बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 18 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद

बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में आज तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बीजापुर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक जवान का बलिदान हो गया है। वहीं नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए हैं। वहीं हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। मुठभेड़ और तलाशी अभियान जारी है। बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा के पास थाना गंगालुर क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर संयुक्त टीम निकली थी। अभियान के दौरान आज सुबह 7 बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। मुठभेड़ में 18 नक्सली ढेर मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ 18 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी के एक जवान का बलिदान हो गया है। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजापुर और दंतेवाड़ा की सरहद के जंगली क्षेत्र गंगालुर थाना इलाके के तोड़का एंड्री के जंगल में सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान होने की खबर है। मुठभेड़ में बीजापुर में 18 माओवादियों के मारे जाने की खबर है. वहीं, कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए है. दोनों जगह मिलाकर 22 नक्सली ढेर हुए हैं. नक्सल  एडीजी  विवेकानंद सिन्हा ने जी मीडिया से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान इसकी पुष्टि की है.  बीजापुर में 18 नक्सली ढेर जानकारी के मुताबिक, बीजापुर में पुलिस के जवानों को सूचना मिली थी कि  कि गंगालूर इलाके के एंड्री के जंगलों में भारी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी है. इस सूचना के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी को इलाके में भेजा गया. जहां पहले से मौजूद नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी. जवानों की टीम भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देना शुरू कर दी. जवानों ने इस मुठभेड़ के दौरान 18 नक्सलियों को ढेर किया है.  नक्सल मुठभेड़ मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा – बीजापुर-दंतेवाड़ा के गंगलूर में सुबह से मुठभेड़ जारी है. 18 नक्सलियों के शव गंगलूर से बरामद किए हैं. एक जवान नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए हैं. छत्तीसगढ़ की पूरी सरकार शहीद जवान के परिवार के साथ खड़ी है. जवानों की भुजाओं की ताकत पर बड़ा ऑपरेशन सफल हुआ है. बीजापुर नक्सलवाद का एक बड़ा क्षेत्र है. समूचा बस्तर, बीजापुर लाल आतंक से मुक्त होगा. समूचा बस्तर, बीजापुर अब बदल रहा है. नक्सलियों के शव का चिन्हांकन होना बचा है.. recent visitors 30

CM मोहन यादव 2400 करोड़ के नर्मदा-शिप्रा सिंचाई प्रोजेक्ट का आज किया लोकार्पण

उज्जैन नर्मदा शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत पाइप लाइन का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को तराना में लोकार्पण किया। सीएम तराना में श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर के नए महंत की चादर विधि कार्यक्रम और महारुद्र यज्ञ में भी शामिल हुए। इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि उज्जैन को सांस्कृतिक राजधानी बनाना हमारा प्रयास है। इसके लिए लगातार काम हो रहे हैं। शिप्रा नदी के जल से कुंभ स्नान सुनिश्चित करने के लिए 900 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, मंत्री गौतम टेटवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद है। परियोजना से 100 गांवों को पहुंचेगा पानी 2489.65 करोड़ की इस परियोजना से उज्जैन जिले की दो तहसील (तराना, घटिया), विधानसभा क्षेत्र तराना के कुल 83 गांवों की 27490 हेक्टेयर भूमि और शाजापुर जिले की एक तहसील (शाजापुर) विधानसभा क्षेत्र शाजापुर के कुल 17 गांवों की 2728 हेक्टेयर जमीन का फायदा होगा। परियोजना से कुल 100 गांवों की 30218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30,218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना, घट्टिया के कुल 83 ग्रामों की 27,490 हेक्टेयर भूमि और शाजापुर जिले की एक तहसील शाजापुर विधानसभा क्षेत्र शाजापुर के कुल 17 ग्रामों की 2,728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना से उज्जैन जिले को उद्योग और पेयजल के लिए 129.60 एमएलडी, नागदा को 129.60 एमएलडी जल, तराना, घट्टिया और गुराड़िया गुर्जर को 21.60 एमएलडी जल पेयजल के लिए प्रदाय होगा। परियोजना से शाजापुर जिले के ग्राम समूह और शाजापुर नगर के पेयजल के लिए 43.20 एमएलडी, मक्सी में पेयजल और उद्योग के लिए 43.20 एमएलडी जल दिया गया। शाजापुर, मक्सी को पेयजल,उद्योग के लिए भी पानी मिलेगा परियोजना में कुल 2254 किमी (3000 एमएम व्यास से 63 एमएम व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। नर्मदा शिप्रा योजना से उज्जैन शाजापुर जिले के 100 गांवों को सिंचाई के लिए पानी और उज्जैन, नागदा, तराना, घट्टिया, शाजापुर, मक्सी को पेयजल और उद्योग के लिए पानी मिल सकेगा। परियोजना के तहत ओंकारेश्वर जलाशय ग्राम बड़ेल जिला खंडवा से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकेंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक कुल 6 पंपिंग स्टेशन एवं 50 पंप मोटर के माध्यम से लिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए कुल 89 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। परियोजना के तहत मुख्य पाइप लाइन और वितरण प्रणाली से 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2254 किमी (3000 एमएम व्यास से 63 एमएम व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओएमएस बाक्स अर्थात कुल 1539 बाक्स स्थापित किए गए हैं। मिलेगा ये फायदा परियोजना से उज्जैन जिले उद्योग एवं पेयजल हेतु 129.60 एम.एल.डी. जल, नागदा नगर में उद्योग एवं पेयजल हेतु 129.60 एम.एल. डी. जल और तराना, घट्टिया व गुराडीया गुर्जर में प्रत्येक को 21.60 एम.एल.डी. पेयजल हेतु प्रदाय होगा. परियोजना से शाजापुर जिले के गांव समूह के साथ शाजापुर नगर के पेयजल हेतु 43.20 एम.एल.डी. और मक्सी में पेयजल एवं उद्योग हेतु 43.20 एम.एल.डी. का जल प्रदाय होगा. ये है कार्यक्रम तराना में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सीधे भोपाल के लिए रवाना होंगे. भोपाल से वे दोपहर तीन बजे डिंडोरी में आयोजित वीरांगना अवंती बाई के बलिदान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद फिर शाम छह बजे भोपाल पहुंचेंगे और शाम सात बजे विधानसभा में आयोजित फाग उत्सव में शामिल होंगे. इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार (19 मार्च) उज्जैन में महाकाल भगवान ध्वज चल समारोह में शामिल हुए. गोपाल मंदिर पर भगवान महाकाल की झांकी की आरती भी की. इसके अलावा उन्होंने इंदौर में निकाली गई गेर में भी शिरकत की. परियोजना में ओंकारेश्वर जलाशय ग्राम बड़ेल जिला खंडवा से भूमिगत पाइप लाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक कुल 6 पंपिंग स्टेशन और 50 पंप मोटर के माध्यम से उद्वहित किया जाएगा। परियोजना में मुख्य पाइप लाइन और वितरण प्रणाली से 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2,254 किमी (3,000 मि.मी. व्यास से 63 मि.मी. व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओएमएस बॉक्स, यानी कुल 1,539 बॉक्स स्थापित किए गए हैं। recent visitors 35

छत्तीसगढ़ : बीजापुर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में कई नक्सली मारे गए

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर स्थित जंगल में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम गंगालूर थाना क्षेत्र (बीजापुर) में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। अधिकारी ने बताया कि दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ अभी भी जारी है और क्षेत्र में सर्चिंग आपरेशन तेज कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि विस्तृत जानकारी का इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में कई नक्सली मारे गए हैं, हालांकि उनकी संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुरक्षा बलों को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, ताकि छिपे हुए नक्सलियों को पकड़कर इलाके को सुरक्षित किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही मारे गए नक्सलियों की सही संख्या और उनके संगठन से जुड़ी जानकारी सामने आ पाएगी। नक्सलियों के खिलाफ एक्शन इससे पहले बीजापुर और नारायणपुर से लगी महाराष्ट्र की सीमा पर सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी। इसमें 31 नक्सलियों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही मुठभेड़ की जगह से ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बीजापुर दंतेवाड़ा बॉर्डर पर गंगालूर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ होने की पुष्टि की है. गंगालूर के एएंड्री जंगलों में जवानों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए निकली थी. इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई. इलाके में जवानों का सर्चिंग अभियान भी चल रहा है. टीसीओसी क्या है ?: TCOC यानी टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन ( Tactical Counter Offensive Campaign) हैं. गर्मी के दिनों में बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी TCOC कैंपेन चलाते हैं. मार्च से शुरू होकर टीसीओसी जून तक चलता है. इस दौरान माओवादी संगठन सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं. इस दौरान सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही सड़क निर्माण में लगी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश नक्सली करते हैं. नक्सलियों के टीसीओसी के दौरान बस्तर में बीते सालों में कई बड़ी नक्सली घटनाएं हुई. जिनमें जवानों को काफी नुकसान हुआ.     3 अप्रैल 2021 को सुकमा बीजापुर बॉर्डर पर टेकलगुड़ा में नक्सली घटना में 22 जवान शहीद     21 मार्च 2020 में सुकमा के मीनपा में नक्सली घटना में 17 जवान शहीद     अप्रैल 2017 में सुकमा जिले के बुर्कापाल में नक्सली घटना में 25 जवान शहीद लेकिन टीसीओसी के दौरान साल 2023 और साल 2024 में जवानों की कड़ी सुरक्षा के कारण नक्सली किसी भी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सके, बल्कि इस दौरान नक्सल संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा है. साल 2024 में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन से नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ है. 2024 में सुरक्षाबलों ने 217 माओवादियों को मार गिराया. 15 अप्रैल 2024 में जवानों ने कांकेर जिले के छोटे बेठिया में एक एनकाउंटर को अंजाम दिया. इस एनकाउंटर में 29 माओवादी मारे गए. 4 अक्टूबर 2024 को नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के थुलथुली में एनकाउंटर में 38 माओवादियों को जवानों ने मार गिराया. साल 2023 में नक्सलियों को नुकसान: टीसीओसी के दौरान साल 2023 में 22 मुठभेड़ हुए जिसमें जवानों ने चार हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया. इस साल 150 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, 78 नक्सलियों ने सरेंडर किया. recent visitors 43

आज उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में कई खेतों को नर्मदा जल से सिंचाई की सौगात प्राप्त होगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को निरंतर सौगातें मिलती रहेगी। प्रदेश में विकास बयार निरंतर चहुँओर इसी प्रकार बहती रहेगी। उन्होंने कहा कि आज उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में कई खेतों को नर्मदा जल से सिंचाई की सौगात प्राप्त होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में क्रियान्वित हो रहे नदी जोड़ो अभियान से सिंचाई का व्यापक और प्रभावी वातावरण निर्मित हो रहा है। इसके साथ ही पेयजल की उपलब्धता भी बढ़ रही है और उद्योगों के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। प्रदेश में जल ही जीवन है का मंत्र साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन जिले के तराना में नर्मदा शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारी दी।   recent visitors 19

भारतीय रेलवे का बड़ा कदम, ट्रेन में अब जितनी सीटें होंगी उतने ही Tickets किए जाएंगे जारी

नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि रेलवे ट्रेनों में वेटिंग टिकट के यात्रियों को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है। अब से ट्रेन में जितनी सीटें उपलब्ध होंगी उतने ही टिकट जारी किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि जिन यात्रियों के पास कन्फर्म टिकट है उन्हें वेटिंग टिकट वालों की वजह से कोई परेशानी न हो। रेलवे की बड़ी उपलब्धियां अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारतीय रेलवे ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2014 से पहले भारत में कुल 125 किलोमीटर लंबी टनल्स थीं जबकि अब तक 460 किलोमीटर नई सुरंगें बनाई जा चुकी हैं। इसके साथ ही भारतीय रेलवे के पास अब 56,000 जनरल और स्लीपर कोच हैं जबकि 23,000 एसी कोच हैं। कोलकाता मेट्रो का ऐतिहासिक विकास रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि 1972 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में 2014 तक सिर्फ 28 किलोमीटर काम हुआ था लेकिन 2014 के बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में 10 सालों में 38 किलोमीटर नया काम किया गया है। सुरक्षा पर विशेष ध्यान रेल मंत्री ने सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, फॉग सेफ्टी डिवाइस और अन्य तकनीकी बदलाव किए हैं जिससे यात्रियों की सुरक्षा में सुधार हुआ है। रेलवे का बढ़ता निर्यात अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे अब एक बड़ा निर्यातक बन चुका है। भारत अब ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच, यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, और फ्रांस को रेल कोच और मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी और इटली को ऑपरेशनल इक्विपमेंट्स का निर्यात कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही बिहार में बने लोकोमोटिव और तमिलनाडु में तैयार पहिए दुनियाभर में इस्तेमाल होंगे। इस तरह भारतीय रेलवे ने कई अहम सुधार और विकास कार्य किए हैं जो यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करने के साथ-साथ दुनिया भर में भारतीय रेलवे को एक महत्वपूर्ण नाम बना रहे हैं।   recent visitors 37

आज नेशनल सेमिनार ऑन हैप्पीनेस का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में किया जायेगा

भोपाल राज्य आनंद संस्थान भोपाल द्वारा आज प्रातः 10 बजे से नेशनल सेमिनार ऑन हैप्पीनेस का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सेमिनार में सायं 5:45 बजे शामिल होंगे। सेमिनार में देश के विभिन्न प्रतिभागी भाग लेंगे। सेमिनार का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय आनंद दिवस पर किया जा रहा है, जिसका समापन 21 मार्च को होगा। संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आशीष कुमार ने बताया कि दो दिवसीय सेमिनार के दौरान आनंद के विभिन्न आयामों पर व्याख्यान एवं परिचर्चा सत्र आयोजित किये गये हैं। कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में आनंद गतिविधियों से जुड़े संगठन और स्वयंसेवी सम्मिलित हो रहे है। सेमिनार में भारतीयता में आनंद के आयाम, दैनिक जीवन में निरंतर आनंद, भारतीय संस्कृति एवं आनंद, एक आनंदित समाज के लिये वैज्ञानिक अंर्तदृष्टि का समीकरण विषय पर पहले दिन प्रो. रजनीश अरोड़ा, स्वामी समर्पणानंद जी, डॉ. एन. रविचंद्रन, रिटायर्ड आईपीएस मुकेश जैन आदि के व्याख्यान भी होंगे। बच्चों में मानवीय मूल, आंतरिक आनंद की अनुभूति विषय पर भी परिचर्चा सत्र आयोजित किये जायेंगे।   recent visitors 33

मुंबई इंडियंस के पहले मैच में Hardik, Rohit नहीं ये खिलाड़ी होगा Mumbai Indians का कप्तान

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) के 18वें सीजन का बिगुल बज चुका है. आईपीएल 2025 (IPL 2025) का पहला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच खेला जाएगा. वहीं इस सीजन मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) की टीम अपना पहला मैच 23 मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेलेगी. हार्दिक पांड्या इस मैच में नहीं खेलेंगे. बता दें कि हार्दिक पांड्या पर आईपीएल के एक मैच का बैन लगा हुआ है. इसी वजह से वह आईपीएल 2025 का पहला मैच नहीं खेल पाएंगे. यही कारण है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में न तो मुंबई इंडियंस के कप्तान होंगे और न ही प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे. दरअसल, स्लो ओवर रेट की वजह से हार्दिक पांड्या पर एक मैच का बैन लगा हुआ है. आईपीएल 2024 में हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस के कप्तान थे. इस दौरान टीम पर 3 बार स्लो ओवर रेट का जुर्माना लगा. जब पहली बार कोई कप्तान ऐसा करता है तो फिर उस पर 12 लाख का जुर्माना लगता है. दूसरी बार में जुर्माना डबल कर दिया जाता है. वहीं तीसरी बार ऐसा होने पर एक मैच का बैन लगा दिया जाता है. आईपीएल 2024 में ऋषभ पंत पर भी स्लो ओवर रेट की वजह से एक मैच का बैन लगा था. हार्दिक पंड्या पर बैन क्यों? हार्दिक पंड्या ने पिछले सीजन बतौर कप्तान मुंबई इंडियंस टीम में वापसी की थी। उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था और मुंबई आखिरी स्थान पर रही थी। इतना ही नहीं, उनकी कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस पर तीसरी बार स्लो ओवर रेट का जुर्माना लगा था। नियमों के मुताबिक, तीन बार स्लो ओवर रेट पर टीम के कप्तान पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाता है, साथ ही एक मैच के लिए बैन भी लगाया जाता है। चूंकि मुंबई इंडियंस ने ग्रुप स्टेज में स्लो ओवर रेट की गलती थी और प्ले ऑफ में प्रवेश नहीं कर सकी थी। इसके चलते हार्दिक पंड्या पर बैन नहीं लग सका था। ऐसे में आईपीएल 2025 में उन्हें बैन झेलना पड़ेगा और चेन्नई सुपर किंग्स खिलाफ मुंबई इंडियंस के शुरुआती मुकाबले में बाहर बैठना पड़ेगा। कौन होगा कप्तान? हार्दिक पंड्या पर एक मैच का बैन लगे होने के चलते यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि उनकी जगह मुंबई इंडियंस टीम की कमान कौन संभालेगा। जसप्रीत बुमराह चोटिल होने की वजह से मौजूदा सीजन के शुरुआती मुकाबलों में खेलने पर संशय है। ऐसे में सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा कप्तान के तौर पर दो बड़े दावेदार हो सकते हैं। सूर्य कुमार यादव का टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया को 18 मैच में से सिर्फ 4 मुकाबलों में शिकस्त झेलनी पड़ी है। इस लिहाज से सूर्य कुमार यादव मुंबई इंडियन की कमान संभाले हुए नजर आ सकते हैं। फिलहाल अब तक इस पर मुंबई इंडियंस की ओर से किसी तरह की जानकारी सामने नहीं आई। हार्दिक की जगह सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस के कप्तान अब जैसा कि हार्दिक पांड्या पर एक मैच का बैन लगा हुआ है. ऐसे में वह 23 मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे. उनके न होने पर सूर्यकुमार यादव कप्तानी कर सकते हैं. हालांकि, अभी MI ने इसका आधिकारिक एलान नहीं किया है. वहीं प्लेइंग इलेवन में हार्दिक की जगह रॉबिन मिन्ज को मौका मिल सकता है. पहले मैच में मुंबई इंडियंस की संभावित प्लेइंग इलेवन- रोहित शर्मा, विल जैक्स, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रॉबिन मिन्ज, नमन धीर, मिचेल सैंटनर, दीपक चाहर, कर्ण शर्मा, ट्रेंट बोल्ट और कॉर्बिन बॉश/मुजीब उर रहमान. recent visitors 55