खड़िया समाज के वार्षिक सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में माता सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक भरत साय, और समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। 13 महीनों में सरकार ने दिए विकास को नए आयाम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मात्र 13 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतार दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की दर ₹3,100 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, जिससे पिछले दो खरीफ सीजन में किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान बेचने का लाभ मिला है। इस वर्ष प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। वनवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार के ठोस प्रयास मुख्यमंत्री साय ने वनवासी समाज के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज की शिक्षा और समग्र विकास के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे जनजातीय युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। इसके अलावा, बच्चों की उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए  राज्य में 341 विद्यालयों को पीएमयोजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि वे निजी स्कूलों के समान सुविधाओं का लाभ उठा सकें। जनजातीय समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा: विधायक श्रीमती गोमती साय विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जो समाज शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक एकता पर बल देता है, वही उन्नति करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिससे हर वर्ग का समग्र विकास संभव हो सके। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने जनजातीय समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष मदन नायक, जिला संरक्षक बोध साय मांझी, जिला महामंत्री कृपाल मांझी, जिला उपाध्यक्ष रामसागर सोरेंग और बाल कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे। recent visitors 57

रायपुर में भाजपा महापौर प्रत्याशी मीनल चौबे 27298 वोट से आगे, जीववर्धन चौहान रायगढ़ में 25 हजार वोट आगे

रायपुर छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है. सभी जगहों पर भाजपा आगे चल रही है. रायपुर में भाजपा महापौर प्रत्याशी मीनल चौबे 27298 वोट से आगे चल रही हैं. कुल 87425 वोटों की गिनती हो चुकी है. इसमें मीनल चौबे को 54899 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति दुबे को 27601 वोट मिले हैं. रायगढ़ में भाजपा महापौर प्रत्याशी जीववर्धन चौहान ने 25 हजार वोट की बढ़त बनाई हुई है. इसके अलावा 37 वार्डों में भी भाजपा पार्षद प्रत्याशी आगे चल रहे. वहीं दुर्ग में भाजपा महापौर उम्मीदवार अल्का बाघमार भी 25 हजार वोट से आगे हैं. बता दें कि प्रदेश में चाहे सरकार भाजपा की हो या कांग्रेस की, लेकिन रायपुर नगर निगम के महापौर की कुर्सी पर कांग्रेस का ही कब्जा रहा. साल 2004 में सुनील सोनी को छोड़कर भाजपा कभी महापौर का चुनाव नहीं जीत पाई. इस बार के निकाय चुनाव की मतगणना जारी है. 70 हजार वोटों की गिनती पूरी हो गई है. इसमें से मीनल चौबे को 43 हजार वोट मिले हैं. जानिए, रायपुर नगर निगम का इतिहास ब्रिटिश शासन के दौरान 17 मई 1867 को रायपुर नगर समिति बनी. इसका प्राथमिक उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी बस्ती में बुनियादी नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करना था. इसके बाद साल 1973 में इसका स्वरूप बदला और रायपुर नगर निगम बना. उस समय रायपुर नगर निगम में कुल 40 वार्ड थे. 1980 में पहली बार हुए नगर निगम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के स्वरूप चंद जैन महापौर बने. इसके बाद 1981 से 82 तक कांग्रेस के एसआर मूर्ति महापौर बने. 1982 से 1983 तक फिर स्वरूपचंद जैन महापौर रहे. 1983 से 84 तक कांग्रेस के ही तरुण चटर्जी, 1984-85 तक कांग्रेस के संतोष अग्रवाल महापौर चुने गए. 1985 से लेकर 1995 तक रायपुर नगर निगम में प्रशासक बैठे थे. फिर 1995 में वार्डों की संख्या बढ़कर 60 कर दी गई . 1995-2000 तक कांग्रेस के बलबीर एस जुनेजा महापौर चुने गए. पहले नगर निगम कार्यालय जयस्तंभ के पास था. इसके बाद नया नगर निगम कार्यालय सीटी कोतवाली के पास भव्य रूप में बनाया गया है, जिसे व्हाइट हाउस के नाम से भी जाना जाता है. वर्तमान में रायपुर नगर निगम में कुल 70 वार्ड हैं. 2004 में पहली बार महापौर चुनाव में कांग्रेस को मिली थी हार साल 2000 में छत्तीसगढ़ गठन के बाद तरुण प्रसाद चटर्जी रायपुर के पहले महापौर थे. हालांकि बाद में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर लिया था. छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहले स्थानीय निकाय चुनाव साल 2004 में हुआ. तब भाजपा के सुनील सोनी रायपुर नगर निगम के महापौर बने, जो वर्तमान में विधायक हैं. रायपुर नगर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था, जब कांग्रेस को महापौर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. 2010 से 2015 तक कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक महापौर रहीं. वे रायपुर नगर निगम की पहली महिला महापौर थीं. इसके बाद 2015 से 2020 तक कांग्रेस के प्रमोद दुबे महापौर रहे. 2020 से 2025 तक एजाज ढेबर महापौर रहे. भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में महापौर का अप्रत्यक्ष चुनाव हुआ. इस नियम को बदलते हुए वर्तमान साय सरकार ने इस बार महापौर का प्रत्यक्ष चुनाव कराया. सभी जगह ईव्हीएम से चुनाव संपन्न कराया गया. recent visitors 141

मुख्यमंत्री ने किया यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 का वर्चुअल शुभारंभ उज्जैन में आरंभ हुआ तीन दिवसीय कॉन्क्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी “वैश्विक चुनौतियों का समाधान युद्ध में नहीं बुद्ध में’’ मानते हैं। सनातन संस्कृति में कई सभ्यताओं के आविर्भाव से पहले ही वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री मोदी इसी भाव से विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। भारतीय संस्कृति प्रत्येक जीव में ईश्वर का वास और विश्व के कल्याण में विश्वास रखती है। वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जहाँ युद्ध, आतंकवाद और संघर्ष ने पूरी दुनिया को तनावग्रस्त किया है, ऐसे में यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव जैसे आयोजन शांति, समरसता और मानवता की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए समाधान प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालिदास अकादमी उज्जैन में आरंभ यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 के तीन दिवसीय जीवन प्रबंधन कार्यशाला का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव के प्रमुख आकर्षणों में महाकालेश्वर जलाभिषेक, पृथ्वी तत्व का आव्हान, पंचमहाभूत आव्हान और विशेष सांस्कृतिक संध्या जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन अनुष्ठानों से सम्पूर्ण विश्व के बीच एकता और समरसता को प्रकट करने के प्रयास होंगे। कुल 22 देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने देशों की नदियों के जल से बाबा महाकाल का अभिषेक करेंगे। यह कॉन्क्लेव भारत की प्राचीन संस्कृति, योग और आध्यात्मिकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। यह भारत की पॉवर को और अधिक सशक्त करेगा तथा विश्व, भारत की आध्यात्मिक शक्ति से लाभान्वित हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के सहभागियों से वैश्विक शांति की स्थापना और विश्व में प्रेम, सौहार्द्र तथा सकारात्मकता के प्रसार में हरसंभव योगदान देने संकल्प लेने का आव्हान किया। उज्जैन में आरंभ हुए इस कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन, कॉन्क्लेव के समन्वयक विक्रांत सिंह तोमर सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव में 22 देशों के विद्वान, संत, आध्यात्मिक शिक्षक और लाइफ कोच विचारक वैश्विक शांति और समरसता के लिए अपने विचार साझा करेंगे।   recent visitors 32

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास से मुख्यमंत्री योगी ने भोजताल की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से  समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री योगी का पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने उ.प्र. के मख्यमंत्री का अंगवस्त्रम ओढ़ाकर व राजाभोज की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास कार्यालय कक्ष से उ. प्र. मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल की बड़ी झील (भोजताल) की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल की पहचान बड़ी झील सदियों पुरानी है। यहां के तत्कालीन शासकों ने उच्च तकनीक का इस्तेमाल कर इसे जल संग्रहण के लिए निर्मित कराया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मध्यप्रदेश में होने वाले सिंहस्थ की चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें अवगत कराया कि वर्ष 2028 में उज्जैन शहर में सिंहस्थ का भव्य आयोजन होगा। सिहंस्थ आयोजन के प्रबंधों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए वर्तमान में प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के लिए हमने मध्यप्रदेश से अधिकारियों का दल भी प्रयागराज भेजा है। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश सरकार में जल शक्ति तथा बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, म.प्र. के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।   recent visitors 29

औद्योगिक निवेश और रणनीतिक नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश और रणनीतिक नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। इस बार की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट न सिर्फ अपनी भव्यता बल्कि गहरे रणनीतिक बदलावों और नए औद्योगिक विज़न से भी चर्चा में है। भोपाल, जो अब तक प्रशासनिक और सांस्कृतिक रूप से पहचाना जाता था, अब निवेश और व्यापार का नया ग्लोबल पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बनने जा रहा है। झीलों की नगरी भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट होने जा रही है। भोपाल का आकर्षण और राज्य सरकार की सहज एवं पारदर्शी उद्योग फ्रेंडली नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। नवाचारों का केन्द्र बनेगा जीआईएस इस वर्ष के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को ‘पॉलिसी-ड्रिवन इन्वेस्टमेंट समिट’ का नया मॉडल दिया गया है। पहली बार, सरकार 20 से अधिक नीतियों को एकसाथ प्रस्तुत कर रही है, जिससे निवेशकों को हर सेक्टर के लिए स्पष्ट रणनीति और अवसर मिलेंगे। अब इन्वेस्टर्स को केवल संभावनाएँ नहीं, बल्कि सरकार की ठोस योजनाओं और तत्काल प्रभावी पॉलिसी सपोर्ट का भरोसा मिलेगा। इस बार का GIS पारंपरिक कॉन्फ्रेंस से आगे बढ़कर "फोकस्ड इन्वेस्टमेंट डिस्कशन" का मंच बनने जा रहा है। यानी, आईटी, टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटोमोबाइल, ईवी, अक्षय ऊर्जा जैसे हर सेक्टर के लिए अलग सत्र होंगे, जहां इंडस्ट्री लीडर्स और सरकार के बीच प्रत्यक्ष संवाद और सेक्टर-केंद्रित समझौते होंगे। समिट में पहली बार 'इंडस्ट्रियल एक्सपो' और 'मेक इन एमपी' का संयोजन किया गया है, जहां प्रदेश की औद्योगिक ताकत, विनिर्माण क्षमता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उसकी स्थिति को प्रस्तुत किया जाएगा। जीरो अपशिष्ट समिट जीआईएस-2025 को 'जीरो अपशिष्ट' समिट बनाने की रणनीति तैयार हो चुकी है। समिट स्थल पर केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग होगा, आयोजन स्थल 100% अक्षय ऊर्जा से संचालित होगा और पूरे समिट में पेपरलेस ऑपरेशंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-बेस्ड इंटरेक्शन और डिजिटल टेक्नोलॉजी का समावेश होगा। औद्योगिक राजधानी के रूप में नई पहचान भोपाल को पहली बार औद्योगिक राजधानी के रूप में नई पहचान मिलने जा रही है। यह आयोजन प्रदेश की नई इंडस्ट्रियल जर्नी की आधारशिला साबित होगा। समिट न केवल बड़े निवेशकों के लिए बल्कि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) और स्टार्टअप्स के लिए भी एक बड़ा अवसर लेकर आ रही है। प्रदेश के स्थानीय उद्यमों को वैश्विक निवेशकों और तकनीकी साझेदारों के साथ जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे इनका विस्तार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक होगा। राजधानी के चारों ओर फैले औद्योगिक क्षेत्रों—मंडीदीप, गोविंदपुरा, बागरोदा, पिलुखेड़ी और अन्य औद्योगिक हब को इस समिट से नए निवेश, नई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल टाई-अप्स का फायदा मिलेगा। जीआईएस-2025 केवल निवेश ही नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के अवसर देने वाला मंच भी साबित होगा। इस समिट में आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में नई नौकरियों के अवसर पैदा करने वाले एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। औद्योगिक क्रांति का केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब केवल 'संभावनाओं का प्रदेश' नहीं, बल्कि 'औद्योगिक क्रांति का अगला केंद्र' बन चुका है। GIS 2025 के मंच से प्रदेश की आर्थिक शक्ति, नीति-संवर्धित औद्योगिक मॉडल और वैश्विक निवेश के प्रति प्रतिबद्धता पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी। भोपाल अब सिर्फ मध्यप्रदेश की राजधानी नहीं, बल्कि भारत के नए औद्योगिक भविष्य का प्रतीक बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस-2025 इसी परिवर्तन की मजबूत नींव रखने जा रहा है। recent visitors 25

कल 52 जिलों में होगी परीक्षा, 342 सेंटर में आएंगे 1 लाख 18 हजार उम्‍मीदवार, एमपीपीएससी ने की सभी तैयारियां

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 को लेकर तैयारी पूरी कर ली है। 16 फरवरी रविवार को आयोग ने 52 जिलों में परीक्षा आयोजित की है, जिसमें 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। 342 केंद्रों में दो सत्र में पेपर रखे गए हैं। अकेले इंदौर जिले में 72 सरकारी-निजी कॉलेज व स्कूलों को केंद्र बनाया है। आयोग ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था के लिए बेहतर संचालन को लेकर सेवानिवृत आईएएस-आईएफएस, पूर्व न्यायाधीश सहित 22 आर्ब्जवर बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक केंद्रों पर निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी बनाए हैं। 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त 31 दिसंबर 2024 को आयोग ने परीक्षा को लेकर विज्ञापन निकाला। 18 विभागों में रिक्त 158 पद रखे हैं। परीक्षा के माध्यम से 10 एसडीएम, 22 उप पुलिस अधीक्षक, 10 अतिरिक्त सहायक विकास आयुक्त, 65 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 14 वित्त विभाग, 7 सहकारी निरीक्षक सहित पदों पर भर्ती की जाएंगी। आयोग ने सीटों का विभाजन कर दिया है। 38 अनारक्षित, 24 एससी, 48 एसटी, 35 ओबीसी और 13 ईडब्ल्यूएस के लिए सीटें आरक्षित हैं। 17 जनवरी तक आयोग को 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, हरदा, सीहोर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर सहित 52 जिलों में परीक्षा केंद्र रखे गए है। 16 फरवरी को दो सत्रों में परीक्षा आयोजित होगी। पहला प्रश्न पत्र सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच सामान्य अध्ययन और दूसरा प्रश्न पत्र दोपहर 2.15 से 4.15 बजे के बीच सामान्य अभिरुचि परीक्षण का रखा है। न्यायालय के आदेश पर पंजीयन आयोग ने 17 जनवरी को पंजीयन की लिंक बंद कर दी। इसके बाद कुछ अभ्यर्थी आवेदन से वंचित रह गए। उसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण की। अभ्यर्थियों के पक्ष में न्यायालय ने आदेश दिया। फिर आयोग को पंजीयन के लिए दो दिन लिंक खोली। बावजूद इसके अभी कई अभ्यर्थी जो फार्म नहीं भर पाए हैं। इन्होंने आयोग में भी अधिकारियों से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आवेदन के लिए सिर्फ 17 दिन दिए गए थे। जबकि पहले महीनेभर का समय दिया जाता था। कम हुए हैं आवेदक पिछले साल से राज्य सेवा में कम पद निकाले जा रहे हैं। इस वजह से अभ्यर्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। 2024 में 110 पद भर्तियां निकाली थी, जिसमें 1 लाख 84 हजार आवेदन आए थे। ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आने तक पद बढ़ाएं जा सकते है। इसके लिए अभ्यर्थियों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए। recent visitors 44

सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर, उज्जैन में पहली बार मराठाकालीन इमारत को हेरिटेज होटल में बदला

 उज्जैन  सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। महाकाल लोक फेस-2 के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के ठहरने की बेहतरीन सुविधाओं के तहत उज्जैन में पहली बार एक मराठाकालीन इमारत को हेरिटेज होटल में बदला गया है। महाकाल मंदिर से मात्र 500 फीट की दूरी पर स्थित ‘महाराजवाड़ा THE HERITAGE’ 18 करोड़ की लागत से एमपीटी (MP Tourism) द्वारा तैयार किया गया है। सीएम मोहन यादव 15 फरवरी को इसका लोकार्पण करेंगे। खास बात यह है कि यह AI संचालित होटल होगा, जहां श्रद्धालु आध्यात्मिक माहौल में लग्जरी सुविधाओं का अनुभव कर सकेंगे। 18 करोड़ की लागत से बना होटल मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से इस ऐतिहासिक इमारत को एक लग्जरी हेरिटेज होटल में बदल दिया है। पहले यह इमारत एक स्कूल के रूप में उपयोग की जाती थी, लेकिन अब इसे सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। होटल में कुल 19 कमरे हैं, जिनमें 9 स्वीट, 6 डीलक्स और 2 सुपर डीलक्स रूम शामिल हैं। खासतौर पर “महाराजा” और “महारानी” नामक दो विशेष सूट पूरी तरह से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा संचालित होंगे। इन कमरों में रोशनी, पर्दे, नल और गीजर वॉइस कंट्रोल से संचालित किए जा सकेंगे, जिससे मेहमानों को एक अनूठा डिजिटल अनुभव मिलेगा। रूफटॉप कैफे से मिलेगा महाकाल मंदिर के दिव्य शिखर का दृश्य इस भव्य होटल के परिसर का कुल क्षेत्रफल 5000 वर्ग फीट है और इसमें तीन रेस्टोरेंट के साथ एक शानदार रूफटॉप कैफे भी बनाया गया है। यह रूफटॉप कैफे पूरी तरह एयर-कंडीशनर और कांच से कवर होगा, जिससे यहां बैठकर श्रद्धालु महाकाल मंदिर के दिव्य शिखर के दर्शन कर सकेंगे। होटल में पारंपरिक मालवा व्यंजन भी परोसे जाएंगे, जिससे पर्यटक और श्रद्धालु उज्जैन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, रिसेप्शन लॉबी, वीआईपी लाउंज, लाइब्रेरी, पंचकर्म सुविधा, स्टेज और आध्यात्मिक पुस्तकों की दुकानें भी होंगी। सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष रूप से तैयार महाकाल लोक और भस्म आरती के दर्शन को आसान बनाने के उद्देश्य से यह होटल विशेष रूप से वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है। सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह होटल एक प्रमुख आकर्षण होगा। यहां एक रात ठहरने का किराया 50,000 रुपये तक हो सकता है, जो इसकी लग्जरी सुविधाओं और भव्यता को दर्शाता है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि यह होटल सिर्फ एक लक्जरी होटल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने वाला केंद्र होगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में इस तरह की और भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालु भव्य और दिव्य अनुभव प्राप्त कर सकें। आयरन वेस्ट से बनाईं पांच कलाकृतियां होटल से महाकाल लोक और महाकाल मंदिर का पूरा नजारा देखा जा सकेगा। यहां रुककर सुबह 4 बजे भस्म आरती में पहुंचना भी आसान होगा। रूफ टॉप से शिखर दर्शन के साथ होटल के राइट हैंड तरफ के कमरे से भी शिखर दर्शन हो सकेंगे। परिसर में आयरन वेस्ट से पांच कलाकृतियों का निर्माण भी किया गया है, जिसमें दो त्रिशूल, एक हाथी और दो अन्य मूर्तियां बनाई गई हैं। होटल में लोहे के भव्य गेट लगाए गए हैं। पहले से लगे मराठाकालीन दो भव्य दरवाजों को भी वैसा ही रखते हुए उन्हें पेंट कर सुंदर बना दिया है। recent visitors 47