प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करने के लिए अप्रैल से एक योजना लेकर आएगी: मुख्यमंत्री लालदुहोमा

आइजोल मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 15,198.76 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें किसानों एवं छोटे उद्यमियों के लिए संचालित ‘बाना कैह’ योजना का वित्तीय आवंटन 75 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में अगले वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार लाभार्थियों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करने के लिए अप्रैल से एक योजना लेकर आएगी। बजट में नया कर लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है। यह बजट 15,198.76 करोड़ रुपये का है, जो पिछले वर्ष के 14,412.12 करोड़ रुपये से 5.4 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्रालय का भी प्रभार रखने वाले लालदुहोमा ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए 3,512.33 करोड़ रुपये के अनुदान की अनुपूरक मांगें भी पेश कीं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘बाना कैह’ योजना के लिए बजट में 350 करोड़ रुपये आवंटित किए जा रहे हैं, जो चालू वित्त वर्ष में निर्धारित 200 करोड़ रुपये से 75 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल सितंबर में शुरू की गई बाना कैह योजना का उद्देश्य उद्यमियों और किसानों की आर्थिक वृद्धि और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार कार्यक्रमों के जरिए वित्तीय सहायता और समर्थन देना है। इस योजना में राज्य सरकार ने प्रमुख फसलों- अदरक, हल्दी, मिजो मिर्च और झाड़ू के लिए समर्थन मूल्य पेश किए। लालदुहोमा ने कहा कि उनकी सरकार अगले वित्त वर्ष में किसानों से चार कृषि फसलों की खरीद जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अप्रैल से एक योजना शुरू करेगी जिसमें लाभार्थियों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। लालदुहोमा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व प्राप्ति और पूंजीगत प्राप्ति के तहत अनुमानित कुल राशि 15,198.76 करोड़ रुपए है। इसके साथ राजस्व व्यय 12,540.20 रुपए रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने मिजोरम की विकास यात्रा को 'विकसित भारत' पहल के साथ जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि पेंशन लाभ समय पर वितरित किए जाएं, बिजली खरीद के बकाए का निपटान किया जाए, और मिजोरम स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य बिलों का 80 प्रतिशत निपटान किया जाए। क्षेत्रवार बजट आवंटन सामान्य सेवाएं: 14.95% की वृद्धि आर्थिक सेवाएं: 7.27% की वृद्धि पूंजीगत व्यय: 8.29% की वृद्धि सामाजिक सेवाएं: 4.4% की गिरावट मुख्य घोषणाएं और व्यय योजनाएं – कराधान आधुनिकीकरण: कर संग्रह बढ़ाने के लिए कराधान विभाग को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति द्वारा सुदृढ़ किया जाएगा। – खाद्य सब्सिडी का अनुकूलन: खर्चों को सुव्यवस्थित करने के लिए राशन चावल की खरीद में ₹20 करोड़ की कमी की जाएगी। – रेशम उद्योग को बढ़ावा: रेशम की कीमतों में प्रति किलोग्राम 16% की वृद्धि की जाएगी। – स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: मिजोरम राज्य स्वास्थ्य योजना (एमएसएमएस ) के लिए ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹50 करोड़ की राशि आवंटित की जाएगी, ताकि अस्पतालों के बिलों का समय पर भुगतान और सुविधाओं का उन्नयन सुनिश्चित किया जा सके। 2025-26 के लिए मुख्य आवंटन – 350 करोड़ रुपये को हैंड-होल्डिंग योजनाओं के लिए आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 200 करोड़ से 75% अधिक है। – 500 करोड़ रुपये बिजली खरीद के लिए, पिछले वर्ष की तुलना में ₹50 करोड़ की वृद्धि, साथ ही 20 करोड़ रुपये बिजली ढांचे के विकास के लिए। – 100 करोड़ रुपये सड़क निर्माण और सुधार के लिए आवंटित किए गए हैं। – 55 करोड़ रुपए सड़क निधि बोर्ड के लिए, साथ ही सड़क रखरखाव सेस से ₹15 करोड़ अतिरिक्त। – 5 करोड़ रुपए अंतिम संस्कार खर्च के लिए निर्धारित किए गए हैं। – विधायक निधि अपरिवर्तित रखी गई है। यह बजट मिजोरम सरकार की वित्तीय विवेकशीलता, अवसंरचनात्मक विकास और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता को उजागर करता है, साथ ही ऋण कम करने और राजस्व संग्रह पर भी ध्यान केंद्रित करता है। recent visitors 54

श्रीनगर : 25 जून से शुरू हो जाएगी अमरनाथ यात्रा, 9 अगस्त तक होगी यात्रा अवधि….

श्रीनगर  इस साल अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। श्री अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए तारीख सामने आ गई है। श्रद्धालुओं के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई शुरू होगी और 9 अगस्त तक चलेगी। 39 दिनों तक चलने वाली यात्रा के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। श्री अमरनाथ यात्रा का शेड्यूल जारी हो गया। इसे लेकर श्रद्धालु 3 जुलाई से 9 अगस्त तक बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। अमरनाथ यात्रा 39 दिनों तक चलेगी। जानकारी के मुताबिक श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (Shri Amarnath Ji Shrine Board) जल्द ही एडवांस पंजीकरण के लिए अधिकृत किए जाने वाले बैंकों की शाखाओं की विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवाएगा। चूंकि पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जरूरी है। इसलिए देश भर के राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनने वाले अस्पतालों व डॉक्टरों की टीमों की सूची जारी की जाएगी। आम तौर पर पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक और जम्मू कश्मीर बैंकों की करीब साढ़े पांच सौ शाखाओं से पंजीकरण करने की व्यवस्था होती है। बोर्ड जल्द ही ग्रुप पंजीकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगा। साथ ही ऑनलाइन पंजीकरण को भी खोला जाएगा। कितनी ऊंचाई पर हैं अमरनाथ गुफा? यात्रा स्कंद षष्ठी के शुभ अवसर पर शुरू होती है और श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर समाप्त होती है। वर्ष के इस समय के दौरान, तीर्थयात्रियों के लिए मौसम काफी सुखद रहता है। यह क्षेत्र वर्ष के बाकी समय बर्फ से ढका रहता है, इसलिए उन महीनों के दौरान यहां नहीं जाया जा सकता है। अमरनाथ की यात्रा श्रीनगर और पहलगाम से शुरू होती है और अमरनाथ गुफा तक जाती है जो 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इन मार्गों से होती है अमरनाथ यात्रा 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा दो रास्तों से होती है। एक एास्ता अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग का है जबकि दूसरा रास्ता गांदेरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबा बालटाल से होते हुए है। श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर और समुद्र तल से 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ यात्रा करने के लिए हर साल लाखों की तादाद में भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचते हैं। अमरनाथ यात्रा के लिए कहां से करें रजिस्ट्रेशनबाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। ऐसे में भक्त श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट https://jksasb.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा अमरनाथ श्राइन बोर्ड की मोबाइल एप्लिकेशन से भी अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। यात्रा का मार्ग      मंद‍िर तक पहुंचने वाले मार्ग पर बेहद ही कठ‍िनाई होती है। लिहाजा इसल‍िए अमरनाथ यात्रा मार्ग को जुलाई-अगस्त के आसपास श्रावण के महीने में ही जनता के लिए खोला जाता है। सड़क के रास्ते अमरनाथ पहुंचने के लिए पहले जम्मू तक जाना होगा फिर जम्मू से श्रीनगर तक का सफर करना होता है। श्रीनगर से तीर्थयात्री पहलगाम या बालटाल पहुँचते हैं। पहलगाम या बालटाल तक आप किसी भी वाहन से पहुंच सकते हैं लेकिन इससे आगे का सफर आपको पैदल ही करना होता है। क्योंकि पहलगाम और बालटाल से ही श्री अमरनाथ यात्रा की शुरुआत होती है और पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए यहाँ से दो रास्ते निकलते हैं। पहलगाम से अमरनाथ की पवित्र गुफा की दूरी जहाँ करीब 48 किलोमीटर है वहीं बालटाल से गुफा की दूरी 14 किलोमीटर है। यहाँ से तीर्थयात्रियों को पैदल मार्ग से ही गुफा तक यात्रा करनी होती है।   चूँकि बालटाल से अमरनाथ गुफा तक की दूरी कम है और यह छोटा रूट है लिहाजा तीर्थयात्री कम समय में गुफा तक पहुंच सकते हैं। लेकिन यह रास्ता काफी कठिन और सीधी चढ़ाई वाला है इसलिए इस रूट से ज्यादा बुजुर्ग और बीमार नहीं जाते हैं। जबकि बात करें पहलगाम रूट की तो यह अमरनाथ यात्रा का सबसे पुराना और ऐतिहासिक रूट है। इस रूट से गुफा तक पहुंचने में करीब 3 दिन लगते हैं। लेकिन यह ज्यादा कठिन नहीं है। पहलगाम से पहला पड़ाव चंदनवाड़ी का आता है जो पहलगाम बेस कैंप से करीब 16 किलोमीटर दूर है यहां तक रास्ता लगभग सपाट होता है इसके बाद चढ़ाई शुरू होती है। इससे अगला स्टॉप 3 किलोमीटर आगे पिस्सू टॉप है। तीसरा पड़ाव शेषनाग है जो पिस्सू टॉप से करीब 9 किलोमीटर दूर है। शेषनाग के बाद अगला पड़ाव पंचतरणी का आता है जो शेषनाग से 14 किलोमीटर दूर है। पंचतरणी से पवित्र गुफा केवल 6 किलोमीटर दूर रह जाती है। पिछले साल 29 जून से शुरू हुई थी यात्रा पिछले साल अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था 29 जून को रवाना हुआ था. यह यात्रा रक्षाबंधन के दिन यानी 19 अगस्त तक चली थी. पिछले साल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा विंग ने जम्मू में अमरनाथ बेस कैंप के आसपास के इलाके में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए थे. recent visitors 47

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा

माधव नेशनल पार्क होगा प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन्यजीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा चंबल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल कर चुके मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नए टाइगर रिजर्व पार्क की सौगात मिलने जा रही है। शिवपुरी जिले का माधव नेशनल पार्क प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र होगा, जो चंबल क्षेत्र में वन्य जीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाघों का एक जोड़ा माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। चंबल रेंज में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। एशिया में पहली बार चीते भी चंबल के कूनो नेशनल पार्क में दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल एवं डॉल्फिन प्रोजेक्ट पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि देश में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश में हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मध्यप्रदेश आते हैं। बाघ संरक्षित क्षेत्र में जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए सभी नेशनल पार्कों में सीजन भर पर्यटकों का आवागमन रहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बाघों की संख्या और उनके संरक्षण से प्राप्त उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी।   recent visitors 57

वो हमपर टैक्स लगाएंगे, तो हम भी लगाएंगे… ट्रंप ने भारत को अधिक टैरिफ पर दी चेतावनी

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे हैं. ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले संयुक्त सत्र में कई बड़े मसलों पर बात की. उन्होंने फ्री स्पीच पर जोर दिया और टैरिफ के फैसले का खुलकर बचाव किया. उन्होंने भारत का भी जिक्र किया और कहा, चीन, कनाडा, मेक्सिको और भारत हम पर बहुत ज्यादा टैक्स लगाते हैं. ट्रंप का कहना था कि भारत जो टैक्स लगाता है, वो उचित नहीं है. ट्रंप ने भाषण में दो बार भारत का नाम लिया. उन्होंने ऐलान किया कि 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैक्स लगाया जाएगा. अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा, मेक्सिको, भारत, ब्राजील और दक्षिण कोरिया बहुत ज्यादा टैरिफ लगाते हैं. ये अच्छी बात नहीं है. जो भी देश हम पर टैरिफ चार्ज लगाएंगे, हम भी उन पर चार्ज लागू करेंगे. हम दो अप्रैल से कनाडा, मेक्सिको, चीन और भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाएंगे. टैरिफ से अमेरिका को फिर से अमीर बनाना है. ट्रंप ने कहा, हमारा प्रशासन अमेरिका की जरूरत के अनुसार बदलाव लाने के लिए प्रयास कर रहा है. यह बड़े सपने देखने और साहसिक कार्रवाई का समय है. हमने सभी पर्यावरणीय प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है जो हमारे देश को कम सुरक्षित और पूरी तरह से अप्रभावी बना रहे थे. ट्रंप ने कहा, हमने 43 दिन में जो किया है, वो कई सरकारें अपने 4 या 8 साल के कार्यकाल में भी नहीं कर पाई हैं. ट्रंप ने जो बाइडेन पर भी तंज कसा और उन्हें इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति बताया. भारत और चीन के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 2 अप्रैल को भारत और चीन समेत अन्य देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा. उन्होंने कहा, वे हम पर जो भी टैरिफ लगाएंगे, हम उन पर टैरिफ लगाएंगे. अन्य देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है और अब हमारी बारी है कि हम उन अन्य देशों के खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल करना शुरू करें. यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अनगिनत अन्य देश हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलते हैं. यह बहुत अनुचित है. भारत हमसे 100 प्रतिशत टैरिफ वसूलता है. यह सिस्टम अमेरिका के लिए उचित नहीं है. यह कभी नहीं था. उन्होंने कहा, 2 अप्रैल से पारस्परिक टैरिफ लागू हो जाएंगे. यदि वे हमें अपने बाजार से बाहर रखने के लिए नॉन मोनेटरी टैरिफ लगाते हैं, तो हम उन्हें अपने बाजार से बाहर रखने के लिए नॉन मोनेटरी टैरिफ लागू करेंगे. ट्रंप के संबोधन की बड़ी बातें यहां पढ़ें:- – अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं. इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं इसलिए इसे रोकना होगा. – ट्रंप ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी सरकार पनामा नहर पर दोबारा कब्जा करेगी और हमने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि हम ग्रीनलैंड के लोगों के अधिकार का सम्मान करते हैं कि उन्हें अपने भविष्य का सम्मान करने का हक है. लेकिन हम चाहते हैं कि ग्रीनलैंड हमारा हिस्सा बने. हम आपको समृद्ध बनाएंगे इसलिए आप हमसे हाथ मिला लें वरना हम किसी न किसी तरीके से ऐसा कर ही लेंगे. लेकिन यकीन दिलाते हैं कि हम आपको सुरक्षित रखेंगे. – संसद को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि हम जल्द ही एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन करेंगे, जिसके बाद पुलिस अधिकारी किसी हत्या करने पर मौत की सजा का प्रावधान होगा. – ट्रंप ने कहा कि टैरिफ की रकम से अमेरिका फिर से समृद्ध होगा. इससे अमेरिका दोबारा ग्रेट और अमीर बनेगा और यह हो रहा है. – राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अब अवैध प्रवासियों से छुटकारा चाहिए. हमारे देश के कुछ कब्जों में इन अवैध प्रवासियों का कब्जा है. हमें इनसे छुटकारा चाहिए और हम इन्हें देश से बाहर निकालकर रहेंगे. – ट्रंप ने कहा कि यह समय बड़े सपनों और बोल्ड फैसलों का है. लेकिन अब हमारा मकसद अमेरिका को फिर से अफोर्डेबल बनाना है. अब हमारा देश Woke नहीं रहेगा. – अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा, मेक्सिको, भारत और दक्षिण कोरिया बहुत टैरिफ लगाते हैं. हम दो अप्रैल से कनाडा, मेक्सिको, चीन और भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाएंगे. जो हम पर टैक्स लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे. – डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमसे उगाहे गए पैसों को वसूल कर देश की महंगाई को काबू में करेंगे. मैं अभी तक बाइडेन की असफल नीतियों को दुरुस्त करने में लगा हुआ है. – अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन के बीच डेमोक्रेट सांसद Al Green को संसद से बाहर का रास्ता दिखाया गया. उन्हें राष्ट्रपति के संबोधन में व्यवधान डालने के लिए बाहर किया गया. – ट्रंप ने कहा कि अब सिर्फ दो ही जेंडर होंगे महिला और पुरुष. मैंने पुरुषों के महिला खेल खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया है. – अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संबोधन में फ्री स्पीच की भी बात की. ट्रंप ने कहा कि मैंने कुछ दिन पहले अंग्रेजी भाषा को एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाया. गल्फ ऑफ मेक्सिको को गल्फ ऑफ अमेरिका किया. – अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने फैसला किया है कि हर एक नया फैसला लेने पर पुराने 100 फैसलों को रद्द किया जाएगा. – ट्रंप ने कहा कि यह बड़े सपनों और बोल्ड एक्शन का समय है. DOGE इसमें बेहतरीन काम कर रहा है. हमने बेहूदा नीतियों को खत्म कर दिया है. भ्रष्ट हेल्थ पॉलिसी को भी खत्म कर दिया है. बाइडेन सरकार की उन नीतियों को तुरंत प्रभाव से खत्म किया है, जिससे देश को फायदा नहीं हो रहा था. – ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मोमेंटम वापस आ गया है. हमारी रूह वापस आ गई है. हमारा गौरव वापस आ गया है. हमारा विश्वास लौट आया है और अब अमेरिकी लोग अपने सपने पूरे कर पाएंगे. – ट्रंप ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमने सिर्फ 43 दिनों में वह कर दिखाया है, जो पिछली सरकारों ने चार साल में भी नहीं किया. – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि America is Back. – … Read more

कुवैत: रमजान के दौरान सार्वजनिक स्थान पर खाने-पीने पर होगी जेल, सरकार ने जारी किया आदेश

 कुवैत इस्लाम का पवित्र महीना रमजान शुरू हो चुका है. इस पूरे महीने मुसलमान रोजा रखते हैं जिसमें सूरज उगने से पहले और डूबने के बाद ही कुछ खाया-पीया जाता है. उपवास यानी रोजा को लेकर मुस्लिम देशों में अलग-अलग नियम हैं. इसी बीच कुवैत ने एक ऐसा नियम बनाया है जिसे तोड़ने पर जेल की सजा भी हो सकती है. कुवैत के नए नियम के मुताबिक, अगर किसी ने उपवास के घंटों में सार्वजनिक जगह पर खाना-पीना किया तो उस पर 100 दिनार (28,230 रुपये) का जुर्माना लगाया जाएगा और जेल भी हो सकती है. गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नए नियम में सार्वजनिक जगहों पर खाने-पीने से मना किया गया है. उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ-साथ अधिकतम एक महीने की जेल भी हो सकती है. कब माना जाएगा रोजे का उल्लंघन? अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर सार्वजनिक स्थान पर खाता है, पानी पीता है या धूम्रपान करता है और अपने किए की कोई वाजिब वजह नहीं बता पाता तो इसे रोजा नियम का उल्लंघन माना जाएगा. वाजिब वजहों में बीमार होना या लंबी यात्रा करना शामिल है. कुवैती अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि जो लोग रोजा नहीं रख रहे, वो सार्वजनिक स्थानों के बजाए प्राइवेट में खाना-पीना करें. कुवैत का यह नियम वहां की कंपनियों और अन्य व्यवसायों पर भी लागू होता है. अगर कोई कंपनी या प्रतिष्ठान सार्वजनिक रूप से खाने-पीने की अनुमति देता है तो सजा के तौर पर कम से कम उसे दो महीने तक बंद कर दिया जाएगा. कुवैत की नगर पालिका ने दुकान और रेस्टोरेंट के खुले रहने के घंटों पर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत सूर्यास्त से दो घंटे पहले इफ्तार की तैयारियों के लिए वो खुले रह सकते हैं. किन मुसलमानों को रोजा न रखने की होती है छूट? रोजा रखना सभी मुसलमानों के लिए जरूरी होता है. लेकिन छोटे बच्चों को रोजा न रखने की छूट होती है. तरुणावस्था में प्रवेश करने के बाद उनका रोजा रखना भी जरूरी होता है. बच्चों के अलावा बीमार लोगों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं और यात्रा कर रहे लोगों को रोजा न रखने की छूट होती है. रोजा के नियम -यौवनावस्था में पहुंच चुके सभी स्वस्थ मुसलमानों को रमजान के महीने में उपवास करना चाहिए. -अगर कोई बीमार है तो ठीक होते ही उसे अगले दिन रोजा रखना चाहिए. -जो लोग किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और रोजा नहीं रख सकते, उन्हें फिदया अदा करना चाहिए. इसका मतलब है कि रोजा छूटने के बाद रमजान में हर दिन जरूरतमंदों को खाना खिलाना चाहिए. -रमजान के महीने में यात्रा करने से बचना चाहिए, जब तक कि बहुत जरूरी न हो. लेकिन अगर यह जरूरी हो, तो यात्रा के बाद फिर से रोजा शुरू करना चाहिए. -रोजा के वक्त सहरी और इफ्तार के सही वक्त का ध्यान रखना चाहिए और तय समय पर ही खाना चाहिए. सूरज उगने से पहले किए जाने वाले भोजन को सहरी कहते हैं और सूरज डूबने के बाद खाना खाकर रोजा तोड़ने को इफ्तार कहते हैं. -उपवास के दौरान भोजन, पानी, धूम्रपान से बचना चाहिए. इस दौरान यौन संबंधों से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है. -रोजे में झूठ बोलना, लड़ना, गाली देना और बहस करने की मनाही होती है.   recent visitors 58

केदारनाथ में रोप-वे, 36 मिनट में होगी 9 घंटे की यात्रा मोदी कैबिनेट का हेमकुंड साहिब, 3 बड़े फैसले

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज यानी बुधवार (5 मार्च 2025) को उत्तराखंड को बड़ा तोहफा मिला है. केंद्र की मोदी सरकार ने उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के लिए रोप वे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. सोनप्रयाग से केदारनाथ तक  12.9  किलोमीटर का रोपवे होगा, जिसमें 4081 करोड़ रुपया खर्च होगा. नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इसे बनाएगा. इसके बनने से 8 से 9 घंटे की यात्रा सिर्फ 36 मिनट पूरी हो जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) तक 12.9 किमी रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है. परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और स्थानांतरण (डीबीएफओटी) मोड पर 4,081.28 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत पर विकसित किया जाएगा. यह सबसे एडवांस्ड ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3एस) तकनीक पर आधारित होगा. इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति दिशा (पीपीएचपीडी) होगी, जो प्रति दिन 18,000 यात्रियों को ले जाएगी. रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगी क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और एक दिशा में यात्रा का समय लगभग 8 से 9 घंटे से घटाकर लगभग 36 मिनट कर देगी. सिर्फ 36 मिनट की हो जाएगी यात्रा यह सबसे एडवांस्ड ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3एस) तकनीक पर आधारित होगा. इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति दिशा (पीपीएचपीडी) होगी, जो प्रति दिन 18,000 यात्रियों को ले जाएगी. रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगी क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और एक दिशा में यात्रा का समय लगभग 8 से 9 घंटे से घटाकर लगभग 36 मिनट कर देगी. केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में इसे पैदल या टट्टू, पालकी और हेलिकॉप्टर द्वारा तय किया जाता है. प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है. गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक 12.4 किमी रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी कैबिनेट की बैठक में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक 12.4 किलोमीटर रोपवे प्रोजेक्ट के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है. इस परियोजना की कुल लागत 2,730.13 करोड़ रुपये होगी. वर्तमान में हेमकुंड साहिब जी की यात्रा गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है. यह रोपवे प्रोजेक्ट गोविंदघाट और हेमकुंड साहिब जी के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. इसका डिजाइन इस तरीके से तैयार किया जाएगा जिससे इसकी क्षमता प्रति घंटे प्रति दिशा 1,100 यात्री (पीपीएचपीडी) होगी और यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगा. हेमकुंड साहिब जी उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक तीर्थ स्थल है. इस पवित्र स्थल पर स्थापित गुरुद्वारा मई से सितंबर के बीच साल में लगभग 5 महीने के लिए खुला रहता है और हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं. पशुओं के स्वास्थ्य और बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़ा फैसला केंद्र सरकार ने आज पशुओं के स्वास्थ्य और बीमारियों की रोकथाम के लिए 3,880 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है. यह कैबिनेट का तीसरा बड़ा फैसला है, जो पशुपालकों और किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा. पशुओं में होने वाली दो बड़ी बीमारियां हैं, खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) और ब्रुसेलोसिस. सभी पशुओं का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स की मदद से किसानों को घर-घर पशु स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए 'भारत पशुधन पोर्टल' लॉन्च किया जाएगा, जिससे टीकाकरण और अन्य सेवाओं पर नजर रखी जा सकेगी. PM-किसान समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों के माध्यम से जेनरिक दवाएं किसानों तक पहुंचेंगी. पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एथनो-वेटरनरी मेडिसिन्स को भी प्रोत्साहित किया जाएगा. सरकार के अनुसार, टीकाकरण कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं. करीब 9 राज्य FMD-मुक्त होने की कगार पर हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा. केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में इसे पैदल या टट्टू, पालकी और हेलिकॉप्टर द्वारा तय किया जाता है. प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है. केंद्र सरकार के इस कदम से चारधाम यात्रा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा. इससे पूरे छह महीने तीर्थयात्रियों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे शुरुआती दो महीनों में संसाधनों पर अत्यधिक दबाव कम होगा. इतना ही नहीं यात्रा सीजन में रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी. केदारनाथ रोपवे परियोजना उत्तराखंड रोपवे अधिनियम, 2014 के तहत संचालित होगी, जो लाइसेंसिंग, संचालन की निगरानी, सुरक्षा और किराया निर्धारण का कानूनी ढांचा प्रदान करता है. वहीं दूसरा प्रोजेक्ट हेमकुंड साहिब में रोप वे प्रोजेक्ट बनने का है, जिसके लिए 2730 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट से हेमकुंड साहिब और वैली ऑफ फ्लावर तक की यात्रा की जा सकेगी. recent visitors 58

भोपाल में एक करोड़ की ठगी करने वाले कॉल सेंटर मामले में, थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी के कॉल सेंटर मामले में लापरवाही और साठगांठ के आरोप में ऐशबाग थाना प्रभारी (TI) जितेंद्र गढ़वाल समेत 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने सबूतों के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की. इस मामले में पहले से ही एक ASI पवन रघुवंशी लाइन अटैच था. दरअसल, शहर के प्रभात चौराहे के पास संचालित कॉल सेंटर का सरगना अफजल खान  लोगों को मुनाफे का झांसा देकर निवेश करवाता था. शिकायत मिलने पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर पर छापा मारा. छापेमारी में 100 कंप्यूटर, कई मोबाइल और 29 सिम जब्त किए गए. अफजल खान और उसकी बेटी साहिबा खान के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया. जांच में कॉल सेंटर कर्मचारियों के करीब 50 बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई. साठगांठ के सबूत जांच में पता चला कि ऐशबाग टीआई जितेंद्र गढ़वाल और कुछ पुलिसकर्मी कॉल सेंटर संचालकों के साथ मिले हुए थे. पुलिस कमिश्नर को सबूत मिलने के बाद गढ़वाल और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया. यह कार्रवाई साइबर ठगी की जांच में लापरवाही और संलिप्तता के गंभीर आरोपों के बाद की गई. ASI पवन रघुवंशी पहले ही इस मामले में लाइन अटैच हो चुका था. पुलिस कमिश्नर का सख्त रुख पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह सस्पेंशन पुलिस महकमे में साफ-सफाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. जांच अभी जारी है, और कॉल सेंटर के अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है. जनता में चर्चा यह घटना भोपाल में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रही है. लोगों का कहना है कि अगर पुलिसकर्मी ही ठगों के साथ मिल जाएंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे होगी. इस कार्रवाई से पुलिस की साख को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है.   recent visitors 53