गर्माहट के बीच जेलेंस्की ने ट्रंप को कहा शुक्रिया, पर माफी मांगने से किया इनकार; खाली हाथ लौटना पड़ा

वाशिंगटन अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच व्‍हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. इसके बाद अब ये सवाल उठ रहा है कि लगभग 3 साल से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध का क्‍या होगा? क्‍या यूक्रेन, बिना अमेरिका की मदद के रूस के सामने टिका रह सकता है? यूक्रेन को अभी यूरोपीय देशों का साथ मिल रहा है, क्‍या इनके दम पर वोलोदिमीर जेलेंस्की युद्ध में खड़े रह पाएंगे? रूस आखिर क्‍यों यूक्रेन के साथ अब समझौते को तैयार हो गए हैं? इन सभी सवालों के जवाब हमें आने वाले समय में मिल जाएंगे, लेकिन ट्रंप और जेलेंस्की के बीच इतनी दूरियां क्‍यों आती जा रही है… आखिर, क्‍यों सत्‍ता बदलते ही अमेरिका का नजरिया रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बदल गया है? आइए जानते हैं… क्‍या यहीं तक था यूक्रेन और अमेरिका का साथ? अभी तक सिर्फ ऐसी अटकलें लग रही थीं कि ट्रंप और जेलेंस्की में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन अब ये जगजाहिर हो गया है. ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान हुई गरमागरम बहस के बाद अमेरिका-यूक्रेन के बीच का मनमुटाव साफ हो गया है. पिछले दिनों ट्रंप द्वारा जेलेंस्की को 'तानाशाह' कहे जाने के बाद हुई इस बैठक में दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ा कि जेलेंस्की बैठक के लिए तय समय से पहले ही यूएस-यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण खनिज सौदे पर हस्ताक्षर किए बिना व्हाइट हाउस से चले गए. ट्रंप के साथ तीखी बहस के बाद जेलेंस्‍की ने कहा कि उनका मानना ​​है अमेरिका के साथ यूक्रेन के रिश्‍तों को बचाया जा सकता है. 'उसी हाथ को काट रहे…' रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, "ओवल ऑफिस में क्रूर तरीके से पिटाई की गई." रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह चमत्कार था कि ट्रंप और वेंस ने बहस के दौरान ज़ेलेंस्की पर हमला करने से खुद को रोक लिया, जिसे दुनिया भर के समाचार चैनलों पर प्रसारित किया गया. उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की उसी हाथ को काट रहे थे, जिसने उन्हें खिलाया था. रूस ने लंबे वक्त से ज़ेलेंस्की को एक अस्थिर और आत्म-मुग्ध अमेरिकी कठपुतली के रूप में चित्रित किया है. ज़ेलेंस्की ने उस कैरेक्टर को खारिज कर दिया है, उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के सहयोगियों की मदद से रूस से अपने देश की रक्षा करने के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं, जो वह कर सकते हैं. 'चुनाव के बिना तानाशाह…' मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच तेजी से हो रहे मेल-मिलाप से यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी चिंतित हो गए हैं, जिन्हें डर है कि ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन एक ऐसा सौदा कर सकते हैं, जो उन्हें दरकिनार कर देगा और उनकी सुरक्षा को कमजोर कर देगा. पुतिन ने बार-बार कहा है कि ज़ेलेंस्की वैध नेता नहीं हैं क्योंकि उनका पांच साल का कार्यकाल पिछले साल खत्म हो गया था. यूक्रेन चुनाव कराने में असमर्थ रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में युद्ध छिड़ने के बाद से यह मार्शल लॉ के अधीन है. ट्रंप ने पिछले हफ्ते पुतिन के बयान को दोहराते हुए ज़ेलेंस्की को 'चुनाव के बिना तानाशाह' बताया. व्हाइट हाउस में ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच टकराव ने यूक्रेनी नेता को तीन साल के युद्ध में पहले से कहीं ज़्यादा उजागर कर दिया है, जिसके दौरान उनका देश ट्रंप के पूर्ववर्ती जो बाइडेन द्वारा आपूर्ति की गई सहायता और हथियारों पर बहुत अधिक निर्भर रहा है. क्रेमलिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई मार्कोव ने कहा कि ओवल ऑफिस में टकराव से ज़ेलेंस्की के सियासी सफर के आखिरी में तेजी आने की संभावना है. कुछ रूसी अधिकारी कुछ समय से यह देखना चाहते थे, क्योंकि उनका मानना ​​था कि किसी और के साथ शांति समझौता करना आसान होगा. रूस के संसद के ऊपरी सदन के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाच्योव ने कहा कि गहमागहमी के बाद ज़ेलेंस्की को पहचाना जा चुका है, उनका असली रंग उजागर हो चुका है. recent visitors 44

15 साल पुराने वाहनों पर सरकार का बड़ा फैसला, 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

 नई दिल्ली  दिल्ली की सरकार ने वाहनों को लेकर शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया। जिसमें पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने कहा कि 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार 31 मार्च के बाद शहर भर के ईंधन स्टेशनों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को पेट्रोल देना बंद कर देगी। प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम-सिरसा राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद, सिरसा ने कहा कि सरकार वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। बैठक में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, अनिवार्य एंटी-स्मॉग उपाय और इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन में बदलाव सहित प्रमुख नीतिगत निर्णयों पर ध्यान केंद्रित किया गया. बैठक के बाद सिरसा ने कहा, "हम पेट्रोल पंपों पर गैजेट लगा रहे हैं जो 15 साल से ज़्यादा पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें कोई ईंधन नहीं दिया जाएगा." उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस फ़ैसले के बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को सूचित करेगी. पुराने वाहनों को ईंधन की आपूर्ति को प्रतिबंधित करने के अलावा, सिरसा ने घोषणा की कि राजधानी में सभी ऊंची इमारतों, होटलों और वाणिज्यिक परिसरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 90 प्रतिशत सार्वजनिक सीएनजी बसों को दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा और उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जो सरकार के स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में उठाए गए कदम का हिस्सा है. यह घोषणाएं शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में की गई हैं. AAP सरकार पर साधा निशाना उन्होंने पूर्व के AAP सरकार पर निशाना साधा और कहा कि पिछली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कोई भी कम नहीं उठाया. केंद्र सरकार की तरफ से जो भी फंड दिया गया उनका भी इस्तेमाल नहीं किया गया था. दिल्ली में तीन विषय हैं- एक डस्ट प्रदूषण है, एक व्हीकल प्रदूषण है , एक कंस्ट्रक्शन प्रदूषण है. दिल्ली में स्प्रिंकलर भी नहीं लगाए थे. पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हम एक टीम का गठन कर रहे हैं जो 15 साल पुराने व्हीकल को आईडेंटिफाई करेगी. हैवी व्हीकल को लेकर पहले जांच करेंगे कि आखिर कौन से व्हीकल दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं. जो तय नियम है क्या उसी के तहत दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं या नहीं. यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को प्लांटेशन के ड्राइव में जोड़ा जाएगा. दिल्ली में कई बड़े ऑर्गेनाइजेशन हैं, जिनकी वजह प्रदूषण होता है. हम उन्हें भी निर्देश जारी कर रहे हैं कि प्रदूषण को कम करने के लिए नए गैजेट्स को लगाए. दिल्ली की हाई राइज बिल्डिंग पर एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य होगा. होटलों को भी लगानी होगी स्मॉग गन मंत्री ने कहा कि दिल्ली में जितने कमर्शियल कंपलेक्स हैं, होटल हैं, उन्हें भी अनिवार्य होगा कि स्मॉग गन लगाई जाए. दिल्ली में जो खाली लैंड है, उसमें नए जंगल तैयार किए जाएंगे ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके. हम क्लाउड सीडिंग को लेकर भी काम करना शुरू करेंगे. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जब दिल्ली में प्रदूषण सबसे अधिक होगा तब क्लाउड सीडिंग के माध्यम से प्रदूषण को कम किया जा सके. दिल्ली में जो नई हाई राइज बिल्डिंग बन रही है, उसके लिए भी नए नियम लागू होंगे. हमारा एक ही लक्ष्य है, जो प्रदूषण कर रहा है समाधान भी वही देगा. जब हम अपने राज्य का प्रदूषण कम करेंगे तभी हम दूसरे राज्यों को बोल पाएंगे. दिल्ली का अपना प्रदूषण भी 50 फ़ीसदी से ज्यादा है. हमने अपनी अथॉरिटी को कहा है कि सरकार पूरी तरीके से सपोर्ट करने के लिए तैयार है. recent visitors 54

मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियाँ राज्य में टैक्सटाइल सेक्टर को सशक्त बना रही हैं। जीआईएस-जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को देश की 'कॉटन कैपिटल' घोषित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की प्रसिद्ध चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों, बाघ प्रिंट, छीपा हैंड-ब्लॉक प्रिंट और बटिक प्रिंट की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि देश के सात बड़े टैक्सटाइल पार्कों में से एक मध्यप्रदेश में स्थापित किया जा रहा है। भोपाल में राज्य सरकार के प्रयासों से देश-विदेश के निवेशकों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि मध्यप्रदेश भारत के टैक्सटाइल और एपैरल हब के रूप में स्थापित हो रहा है। जीआईएस भोपाल में टैक्सटाइल निवेश को बढ़ावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में टैक्सटाइल उद्योग में निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला। प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 21 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव में अधिकांश टैक्सटाइल उद्योग को प्राप्त है। इससे युवाओं के लिये 1.3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उद्योग और निवेश संवर्धन विभाग के अंतर्गत 8,616 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हुआ है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 60 से अधिक बड़ी टैक्सटाइल मिलें संचालित हैं। साथ ही इंदौर के रेडीमेड गारमेंट और अपैरल क्लस्टर में 1,200 से अधिक इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। पीएम मित्र पार्क: रोजगार और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मध्यप्रदेश के धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क देश का सबसे बड़ा टैक्सटाइल पार्क है। इसमें एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पीएम-मित्र पार्क प्रदेश को टैक्सटाइल उद्योग में नये सिरे से स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल क्षेत्र: महत्वपूर्ण तथ्य मध्यप्रदेश में भारत के 43% जैविक कपास का उत्पादन होता है। विश्व में प्रदेश के कपास उत्पादन का योगदान 24% है। प्रदेश में कपास का उत्पादन 31 हजार 700 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसलिए इसे कॉटन कैपिटल कहा गया है। मलबरी सिल्क को मिलाकर 200 मीट्रिक टन सिल्क का उत्पादन होता है। नवीन टैक्सटाइल नीति-2025 से उद्योगों को मिल रहा प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्सटाइल उद्योग के लिए नई नीति लागू की है, जिसमें निवेशकों को कई वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नीतिगत प्रावधानों में प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश पर 10 से 40% तक की राशि निवेश संवर्द्धन सहायता के रूप में उद्यमियों को दी जाएगी। इस पर 5 से 7% तक ब्याज अनुदान भी 5 वर्ष तक दिया जाएगा। इकाइयों में बिजली, पानी और सड़क अधोसंरचना निर्माण के के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही इकाइयों के परिसर में कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए 1 करोड़ रुपये तक की ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन सब्सिडी भी दी जाएगी। एपैरल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। पहली बार 5 लाख रुपये तक के पेटेंट शुल्क की 100% वापसी, पेटेंट मिल जाने पर दी जाएगी, साथ ही पेटेंट प्रक्रिया में भी सरकार आवश्यक सहायता करेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ-विजन को मध्यप्रदेश ने दिया मूर्त रूप प्रधानमंत्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल में टैक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर के विकास के लिए "5-एफ विजन'' फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन का मंत्र देते हुए कहा कि देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। इनमें फार्म के अंतर्गत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए कपास और रेशम किसानों से कच्चे माल के उत्पादकों को जोड़ना। ‘फाइबर’ में फाइबर निर्माण और प्र-संस्करण इकाइयों का प्रदर्शन सुधारना, जो उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जबकि, ‘फैक्ट्री’ के तहत प्रदेश के वस्त्र निर्माण और औद्योगिक उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करना शामिल है। ‘फैशन’ में परिधान डिजाइन, ब्रांडिंग और वस्त्र उद्योग के रचनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना और ‘फॉरेन’ में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत कर निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना आता है। मध्यप्रदेश ने विजन को साकार करते हुए कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। टैक्सटाइल सेक्टर में पूर्व में प्राप्त हो चुका है 3,513 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश सरकार की नई टैक्सटाइल नीति से प्रदेश को पीएलआई योजना के अंतर्गत 3,513 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य में स्थापित मेगा टैक्सटाइल पार्कों के माध्यम से ब्यावरा और नीमच में बड़े निवेश आ रहे हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल उद्योग के क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक समृद्धि को बनाए रखते हुए आधुनिक औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के अनुकूल नीतियों, टैक्सटाइल पार्कों, और विशेष आर्थिक पैकेजों के माध्यम से राज्य न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। बड़ी कंपनियां कर रही हैं मध्यप्रदेश में निवेश ओबीटी प्रायवेट लिमिटेड के सीईओ इंगो सोयलर ने बताया कि उनकी कंपनी टेक्निकल नॉन वूवन फेब्रिक मैन्यूफैक्चरिंग में लीडिंग है। उन्होंने बताया कि ओबीटी कम्पनी 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर भोपाल में उद्योग स्थापित कर रही है। इसी तरह अरविंद ग्रुप के हेड कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. परम शाह ने बताया कि उनकी कम्पनी मध्यप्रदेश में 800 करोड़ से अधिक का निवेश करने जा रही है। recent visitors 45

उज्जैन में 2028 सिंहस्थ की तैयारी, शिप्रा नदी किनारे 2344.10 हेक्टेयर जमीन पर ‘सिंहस्थ नगर’ का निर्माण

 उज्जैन  धर्मधानी उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे 2344.10 हेक्टेयर जमीन पर ‘सिंहस्थ नगर’ का निर्माण होने जा रहा है। इसमें आश्रम, अस्पताल, स्कूल-कालेज, गुरुकुल, धर्मशाला एवं दर्शनीय स्थल बनाने को न्यूनतम एक हेक्टेयर के प्लाट कटेंगे। आसान पहुंच के लिए 18 मीटर चौड़े मार्ग बनाए जाएंगे। निवेशकों को साढ़े 12 मीटर ऊंचे भवन बनाने की अनुमति मिलेगी। प्लांट आवंटन की मुख्य शर्त यह होगी कि उन्हें न्यूनतम 10 मीटर सीमांत खुला क्षेत्र छोड़ना होगा और परिसर में कम से कम 75 पौधे प्रति हेक्टेयर के मान से लगाने होंगे। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने प्रकाशित की पुस्तक दो दिन पहले महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भगवान महाकाल को अर्पित और विक्रमोत्सव के शुभारंभ समारोह में विमोचित पुस्तक ‘अलौकिक सिंहस्थ’ में सिंहस्थ नगर विकास का लेख है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा प्रकाशित 36 पेज की इस पुस्तक के शुरुआती पन्नों में यहां वर्ष 2028 में लगने वाले महाकुंभ सिंहस्थ का महत्व बतलाया है। 15 करोड़ श्रद्धालुओं के समागम का अनुमान 14 पन्नों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन शहर में प्रचलित और प्रस्तावित कार्यों की संक्षिप्त जानकारी शामिल की गई है। पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विरासत से विकास की अवधारणा को समर्पित है, जिसमें अलौकिक सिंहस्थ का लोकव्यापी आह्वान किया है। इसमें 15 करोड़ श्रद्धालुओं के समागम का अनुमान लगाया गया है। लेख है कि इस बार सिंहस्थ क्षेत्र के लिए आरक्षित 3061 हेक्टेयर भूमि में से 2344.10 हेक्टेयर भूमि पर ग्लोबल स्पिरिच्युअल सिटी के रूप में सिंहस्थ नगर का विकास किया जाएगा। ऐसा नगर जहां सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, उद्यान के कार्य स्थायी प्रकृति के किए जाएंगे। 1172 हेक्टेयर जमीन विकसित कर प्लाट आवंटित किए जाएंगे। 468.080 हेक्टेयर जमीन सड़क निर्माण में चली जाएगी। 117.20 हेक्टेयर क्षेत्र खुला रखा जाएगा। सिंहस्थ नगर का विकास, उज्जैन विकास प्राधिकरण करेगा। शिप्रा को निर्मल एवं अविरल करने का भी लेख पुस्तक में शिप्रा नदी को प्रवाहमान एवं अविरल करने के लिए स्वीकृत 919 करोड़ रुपये की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना, 468 करोड़ रुपये की सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी बांध परियोजना का भी लेख है। इसके साथ 37 करोड़ रुपये से कान्ह नदी पर पांच एवं शिप्रा नदी पर एक बैराज बनाने, 562 करोड़ रुपये से 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, 904 करोड़ रुपये से नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना करने, रेलवे स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर तक का सफर श्रद्धालुओं को हवाई रास्ते से कराने को 199 करोड़ रुपये से रोप-वे की स्थापना कराने की बात है। वहीं 2836 करोड़ रुपये से उज्जैन-आगर-झालावाड़ रेल लाइन बिछाने, 140 किलोमीटर लंबी 33 सड़कें बनाने सहित 450 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, 46 करोड़ से निर्माणाधीन आइटी पार्क, सदावल में साढ़े 13 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन हेलीपैड की जानकारी भी शामिल है। प्रस्तावित इन कार्यों की जानकारी भी     30 करोड़ रुपये से रुद्रसागर के सामने 1600 व्यक्तियों की क्षमता के प्रवचन हाल का निर्माण।     159 करोड़ रुपये से कर्क राज, मंगलनाथ, कालभैरव मंदिर क्षेत्र में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण।     25 करोड़ रुपये से गोपाल मंदिर के सामने स्थित रीगल टाकीज की भूमि पर सरफेस पार्किंग संग 45 दुकानों के काम्प्लेक्स का निर्माण।     50 करोड़ रुपये से देवास गेट बस स्टैंड का पुनर्निमाण एवं 98 कमरों का होटल, 40 दुकान, बेसमेंट पार्किंग का निर्माण।     15 करोड़ रुपये से नगर निगम की रत्नाखेड़ी गांव में स्थित कपिला गोशाला का विकास।     30 करोड़ रुपये से मंगलनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार और साढ़े 15 करोड़ रुपये से 84 महादेव मंदिरों का विकास कार्य।     745 हेक्टेयर जमीन पर विक्रम उद्योगपुरी का विस्तार।   recent visitors 45

मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट से मेरा अलग लगाव, नक्सलियों को भी दिया खुला चैलेंज

बालाघाट  मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव बालाघाट के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने बालाघाट को कई सौगातें दी हैं। सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में बालाघाट जिले की सूरत ही बदल जाएगी। किसान सम्मेलन के दौरान सीएम ने 326 करोड़ 60 लाख रुपए के विकासकार्यों का भूमिपूजन और 264 करोड़ रुपए के विकासकार्यों का लोकार्पण किया। इस राशि से जिले में स्कूल, अस्पताल और पुलों का निर्माण होगा। इसके साथ ही मोहन यादव ने नक्सलियों को भी चुनौती दी है। नक्सलवाद के लिए कोई जगह नहीं सीएम मोहन यादव ने नक्सलवाद को खुली चुनौती देते हुए कहा कि नक्सलवाद के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। अगर बाहर से कोई नक्सली आएगा तो जिंदा वापस नहीं जाएगा। दरअसल, बालाघाट में लगातार हॉक फोर्स नक्सलियों को ढेर कर रही है। बालाघाट से अलग लगाव किसान सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेरा बालाघाट से अलग ही तरह का लगाव है। हमारे प्रदेश के 54 जिले एक तरफ और बालाघाट एक तरफ। बालाघाट खनिज का बड़ा केंद्र है। परमात्मा ने इस जिले पर प्रेम लुटाया है। यहां के चिन्नौर का चावल अलग ही महकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रेदश विकास के नई कीर्तिमान बना रहा है। बालाघाट में नए उद्योग लग रहे हैं। आजादी के बाद से मध्यप्रदेश की विकास दर माइनस में थी। लेकिन, अब हमारे राज्य की ग्रोथ 13 फीसदी है। जिले में विकास कार्यों की सौगात गौरतबल है कि सीएम डॉ. यादव की घोषणा के बाद बालाघाट जिले में कुल 326 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से 117 अलग-अलग काम होंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए की लागत से 39 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। 24 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी में विकास काम होंगे। 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। 9 करोड़ रुपए की लागत से लामदा में नवगठित तहसील कार्यालय भी बनाया जाएगा। 8 करोड़ रुपए की लागत से खरपड़िया-सिवनहेटी-कटंगी मार्ग बनाया जाएगा। 3 करोड़ रुपए की लागत से स्कूल-शिक्षा के काम होंगे। 2 करोड़ रुपए की लागत से कटंगीझरी-लोमता-डोरिया-बेलगांव में प्राथमिक स्कूल का निर्माण होगा। सीएम राइज स्कूल-हॉस्टल-पुल का भी निर्माण मोहन यादव ने कहा कि 264 करोड़ रुपए के 68 कामों का लोकार्पण भी किया। इसमें 145 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट-बिरसा-बारासिवनी-मलाजखंड-लालबर्रा में बना सीएम राइज स्कूल, 55 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट के बेहर-पसरवाड़ा-खेरलांजी में स्कूलों का उन्नयन-छात्रावासों का निर्माण, 10 करोड़ रुपए की लागत से पुल-पुलियाओं का निर्माण, 9 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी-खंडवा पुल का निर्माण, 7 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से शहीद चंद्रशेखर आजाद एक्सट्रोटर्फ का लोकार्पण शामिल हैं। युवाओं-किसानों को लाभ इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार 5 साल में 2 लाख पद भरेगी। साल 2028 तक हम युवाओं को भरपूर रोजगार देंगे। recent visitors 32

भोपाल में आप के ऑफिस पर मकानमालिक ने लगाया ताला, 3 महीने से नहीं दिया था किराया

भोपाल आम आदमी पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. अब इस हार का असर दूसरे राज्यों में भी देखने को मिलने लगा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आप पार्टी के ऑफिस में ताला लगा दिया गया है. मामला किराए से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आम आदमी पार्टी का प्रदेश कार्यालय सुभाष नगर में स्थित है. जहां पिछले लंबे समय से प्रदेश की आप की राजनीति चल रही थी. जहां अब मकान मालिक ने किराया नहीं मिलने से ऑफिस के गेट पर ताला लगा दिया. बताया जा रहा है कि पिछले 4 महीनों से आप पार्टी ने ऑफिस का किराया नहीं दिया है. मकान मालिक ने लगाए कई गंभीर आरोप मकान मालिक विवेक गंगलानी ने बताया कि पार्टी कार्यालय में चल रही गतिविधियों से आपत्ति है. पार्टी कार्यालय में शराब की पेटियां और दूसरी गतिविधियों पर मकान मालिक ने नाराजगी जताई है. मकान खाली कराने पर आम आदमी पार्टी के लोगों ने दी गंगलानी को धमकी भी दी है. मालिक का कहना है कि दफ्तर का किराया और बिजली बिल भी नहीं भरा है. विवेक ने कहा कि अब मैं पुलिस थाने में शिकायत करूंगा. कानून का सहारा लेना जरूरी है. मकान मालिक दिलीप मंगलानी ने बताया, आम आदमी पार्टी ने मेरा मकान किराए पर लिया था। 4-5 महीने हो गए, जिसमें से दो महीने का किराया बड़ी मुश्किल से दिया। फिर तीन महीने से किराया दिया ही नहीं। फोन लगाते हैं तो कहते हैं आ रहे हैं। ये रात में आकर चोरों की तरह बिना पूछे आधा सामान निकाल कर ले गए। दिलीप ने कहा, अगर कमरा खाली करना है तो हिसाब क्लियर करके सामान ले जाओ। चोरों की तरह सामान ले गए और पैसा देने भी नहीं आ रहे। तीन महीने का 60 हजार रुपए किराया और 13 हजार बिजली का बिल अभी तक नहीं दिया इसलिए ताला लगाया है। बता दें, दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामने करना पड़ा है। केजरीवाल के नाम से धमकाते हैं दिलीप मंगलानी ने कहा- मैंने आम आदमी पार्टी के लोगों से कहा आप तो मेरा पैसा दे दो, खाली कर दो बात खत्म। उन्होंने अभी तक पैसे नहीं दिए। अब मैं पुलिस थाने में शिकायत करूंगा। कानून का सहारा लेना जरूरी है। कौन हैं आप का एमपी प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश में सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष हैं. उन्होंने निकाय चुनाव में आप के टिकट पर महापौर का चुनाव जीतकर एमपी में आप की एंट्री कराई थी. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ गलतफहमी के कारण ये हो रहा है. 5 तारीख को मैं वहां बैठक करूंगी और मीडिया से भी बात करेंगे.हालांकि पार्टी के दूसरे पदाधिकारियों ने भी फिलहाल जानकारी से इंकार किया है. हाल ही में दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. 'विधानसभा चुनाव के बाद अरेरा कॉलोनी से खाली किया था ऑफिस विधानसभा चुनाव 2023 के पहले आम आदमी पार्टी ने सुभाष नगर से प्रदेश कार्यालय को अरेरा कॉलोनी में शिफ्ट किया था। विधानसभा चुनाव के छह महीने पहले से आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में करीब 40 लोगों की टीम तैनात की गई थी। आप के प्रदेश कार्यालय में भोपाल और दिल्ली के पदाधिकारियों की टीम चुनावी तैयारियों में जुटी थी। लेकिन, जैसे ही चुनाव में आप की हार हुई तो अरेरा कॉलोनी से प्रदेश कार्यालय की बिल्डिंग खाली कर दी गई थी। चुनावी मैनेजमेंट और कामकाज के लिए रखे गए कर्मचारी भी हटा दिए थे। जल्द खुल जाएगा ताला' उन्होंने कहा कि हमारे कार्यालय प्रभारी एक शादी समारोह में बाहर गए थे. कार्यालय में महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान रखा है इसलिए उन्होंने ताला लगा दिया था. अब वो वापस भोपाल आ गए हैं और शनिवार शाम तक ताला खुल जाएगा. प्रदेश कार्यालय हमारे संघर्षों का गवाह है और मैं जल्द ही भोपाल आकर प्रदेश कार्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भी लेने वाली हूं. recent visitors 58

चमोली हिमस्खलन में रेस्क्यू किए गए 50 में से चार मजूदरों की मौत, 5 मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी

चमोली उत्तराखंड के चमोली में हुए हिमस्खलन में मांड़ा गांव में 55 मजदूर फंस गए थे. मजदूरों के बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. अब तक 50 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. हालांकि, रेस्क्यू किए गए 50 में से चार मजूदरों की मौत हो गई. वहीं, फंसे हुए 5 मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. मजदूरों को बचाने के लिए आइबेक्स ब्रिगेड की बचाव टीम के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है. सड़कें अवरुद्ध होने के कारण लोगों को निकालने के लिए कुल 06 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं. हेलीकॉप्टरों में भारतीय सेना विमानन के 3 चीता हेलीकॉप्टर, वायु सेना के 2 चीता हेलीकॉप्टर शामिल हैं. वहीं, रेस्क्यू अभियान में एक नागरिक हेलीकॉप्टर को भी शामिल किया गया है. रेस्क्यू अभियान में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक 50 लोगों को बचाया जा चुका है. दुर्भाग्य से चार घायल व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है. घायलों को निकालने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है. सेना द्वारा लापता शेष पांच लोगों को बचाने के लिए खोज अभियान जारी है. वरिष्ठ सेना अधिकारी व्यक्तिगत रूप से चल रहे बचाव अभियान की निगरानी करने के लिए दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. वहीं,  मुख्यमंत्री खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं. जोशीमठ के आर्मी हेलीपैड से चलाया जा रहा है रेस्क्यू अभियान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर जोशीमठ के आर्मी हेलीपैड से रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं. वर्ष 2013 की आपदा में भी यहीं से हेलीपैड से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था. उसे समय भी आईटीबीपी और भारतीय सेना देवदूत साबित हुई थी. हालांकि अभी भी बचे हुए 5 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. रेस्क्यू अभियान में खराब मौसम बांधा बन रहा है. recent visitors 35