छत्तीसगढ़ के साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को मिलेगा साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार, सीएम साय ने दी बधाई

रायपुर हिंदी के प्रख्यात कवि और कथाकार विनोद कुमार शुक्ल को साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा जाएगा. ज्ञानपीठ समिति ने आज नई दिल्ली में इसकी घोषणा की. यह सम्मान पाने वाले छत्तीसगढ़ के वह पहले साहित्यकार होंगे. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बधाई दी है. उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिये गौरव की बात है. विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को राजनांदगांव में हुआ था. फिलहाल वे रायपुर में ही रहते हैं. पिछले 50 सालों से वे लिख रहे हैं. उनकी पहली कविता “लगभग जयहिंद” 1971 में प्रकाशित हुई थी और तभी से उनकी लेखनी ने साहित्य जगत में अपना अलग स्थान बना लिया था. सीएम साय ने दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कवि विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी. उन्होंने एक्स पर लिखा कि देश के लब्धप्रतिष्ठ उपन्यासकार–कवि विनोद कुमार शुक्ल को प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है. यह छत्तीसगढ़ के लिये गौरव की बात है. विनोद कुमार शुक्ल को अशेष बधाई. उन्होंने एक बार पुनः छत्तीसगढ़ को भारत के साहित्यिक पटल पर गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना.  उनके द्वारा लिखी गई कविता  लगभग जयहिंद ‘ वर्ष 1971. वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह’ वर्ष 1981. सब कुछ होना बचा रहेगा ‘ वर्ष 1992. अतिरिक्त नहीं ‘ वर्ष 2000. कविता से लंबी कविता ‘ वर्ष 2001. आकाश धरती को खटखटाता है ‘ वर्ष 2006. पचास कविताएँ’ वर्ष 2011 कभी के बाद अभी ‘ वर्ष 2012. कवि ने कहा ‘ -चुनी हुई कविताएँ वर्ष 2012. प्रतिनिधि कविताएँ ‘ वर्ष 2013. उपन्यास नौकर की कमीज़ ‘ वर्ष 1979. खिलेगा तो देखेंगे ‘ वर्ष 1996. दीवार में एक खिड़की रहती थी ‘ वर्ष 1997. हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ ‘ वर्ष 2011. यासि रासा त ‘ वर्ष 2017. एक चुप्पी जगह’ वर्ष 2018. अबतक मिल चुका है ये सम्मान गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप ‘ (म.प्र. शासन) रज़ा पुरस्कार ‘ (मध्यप्रदेश कला परिषद) शिखर सम्मान ‘ (म.प्र. शासन) राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान ‘ (म.प्र. शासन) दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान’ (मोदी फाउंडेशन) साहित्य अकादमी पुरस्कार’, (भारत सरकार) हिन्दी गौरव सम्मान’ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, उ.प्र. शासन)   recent visitors 102

सीएम ने कहा, “हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे

 नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को नागपुर हिंसा को लेकर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की. इसके बाद उन्होंने कहा कि नागपुर हिंसा को लेकर झूठा प्रचार किया गया कि  कुरान की आयत जलाई गई, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई. सीएम ने आगे कहा, "हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे. खासकर पुलिसकर्मियों पर जिन लोगों ने हमला किया है, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे."उन्होंने कहा, "दंगाइयों से हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई की जाएगी. उनकी प्रोप्रटी भी जब्त की जाएगी." सीएम फडणवीस ने बुलडोजर एक्शन को लेकर कहा कि जहां चलाने की आवश्यकता होगी, वहां बुलडोजर चलाया जाएगा. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. किसको कितना मुआवजा मिलेगा? नागपुर में जिला प्रशासन ने इसके साथ ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जिन लोगों के वाहनों का पूरी तरह से नुकसान हुआ है, उन्हें ₹50,000 का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा जिन गाड़ियों को कम नुकसान हुआ है, उनके लिए ₹10,000 का मुआवजा निर्धारित किया गया है। जो लोग बीमा का लाभ उठा चुके हैं, उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा। दंगे के दौरान जिनकी संपत्तियों को नुकसान हुआ, उनके पंचनामा की प्रक्रिया अब शुरू की जा चुकी है। प्रशासनिक कर्मचारी और अधिकारी घर-घर जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सभी का लेखा-जोखा तैयार कर रहे हैं। किस अफवाह ने नागपुर को आग में झोंका? बता दें कि नागपुर में हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पवित्र आयत लिखी चादर जलाई गई थी। हिंसा के इस मामले में अब तक कुल 105 लोग पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, नागपुर हिंसा के सिलसिले में 10 किशोर भी हिरासत में लिए गए हैं। बता दें कि हिंसा के दौरान DCP स्तर के 3 अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ की शहर इकाई प्रमुख फहीम खान और 5 अन्य के खिलाफ राजद्रोह और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। recent visitors 109

लोकायुक्त, ईडी, IT और DRI के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर की दर्ज

 ग्वालियर ग्वालियर में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा केस में अब पांचवीं जांच एजेंसी की एंट्री हो गई है। लोकायुक्त, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सौरभ और उमा शर्मा के खिलाफ ग्वालियर के सिरोल थाना में शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे परिवहन विभाग की तरफ से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। साल 2016 में परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति लेते समय सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा ने शपथ पत्र में बड़े भाई सचिन शर्मा की छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब ग्वालियर में दोनों पर मामला दर्ज कराया गया है। सौरभ की नियुक्ति को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू पहले ही लोकायुक्त में शिकायत कर चुके थे। पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, सहायक परिवहन आयुक्त किरन कुमार को एक जनवरी 2025 को संयुक्त परिवहन आयुक्त की ओर से एक पत्र मिला था। जिसमें सेवानिवृत परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर दिए गए शपथ पत्र की जांच के निर्देश थे। सहायक परिवहन आयुक्त ने जांच की और सर्विस रिकॉर्ड मंगाया। सौरभ शर्मा ने शपथ पत्र में यह जिक्र नहीं किया कि उसका बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी में है। सौरभ की नियुक्ति के लिए उसकी मां उमा शर्मा ने भी शपथ पत्र दिया था। जिसमें बड़े बेटे की सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी।जांच के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग में संपर्क किया गया और वेबसाइट से कर्मचारियों की सूची निकाली तो वहां सौरभ के बड़े भाई सचिन शर्मा के सड़क विकास निगम रायपुर में तैनात होने की पुष्टि हुई। जिससे शपथ पत्र झूठे होने का प्रमाण मिला है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा केस में ईडी मनी ट्रेल और प्रॉपर्टी के दस्तावेज, तो इनकम टैक्स विभाग सौरभ के दोस्त चेतन सिंह गौर की गाड़ी से मिले 54 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए की जांच कर रही है। लोकायुक्त आय से ज्यादा संपत्ति की जांच तो डीआरआई इस बात की जांच कर रही है कि जो सोना मिला है, वो लीगल तरीके से लिया गया है या नहीं? काली कमाई को कॉलोनी बनाने में खपाए जाने का कनेक्शन भी जांच एजेंसियों को मिला है। अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। recent visitors 44

धान मिलिंग और परिवहन के दौरान वाहनों में जीपीएस सिस्टम आवश्यक रूप से लगवाने के साथ उसकी मॉनिटरिंग भी करें : मंत्री राजपूत

भोपाल मध्य प्रदेश में पिछले दिनों  EOW  के छापे में सामने आये करीब 5 करोड़ रुपये के धान उपार्जन घोटाले के बाद सरकार सख्त हो गई है, हाल ही में जबलपुर में भी नागरिक आपूर्ति निगम, राइस मिलर्स और और सोसायटियों के कर्मचारियों की मिलीभगत से एक ही जिले में करीब 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी के सबूत मिले जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश फर्जीवाड़े में शामिल 74 लोगों के खिलाफ जिले के 12 थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। अब सरकार इन गड़बड़ियों पर नजर रखने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाने जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि धान और गेहूं उपार्जन, परिवहन और भण्डारण में सामने आने वाली गड़बडियों को रोकने के लिए एकीकृत निगरानी तंत्र जल्द विकसित करें। जिससे कहीं भी होने वाली गड़बड़ी का तत्काल पता लग जाये और उसपर एक्शन लिया जा सके। खाद्य मंत्री राजपूत ने अफसरों को दिए ये निर्देश खाद्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आयुक्त खाद्य को निर्देश दिये हैं कि धान और चावल के मिलिंग और परिवहन के दौरान वाहनों में जीपीएस सिस्टम आवश्यक रूप से लगवाने के साथ उसकी मॉनिटरिंग भी करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल कमांड सेन्टर बनाया जाए जिससे खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम एवं वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरे प्रदेश में भण्डारित किये गये उपार्जित धान एवं गेहूँ और चावल की मात्रा, परिवहन और मिलिंग की जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध हो जाए। सदन को ये आश्वासन दिया है मंत्री ने गौरतलब है कि खाद्य मंत्री राजपूत ने विधानसभा में सदन को आश्वस्त किया था कि उपार्जन, परिवहन, भण्डारण में गड़बड़ी रोकने के लिए एकीकृत प्रणाली विकसित कर होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम कसेंगे। सहकारिता विभाग के सहयोग से मिलकर गड़बड़ी करने वाली समितियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रखेगे। सीएमआर की रैंडम जांच के निर्देश प्रदेश में खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 के तहत उपार्जित धान की मिलिंग का कार्य विभिन्न मिलर्स के माध्यम से जारी है। खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम को 11 फरवरी 2025 को निर्देश दिये थे कि धान की मिलिंग कार्य उपरांत मानक गुणवत्ता के चावल प्राप्त करने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा मुख्यालय स्तर पर एक दल गठित कर मिलिंग के दौरान समय-समय पर सीएमआर की रैंडम जांच सुनिश्चित करें। 3 सदस्यीय दल करेगा जांच खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 में धान की मिलिंग उपरांत चावल की गुणवत्ता भारत शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए एक 3 सदस्यीय दल नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा गठित किया गया है। टीम में मुख्यालय में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक (परिदान), सहायक महाप्रबंधक (गु.नि.), गुणवत्ता नियंत्रक (मुख्यालय) को शामिल किया गया है। यह समिति समय-समय पर जिलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ उसी समय वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएगी। EWO के छापे में 5 करोड़ का धान उपार्जन घोटाला आया सामने आपको बता दें मध्य प्रदेश में सामने आये धान उपार्जन घोटाले के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर EOW  ने इस महीने की शुरुआत में प्रदेश व्यापी छापामार कार्यवाही की इसमें भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर EOW पुलिस अधीक्षक कार्यालयों की टीमों ने मिलकर 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों एवं 140 वेयर हॉउसेस पर छापे मारे थे जिसमें 19,910.53 क्विंटल धान की हेराफेरी के सबूत मिले जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। धान की बोरियों में मिली थी भूसी, कांग्रेस ने PM Modi को लिखा पत्र    खास बात रही कि सतना में EOW की टीम को कनक वेयर हाउस में 535 क्विंटल धान के स्थान पर भूसी मिली। वेयर हाउस में सेवा सहकारी समिति पिंडरा एवं सेवा सहकारी समिति हिरौंदी जिला सतना द्वारा धान का भण्डारण किया गया था। घोटाला सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबी आई से इसकी जाँच कराने के लिए पत्र भी लिखा है। जबलपुर में सामने आया धान परिवहन घोटाला उधर जबलपुर में धान परिवहन घोटाला सामने आया है, एक शिकायत के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जाँच समिति गठित कर जाँच कराई जिसमें पता चला कि जबलपुर जिले में अंतर-जिला मिलिंग के लिए बाहर भेजी जाने वाली धान को मिलर्स ने स्थानीय दलालों के जरिए बेच दिया। धान परिवहन के लिए 614 ट्रिप में से 571 का टोल नाकों पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। साथ ही, फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबरों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 307 ट्रिप में ट्रक की बजाय कारों के नंबर दर्ज किए गए। 30 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी, 74 लोगों पर FIR दर्ज   शुरूआती जाँच में ही सामने आया कि 30 करोड़ 14 लाख 19 हजार 600 रुपये कीमत की 1 लाख 31 हजार 52 क्विंटल धान की हेराफेरी हुई, जाँच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर के आदेश पर 74 व्यक्तियों के खिलाफ 12 थानों में 12 एफआईआर दर्ज की गई इसमें नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सहित 13 कर्मचारी, 17 राइस मिलर और सहकारी समितियों के उपार्जन केंद्रों से जुड़े 44 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। recent visitors 57

सनातन धर्म में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टि के आरंभ का दिन, पूजन परंपरा में नजर आएगा महाराष्ट्रीयन प्रभाव, नीम वाले जल से होगा अभिषेक

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा पर 30 मार्च को हिन्दू नववर्ष का उत्सव मनाया जाएगा। सुबह 10.30 बजे भोग आरती में भगवान महाकाल को श्रीखंड व पूरनपोली का भोग लगेगा। मंदिर के शिखर पर ध्वज तथा नैवेद्य कक्ष में गुड़ी आरोहण होगा। नए पंचांग का पूजन भी किया जाएगा। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में महाराष्ट्रीयन संस्कृति का प्रभाव है। सिंधिया स्टेट के समय से यह पूजन पद्धति प्रचलित है। सुबह 7.30 बजे बालभोग आरती, 10 बजे भोग     चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मंदिर में आयोजित होने वाले हिन्दू नववर्ष उत्सव में महाराष्ट्रीयन परंपरा के रंग नजर आते हैं। पं. महेश पुजारी ने बताया कि गुड़ी पड़वा पर सुबह भगवान महाकाल का नीम मिश्रित जल से अभिषेक कर पूजा अर्चना की जाएगी।     सुबह 7.30 बजे होने वाली बालभोग आरती के बाद मंदिर के शिखर पर नया ध्वज फहराया जाएगा। वहीं नैवेद्य कक्ष में गुड़ी आरोहण कर पूजा अर्चना की जाएगी। सुबह 10.30 बजे भोग आरती में भगवान को केसरिया श्रीखंड व पूरनपोली का भोग लगाया जाएगा।     चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए पंचांग की शुरुआत होती है। मंदिर की पूजन परंपरा तथा तीज त्यौहार ग्वालियर के पंचांग अनुसार मनाए जाते हैं। गुड़ी पड़वा पर नए पंचांग के पूजन की भी परंपरा है। सूर्य को अर्घ्य देकर करेंगे नव संवत्सर का स्वागत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि के आरंभ का दिन है। कालगणना की नगरी उज्जैन से इस दिन की शुरुआत हुई है। इसलिए नवसंवत्सर का उत्सव सबसे पहले उज्जैन की धर्मधरा पर मनाया जाता है। महाकाल को नीम-मिश्री के शरबत का भोग शनिवार को नव संवत्सर, वर्ष प्रतिप्रदा पर महाकाल मंदिर में नीम-मिश्री के शरबत का भोग लगाने के साथ मंदिर का ध्वज बदला जाएगा। शिप्रा किनारे रामघाट, दत्त अखाड़ा के अलावा शहर में विभिन्न संगठनों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मंत्रोच्चारण के साथ सूर्य को अघ्र्य प्रदान किया जाएगा। साथ ही मां शिप्रा का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उपस्थित अतिथियों और शहरवासियों को मिश्री-नीम का प्रसाद दिया जाएगा। सृष्टि के आरंभ का दिन है प्रतिपदा महाकाल मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि के आरंभ का दिन है। भगवान महाकाल तीनों लोकों के स्वामी हैं। हर तीज-त्योहार, उत्सव की शुरुआत महाकाल के आंगन से होती है। प्रतिपदा गुड़ी पड़वा पर पुजारी-पुरोहितों द्वारा भगवान को नीम-मिश्री के शरबत का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया जाएगा। महाकाल मंदिर में मंदिर के शिखर पर नया ध्वज लगाया जाएगा। शंख ध्वनि से होगी नववर्ष की शुरुआत 5 बजे से बड़ा गणेश मंदिर से 101 कलश यात्रा एवं ध्वज चल समारोह आरंभ होगा। सुबह 6.27 बजे बंगाली समाज की महिलाओं द्वारा शंखध्वनि से नववर्ष का उद्घोष किया जाएगा। ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान शिप्रा का पूजन, सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा। संवत्सर मंत्रों का पाठ वेदिक बटुकों द्वारा होगा। इसके अलावा गुरु अखाड़े के छात्रों द्वारा सूर्य नमस्कार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संत- अतिथि और विद्वानों द्वारा नववर्ष की मंगलकामना व शिप्रा आरती होगी। गणेश मंदिर में संध्या समय दीप सज्जा की जाएगी। आयोजन में सांदीपनि स्मृति महोत्सव समिति, गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज, शिप्रा महासभा मालवेद विद्या परिषद, नववर्ष नव विचार समिति, नृसिंह तैराक सेवा संघ आदि का सहयोग रहेगा। महाराष्ट्र समाज का ध्वज चल समारोह महाराष्ट्र समाज उज्जयिनी द्वारा नववर्ष प्रतिपदा गुड़ी पड़वा परम्परा अनुसार उत्सव के रूप में मनाई जाएगी। हनुमान मंडल पानदरीबा द्वारा ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा। गुड़ी पड़वा पर ध्वज चल समारोह पानदरीबा स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होगा, जो गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी होते हुए वापस पानदरीबा होते हुए गणेश मंदिर पर आकर संपन्न होगा। इसमें महाराष्ट्र समाज के लोग परंपरागत वेशभूषा में शामिल होंगे। वहीं महिला मंडल बाइक पर सवार होकर निकलेगा।. recent visitors 40

प्रवेश वर्मा ने अधिकारियों से कहा, ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो

 नई दिल्ली दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड करने के बाद आज एक और इंजीनियर उनके निशाने पर आ गया. प्रवेश वर्मा ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ट्रांसफर का दिया है. उन्होंने कहा कि 'काम नहीं करोगे तो कार्रवाई होगी.' 'ऐसे तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा' दिल्ली सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने कल रात शराब पी होगी इसलिए उनके मुंह से बदबू आ रही है. उन्होंने कहा, 'मुझे भी ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड करना अच्छा नहीं लगता. ऐसा किया तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा. सब अधिकारी अच्छे से काम करें और फोन उठाना शुरू करें.' 'गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो' दिल्ली के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, 'गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो. 10 दिनों के अंदर समाधान नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जैसे कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड किया. अब अगला नंबर आप लोगों का हो सकता है.' 'पसीना निकलेगा तो चर्बी घटेगी' एक दिन पहले प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि 10 साल में अधिकारियों की खाल मोटी हो गई है. हम लोग खुद जमीन पर उतरकर पसीना बहा रहे हैं, उनको भी सड़क पर ला रहे हैं. जब उनके पसीने निकलेंगे तो उनकी चर्बी घटेगी. उन्होंने कहा कि काम तो इन्हीं अधिकारियों से करवाएंगे. समर एक्शन प्लान को लेकर हम हर तीसरे दिन बैठक कर रहे हैं. पिछली बैठकों में कितना क्रियान्वयन हुआ है. हर एक चीज की समीक्षा कर रहे हैं, पूरे सिस्टम को ऑनलाइन किया जाएगा और पूरी दिल्ली को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा. प्रवेश वर्मा ने कहा, 'अधिकारी चाहते हैं कि वे मॉनिटर ना हों, लेकिन हम लोग करेंगे. हम लोग जहां भी जमीन पर उतरे, वहां पर दिक्कत दिख रही है. लेकिन हम इन्हीं अधिकारियों से काम करवाएंगे.'   recent visitors 36

डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे मजबूत, आयात पर निर्भर इंडस्ट्री को फायदा होगा

मुंबई भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 86 रुपये से ऊपर पहुंच गया है. यह उसका पिछले दो साल में किसी भी एक सप्ताह का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. तेल की कीमतों में स्थिरता, डॉलर इंडेक्स में गिरावट, और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में किए गए हस्तक्षेप जैसे कारकों ने रुपये को मजबूती दी है. इस सप्ताह रुपये ने 1.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे अधिक है. विशेषज्ञों का कहना है कि RBI द्वारा डॉलर की तरलता (लिक्विडिटटी) बढ़ाने और नियमित हस्तक्षेप के कारण रुपया लगातार मजबूत हो रहा है. इसके अलावा, विदेशी निवेश, तेल की कीमतों में स्थिरता, घरेलू महंगाई में कमी, और व्यापार घाटे (ट्रेड डेफिसिट) में सुधार ने भी रुपये को सबल दिया है. फरवरी में भारत का व्यापार घाटा घटकर 14.05 अरब डॉलर (लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये) रह गया, जो जनवरी में 23 अरब डॉलर (लगभग 1.91 लाख करोड़ रुपये) था. यह सुधार निर्यात और आयात में गिरावट के कारण हुआ है. रुपये की मजबूती के मुख्य कारण     RBI का हस्तक्षेप: RBI ने डॉलर/रुपया स्वैप ऑक्शन के जरिए डॉलर की लिक्विडिटी बढ़ाई. स्वैप नीलामी का मतलब है कि RBI ने बैंकों से डॉलर खरीदे और उन्हें भविष्य में वापस बेचने का वादा किया.     तेल की कीमतों में स्थिरता: तेल की कीमतें स्थिर रहने से भारत का आयात बिल कम हुआ, जिससे रुपये को सपोर्ट मिला.     विदेशी निवेश: विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में पैसा लगाया, जिससे डॉलर की आपूर्ति बढ़ी.     व्यापार घाटे में सुधार: फरवरी में व्यापार घाटा कम होकर 14.05 अरब डॉलर रह गया, जो अगस्त 2021 के बाद से सबसे कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की सही और समय पर नीतियों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है. इससे रुपये की मजबूती जारी रह सकती है. हालांकि, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और तेल की कीमतों में बदलाव जैसे कारक रुपये को प्रभावित कर सकते हैं. रुपये की मजबूती से किन सेक्टरों को लाभ रुपये की मजबूती से कई सेक्टरों को फायदा होगा, खासकर आयात पर निर्भर रहने वाली इंडस्ट्री को. जब रुपया मजबूत होता है, तो आयात होने वाला सामान जैसे कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और मशीनरी सस्ते हो जाते हैं. इससे पेट्रोलियम, ऑटोमोबाइल, और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को लागत में कमी आती है. साथ ही, विदेशी यात्रा करने वालों को भी फायदा होगा, क्योंकि डॉलर के मुकाबले उनकी खरीदारी क्षमता बढ़ जाती है. हालांकि, निर्यातकों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि मजबूत रुपये से उनके उत्पाद विदेशों में महंगे हो जाते हैं. खासकर आईटी कंपनियों को डॉलर के कमजोर होने और रुपये के मजबूत होने से दिक्कत होती है. बाजार पर विदेशी निवेश का असर   गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,239.14 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. इसके अलावा, भारतीय बॉन्ड मार्केट में भी 5,500 करोड़ रुपये का निवेश देखने को मिला. विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत की रियल यील्ड (Real Yield) 3.028% होने के कारण विदेशी निवेशक यहां निवेश को आकर्षक मान रहे हैं.    डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल में बढ़त डॉलर इंडेक्स (Dollar Index), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.13% की बढ़त के साथ 103.98 पर रहा. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) वायदा कारोबार में 0.44% बढ़कर 72.32 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.   शेयर बाजार में भी दिखी मजबूती   घरेलू शेयर बाजार भी सकारात्मक कारोबार कर रहे हैं. दोपहर के कारोबार में 12 बजकर 7 मिनट के करीब BSE सेंसेक्स (Sensex) 581.34 अंक या 0.76% की बढ़त के साथ 76,929.40 पर कारोबार कर रहा था. Nifty 50 भी 165.10 अंक या 0.71% की बढ़त के साथ 23,355.75 पर पहुंच गया.   भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों की भरोसा कायम रुपये की मजबूती भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है. आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स की चाल रुपये की दिशा तय करेगी. वहीं,  फेडरल रिजर्व के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर रुपये की चाल पर पड़ सकता है. recent visitors 60