‘द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव’ पुस्तक का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के करकमलों से विमोचन

रायपुर. उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय कवर्धा में द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव 'राजा भोरमदेव की कहानी' पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के रचनाकार  रामप्रसाद बघेल को उप मुख्यमंत्री ने बधाई तथा आगे के सफल साहित्यिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।  शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है तथा इससे हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं को नयी पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह कहानी अंर्तराष्ट्रीय स्तर का है इस पुस्तक के प्रकाशन से भोरमदेव की ख्याति को अंर्तराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि पुस्तक न केवल राजा भोरमदेव के जीवन और काल की महिमा को उजागर करता है, बल्कि मनुष्य, प्रकृति और चेतना के बीच संतुलन की गूढ़ दार्शनिकता को भी बखूबी प्रस्तुत करता है। उन्होंने आग्रह किया कि वे इस पुस्तक को पढ़ें और इसके संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करें। लेखक  रामप्रसाद बघेल ने बताया कि 'राजा भोरमदेव की कहानी' की शुरुआत एक प्राचीन और रहस्यमयी युग से होती है, जब पृथ्वी पर आकाश से गिरा एक विशाल धूमकेतु ने न केवल प्राकृतिक संतुलन को बाधित किया, बल्कि अंधकार से ऊर्जा प्राप्त करने वाले ड्रैगन जैसे घातक प्राणियों का आगमन भी किया। ये प्राणी अंधकार में और अधिक शक्तिशाली होते गए तथा धीरे-धीरे संपूर्ण पृथ्वी को एक भयावह अनंत संध्या की ओर ले जाने लगे, जहाँ मानव, पशु और प्रकृति कोई भी सुरक्षित नहीं रहा। कथा का प्रमुख नायक कुरुगुरु भद्रदेव बैगा है, जो विज्ञान, अध्यात्म एवं प्रकृति के संतुलन को समझता है। विद्वानों के नेतृत्व में यह खोज की जाती है कि ड्रैगनों के माथे पर चमकता नीला चिह्न कोई सजावट नहीं, बल्कि अंधकार से ऊर्जा खींचने वाला यंत्र है, और जैसे-जैसे अंधकार बढ़ता है, वे और अधिक अजेय बनते जाते हैं। कहानी में एक प्राचीन राजवंश के शासक राजा परसमनिधर देव तथा रानी नागमती की गहन तपस्या और दिव्य-वैज्ञानिक शक्तियों का विवरण भी मिलता है। राजा के पास पारस रत्न है, जो सूर्य की ऊर्जा से पदार्थ और जीवन को रूपांतरित करने की क्षमता रखता है, जबकि रानी नागमती के पास नागमणि यंत्र है, जो किसी भी पदार्थ को नष्ट करने अथवा विष को निष्प्रभावी बनाने की शक्ति रखता है। कहानी केवल युद्ध और संघर्ष की नहीं है, बल्कि प्रेम, नियति एवं चेतना की भी है। झील के तट पर बिना शब्दों के केवल दृष्टियों और अनुभूतियों से राजा और रानी का प्रेम जन्म लेता है। उनका विवाह दो शक्तिशाली वंशों का नहीं, बल्कि विज्ञान, प्रकृति और चेतना के मिलन का प्रतीक बनता है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,संतोष पटेल,जनपद उपाध्यक्ष कवर्धा  गणेश तिवारी, बोडला  नंद श्रीवास,नरेंद्र मानिकपुरी,मनीराम साहू,अमर कुर्रे,प्रवीण शर्मा,जसबीर सालुजा,शैलेन्द्र उपाध्याय सहित जन प्रतिनिधि, क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। recent visitors 29

लाभार्थियों को मिली स्कूटी, हर्ष के साथ उपमुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की तत्परता से दो दिव्यांगों को मिली स्कूटी, चेहरे पर लौटी मुस्कान उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय कवर्धा में दो दिव्यांग लाभार्थियों को स्कूटी का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने बोड़ला विकासखंड के ग्राम मारियाटोला निवासी  विद्याधा वर्मा तथा ग्राम नेऊरगाँव निवासी  भूपेंद्र चंद्रवंशी को स्कूटी की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को सुगम करना है। स्कूटी मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी तथा वे अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल, जनपद उपाध्यक्ष कवर्धा  गणेश तिवारी, बोडला  नंद श्रीवास,  नरेंद्र मानिकपुरी,  मनीराम साहू,  अमर कुर्रे सहित जन प्रतिनिधि, क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे।  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की तत्परता से दो दिव्यांगों को मिली स्कूटी, चेहरे पर लौटी मुस्कान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों को स्कूटी उपलब्ध कराए जाने से उनके दैनिक आवागमन में सुगमता प्राप्त होगी तथा वे स्वावलंबी जीवन की ओर अग्रसर होंगे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। स्कूटी प्राप्त होने से लाभार्थियों के दैनिक कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक गतिविधियों में भी सुविधा मिलेगी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सम्मानजनक एवं स्वतंत्र जीवन यापन कर सकेंगे। यह पहल सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है। बोड़ला विकासखंड के ग्राम मारियाटोला निवासी  विद्याधा वर्मा तथा ग्राम नेऊरगाँव निवासी  भूपेंद्र चंद्रवंशी ने स्कूटी प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं शासन – प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने स्कूटी के लिए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा को आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे उन्होंने तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वीकार किया। आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए आज उन्हें स्कूटी प्रदान की गई, जिससे वे बहुत खुश हैं। recent visitors 31

शेयर बाजार की जोरदार वापसी, सेंसेक्स में 940 अंकों की छलांग, 5 लाख करोड़ की कमाई

मुंबई  सोमवार को दिनभर शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हावी रहा, लेकिन मार्केट बंद होने के आखिरी घंटे में शेयर बाजार में शानदार तेजी आई. बीएसई सेंसेक्‍स 944 अंक या 1 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 263 या 1 फीसदी चढ़कर 25,088.40 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक में भी 200 अंकों की तेजी रही. शेयर बाजार में अचानक आई तेजी की बड़ी वजह लास्‍ट टाइम में निवेशकों की खरीदारी रही. खासकर लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में अच्‍छी खरीदारी हुई, क्‍योंकि रिलायंस इंडस्‍ट्रीज जैसे शेयर 3 फीसदी तेजी आई है. इस तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैप‍िटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये चढ़ गया. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 5 शेयर ही 2 फीसदी की गिरावट पर बंद हुए. बाकी 25 शेयरों में अचछी तेजी रही. पावरग्रिड जैसे शेयरों में 7 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई. Adani Port का शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ा और मुकेश अंबानी का शेयर 3 फीसदी चढ़ा.     अचानक क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी? जब निवेशकों को लगता है कि शेयर बाजार में हैवी बिकवाली आ चुकी है और अब खरीदने का मौका है तो वह अपने पसंदीदा शेयरों में खरीदारी करते हैं. सोमवार को वही दिन नजर आया है. हैवीवेट शेयरों जैसे RIL, पावरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एल एंड टी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा में 7 फीसदी तक की तेजी रही, जो अच्‍छी खरीदारी का संकेत है.  recent visitors 45

राजिम झड़प मामले में सीएम साय का कड़ा रुख, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत, महादेव सट्टा एप पर भी बोले

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरबा और अंबिकापुर दौरे के लिए रवाना हुए। दौरे को लेकर सीएम साय ने बताया कि कोरबा और अंबिकापुर में भारतीय जनता पार्टी के नए कार्यालयों का आज भूमिपूजन किया जाएगा। राजिम में दो संप्रदायों के बीच हुए विवाद को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महादेव सट्टा एप मामले पर मुख्यमंत्री साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि इस मामले में कोई शासकीय कर्मचारी भी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। भाजपा अन्य दलों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करती : किरण देव वहीं कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के बाद अब ट्रेनिंग को लेकर चल रही चर्चाओं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के संगठन का विषय है और इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष की है। भाजपा अन्य दलों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करती। एक सप्ताह के भीतर पूरा होगा संगठन का काम भाजपा संगठन को लेकर जानकारी देते हुए किरण देव सिंह ने कहा कि पार्टी की संरचना पूरी तरह सुव्यवस्थित है। प्रदेश स्तर की टीम बन चुकी है और जिला स्तर पर भी गठन पूरा हो चुका है। सभी संगठनात्मक कार्य भाजपा की रीति-नीति के अनुसार तेजी से प्रारंभ हुए हैं और एक सप्ताह के भीतर संगठन का कार्य पूर्ण हो जाएगा। recent visitors 27

केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा 60% DA बढ़ोतरी, 8वें वेतन आयोग पर नई अपडेट

नई दिल्ली  केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक जनवरी 2026 से मिलने वाली महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस बीच, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक–औद्योगिक श्रमिक (AICPI-IW) का दिसंबर माह का आंकड़े भी जारी हो गए हैं। श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 60% हो सकता है। यह DA बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक पे) के आधार पर तय की जाएगी। हालांकि, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है और 8वें वेतन आयोग का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हो चुका है, फिर भी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA और DR में बढ़ोतरी तब तक जारी रहेगी, जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हो जातीं। क्या कहते हैं नवंबर के आंकड़े श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नवंबर 2025 का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) जारी कर दिया है, जो 148.2 पर पहुंच गया है। यही इंडेक्स हर छह महीने में DA और DR तय करने का आधार होता है। नवंबर के आंकड़ों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर 12 महीने का औसत इंडेक्स 59.93% के करीब पहुंच गया था, जो 60% की अगली सीमा से बस थोड़ा सा नीचे है। ऐसे में अब दिसंबर 2025 के इंडेक्स सामान्य स्तर पर होने के चलते माना जा रहा है कि DA 60% के पार चला जाएगा। चूंकि सरकार DA हमेशा पूरे अंकों में घोषित करती है, इसलिए कर्मचारियों को कम से कम 2% की बढ़ोतरी मिलने की पूरी संभावना है। यानी मौजूदा 58% DA बढ़कर जनवरी 2026 से 60% हो सकता है। क्या है डिटेल ध्यान देने वाली बात यह है कि 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना गया है। इसके बावजूद नई सिफारिशें लागू होने तक DA और DR में बढ़ोतरी पुरानी व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगी। सरकार ने पिछली बार जुलाई 2025 में DA को 54% से बढ़ाकर 58% किया था। जनवरी 2026 से लागू होने वाली नई दर की आधिकारिक घोषणा मार्च या अप्रैल 2026 में होने की उम्मीद है और तब कर्मचारियों व पेंशनर्स को एरियर भी दिया जाएगा। recent visitors 37

कर्नाटक की बड़ी जीत, 16वें वित्त आयोग में मध्य प्रदेश के लिए फंड जुटाना हुआ मुश्किल

नई दिल्ली/ भोपाल  केंद्र सरकार द्वारा करों के बंटवारे के लिए अपनाए गए नए फार्मूले (2026-31) ने राज्यों के बीच राजस्व वितरण के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है. इस नए बदलाव का सबसे बड़ा लाभ कर्नाटक को मिला है, जिसका कर बंटवारे में हिस्सा 3.65% से बढ़कर 4.13% हो गया है. इसके परिणामस्वरूप कर्नाटक को अतिरिक्त ₹7,387 करोड़ प्राप्त होंगे, जिससे उसका कुल आवंटन बढ़कर ₹63,050 करोड़ हो जाएगा. इस ऐतिहासिक लाभ के पीछे सबसे मुख्य कारण फार्मूले में "जीडीपी (GDP) में योगदान" को दिया गया 10% वजन है. विनिर्माण, सेवाओं और तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी होने के कारण कर्नाटक को उसके आर्थिक प्रदर्शन के लिए यह विशेष 'इनाम' मिला है. कर्नाटक के बाद केरल दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है, जिसके आवंटन में ₹6,975 करोड़ की वृद्धि हुई है. अधिक प्रति व्यक्ति आय और मजबूत आर्थिक योगदान के चलते गुजरात (₹4,228 करोड़) और हरियाणा (₹4,090 करोड़) को भी महत्वपूर्ण बढ़त मिली है, जबकि महाराष्ट्र का हिस्सा बढ़कर 6.44% हो गया है. यह नया फार्मूला स्पष्ट रूप से उन राज्यों को पुरस्कृत कर रहा है जो राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. दूसरी ओर, नए दक्षता मानकों पर खरा न उतर पाने वाले राज्यों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है. मध्य प्रदेश को सबसे बड़ा झटका लगा है, जिसका आवंटन ₹7,677 करोड़ घट गया है. जनसंख्या-प्रधान राज्यों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव दिखा है; उत्तर प्रदेश को ₹4,884 करोड़ और पश्चिम बंगाल को ₹4,701 करोड़ की कमी झेलनी पड़ी है. बिहार को भी ₹1,679 करोड़ का नुकसान हुआ है, हालांकि वह अभी भी कुल आवंटन प्राप्त करने के मामले में देश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. यह आवंटन नीति अब केवल जनसंख्या के बजाय 'आर्थिक प्रदर्शन और दक्षता' की ओर झुकती नजर आ रही है. recent visitors 23

सीएम यादव का ऐतिहासिक निर्णय, सरकारी अस्पतालों में ‘गर्भ संस्कार’ कक्ष की अनिवार्यता, 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे

इंदौर   सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। यह पहल 'दिव्य संतान प्रकल्प' के तहत 'गर्भ संस्कार' को बढ़ावा देगी। इसका मकसद बच्चों के जन्म से पहले ही उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को मजबूत बनाना है। यह पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष मंत्रालय के सहयोग से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताए फायदे सीएम यादव ने इंदौर में 'दिव्य संतान प्रकल्प' कार्यक्रम में कहा कि गर्भ संस्कार एक ऐसी प्रक्रिया है जो आने वाली पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक विज्ञान और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का एक मेल है। इसे राष्ट्र निर्माण में एक लंबे समय का निवेश माना जाना चाहिए। अस्पतालों में बनेंगे अलग कमरे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में राज्य के सरकारी अस्पतालों के डिज़ाइन में गर्भ संस्कार के लिए विशेष कमरे बनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि एलोपैथी के डॉक्टर भी अब व्यापक प्रसव पूर्व देखभाल के फायदों को स्वीकार कर रहे हैं। 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए, यादव ने कहा कि राज्य सामान्य प्रसव को बढ़ावा दे रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। यह आजादी के बाद पहली बार है जब इतने सारे आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जा रहे हैं। इनमें से आठ कॉलेज एक साल के भीतर चालू हो जाएंगे। अभिमन्यु और अष्टावक्र का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने गर्भ संस्कार की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में अभिमन्यु और अष्टावक्र जैसे उदाहरण हैं। इनसे पता चलता है कि गर्भ में ही मूल्यों, सीखने और संस्कारों को ग्रहण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि COVID-19 महामारी ने एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण की प्रभावशीलता को दिखाया है, जहां आयुर्वेद और एलोपैथी एक दूसरे के पूरक थे। उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली, भारतीय रसोई और स्वदेशी आहार के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। recent visitors 25