होली से पहले महिलाओं को तोहफा, दिल्ली में महिला समृद्धि योजना लागू, BPL कार्ड धारक महिलाओं को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली दिल्ली में महिला समृद्धि योजना लागू हो गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यह योजना लागू किए जाने का ऐलान किया है. इस साल के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट मीटिंग में महिला समृद्धि योजना को मंजूरी मिल चुकी है. जेपी नड्डा रजिस्ट्रेशन की तारीख का ऐलान कर सकते हैं. BPL कार्ड धारक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में जनता को संबोधित करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, "मैं 1993 से संगठन से जुड़ी हुई हूं, नड्डा जी उन दिनों से हमारे अभिभावक हैं. मैं तीन बहनों और एक भाई के परिवार से हूं, लड़कियों के लिए यह मुश्किल है. जब मैंने डीयू का चुनाव लड़ा, तो मेरी मां ने कहा कि चुनाव लड़कियों के लिए नहीं हैं, लेकिन पिताजी ने मुझे प्रेरित किया. यह मेरी पार्टी है जिसने मेरा साथ दिया. मेरी पार्टी ने मुझे घर से ढूंढा और मुख्यधारा की राजनीति और समाज के लिए काम करने को कहा." उन्होंने आगे कहा कि 33 फीसदी रिजर्वेशन देने वाली बातें बहुत लोग करते थे लेकिन वो बिल लाते थे और वहीं फाड़ दिए जाते थे. जिस नेता ने इस बात को समझा कि देश की तरक्की केवल एक वर्ग से नहीं होने वाली. मोदी जी जिस एजेंडा को महिलाओं के सम्मान में देश में चला रहे हैं, उसी तरह हम दिल्ली में चला रहे हैं.   'काम करने की प्लानिंग हो चुकी है…' रेखा गुप्ता ने कहा, "केंद्र सरकार के साथ हर वो काम करने की प्लानिंग हो चुका है, जो दिल्ली को और अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनाने वाली है. पिछले 15 दिन में हमारी सरकार ने उन अनेकों योजनाओं पर चर्चा की, जो दिल्ली की बहनों के लिए बहुत जरूरी थी. पिंक पुलिस स्टेशन की संख्या बढ़ाने के लिए दिल्ली में काम किया जाएगा." BPL कार्ड के लिए क्यो होगी पात्रता?     आवेदक को आवेदन करने से पहले कम से कम पांच साल तक दिल्ली का निवासी होना चाहिए.     आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए.     आवेदक के पास दिल्ली में एक एकल संचालित बैंक खाता होना चाहिए, जो उनके आधार नंबर से जुड़ा हो.     3 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय के लिए क्षेत्र के SDM या राजस्व विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी से आय प्रमाण पत्र.     1 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम आय के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड. 1. आमदनी वाली शर्त यह तो पहले से तय था कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब परिवार की महिलाओं को मिलेगा। गरीबी की सीमा क्या होगी यह पहले से तय नहीं था। दिल्ली सरकार के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सालाना आय की सीमा 2.50 लाख रुपए तय की गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने यही सीमा तय की है। दिल्ली में भी उन्हीं परिवारों की महिलाओं को यह लाभ मिलेगा जिनकी सालाना आदमनी 2.50 रुपए से अधिक नहीं है। इस शर्त की वजह से दिल्ली के अधिकतर परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 4.61 लाख रुपए है। ऐसे में 2.50 लाख सालाना आमदनी वाले परिवारों की संख्या कम है। 2. परिवार की एक ही महिला को लाभ सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया है कि परिवार की एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इस वजह से भी लाभार्थियों की संख्या काफी सीमित रह सकती है। दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर भारी आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। खजाने की हालत पहले से ही बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में कोशिश की गई है कि योजना का लाभ जरूरतमंद महिलाओं को मिले और सरकार पर बहुत बोझ भी ना हो। और क्या हो सकती हैं शर्तें महिला समृद्धि योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं को महिलेगा। योजना का लाभ विवाहित महिलाओं को ही दिया जा सकता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं वृद्धा पेंशन की हकदार हो जाती हैं। किसी को विधवा पेंशन, बुजुर्ग पेशन, सरकारी पेंशन मिल रही है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।   recent visitors 46

सीहोर की नट-बोल्ट फैक्ट्री में भीषण आग, मची अफरा-तफरी; मौके पर पहुंची कई दमकल की गाड़ियां

सीहोर सीहोर (Sehore) में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, इंदौर-भोपाल हाईवे पर स्थित नट-बोल्ट फैक्ट्री में खतरनाक आग लग गई. सूचना मिलने के बाद तीन दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आग की लपटें और धुएं के गुबार दूर तक दिखाई दे रहे थे. घटना शनिवार के दोपहर के वक्त की है. सीहोर के खोकरी के पास नट बोल्ट बनाने वाली में तेज धमाके के साथ भीषण आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. आग लगने के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों ने बाहर भागकर अपनी जान बचाई. आग इतनी तेज थी कि लपटें और धुएं के गुबार दूर तक दिखाई दे रहे थे. तेज धमाके के साथ अचानक आग लगी. अभी तक आग लगने के पीछे की वजहों के बारे में नहीं पता चल सका है. कई किमी दूर से दिखाई दे रही आग की लपटें आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही है। इस दौरान ब्लास्ट होने की जानकारी भी मिली है। सूचना मिलते ही सीहोर से तीन दमकल मौके पर रवाना की गई हैं। वहीं कोठरी, आष्टा व इछावर से भी दमकलों को रवाना किया जा रहा है। भोपाल-इंदौर हाइवे स्थित ग्राम खोखरी स्थित दीपक फास्टनर अंब्रेको कंपनी में नट बोल्ट का निर्माण किया जाता है। बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर लगभग 1 बजे फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैल गई और उसकी लपटें विकराल रूप लेने लगीं। आग की लपटों और काले धुएं का गुबार देख कर्मचारी अपनी जान बचाने बाहर भागे। सूचना मिलने पर दमकलों को रवाना किया गया। जब फैक्ट्री में आग लगने से गई शख्स की जान 7 मार्च को बीती रात यूपी के हाथरस में एक पॉलीथिन फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है.   एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि सादाबाद कस्बे में एक पॉलीथिन फैक्ट्री में आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए. recent visitors 65

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘हम मंदिरों में भीड़, सड़कों पर तूफान चाहते हैं, रामराज से भरा हिंदुस्तान चाहते

छतरपुर /गोपालगंज गोपालगंज के राम जानकी मठ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के हनुमंत कथा का आज यानी शनिवार को तीसरा दिन है। आज बाबा बागेश्वर का दिव्य दरबार भी लग रहा है।दिव्य दरबार में पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर्ची के जरिए भक्तों को उनकी समस्या का समाधान बताएंगे। दिव्य दरबार के लिए बिहार के अलावे यूपी और नेपाल से भी लोग पहुंच रहे हैंं। 50 हजार से ज्यादा लोग अभी ही पंडाल में मौजूद हैं। विदेशी श्रद्धालुओं में यूक्रेन और यूएसएस के भी लोग कथा में पहुंचे हैं। दोपहर 12 बजे से दिव्य दरबार लगेगा। हिंदू एक साथ हो जाएं तो देशद्रोहियों को भागना पड़ेगा वहीं  हनुमंत कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि 'हिंदू अकेला होगा तो भागना पड़ेगा, लेकिन सभी हिंदू एक साथ हो जाएं तो देशद्रोहियों को यहां से भागना पड़ेगा।' उन्होंने हिंदुओं को एकजुट करते हुए एकता का महत्व समझाते हुए मधुमक्खी और कुत्ते का उदाहरण दिया। कहा कि 'एक कुत्ता अकेला होने पर भाग जाता है, लेकिन मधुमक्खियां झुंड में होने के कारण इंसान को भागना पड़ता है।' भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'हम मंदिरों में भीड़, सड़कों पर तूफान चाहते हैं, रामराज से भरा हिंदुस्तान चाहते हैं। जात-पात को छोड़कर जब सारे सनातनी एक होंगे, तभी भारत हिंदू राष्ट्र कहलाएगा।' उन्होंने कहा कि 'लोग बोलते हैं, मैं संविधान के खिलाफ बोलता हूं। मैं संविधान के खिलाफ नहीं हूं। एक हाथ में संविधान, दूसरे में भगवान लिए चलता हूं।' कथा के बीच भावुक हुए धीरेंद्र शास्त्री कथा के बीच में धीरेंद्र शास्त्री भावुक हो गए। अपने पुराने दिन को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'हमारे पिता जी को कोई शादी में नहीं बुलाता था। परिवार वाले अपनी शादी के कार्ड में पिताजी का नाम तक नहीं लिखते थे, क्योंकि हम गरीब थे। फटे कपड़े पहनकर चले जाएंगे तो उनकी इज्जत चली जाएगी, लेकिन हमारी मां कहती थीं, 'तुम राम को कभी मत छोड़ना, हमारे दिन भी आएंगे।' इस दौरान उन्होंने एक शायरी भी सुनाई- 'मुझे कौन पूछता था तेरी बंदगी से पहले, मैं खुद को ढूंढता था, इस जिंदगी से पहले।' 'ए ठठरी टिन शेड न तोड़ दियो' धीरेंद्र शास्त्री को देखने के लिए भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। कई लोग उन्हें देखने के लिए टीन शेड पर खड़े हो गए। ये देखकर बाबा ने कहा, 'ओह, पगला, ठठरी… टीन शेड ना तोड़ दिओ…आराम से कथा सुनो। बड़ा गरीबी से टीन शेड लगवाया है।' 100 KM दूर से पहुंचे भक्त धीरेंद्र शास्त्री की कथा में आज करीब 40 से 50 हजार भीड़ जुटी। बाबा का कथा सुनने के लिए 100 KM दूर छपरा, सीवान से भक्त यहां पहुंचे। इस दौरान विदेशी लोग भी कथा का आनंद ले रहे थे।  बाबा बागेश्वर के दर्शन के लिए कई दिग्गज नेता पहुंचे। केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण निषाद ने बाबा के दर्शन किए। लोकसभा सांसद मनोज तिवारी भी मौजूद रहे। बिहार सरकार के मंत्री हरि साहनी और जीवेश मिश्रा ने भी बाबा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी और गायक रितेश मिश्रा भी मौजूद रहे। recent visitors 54

नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है

 नवसारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), महिला दिवस के मौके पर गुजरात के नवसारी पहुंचे हैं. उन्होंने यहां पर महिलाओं को संबोधित किया. नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है. इस दिन मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं दुनिया का सबसे धनवान व्यक्ति हूं क्योंकि मेरी जिंदगी के अकाउंट में करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद है, जो निरंतर बढ़ता जा रहा है." प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "हमारे शास्त्रों में नारी को नारायणी कहा गया है. नारी का सम्मान समाज और देश के विकास की पहली सीढ़ी होती है, इसलिए विकसित भारत बनाने के लिए, भारत के तेज विकास के लिए आज भारत वीमेन लैंड डेवलप्मेंट की राह पर चल चुकी है. 'करोड़ों महिलाओं का सम्मान बढ़ाया…' नरेंद्र मोदी ने कहा, "2014 के बाद से अब तक करीब 3 करोड़ महिलाएं घर की मालकिन बन चुकी हैं. आज पूरी दुनिया में जल जीवन मिशन की भी बड़ी चर्चा है. जल जीवन मिशन के जरिए आज देश के गांव-गांव में पानी पहुंच रहा है." उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के जीवन में सम्मान और सुविधा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. हमने करोड़ों महिलाओं के लिए शौचालय बनवाकर उनका सम्मान बढ़ाया. पीएम मोदी ने कहा, "हमने करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, उज्ज्वला सिलेंडर देकर धुएं जैसी तकलीफ से बचाया. तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाकर हमारी सरकार ने लाखों मुस्लिम बहनों का जीवन तबाह होने से बचाया. जब कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू था, तो वहां की बहनें-बेटियां कई अधिकारों से वंचित थीं. अगर वो राज्य के बाहर किसी से शादी कर लेती थी, तो पुश्तैनी संपत्ति पाने का उनका अधिकार छिन जाता था." उन्होंने आगे कहा कि आर्टिकल 370 की दीवार गिरने के बाद जम्म-कश्मीर में भी महिलाओं को वे सारे अधिकार मिले हैं, जो भारत की बेटियों-बहनों को मिलते हैं. '2014 के बाद ही…' नरेंद्र मोदी ने कहा, "राजनीति का मैदान हो या खेल का मैदान, न्यायपालिका हो या फिर पुलिस, देश हर सेक्टर में महिलाओं का परचम लहरा रहा है. 2014 के बाद से देश के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की भागीदारी बहुत तेजी से बढ़ी है. 2014 के बाद ही केंद्र सरकार में सबसे ज्यादा महिला मंत्री बनीं. संसद में भी महिलाओं की मौजूदगी में बड़ा इजाफा हुआ. 18वीं लोकसभा में 74 महिला सांसद लोकसभा का हिस्सा हैं. न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी उतनी ही बढ़ी है." उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सिविल जज के तौर पर नई भर्तियों में पच्चास फीसदी या उससे ज्यादा हमारी बेटियां चुनकर आई हैं. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है. इनमें महिला निवेशकों की भूमिका है. पीएम मोदी ने कहा, "गांधी जी कहते थे कि देश की आत्मा ग्रामीण भारत में बसती है. आज मैं उसमें एक पंक्ति और जोड़ता हूं कि ग्रामीण भारत की आत्मा ग्रामीण नारी के सशक्तिकरण में बसती है. इसलिए हमारी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों को, महिलाओं के लिए नए अवसरों को बड़ी प्राथमिकता दी है."   recent visitors 55

मुख्यमंत्री ने नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़े आयोजनों के लिए जिस तरह के कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता थी, वह कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के विस्तारीकरण और नए कन्वेंशन सेंटर से पूर्ण हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन सफल रहा। इस अवसर पर भोपाल में एक कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता अनुभव की गई। इस तरह के सेंटर की स्थापना की घोषणा के कुछ दिन में ही केन्द्र सरकार से इसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस तरह यह नए केन्द्रीय बजट के पहले महत्वपूर्ण प्रकल्प के रूप में सामने आया है और शीघ्र ही इस सेंटर के विकास का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के साथ ही शहरों में जनता से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। राजधानी भोपाल और प्रदेश का विकास प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर के मुख्य सभाकक्ष में कन्वेंशन सेंटर परिसर में प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर का भूमि-पूजन कर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को 100 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण में वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की वास्तुकला और आकल्पन की तरह कार्य सम्पन्न किए जाने के निर्देश दिए। उच्च स्तरीय बैठकों के साथ ही व्यवसायिक आयोजनों और बड़े सम्मेलनों के लिए यह सेंटर उपयोगी सिद्ध होगा। भोपाल टाइगर कैपिटल भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन मध्यप्रदेश की पहचान है। हाल ही भोपाल में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से भोपाल की प्राकृतिक सुंदरता प्रतिभागियों के मध्य चर्चा का विषय रही। वन्य जीवन पर्यटन में प्रदेश की नई पहचान बन रही है। देश में सर्वाधिक टाइगर मध्यप्रदेश में है। प्रदेश में माधव राष्ट्रीय उद्यान 9वां टाइगर रिजर्व घोषित हुआ है। मानव और वन्य प्राणी के सह-जीवन का अनूठा उदाहरण राजधानी भोपाल में देखने को मिलता है, जहां रातापानी अभ्यारण्य के झिरी-द्वार की दूरी शहर से सिर्फ 4-5 किलोमीटर दूर है। यहां टाइगर की संख्या को देखते हुए भोपाल को टाइगर कैपिटल मान सकते हैं। भोपाल की झील में घड़ियाल भी मिलेंगे। हमारे देश में मध्यप्रदेश ही ऐसा प्रदेश है जहां चीतों की बसाहट के साथ चम्बल क्षेत्र में घड़ियाल अभ्यारण्य और प्रदेश में अनेक टाइगर रिजर्व हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वामी विवेकानंद की उस उक्ति को चरितार्थ करने का कार्य किया है, जिसमें 21वीं सदी भारत की होने की भविष्यवाणी की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। आर्थिक शक्ति के रूप में भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में खजुराहो प्रथम एयरपोर्ट था। अब हवाई सेवाओं का प्रदेश में तेजी से विस्तार किया जाएगा। व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को इससे काफी लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन कार्यक्रम में उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों विशेष होटल और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि इस कन्वेंशन सेंटर के भूमि-पूजन से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 25 फरवरी की घोषणा का 10 दिवस के अंदर क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता से उत्साह का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशक आ रहे हैं। निश्चित ही प्रदेश में औद्योगिक विकास का वातावरण बनेगा। जहां उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य के न्याय और विकास के दर्शन का प्रतीक है, वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल अत्याधुनिक सेवाओं के साथ नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। वरिष्ठ सांसद वी.डी शर्मा ने कहा कि विजनरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में इस तरह के सुविधाजनक कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आवश्यकता बताई थी। वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की क्षमता कम होने से कई आयोजनों में जो कठिनाई हो रही थी, वह नए सेंटर के निर्माण के बाद खत्म हो जाएगी। भोपाल की सुंदरता शहर की पहचान बनी है। प्रधानमंत्री मोदी भी भोपाल के सौन्दर्यीकरण को देखकर प्रभावित हुए थे। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने वीडियो संदेश द्वारा भोपाल को मिली इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए बधाई दी। कैसा होगा नया कन्वेंशन सेंटर वर्तमान सेंटर के परिसर में आधुनिक तकनीक से नया सेंटर निर्मित और सुसज्जित किया जाएगा। नवीन संरचना में भूतल, निचला तल, प्रथम एवं द्वितीय तल निर्मित होंगे। वर्तमान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार और प्रस्तावित भवनों के बीच सांस्कृतिक केन्द्र होगा, जिसमें कियोस्क होंगे, जो सम्मेलनों के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प का प्रदर्शन और विक्रय करने में सहायक होंगे। नवीन सेंटर में करीब 1500 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, 300 व्यक्ति के लिये हॉल, 200 व्यक्तियों के लिये मीटिंग हॉल, भोजन के लिये 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला डाइनिंग हॉल एवं डाइनिंग सुविधा युक्त 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला लॉन, वर्तमान एवं नवीन भवन मिलाकर 3000 व्यक्तियों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल जिसमें 4500 व्यक्तियों के भोजन करने की क्षमता, अतिथियों के लिये सर्वसुविधायुक्त 15 कमरे जिनमें 5 सुइटस एवं 10 अतिरिक्त बड़े कुल 40 बेड क्षमता वाले कमरे, पुराने एवं नवीन भवनों के बीच बफर ओपन स्पेस (इनमें सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों की सुविधा), 300 व्यक्तियों के लिये डाइनिंग रेस्टोरेंट, बिजनेस सेंटर (प्रेस लॉन्ज, ट्रैवल डेस्क, मनी चेंजर, निजी लॉउन्ज एवं टी लॉउन्ज), मॉडर्न बिल्डिंग मैनेजमेंट, फायर फाइटिंग सिस्टम और ऑडियो-वीडियो युक्त आधुनिक तकनीक एवं एकॉस्टिक इंटीरियर्स के साथ ही 2000 व्यक्तियों की क्षमता का बैंक्वेट हॉल भी बनेगा। इसमें 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी होगी। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर दोनों परिसरों को एक कॉरीडोर से जोड़ा जाएगा। वर्ष 2026 में बनकर तैयार होने वाला यह सेंटर निश्चित ही भोपाल के लिए यह अनूठी सौगात होगा। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल कृष्ण सूर्यवंशी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। प्रमुख सचिव पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। पर्यटन निगम के … Read more

मुख्यमंत्री यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लाड़ली बहना योजना की मार्च 2025 किस्त जारी करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में लाड़ली बहना योजना की मार्च 2025 किस्त जारी करेंगे। सीएम सिंगल क्लिक के जरिए लाड़ली बहनों के खाते में 1.27 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में लगभग 1552.73 करोड़ रुपये की राशि भेजेंगे। इसके साथ ही वे मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्य कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा, सुरक्षा, वीरता एवं साहसिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिला, बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय पुरस्कार का वितरण करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्यमंत्री राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। उल्लेखनीय है कि महिला, बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023), राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाजसेवा पुरस्कार (2023-24), रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024) और विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाजसेवा सम्मान पुरस्कार (2024) शामिल हैं। नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ     मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजिटल ई-न्यूज लेटर ‘आजीविका अनुभूति’ का विमोचन किया जाएगा।     सीहोर जिले के समूह सदस्यों को आवागमन के लिए 200 ई-साइकिल का वितरण।     छह प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं धार में जैविक हाट का शुभारंभ।     वित्तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवतियों के लिए पांच प्रशिक्षण बैच।     आरसेटी के माध्यम से बालाघाट, डिंडोरी, अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्प के प्रोत्साहन के लिए कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ।     डीडीयूजीकेवाइ अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।     ‘पढ़ेंगे हम, बढ़ेंगे हम’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     भोपाल जिले के दो स्व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रुपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्वरूप दी जाएगी।   recent visitors 59

मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन्य जीव पर्यटन के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला राज्य है। प्रदेश का चम्बल अंचल और निकटवर्ती क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। इस अंचल में जहां एशिया का प्रथम चीता प्रोजेक्ट लागू कर चीतों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है और अब चीतों की दूसरी पीढ़ी ने भी जन्म ले लिया है। घड़ियाल प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और अब माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित होने से यह क्षेत्र पर्यटकों के और अधिक आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में टी.वी. चैनल्स प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि माधव टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। वर्ष 1956 में स्थापित माधव नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व होगा, जो प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देगा। दो वर्ष पूर्व माधव राष्ट्रीय उद्यान में दो मादा और एक नर बाघ छोड़े गए थे। मादा बाघ ने दो शावकों को जन्म दिया है अब 2 बाघ और भी छोड़े जाएंगे, जिससे यहां 7 बाघ हो जाएंगे और प्राकृतिक ब्रीडिंग से बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। शिवपुरी शहर के पास होने से पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से आदर्श होगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता और माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ होने से पर्यटको को दो बड़े वन्य जीव देखने का अवसर प्राप्त होगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ के साथ ही तेंदुआ, भेड़िया, सियार, साही, अजगर, चिंकारा आदि वन्य प्राणी भी पाए जाते हैं। तीन माह में दूसरा टाइगर रिजर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन माह में प्रदेश में दूसरे टाइगर रिजर्व का प्रारंभ होना पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से रातापानी अभयारण्य 8वां टाइगर रिजर्व था। वर्ष 2025 शुरूआत से वन्य जीवन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और अनुकूल सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ मनुष्यों के सह-जीवन का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। वर्तमान में जितने भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां पर्यटन विभाग के होटलों सहित वाहनों की शत-प्रतिशत बुकिंग की स्थिति रहती है। प्रदेश में पर्यटक संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी।   recent visitors 32