धनकुबेर सौरभ शर्मा ने नहीं कबूला आखिर संपत्ति किसकी, अब घोषित होगी सरकारी संपत्ति!

भोपाल भोपाल के मेंडोरी में इनोवा कार से जब्त किए गए 11 करोड़ रुपए कैश और 52 किलो गोल्ड के मामले में सबसे अहम किरदार चेतन सिंह गौर बनेगा। अब तक लोकायुक्त, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग सौरभ शर्मा से यह कबूल नहीं करा सके हैं कि यह सोना और कैश उसका है। सौरभ शर्मा द्वारा कैश और गोल्ड खुद का न मानने की स्थिति में चेतन को या तो उसे स्वीकार करना होगा कि यह सब उसका है अन्यथा उसे यह साबित करना होगा कि यह सौरभ शर्मा का है। इसके साथ ही आयकर विभाग के अफसरों की जिम्मेदारी होगी कि कैश और ज्वेलरी के असली मालिक की तलाश करें। आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों से अब तक तीन एजेंसियों लोकायुक्त, ईडी और आयकर विभाग ने पूछताछ की है। सूत्र बताते हैं कि अब तक हुई पूछताछ में सौरभ शर्मा ने यह स्वीकार नहीं किया है कि मेंडोरी में इनोवा कार में मिला सोना और कैश उसका है। ऐसे में आयकर अफसरों के समक्ष यह परेशानी है कि उसके मालिक को सामने लाएं और अपनी जांच रिपोर्ट फाइल करें। सोमवार से शुक्रवार तक लगातार चार दिन तक केंद्रीय जेल में पहुंचकर पूछताछ कर रहे अधिकारियों की आगे भी अभी पूछताछ चलते रहने की संभावना है। सौरभ ने नहीं स्वीकारा तो ये स्थितियां बनेंगी आरके पॉलीवाल बताते हैं कि एक स्थिति यह भी बन सकती है कि सौरभ की मनाही पर आयकर विभाग के समक्ष चेतन सिंह गौर यह साबित कर दे कि गाड़ी भले ही उसकी है लेकिन उसे उसने किराए पर दे रखा था और जिस व्यक्ति को दिया था, उसी की संपत्ति है लेकिन इसके लिए उसे यह साबित करने वाले प्रूफ जांच टीम को देने होंगे। पूरे मामले की जांच कर रहे अफसरों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे संपत्ति के असली मालिक की तलाश करें और इन्वेस्टिगेशन के हर एंगल का ध्यान रखें ताकि सच सामने आए। दूसरी स्थिति यह बनेगी अगर जांच के बाद किसी भी स्थिति में साबित नहीं होता कि संपत्ति किसकी है तो सरकार के कब्जे में आ चुकी यह राशि और सोना सरकारी घोषित कर दिया जाएगा लेकिन ऐसी स्थिति बनने पर जांच टीम पर सवाल उठेंगे। इसलिए आयकर विभाग हर हालत में पूछताछ करके इसके असली मालिक की तलाश करेगा। अगर सौरभ या चेतन में से किसी ने यह स्वीकार कर लिया कि जब्त किया गया कैश और गोल्ड उनका है तो जो जब्त हुआ है उसकी आय का स्त्रोत बताना होगा और इसके बाद 200 प्रतिशत पेनल्टी और अलग-अलग धाराओं में ईडी केस बना सकेगी। साथ ही आयकर विभाग में अलग से पेनल्टी और ब्याज की वसूली करेगा। जमानत याचिका हो चुकी है खारिज ईडी की अदालत ने 20 फरवरी को सौरभ शर्मा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. सौरभ के वकील ने जमानत देने के पक्ष में कोर्ट में तर्क रखा था कि उनके मुवक्किल की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है. उनके पास से कोई जब्ती भी नहीं हुई. इसके साथ ही वह जांच एजेंसियों का वह पूरा सहयोग करेंगे. लिहाजा, उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. वहीं, सरकारी वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया था. फार्म हाउस से मिला था 52 किलो सोना धनकुबेर सौरभ शर्मा के फॉर्म हाउस पर छापेमारी में 52 किलोग्राम सोना और 11 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ था. कई दिनों तक पुलिस से फरार चल रहे सौरभ शर्मा को लोकायुक्त ने गिरफ्तार किया था. चेतन सिंह गौर की जिम्मेदारी बढ़ी यदि सौरभ शर्मा संपत्ति के मालिक होने से इनकार करते हैं, तो अब चेतन सिंह गौर को यह साबित करना होगा कि यह संपत्ति उसकी है। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि चेतन ने स्वीकार किया कि गाड़ी उसकी है, तो उसे यह साबित करना होगा कि वह संपत्ति किसी और को किराए पर दी गई थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि चेतन सिंह गौर पर अब इस मामले की जिम्मेदारी आ सकती है। क्या हो सकता है अगर मालिक सामने नहीं आया? अगर जांच के बाद यह साबित नहीं होता कि जब्त की गई संपत्ति किसकी है, तो उसे सरकार के कब्जे में लिया जाएगा और सरकारी संपत्ति घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में जांच अधिकारियों पर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए आयकर विभाग हर हालत में असली मालिक की पहचान करने के प्रयासों में जुटा है। आयकर विभाग की अगली कार्रवाई और पेनल्टी की संभावना यदि सौरभ या चेतन में से किसी ने स्वीकार किया कि जब्त किया गया कैश और सोना उनका है, तो इसके आय के स्रोत को भी साबित करना होगा। इसके बाद आयकर विभाग 200 प्रतिशत पेनल्टी लगाएगा और ED केस भी बना सकता है। साथ ही, आयकर विभाग ब्याज और पेनल्टी की वसूली भी करेगा। recent visitors 34

गोविंदपुरा इंडस्ट्री एरिया में लगी भीषण आग, एक फैक्ट्री और कारों के शोरूम हुए राख

 भोपाल भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में शनिवार को दोपहर में भीषण आग लग गई। इससे दो फैक्ट्रियों में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि इनमें से एक कारों का शोरूम है, दूसरा एक पेंट फैक्ट्री बताई जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए पूरे भोपाल की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई है। गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र की दो फैक्ट्रियों में दोपहर में भीषण आग लग गई। घटना की जानकारी लगते हैं भोपाल की आधा दर्जन फायर ब्रिगेड गोविंदपुरा के लिए रवाना कर दी गई है। साथ ही 10 से अधिक टैंकर पानी डाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र के जेके रोड पर कई वाहनों के शोरूम है। और आग यदि फैली तो अन्य शोरूम तक भी फैल सकती है। फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक भारी पुलिस बल के साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम आग को बुझाने का प्रयास कर रही थी। आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कई किलोमीटर दूर से नजर आया धुएं का गुबार आग इतनी भीषण थी कि औद्योगिक क्षेत्र में लगी इस आग का काला धुआं कई किलोमीटर दूर से भी नजर आ रहा था। यहां तक कि नर्मदापुरम रोड क्षेत्र से भी आग का गुबार नजर आ रहा था। recent visitors 50

सुकमा में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 2 नक्सलियों के शव बरामद

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के किस्टाराम में शनिवार की सुबह नक्सली  व जवानों के बीच मुठभेड़ हो गई। नक्सली और जवानों के बीच रुक रुककर गोलीबारी चल रही है। घटना को देखते हुए इलाके में सर्चिंग शुरू कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, 2 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं, हथियार भी बरामद हुए हैं। तलाशी अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों के लीडर की सूचना पर पुलिस टीम को भेजा गया था। किस्टाराम क्षेत्र में नक्सलियों की सूचना पर निकली डीआरजी और कोबरा की संयुक्त पुलिस पार्टी का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। जिसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई। रुक-रुककर अब भी मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ स्थल और आसपास सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।  recent visitors 34

मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए 19 नीतियां बदली, निवेश की दृष्टि से अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश: CM यादव

इंदौर मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की अपेक्षा से बेहतर उपलब्धि ने मध्य प्रदेश की आंखों में नया सपना बसा दिया है, औद्योगिक निवेश में देश का नंबर एक प्रदेश बनने का सपना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहते हैं कि हर दृष्टि से अनुकूल वातावरण पाकर उद्योग जगत मध्य प्रदेश पर मोहित है। आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश अपनी निवेश संबंधी नीतियों और उपलब्धियों से बाकी प्रदेशों को रोशनी देगा। अब मध्य प्रदेश कई अन्य सेक्टरों की तरह औद्योगिक निवेश में भी देश का नंबर एक प्रदेश बनकर ही चैन लेगा। 26 लाख करोड़ रुपसे से ज्यादा का निवेश प्रस्ताव उल्लेखनीय है कि 24 और 25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश के निवेशकों ने मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों पर भरोसा जताते हुए 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश के प्रस्ताव रखे हैं। इससे पहले आयोजित कई क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों के प्रस्ताव जोड़कर यह आंकड़ा 30 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाया मुख्यमंत्री स्वाभाविक रूप से इस उपलब्धि पर उल्लसित हैं यद्यपि इसके लिए उन्होंने अथक प्रयास किए। डॉ.मोहन यादव बताते हैं कि मुख्यमंत्री की भूमिका में अपने अब तक करीब 14 महीने के कार्यकाल में करीब तीन महीने की अवधि उन्होंने औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाने में समर्पित की। राज्य सरकार ने निवेशकों को सुविधाजनक माहौल देने के लिए अपने संबंधित विभागों की 19 नीतियां बदल दीं। खुद मुख्यमंत्री अपनी टीम के साथ विदेश, देश और मध्य प्रदेश के निवेशकों से मिले और उन्हें अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। दूसरे राज्यों में कम निवेश प्रस्ताव आए डॉ. यादव गर्व के साथ कहते हैं कि पिछले दिनों गैर भाजपा शासित राज्यों बंगाल और कर्नाटक में भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गईं, यद्यपि इन राज्यों में मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों से भी कम निवेश प्रस्ताव आए। मुख्यमंत्री इस आशंका को आधारहीन ठहराते हैं कि पिछले कई अनुभवों की तरह निवेशक अपनी प्रतिबद्धता से मुकर जाएंगे। वह दावा करते हैं कि प्रदेश सरकार निवेशकों से कुछ भी नहीं छिपा रही। सरकार की कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी है। इस वजह से उद्योग जगत की नजर में सरकार की विश्वसनीयता बढ़ी है। सरकार निवेश को लेकर गंभीर निवेशक सभी पहलुओं पर सोच-समझकर प्रस्ताव दे रहे हैं, इसलिए उनके पीछे हटने का सवाल नहीं पैदा होता। उनका कहना है कि राज्य सरकार निवेश को लेकर बेहद गंभीर है और अपनी जवाबदेही समझती है। सरकार निवेशकों को लाभदायी और उत्साहवर्धक माहौल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री इस अभियान के भविष्य को लेकर अत्यधिक आशावान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहते हैं कि मध्य प्रदेश निवेश की दृष्टि से अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश है। अब तक सिर्फ गिने-चुने सेक्टरों में ही निवेश प्रस्ताव आए हैं जबकि इस दृष्टि से तमाम संभावनापूर्ण सेक्टर अब तक अछूते हैं। प्रदेश सरकार की टीम ऐसे सेक्टरों की स्थिति पर रिसर्च कर रही है। सरकार भविष्य में उद्योग जगत के सामने सभी संभावनाओं का विवरण रखेगी। वह बताते हैं कि निवेशकों के साथ संवाद अब लगातार जारी रहेगा। इस क्रम में अगले महीने इंदौर में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की तैयारी चल रही है। recent visitors 32

राज्यपाल रमेन डेका को जन्मदिन पर मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना की

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका का आज जन्मदिन है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. राज्यपाल के रूप में आपके मार्गदर्शन में हमारी सरकार संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है. मां कामाख्या से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना करता हूं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल रमेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को असम के सुआलकुची, कामरूप (असम) में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ डेका और माता का नाम स्वर्गीय चंपाबती डेका है. उनके परिवार में धर्म पत्नी रानी डेका काकोटी एवं दो बच्चे हैं. उन्होंने बीए की डिग्री दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय में प्राग्ज्योतिष कॉलेज, गुवाहाटी विश्वविद्यालय असम से प्राप्त की. सन् 1977 से राजनीति में सक्रिय रमेन डेका वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. रमेन डेका वर्ष 2006 में असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. वे 2021 अगस्त माह से असम राज्य के नवाचार एवं रूपान्तरण आयोग के (कैबिनेट मंत्री का दर्जा) के उपाध्यक्ष पद पर 29 जुलाई 2024 तक रहे है. वे दो बार सांसद रहे. पहली बार वर्ष 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए असम के मंगलदोई सीट से सांसद चुने गये थे. recent visitors 41

सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बुंदेलखंड वीरों की धरती, वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री 2600 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर गेहूं उपार्जित करेगी सरकार:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री गढ़ाकोटा में सांस्कृतिक “रहस’’ मेले और किसान सम्मेलन में हुए शामिल सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के गढ़ाकोटा में तीन दिवसीय सांस्कृतिक “रहस’’ मेले में आयोजित किसान महा सम्मेलन में कहा कि बुन्देलखण्ड वीरों की धरती है। वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने किसानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए कहा कि सरकार अब किसान भाईयों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सागर-दमोह रोड को फोरलेन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से 5 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सीमा पर जवान और खेत पर किसान को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। किसान की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बुंदेलखंड की लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाकर रखें, उन्हें उनकी जमीन का पूरा लाभ मिलेगा और उनकी कृषि समृद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के किये कार्यों का प्रभाव है कि काम के बल पर ही आज वो लगातार 9 बार से अपराजेय राजनेता बने हुए हैं। सरकार प्रदेश में बहनों को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार बहनों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है, वहीं पूर्व मंत्री भार्गव के द्वारा 21 हजार से अधिक बेटियों की शादी कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी तक मैंने 9 रस ही देखे थे आज मैंने 10वां रस भी देख लिया। इस रहस मेला के आनंद में जो 10वां रस मिला है वह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष किसान भाइयों का गेहूं 2600 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी और अगले वर्ष यह बढा़कर 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने का मैं वादा करता हूं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चावल पर 2000 रुपए प्रति हैक्टेयर बोनस दिया जाएगा। इसी प्रकार दूध का उत्पादन करने वालों को भी बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने को प्रधानमंत्री मोदी पूरा कर रहे हैं। इसमें केन-बेतबा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार से मिलकर भी नदी जोड़ो अभियान प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने फूड इंडस्ट्रीज लगाने वालों को सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक युवाओं की आबादी वाला देश है। मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा संचालित लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी सभी योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने सागर के संपूर्ण विकास के लिये संकल्प लेते हुए कहा कि इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित के लिए लगातार कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। किसान खुशहाल होगा तो देश और प्रदेश खुशहाल होगा। किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए किसान मेला एवं कार्य-शालाओं का लगातार आयोजन किया जा रहा है। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है। देश एवं विदेश के उद्योगपतियों को भोपाल-जीआईएस में आमंत्रित कर उद्योगों की नगरी बनाने के लिए बुंदेलखंड, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर क्षेत्र को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा “रहस मेला’’ 220 वर्ष पुराना मेला है। वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा ने कहा था इस मेले को और आगे बढ़ाएं। हमने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा को मेले का पूरा इतिहास बताया, तत्कालीन मुख्यमंत्री पटवा ने मेले को और समृद्ध बनाने के लिए निर्देशित किया था। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा कि विलुप्त हो रहे मेलों को आगे बढ़ाने का कार्य सरकार कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने “रहस मेले’’ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए लगातार कार्य किया है। विधायक भार्गव ने कहा कि “मैं रहूँ या न रहूँ’’ यह रहस मेला हमेशा चलता रहेगा। इस अवसर पर मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद श्रीमती लता वानखेडे, विधायक भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल थे। मेला अध्यक्ष अभिषेक दीपू भार्गव ने स्वागत भाषण में मेले की विस्तार से जानकारी दी।   recent visitors 39

मुख्यमंत्री ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सागर में संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य में लगे शिल्पियों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर के मॉडल का अवलोकन कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर निर्माण पर आधारित चलचित्र (वीडियो प्रदर्शनी) को देखा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को परिष्कृत करने, सहेजने और सामाजिक समरसता में संतों की भूमिका से लोगों को परिचित कराने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से आज संत रविदास मंदिर विशाल आकार में मूर्तरूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह भव्य मंदिर और संग्रहालय आस्था के साथ-साथ देश-दुनिया के लोगों को भारत की महान संत परम्परा की विचारधारा और संत‍शिरोमणि रविदास जी के जीवन से परिचित कराने वाला अद्भुत केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश के प्राचीन महत्वपूर्ण शहर सागर में संत रविदास के जीवन मूल्य व विरासत को मंदिर संग्रहालय के माध्यम से देश-दुनिया में उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है। संत रविदास के ईश्वर के प्रति समर्पण भाव से लोगों को परिचित कराना मंदिर संग्रहालय का केंद्रबिंदु बनेगा। बगैर आयरन के तैयार किये जा रहे 66 फ़ीट ऊंचे संत रविदास मंदिर का लाल पत्थर से नागर शैली में निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप का रोड से 5 फ़ीट ऊँचा फाउंडेशन बनने के बाद नक्कासीदार पत्थरों के 72 पिलर लगाए गये हैं। इन पिलरों पर मंदिर का ऊपरी ढांचा खड़ा किया जायेगा। मंदिर के आसपास चार गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है जहाँ संत रविदास के जीवन को विस्तृत और आधुनिक संसाधनों की मदद से प्रस्तुत किया जायेगा। पुस्तकालय में संत रविदास की आध्यात्मिक व धार्मिक पुस्तकों को संग्रहित किया जायेगा। बड़तूमा सागर में 101 करोड़ रूपए की लागत से कुल 11 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर प्रांगण में 9 हजार वर्गफ़ीट में मंदिर निर्माण, 15 हजार वर्गफ़ीट में म्यूजियम, 11 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 100 बिस्तरों वाली डॉर्मेटरी, 12 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 12 कमरों वाला भक्त निवास, लगभग 10 हजार वर्गफ़ीट एरिया में लाइब्रेरी और संगत हॉल, 2152 वर्ग फ़ीट एरिया में कैफेटेरिया, 2905 वर्गफ़ीट में हॉली जल कुंड, 538 वर्गफ़ीट एरिया में ग़जीवो निर्माण सहित संत रविदास मंदिर परिसर का निर्माण प्रगतिरत है। मंदिर परिसर के अंदर उक्त सभी संरचनाओं का ढांचा तैयार किया जा रहा है।   recent visitors 27