार कर अच्छा प्रदर्शन करके सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान पक्का करना चाहेगा। पंत-राहुल पर नजरें पंत चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में शामिल थे, लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था। दूसरी तरफ के एल राहुल हैं जो पिछले दो सत्र में लखनऊ की कमान संभालने के बाद इस बार एक खिलाड़ी के रूप में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलेंगे। दिल्ली की टीम ने ऑलराउंडर अक्षर पटेल को कप्तान नियुक्त किया है, लेकिन बल्लेबाजी में राहुल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दिल्ली की टीम में दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस भी हैं जो पिछले साल तक आरसीबी की कमान संभाल रहे थे। दिल्ली ने उन्हें उपकप्तान बनाया है। कागजों पर मजबूत दिल्‍ली कागजों पर दिल्ली की टीम काफी मजबूत नजर आती है क्योंकि उसके पास विदेशी और भारतीय खिलाड़‍ियों का अच्छा संयोजन है। दूसरी तरफ लखनऊ के पास केवल छह विदेशी खिलाड़ी हैं। दिल्ली को बल्लेबाजी में जहां डु प्‍लेसिस के अनुभव का फायदा मिलेगा वहीं गेंदबाजी में उसके पास ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क हैं। करुण नायर की मौजूदगी में दिल्ली का मध्यक्रम मजबूत नजर आता है जिसमें राहुल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी और आशुतोष शर्मा भी शामिल हैं। दिल्ली की गेंदबाजी इकाई भी मजबूत नजर आ रही है, जिसके स्पिन विभाग में भारत के दो अनुभवी स्पिनर अक्षर और कुलदीप यादव शामिल हैं। उसके तेज गेंदबाजी विभाग में स्टार्क के अलावा टी नटराजन, मोहित शर्मा, मुकेश कुमार और दुशमंत चमीरा शामिल हैं। लखनऊ इन पर रहेगा निर्भर लखनऊ को उम्मीद होगी कि उनके भारतीय खिलाड़ी विदेशी खिलाड़‍ियों के साथ अच्छी तरह से सामंजस्य बिठाएंगे। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मिचेल मार्श केवल एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उपलब्ध हैं। ऐसे में लखनऊ को डेविड मिलर और एडेन मार्करम की दक्षिण अफ्रीकी जोड़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। निकोलस पूरन के रूप में लखनऊ के पास विस्फोटक बल्लेबाज है, जो अपने दम पर मैच का पासा पलट सकता है। उनके अलावा लखनऊ की टीम में आयुष बडोनी, अब्दुल समद और शाहबाज अहमद के रूप में अच्छे भारतीय बल्लेबाज हैं।  बल्लेबाजों या गेंदबाजों में से किसका रहेगा जलवा? पढ़ें पिच रिपोर्ट नए कप्तान और नई टीम के साथ दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम सोमवार को जब यहां आमने-सामने होगी तो उनका लक्ष्य इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नए सत्र का आगाज जीत से करना होगा। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जबकि दिल्ली की टीम अपने दो घरेलू मैच यहां खेलेगी। अपने आईपीएल करियर में अभी तक केवल दिल्ली की टीम से खेलने वाले ऋषभ पंत इस बार लखनऊ की टीम की कमान संभाल रहे हैं जिसने उन्हें आईपीएल की नीलामी में रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। अपनी महंगी कीमत के कारण पंत का चर्चा में रहना लाजमी है लेकिन यह विकेटकीपर बल्लेबाज इन सब बातों को दरकिनार कर अच्छा प्रदर्शन करके सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान पक्का करना चाहेगा। पंत चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में शामिल थे लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था। दूसरी तरफ केएल राहुल हैं जो पिछले तीन सत्र में लखनऊ की कमान संभालने के बाद इस बार एक खिलाड़ी के रूप में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलेंगे। दिल्ली की टीम ने ऑलराउंडर अक्षर पटेल को कप्तान नियुक्त किया है लेकिन बल्लेबाजी में राहुल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दोनों टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है। तो आइये ऐसे में आपको बताते हैं कि विशाखापत्तनम की पिच बल्लेबाज या गेंदबाजों में किसके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दिल्ली कैपिटल्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स की पिच रिपोर्ट विशाखापत्तनम के एसीए वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अच्छी साबित होती है। यहां पर बल्ले और गेंद के बीच अच्छा बैटल देखने को मिलता है। यहां पर पिछले सीजन हुए दोनों मुकाबले हाई स्कोरिंग रहे थे। काली मिट्टी की पिच स्पिनर्स के लिए मददगार रहती है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को भी फायदा हो सकता है। वहीं बल्लेबाज भी यहां खुलकर खेलते हैं और चौके-छक्के की बारिश करते हैं। वाइजेग की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अनुकूल रहती है। दिल्ली कैपिटल्स ने इस मैदान पर अब तक 7 मैच खेले हैं, जिसमें से 3 दिल्ली ने जीते हैं जबकि 4 में उनको हार का सामना करना पड़ा है। आईपीएल के विशाखापत्तनम में हुए हैं 15 मैच विशाखापत्तनम में अब तक आईपीएल के 15 मैच हुए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 8 मैच जीते हैं और दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 7 मैच जीते हैं। कोई भी मैच बिना नतीजे या टाई के खत्म नहीं हुआ है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 167 रन है। स्टेडियम में सबसे बड़ा टीम स्कोर 272 (केकेआर ने पिछले सीजन दिल्ली के खिलाफ बनाया था) रन रहा है, जबकि सबसे बड़ा सफल लक्ष्य 173 रन रहा है। ये आंकड़े बताते हैं कि इस मैदान पर हाई स्कोरिंग मैच हो सकते हैं। यहां पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों टीमों के पास हावी होने का मौका होता है। दिल्‍ली और लखनऊ की संभावित प्‍लेइंग 11 दिल्‍ली कैपिटल्‍स – जैक फ्रेजर मैकगर्क, फाफ डु प्‍लेसिस, अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, ट्रिस्‍टन स्‍टब्‍स, अक्षर पटेल (कप्‍तान), आशुतोष शर्मा, समीर र‍िजवी, कुलदीप यादव, मिचेल स्‍टार्क और टी नटराजन। लखनऊ सुपरजायंट्स – युवराज चौधरी, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्‍तान), निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, डेविड मिलर, अब्‍दुल समद, शाहबाज अहमद, राजवर्धन हंगरगेकर, रवि बिश्‍नोई और शमार जोसेफ। recent … Read more

अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सांसदों के वेत्तन और भत्ते में बढ़ी बढ़ोत्तरी की है। इसके साथ ही पूर्व सांसदों के पेंशन में भी इजाफा किया गया है। बड़ी बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी 1 अप्रैल, 2023 से ही प्रभावी होगी। अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी। इसके अलावा, सांसदों का दैनिक भत्ता भी बढ़ाकर अब 2000 से ढाई हजार कर दिया गया है। पूर्व सांसदों का पेंशन 25 हजार से बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ोत्तरी संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत किया गया है। यह आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक पर आधारित है।सरकार ने वेतन बढ़ोत्तरी से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है।संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार संसद सदस्यों के वेतन में लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो एक अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगी। हर पांच साल पर होनी है वेतन की समीक्षा सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, वैसे पूर्व सांसदों के अतिरिक्त पेंशन में भी बढ़ोत्तरी की गई है, जो एक से ज्यादा कई कार्यकाल तक सांसद रहे हैं। इसके तहत पूर्व सांसदों को सेवा के हरेक वर्ष के लिए अतिरिक्त पेंशन के तौर पर अब 2500 रुपये मासिक पेंशन मिलेंगे, जो पहले 2,000 प्रति माह थी। वेतन-भत्ते में यह बढ़ोत्तरी 2018 के बाद से लागू किए गए उस नियम के तहत किया गया है, जिसमें सांसदों के वेतन और भत्ते की हर पांच साल पर समीक्षा करने का प्रावधान है। यह समीक्षा महंगाई दर पर आधारित होती है। बता दें कि यह कदम कर्नाटक सरकार द्वारा मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में 100% वृद्धि को मंजूरी दिए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। हालांकि, कर्नाटक विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते में बढ़ोतेतरी पर तीखी बहस हुई थी। recent visitors 45

मध्यप्रदेश के 400 से ज्यादा गांवों को मिलेगा फसलों का मुआवजा, कैबिनेट में हुआ बड़ा फैसला

भोपाल सोमवार, 24 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक ली। जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विस्तार से जानकारी साझा की। बैठक में विशेष रूप से उज्जैन के विक्रमोत्सव, औद्योगिक विकास के GIS (Geographic Information System) प्रोजेक्ट और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के विस्तार को लेकर चर्चा हुई। काल गणना का केंद्र बनेगा उज्जैन कैबिनेट बैठक के दौरान उज्जैन को काल गणना (Time Calculation) का केंद्र बनाने की योजना पर चर्चा हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में वर्तमान में विक्रमोत्सव (Vikramotsav) का आयोजन किया जा रहा है और 12, 13, 14 अप्रैल को दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य पर एक महानाट्य आयोजित होगा। उज्जैन को वैश्विक स्तर पर काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। ओला प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को ओले गिरने से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करने और सर्वे के बाद आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उन्होंने आत्मनिर्भर नगर निगम और नगर पालिका बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश में 4 बड़े सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि तनख्वाह और पेय जल के बिल के खर्च को कम किया जा सके। काल गणना आधारित किताब का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक (CM Mohan Yadav Cabinet) से पहले विक्रमादित्य ध्वज और पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि गुड़ी पड़वा पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हों। विमोचित पुस्तिका "भारत का नव वर्ष विक्रम संवत" में विक्रम संवत, काल गणना की पद्धति, प्राचीन यंत्रों, वैदिक घड़ी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। विक्रम संवत भारत का प्राचीन कैलेंडर है, जिसकी शुरुआत 57 ई.पू में हुई थी। उज्जैन को बनाया जाएगा काल गणना का प्रमुख केंद्र कैबिनेट में ये भी फैसला लिया गया कि उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, क्योंकि यहां गणितीय सटीकता उच्च स्तर की मानी जाती है। मोहन कैबिनेट के प्रमुख फैसले     उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।     प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर नववर्ष उत्सव मनाया जाएगा, मंत्री अपने-अपने जिलों में समारोह में शामिल रहेंगे।     ओलावृष्टि से प्रभावित 400 से अधिक गांवों में फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को राहत राशि दी जाएगी।     खजुराहो में ओबेरॉय ग्रुप को 19 एकड़ भूमि वैलनेस सेंटर बनाने के लिए दी जाएगी।     प्रदेश में चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे, जिससे नगर निकायों और जल आपूर्ति योजनाओं की बिजली लागत कम होगी।     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत भिंड-चंबल क्षेत्र में 18 एमओयू साइन हुए। ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी।     गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए कलेक्टरों को टैंकरों से जल आपूर्ति और पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था के निर्देश। प्रदेश में चार बड़े बड़े सोलर प्लांट लगाए जाएंगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश में चार स्थानों पर बड़े सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार नगर निगमों और नगर पालिकाओं में सबसे अधिक खर्च वेतन, पेयजल और बिजली पर होता है। इसलिए फैसला लिया गया है कि चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएं, ताकि निकायों का बिजली खर्च कम हो। विजयवर्गीय ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समूह जल योजनाओं के लिए भी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे जल आपूर्ति को सुचारू और किफायती बनाया जा सके। गुड़ी पड़वा उत्सव में शामिल होंगे मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गुड़ी पड़वा के अवसर पर सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर इस पर्व को मनाने में सहयोग करें। सभी मंत्री-विधायक इन कार्यक्रमों में शामिल रहें। अलग-अलग जिलों में ये पर्व अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। इसलिए स्थानीय परंपराओं के अनुसार नववर्ष समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस दिन अधिक से अधिक लोगों को गुड़, धनिया और नीम की पत्तियां खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे स्वस्थ रह सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमोचित पुस्तिका 'भारत का नव वर्ष विक्रम संवत' के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तिका में विक्रम संवत, काल गणना की पद्धति, प्राचीन यंत्रों, वैदिक घड़ी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर दिखने लगा मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के परिणाम अब दिखने लगे हैं। इसके तहत सभी प्रमुख सचिव साप्ताहिक समीक्षा कर रहे हैं। मुख्य सचिव महीने में एक बार और मुख्यमंत्री खुद हर दो महीने में इसका रिव्यू करेंगे। सीएम ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए काम जारी है। इसी कड़ी में 21 मार्च को ग्वालियर क्षेत्र में 18 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन किया गया। 11 इकाइयां मुरैना, 7 ग्वालियर और 1 इकाई भिंड में स्थापित की जा रही है। यह सिलसिला जारी है और इसी कड़ी में मंगलवार (25 मार्च) को उज्जैन संभाग के तहत उज्जैन की 13 इकाइयों और संभाग के अन्य स्थानों की 12 इकाइयों, यानी कुल 25 इकाइयों का भूमि पूजन किया जाएगा। यह प्रक्रिया संभागवार निरंतर जारी रहेगी। ओंकारेश्वर वाइल्डलाइफ सेंचुरी बनाई जा रही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में प्रदेश में दो अभयारण्यों को मूर्त रूप देने के बाद अब सरकार वाइल्डलाइफ सेंचुरी विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके तहत ओंकारेश्वर में 614 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रदेश की 26वीं वाइल्डलाइफ सेंचुरी विकसित की जा रही है। इस क्षेत्र की खासियत यह है कि इसमें कोई गांव या बसाहट नहीं है। भविष्य में इसे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जाएगा। विक्रम महोत्सव के तहत महानाट्य का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विक्रम महोत्सव के तहत नई दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को विशेष आयोजन होने जा रहे हैं। इनमें सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रस्तुति भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और उनकी शासन व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं पर केंद्रित यह महानाट्य प्रदेश … Read more