Bird flu :छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगाई

छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू की दस्तक से हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में प्रशासन ने हजारों मुर्गे-मुर्गियां और लगभग 40 हजार अंडों को दफनाकर नष्ट कर दिया है. एहतियात के तौर पर छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगा दी है. इस आर्टिकल में जानें कि आखिर बर्ड फ्लू क्या होता है? इंसानों के लिए ये कितना खतरनाक है, मध्य प्रदेश में इस बीमारी ने कब कब दस्तक दी और इससे कैसे बचें? बर्ड फ्लू क्या होता है? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक बर्ड फ्लू संक्रमण को एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहा जाता है. ये टाइप-ए वायरस के कारण होता है और आमतौर पर, मुर्गे-मुर्गियों, अन्य पक्षी और पशु प्रजातियों को भी संक्रमित करता है. बर्ड फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और इंसानों को भी हो सकता है. बर्ड फ्लू के कई स्ट्रेन मौजूद हैं, जिसमें H5N1, H7N9, H5N6 और H5N8 शामिल हैं. इनमें से कई स्ट्रेन पक्षियों की मौत का कारण भी बन जाते हैं. 1997 में सबसे पहले ये बीमारी सामने आई थी. मध्य प्रदेश में कब आया बर्ड फ्लू? 1997 में चीन में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद 2006 में भारत में पहली बार बर्ड फ्लू ने दस्तक दी. पहली बार एवियन इन्फ्लूएंजा (Bird flu) महाराष्ट्र के नवापुर के एक पोल्ट्री फार्म में हुआ था. इसके बाद से मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में समय-समय पर ये बीमारी फैलती रही है. गावी डॉट ऑर्ग के मुताबिक बर्ड फ्लू की वजह से 2006 से लेकर अबतक 1 करोड़ से अधिक मुर्गे-मुर्गियों और पक्षियों को मारा जा चुका है, जिससे मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. छिंदवाड़ा में एक महीने नहीं मिलेगा नॉनवेज हाल ही में एमपी के छिंदवाड़ा में फैले बर्ड फ्लू से बचाव लिए कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. कलेक्टर के आदेश पर 1 महीने के लिए छिंदवाड़ा में चिकन/मीट बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं चिकन/मटन मार्केट से 1 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले कुल 11 वार्ड को संक्रमित एरिया घोषित किया गया है. पशुपालन व डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. एचजीएस पक्षवार ने कहा,'' छिंदवाड़ा में संक्रमित क्षेत्र के 1 किमी के दायरे में 758 मुर्गियां, 38126 अंडे और 144 किलो मुर्गी दाने को जमीन में गाड़कर नष्ट कर दिया गया है.'' बता दें कि महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद 7200 से अधिक मुर्गे-मुर्गियों को नष्ट किया गया है. इंसानों में बर्ड फ्लू कैसे फैलता है? एनएचएस डॉट यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, '' बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी मुर्गे-मुर्गियों को मारने, खाने, पकाने, उन्हें छूने, उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से इंसानों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है. पोल्ट्री फार्म या मीट मार्केट में इसका संक्रमण सबसे ज्यादा हो सकता है.'' बर्ड फ्लू से कैसे बचें?     अगर आपके क्षेत्र में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो हो सके तो कुछ दिनों के लिए नॉनवेज खाना छोड़ दें.     पक्षियों और जीवित मुर्गे-मुर्गियों के संपर्क में आने से भी बचें.     अधपका या कच्चा मांस खाने से बचें.     खाना खाने से पहले अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं.     पोल्ट्री फार्म, पशु-पक्षियों के या मीट मार्केट में न जाएं.     कच्चे अंडे खाने से बचें. बर्ड फ्लू के इंसानों में क्या लक्षण होते हैं? WHO के मुताबिक, '' बर्ड फ्लू से संक्रमित होने पर इंसानों में इसके लक्षण वायरल फीवर की तरह तेजी से दिखाई देते हैं. जैसे- अत्यधिक खांसी, मसल्स में दर्द, तेज बुखार, बेवजह ठंड लगना, सिरदर्द आदि. वहीं कई लोगों को अचानक पेट दर्द, दस्त और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं. इसके कई स्ट्रेन इंसानों के लिए घातक भी हैं.'' बर्ड फ्लू का क्या इलाज है? वर्तमान में बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है. हालांकि, इससे संक्रमित होने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवाएं देकर इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश करते हैं. नॉन वेज खाना चाहिए या नहीं? इस सवाल पर लोगों को अक्सर डिबेट करते हुए देखा जाता है. नॉन वेज खाएं या न खाएं, इसे लेकर सभी की अपनी पसंद, मान्यताएं और विचार रहते हैं पर खुद साइंस की नजरों में नॉनवेज खाने के फायदे से ज्यादा नुकसान बताए गए हैं. WHO के मुताबिक अत्यधिक नॉन वेज खाने से कैंसर (खासतौर पर आंत और मलाशय का कैंसर) हार्ट डिसीज, डायबिटीज होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है. वहीं कच्चा या अधपका मांस खाने से बर्ड फ्लू के साथ-साथ कई तरह के गंभीर संक्रमण होते है. हालांकि, कई रिपोर्ट्स में नॉन वेज को एक बेहतर डाइट के रूप में प्रदर्शित किया जाता है. लेकिन कितनी मात्रा में नॉनवेज डायट इंसानी शरीर के लिए सुरक्षित है या नहीं? इस सवाल के जवाब के लिए कोई साइंटिफिक डाटा उपलब्ध नहीं है. recent visitors 56

लोकसभा में वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स बिल को पटल पर रखा, पेश हुआ, टैक्सपेयर्स को होगा फायदा

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए इनकम टैक्स बिल को लोकसभा में पेश कर दिया है। बीते सप्ताह केंद्र सरकार की कैबिनेट की मंजूरी के बाद गुरुवार को निर्मला सीतारमण ने नए बिल को पेश किया। लोकसभा में हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने बिल को सदन के पटल पर रखा। अब इस बिल को आगे के विचार-विमर्श के लिए संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा। नया इनकम टैक्स बिल एक अप्रैल, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। नए बिल में 536 धाराएं नए बिल में 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। यह सिर्फ 622 पृष्ठों पर अंकित है। इसमें कोई नया कर लगाने की बात नहीं की गई है। यह बिल मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की भाषा को सरल बनाता है। बता दें कि छह दशक पुराने मौजूदा कानून में 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं। जब यह अधिनियम पेश किया गया था, तब इसमें 880 पृष्ठ थे। क्या हुए हैं बदलाव नए बिल में फ्रिंज बेनेफिट टैक्स से संबंधित अनावश्यक धाराओं को हटा दिया गया है। विधेयक के 'स्पष्टीकरण या प्रावधानों' से मुक्त होने की वजह से इसे पढ़ना और समझना आसान हो जाता है। इसके साथ ही आयकर अधिनियम, 1961 में कई बार इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द 'बावजूद' को नए विधेयक में हटा दिया गया है और उसकी जगह पर लगभग हर जगह 'अपरिहार्य' शब्द का इस्तेमाल किया गया है। टीडीएस से सैलरी तक की है बात इनकम टैक्स बिल में छोटे वाक्यों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा तालिकाओं और सूत्रों के उपयोग से इसे पढ़ने के अनुकूल बनाया गया है। टीडीएस, अनुमानित कराधान, वेतन और फंसे कर्ज के लिए कटौती से संबंधित प्रावधानों के लिए तालिकाएं दी गई हैं। नए बिल में 'करदाता चार्टर' भी दिया गया है जो टैक्सपेयर्स के अधिकारों एवं दायित्वों को रेखांकित करता है। इस बिल में टैक्स ईयर का कॉन्सेप्ट है। इसमें आयकर अधिनियम, 1961 के असेसमेंट ईयर के टर्म को हटा दिया गया है। recent visitors 47

Bhopal में भीख देने पर समाजसेवी की शिकायत पर दर्ज हुई पहली FIR, आरोपियों की तलाश

भोपाल भीख मांगने और भीख देने पर FIR दर्ज हुई है। यह पहली FIR है।  MP नगर थाने में यह मामला दर्ज किया गया। एक NGO से जुड़े व्यक्ति ने शिकायत की थी। जिला कलेक्टर ने शहर में भीख मांगने पर रोक लगाई है। इस आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई। भीख मांगने वाले और भीख देने वाले ट्रक ड्राइवर की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। शिकायतकर्ता ने वीडियो बनाया था। उसी के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। सरकारी आदेश की अवहेलना का मामला यह मामला BNS की धारा 223 के तहत दर्ज किया गया है। यह धारा सरकारी आदेश की अवहेलना करने पर लागू होती है। जांच अधिकारी SI कुलदीप खरे ने बताया कि शिकायतकर्ता मोहन सिंह सोनी एक NGO से जुड़े हैं। वह जिला कलेक्टर द्वारा गठित टीमों का हिस्सा हैं। ये टीमें शहर में भीख मांगने वालों पर नजर रखती हैं। सोनी ने बताया कि बुधवार दोपहर वह अपनी टीम के साथ MP नगर के बोर्ड ऑफिस स्क्वायर से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने एक व्यक्ति को भीख मांगते और एक ट्रक चालक को उसे भीख देते देखा। उन्होंने घटना का वीडियो बनाया और MP नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने अज्ञात भिखारी और भीख देने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वीडियो की मदद से पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जिला कलेक्टर के आदेश के बाद यह पहला मामला है। इससे पहले भीख मांगने वालों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई थी। यह आदेश शहर में भीख मांगने और भीख देने दोनों पर रोक लगाता है। इससे पहले भीख मांगने पर रोक तो थी, पर भीख देने पर कोई पाबंदी नहीं थी। इस नए आदेश के बाद, अब भीख देने वाले भी कानून के दायरे में आ गए हैं। अगर कोई व्यक्ति भीख मांगता या देता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बेगर फ्री सिटी की कवायद यह कदम शहर में भीख मांगने की समस्या को कम करने के लिए उठाया गया है। कई लोग इस कदम का स्वागत कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे शहर की छवि सुधरेगी। साथ ही, यह भीख मांगने वालों को पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित करेगा। हालांकि, कुछ लोग इस कदम की आलोचना भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्या बढ़ेगी। फिर भी, प्रशासन का मानना है कि यह कदम लंबे समय में शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा। देखना होगा कि इस नए नियम का क्या असर होता है। क्या वाकई में शहर से भीख मांगने की समस्या कम होगी या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। भिक्षुकों को पकड़ने मैदान में उतरीं टीमें संस्थाएं दर्ज करवाएंगी एफआईआर भोपाल शहर में भिक्षावृत्ति को पूरी तरह से खत्म करने के लिए बुधवार को टीमें मैदान में उतरीं। टीमों के सदस्यों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भिक्षुकों से पूछताछ की और उनसे आश्रय स्थल जाने के लिए कहा। हालांकि अधिकांश भिक्षुकों ने आश्रय स्थल जाने से मना कर दिया। वहीं अब भीख देने और लेने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी संस्थाओं को सौंपी गई है। खासतौर से एयरपोर्ट से रोशनपुरा चौराहा तक भिक्षुकों की पहचान करने के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई इन टीमों को जिला पंचायत की सीईओ इला तिवारी ने बुधवार को आदेश जारी किए हैं। जिसमें बताया गया है कि एयरपोर्ट से रोशनपुरा चौराहा तक भिक्षुक की पहचान कर उनके खिलाफ आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 के तहत कार्रवाई करने के लिए विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अधिकारी अपने अधीनस्थ टीम के सदस्यों की ड्यूटी लगाकर भिक्षावृत्ति करने वालों के खिलाफ कार्रवाइ करेंगे। इनमें अशासकीय समाजसेवी संस्था के सचिव मोहन सोनी, संगीता नेल्लोर को अध्यक्ष बनाया गया है। पकड़ने पर भड़की महिलाएं, वापस लौटी टीम शहर में भीख मांगने और देने वालों पर एफआईआर कराने के आदेश के बाद टीमें भिखारियों की तलाश कर रही है। बुधवार को एक टीम बोर्ड आफिस चौराहा पहुंची, जहां बच्चे, महिलाएं और पुरुष सामान बेचते नजर आए। पहले तो टीम को देखकर यह लोग भागे, लेकिन बाद में टीम के सदस्यों से बहस शुरू कर दी। उनका कहना था कि सामान बेचकर अपना गुजारा करते हैं, हम भिखारी नहीं हैं। इसको लेकर उपायुक्त सामाजिक न्याय आरके सिंह ने लोगों को भिक्षुक गृह ले जाने की बात कही, तो वह भड़क गए। आखिरकार टीम को वापस लौटना पड़ा।   recent visitors 52

सीएम के साथ महाकुंभ स्नान के लिए गए कांग्रेस के सात विधायक, संगम में लगाई डुबकी, सियासी अटकलें तेज

महाकुंभ. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने पूरे मंत्रिमंडल, सांसद और विधायकों के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं. सभी संगम में पहुंच चुके हैं. सीएम साय ने सभी के साथ डुबकी लगाई. सभी लोग क्रूज में सवार होकर संगम में पहुंचे. बता दें कि महाकुंभ में स्नान करने राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट के मंत्री, बीजेपी के विधायक, सांसद और कांग्रेस के 6 विधायक आज प्रयागराज पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा आज छत्तीसगढ़ का मंत्रिमंडल, विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस के भी विधायक सभी प्रयागराज जा रहे हैं. संगम में स्नान कर सभी पुण्य के भागी बनेंगे. मां गंगा से छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना करेंगे. सीएम विष्णुदेव साय के साथ कांग्रेस के 7 विधायक भी रवाना हुए हैं। कांग्रेस विधायकों के सीएम साय के साथ महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जाने से सियासत तेज हो गई है। हालांकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साफ किया था कि जो विधायक कुंभ स्नान के लिए जाना चाहते हैं वह जा सकते हैं क्योंकि यह राजनीति का विषय नहीं आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने प्रयागराज जाने को लेकर कहा, प्रयागराज की भूमि काे वंदन करने जा रहे हैं. नई ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ वापस आएंगे और नए विश्वास के साथ अपने आस्था को आगे बढ़ाएंगे. मां गंगा से सीएम साहब के लिए उत्तम स्वास्थ्य की कामना करेंगे. छत्तीसगढ़ की जनता से मुख्यमंत्री रात के दो बजे तक मिलते रहते हैं, छत्तीसगढ़ की जनता से उनका मिलना कायम रहे, सीएम की एनर्जी बनी रहे, यही प्रार्थना करेंगे. कौन-कौन से कांग्रेस विधायक हुए रवाना सीएम साय और बीजेपी विधायकों के अलावा कांग्रेस के 7 विधायक भी महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ,बालेश्वर साहू, व्यास कश्यप, संदीप साहू, विद्यावती सिदार, इंद्र साहू और राजकुमार यादव सीएम के साथ एक ही प्लेन में गंगा स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए हैं। क्या कहा सीएम ने प्रयागराज रवाना होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा की। सीएम सय ने कहा- आज प्रयागराज महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त होगा। इस पुनीत अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करूंगा। recent visitors 52

पाकिस्तान ने LoC पर किया सीजफायर उल्लंघन, Indian army ने भी दिया मुंहतोड़ जवाब

अखनूर पाकिस्तानी सैनिकों ने बुधवार को जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय पोस्टों पर बिना उकसावे के फायरिंग की। इसके बाद भारतीय सेना ने उन्हें उचित जवाब दिया। सुरक्षा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। भारतीय सैनिकों की फायरिंग में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। इससे पहले जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा एक आईईडी विस्फोट में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। गलती से सुरंग पर चढ़ने से एक अधिकारी भी घायल इसी बीच भारतीय अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को इंडियन आर्मी के एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) को भी मामूली चोटें आईं। वे शाम को गलती से सुरंग पर चढ़ गए थे। जेसीओ आतंकवादी घुसपैठ रोकने वाले गश्ती दल का हिस्सा थे। घायल अधिकारी का हॉस्पिटल में इलाज जारी है। भारतीय और पाकिस्तानी सेना के बीच संघर्ष विराम समझौते को 25 फरवरी, 2021 को फिर से लागू करने के बाद से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन बहुत दुर्लभ हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के तर्कुंडी क्षेत्र में एक अग्रिम पोस्ट पर बिना उकसावे के फायरिंग की। भारतीय सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और परिणामस्वरूप दुश्मन बलों में भारी नुकसान हुआ। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना के एक जूनियर कमीशन अधिकारी (JCO) को इस शाम उसी क्षेत्र में एक लैंडमाइन पर कदम रखते हुए मामूली चोटें आईं। घायल अधिकारी को सेना के अस्पताल में भेजा गया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि पिछले सप्ताह सीमा पार से शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बढ़ी हैं। यह इस साल का पहला संघर्ष विराम उल्लंघन था और पांच दिनों में सीमा पार चोथी घटना थी। सोमवार को, एक सैनिक को राजौरी जिले के नॉशेरा सेक्टर में कालाल क्षेत्र में एक अग्रिम पोस्ट की निगरानी करते हुए सीमा पार से गोली लगने के कारण चोट आई। 8 फरवरी को राजौरी के केरी सेक्टर में भारतीय सेना की एक गश्ती पार्टी पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी। आतंकवादी भारतीय सीमा में घुसने के अवसर का इंतजार कर रहे थे। 4 और 5 फरवरी की रात कृष्णा घाटी सेक्टर में लैंडमाइन विस्फोट से आतंकवादियों को नुकसान हुआ था। वे भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। 10 फरवरी को जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC), लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा का जायजा लिया। भारतीय सेना ने बताया, "GOC व्हाइट नाइट कोर, GOC एस ऑफ स्पेड्स और GOC क्रॉस्ड स्वोर्ड डिवीज़न के साथ राजौरी सेक्टर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर वर्तमान सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तानी गतिविधियों का ऑपरेशनल अपडेट लिया।" भारत-पाकिस्तान के बीच 2021 में युद्धविराम का समझौता रिन्यू हुआ था भारत और पाकिस्तान ने 25 फरवरी, 2021 को युद्धविराम समझौते को रिन्यू किया था। दोनों देशों ने घोषणा की कि वे जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा (LoC) पर युद्धविराम पर सभी समझौतों का सख्ती से पालन करेंगे। तब इस्लामाबाद और नई दिल्ली में जारी एक संयुक्त बयान में इसका ऐलान किया गया था। भारत और पाकिस्तान ने शुरुआत में 2003 में युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान समझौते का उल्लंघन करता आया है। पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन की अन्य घटनाएं… 14 फरवरी 2024: 20 मिनट तक भारत-पाक के बीच गोलीबारी हुई, कोई घायल नहीं 14 फरवरी की शाम 5.50 बजे जम्मू के मकवाल में BSF चौकी पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने गोलीबारी की। BSF ने भी इस गोलीबारी का जवाब दिया। BSF के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलियां चलीं। हालांकि, गोलीबारी में BSF का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ है। 8 नवंबर 2023: सांबा के रामगढ़ सेक्टर में बॉर्डर पर गोलीबारी, BSF जवान शहीद 8 नवंबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में पाकिस्तानी रेंजर्स ने नयनपुर पोस्ट पर फायरिंग की थी। BSF जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। गोलीबारी में BSF जवान लाल फर्न किमा घायल हुए थे। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। यह गोलीबारी रात 12:20 बजे हुई थी। 26 अक्टूबर 2023: पाकिस्तान ने मोर्टार दागे, एक BSF जवान और महिला घायल जम्मू के अरनिया और सुचेतगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान ने 26 अक्टूबर को सीज फायर का उल्लंघन किया। इंटरनेशनल बॉर्डर पर रात 8 बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसमें BSF का एक जवान और एक महिला घायल हो गई। 17 अक्टूबर 2023: 2021 के शांति समझौते के बाद पहली बार पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 17 अक्टूबर को पाकिस्तानी रेंजर्स ने फायरिंग की थी। इसमें दो BSF जवान घायल हुए थे। घटना इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुबह 8:15 बजे हुई थी। BSF ने बताया था कि जवान बिजली के खंभे में चढ़कर लाइट ठीक कर रहे थे, तभी गोली लगी। 2020 में रिकॉर्ड सीजफायर उल्लंघन पाकिस्तान ने 2020 में रिकॉर्ड 4100 से ज्यादा बार सीजफायर तोड़ा था। इस दौरान नवम्बर में 128 बार, जबकि अक्टूबर में 394 बार सीजफायर तोड़ा। 2020 में सीजफायर उल्लंघन में जम्मू-कश्मीर के 21 लोगों की मौत हुई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 2019 में 3233 बार सीजफायर तोड़ा गया। 2015 में 405 बार और उससे पहले 2014 में 583 बार सीजफायर तोड़ा गया। recent visitors 70

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा-मध्यप्रदेश, ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस में भारत में अग्रणी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ अब व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई दूरदर्शी सुधार लागू किए हैं। यह पहल राज्य को न केवल देश के भीतर, बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर भी प्रमुख स्थान दिला रही है। राज्य सरकार ने व्यापारिक माहौल को अनुकूल बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल प्लेटफॉर्म, और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सेवाओं को लागू किया है। इन नवाचारों ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बना दिया है। डिजिटलीकरण का प्रभाव ऑनलाइन पंजीकरण, लाइसेंसिंग और स्वीकृति प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण ने प्रक्रियाओं को त्वरित और पारदर्शी बनाया है। इससे उद्यमियों के लिए समय और लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है। ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज़’ पहल इस योजना के तहत उद्योगों को आवश्यक 22 स्वीकृतियाँ सरल प्रक्रिया के तहत प्रदान की जा रही हैं। साथ ही, नए व्यवसायों को तीन वर्षों तक विभिन्न प्रकार की रियायतें दी जा रही हैं, जिससे उद्यमी सशक्त रूप से स्थापित हो सकें। निवेशकों के लिए सुविधा 'इन्वेस्ट एमपी' पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमोदनों की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी करने में सहायता मिलती है। इससे प्रदेश में घरेलू और वैश्विक कंपनियों का विश्वास बढ़ा है। औद्योगिक भूमि आवंटन में पारदर्शिता भूमि आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर निवेशकों को कम समय में औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन में सहायता मिल रही है। राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश का योगदान भारत की "ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग" में सुधार में मध्यप्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। डिपार्टमेंट फ़ॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा सुझाए गए सुधारों को राज्य ने सक्रिय रूप से अपनाया है, जिससे मध्यप्रदेश शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। कुल 2,432 G 2 B और G 2 C प्रक्रियाओं में सुधार कर प्रदेश ने व्यापारिक माहौल को और अधिक अनुकूल बनाया है। राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से मध्यप्रदेश को जोड़ने के बाद निवेश प्रक्रिया और अधिक सरल और सुलभ हो गई है। राज्य के प्रयासों से भारत ने विश्व बैंक की ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग में 79 अंकों की छलांग लगाई। अब भारत के इस टैंकिंग के टॉप-10 में पहुँचने की उम्मीद है। इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश की प्रभावशाली भूमिका रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 राज्य के इन प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए 24 और 25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्माता भाग लेंगे। समिट में मध्यप्रदेश में उपलब्ध व्यापार और निवेश के असीमित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। यह आयोजन राज्य की आर्थिक प्रगति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और सकारात्मक नीतियों से मध्यप्रदेश न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहा है, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में भी अहम योगदान दे रहा है। recent visitors 53

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई

मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में मौजूद है निवेश की अपार संभावनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में उद्योपतियों का महत्वपूर्ण स्थान मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश-नीतियां निवेश के लिए फ्रेंडली अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि भारत तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में शामिल हुए 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई मुख्यमंत्री ने जीआईएस भोपाल के लिए उद्योगपतियों को दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद है। यहां नर्मदा, ताप्ती आदि नदियों की अपार जल राशि है, निरंतर बिजली उपलब्ध है, वन संपदा है, सड़कों, रेलवे और वायु मार्ग का अच्छा नेटवर्क है और उद्योगों को बड़ी रियायतें हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 24 एवं 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झीलों, पहाड़ों और वन संपदा से युक्त सुंदर भोपाल शहर में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें और इन तारीखों को अविस्मरणीय बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश के चमत्कारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की 5वीं अर्थव्यवस्था के बाद अब तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इस कार्य में निवेशकों का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत प्राकृतिक संसाधनों के साथ मानव संसाधन में भी आगे है। हम उद्योगों को बढ़ाकर ही आगे बढ़ सकते हैं। हमारे प्रधानमंत्री मोदी विश्व भर का भ्रमण कर भारत की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश नीति निवेशकों के लिए बहुत फ्रेंडली है। हम स्टार्ट-अप्स को विशेष महत्व दे रहे हैं। उद्योगों में विभिन्न प्रकार की रियासतों के साथ ही इस बात का सर्वाधिक ध्यान रखा जाता है कि उनके सारे काम समय से हो जाएं। मध्यप्रदेश में जमीन दिल्ली की तुलना में एक बटे 40 गुना और मुंबई की तुलना में एक बटे 100 गुना सस्ती है। मध्यप्रदेश में सभी सेक्टर में विशेष रूप से टेक्सटाइल के क्षेत्र में निवेश की असीमित संभावना है। हम टेक्सटाइल्स पर 200 प्रतिशत इंसेंटिव देते हैं, हमारा कॉटन उच्च गुणवत्ता का है। मेरी जापान यात्रा के दौरान यूनिक्लो कंपनी के मलिक ने भी इस बात का उल्लेख किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय लोग उद्योगपतियों से मिलने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन हमने उस धारणा को बदला है। हम निरंतर उद्योगपतियों, निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में छोटे-छोटे स्थान पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। समाज में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण स्थान है। उद्योगों से रोजगार उत्पन्न होते हैं और रोजगार से लोगों की आजीविका चलती है। वे एक तरह से उद्योगपति समाज के पालक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध से विमुक्त होंगे। महात्मा बुद्ध हमारे ही देश के थे। भारत ने ही सारे विश्व को शांति और सर्व कल्याण का संदेश दिया है। हम शांति और विकास के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2025 के दिल्ली में इन्वेस्ट एम.पी. कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा कि भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कर्टेन रेज़र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर संभावनाओं से भरपूर, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की एक झलक थी। हमारे निवेश के 3डी मॉडल को आज दुनिया भर के उद्योग जगत ने सराहा है। यह मॉडल निवेशकों की ड्राइव, प्रदेश के डेवलपमेंट और हमारी डिटरमिनेशन का प्रतीक है। हम निवेशकों के साथ एक मजबूत साझेदारी बनाकर मध्यप्रदेश को नवाचार और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहेंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़ते हुए एक इंडस्ट्री रेडी स्टेट बन रहा है। हमने सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया है। 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की जिसमें नई दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों के निवेशक शामिल हुए। साथ ही 40 देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर, मुख्य सचिव आर्थिक व व्यापारिक विशेषज्ञ आदि शामिल हुए। आयोजन में 15 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन– टू–वन मीटिंग की गई जिसमे से जागृत कोटेचा (सीईओ, पेप्सिको भारत और दक्षिण एशिया), पुनित डालमिया (चेयरमैन, डालमिया भारत), माधवकृष्ण सिंघानिया (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, जेके सीमेंट), विनीत मित्तल (चेयरमैन, अवाडा ग्रुप), जीन-मार्क लेक्लरक्यू (सीईओ, सॉफलेट माल्ट), रिकान्त पिट्टी (संस्थापक, ईज माय ट्रिप), विनय व्यास (सीईओ, फ्यूजन एक्स एनर्जी), अनिल चालमालासेटी (ग्रुप सीईओ और एमडी, ग्रीनको ग्रुप), विनीत आर्य (वाइस चेयरमैन, जेबीएम समूह), राहुल मित्तल (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, RITES) और सुअनुसूया रे (वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट अफेयर्स, ऐबी-इनवेव इंडिया) शामिल थे। अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों ने मध्यप्रदेश को संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने शिक्षा, कृषि और कौशल विकास में सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि मैक्सिको के राजदूत ने प्रदेश की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक रुख प्रकट किया। अलबानिया के राजदूत ने शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी रुचि व्यक्त की, वहीं जिम्बाब्वे के राजदूत ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साह दिखाया। स्लोवेनिया के राजदूत ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। विभिन्न देशों की रुचि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक नीतियों, सुदृढ़ अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश: रणनीतिक निवेश गंतव्य के रूप में उद्योग जगत की पहली पसंद : सिंघानिया सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के चेयरमैन और जेके सीमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ … Read more