दमोह – सागर जिले की जनता के लिए बड़ी सौगात, फोरलेन हाईवे की मिली मंजूरी, साल के अंत तक निर्माण कार्य आरंभ

 दमोह/ सागर सफर को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार लगातार सड़क परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के दमोह और सागर जिले के लोगों के लिए बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दमोह-सागर रोड को फोरलेन (Damoh-Sagar Four lane highway) करने की मंजूरी स्टेट लेवल इंपावर्ड कमेटी (एसएलईसी) से मिल चुकी है। अब कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और उम्मीद है कि साल के अंत तक निर्माण कार्य भी आरंभ हो जाएगा। चार बायपास होंगे शामिल दमोह-सागर फोरलेन सड़क परियोजना करीब 2,196 करोड़ रुपए की लागत से पूरी होगी। 76.83 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के दौरान चार बायपास भी बनाए जाएंगे, जिससे पारसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बांसा जैसे आवासीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और इन क्षेत्रों का विकास भी होगा। परियोजना के प्रमुख बिंदु     सड़क की चौड़ाई 45 मीटर होगी।     वर्तमान में यह सफर दो घंटे में तय होता है, जो फोरलेन बनने के बाद एक घंटा कम हो जाएगा।     सड़क का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर किया जाएगा।     परियोजना का 40% खर्च अग्रिम रूप से एमपीआरडीसी (MPRDC) वहन करेगा, जबकि शेष 60% राशि राज्य सरकार द्वारा 15 वर्षों तक एन्युटी भुगतान के रूप में दी जाएगी। बहेरिया से मारुताल तक होगा निर्माण राज्य सरकार ने इस परियोजना को एसएच-63 (स्टेट हाईवे 63) के अपग्रेडेशन के रूप में मंजूरी दी है। इस सड़क का निर्माण सागर के बहेरिया से लेकर दमोह के मारुताल बायपास तक किया जाएगा। इससे आसपास के गांवों और कस्बों को भी तेज और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र का विकास होगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया एसएलईसी से मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है। मुख्यमंत्री पहले ही इस परियोजना को मंजूरी का संकेत दे चुके हैं। जैसे ही कैबिनेट से स्वीकृति मिलेगी, टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, जिसे चार महीनों में पूरा करने की योजना है। यदि सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहा, तो नवंबर-दिसंबर तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। एमपीआरडीसी सागर के जीएम नितिन वार्वे ने बताया कि ‘सागर-दमोह रोड को फोरलेन किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।’ इस परियोजना से क्या होंगे फायदे?     दमोह और सागर के बीच यात्रा का समय घटेगा।     सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सफर सुरक्षित होगा।     हाईवे से जुड़े गांवों और कस्बों का आर्थिक विकास होगा।     क्षेत्र में परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी और ट्रैफिक की समस्या दूर होगी। recent visitors 32

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख भागवत आज 4 मार्च को भोपाल में 700 कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर उद्घाटन करेंगे

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत आज  भोपाल में रहेंगे। वे विद्या भारती के देशभर से आने वाले 700 से ज्यादा पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के अभ्यास वर्ग का उद्घाटन करेंगे।दरअसल, इस अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के लगभग 700 कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. संघ के एक पदाधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आयोजित किया जाएगा. संघ के इस पदाधिकारी ने बताया कि आठ मार्च को शिविर के समापन सत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आरएसएस के विचारक और विद्या भारती के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सोनी भी संबोधित करेंगे. मंत्री विश्वास सारंग ने प्रदर्शनी का किया  उद्घाटन उद्घाटन से एक दिन पहले यानी सोमवार 3 मार्च को मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग और अन्य गणमान्य व्यक्ति सोमवार को उसी स्थान पर भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया . उन्होंने बताया कि पूरे प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरएसएस के संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे. केरवा डैम रोड स्थित शारदा विहार में 5 दिन चलने वाले अभ्यास वर्ग में एनसीईआरटी, सीबीएसई डायरेक्टर, भाषा भारती अध्यक्ष सहित शिक्षा के क्षेत्र से जुडे़ अधिकारी और विशेषज्ञ सत्रों में शामिल होंगे। कार्यकर्ता पिछले 3 महीनों से इस अभ्यास वर्ग के लिए तैयारियां कर रहे थे। संघ के अनुसार, आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती, एक गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन है, जो 1952 से देश में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है. तब उसने गोरखपुर में अपना पहला स्कूल स्थापित किया था. इस वक्त विद्या भारती देश भर में 22,000 स्कूल चलाती है. इन विद्यालयों में सामूहिक रूप से 1,54,000 शिक्षक और लगभग 36 लाख विद्यार्थी हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक्नोलॉजी पर फोकस राव ने बताया विद्या भारती के करीब 22 हजार औपचारिक और अनौपचारिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में शैक्षणिक, प्रबंधन और तमाम कामों को करने वाले 700 से ज्यादा पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को अभ्यास वर्ग में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी जिलों में एक अच्छा स्किल डेवलपमेंट सेंटर तैयार हो। कल्पना यही है कि स्किलिंग बाय स्कूलिंग यानि शिक्षा के साथ निपुणता की व्यवस्था हो। अपडेटेड नॉलेज से समृद्ध बने। इस दृष्टि से हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक्नोलॉजी में हमारे शिक्षक गण दक्ष हों। हमारे पास 1 लाख 6 हजार आचार्य हैं उनको सशक्त करने के लिए यह अभ्यास वर्ग चला रहे हैं। वर्ग में कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। जिला स्तर पर देंगे प्रशिक्षण पूर्ण रूप से विद्याभारती के लिए काम करने वाले जिला और उससे ऊपर के कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले नए परिवर्तन पर प्रशिक्षण लेकर यह जिला स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। प्रदर्शनी में भारत की सांस्कृतिक झलक आयोजन स्थल को पर्यावरण-संवेदनशील बनाते हुए पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखने का संकल्प लिया गया है। भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक डिजिटल व मैन्युअल प्रदर्शनियों का नियोजन किया जाएगा। ये प्रदर्शनियां भारत की संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के अद्वितीय पहलुओं को प्रस्तुत करेंगी। स्कूल से ओलंपिक तक जाते हैं विद्या भारती के विद्यार्थी विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री अवनीश भटनागर ने बताया कि विद्याभारती के 22 हजार स्कूलों में 35 लाख विद्यार्थी पूरे देश में अध्ययनरत हैं। विद्यालय से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया जो भारत के स्कूली खेलों का आयोजन करती है। इसने 29वें राज्य के रूप में विद्या भारती को मान्यता दी। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेलने जाते हैं। उसके बाद ओलंपिक तक में सहभागिता करते हैं। recent visitors 53

मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मिले निवेश प्रस्ताव को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन्वेस्टर समिट का असर धरातल पर दिखना चाहिए. इसके लिए सभी प्रस्तावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी. राजधानी भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित राजनीति के दिग्गजों ने भी इस इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेकर विदेश से आने वाले निवेश को लेकर वर्तमान समय को सबसे बेहतर बताया. अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं. विदित है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जापान, यूएस, यूएई सहित विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. बैठक में सीएस अनुराग जैन, एसीएस राजेश राजौरा सहित कई विभागों के पीएस मौजूद थे. 26 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले भोपाल में आयोजित की गई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. दो दिनों तक चली समिट में भोपाल में सबसे ज्यादा 5.8 लाख करोड़ का निवेश मिला है, जबकि इंदौर और उज्जैन में 4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन्हीं निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतरने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक में कही यह बात बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेश प्रस्ताव का फॉलोअप लेते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रति सप्ताह प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि निवेशकों से लगातार सीधा संपर्क बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने अभी कहा है कि 2 साल के भीतर सभी उद्योग शुरू हो जाने चाहिए. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी बेहतर बनाया जाए.   recent visitors 55

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।     recent visitors 65

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – दक्षिण कोरिया का ईसीडीएस ग्रुप प्रदेश में मेडिकल डिवाइस सहित एविएशन और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में करेगा निवेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि साउथ कोरियन ज्वाइंट वेंचर ग्रुप प्रदेश में बने बेहतर औद्योगिक वातावरण को देखते हुए से मेडिकल उपकरणों, मेडिकल एआई, नैनो टेक्नोलॉजी, बायो पॉलीमर और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश का इच्छुक है। आज मंत्रालय में साउथ कोरिया के ईसीडीएस ग्रुप के निवेशकों और शोधार्थियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा में प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उनका समूह उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क में शोध और निर्माण पर केंद्रित इकाई स्थापना की दिशा में पहल कर रहा है। इस इकाई में यूरिन परीक्षण से कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किट निर्मित करने की योजना है। इससे प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान कर तत्काल इलाज आरंभ करने में मदद मिलेगी। समूह प्रदेश में एविएशन सेमीकंडक्टर आदि क्षेत्र में भी निवेश का इच्छुक है। इसके साथ ही समूह ने कौशल उन्नयन के लिए तकनीक और विशेषज्ञता साझा करने में भी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से डॉ. वुंग कवांग यांग, डॉ. युंगहून लिम, डॉ. सिओक किम, श्री जोंग शिओल जंग, श्री जेली शिओन, श्री वू सिओक शुंग तथा श्री राजेश भारद्वाज ने भेंट की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित थे।   recent visitors 46

ब्रज की होली में मुसलमानो के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध, BJP विधायक ने किया समर्थन, जानें क्या कहा?

मथुरा /पटना मथुरा के संतों ने होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने की मांग का बिहार के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने भी समर्थन किया है। उन्होंने साधु संतों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि निश्चित रूप से जो हमारी संस्कृति को नहीं मानते हैं, उन्हें ऐसे आयोजनों पर जाने से रोका जाना चाहिए। भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए। अल्लाह देता है दंड- बीजेपी विधायक बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए. साधु संतों की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे. मथुरा में धूमधाम से मनाई जाती है होली गौरतलब है कि मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है. इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है. मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं. होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए. होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा. मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए. बिहार से भी मथुरा के साधु-संतों का समर्थन साधु-संतों की मांग का समर्थन करते हुए भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे। ब्रज की होली में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक मामला मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है। इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं। होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए। होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा। मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए। देश-दुनिया से ब्रज की होली में शामिल होते हैं श्रद्धालु ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है। यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं। इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है। बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है। ब्रज में कई दिन पहले से शुरू हो जाती है होली ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है. यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं. इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है. बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है. recent visitors 59

CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश के किसानों को महज 5 रुपये में बिजली का कनेक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। किसानों को अब 5 रुपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को अब 5 रुपये में बिजली का स्थाई कनेक्शन दिया जाएगा। मध्य क्षेत्र को यह व्यवस्था तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में किसानों को यह सुविधा दी जाएगी। किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। भोपाल में किसानों को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि मध्य प्रदेश केंद्रीय विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही इस योजना को शुरू करेगी. उन्होंने कहा, ''जिन किसानों के पास स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें पांच रुपये में यह सुविधा दी जाएगी. हम किसानों का जीवन बेहतर बनाना चाहते हैं.'' एमपी के किसानों को सिंचाई के लिए सौर पंप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई के लिए सौर पंप के माध्यम से किसानों को बिजली संबंधी परेशानियों से मुक्ति दिलाना चाहती है. उन्होंने कहा, ''अगले तीन सालों में किसानों को 30 लाख सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे. सरकार किसानों से सौर बिजली खरीदेगी.'' किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में सुधार हुआ हैइसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। भोपाल में किसान आभार सम्मेलन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को 'किसान आभार सम्मेलन' में हिस्सा लेकर किसान भाई-बहनों से आत्मीय संवाद किया. भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में ये सम्मेलन आयोजित किया गया था. सीएम ने कहा कि अन्नदाताओं के श्रम से अन्न के हर दाने में प्रदेश की समृद्धि की गूंज है. किसान कल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके विकास के लिए हमारा संकल्प अटूट है. धान पर 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर बोनस, 2600 रुपए प्रति क्विंटल में होगा गेहूं का उपार्जन इससे पहले शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में ऐलान किया था कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर निर्णय लेती जा रही है। राज्य सरकार ने गेहूं को खरीदने के लिए 2600 रुपए प्रति क्विंटल की राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में निर्धारित की है। समर्थन मूल्य के अलावा किसानों को भुगतान के लिए 175 रुपए बोनस देने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह राज्य सरकार अब धान उपार्जन के लिए प्रति हेक्टेयर 4000 रुपए की राशि किसानों के खाते में डालने जा रही है। सभी किसान भाइयों के खाते में राशि मार्च में ही राशि अंतरित की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने किए और भी ऐलान     सीएम ने कहा कि किसानों की जिंदगी बेहतर करने के लिए प्रत्येक आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।मध्य प्रदेश में देश का करीब एक चौथाई कपास होता है, इस फैसले से कपास उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे।दूध उत्पादन पर बोनस देंगे।     गोपाल कृष्ण के देश में हम प्रदेश में गाय पालन पर अनुदान देंगे। इसके लिए गांव गांव में प्रोत्साहन देंगे। बड़े नगरों में 10,000 क्षमता की गौशालाएं संचालित होगी।प्रति गाय बीस के स्थान पर 40 रुपए अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। उन्नत बीज,कृषि यंत्र किसानों को दिलवाने के लिए मेले लगाए जाएंगे।     कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मौजूद रहे। recent visitors 30