मध्य प्रदेश: विधानसभा बजट सत्र का आज दूसरा दिन, हंगामे के आसार

भोपाल सरकार किसी भी योजना को बंद नहीं करेगी। सभी योजनाएं चलती रहेंगी। बजट सत्र (Madhya Pradesh Budget 2025) के पहले दिन  राज्यपाल मंगुभाई पटेल(Governer Mangubhai Patel) ने अभिभाषण के दौरान सदन में यह भरोसा दिया। इससे साफ हो गया कि एमपी की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना (Ladli Behana Yojana) फिलहाल बंद नहीं होने वाली। योजना की पात्र महिलाओं के लिए ये बड़ी ही राहत भरी खबर है। 22 मिनट में सरकार के जनकल्याण से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। छोटे सत्र के विरोध में कांग्रेस विधायक काला नकाब पहनकर विस पहुंचे। गांधी प्रतिमा पर नारेबाजी की। उनकी मांग थी कि सदन की अवधि बढ़ाएं, छोटा सत्र होने से जनता की आवाज नहीं उठा पाएंगे। इसके बाद कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह तय किया कि सदन में अधिक से अधिक चर्चा हो।  विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहे। इसमें निर्णय लिया कि सदन में लंच ब्रेक नहीं होगा। लगातार सदन की बैठक हो। इससे चर्चा के लिए और समय मिल जाएगा। देर शाम तक सदन की बैठकें हों, इस पर भी सहमति बन गई। इससे बजट सत्र में वर्षों की परंपरा टूटने जा रही है। अभी तक की परंपरा रही है कि बजट पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जाती है। इस बार 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में बजट पेश करेंगे। बजट के बाद दोपहर 3 बजे से फिर सदन की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। शासकीय कार्य निपटाए जाएंगे। बजट सत्र की बैठकें देर शाम तक चलेंगी। इस दौरान भोजन अवकाश भी नहीं होगा। जन भावनाओं के अनुरूप होगा बजट : सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण को सरकार की नीति व नियत का रोडमैप बताया। कहा, भारत को समर्थ, सक्षम बनाते हुए सबका साथ-सबका विकास और सर्वजन सुखाय-सर्वजन हिताय के भाव को चरितार्थ करना पीएम नरेंद्र मोदी का संकल्प है। बजट जन भावनाओं के अनुरूप होगा। अनुपूरक बजट आज सरकार मंगलवार को दूसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी। 11 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा को 11 एवं 13 मार्च का समय निर्धारित है। क्रिकेट टीम को बधाई चैम्पियन ट्रॉफी जीतने पर क्रिकेट टीम को बधाई दी। अभिभाषण के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, जीत पर सभी को बधाई देनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समर्थन किया। सीएम ने कहा कि 12 साल बाद मिली सफलता अद्भुत है। अंत में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर ने भारतीय टीम को मप्र विधानसभा की ओर से बधाई दी।  मध्य प्रदेश: विधानसभा बजट सत्र का आज दूसरा दिन, हंगामे के आसार बजट सत्र का आज दूसरा दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज आर्थिक सर्वेक्षण और द्वितीय अनुपूरक बजट पटल पर रखा जाएगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी, जहां विपक्ष घोटालों और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। नौकरियों पर सरकार की निष्क्रियता हरदा विधायक आरके दोगने ने टोकरी में सांप लेकर आने का कारण बताते हुए कहा कि सरकार नौकरियों पर सांप की तरह कुंडली मारकर बैठी है। लाखों पद खाली हैं और युवा बेरोजगारी से परेशान हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोजगार देने में नाकाम रही है। सदन में पेसा एक्ट पर सवाल झाबुआ, बडवानी, खरगोन, अलीराजपुर, धार और झाबुआ में पैसा कानून लागू करने के लिए ग्राम सभाओं के गठन की जानकारी मांगी गई।इस पर पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब दिया। उन्होंने अलग-अलग जिलों में गठित ग्रामसभाओं की संख्या बताई। इसके अलावा सैलाना और बाजना विकासखंड की योजनाओं के कामों में देरी पर भी सवाल उठाया गया। इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मेरे द्वारा अगर गलत जानकारी दी गई है तो मेरे खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाए। राज्यपाल के अभिभाषण पर कांग्रेस के आरोपों पर बोले विश्वास सारंग राज्यपाल के अभिभाषण पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर मंत्री विश्वास सारंग का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि, अभिभाषण आने से पहले ही उस पर टिप्पणी करना कांग्रेस की आदत है। कांग्रेस के नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए कुछ तो बोलेंगे ही। इसीलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का एक विधायक बता दें कि उन्होंने अभिभाषण को पूरा सुना या पढ़ा है। हमारी सरकार विकास और कल्याण मूलक सरकार है। डबल इंजन की सरकार की जो परिभाषा है उसको प्रतिपादित करते हुए हमारी सरकार प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के तहत हर वर्ग का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। राज्यपाल के अभिभाषण से सरकार की विकास और कल्याण की जो पॉलिसी है, वो परिलक्षित हुई है। कल पेश होगा 2025-26 का बजट वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बुधवार को मध्य प्रदेश सरकार का दूसरा पूर्ण बजट पेश करने वाले हैं। नुमान जताया जा रहा है कि ये बजट 4.25 लाख करोड़ रुपए का होगा। इसे अबतक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। इस बजट को 25 लोगों की टीम ने करीब तीन माह की तैयारी के तहत तैयार किया है। ये भी बता दें कि, ये वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का 7वां बजट है।  राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष का हमला मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज आर्थिक सर्वेक्षण और द्वितीय अनुपूरक बजट पटल पर रखा जाएगा। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। सदन में अलग-अलग विभागों के प्रशासकीय प्रतिवेदन भी पेश किए जाएंगे। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ हो चुकी है।   recent visitors 42

PM मोदी दो दिवसीय यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

पोर्ट लुइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को मॉरीशस पहुंचे। पीएम मोदी का मॉरीशस के सर सीवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। बता दें कि पीएम मोदी मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं और वह राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान कई द्विपक्षीय समझौते भी होने हैं। प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे मॉरीशस पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया गया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। उनके साथ उप प्रधानमंत्री, मॉरीशस के मुख्य न्यायाधीश, नेशनल असेंबली के स्पीकर, विपक्ष के नेता, विदेश मंत्री, कैबिनेट सचिव, ग्रैंड पोर्ट डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अध्यक्ष और कई अन्य लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय मॉरीशस दौरे से पहले कहा कि उनकी यात्रा दो देशों की दोस्ती की नींव को और मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी। पीएम मोदी ने अपनी यात्रा को लेकर सोमवार शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कल से मैं मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं, जहां मैं उनके 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लूंगा। मैं अपने मित्र और प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से मिलने के लिए उत्सुक हूं। मैं वहां भारतीय समुदाय से बातचीत करने के लिए भी उत्सुक हूं।” 10 साल बाद दौरा यात्रा के दौरान पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, प्रधानमंत्री के साथ बैठक करेंगे और द्वीपीय राष्ट्र के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। साथ ही वह भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी 10 साल बाद मॉरीशस पहुंचे हैं। इसके पहले उन्होंने 2015 में देश का दौरा किया था। सागर विजन के तहत पीएम मोदी का दौरा मॉरीशस रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक बयान में कहा, 'मैं अपने 'सागर विजन' के तहत, अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्रे में सुरक्षा और विकास के लिए अपनी स्थायी मित्रता को मजबूत करने तथा अपने सभी पहलुओं में अपनी साझेदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से मॉरीशस नेतृत्व के साथ जुड़ने के अवसर की प्रतीक्षा में हूं।' ‘सागर’ से आशय ‘सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन’ (क्षेत्र में सबके लिए सुरक्षा और विकास) से है। मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस में दिखेगी भारत की ताकत भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत और भारतीय वायु सेना की आकाश गंगा ‘स्काईडाइविंग टीम’ (मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस) समारोह में भाग ले रही हैं। मोदी ने कहा, टहिंद महासागर में मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी, एक प्रमुख साझेदार और अफ्रीकी महाद्वीप का प्रवेश द्वार है। हम इतिहास, भूगोल और संस्कृति से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गहरा आपसी विश्वास, लोकतंत्र के मूल्यों में साझा विश्वास और अपनी विविधता पर गर्व हमारी ताकत है।ट प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ एवं ऐतिहासिक संबंध साझा गौरव का स्रोत हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी और हिंद महासागर का एक प्रमुख साझेदार है। हम साझा मूल्यों और गहरे सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े हुए हैं। मेरी यात्रा हमारी दोस्ती की नींव को और मजबूत करेगी और भारत-मॉरीशस संबंधों में एक उज्जवल अध्याय जोड़ेगी।” बता दें कि यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। पिछले महीने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने देश की संसद को प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने संसद को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे सदन को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरे निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे राष्ट्रीय दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथि बनने पर सहमति व्यक्त की है।” मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “यह वास्तव में हमारे देश के लिए एक विशेष सम्मान की बात है कि हम ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की मेजबानी कर रहे हैं, जो अपने व्यस्त कार्यक्रम और हाल ही में पेरिस और अमेरिका की यात्रा के बावजूद हमें यह सम्मान दे रहे हैं। वह हमारे विशेष अतिथि के रूप में यहां आने के लिए सहमत हुए हैं। पीएम मोदी की यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रमाण है। recent visitors 83

पहले से थी महू हिंसा की साजिश, FIR में बड़ा दावा , 40 से अधिक पर केस दर्ज, 13 हिरासत में

इंदौर मध्य प्रदेश के महू शहर में रविवार रात भारत की ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीत के जश्न के दौरान हिंसा भड़क उठी। जश्न में निकाले गए जुलूस पर पथराव हुआ, जिसके बाद दो गुटों में झड़प हो गई। इस घटना में चार लोग घायल हो गए और तीन कारों समेत कई दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और कुछ पर NSA के तहत कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस में दर्ज एफआईआर साजिश की ओर इशारा कर रही है। इस मामले में अभी तक 40 लोगों पर नामजद एफआईआर है।  शिकायतकर्ता गजराज उर्फ पप्पू कौशल ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पहले से साजिश रचकर हमला किया और धमकी दी कि "आज तुम बच गए, आगे जुलूस निकाला तो जान से खत्म कर देंगे." गजराज ने FIR में बताया कि 9 मार्च 2025 की रात करीब 11:30 बजे वह अपने दोस्तों पंकज, मुकेश, प्रीतेश, शरद, आशीष, रजीत, सुमित और अन्य के साथ भारत की जीत का जश्न मना रहे थे. शांति से जुलूस निकालते वक्त अकबर का तकिया, पत्ती बाजार, टाल मोहल्ला और बत्तख मोहल्ला के 17 नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों ने उन पर हमला बोल दिया. यह है मामला रविवार देर रात भारत की न्यूजीलैंड पर चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद महू शहर में जश्न का माहौल था। युवा क्रिकेट प्रशंसकों ने विजय जुलूस निकाला। जुलूस कई इलाकों से होते हुए जामा मस्जिद इलाके में पहुंचा। वहां पटाखे चलाने को लेकर दो गुटों में कहासुनी हो गई। जिसके बाद कहासुनी हाथापाई में बदल गई। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पांच अलग-अलग जगहों पर घटी घटना इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि हिंसा की घटना पाँच अलग-अलग जगहों पर हुई। ताल मोहल्ला, सेवा मार्ग, पट्टी बाजार, माणेक चौक और जामा मस्जिद इलाके में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। तीन कारों और कई दोपहिया वाहनों को तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं। 13 लोग गिरफ्तार पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से कुछ पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल इलाके में शांति बहाल है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इलाके में फिलहाल शांति है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा और इसके (हिंसा) के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर की संख्या बढ़ेगी पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और गवाहों के बयान के आधार पर और FIR दर्ज की जाएंगी। घटना के वीडियो फुटेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं। जिनकी जांच की जा रही है। कलेक्टर ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। मस्जिद के पास से झड़प की हुई थी शुरुआत कलेक्टर ने बताया कि झड़प एक मस्जिद के पास शुरू हुई, जहां जुलूस में शामिल लोग दूसरे समूह से भिड़ गए। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटाखे जलाने को लेकर विवाद हुआ था। पूरी जानकारी और दोषियों की पहचान जांच के बाद ही हो पाएगी। जांच है जारी महू थाना प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि उपद्रवियों ने तीन कारों और बारह दोपहिया वाहनों में तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। पुलिस पांच अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं की जांच कर रही है। आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव करने वालों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और मोबाइल वीडियो की जांच की जा रही है। समूह ने जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया रविवार देर रात महू में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। इंदौर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हालात का जायजा लेने महू पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, भारत की जीत के बाद युवा क्रिकेट प्रशंसकों ने जश्न में जुलूस निकाला था। जुलूस जब जामा मस्जिद इलाके में पहुंचा तो वहां एक बड़े समूह ने जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई और लोग अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर भागने लगे। बाद में कुछ लोगों ने छोड़ी गई मोटरसाइकिलों को आग लगा दी, जिससे तनाव और बढ़ गया। रविवार रात डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि महू में जश्न मनाया जा रहा था और लोग चैंपियंस ट्रॉफी जीत का जश्न मनाने के लिए रैली निकाल रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी दौरान दो गुटों में विवाद हो गया और पथराव शुरू हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हिंसक झड़प से शहर के कई इलाकों में दहशत फैल गई। पत्थर कैसे जमा हुए इसके साथ ही यह सवाल है कि आखिर इलाके में पत्थर जमा कैसे हुए। जुलूस में शामिल लोगों का कहना है कि मस्जिद के अंदर से पत्थरबाजी हुई है। यानी मस्जिद में लोग पहले से पत्थर जमाकर रखे थे। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कुल तीन एफआईआर दर्ज किए हैं। हालात हो रहे हैं सामान्य वहीं, महू में अब हालात सामान्य हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस के पहरे के बीच शहर में दुकानें खुल रही है। पुलिस की टीम सभी लोगों पर नजर रख रही है। साथ ही उपद्रवियों से निपटने की भी पूरी तैयारी है। एफआईआर की संख्या बढ़ेगी पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और गवाहों के बयान के आधार पर और FIR दर्ज की जाएंगी। घटना के वीडियो फुटेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं। जिनकी जांच की जा रही है। कलेक्टर ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। मस्जिद के पास से झड़प की हुई थी शुरुआत कलेक्टर ने बताया कि झड़प एक मस्जिद के पास शुरू हुई, जहां जुलूस में शामिल लोग दूसरे समूह से भिड़ गए। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटाखे जलाने को लेकर विवाद हुआ था। पूरी जानकारी और दोषियों की पहचान जांच के बाद ही हो पाएगी। जांच … Read more

राजनीति जगत को बड़ा झटका, दिग्गज बीजेपी नेता सुरेंद्रनाथ सिंह का हुआ निधन, पसरा मातम

भोपाल मध्य प्रदेश में बीजेपी के सीनियर नेता के निधन की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक और भोपाल में बीजेपी के जिलाध्यक्ष रह चुके सुरेंद्र नाथ सिंह का निधन हो गया है. वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, भोपाल में उन्हें 'मम्मा' के नाम से जाना जाता था. सुरेंद्र नाथ सिंह बीजेपी में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके थे, उन्हें फायरब्रांड हिंदू नेता माना जाता था और वह भोपाल समेत आसपास के जिलों में सक्रिए रहते. हालांकि पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था, जिसके चलते उन्हें कई बार अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था. स्वास्थ्य के चलते ही उन्होंने पिछला चुनाव भी नहीं लड़ा था. भोपाल मध्य से रह चुके थे विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह (मम्मा) भोपाल मध्य विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके थे, भोपाल में वह बीजेपी के सीनियर नेता थे, सुरेंद्र नाथ सिंह बीजेपी जिला अध्यक्ष और बीडीए के अध्यक्ष भी रह चुके थे. पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे थे, उनके परिजनों ने बताया कि पिछले दिनों उनकी हार्ट सर्जरी भी हुई थी. लेकिन उनके स्वास्थ्य में ज्यादा सुधार नहीं दिखा था. वह भोपाल के अस्पताल में भर्ती हुए थे. हाल ही में हुई थी हार्ट सर्जरी बताया जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र नाथ सिंह (मम्मा) की हाल ही में हार्ट सर्जरी भी हुई थी. वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. सुरेंद्रनाथ सिंह भाजपा की सक्रिय राजनीति से काफी समय से दूर थे, इसके बावजूद पार्टी में उनकी एक अलग ही पहचान थी. उन्होंने भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर रहते हुए भोपाल के विकास व जनकल्याण के लिए कई कार्य किए. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जताया दुख मध्यप्रदेश भाजापा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सुरेंद्रनाथ सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, '' भोपाल नगर के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक एवं बीडीए के पूर्व अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकमय परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति: शिवराज सिंह के करीबी थे 'मम्मा' भोपाल में 'मम्मा' के नाम से मशहूर रहे सुरेंद्रनाथ सिंह शिवराज सिंह के काफी करीबी माने जाते थे. उनके असामयिक निधन पर पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है. सुरेंद्रनाथ सिंह लंबे समय से भाजपा और आरएसएस के लिए काम कर रहे थे. उनकी गिनती भाजपा के कट्टर नेताओं में की जाती थी. कैलाश विजयवर्गीय ने जताया दुख वरिष्ठ भाजपा नेता व कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, '' भाजपा मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता और भोपाल के पूर्व विधायक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संघर्ष के साथी श्री सुरेंद्र नाथ सिंह जी के असमय निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति दें. ॐ शांति. recent visitors 52

मुख्यमंत्री साय ने चार नए महिला थानों का उद्घाटन, पुलिस बल को और सशक्त बनाने पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में उप निरीक्षक संवर्ग के 840 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए  कहा कि राज्य में पुलिस बल की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित हो, यह सुनिश्चित करना भी पुलिस विभाग की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कार्य लोगों के बीच शांति, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देना भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। तकनीकी संसाधनों के समावेश से पुलिस बल को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्दी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी का सम्मान करें और इसे हमेशा गर्व से धारण करें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जशपुर, रायगढ़, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में नए महिला थानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन थानों के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं के तहत तकनीकी उन्नयन, आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह पुलिस सेवा में उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुलिस अधिकारी बनने के लिए उच्च मनोबल और अनुशासन अनिवार्य है। इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 51

‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति! 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मिला निवेश प्रस्ताव 57,000 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाएं, नदियों से बनेगी बिजली थर्मल और न्यूक्लियर पावर से भी मिलेगी छत्तीसगढ़ को ऊर्जा रायपुर छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो। छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी। थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे। किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रमुख निवेश और योजनाएं 1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश। 2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़। 3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़। 4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़। 5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़। 6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़। 7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़। 8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़। 9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़। 10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़। 11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़। recent visitors 49

स्व. माधव राव सिंधिया की 80वीं जयंती पर प्रदेश को नई सौगात, शिवपुरी में प्रदेश के 9वें “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ

प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन से होगी रोजगार में वृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव माधव, कूनो और घड़ियाल अभ्यारण्य से चंबल क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्व. माधव राव सिंधिया की 80वीं जयंती पर प्रदेश को नई सौगात, शिवपुरी में प्रदेश के 9वें "माधव टाइगर रिजर्व" का शुभारंभ चंबल और निकटवर्ती क्षेत्र में विकास के खुलेंगे नए द्वार शिवपुरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शिवपुरी में नवनिर्मित "माधव टाइगर रिजर्व" का शुभारंभ किया। यह मध्यप्रदेश का 9वां और देश का 58वां नेशनल टाइगर रिजर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुनर्स्थापन प्रक्रिया से यहां लाई गई एक बाघिन को टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मुक्त आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन चंबल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का पुनर्स्थापन हो रहा है। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से राज्य को 9वें नेशनल टाइगर रिजर्व की अभूतपूर्व सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व के प्रतीक चिन्ह (लोगो) के विमोचन के साथ बाउन्ड्री वॉल का लोकार्पण भी किया। चंबल में वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत नजारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में वन संपदा है और वन्य जीव बड़ी संख्या में हैं। चंबल क्षेत्र के कूनो में चीता, चंबल नदी में घड़ियाल और अब माधव नेशनल पार्क में बाघ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। चंबल में वन्य जीव और मनुष्य मिलकर सह-अस्तित्व के भाव से अपनी-अपनी जिंदगी जी रहे हैं। यह अद्भुत नजारा केवल चंबल में देखने को मिलता है। राज्य सरकार के प्रयासों से यहां पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। अब चंबल में भी सुनाई देगी बाघ की दहाड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और विश्व में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश की भूमि पर पाए जाते हैं। मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। बाघों के विचरण के लिए सिर्फ चंबल क्षेत्र ही शेष था। यह कमी भी आज पूरी हो गई है। स्व. माधवराव सिंधिया की जयंती पर इस बाघ आरक्षित क्षेत्र का लोकार्पण राज्य के समग्र विकास के लिए बढ़ते कदम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल ने प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के मामले में अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि माधव टाइगर रिजर्व नया इतिहास लिखेगा। यह क्षेत्र अब बाघों के पुनर्वास से अपनी नई पहचान बनाएगा। यहां पहले से भालू, तेंदुआ, हिरण, चिंकारा, भेड़िया, सियार, साही, अजगर और गिद्ध जैसे वन्य प्राणियों का बसेरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नए टाइगर रिजर्व के विकास कार्यों में दूसरे जीवों के सह-अस्तित्व का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं, बल्कि मुक्त क्षेत्र है, जो वन्य जीवों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी खुला रहेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माधव टाइगर रिजर्व के लोगो का विमोचन किया और माधव नेशनल पार्क की बाउंड्रीवॉल का लोकार्पण भी किया। चंबल क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुईं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को ऐतिहासिक सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माधव टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व के बाद मध्यप्रदेश का तीसरा पुनर्जीवित किया गया नेशनल पार्क है। इससे चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर कूनो नेशनल पार्क में देश में विलुप्त हो चुके चीता को फिर से बसाया गया है। उन्होंने 10 मार्च 2023 को माधव नेशनल पार्क में पूर्व में 3 बाघ छोड़े थे। आज एक बाघिन को छोड़ा गया है। अब कूनो और माधव टाइगर रिजर्व का संयुक्त क्षेत्र 3000 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मिलकर माधव टाइगर रिजर्व के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 57