कौन बनेगा दिल्ली का मुख्यमंत्री? रेस में Manoj Tiwari समेत ये नाम आगे..

नई दिल्ली दिल्ली में 26 साल बाद सत्ता में लौटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री किसे बनाएगी? यह सवाल अब भी कायम है। भाजपा की ओर से इसको लेकर किसी तरह का संकेत नहीं दिया गया है। लेकिन कई नाम मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। अटकलें इस बात की भी तेज है कि इस बार भाजपा दिल्ली में एक पूर्वांचली को मुख्यमंत्री बना सकती है। खासकर किसी ऐसे नेता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है जिनकी जड़ें बिहार में हैं। ऐसा करके भाजपा एक एक साथ दो निशाने साध सकती है। पूर्वांचलियों को रिटर्न गिफ्ट दिल्ली में पूर्वांचली वोटर्स की एक बड़ी आबादी है। इस बार बड़ी संख्या में पूर्वांचली वोटर्स ने भाजपा का साथ दिया है, जो पिछले 2-3 चुनावों में आम आदमी पार्टी के साथ रुख कर चुके थे। भाजपा ने इस बार झुग्गी और कच्ची कॉलोनियों में बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां पूर्वांचली वोटर्स की संख्या ज्यादा है। झुग्गी बस्ती की बहुलता वाले 18 विधानसभा में से 10 पर भाजपा ने जीत हासिल की है। वहीं 10 सीटों पर कच्ची कॉलोनियों के वोटर्स हार जीत तय करते हैं और इनमें से 7 पर कमल खिला है। इस हिसाब से देखें तो 17 सीटें जितवाने में पूर्वांचलियों ने भाजपा की मदद की है। इसके अलावा अन्य सीटों पर भी उनकी कम या ज्यादा मौजूदगी है। ऐसे में भाजपा किसी पूर्वांचली को सीएम बनाकर रिटर्न गिफ्ट दे सकती है और आगे के चुनावों के लिए भी अपना बेस मजबूत कर सकती है। दिल्ली से बिहार को साध सकती है भाजपा कुछ जानकारों का मानना है कि भाजपा जिस तरह महीन राजनीति करती है और एक चुनाव के खत्म होते ही दूसरे चुनाव की तैयारी में जुट जाती है, उसको देखते संभव है कि दिल्ली से ही वह बिहार को साधने की कोशिश करे, जहां कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा राजधानी दिल्ली में बिहार के किसी नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाकर ना सिर्फ दिल्ली में मौजूद पूर्वांचलियों को खुश कर सकती है बल्कि इसका असर 1000 किलोमीटर दूर भी होने की उम्मीद है। भाजपा को आगामी बिहार चुनाव में इसका फायदा मिल सकता है। बिहार से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली में रोजगार और बेहतर शिक्षा, इलाज की तलाश में दिल्ली आते जाते रहे हैं। बिहार में ऐसे कम ही परिवार आपको मिलेंगे जिसका कोई सदस्य दिल्ली में ना रहता हो। ऐसे में यदि दिल्ली में किसी बिहारी को सीएम बनाया जाता है तो एक सकारात्मक संदेश बिहार के हर परिवार तक पहुंचेगा। बिहारी बना सीएम तो किनका लग सकता है दांव? दिल्ली में भाजपा में पूर्वांचल खासकर बिहार से आने वाले कई बड़े नेता हैं। लेकिन संभव है कि जीते हुए किसी विधायक में से ही पार्टी मुख्यमंत्री बनाएगी। ऐसा होने पर अभय वर्मा, डॉ. पंकज कुमार सिंह और चंदन कुमार चौधरी की लॉटरी लग सकती है। इनमें सबसे मजबूत दावेदार अभय वर्मा को माना जा रहा है जो मूलरूप से दरभंगा के रहने वाले हैं। पेशे से वकील अभय वर्मा दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष भी हैं। वह आप की लहर में भी लक्ष्मी नगर विधानसभा से चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। इस बार उन्होंने बीबी त्यागी को 11542 वोटों से मात दी है। वहीं, खगड़िया के रहने वाले चंदन चौधरी ने संगम विहार से जीत हिसाल की है। उन्होंने यहां आम आदमी पार्टी के दिनेश मोहनिया को मात दी है। पक्सर से आने वाले डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है। उन्होंने पहली बार यहां कमल खिलाया है। पंकज के पिता बाबू राज मोहन सिंह दिल्ली में एडिशनल कमिश्नर रह चुके हैं। recent visitors 67

इंदौरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी इसी महीने मिल सकती है मेट्रो की सौगात

इंदौर  इंदौर वासियों का मेट्रो में सफर करने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। कमर्शियल रन से पहले सेफ्टी ऑडिट करने कमिश्नर मेट्रो रेल सिक्योरिटी की टीम ने  सिविल कार्यों का फाइनल निरीक्षण किया। हर विभाग के स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी कार्यों की रिपोर्ट देखी। गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 तक 5.8 किलोमीटर में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े काम को बारीकी से जांच की गई। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारी का कहना है कि कि सभी दस्तावेज सीएमआरएस टीम को पहले ही सौंप दिए गए हैं। निरीक्षण के बाद दिल्ली में दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद ग्रीन सिग्नल मिलते ही मेट्रो का कमर्शियल रन इसी महीने से शुरू हो सकता है। निरीक्षण में सब कुछ सही मिलने पर ही सीएमआरएस की टीम ओके रिपोर्ट देगी। जिम्मेदारों के दावे के अनुसार मेट्रो का दिसंबर 2024 में कमर्शियल रन नहीं हो पाया था। अब MPMRCL के अधिकारियों ने कमर कस ली है। सीएमआरएस की टीम के निरीक्षण से पहले स्थानीय अधिकारियों ने भी पिछले दिनों पांच स्टेशन, जन सुविधा और ट्रैक सुरक्षा के पैरामीटर की जांच की थी।  एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के अधिकारी ने बताया कि सभी दस्तावेज सीएमआरएस टीम को पहले ही सौंप दिए गए हैं।  निरीक्षण के बाद दिल्ली में दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। ग्रीन सिग्नल मिलते ही मेट्रो का कमर्शियल रन इसी महीने से शुरू हो सकता है। निरीक्षण में सबकुछ सही मिलने पर ही सीएमआरएस की टीम ओके रिपोर्ट देगी। जिम्मेदारों के दावे के अनुसार मेट्रो का दिसंबर 2024 में कमर्शियल रन नहीं हो पाया। अब एमपीएमआरसीएल के अधिकारियों ने कमर कस ली है। सीएमआरएस की टीम के निरीक्षण से पहले स्थानीय अधिकारियों ने भी पिछले दिनों पांच स्टेशन, जन सुविधा और ट्रैक सुरक्षा के पैरामीटर्स की जांच की थी। जांच में इन पर फोकस – ट्रैक की सुरक्षा। – ट्रैक के नट-बोल्ट की जांच। – सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करना। – स्टेशन निर्माण में उपयोगी उपकरणों को जांचना। – लोक सुविधा के लिए लगाए गए सिस्टम का ट्रायल करना। जांच में इन बिंदुओं पर फोकस… बता दें कि जांच में ट्रैक की सुरक्षा समेत ट्रैक के नट-बोल्ट की जांच, सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करना, स्टेशन निर्माण में उपयोगी उपकरणों को जांचना और लोक सुविधा के लिए लगाए गए सिस्टम के ट्रायल करने जैसे पहलुओं पर फोकस किया जाएगा। recent visitors 55

बागेश्वर धाम : कैंसर हॉस्पिटल में मुफ्त इलाज के साथ ही मिलेगी सोलर पार्किंग-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की सुविधा

छतरपुर छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में मल्टी स्पेशियलिटी कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा, जिसका भूमिपूजन 23 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह 100 बिस्तर वाला आधुनिक अस्पताल होगा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं देंगे। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल के निर्माण का खर्च पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा संचालित कथा आयोजनों और दानदाताओं के सहयोग से जुटाया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अस्पताल के लिए 25 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसका नाम बालाजी सरकार कैंसर इंस्टीट्यूट रखा जाएगा। यहां जर्मनी और इंग्लैंड के डॉक्टर भी सेवाएं देंगे। गरीब मरीजों का इलाज निशुल्क किया जाएगा। फंड की व्यवस्था कथा से मिलने वाली राशि और दानदाताओं द्वारा की जाएगी। 100 बेड का होगा यह अस्पताल बागेश्वर धाम में बनने वाला यह कैंसर अस्पताल 100 बेड का होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देश की कई बड़ी हस्तियां भूमिपूजन में आएंगे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है कि यह अस्पताल तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। अस्पताल की शुरुआत होने के बाद मेडिकल कॉलेज की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इस पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गरीबों को फ्री में होगा इलाज वहीं, कैंसर अस्पताल का मकसद सेवा है। यहां गरीबों का फ्री में इलाज होगा। इसके लिए एक कमिटी होगी जो इनकी पात्रता की जांच करेगी। साथ ही वहां उनके रहने खाने की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही अन्य मरीजों को भी बेहद कम खर्च में इलाज की सुविधा दी जाएगी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार यहां इलाज करने विदेशों से भी डॉक्टर आएंगे। अस्पताल में रहेंगी ये सुविधाएं बालाजी सरकार कैंसर इंस्टीट्यूट में तमाम आधुनिक सुविधाएं होंगी। फूड कोर्ट, एग्जीबिशन कॉम्प्लेक्स, फॉर्मेसी एंड शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सोलर पार्किंग होगी। इसके साथ पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, रेडियोथैरेपी एंडी कीमोथैरेपी की सुविधा होगी। यही नहीं नर्सिंग के कामों के लिए बागेश्वर धाम के युवाओं को अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में ट्रेनिंग दिलवाई जा रही है। जिला प्रशासन ने रद्द की छुट्टियां वहीं, बागेश्वर धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद वहां राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू भी आने वाली हैं। तीन साल में पहले चरण का निर्माण पूरा होगा अस्पताल का निर्माण चार चरणों में किया जाएगा, जिसका पहला चरण तीन वर्षों में पूरा होगा। 200 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले इस अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए रहने और भोजन की उत्तम व्यवस्था होगी। बागेश्वर धाम के बच्चों को पैरामेडिकल ट्रेनिंग धाम के बच्चों को पैरामेडिकल स्टाफ के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए उन्हें रेडियोलॉजी, सर्जरी, कीमोथेरेपी जैसे चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञता दिलाई जा रही है। इनकी शिक्षा और प्रशिक्षण का खर्च बागेश्वर धाम परिवार द्वारा उठाया जा रहा है। फंडिंग के लिए दान और दक्षिणा का योगदान अस्पताल के निर्माण के लिए देश-विदेश में बसे शिष्यों और श्रद्धालुओं से सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा, दानदाताओं से आर्थिक सहायता प्राप्त की जाएगी। बागेश्वर धाम ट्रस्ट समिति करेगी संचालन अस्पताल का संचालन बागेश्वर धाम ट्रस्ट समिति द्वारा किया जाएगा। इसके प्रबंधन के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन होगा, जो अस्पताल के कार्यों का संचालन करेंगी। डॉक्टरों की नियुक्ति तीन स्तरों पर होगी अनुभवी मेडिकल ग्रुप्स (जैसे मेदांता, शंकर हॉस्पिटल, बिरला ग्रुप) से विशेषज्ञ डॉक्टरों का अनुबंध किया जाएगा। विदेशों में बसे धाम से जुड़े डॉक्टरों को समय-समय पर सेवा देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। स्थायी आधार पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति होगी, जैसे अन्य प्राइवेट अस्पतालों में की जाती है। गरीब मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज अस्पताल में गरीब मरीजों को निशुल्क इलाज दिया जाएगा। इसके लिए विशेष कमेटी का गठन होगा, जो पात्र मरीजों की पहचान कर उनकी सहायता सुनिश्चित करेगी। विदेशी डॉक्टर भी देंगे सेवाएं जर्मनी के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एंजेल पहले ही बागेश्वर धाम में बस चुके हैं। उन्होंने अपनी जर्मनी की संपत्ति बेचकर यहां आशियाना बनाया है और अस्पताल में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। यह अस्पताल आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और गरीबों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। recent visitors 70

फरवरी में VIP मूवमेंट का बड़ा दौर, पीएम मोदी, अमित शाह और राष्ट्रपति मुर्मु पहुंचेंगे प्रदेश

छतरपुर भोपाल में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे. इसके लिए पीएम 24 फरवरी को भोपाल आएंगे, लेकिन इससे पहले वह बागेश्वर धाम जाएंगे. जहां पीएम बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे. वहीं राष्ट्रपति 26 फरवरी को बागेश्वर धाम में आयोजित  251 कन्याओं के विवाह के महामहोत्सव में आ सकती हैं. 26 को आएंगी राष्ट्रपति वहीं, महाशिवरात्रि पर्व पर बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित 251 कन्याओं के विवाह के महामहोत्सव में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आ सकती हैं. जिन कन्याओं का विवाह होना है, उनमें 108 कन्याएं आदिवासी वर्ग की हैं. इसलिए माना जा रहा है कि राष्ट्रपति नवविवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद देने के लिए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विशेष आग्रह पर आ रही हैं. कैंसर अस्पताल की पीएम रखेंगे आधारशिला 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का पीएम नरेंद्र मोदी भूमिपूजन करेंगे. बीते दिनों धीरेंद्र शास्त्री ने बताया था कि कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी. उन्होंने बताया था कि पहले चरण में 3 साल में 100 बेड का सुविधायुक्त अस्पताल बनकर तैयार होगा. जानकारी के अनुसार, अस्पताल के उद्घाटन के लिए धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम नरेंद्र मोदी को कैंसर हॉस्पिटल के भूम पूजन का निमंत्रण दिया था.   तैयारियां हुई तेज दो महीने के अंतराल में छतरपुर जिले में प्रधानमंत्री का यह दूसरा दौरा होगा. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए छतरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. इसको लेकर कलेक्टर ने एक आदेश भी जारी किया है.   PM मोदी का दौरा: 23 फरवरी को MP पहुंचेंगे, 24 को GIS का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को ही मध्यप्रदेश पहुंच जाएंगे और छतरपुर के बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद 24 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।  23 फरवरी: बागेश्वर धाम, छतरपुर – कैंसर अस्पताल की आधारशिला  24 फरवरी: भोपाल – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS 2025) का उद्घाटन गृहमंत्री अमित शाह 25 फरवरी को पहुंचेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 25 फरवरी को भोपाल में GIS 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर देश-विदेश के निवेशकों के साथ उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।  25 फरवरी: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन समारोह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संभावित दौरा – 26 फरवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 26 फरवरी को छतरपुर के बागेश्वर धाम में प्रवास प्रस्तावित है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।   26 फरवरी: बागेश्वर धाम, छतरपुर – राष्ट्रपति का दौरा संभावित छतरपुर कलेक्टर ने आदेश जारी किया है कि 11 से 26 फरवरी तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अवकाश पर नहीं रहेगा। VIP दौरों को लेकर सुरक्षा और तैयारियों का जायजा इन हाई-प्रोफाइल दौरों को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। भोपाल और छतरपुर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारियों को तैयारियों को लेकर निर्देश दिए गए हैं। recent visitors 58

पत्नी की सहमति के बिना अननेचुरल सेक्स अपराध नहीं, जानें हाईकोर्ट ने किस केस में

रायपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी के साथ सेक्सुअल रिलेशन के एक मामले में अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि किसी बालिग पत्नी के साथ सहमति के साथ या फिर उसके बिना यौन संबंध बनाने के लिए पति पर रेप या अप्राकृतिक संबंध का आरोप नहीं लगाया जा सकता है. सेक्सुअल रिलेशन बनाना या अप्राकृतिक संबंध में पत्नी की सहमति जरूरी नहीं है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को सुनाए अपने फैसले में कोर्ट ने एक शख्स पर लगाए आरोपों को खारिज कर दिया. इसके साथ ही आरोपी को आईपीसी की धारा 376, 377 और 304 से बरी कर दिया और जेल से उसकी फौरन उसकी रिहाई का आदेश दिया. कोर्ट ने क्या कहा अदालत ने कहा कि अगर पत्नी की उम्र 15 साल से कम नहीं है, तो पति का अपनी पत्नी के साथ किए गए किसी भी सेक्सुअल एक्ट को ऐसी परिस्थितियों में रेप नहीं कहा जा सकता है. ऐसे में अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए पत्नी की सहमति होने की जरूरी नहीं है. इसलिए अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत केस नहीं बनता है.  जानें कोर्ट का फैसला? कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर पत्नी की उम्र 15 वर्ष से कम नहीं है तो पति द्वारा किसी भी यौन कृत्य को किसी भी परिस्थिति में बलात्कार नहीं कहा जा सकता है। इस तरह से अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति के अभाव का महत्व खत्म हो जाता है। इस कारण अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत अपराध नहीं बनता है। कोर्ट ने कहा कि जहां तक अपीलकर्ता को धारा 304 के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और पेटेंट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ये इस अदालत के हस्तक्षेप के योग्य है। इस कारण कोर्ट ने अपीलकर्ता पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने पति को तुरंत जेल हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। जानें क्या है पूरा मामला? दरअसल कोर्ट में अपीलकर्ता मृतक-पीड़िता का पति है। Live Law के मुताबिक, अपीलकर्ता ने पीड़िता के साथ उसकी सहमति के विरुद्ध अप्राकृतिक यौन संबंध बनाया था। पीड़िता ने दर्द की शिकायत की थी और इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा मौत से पहले पीड़िता का बयान दर्ज किया गया था। पीड़िता ने बयान दिया था कि पति द्वारा जबरन यौन संबंध बनाने के कारण वह बीमार हो गई थी। इसके बाद उसी दिन पीड़िता की मौत हो गई। ट्रायल कोर्ट ने माना था दोषी Bilaspur High court: ट्रायल कोर्ट ने पति को धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत अपराध करने के लिए दोषी ठहराया था। इसके खिलाफ पति ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दायर की थी। दरअसल, मृतक पीड़िता का पति 11 दिसंबर 2017 की रात को कथित तौर पर अपनी पत्नी की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए. इसके बाद तबियत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की गई और अपीलकर्ता के खिलाफ धारा 377 आईपीसी के तहत जुर्म दर्ज की गई. पीड़िता का मृत्यु पूर्व बयान एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दर्ज किया, जिसमें उसने कहा कि वह अपने पति द्वारा जबरदस्ती किए गए यौन संबंध के कारण बीमार पड़ गई. उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई. साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (हत्या के लिए दोषी न होने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत दोषी ठहराया. उन्हें डिफॉल्ट शर्तों के साथ 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. इस फैसले के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष आपराधिक अपील दायर की. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि धारा 375, 376 और 377 आईपीसी के अवलोकन से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि धारा 375 आईपीसी की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर पति और पत्नी के बीच धारा 377 आईपीसी के तहत अपराध का कोई स्थान नहीं है. इस तरह बलात्कार नहीं किया जा सकता है. धारा 375 आईपीसी के अपवाद 2 पर जोर देते हुए न्यायालय ने फैसला सुनाया कि एक पुरुष और उसकी पत्नी के बीच यौन संबंध या यौन क्रियाएं यदि पत्नी 15 वर्ष से अधिक उम्र की है तो बलात्कार नहीं माना जाता है. नतीजतन भले ही एक पति अपनी वयस्क पत्नी के साथ धारा 377 आईपीसी के तहत परिभाषित अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता है, यह अपराध नहीं माना जाता है. न्यायालय ने धारा 304 आईपीसी के तहत अपीलकर्ता की दोषसिद्धि के संबंध में इसे “विकृत” माना और टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा, आईपीसी की धारा 304 के तहत अपराध मामले के वर्तमान तथ्यों से कैसे जुड़ा है और अभियोजन पक्ष द्वारा कैसे साबित किया गया है, फिर भी इसने अपीलकर्ता को धारा 304 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और स्पष्ट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है, जिस पर इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप किया जाना चाहिए.” कोर्ट ने अपीलकर्ता को सभी आरोपों से बरी करते हए उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया. recent visitors 61

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में निवेशकों को भारत की समृद्ध व्यंजन विविधता का प्रदर्शन किया जाएगा

 भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर समिट(जीआईएस) में निवेशकों को जापानी तपन्याकी, थाई करी बाउल और मालवा के दाल बाफले परोसे जाएंगे। इसके लिए जापान से प्रशिक्षित शेफ बुलाए जाएंगे। इसके अलावा निवेशकों को बिहार का लिट्टी चोखा, हरी मूंग मेथी पापड़ की भाजी और राजवाडी रिकमज की सब्जी भी खिलाई जाएगी। जीआईएस में मोटे अनाज से बने तीखे, नमकीन और मीठे व्यंजनों का भी स्वाद चखने को मिलेगा।निवेशकों को भारत का पारंपरिक अनुभव कराने के लिए कुछ विशेष व्यंजन मिट्टी के बर्तनों में भी परोसे जाएंगे। 100 से अधिक शेफ आएंगे जीआईएस में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जीआईएस में भारत के विभिन्न राज्यों के व्यंजन भी विदेश मेहमानों को खिलाए जाएंगे। इसके लिए 100 से अधिक शेफ बाहर से बुलवाए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। फाइव स्टार होटलों के यह शेफ जीआईएस के चार दिन पहले बुला लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री सहित विदेश की प्रमुख हस्तियों के लिए अलग से शेफ बुलाए जा रहे हैं। यह भी परोसा जाएगा     पनीर खट्टा प्याज़ मसाला     दाल भाजी घंटो     मेथी के दाने की सब्जी     दाल बाफला भटे का भरता के साथ     गुड़ और घी के साथ गेहूं का खिचड़ा     फाक्सटेल बाजरा क्रेप्स     ग्नोची और रिसोट्टो     बफौरी 'इन्वेस्ट एमपी' एप पर मिलेगी निवेश के अवसरों की रियल टाइम जानकारी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) का लोगो और वेबसाइट लांच करने के बाद अब राज्य सरकार ने इन्वेस्ट एमपी नाम से एक एप लांच किया है। इसमें जीआईएस से जुड़ी पल-पल की अपडेट जानकारी मिलेगी, वहीं मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों की रियल टाइम जानकारी भी एप पर उपलब्ध होगी। वैश्विक निवेशकों के लिए यह एप एंड्राइड और आईओएस दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। यह नया एप निवेशकों को मध्य प्रदेश की निवेश संभावनाओं, नीतियों और प्रक्रियाओं की जानकारी तत्काल प्रदान करने में सक्षम है। एप में एक उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस है, जो निवेशकों को दुनिया के किसी भी कोने से विभिन्न क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और सरकारी पहल का पता लगाने की सुविधा प्रदान करेगा। एप पर राज्य की नीतियों और प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। इससे सरकारी अधिकारियों से सीधा संवाद किया जा सकेगा। एप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि निवेशक एप पर मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को देख सकेगा। निवेश की संभावनाओं को समझकर एप पर ही निवेश के प्रस्ताव भी दे सकेगा। एप पर डिजिटल दस्तावेजीकरण और आवेदन जमा करने की सुविधा भी ही मिलेगी। recent visitors 42

मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा, दोनों देशों के बीच किए 10 समझौतों पर हस्ताक्षर

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा नई दिल्ली और पेरिस के रिश्तों को मजबूत करने वाली साबित हुई है। इस दौरान दोनों देशों ने 10 एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत-फ्रांस ने जिन एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर भारत-फ्रांस घोषणापत्र, भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के लिए 2026 के लिए लोगो की लॉन्चिंग, फ्रांसीसी स्टार्ट-अप इनक्यूबेटर स्टेशन एफ में 10 भारतीय स्टार्ट-अप की मेजबानी के लिए समझौता, उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों और लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों पर साझेदारी स्थापित करने के उद्देश्य की घोषणा, त्रिकोणीय विकास संबंधी सहयोग की घोषणा, मार्सिले में भारत के वाणिज्य दूतावास का संयुक्त उद्घाटन शामिल हैं। इसके अलावा भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और फ्रांस के इंस्टिट्यूट नेशनल डी रिसर्च एन इंफॉर्मेटिक एट एन ऑटोमेटिक (आईएनआरआईए) के बीच इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंसेज की स्थापना के लिए आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा की अहम उपलब्धि मार्सिले में मंगलवार को भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का खुलना रही। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा के दौरान मार्सिले में महावाणिज्य दूतावास खोलने के निर्णय की घोषणा की गई थी। फ्रांस के दूसरे सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहर में खुला यह नया महावाणिज्य दूतावास भारत-फ्रांस की बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "मार्सिले में एक ऐतिहासिक क्षण! राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मैंने इस जीवंत शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया, जो भारत-फ्रांस संबंधों में एक नया अध्याय है। यह वाणिज्य दूतावास एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में काम करेगा, जो हमारे सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत के साथ मार्सिले के संबंध सर्वविदित हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान यह भारतीय सैनिकों के लिए एक महत्वपूर्ण बेस था। इस शहर का वीर सावरकर से भी गहरा संबंध है। इस विशेष उद्घाटन पर मैं फ्रांस सरकार को धन्यवाद देता हूं और भारतीय प्रवासियों को बधाई देता हूं।" recent visitors 52