तीन वर्ष में सभी किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप,सरकार खरीदेगी किसानों से दूध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगोरिया को राजकीय स्तर पर उत्सव के रूप में मनाएगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर जनजातीय नर्तक एवं वाद्य कलाकार को दिए जाएंगे पांच-पांच हजार रूपए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव तीन वर्ष में सभी किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप,सरकार खरीदेगी किसानों से दूध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय समाज के देवस्थानों एवं पूजा स्थलों के विकास के लिए सभी पेसा ग्राम पंचायत को दिए जाएंगे तीन-तीन हजार रुपए जनजातीय देवलोक महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धर्म मुखियाओं का किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगोरिया उल्लास का पर्व है। यह फागुन के रंगों से सराबोर प्रकृति की खुशबू में कुछ पल थम जाने और इसी में रम जाने का पर्व है। हमारी सरकार भगोरिया का उल्लास बरकरार रखेगी। अब भगोरिया को राजकीय स्तर पर उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। यह इसी वर्ष से शुरू किया जाएगा। वे स्वयं भी भगोरिया उत्सव में शामिल होंगे। सरकार छोटे-छोटे स्थान पर जनजातीय देवी-देवताओं के पूजा स्थलों को विकसित करने के लिए सहायता देगी। हम कोरकू उत्सव भी मनाएंगे। इसके अलावा जनजातीय समाज के जितने भी त्यौहार आने वाले हैं, सरकार उन्हें राजकीय स्तर पर मनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में हुए जनजातीय देवलोक महोत्सव में यह महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज हमारा गौरव है। जनजातीय नायकों ने स्वाधीनता संग्राम में अपना बलिदान दिया। वे किसी के भी सामने झुके नहीं। जनजातियों की देशज पुरा संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए सरकार उनका सहयोग करेगी। जनजातियों की विशेष पूजा पद्धति, रीति-रिवाज संस्कृति, संस्कार यह सब हमारी धरोहर हैं। सरकार इन्हें संजोकर रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अतिथियों के साथ जनजातीय परम्परा एवं पूजा पद्धति से बड़ा देव पूजन एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी जनजातीय बंधुओं से जय बड़ा देव और जय जोहार का उद्घोष कराया। समारोह स्थल पर आगमन के दौरान जनजातीय समुदाय के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य एवं वाद्य यंत्रों, मांदल की थाप से अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी मेजबान के रूप में मुख्यमंत्री निवास आए सभी मेहमानों/आगंतुकों पर पुष्पवर्षा कर उनका हार्दिक स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का महोत्सव जनजातीय समाज के धार्मिक मुखियाओं का सम्मान है। जनजातीय संस्कृति को संरक्षित रखने वाले ओझा, पटेल, पुजारा, तड़वी, भगत, भुमका, पंडा एवं अन्य धर्म मुखियाओं सरकार के लिए सदैव सम्मानित रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातियों की संस्कृति में आत्मीयता है, इनकी बोली में प्रेम प्रतिबिंबित होता है। जनजातियों की पूजा पद्धति प्रकृति के प्रति आस्था को व्यक्त करती है। जनजातियों के सभी देवी देवताओं और इनकी प्रकृति के प्रति आभार पूजा पद्धतियों को भी नमन है। प्रकृति पूजक जनजातीय संस्कृति हम सबको जीना सिखाती है, जीवन का आनंद लेना सिखाती है। जल, जंगल, जमीन और जमीर बचाने में जनजातीय महानायकों ने अपने प्राणोत्सर्ग कर दिए। जनजाति समाज भारत का गौरव है। टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, अमर शहीद रघुनाथ शाह और कुंवर शंकर शाह इसकी पहचान हैं। जनजातीय समाज ने सदियों से भारतीय संस्कृति को और अधिक पल्लवित किया है। जनजातीय समाज के वाद्य यंत्र और उनकी बोली मानवीय भावों का उदात्त प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय बंधुओं से अपील की है कि इस समृद्ध संस्कृति को हमेशा बनाए रखें। सरकार इसमें मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज के लिए बड़े काम किए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने वहां के जनजातियों के उत्थान के लिए अनुकरणीय कार्य किए। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन-मन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पेसा एक्ट के जरिए राज्य सरकार ने जनजातीय बंधुओं को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय संस्कृति के पैरोकार नर्तक दल और वाद्य यंत्र कलाकारों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय देवलोक महोत्सव में आए सभी जनजातीय नर्तकों एवं वाद्य कलाकारों को प्रोत्साहन स्वरूप पांच-पांच हजार रूपए की धनराशि दी जाएगी। इसके जनजातियों देवस्थानों एवं इनके देवी देवताओं के प्रतीकों, पूजा स्थलों एवं पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश की सभी पेसा ग्राम पंचायतों को तीन-तीन हजार रूपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंच से जनजातीय नर्तकों एवं वाद्य कलाकारों को पांच-पांच हजार रूपए एवं पेसा ग्राम पंचायतों को तीन-तीन हजार रुपये की वित्तीय सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा एक्ट के जरिए हमने जनजातीय समाज को और अधिक अधिकार संपन्न बनाया है। जल जीवन मिशन को सफल बनाने का जिम्मा भी हमने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री के रूप में हमारी जनजातीय बहन श्रीमती संपत्तियां उइके को सौंपा है। जनजातियों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी हमारी सरकार ने वरिष्ठ मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह को दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने 2.5 लाख से अधिक वन अधिकार पत्र देकर जनजातीय बंधुओं को उनका वाजिब हक दिलाया है। हमारी सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में नर्मदा का जल पहुंचाएगी। प्रदेश में किसानों को बिजली का स्थाई कनेक्शन मात्र पांच रूपए में उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में यह व्यवस्था मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड क्षेत्र में होगी। आगे पूरे प्रदेश में हम इसे लागू करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अगले तीन साल में हम प्रदेश के सभी किसानों को सोलर पंप मुहैया कराएंगे। इससे किसान खुद बिजली उत्पन्न कर अपने खेत में सिंचाई भी करेंगे। किसानों द्वारा उत्पादित अतिरिक्त बिजली सरकार खरीदेगी। इस वर्ष प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को 2600 रूपए प्रति क्विंटल के भाव से उपार्जन का लाभ मिलेगा। साथ ही खरीफ-2024 के लिये धान उत्पादक किसानों के खाते में प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार घर-घर गौपालन को बढ़ावा देगी। हम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए तेजी से प्रयासरत है। किसानों को पांच रूपए प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि (बोनस) देने का निर्णय भी हम ले चुके हैं। किसानों द्वारा उत्पादित दूध सहकारिता विभाग के माध्यम से … Read more

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को धोकर पाकिस्तान को दिया एक और जख्म, चैम्पियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला दुबई में

दुबई भारत ने ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में जगह पक्की कर ली है। अब भारतीय टीम को दुबई में ही फाइनल मुकाबला खेलना होगा। ऐसे में एक बार फिर से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड PCB को बड़ा झटका लगा है। पहले 23 फरवरी को टीम को इस टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया था और और इस इवेंट से पाकिस्तान को ही बाहर कर दिया है। दूसरे सेमीफाइनल लाहौर में आखिरी मुकाबला होगा, जिसमें साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टक्कर होने वाली है। इस मैच में जो भी टीम जीतेगी, वो 9 मार्च को टीम इंडिया के साथ फाइनल खेलने दुबई में आएगी। पाकिस्तान टीम के बाद अब बोर्ड भी टूर्नामेंट से हुआ बाहर? दरअसल, ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है। लेकिन, यह पूरा टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल पर खेला जा रहा है। भारत के सभी मुकाबले दुबई में रखे गए, जबकि बाकी टीमों के मैच पाकिस्तान के तीन स्टेडियम कराची, लाहौर और रावलपिंडी में करने का फैसला लिया गया। वहीं, पहले सेमीफाइनल और फाइनल (यदि भारत जीता) तो दुबई में फिक्स्ड किया गया था। इस फैसले को अब भारतीय टीम ने सही कर दिया है और फाइनल मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इसका मतलब यह है, कि पाकिस्तानी आवाम को पटाखे जलाने का मौका नहीं मिलने वाला है। पाकिस्तान के अब इस टूर्नामेंट से बाहर होते ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आने लगी है। पहले सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में जगह बना ली है। 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने इस मुकाबले को 48.1 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिए। बल्लेबाजी करते हुए एक बात फिर से विराट कोहली ने धमाकेदार 84 रनों की पारी खेली। जिसके चलते भारतीय टीम आसानी से इस लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब हुई। वहीं इस मुकाबले को जीतकर भारतीय टीम की ओर से भी कई रिकॉर्ड बने, साथ ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी कई कीर्तिमान अपने नाम कर डाले. भारत अब तक नौ में से पांच संस्करणों में चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच चुका है, उसके बाद वेस्टइंडीज (3 फाइनल) का नंबर आता है. 265 ICC ODI टूर्नामेंट नॉकआउट में ऑस्ट्रेलिया के ख‍िलाफ किसी टीम द्वारा सफलतापूर्वक पीछा किया गया सबसे बड़ा टारगे भी है. पिछली बार अहमदाबाद में CWC 2011 क्वार्टर फाइनल में 261 रन भारत ने चेज किया था. – रोहित शर्मा चारों ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पहले कप्तान बन गए हैं ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (2023) ODI वर्ल्ड कप (2023) T20 वर्ल्ड कप (2024) ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी (2025) -किसी एक वेन्यू पर बिना हारे सबसे ज्यादा वनडे जीत 10 – न्यूजीलैंड, डुनेडिन 9 – भारत, दुबई (10 मैच, 1 बराबर) 7 – भारत, इंदौर 7 – पाकिस्तान, हैदराबाद (नियाज स्टेडियम, पाकिस्तान) चैम्प‍ियंस ट्रॉफी नॉकआउट में IND vs AUS 44 रन से जीता, ढाका, 1998 क्वार्टर फाइनल 20 रन से जीता, नैरोबी, 2000 क्वार्टर फाइनल 4 विकेट से जीता, दुबई, 2025 सेमीफाइनल चैम्प‍ियंस ट्रॉफी नॉकआउट में सबसे सबड़ा टारगेट चेज 282 – साउथ अफ्रीका vs इंग्लैंड, ढाका, 1998 क्वार्टर फाइनल 265 – न्यूजीलैंड vs भारत, नैरोबी, 2000 फाइनल 265 – भारत vs बांग्लादेश, एजबेस्टन, 2017 सेमीफाइनल 265 – भारत vs ऑस्ट्रेल‍िया, दुबई, 2025 सेमीफाइनल ICC ODI टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड 10 – सचिन तेंदुलकर 8 – ग्लेन मैकग्राथ 8 – रोहित शर्मा 7 – विराट कोहली इस मैच में उन्होंने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। आईए उन 10 बड़े रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं। 1. ICC इवेंट में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में कमाल करते हुए 84 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। इस पारी के बाद वो ICC टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा हाफ सेंचुरी जड़ने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने 24 अर्धशतक लगाकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सचिन के अब तक 23 अर्धशतक थे। 2. ICC नॉकआउट में 1000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के सामने 84 रन बनाकर विराट कोहली अब आईसीसी टूर्नामेंट में 1000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन चुके हैं। ऐसा आज तक किसी भी बल्लेबाज ने करके नहीं दिखाया है। 3. ICC रन चेज में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर विराट कोहली ने एक बार फिर से रनों का पीछा करते हुए धमाल मचा दिया। उन्होंने 84 रनों की लाजवाब पारी खेलकर ICC टूर्नामेंट के रन चेज में सबसे ज्यादा अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। 4. ICC ODI टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर किंग कोहली अब ICC ODI टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लाजवाब मैच विनिंग पारी खेलकर उन्होंने यह कारनामा कर दिया है। 5. ODI चेज में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में चेज करते हुए सबसे ज्यादा अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज भी विराट कोहली बन चुके हैं। 159 इनिंग्स में उनके नाम 69 रन चेज में हाफ सेंचुरी आई है। 6. चेज करते हुए ODI में 8000 रन विराट कोहली को रन चेज करते हुए एक अलग ही रंग में देखा जाता है। ऐसा एक बार फिर उन्होंने करके दिखाया है। अब वो ODI क्रिकेट में 8000 रन चेज करके बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। 7. भारत के लिए चैम्पियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन भारत के लिए विराट कोहली ICC चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। 17 मैचों की 17 पारियों में उनके बल्ले से 746 रन आए हैं। इस दौरान उन्होंने 6 अर्धशतक और 1 शतक लगाया है। 8. इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच विराट के नाम विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी भी बन चुके हैं। अब उनके नाम कुल 336 कैच दर्ज हो चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उन्होंने 1 कैच लपका। 9. भारत के लिए नॉकआउट मैच में सबसे ज्यादा M.O.M ICC नॉकआउट मैच में विराट कोहली भारत के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उनके नाम अब इस … Read more

चैंपियंस ट्रॉफी का दूसरा सेमीफाइनल आज, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में होगा मुकाबला

लाहौर चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका आमने-सामने होंगी। वैसे तो न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के पास टैलेंट की कमी नहीं है। लेकिन दोनों ही टीमें आईसीसी टूर्नामेंट्स में लगभग एक जैसे हालात से गुजरती रही हैं। दोनों टीमें बड़े टूर्नामेंट्स में उस स्तर की सफलता नहीं पा सकी हैं, जैसे उनके पास खिलाड़ी हैं। ऐसे में लाहौर में होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों की उम्मीदें काफी ज्यादा होंगी। दोनों टीमें चाहेंगी कि आईसीसी टूर्नामेंट्स में अपना वर्चस्व कायम करें। कागजों पर ताकत बराबर कागजों पर दोनों टीमें बराबरी की दिख रही है। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने क्रमश: 1998 और 2000 में एक-एक बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। लेकिन उस समय इस टूर्नामेंट को आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी कहा जाता था। तब इसका वह महत्व नहीं था जो अब है। दक्षिण अफ्रीका जहां बड़े टूर्नामेंट के चोकर्स (मुख्य मुकाबलों में हार का सामना करने वाली टीम) के अपने तमगे को हटाना चाहेगा। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम भी खिताब पर अपना कब्जा जमाने के लिए बेताब होगी। न्यूजीलैंड वनडे विश्व कप (2015 और 2019) में दो बार और टी20 विश्व कप (2021) में एक फाइनल में पहुंचने के बाद खिताब जीतने से चूक गया। बॉलिंग में साउथ अफ्रीका आगे मिचेल सैंटनर की अगुआई में न्यूजीलैंड ग्रुप ए में भारत से बाद दूसरे पर रहा, जबकि दक्षिण अफ्रीका ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया से आगे शीर्ष पर रहा। दोनों टीमों के बीच कोई ज्यादा अंतर नहीं है और ज्यादातर विभागों में बराबरी की स्थिति में हैं। गेंदबाजी में विविधता के कारण दक्षिण अफ्रीका के पास हालांकि मामूली बढ़त दिख रही हैं। दोनों टीमों के बल्लेबाजी क्रम में पर्याप्त ताकत है और उनके पास बेहतरीन क्षेत्ररक्षक भी हैं। मैच का परिणाम में स्पिनरों की भूमिका अहम रहने अनुमान है। गद्दाफी स्टेडियम की पिच थोड़ी धीमी हैं, लेकिन दुबई की तुलना में वे उतनी स्पिन नहीं करती हैं । ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों टीमों के स्पिनर कैसा प्रदर्शन करते हैं। लाथम बोले-लाहौर का अनुभव काम आएगा अपने आखिरी ग्रुप मैच में भारत से 44 रन से हारने के बावजूद, न्यूजीलैंड पिछले महीने यहां त्रिकोणीय श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीका पर अपनी जीत से आत्मविश्वास हासिल करेगा। न्यूजीलैंड ने चैंपियंस ट्रॉफी से पहले यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 305 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया और फिर फाइनल में पाकिस्तान को हराकर त्रिकोणीय श्रृंखला को अपने नाम किया था। अनुभवी बल्लेबाज टॉम लाथम को लगता है कि ये अनुभव उनके लिए फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहाकि हां, जिस दक्षिण अफ्रीका टीम के खिलाफ हमने खेला था वह थोड़ी अलग थी। उस टीम में बहुत से ऐसे खिलाड़ी थे जो इस टीम में नहीं थे। उनके कुछ मुख्य खिलाड़ी तब एसएटी20 में खेल रहे थे, इसलिए यह थोड़ा अलग होगा। उन्होंने कहाकि मुझे हालांकि लगता है कि हमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने में लाहौर के उस अनुभव का फायदा मिलेगा। फॉर्म में हैं विलियमसन लाथम 187 रन के साथ टूर्नामेंट में अब तक न्यूजीलैंड के सबसे सफल बल्लेबाज रहे है। केन विलियमसन भी भारत के खिलाफ 81 रन की पारी खेल कर लय में वापसी करने में सफल रहे। गेंदबाजी में मैट हेनरी ने भारत के खिलाफ धीमी पिच पर भी कमाल दिखाया और वह आठ विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्हें विल ओ’राउरकी (छह विकेट) का भी अच्छा साथ मिला है। कप्तान मिचेल सैंटनर, माइकल ब्रेसवेल, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन के रूप में न्यूजीलैंड के पास अच्छा स्पिन आक्रमण है। दक्षिण अफ्रीका भी दिखा रही दम दक्षिण अफ्रीका भी शानदार फॉर्म में है। प्रोटियाज ने टूर्नामेंट में अपनी सबसे बेहतरीन टीमों में से एक को मैदान में उतारा है। शतकीय पारी खेलने वाले रयान रिकेल्टन शानदार फॉर्म में हैं, जबकि तेम्बा बावुमा, रासी वैन डेर डुसेन और एडेन मारक्रम जैसे खिलाड़ियों ने भी बल्ले से योगदान दिया है। वियान मुल्डर, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, मार्को यानसेन, केशव महाराज और तबरेज शम्सी जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी भी प्रभावशाली दिखती है। टीमें: न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, टॉम लाथम, डेरिल मिशेल, विल ओ'रउरकी, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, नाथन स्मिथ, केन विलियमसन, विल यंग, जैकब डफी। दक्षिण अफ्रीका: टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, मार्को यानसेन, हेनरिक क्लासेन, केशव महाराज, एडेन मारक्रम, डेविड मिलर, वियान मुल्डर, लुंगी एनगिडी, कैगिसो रबाडा, रेयान रिकेलटन, तबरेज शम्सी, ट्रिस्टन स्टब्स, रासी वैन डेर डुसेन, कॉर्बिन बॉश। recent visitors 113

मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा, इसकी प्रक्रिया तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है. विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए स्थानीय कलेक्टरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है. इनके प्रस्ताव के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. मोहन सरकार की कोशिश है कि साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले वे पांचों नगर निगम अस्तित्व में आ जाएं. जिससे आगामी निकाय चुनाव में यहां के मतदाता महापौर को चुन सकें. विधानसभा चुनाव से पहले हो चुकी है घोषणा बता दें कि विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले इन नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. अब सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने संबंधित नगर पालिकाओं के सीएमओ, नगर पालिकाओं से संबंधित जिलों के जिला पंचायत सीईओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक की थी. बैठक में नगर पालिका को नगर निगम बनाने के संबंध में एक्शन प्लान पर चर्चा हुई है. भिंड का नोटिफिकेशन भी हो चुका जारी बता दें कि भिंड को नगर निगम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन 2 अक्टूबर, 2023 को जारी हो चुका है, लेकिन इसे अस्तित्व में आने में 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा. नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक उनका कार्यकाल पूरा न हो जाए. प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं. भिंड और 5 नए नगर निगम बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी.     इस तरह नगर पालिका को मिलता है नगर निगम का दर्जा नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए कलेक्टर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजते हैं. इसकी मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम का दर्जा देने की की प्रक्रिया शुरू होती है. सबसे पहले 3 लाख की आबादी के मापदंड को पूरा करने के लिए नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार किया जाता है. इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में संकल्प पारित कराया जाता है कि वे नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इसके बाद जिला प्रशासन दावे-आपत्तियां बुलाता है. कलेक्टर द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाता है. नगरीय प्रशासन की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए और वहां से इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाता है. राज्यपाल की अनुमति के बाद संबंधित नगर पालिका को नगर निगम घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी होता है. recent visitors 45

जातिगत जनगणना पर बोले बाबा बागेश्वर जातियों के बजाय अमीरी-गरीबी के आधार पर जनगणना होनी चाहिए

छतरपुर अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक और बयान सामने आया है. जिसमें वह जातिगत जनगणना को लेकर बोलते नजर आ रहे हैं. उन्होंने जातिगत जनगणना को देश को बांटने वाला विषय बताया और इसकी कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश में जातियों की बजाय अमीरी और गरीबी पर जनगणना होनी चाहिए. इससे पता चलेगा कि कितने लोग गरीब हैं. देश को बांटने का विषय- बाबा बागेश्वर दरअसल बाबा बागेश्वर ने जाति जनगणना की मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि यह देश को बांटने वाली बात है. उन्होंने जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि इससे पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं और गरीबों के लिए योजनाएं बनाई जा सकेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी जाति खत्म करने की बात नहीं की. बता दें कि, बाबा बागेश्वर ने जाति जनगणना पर उठ रही मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि ये देश को बांटने वाली बात है। उन्होंने जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि, इस तरह की जनगणना करने से पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं, ताकि गरीबों के लिए योजनाएं बनाई जा सकें। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने कभी जाति खत्म करने की बात नहीं की। योजना बनाकर दिया जा सकेगा गरीबों को लाभ- शास्त्री पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि, ‘देश में जाति जनगणना देश को बांटने का मामला है। हम कभी जाति जनगणना की बात नहीं करते। जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना होनी चाहिए। क्योंकि उससे पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं। उस आधार पर योजना बनाकर गरीबों के लिए काम किया जाना चाहिए। हम कभी जातिगत जनगणना की बात नहीं करते पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि 'इस देश में जाति जनगणना देश को बांटने का मामला है. हम कभी जाति जनगणना की बात नहीं करते. जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना होनी चाहिए. क्योंकि उससे पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं. उस आधार पर योजना बनाकर गरीबों के लिए काम किया जा सकता है'. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी भी जाति खत्म करने की बात नहीं की. उधर, भोपाल में रमजान के दौरान हिंदुओं की दुकानों से सामान न खरीदने के मैसेज पर बाबा बागेश्वर ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि यदि इस प्रकार का कोई मैसेज डाला गया है तो हिंदुओं को भी इसका ध्यान रखना चाहिए. उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. recent visitors 51

कैंसर के उपचार और निदान में क्रांति लायेगी एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन, भोपाल एम्स में आई

 भोपाल  एम्स भोपाल में जल्द ही एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन स्थापित की जाएगी। यह मशीन करीब 40 लाख रुपये की लागत से खरीदी जा रही है, जिससे कैंसर की पहचान अधिक सटीक और त्वरित होगी।     एम्स प्रबंधन के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक न केवल कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद करेगी, बल्कि यह कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने में भी सहायक होगी।     पारंपरिक तरीकों की तुलना में एआइ आधारित मशीन तेजी से कैंसर की पहचान कर सकेगी, जिससे मरीजों का इलाज जल्द शुरू किया जा सकेगा।     इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को भी लाभ मिलेगा क्योंकि इस तकनीक के जरिए कैंसर की स्क्रीनिंग को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है।     विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कैंसर के मामलों को समय रहते रोका जा सकेगा और मरीजों को लंबी एवं स्वस्थ जिंदगी देने में मदद मिलेगी। पहले चरण में कैंसर का पता लगाएगी मशीन एम्स भोपाल के डायरेक्टर डा. अजय सिंह ने बताया कि "एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन से कैंसर का निदान तेजी से अधिक सटीक और व्यापक रूप से सुलभ हो जाएगा. यह क्रांतिकारी तकनीक कैंसर के निदान को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है. यह बिना लक्षण वाले मरीजों में भी प्रारंभिक चरण में कैंसर का पता लगा सकती है. कैंसर की स्क्रीनिंग को तेज और अधिक सुलभ बनाकर, हम विशेष रूप से दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में अनगिनत जानें बचा सकते हैं. यह तकनीक मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करके कैंसर की सटीक पहचान करने में मदद करती है और आनुवंशिकी एवं जीवनशैली के आधार पर कैंसर के जोखिम का अनुमान भी लगाती है." कैंसर के उपचार और निदान में क्रांति ला रहा एआई इस कार्यशाला में दो अत्याधुनिक एआई सिस्टम भी पेश किए गए. इसमें ऑप्टास्कैन अल्ट्रा, जो बड़े प्रयोगशालाओं के लिए आदर्श है और एक बार में 80 से 480 स्लाइड स्कैन कर सकता है. वहीं दूसरा ऑप्टास्कैन लाइट, जो छोटी प्रयोगशालाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है और जिसकी क्षमता 15 स्लाइड तक है. रोगियों को एआई संचालित कैंसर पहचान से त्वरित निदान, उच्च सटीकता, अधिक पहुंच और कम लागत का लाभ मिलेगा, क्योंकि यह महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की आवश्यकता को समाप्त कर देगा. एम्स भोपाल में आएगी एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि "एम्स भोपाल में जल्द ही एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन खरीदी जाएगी. जिससे कैंसर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके. साथ कैंसर स्क्रीनिंग की रफ्तार को भी बढ़ाया जा सके, जिससे मामलों में कमी आए. अजय सिंह ने बताया कि इस मशीन को खरीदने में करीब 40 लाख रुपये की लागत आएगी." पहले चरण में स्क्रीनिंग पर होगा फोकस इस तकनीक को प्रारंभिक चरण में कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। एआइ तकनीक मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग कर आनुवांशिकी और जीवनशैली के आधार पर कैंसर के जोखिम का अनुमान भी लगा सकती है। अब ये मशीनें आएंगी     आप्टास्कैन अल्ट्रा – बड़ी प्रयोगशालाओं के लिए उपयुक्त है, जो एक बार में 80 से 480 स्लाइड स्कैन कर सकती है।     आप्टास्कैन लाइट – इसे छोटी प्रयोगशालाओं के लिए डिजाइन किया है, जिसकी क्षमता 15 स्लाइड स्कैन तक है। महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की जरूरत कम होगी कम     अंकोलाजी के प्रो. जगत आर. कंवर ने बताया कि एआई के उपयोग से कैंसर का इलाज अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी होगा।     इस तकनीक से महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की जरूरत कम हो जाएगी, जिससे मरीजों को कम लागत में अधिक सटीक इलाज मिल सकेगा।     यह तकनीक रोगियों के लिए अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी होगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार और तेज रिकवरी का लाभ मिलेगा।   recent visitors 60

प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए “इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स” तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक की साझेदारियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-भोपाल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड-शो के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक केंद्र बना। साथ ही कुशल मैन पॉवर उपलब्ध कराने वाला आदर्श स्थान पर बन गया है। प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए "इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स" तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक साझेदारियां की हैं। इससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जीआईएस-भोपाल में कौशल विभाग ने कई देशी-विदेशी एजेंसियों के साथ एमओयू किये। ये एजेंसियां आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए एडवांस ट्रेड्स एवं विधाओं का कौशल प्रशिक्षण देंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेशकों को कुशल वर्क फोर्स मिलेगा। जीआईएस में युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा 8 एमओयू साइन किये गये। इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक के सहयोग से ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। इससे इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन जैसे ट्रेड्स में कुशल युवाओं की मांग पूरी होगी। इसी प्रकार, जीआईजेड और सिमेंस इंडिया की साझेदारी आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-रेडी ग्रीन स्किल्स प्रदान करेगी। इससे प्रदेश में सतत् और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। साइन्टेक टेक्नोलॉजीज और अपनाटाइम टेक प्रा. लि. के साथ मिलकर ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अपस्किलिंग की पहल की जा रही है। इससे इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रतिभा को विकसित किया जा सकेगा। यह कंपनी अपने डिजिटल भर्ती प्लेटफॉर्म से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ेगी, इससे रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और व्यापक होगी। ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा प्रशिक्षित एवं प्रायोजित किया जाएगा। इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग की मांग के बीच संतुलन स्थापित होगा। उन्नति फाउंडेशन स्वयम पोर्टल के माध्यम से रोजगार उन्मुख ऑनलाइन पाठ्यक्रम, साइकोमेट्रिक विश्लेषण और कैरियर गाइडेंस प्रदान कर रही है, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से जापानी भाषा और आवश्यक कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे जापान में भी रोजगार के लिए तैयार हो सकेंगे। जीआईएस भोपाल से मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों को नया आयाम मध्यप्रदेश में ग्रीन स्किल्स और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स को बढ़ावा देने के लिए बहुपक्षीय सहयोग जीआईएस-भोपाल के प्रभावी परिणामों के रूप में, मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग स्थापित किए गए हैं। इंडस्ट्री-फोकस्ड प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण साझेदारियों को मूर्त रूप दिया गया है। ग्रीन एनर्जी सेक्टर में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक ने "सिमुलेशन-बेस्ड वोकेशनल ट्रेनिंग फॉर ग्रीन एनर्जी जॉब्स" (ग्रीन स्किल्स) परियोजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन ट्रेड के व्यावसायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उन्नत करने के लिए एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क और कौशल विकास निदेशालय के साथ समझौता किया है। इंडस्ट्री-रेडी आईटी प्रशिक्षुओं के लिए ग्रीन स्किल्स जीआईजेड और सिमेंस इंडिया के सहयोग से, मध्यप्रदेश में आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-प्रासंगिक ग्रीन स्किल्स से लैस करने, जेंडर समावेशन को बढ़ावा देने और वर्क-रेडीनेस को सशक्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह सहयोग प्रदेश में सतत और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूत करेगा। कार्य स्थल आधारित प्रशिक्षण और रोजगार सहायता सायंटेक टेक्नोलॉजीज और अपना टाइम टेक प्रा. लि. के साथ साझेदारी के तहत, छात्रों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार के लिए तैयार करने की पहल की गई है। अपना डिजिटल भर्ती मार्केटप्लेस के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया जा रहा है। इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुसार तकनीकी शिक्षा मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को प्रायोजित किया जाएगा, इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटा जा सकेगा। साथ ही युवाओं की एम्प्लोयबिलिटी को बढ़ाया जा सकेगा। ऑनलाइन लर्निंग और कैरियर गाइडेंस युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम, ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) और साइकोमेट्रिक विश्लेषण को मजबूत करने के लिए उन्नति फाउंडेशन द्वारा स्वयम प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की गई है। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश सरकार के उद्योगम पोर्टल के माध्यम से रोजगार के अवसरों को सुलभ बनाया जाएगा। जापान में रोजगार के अवसर वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से, मध्यप्रदेश के छात्रों को जापानी भाषा और आवश्यक कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे जापान में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकें। यह पहल राज्य के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। जीआईएस भोपाल से कौशल विकास और रोजगार में आएगा बड़ा बदलाव जीआईएस-भोपाल के बाद मध्यप्रदेश ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय साझेदारियों को मूर्त रूप दिया है। इन समझौतों से युवाओं को उद्योग-रेडी बनाया जा रहा है। साथ ही तकनीकी शिक्षा को इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को ग्रीन एनर्जी, आईटी, तकनीकी और वैश्विक रोजगार के क्षेत्रों में नए अवसर प्राप्त होंगे। जीआईएस-भोपाल से निवेश भी आकर्षित हुआ है और लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार और उद्योग जगत के इस सहयोग से मध्यप्रदेश एक सशक्त, आत्म-निर्भर और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स का केंद्र बन रहा है।   recent visitors 57