बाल अपराधों को रोकने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीरो टॉलरेंस नीति से प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में आई गिरावट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा के अधिकार का विस्तार कक्षा 12वीं तक हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाल अपराधों को रोकने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, पोक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में गिरावट आई है। यह स्पष्ट रूप से राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का परिणाम है। हम सुरक्षा, सशक्तिकरण और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रहे हैं, जिससे अपराधों पर अंकुश लगा है। पिछले वर्षों में महिला एवं बाल अपराधों के प्रति सरकार की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध गंभीर अपराधों के दोषियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। न्यायालयों द्वारा 48 प्रकरणों में मृत्युदंड के निर्णय दिए जा चुके हैं। सरकार और समाज मिलकर महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अत्याचारों के प्रति जागृति लाएं। इस कार्य में बाल संरक्षण आयोग की भूमिका भी अहम है। सरकार आयोग के सुझावों को अमल में लाने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में यह बातें कही। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से विभिन्न विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य समेत अन्य सदस्यों ने निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009, पॉक्सो अधिनियम-2012 तथा किशोर न्याय अधिनियम-2015 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, सदस्य बाल संरक्षण आयोग श्रीमती मेघा पवार और डॉ. निवेदिता शर्मा, डॉ. निशा सक्सेना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश, स्वर्णिम काल में प्रगति के पथ पर अग्रसर है। विश्व में भारत की ख्याति फैल रही है। विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में प्रत्येकव्यक्ति निरंतर समर्थ हो रहा है। भारत बाहरी दुश्मनों से निपटने में सक्षम होने के साथ-साथ आंतरिक चुनौतियों का भी प्रभावी रूप से सामना कर रहा है। उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों और किशोरों में अपार क्षमता और ऊर्जा विद्यमान रहती है। इसीलिए महर्षि विश्वामित्र ने असुरों का विनाश करने के लिए महाराज दशरथ से बचपन में प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को मांगा था। प्रभु श्रीराम ने अपने पुरुषार्थ के बल पर असुरों का सर्वनाश किया। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का बाल्य स्वरूप सद्मार्ग पर चलने के लिए समाज को भिन्न-भिन्न रूप से प्रेरित करता है। जरूतमंद बच्चे जो आप तक नही आ पाये, उन तक आप पहुंचें : सुभूरिया महिला बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा की बच्चों के विकास की पहली शर्त उनका संरक्षण है और मुझे गर्व है कि डॉ. यादव के नेतृत्व में बच्चों के संरक्षण के लिये विभाग और प्रशासन सजग है। उन्होंने मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग को बधाई देते हुए कहा कि आयोग बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके संरक्षण और उनके समुचित विकास से जुड़े अधिनियम-नियम पर केन्द्रित इस राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला न केवल बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिये है वरन बच्चों के संरक्षण के लिये बनाये गये विभिन्न अधिनियमों जैसे पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम से जागरूक करने को लेकर भी है। मंत्री सुभूरिया ने उपस्थित बाल कल्याण आयोग और किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष/ सदस्यों से आग्रह किया कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है वो बहुत महत्वपूर्ण है और बच्चों को न्याय दिलाने के लिये है। समाज सेवा का ऐसा अवसर बार-बार नहीं मिलता इसलिये पूरी सजगता से बच्चों का संरक्षण सुनिश्चित हो इसका ध्यान रखें। आज अनाथ बच्चा किस संस्था में जायेगा या उसका पुनर्वास कहाँ होगा ये अधिकार आपके पास है और किसी के पास नहीं। तो इस अधिकार से बच्चों के प्रति संरक्षण के दायित्व मानकर उपयोग करें और कोशिश करें कि जरूतमंद बच्चे जो आप तक नही आ पाये उन तक आप पहुंचें। बच्चे ईश्वर का रूप होते हैं, बच्चे देश का भविष्य हैं और यदि हमें प्रधानमंत्री मोदी के विजन अनुसार देश का भविष्य स्वर्णिम बनाना है तो आज के बच्चों और युवाओं के वर्तमान को भी संवारना होगा, संरक्षित करना होगा और मुझे खुशी है कि आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में न केवल बच्चों के वर्तमान को मजबूत बनाया जा रहा है वरन उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उनके व्यक्तित्व का अधिकतम विकास हो। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष रवींद्र मोरे ने कहा कि जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बाल कल्याण समिति के कार्यकर्ता की शक्तियां कम ज्यादा हो सकती हैं, लेकिन वे समान रूप से बाल कल्याण को समर्पित हैं और बच्चों के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में यह प्रावधान किया था कि राज्य सरकारों को बच्चों के कल्याण के लिए नियम बनाने का अधिकार मिलना चाहिए। यह उनकी दूरदर्शिता का घोतक है। मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों की शिक्षा की चिंता की है। मोरे ने शिक्षा का अधिकार को 12वीं कक्षा तक लागू करने का सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने रखा एवं कार्यशाला में सहभागिता के लिए उनका आभार माना।   recent visitors 36

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट में उद्घोषित नवीन योजनाओं तथा प्रचलित कार्यक्रमों में की गई वृद्धि के संदर्भ में अधिकारियों को दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों में केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में प्रदेश के लिए की गई वृद्धि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है, युवाओं में उद्यमिता विकास और कौशल उन्नयन के लिए संबंधित संस्थाओं में बाजार की आवश्यकता के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएं। ग्राम स्तर तक स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षा व्यवस्था का संचालन संवेदनशीलता के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में उद्घोषित नवीन योजनाओं में किए गए प्रावधानों तथा प्रचलित योजनाओं में की गई वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों से समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बड़े नगरों के आस-पास विद्यमान नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सीवेज जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का विकास इस दृष्टि से किया जाए ताकि नगरों की जनसंख्या बढ़ने पर जनसामान्य का जीवन सुगम बना रहे। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रदेश को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में विकसित किया जाए। इसके साथ ही कृषकों को मूंगफली, सरसों जैसी तिलहन फसलों और ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव उपस्थित थे।   recent visitors 39

सेमीफाइनल मैच की ये है बेस्ट ड्रीम टीम, रोहित शर्मा-ट्रेविस हेड के बीच होगी टक्कर

दुबई आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला आज (4 मार्च) दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. इस सेमीफाइनल में भारतीय टीम की टक्कर ऑस्ट्रेलिया से होगी. यह मैच दोपहर 2.30 बजे से शुरू होगा. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक कोई मैच नहीं हारी है. भारतीय टीम ने चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप स्टेज में 3 मैच खेले और तीनों जीते हैं. अब उसकी नजर सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में एंट्री करने पर है. मगर रोहित ब्रिगेड के लिए यह इतना आसान नहीं होने वाला है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ICC टूर्नामेंट्स के नॉकआउट मैचों में भारतीय टीम का रिकॉर्ड पिछले 14 सालों में बेहद खराब रहा है. इस दौरान जब भी दोनों टीमें आमने-सामने आई हैं, तब भारत को हार मिली है. इससे पहले भारतीय टीम ने 2007 टी20 और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीता है. दोनों ही बार नॉकआउट मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया को हराया है. यदि इस बार भी सेमीफाइनल में भारतीय टीम जीतती है तो उसका खिताब पक्का हो सकता है. आज दुबई की पिच कैसी होगी? क्या बल्लेबाज आसानी से रन बनाएंगे या फिर गेंदबाज कहर बरपाएंगे? साथ ही भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल किस पिच पर खेला जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल नई पिच पर खेला जाएगा. इस तरह ग्राउंड में बदलाव नहीं होगा, लेकिन पिच बदला-बदला नजर आएगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नई पिच पर खेलेगी भारतीय टीम दरअसल, इससे पहले भारतीय टीम बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ अलग-अलग पिच पर खेली. लेकिन अगर भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल नई पिच पर होता है तो हालात कितने बदले नजर आएंगे? क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि अगर नई पिच पर मैच होता है तो पिच का मिजाज बदला-बदला नजर आएगा. यह पिच फिर उस तरह नहीं खेलेगी, जिस तरह बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली. इस पिच के स्वाभाव में बदलाव आ जाएगा. वहीं, इस समय आईसीसी की देखरेख में एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड नई पिच तैयार करने में लगा है. साथ ही ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू सैंड्री क्यूरेटर की भूमिका निभा रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो टीम इंडिया को लगेगा झटका दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया 4 स्पिनरों के साथ उतरी थी. उस मैच में वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे. अगर नई पिच हुई तो स्पिनरों के लिए बॉल टर्न करवाना आसान नहीं होगा. ऐसे में भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका माना जाएगा, क्योंकि स्पिन बॉलिंग भारतीय टीम का मजबूत पक्ष रहा है. इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती ने 5 विकेट लिए थे. अगर पिच के स्वाभाव में बदलाव हुआ तो वरुण चक्रवर्ती के साथ-साथ अन्य भारतीय स्पिनरों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी. 2011 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम का बुरा हाल दरअसल, ICC टूर्नामेंट्स के नॉकआउट मैचों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा लगभग बराबरी का रहा है. इस दौरान दोनों टीमों के बीच कुल 7 बार आमना-सामना हुआ, जिसमें भारत ने 3 बार जीत दर्ज की है. 4 बार उसे हार मिली है. मगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2011 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम का बुरा हाल दिखा है. 2011 वर्ल्ड कप के क्वार्टरफाइनल में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी थी. इसके बाद से किसी भी ICC नॉकआउट मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम को सफलता नहीं मिल सकी है. 2011 वर्ल्ड कप के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगली टक्कर 2015 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में हुई थी. फिर दोनों टीमों का आमना-सामना 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल में हुआ था. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल भी हुआ था. मगर हर बार भारतीय टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. हालांकि इस दौरान भारतीय टीम ने 2023 वर्ल्ड कप में एक बार ऑस्ट्रेलिया को हराया है, लेकिन यह सिर्फ ग्रुप मैच था. कंगारू टीम से गायब हैं 5 स्टार खिलाड़ी हालांकि इस बार ऑस्ट्रेलियाई टीम कागजों पर कमजोर नजर आ रही है. इस स्क्वॉड में तेज गेंदबाज पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिचेल स्टार्क, मिचेल मार्श और मार्कस स्टोइनिस नहीं हैं. कमिंस को एंकल और हेजलवुड को हिप में चोट लगी है. स्टार्क निजी कारणों से बाहर हैं, जबकि मार्श भी चोटिल ही हैं. दूसरी ओर स्टोइनिस ने टूर्नामेंट से ठीक पहले संन्यास का ऐलान कर दिया था. आज के मैच के बेस्ट कप्तान और उपकप्तान ऑस्ट्रेलिया की ओर से ट्रेविस हेड सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं, क्योंकि पिच से गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों को मदद मिलने की उम्मीद है। वह पारी की शुरुआत करेंगे और उनसे कुछ ओवर गेंदबाजी करने की उम्मीद है। उन्होंने नौ आमने-सामने के मैचों में 345 रन बनाए हैं। दूसरी और अक्षर पटेल भारतीय टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं। वह बेहतरीन फॉर्म में हैं और आज के मैच में उनसे अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है। वह मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करेंगे और अपने ओवरों का कोटा पूरा करेंगे। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया के मैच की ड्रीम-11 टीम     विकेटकीपर: जोश इंगलिस     बल्लेबाज: शुभमन गिल, स्टीवन स्मिथ, विराट कोहली, ट्रैविस हेड, श्रेयस अय्यर     ऑलराउंडर: ग्लेन मैक्सवेल, अक्षर पटेल, हार्दिक पांड्या     गेंदबाज: एडम जम्पा, वरुण चक्रवर्ती     कप्तान: अक्षर पटेल     उपकप्तान: ट्रेविस हेड   ICC नॉकआउट मैचों में भारत Vs ऑस्ट्रेलिया कुल मैच: 7 भारत जीता: 3 ऑस्ट्रेलिया जीता: 4 ICC नॉकआउट के नतीजे: 1998 चैम्पियंस ट्रॉफी: भारत ने 44 रन से जीत दर्ज की 2003 वनडे वनडे कप: ऑस्ट्रेलिया ने 125 रन से मैच जीता 2007 टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम 15 रन से मुकाबला जीती 2011 वनडे वर्ल्ड कप: भारत ने 5 विकेट से जीत दर्ज की 2015 वनडे वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया ने 95 रन से जीत दर्ज की 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल: ऑस्ट्रेलियाई टीम 209 रनों से जीती 2023 वनडे वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 6 विकेट से जीत दर्ज की चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए दोनों स्क्वॉड: भारतीय टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, वॉशिंगटन सुंदर. ऑस्ट्रेलिया की टीम: स्टीव स्मिथ (कप्तान), सीन एबॉट, एलेक्स कैरी, बेन ड्वारशुइस, … Read more

MP के खेतों में अभी गेहूं की फसल हरी, दाना परिपक्व नहीं, तापमान बढ़ने पर समय से पहले पकने की आशंका

भोपाल  मौसम का सबसे बड़ा ग्राहक किसान होता है। मौसम जब मौज में होता है, तो किसानों का मन प्रफुल्लित हो उठता है। मौसम का मिजाज बिगड़ने का सीधा प्रभाव भी सबसे पहले किसान पर ही होता है। मौसम विभाग ने मार्च में ही लू जैसे हालात बनने की चेतावनी दी है। आशंका है कि अगर मार्च में ही इतनी गर्मी बढ़ी तो गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। इससे गेहूं का उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। फसलों की कटाई अब होगी शुरू जिले में रबी फसलों की कटाई का दौर मार्च माह में शुरू होगा। इसके तहत 10 से 15 मार्च के बीच फसलों की कटाई प्रारंभ होगी, जो 15 अप्रेल तक चलेगी। हालांकि अगेती फसलों की कटाई इस माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। गेहूं का दाना छोटा रहने पर समर्थन मूल्य पर खरीद में परेशानी होती है। पिछले साल भी काश्तकारों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ा था। उत्पादन में पडेगा फर्क, जल्दी पक जाएगी फसल तापमान में बढ़ोतरी के कारण गेहूं और जौ की फसल में फर्क पड़ेगा। दाना तो बन जाएगा, लेकिन जल्दी पक जाएगा। इससे उत्पादन में 5-7 प्रतिशत घट सकता है। इसके अलावा अन्य फसलों में कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। अच्छी पैदावार की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी     भोपाल के ग्राम सलैया निवासी कामता पाटीदार ने बताया कि उन्होंने विदिशा जिले के ग्राम दुलई में अपनी 50 एकड़ जमीन में गेहूं की बोवनी की है। धान की फसल लेने के कारण बोवनी जनवरी में हो सकी थी। अभी खेत में गेहूं की हरी फसल खड़ी है। अब बढ़ती धूप देखकर फसल के जल्दी पकने की आशंका है।     खजूरीकला के किसान मिश्रीलाल राजपूत ने बताया कि जनवरी में ठीक ठाक ठंड पड़ने के कारण इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन हरी फसल के दौरान धूप के तीखे तेवर देखकर अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है।     मध्य प्रदेश के किसानों ने वर्ष 2024-25 के रबी सीजन में 138.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल लगाई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा गेहूं का है। सामान्य मौसम में सरकारी एजेंसियों ने इस साल 80 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है। नहीं हो पाता है दानों का पूरा विकास बढ़ते तापमान से गेहूं की बढ़वार रुक जाती है. फसल की लंबाई कम होती है और यह जल्दी पक जाती है. गेहूं में बालियां लगने के बाद दाना भरने के लिए कुछ समय चाहिए होता है. मौसम परिवर्तन के कारण तेज हवा चलती है और तापमान बढ़ जाता है, तो पुष्पन क्रिया शीघ्र हो जाती है. गेहूं की बालियों में दाने नहीं भर पाते हैं. दानों को मजबूती नहीं मिल पाती है, क्योंकि तापमान में तेजी से वृद्धि के कारण दानों का पूरा विकास नहीं हो पाता है और समय से पहले ही दाने परिपक्व हो जाते हैं. दाना कमजोर पड़ जाता है. इससे गेहूं की गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ता है. गेहूं की फसल में ये काम करें गेहूं और जौ की फसलों को बढ़ते तापमान प्रभाव से बचाने के लिए दाना भराव और दाना निर्माण की अवस्था पर सीलिसिक अम्ल 15 ग्राम प्रति 100 लीटर का फॉलियर स्प्रे करना चाहिए. सीलिसिक अम्ल का पहला छिड़काव बलियां निकलते समय और दूसरा छिड़काव दूधिया अवस्था पर करने से काफी लाभ मिलेगा. सीलिसिक अम्ल गेहूं को प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ने की शक्ति प्रदान करता है और निर्धारित समय पूर्व पकने में मदद करता है. इससे उपज में गिरावट नहीं होती है. गेहूं और जौ की फसल में जरूरत के अनुसार, बार-बार हल्की सिंचाई करनी चाहिए. इसके अलावा, 0.2 प्रतिशत म्यूरेट ऑफ पोटाश या 0.2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का 15 दिनों के अंतराल पर दो बार छिड़काव किया जा सकता है. तापमान से नुकसान से बचने के उपाय गेहूं और जौ की फसलों में बाली आने पर एस्कॉर्बिक अम्ल के 10 ग्राम प्रति 100 लीटर पानी का घोल छिड़काव करने से अधिक तापमान होने पर भी नुकसान नहीं होगा. गेहूं की पछेती बोई फसल में पोटेशियम नाइट्रेट 13:0:45, चिलेटेड जिंक, चिलेटेड मैंगनीज का छिड़काव भी फायदेमंद होता है. वातावरण में बदलाव के कारण गेहूं की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है तो इसके नियंत्रण के लिए किसानों को प्रोपिकोनाजोल की एक मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी के घोल को दो बार 10 से 12 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए. दाना पतला पड़ने से पैदावार प्रभावित होगी     मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में किसानों का रुझान धान की खेती की तरफ बढ़ा है। धान की कटाई दिसंबर तक होने के कारण गेहूं की बोवनी भी देरी से हो पाती है। इस वजह से अभी गेहूं की फसल हरी है। यह समय दाना के परिपक्व होने का है। तापमान बढ़ने के कारण फसल जल्दी पकने लगेगी। इससे गेहूं का दाना पतला रह जाएगा। इससे गेहूं के उत्पादन में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट होने की संभावना है। – डॉ. जीएस कौशल, पूर्व संचालक, कृषि विभाग, भोपाल   recent visitors 38

दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए :CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा और सतत विकास की नीति अब वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में निवेशकों ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश की हरित और श्वेत क्रांति के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि जीआईएस भोपाल में प्राप्त निवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को वैश्विक "फूड बास्केट" बनाने के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाएगा। जैविक खेती में अग्रणी मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश पहले ही देश का सबसे बड़ा जैविक खेती वाला राज्य बन चुका है। देश की कुल जैविक खेती में 40% योगदान देने वाले राज्य ने अब इस क्षेत्र का विस्तार कर 17 लाख हेक्टेयर से 20 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सरकार किसानों को निःशुल्क सोलर पंप उपलब्ध करा रही है ताकि वे पर्यावरण अनुकूल तरीकों से उत्पादन कर सकें। राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीते वर्षों में बागवानी फसलों का रकबा27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इससे राज्य के फल-सब्जी उत्पादकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश बनेगा दुग्ध उत्पादन का हब प्रदेश दूध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। वर्तमान में देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9% योगदान देने वाला मध्यप्रदेश अब इसे 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांची ब्रांड ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। प्रदेश में वर्तमान में प्रतिदिन 591 लाख किलो दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे प्रदेश देश में तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है।  नवाचार और खाद्य प्र-संस्करण में निवेश की बाढ़ जीआईएस-भोपाल में "सीड-टु-शेल्फ" थीम पर केंद्रित एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें निवेशकों ने प्रदेश की अपार संभावनाओं को पहचाना। राज्य में 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टरऔर एक लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण योजना के तहत 930 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यहां 70 से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयां और 3,800 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयाँ पहले ही सक्रिय हैं। इनके जरिए कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सिंचाई परियोजनाओं से होगा कृषि क्षेत्र का विस्तार प्रदेश में सिंचित रकबा तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2003 में केवल 3 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। नर्मदा, चंबल, ताप्ती, बेतवा, सोन, क्षिप्रा, कालीसिंध और तवा जैसी सदानीरा नदियों पर बनी सिंचाई परियोजनाओं से यह लक्ष्य संभव हो सकेगा। जीआईएस-भोपाल से रोजगार के नए अवसर जीआईएस-भोपाल में खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र में आये 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से प्रदेश में 8,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के बढ़ने से किसान सीधे अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे, जिससे राज्य की आर्थिक मजबूती को और बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस-भोपाल में हरित और श्वेत क्रांति को लेकर मिले निवेश प्रस्तावों ने मध्यप्रदेश को देश का "फूड बास्केट" बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने का अवसर दिया है। कृषि, जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन में हुए ये निवेश प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखने को तैयार हैं।   recent visitors 41

रमजान में भोपाल में सिर्फ भाईजान की दुकान से सामान खरीदे, वायरल मैसेज से गर्माया सियासी पारा

भोपाल मध्य प्रदेश में रमजान का पवित्र महीना शुरू होते ही सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें मुस्लिम समुदाय से सिर्फ मुस्लिम दुकानदारों से सामान खरीदने की अपील की जा रही है. इस मैसेज ने सूबे की सियासत को गरमा दिया है. हालांकि, मुस्लिम समाज के कई लोगों ने इसे गलत परंपरा करार देते हुए कहा है कि वे ऐसे संदेशों पर ध्यान नहीं देंगे और समाज को बांटने की कोशिशों को नाकाम करेंगे.   रमज़ान की शुरुआत के साथ अगले 30 दिन तक रोज़ेदार अल्लाह की इबादत में जुटे रहेंगे और ईद के साथ इसे पूरा करेंगे. इस बीच, भोपाल में मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए मुस्लिमों से केवल मुस्लिम दुकानदारों से खरीदारी करने का अभियान चलाया जा रहा है. एक 'X' यूज़र इबरार अहमद ने लिखा, "अस्सलामुअलैकुम. रमज़ान का मुबारक महीना आ गया है. खरीदारी सोच-समझकर करें, खास तौर पर उनसे जो आपकी खरीदारी से रमज़ान और ईद खुशी से मना सकें." आजतक की टीम ने भोपाल में कई लोगों से बात की, जिन्होंने ऐसे मैसेज दिखाए लेकिन कहा कि वे इन पर अमल नहीं करेंगे. सियासी बवाल इस मैसेज पर सियासत भी शुरू हो गई है. बीजेपी विधायक और पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, "जब हिंदुओं के कुंभ में मुस्लिमों को दुकान लगाने से रोकने की बात होती है, तो खूब हल्ला मचता है. लेकिन अब ये पार्टियां चुप क्यों हैं?" वहीं, कांग्रेस ने इसे चिंताजनक बताया. MP कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा, "पिछले 10 सालों में माहौल इतना खराब हो गया है कि लोग धर्म के आधार पर खरीदारी की बात कर रहे हैं. यह समाज के लिए खतरनाक है." पहले भी हुई थी ऐसी अपील पिछले साल दिवाली पर भी हिंदुओं से 'अपना त्यौहार, अपनों के साथ' हैशटैग के साथ हिंदू दुकानदारों से खरीदारी की अपील हुई थी. अब रमज़ान में इसी तरह का कैंपेन सामने आने से दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई है. बीजेपी इसे विपक्ष की चुप्पी से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बता रही है. भाईचारे पर सवाल त्यौहार आमतौर पर भाईचारे का प्रतीक होते हैं, लेकिन इस तरह के मैसेज से समाज को बांटने की कोशिशें चिंता का विषय बन गई हैं. सामाजिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी हरकतों पर लगाम लगाना जरूरी है, वरना सामाजिक तनाव बढ़ सकता है. फिलहाल, यह मामला मध्य प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.   recent visitors 41

MP अब एक बार फिर 8500 पदों पर भर्ती की जाएगी, शासन को प्रस्ताव भेजा

भोपाल  मध्य प्रदेश में जल्द ही 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाने वाली है। गृह विभाग के पास खाली पदों की जानकारी भेजी गई थी, जिसके बाद अब पुलिस भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस भर्ती से न केवल शासन के पास मौजूद पुलिस बल में इजाफा होगा बल्कि जनता भी पहले से ज्यादा महफूज होगी। वहीं जो लोग पुलिस में नौकरी करना चाहते हैं उनके लिए भी ये खबर काम की है। 2 महीने पहले ही 7500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके बाद अब एक बार फिर 8500 पदों पर भर्ती की जाएगी। प्रदेश के इतिहास में शायद पहली बार होगा जब एक ही साल के अंदर 15500 पुलिसकर्मी चयनित होंगे और कानून व्यवस्था दुरुस्त हो सकेगी। बता दें कि 8500 पुलिसकर्मियों की इस भर्ती में 7500 सिपाही, 500 सब इंस्पेक्टर और 500 ऑफिस स्टाफ के पद शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 8 साल बाद सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती की जाने वाली है। मध्य प्रदेश का गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव देखते हैं। ऐसे में पुलिस भर्ती का फैसला युवाओं और बेरोजगारों के लिए हितकारी होने की बात कही जा रही है। डीजीपी मकवाना ने दी जानकारी मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना में खुद सोशल मीडिया के जरिए 8500 पदों पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की जानकारी दी है। बता दें कि इसके पहले भी जब मकवाना ने डीजीपी का पदभार संभाला था। तब उन्होंने देखा कि प्रदेश में केवल पुलिस बल एक लाख ही है और 25000 पद खाली पड़े हैं। हर साल रिटायर्ड होने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 500 से 700 है, जिससे बल कम हो रहा है। इस बात की जानकारी उन्होंने गृह विभाग को दी थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को तुरंत ही स्वीकार कर लिया था। 7500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई है और इसका रिजल्ट आना बाकी है। वहीं अब 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। भारती नियमों में हुआ संशोधन बता दें गृह विभाग की ओर से सब इंस्पेक्टर पद की भर्ती के नियमों में संशोधन किया गया है। अब इन नियमों में सब इंस्पेक्टर रेडियो और फोटो फिंगरप्रिंट पद को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा अब 38 साल तक के उम्मीदवार सब इंस्पेक्टर पद की परीक्षा दे सकते हैं जबकि अब तक यह उम्र 36 साल रखी गई थी। नियमों में संशोधन होने से ज्यादा युवा भर्ती का हिस्सा बन सकेंगे। 8 सालों से नहीं हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार पद की भर्ती बीते 8 सालों से नहीं हुई है। फिलहाल 1200 पद ऐसे हैं जो खाली है। भर्ती नियमों में संशोधन होने के बाद अब सब इंस्पेक्टर के 500 पदों पर भर्ती होगी। इसके अलावा स्टेनो और एएसआई के पद पर भी भर्ती होगी। recent visitors 62