Share Market: धड़ाम हुआ शेयर बाजार, Sensex 400 अंक गिरा, Nifty 22300 के नीचे

मुंबई अमेरिका के शेयर बाजार (US Stock Market) में गिरावट का असर मंगलवार को भारतीय स्टॉक मार्केट (Stock Market India) पर भी देखने को मिला है. कारोबार की शुरुआत के साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के साथ ही 400 अंक का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 130 अंक से ज्यादा फिसल गया. बाजार में गिरावट के बीच प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट आई और ये खुलने के साथ ही 20 फीसदी टूट गया. सेंसेक्स ने लगाया 400 अंकों का गोता मंगलवार को शेयर मार्केट की शुरुआत बेहद खराब रही. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 74,115.17 की तुलना में गिरकर 73,743.88 पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में 400 अंकों से ज्यादा फिसलकर 73,672 के लेवल तक टूट गया. दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी इंडेक्स (NSE NIfty) भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. ये सोमवार के अपने बंद 22,460.30 की तुलना में टूटकर 22,345.95 पर ओपन हुआ और मिनटों में 130 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 22,314 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. 1715 शेयरों की रेड जोन में शुरुआत शेयर मार्केट ओपन होने के साथ जहां 617 कंपनियों के शेयर उछाल के साथ ग्रीन जोन में खुले, तो वहीं 1715 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की. इस बीच 105 कंपनियों के शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों की बात करें, तो IndusInd Bank, Infosys, Tech Mahindra, TCS, Tata Motors में बाजार की ओपनिंग के साथ ही तगड़ी गिरावट देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर ICICI Bank, Maruti Suzuki और ONGC के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते नजर आए. भारतीय शेयर बाजार में आज (11 मार्च 2025)को शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए। सेंसेक्स 0.50% की गिरावट के साथ 73,743.88 पर खुला, जबकि निफ्टी 0.48% की गिरावट के साथ 22,352.55 पर शुरू हुआ। इंडसइंड बैंक को जोरदार झटका लगा, 15% की गिरावट के साथ यह सत्र का सबसे बड़ा नुकसान वाला बैंक बन गया। इसके अलावा अन्य नुकसान वाले शेयरो में इन्फोसिस शामिल है, जिसमें 2.98% की गिरावट आई, एमएंडएम में 2.25% की गिरावट आई, और ज़ोमैटो में 1.96% की गिरावट आई। बजाज फिनसर्व ने भी 1.32% की गिरावट के साथ कारोबार किया, जिससे बाजार की कमजोर धारणा और बढ़ गई। सबसे ज्यादा फिसले ये 10 शेयर बाजार में गिरावट के बीच शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल IndusInd Bank Share (20%), Infosys Share (3.24%), M&M Share (2.99%), Zomato Share (2.49%), Tech Mahindra Share (1.28%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप में Bandhan Bank Share (4.43%), Godrej India Share (4.25%), RVNL Share (3.53%) और AU Bank Share (3.46%) टूटा. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में Gensol Share में खुलते ही 5% का लोअर सर्किट लग गया. अमेरिकी बाजार में कल आई थी बड़ी गिरावट गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन अमेरिका के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. Dow Jones का तो हाल-बेहाल नजर आया और ये कारोबार के दौरान 1100 अंक तक फिसल गया, हालांकि अंत में ये इंडेक्स 2.08% या 890 अंक की गिरावट लेकर 41,911.71 पर क्लोज हुआ था. डाउ जोन्स जैसा ही हाल S&P-500 का दिखा और ये 155.64 अंक या 2.70% की गिरावट लेकर क्लोज हुआ था. वहीं Nasdaq ने तो इससे भी बड़ी गिरावट देखी और 4% टूटकर17,468.32 पर बंद हुआ था. recent visitors 80

पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी की टिकट भी पूरी नहीं बिक पाईं और पाकिस्तान को नुकसान हुआ

लाहौर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भारत अपने नाम कर चुका है। संडे को दुबई में हुए फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर यह ट्रॉफी अपने नाम की। इस बार इस टूर्नामेंट का आयोजक पाकिस्तान था। पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए पानी की तरह पैसा बहाया था। पाकिस्तान में 29 साल बाद कोई आईसीसी टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। लेकिन भारत ने पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद भारत के सभी मैच दुबई में खेले गए। इससे पाकिस्तान को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ। जले पर हार का नमक इस टूर्नामेंट के शुरू में ही भारत ने पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था। चूंकि भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक दुनियाभर में फैले हुए हैं। ऐसे में जिस देश में भारतीय क्रिकेट टीम के मैच होते हैं, ज्यादातर प्रशंसक वहां मैच देखने पहुंच जाते हैं। इससे उस देश की अर्थव्यवस्था में भी तेजी आती है। भारत के न आने से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से भी खराब होने लगी थी। बाकी कसर पाकिस्तान की क्रिकेट टीम ने खुद कर दी। पाकिस्तान की क्रिकेट टीम लीग मैचों में ही हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में दूसरे देशों की टीम के जो भी मैच पाकिस्तान में हुए, उन्हें देखने काफी कम दर्शक मैदान में पहुंचे। इससे टिकट भी पूरी नहीं बिक पाईं और पाकिस्तान को नुकसान हुआ। हजारों करोड़ रुपये किए खर्च पाकिस्तान में आतंक के साए के चलते मैदानों पर क्रिकेट काफी कम होता है। पिछली बार साल 1996 में आईआईसी टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। तब से लेकर अब तक पाकिस्तान का पहला वैश्विक आयोजन था। इसके लिए कराची, लाहौर और रावलपिंडी के स्टेडियमों को अपग्रेड किया गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पर पाकिस्तान ने 64 मिलियन डॉलर (करीब 558 करोड़ रुपये) खर्च किए। इसके अलावा हॉस्पिटैलिटी और ट्रांसपोर्ट पर करीब 9 मिलियन डॉलर की रकम खर्च की। कितना हुआ नुकसान? पाकिस्तान अपने देश में ही कुल दो मैच खेल पाया। पहले मैच में उसे न्यूजीलैंड से और दूसरे मैच में भारत से हार मिली। इसके बाद ही पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुचंने के रास्ते बंद हो गए। अंतिम लीग मैच बांग्लादेश से होना था जो बारिश के कारण रद्द हो गया था। इसमें पहला मैच कराची में हुआ, जिसमें काफी संख्या में पाकिस्तानी दर्शक कराची पहुंचे। इसके बाद पाकिस्तान के स्टेडियम खाली ही नजर आए। पाकिस्तान को ICC से होस्टिंग फीस के रूप में 6 मिलियन डॉलर (करीब 52 करोड़ रुपये) मिलेंगे। टिकटों की बिक्री से पाकिस्तान को बहुत ज्यादा कमाई नहीं हुई है। साथ ही पाकिस्तान पहुंचने वाले विदेशी दर्शक भी काफी कम रहे। ऐसे में पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट से उतनी कमाई नहीं हुई, जितनी रकम उसकी खर्च हो गई। recent visitors 63

मध्य प्रदेश सरकार के बजट में पहली बार सबसे अधिक महत्व युवा, महिला, गरीब और किसानों को दिया गया

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार का बजट सत्र कल सोमवार से शुरु हो गया है. लेकिन पहली बार इस बजट में सबसे अधिक महत्व युवा, महिला, गरीब और किसानों को दिया गया है. मौजूदा बजट सत्र में राज्य सरकार विभिन्न विभागों में खाली एक लाख से अधिक पदों को भरने का ऐलान कर सकती है. स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 24,500 और ग्रह विभाग में 20 हजार से अधिक पद भरे जाने हैं. इसके साथ ही निजी क्षेत्रों में भी सरकार आगामी 5 सालों में ढाई लाख रोजगार देने का वादा कर रही है. लाडली बहनों के खातों में आती रहेगी सम्मान निधि इस बजट में मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को कई तोहफे देने जा रही है. सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी का दायरा 5 लाख से अधिक बढ़ाने का प्रयास कर रही है. इस बजट में सरकार ने प्रदेश की 15 लाख महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. वहीं लाडली बहना योजना के लिए भी सरकार 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रख सकती है. यानि मध्यप्रदेश में लाडली बहना बंद नहीं होगी. यह चलती रहेगी. इसके साथ ही उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को गैस सिलेंडर की सब्सिडी के रुप में 450 रुपये की राशि मिलती रहेगी. वहीं इस बार बजट सत्र के दौरान सरकारी नौकरियों में महिलाओं का कोटा 35 प्रतिशत से अधिक रह सकता है.         गरीबों को मिलेंगे 6 लाख नए मकान, किसानों का बढ़ेगा बोनस मध्यप्रदेश सरकार इस बजट सत्र में गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 लाख नए किफायती मकानों को बनाने की घोषणा कर सकती है. अधिकारियों का कहना है कि, ''इसमें 4 लाख मकान ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जाएंगे. वहीं किसानों को धान का बोनस 4 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर किया जाएगा. गेंहू में सरकार 175 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देगी.'' किसानों को अल्पकालीन कर्ज के लिए भी 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है. किसानों को खेती के लिए सस्ती बिजली की सौगात भी इस बजट में सरकार दे सकती है. वहीं यह बजट कर्मचारियों के लिए भी खास रहने वाला है. सरकार उनका मंहगाई भत्ता 14 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान कर सकती है. recent visitors 32

कमर चीमा ने कहा कि भारत युद्ध लड़कर ही कश्मीर ले सकता है, जयशंकर का पाकिस्तान को POK से दावा छोड़ने का सुझाव

इस्लामाबाद  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि पाकिस्तान अगर अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर दावा छोड़ देता है तो दोनों देशों के बीच विवाद का सबब बना ये मुद्दा सुलझ जाएगा। जयशंकर ने बीते हफ्ते लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान ये बात कही है। उनके बयान की भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी चर्चा हो रही है। पाकिस्तान में उनके इस बयान को भारत की पीओके पर हमला करने की धमकी की तरह भी देखा जा रहा है। वहीं कई एक्सपर्ट इसे सिर्फ सियासी जुमला मान रहे हैं। पाकिस्तान की पत्रकार आरजू काजमी ने कमर चीमा से इस मुद्दे पर बात की है। आरजू काजमी ने अपने यूट्यूब चैनल पर कमर चीमा से बात करते हुए कहा कि जयशंकर सीधेतौर पर कह रहे हैं कि पाकिस्तान कश्मीर से हट जाए। आरजू ने चीमा से सवाल किया कि ऐसा नहीं लगता कि अपनी सरकार से इजाजत के बिना कोई विदेश मंत्री ऐसा बयान दे सकता है। इस बयान के बाद क्या ये माना लिया जाए कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने पीओके पर हमले जैसा कोई इशारा दे दिया है। 'जयशंकर के बयान में गंभीरता नहीं' आरजू के सवाल का जवाब देते हुए चीमा ने कहा, 'भारत की आधिकारिक नीति शायद ऐसी नहीं है। मुझे नहीं लगता कि कल पाकिस्तान से भारत की कश्मीर पर कोई बातचीत होगी तो भारत ये कहेगा कि पीओके दे दो और सारा झगड़ा खत्म है। ये सीरियस बात नहीं लगती है लेकिन भारत की सत्ताधारी भाजपा ने इसे राजनीति का मुद्दा जरूर बनाकर रखा है। जयशंकर से पहले राजनाथ सिंह और अमित शाह जैसे मोदी सरकार के सारे बड़े चेहरे भी पीओके पर इसी तरह की बात कर चुके हैं।' चीना ने आगे कहा, 'भाजपा ने चुनाव में पीओके का बार-बार इस्तेमाल किया है लेकिन उन्होंने इसे चुनावी घोषणा पत्र में शामिल नहीं किया है। मुझे लगता है कि जयशंकर ने भी कुछ ऐसा ही किया है। उनसे सवाल भी इसी तरह हुआ था कि मैं आपको असहज करके पूछता हूं तो उन्होंने भी सवाल करने वाले बुजुर्ग को ऐसा ही जवाब दे दिया। दरअसल भाजपा चाहती है कि लोगों के बीच ऐसा संदेश जाए कि हम मजबूत सरकार हैं, जो पीओके लेने की बात करते हैं। ये भी इसी कड़ी का हिस्सा है। चीमा का सवाल- क्या भारत युद्ध लड़ेगा? चीमा ने कहा कि भारत युद्ध लड़कर ही कश्मीर ले सकता है। कश्मीर में जिस तरह से पहाड़ और नदिया हैं, वहां जंग भी आसान नहीं है। भारत की फौज बड़ी है लेकिन पाकिस्तान भी बड़ी सैन्य ताकत है। ऐसे में एक बड़े जंग से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि भारत युद्ध में जाना चाहेगा, मुझे ऐसा कतई नहीं लगता है। पाकिस्तानी राजनीतिक टिप्पणीकार चीमा ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने भी हजार बार भारत से कश्मीर लेने की कस्में खाई हैं। मैं पूछता हूं कि क्या पाकिस्तान ऐसा कर सकता है। दोनों ओर से ही कश्मीर पर दावें हैं लेकिन ये जुबानी जमाखर्च ही है। मुझे लगता है कि जयशंकर शायद इस तरह की बात ना करते लेकिन उनसे सवाल इसी अंदाज में हुआ तो उन्होंने भी चुटीले अंदाज में जवाब दे दिया। recent visitors 51

भारत के सबसे साफ शहर में नहीं होगा कोई ट्रैफिक सिग्नल, AI की मदद से होगा कमाल, जानें मोहन सरकार का प्लान

इंदौर मध्य प्रदेश सरकार राज्य की व्यावसायिक राजधानी और देश के सबसे साफ शहर इंदौर को ट्रैफिक सिग्नल रहित शहर बनाने की योजना पर काम कर रही है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि यातायात प्रबंधन को स्मार्ट और अधिक कुशल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। शहरी विकास और आवास विभाग इंदौर को सिग्नल रहित शहर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य शहर में यातायात को निर्बाध रूप से संचालित करना है। इस योजना के तहत फ्लाईओवर, बाईलेन, अंडरपास और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों को लागू किया जा रहा है। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस योजना के पूरा होने पर नागरिकों का यात्रा समय कम हो जाएगा और यातायात सुचारू रहेगा। सुविधाजनक होगा शहरी यातायात सिग्नल रहित योजना तेजी से बढ़ते शहरी यातायात को सुविधाजनक बनाने और यात्रा समय को कम करने में मदद करेगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभाग द्वारा प्रदेश के शहरी मार्गों पर 1330 बसों का संचालन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पीएम ई-बस सेवा में 552 ई-बसों की खरीद का प्रस्ताव केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए बस डिपो अधोसंरचना के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए चार्जिंग अधोसंरचना के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा 217 ई-चार्जिंग अधोसंरचना विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। योजना के तहत फ्लाईओवर, बाईलेन, अंडरपास और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों को लागू किया जा रहा है। योजना के पूरा होने पर नागरिकों की यात्रा का समय कम होगा और ट्रैफिक सुचारू रहेगा। इसमें कहा गया है कि सिग्नल फ्री योजना तेजी से बढ़ते शहरी यातायात को सुगम बनाने और यात्रा समय को कम करने में मदद करेगी। आधिकारिक विज्ञप्ति में यह भी जानकारी दी गई है कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर मध्य प्रदेश के शहरी मार्गों पर 1330 बसें चल रही हैं। शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पीएम ई-बस सेवा में 552 ई-बसों की खरीद का प्रस्ताव केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया है। यही नहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए बस डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से 217 ई-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का काम किया जा रहा है। recent visitors 57

रिजर्व बैंक ने जनवरी 2025 में 2.83 टन सोना खरीदा, सोना खरीदने में भारत ने अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पिछले कुछ वर्षों से सोना खरीदने में लगा हुआ है। पिछले 5 वर्षों में रिजर्व बैंक ने सोने का अकूत खजाना इकट्ठा कर लिया है। 5 साल में सोना खरीदने में भारत ने अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। इतने समय में सिर्फ चीन ही भारत से ज्यादा सोना खरीद पाया है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के हवाले से दी है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक रिजर्व बैंक ने साल 2020 से साल 2024 तक पांच वर्षों में 244 टन सोना खरीदा है। इस दौरान चीन ने 336 टन सोना खरीदा। भारत ने सोना खरीदना अभी भी बंद नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर कई देश सोना खरीदने की रफ्तार कम कर चुके हैं। यहां चीन को भी छोड़ा पीछे साल 2024 की आखिरी तिमाही में भारत ने सोना खरीदने में चीन को भी पीछे दिया है। भारत ने इस तिमाही में 22.54 टन सोना खरीदा। वहीं चीन ने 15.24 टन सोना खरीदा। सिंगापुर ने अपने सोने के भंडार में 7.65 टन की कमी की। इस तिमाही में सबसे ज्यादा सोना (28.53 टन) पोलैंड ने खरीदा। इस साल भी रिजर्व बैंक की बड़ी खरीदारी साल 2025 में भी रिजर्व बैंक धड़ाधड़ सोना खरीद रहा है। इस साल जनवरी में रिजर्व बैंक ने 2.83 टन सोना खरीदा। इस खरीद के साथ रिजर्व बैंक को गोल्ड रिजर्व बढ़कर करीब 879 टन हो गया है। इसमें फरवरी के आंकड़े शामिल नहीं हैं। सोने में आखिर रुचि क्यों? सोने को हमेशा से संकट मोचक माना जाता है। दूसरे देशों के साथ कारोबार के लिए अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं काफी देश सोने में भी लेन-देन करते हैं। विदेशी मुद्रा का भंडार कम न रहे, इसलिए भारत समेत ज्यादातर देश सोने का इस्तेमाल करते हैं। जानकारों के सोना खरीदने के कई कारण बताए हैं। इस समय सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियां हैं। इससे ग्लोबल ट्रेड वॉर की आशंका के कारण सोने की मांग बढ़ गई है। आर्थिक और भूराजनीतिक उथल-पुथल के दौरान सोने को एक सेफ इंवेस्टमेंट के रूप में देखा जाता है। रिजर्व बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में रीवैल्यूएशन रिस्क और करेंसी की अस्थिरता को कम करने के लिए भी सोना खरीद रहा है। recent visitors 77

इंदौर सुपर कॉरिडोर का रास्ता साफ, किसानों ने दे दी जमीन, मिले विकसित प्लॉट

इंदौर आइडीए के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सुपर कॉरिडोर पर किसानों से लंबे समय से चल रही रार लगभग खत्म हो गई है। पायलट प्रोजेक्ट बनाकर पहले चरण में दो अहम योजनाओं पर काम किया गया, जिसमें 99 फीसदी किसानों से करार हो गया है। रजिस्ट्री के बाद उन्हें प्लॉट का कब्जा भी दिया गया। दूसरे चरण में दो अन्य योजनाओं को लिया जा रहा है। तीन माह में निराकरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से करार, अंतिम चरण में चर्चा दो दशक पहले आइडीए ने सुपर कॉरिडोर की नींव रखी थी। योजना बनाते समय 553 हेक्टेयर जमीन शामिल की थी, लेकिन 139 हेक्टेयर पर डायवर्शन व नक्शा पास होने की वजह से छोड़नी पड़ी। 414 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण शुरू किया तो विवाद की स्थिति बनी। समय के साथ किसान सहमति देते गए, फिर भी 50 फीसदी जमीन का निराकरण ही हो सका। इससे विकास कार्य नहीं हो पा रहे थे। इस पर पायलट प्रोजेक्ट बनाकर काम शुरू किया गया। अब रिपोर्ट आई है कि कॉरिडोर की योजना 151 की 230.54 हेक्टेयर में से 228.25 और योजना 166 की 168.39 में से 166.34 हेक्टेयर का किसानों से करार हो गया है। सभी को रजिस्ट्री कर कब्जा भी दे दिया गया है। दोनों योजनाओं में महज दो-दो हेक्टेयर जमीन बची है, जिसके लिए किसानों से अंतिम चरण की चर्चा चल रही है। खुला विकास का रास्ता जमीन के बदले आइडीए ने किसानों को विकसित प्लॉट देने की योजना बनाई। इसमें पसंद के प्लॉट को लेकर विवाद हुआ। किसान चाहते थे कि जमीन पर ही या पास में प्लॉट मिलें। शुरू में आइडीए ने अपनी मर्जी से प्लॉट दिए, जिस पर बात बिगड़ गई। इसे सुधारकर कॉरिडोर पर ही शिविर लगाए गए। समाधान केंद्र व रीजनल ऑफिस खोला, जिससे किसानों को चक्कर काटने से मुक्ति मिली। कोर्ट केसों में मजबूती से पक्ष रखा, जिसमें सफलता मिली। दूसरे चरण का शुरू होगा काम सुपर कॉरिडोर इंदौर की बची दो योजनाएं 169 ए और बी को लेकर आइडीए अब मोर्चा संभाल रहा है। ए की 68.74 हेक्टेयर में से 66 फीसदी तो बी की 148.56 हेक्टेयर में से 76 फीसदी जमीन मिल गई है। बची हुई जमीनों को लेकर कॉरिडोर पर शिविर लगाया जाएगा। किसानों को बुलाकर मौके पर समस्या हल की जाएगी। अब विकास पर फोकस गांधी नगर से टीसीएस चौराहे के बीच मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू होने वाला है। योजनाओं में 61 किमी सड़क बननी है, जिसमें से 8 किमी रह गई है। अब 6 किमी सड़क, चौराहों व बगीचे का काम शुरू हो गया है। जल्द सामने आएंगे परिणाम सुपर कॉरिडोर की योजना 151 व 166 में 99 फीसदी जमीन मिल गई है। किसानों को प्लॉट की रजिस्ट्री कर कब्जा दे दिया है। योजना 169 ए व बी को लेकर किसानों से बात की जा रही है। जल्द ही अच्छे परिणाम आएंगे। -आरपी अहिरवार, सीईओ, आइडीए recent visitors 58