मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को “स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र” बनाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीआईएस-भोपाल में देश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न पर काम करते हुए मध्यप्रदेश भी तेजी के साथ एक मजबूत स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश सरकार नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए युवा उद्यमियों की आकांक्षाओं के अनुकूल स्टार्ट-अप कल्चर को विकसित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति अपना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को "स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र" बनाना है, जहां युवा उद्यमियों के आइडियाज को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए अनुकूल माहौल और पूरा सहयोग मिले। जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ सेशन नें प्रदेश के स्टार्ट-अप्स इकोसिस्टम को पंख दे कर ग्लोबल बना दिया है। आधुनिक तकनीक के इस युग में देश के स्टार्ट-अप जगत में मध्यप्रदेश बहुत तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज चुका है। जीआईएस-भोपाल में 20 से अधिक यूनिकॉर्न के संस्थापकों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। स्टार्ट-अप पर फोकस्ड सेशन ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ में शामिल होने के लिए कुल 180 स्टार्ट-अप्स ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 25 हाईली पोटेंशियल स्टार्ट-अप्स ने प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के विश्लेषण के बाद उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और निवेश के अवसर भी मिले। इस सेशन में कुल 47 स्टार्ट-अप शामिल हुए थे। इनमें से 19 स्टार्ट-अप्स को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट प्राप्त हुए। आईआईसीई ने 4 स्टार्ट-अप्स में रुचि दिखाई, एसजीएसआईटीएस ने 3 स्टार्ट-अप्स में, सिल्वर नीडल वेंचर्स ने 3 स्टार्ट-अप्स में, आईटीआई ग्रोथ ने 3 स्टार्ट-अप्स में, ईज़ीसीड ने 7 स्टार्ट-अप्स में, सीफंड ने 3 स्टार्ट-अप्स में, वेंचर कैटालिस्ट्स ने 10 स्टार्ट-अप्स में, वीएएसपीएल इनिशिएटिव्स ने 4 स्टार्ट-अप्स में, एआईस-आरएनटीयू ने 5 स्टार्ट-अप्स में तथा इक्वैनिमिटी इन्वेस्टमेंट्स ने 5 स्टार्ट-अप्स में निवेश की अभिरुचि प्रदर्शित की। स्टार्ट-अप्स को मिल रही है वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिये महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति के उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 18 फीसदी, अधिकतम 18 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल रही है। अन्य स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 15 प्रतिशत सहायता, अधिकतम 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके साथ इन्क्यूबेटर विस्तार के लिए 5 लाख रुपये का एक मुश्त अनुदान, स्टार्ट-अप्स के ऑफिस किराए में 50 फीसदी राशि की वापसी (तीन वर्षों तक प्रतिमाह 5,000 रुपये) की भी व्यवस्था की गई है। नीति में पेटेंट कराने पर 5 लाख रुपये तक की सहायता और पेटेंट फाइल करने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता का भी प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को विशेष प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में इस समय 4,900 से अधिक स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से करीब 44 प्रतिशत स्टार्ट-अप्स महिलाओं द्वारा संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य 'स्टार्ट-अप इंडिया' के तहत पंजीकृत स्टार्ट-अप्स की संख्या को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को 200 प्रतिशत तक बढ़ावा देना है। इसके लिए प्रदेश में 72 इनक्यूबेटर कार्यरत हैं और उत्पाद-आधारित स्टार्ट-अप्स को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार की स्टार्ट-अप नीति और क्रियान्वयन योजना के अंतर्गत स्टार्ट-अप्स को वित्तीय मदद, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सहायता और नीतिगत मदद मुहैया कराई जा रही है। नई स्टार्ट-अप नीति के तहत वित्तीय अनुदान के पात्र स्टार्ट-अप्स को कुल निवेश का 18 फीसदी (अधिकतम 18 लाख रुपये) का अनुदान दिया जा रहा है। नई नीति में वित्तीय प्रोत्साहन, अधोसंरचना सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल हैं।   recent visitors 50

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे की शादी कल जोधपुर में होगी

भोपाल बेटे की शादी की तैयारी का जायजा लेने और कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे किसान मेले के समापन समारोह में शिरकत करने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को जोधपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री चौहान के बेटे कार्तिकेय की शादी अमानत से हो रही है। अमानत प्रसिद्ध शूज निर्माता कंपनी लिबर्टी के अनुपम बंसल की बेटी है। शादी की सभी तैयारियां शुरू हो चुकी है। 6 मार्च को उम्मेद भवन पैलेस में कार्तिकेय और अमानत सात फेरे लेंगे। शिवराज ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। शादी में मेहमानों को राजस्थानी जायके का स्वाद मिलेगा। मेन्यू में मारवाड़ी केर सांगरी की सब्जी, गुलाब जामुन की सब्जी और जोधपुर का फेमस मिर्ची बड़ा खास तौर पर शामिल किया गया है। उम्मेद भवन पैलेस में 6 मार्च को कार्तिकेय और अमानत बंसल सात फेरे लेंगे। कार्तिकेय शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं, जबकि अमानत प्रसिद्ध शूज निर्माता कंपनी लिबर्टी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुपम बंसल की बेटी हैं। मेहमानों के ठहरने के लिए पैलेस सहित जोधपुर के चार होटल बुक किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 66वां जन्मदिन है। उन्होंने इस मौके पर उम्मेद पैलेस में पौधारोपण किया। कार्तिकेय और अमानत की 6 मार्च को शादी है। उम्मेद पैलेस में आज मेहंदी की रस्म होगी। रात को संगीत का प्रोग्राम होगा। मंत्री अपनी पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय (दूल्हा), छोटे बेटे कुणाल, छोटी बहू रिद्धि और कुछ रिश्तेदारों के साथ मंगलवार को ही जोधपुर पहुंच गए थे। आज भी मेहमानों का आना जारी रहेगा। दोपहर में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर आएंगे। एयरपोर्ट पर आई जोधपुरी लस्सी एयरपोर्ट पर सभी मेहमानों का स्वागत कलाकारों ने स्वर लहरियों से किया गया। मेहमानों का एयरपोर्ट पर लस्सी और काजू कतली से मुंह मीठा करवाया गया। एयरपोर्ट पर सभी मेहमानों के लिए रेड कारपेट बिछाया गया। चार्टर विमान से आएंगे मेहमान कार्तिकेय और अमानत की शादी के कार्यक्रम जोधपुर में मंगलवार से शुरू हो गए। इसके लिए केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ जोधपुर पहुंचे। इनके अलावा अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला बुधवार सुबह से शुरू होगा। सूत्रों की मानें तो एयरपोर्ट पर करीब 12 चार्टर विमान उतरेंगे। शादी को लेकर क्या बोले पिता-पुत्र     शिवराज सिंह-"बेटियों को हमेशा बेटों से बढ़कर माना है। अब हमारे घर में भी बेटी आ रही है। उसके स्वागत में सभी लगे हुए हैं।"     दूल्हे कार्तिकेय-"सांस्कृतिक नगरी में नए जीवन की शुरुआत करने की खुशी है। शादी की तैयारियों का सारा जिम्मा परिवार ने संभाला है।" देर रात इंदौर पहुंची बारात का स्वागत केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े पुत्र कार्तिकेय की बारात देर रात इंदौर पहुंची। बसों से आई बारात का स्वागत करने बड़ी संख्या में भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंगलवार सुबह बारात इंदौर एयरपोर्ट से जोधपुर के लिए रवाना हो गई, जहां 6 मार्च को उम्मेद पैलेस में शादी का आयोजन होगा। मेहमानों को मिलेगा राजस्थानी जायका, जानें शादी में क्या होगा खास… मिर्ची बड़े के साथ-साथ जोधपुर की प्रसिद्ध मिठाइयां होंगी समारोह से जुड़े सूत्रों के अनुसार- केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान इस पूरे आयोजन को बहुत ही सादगीपूर्ण रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े वेंडर्स को भी इस बारे में बताया था। इस कारण शादी का खाना पूरी तरह शाकाहारी होगा। उसमें भी खासतौर पर राजस्थान के देसी पकवानों को शामिल किया गया है। हाई प्रोफाइल मेहमानों को मारवाड़ी व्यंजनों को परोसा जाएगा। जानकारों की मानें तो मेन्यू में केर सांगरी, गट्टे की सब्ज़ी, कचौरी और मिर्ची बड़े के साथ-साथ जोधपुर की प्रसिद्ध मिठाइयां होंगी। गुलाब जामुन, राजभोग व चक्की की सब्जी और चपाती के साथ बाजरे का सोगरा भी परोसा जाएगा। हल्दी सहित वर निकासी की रस्म संपन्न कार्तिकेय और अमानत की शादी के फंक्शन भोपाल में 2 मार्च से शुरू हो गए हैं। हल्दी की रस्म अदा की गई थी। 3 मार्च की शाम को वर निकासी के अवसर पर गणेश अंबिका पूजन संपन्न हुआ। एयरपोर्ट पर उतरेंगे एक दर्जन चार्टर विमान कार्तिकेय और अमानत की शादी के कार्यक्रम जोधपुर में आज से शुरू हो जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ आज जोधपुर आएंगे। इनके अलावा अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला बुधवार सुबह से शुरू होगा। सूत्रों की मानें तो इन दो दिनों में जोधपुर एयरपोर्ट पर ही करीब 12 चार्टर विमान भी उतरेंगे। देश की राजनीतिक हस्तियां होंगी शामिल विवाह समारोह में देशभर से करीब 300 से ज्यादा VVIP मेहमानों के जोधपुर आने की उम्मीद है। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, गजेंद्रसिंह शेखावत, जनरल वीके सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर सहित देश व प्रदेश के कई अन्य मंत्री भी शादी समारोह में शिरकत करेंगे। मेहमानों के रुकने के लिए पैलेस सहित चार होटल बुक रिश्तेदारों और अन्य VVIP के लिए उम्मेद भवन पैलेस में इंतजाम किया गया है। इसके अलावा होटल आईटीसी वेलकम, रेडिसन और अजीत भवन में भी बुकिंग की जा चुकी है। पिछले साल हुई थी सगाई अमानत बंसल ने लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी की पढ़ाई की है। दोनों की सगाई पिछले साल 17 अक्टूबर को दिल्ली में हुई थी। recent visitors 57

आत्मघाती हमले से दहला पाक आर्मी बेस, लाहौर में क्रिकेट मैच और पाकिस्तानी मिलिट्री कैंप पर आत्मघाती हमला, 21 की मौत

इस्लामाबाद पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के बीच मिलिट्री छावनी पर हुए भीषण हमले ने पाकिस्तानी सेना और शहबाज सरकार को हिलाकर रख दिया है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित बन्नू छावनी पर हुए इस हमले में कम के कम 21 लोग मारे गए हैं, जबकि लगभग 30 लोग घायल हुए हैं। वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने छह आतंकवादियों के मारे जाने का दावा किया है। खुरासान डायरी की रिपोर्ट के अनुसार, बन्नू छावनी पर तीन तरफ से हमला किया गया। मंगलवार की रात विस्फोटकों से भरे वाहनों के साथ दो आत्मघाती हमलावरों ने खुद को छावनी के मुख्य चेक पॉइंट पर उड़ा लिया, जबकि एक अन्य आत्मघाती हमलावर ने दूसरे गेट पर विस्फोट किया। इसके बाद अन्य हमलावरों ने धावा बोल दिया। आतंकियों ने ग्रेनेड और भारी गोलीबारी करते हुए अंतर घुसने की कोशिश की। इस दौरान तीन हमलावर मारे गए। गोलीबारी में सुरक्षाबल का एक अधिकारी भी घायल हो गया। खुरासान डायरी ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि 4 और सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं। अस्पताल ने की 12 मौतों की पुष्टि अस्पताल से मिली जानकारी से पता चलता है कि वहां 42 लोग लाए गए थे, जिनमें 11 को मृत घोषित कर दिया गया। एक व्यक्ति की बाद में मौत हो गई, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है। घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में इमरजेंसी की घोषणा करनी पड़ी। बन्नू अस्पताल के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एपी से बताया कि हमले में 12 लोग मारे गए और 30 घायल हो गए। उन्होंने बताया कि ये सभी नागरिक थे, जो एक ढही हुई इमारतों और दीवारों के नीचे दब गए थे। मलबे से निकाले गए 3 शव मलबे को साफ कर रहे एक बचावकर्मी के हवाले से खुरासान डायरी ने बताया कि विस्फोट के कारण ढह गई मस्जिद से 3 शव बरामद किए गए हैं। एक घायल को भी मलबे से निकाला गया है। हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। छावनी के आस-पास से भारी विस्फोट और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। recent visitors 52

प्रदेश की मोहन सरकार ने फिर लिया 6 हजार करोड़ का कर्ज, 15 दिनों में दूसरी बार बाजार से उठाया लोन

भोपाल  राज्य सरकार ने 15 दिनों के भीतर दूसरी बार 6000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इससे पहले 18 फरवरी को भी सरकार ने इसी राशि का ऋण लिया था। इस वित्तीय वर्ष में अब तक सरकार कुल 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। लगातार बढ़ रहा कर्ज राज्य सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। कर्ज सीमा के भीतर लेने का दावा वित्त विभाग ने बताया कि यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक बताया है। प्रदेश सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए कर्ज का उपयोग और भविष्य की योजना सरकार का कहना है कि यह ऋण बुनियादी ढांचे, बिजली क्षेत्र और कल्याणकारी योजनाओं में खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कर्ज की अदायगी की योजना भी बनाई जा रही है ताकि वित्तीय संतुलन बना रहे। मुफ्तखोरी की योजनाओं को पूरा करने में जा रहा कर्ज का एक बड़ा हिस्सा     वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार अगस्त 2024 से अमूमन हर माह नियमित रूप से बाजार से कर्ज उठा रही है।     वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कर्ज लिया जा रहा है।     यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तीन प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है।     आधा प्रतिशत और कर्ज बिजली सहित अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार के काम करने पर लिया जा सकता है।     राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। वित्तीय वर्ष 24-25 में लिया कर्ज वर्ष- कर्ज (राशि करोड़ में)     06 अगस्त 2024- 5,000     27 अगस्त 2024- 5,000     24 सितंबर 2024- 5,000     08 अक्टूबर 2024-5,000     26 नवंबर 2024 – 5,000     24 दिसंबर 2024 -5,000     31 दिसंबर 2024 – 5,000     18 फरवरी 2025 -6,0000     4 मार्च 2025- 6,000 कुल – 47 हजार करोड़ रुपये   recent visitors 40

पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का दूसरा चरण आज से शुरू होगा, कचरा जलाने के दौरान वायु प्रदूषण की निगरानी पूर्ववत रहेगी

पीथमपुर पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का दूसरा चरण आज से शुरू होगा। दूसरे चरण के ट्रायल रन में कचरा 180 किलो प्रति घंटे की दर से डाला जाएगा। इस तरह 10 टन कचरा 55 घंटे में जलेगा। पहले चरण में 135 किलो प्रति घंटे की दर से कचरा जलाया गया था। कचरा जलाने के दौरान वायु प्रदूषण की निगरानी पूर्ववत रहेगी।  जेएनएन, इंदौर। भोपाल गैस त्रासदी की जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड कंपनी के जहरीले कचरे को इंदौर से सटे पीथमपुर में जलाने का दूसरा चरण बुधवार को शुरू होगा। दूसरे चरण के पहले मंगलवार को भस्मक की सफाई व संधारण का काम हुआ। कचरा 180 किलो प्रति घंटे की दर से डाला जाएगा दूसरे चरण के ट्रायल रन में कचरा 180 किलो प्रति घंटे की दर से डाला जाएगा। इस तरह 10 टन कचरा 55 घंटे में जलेगा। पहले चरण में 135 किलो प्रति घंटे की दर से कचरा जलाया गया था। कचरा जलाने के दौरान वायु प्रदूषण की निगरानी पूर्ववत रहेगी। निष्पादन के लिए कचरा जलाना शुरू पहले चरण की तरह मशीन को रातभर खाली चलाकर तापमान 800 से 850 डिग्री तक पहुंचाया जाएगा। बता दें कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार भोपाल में 40 वर्षों से पड़े यूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन के लिए कचरा जलाना शुरू हो चुका है। क्या हुआ था 40 साल पहले उल्लेखनीय है कि तीन दिसंबर 1984 की सुबह की घटना जब भी लोगों के जहन में आती है, एक डरावनी तस्वीर सामने आने लगती है। इस दिन भोपाल में स्थित एक यूनियन कार्बाइड कॉर्पोरेशन के स्वामित्व वाली एक कीटनाशक फ़ैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक होने लगी। लीक हुई गैस की चपेट में हजारों लोग आए थे। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस हादसे में पांच हजार लोगों की जान गई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों ने कहा था कि इस हादसे में इससे भी ज्यादा लोगों ने जान गवाईं थी। सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा धार जिले के पीथमपुर में ही जलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कचरा जलाने पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि वो इसमें दखल नहीं देगी। गुरुवार सुबह हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो इस संबंध में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार के उस जवाब को भी रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिसमें कहा है कि कचरा जलाने के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट इसके प्रभाव की रिपोर्ट 27 मार्च के पूर्व हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी। वर्ष 2015 में भी पीथमपुर के इसी संयंत्र में 10 टन जहरीला कचरा जलाकर ट्रायल रन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कचरे को जलाने पर प्रशासनिक अफसरों ने निर्णय लिया। recent visitors 46

राज्य सुपरवाईजरी बोर्ड की बैठक उप मुख्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) अधिनियम का महत्व केवल एक कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और नैतिक संकल्प भी है, जो लिंगानुपात को संतुलित करने और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए लागू किया गया है। इस अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण आधार है। यह अधिनियम उन सभी चिकित्सा प्रक्रियाओं और तकनीकों पर रोक लगाता है, जिनका दुरुपयोग भ्रूण के लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या के लिए किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम के तहत गठित राज्य सुपरवाईज़री बोर्ड की बैठक में अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम अंतर्गत अनिवार्य फॉर्म- एफ़ अपलोड की स्थिति और प्रावधान अंतर्गत की गयी कार्यवाहियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि ऐसे क्षेत्र जहाँ लिंगानुपात विपरीत है वहाँ सघन कार्यवाही और नियमित मॉनिटरिंग की जाये। विधायक श्रीमती प्रियंका मीणा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सुपरवाईजरी बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कानून की सफलता केवल इसके प्रावधानों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन, सख्त निगरानी और जनजागरूकता अभियानों पर भी आधारित है। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक अल्ट्रासाउंड सेंटर, प्रसव पूर्व निदान सुविधा और चिकित्सा संस्थान कानून के तहत निर्धारित मानकों का पालन करे। कड़े कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ लोगों को नैतिक रूप से जागरूक करना भी आवश्यक है ताकि समाज में यह संदेश स्पष्ट रूप से जाए कि हर बालिका का जीवन मूल्यवान है और उसे समान अवसर मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में लिंग चयन गतिविधियों के प्रतिषेध हेतु "मुखबिर योजना" और पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम के दण्डात्मक प्रावधानों के प्रति जन-जागरूकता के निर्देश दिए। अर्हताधारी चिकित्सकों की पहचान की पुष्टि के लिए आधार ऑथेंटिकेशन की अधिसूचना जारी वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी ने बताया कि पूर्व बैठक में बोर्ड के निर्णय अनुसार वयोवृद्ध रेडियोलॉजिस्ट / सोनोलॉजिस्ट तथा ऐसे चिकित्सक जिनके द्वारा फिंगर प्रिंट की यूआईडीएआई से पुष्टि के अभाव में फॉर्म-एफ़ का अपलोड संभव नहीं हो रहा है, उनके लिए वैकल्पिक बायोमेट्रिक के तौर पर आईरिस स्कैन का विकल्प पी.सी.पी.एन.डी.टी. पोर्टल पर किया गया है। पी.सी.पी.एन.डी.टी. पोर्टल में ऑनलाइन प्रविष्टियों हेतु अर्हताधारी चिकित्सकों की पहचान पुष्टि के लिए 14 फरवरी 2025 को आधार ऑथेंटिकेशन की अधिसूचना जारी की गई। सोनोलॉजिस्ट की संख्या में वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत कुल पंजीकृत संस्थाओं की संख्या 2884 है। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत नियमित निगरानी कर अब तक कुल 352 कार्यवाहियाँ की गईं, जिनमें पंजीयन निरस्तीकरण और निलंबन की कार्रवाइयाँ शामिल हैं। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत 44 वैधानिक कार्यवाहियाँ की गईं हैं इनमें 5 मामलों में अपंजीकृत केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जबकि 2 मामलों में अधिनियम अंतर्गत आवश्यक अभिलेखों (फॉर्म-एफ, एएनसी रजिस्टर, रेफरल स्लिप) का संधारण नहीं किए जाने के कारण वैधानिक कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त, 2 मामलों में गर्भस्थ भ्रूण के लिंग की जानकारी से संबंधित संवाद करने के उल्लंघन पर कार्रवाई हुई, वहीं 107 मामलों में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक के माध्यम से लिंग चयन हेतु विज्ञापन देने पर कार्रवाई की गई।   recent visitors 54

अपार्टमेंट में देर रात भयानक धमाका: बिल्डिंग में दरार, लिफ्ट और दीवार भी गिरी

ग्वालियर शहर के एक अपार्टमेंट में देर रात भयानक धमाका हुआ। इस धमाके में दो लोग बुरी तरह घायल हो गए। यह घटना रणधीर कॉलोनी के पास लेगेसी प्लाजा में हुई। धमाके की वजह अभी तक साफ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक धमाका अलसुबह लगभग 3:00 बजे हुआ। 3 बजे हुए इस धमाके को सुन लोग कांप गए। आसपास के 10 फ्लैट की दीवार चटकी यह धमाका L1 फ्लैट में हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि आस-पास के लगभग 10 फ्लैट क्षतिग्रस्त हो गए। फ्लैट की दीवारें, दरवाज़े और खिड़कियां तक टूट गईं। धमाके के कारण आस-पास के फ्लैट्स की खिड़कियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। धमाके की आवाज़ से आस-पास के लोगों की नींद खुल गई और पूरी इमारत हिल गई। आसपास के फ्लैट की दीवारें चटकीं, खिड़कियां उखड़ीं कुछ फ्लैट्स की दीवारों में दरारें भी आ गईं। कई फ्लैट्स के दरवाजे अपने फ्रेम से उखड़ गए और खिड़कियां तक अपनी जगह से हट गईं। कुछ फ्लैट्स के दरवाजे इतनी ज़ोर से टूटे कि वे दूसरे फ्लैट्स के अंदर तक जा घुसे। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। धमाके में दो लोग घायल इस धमाके में रंजना राणा और अनिल राणा नाम के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ये दोनों उस समय फ्लैट में मौजूद थे। इन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। धमाके की वजह अभी पता नहीं धमाके की वजह का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए और जांच शुरू कर दी है। बम स्क्वॉड की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अभी तक धमाके के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि घायलों के बयान ले लिए गए हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। recent visitors 51