सोना पहुंचा शिखर पर, बनाया रिकॉर्ड… 87,200 पहुंचा गोल्ड, 90 हजार तक जा सकता है भाव

इंदौर इंदौर में सोने के भाव ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 24 कैरेट सोना 87,200 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया है। पिछले सात महीनों में सोने के भाव में करीब 16,300 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति के बदलाव से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव, फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती और चीन की सोना खरीद नीति प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी और बढ़ती महंगाई ने भी सोने की कीमतों को सपोर्ट दिया है। शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। वर्तमान में 22 कैरेट सोना 79,900 रुपए, 20 कैरेट 72,650 रुपए और 18 कैरेट 65,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है, जो 700 रुपए घटकर 95,000 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोना 90,000 रुपए और चांदी 1.10 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोना 11 फरवरी को ऑल टाइम हाई पर आ गया है। आगे क्या रुख रहेगा, क्या सोना एक लाख रुपए क्रॉस करेगा, चांदी की कीमतें कहां तक जाएंगी, जुलाई से अब तक सोना-चांदी का क्या ट्रेंड रहा है। 1 जनवरी से अब तक सोना 9,206 महंगा हुआ इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 9,206 रुपए बढ़कर 85,368 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 8,923 रुपए बढ़कर 94,940 रुपए पर पहुंच गया है। सराफा बाजार में सोने और चांदी में लगातार तेजी का दौर जारी है। पिछले 7 महीनों के आंकड़ों की बात करें तो सोना 16,300 रुपए और चांदी 14000 हजार तक महंगा हो चुका है। विशेषज्ञों की मानें तो आगे भी इनमें लगातार तेजी जारी रहने की संभावना बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेबाक रवैये से सोना तो चमका ही चमका साथ में चांदी भी अच्छी चमक उठी। सोने ने ट्रंप के चुनाव जीतने से आज तक के सफर को बहुत शानदार तरीके से निभाया और अपने निवेशकों को लगभग 8.5 फीसदी तक का रिटर्न मात्र 3 महीने में दे दिया।। फेडरल रिजर्व बैंक ने की ब्याज दरों में कटौती अगस्त से फरवरी के दौरान फेडरल रिजर्व बैंक ने तीन बार में 1 प्रतिशत ब्याज दर में कटौती की है। डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतते ही उनका अप्रत्याशित नीतियां एवं टैरिफ नीति के कारण सोने में बीते माह जबरदस्त तेजी देखी गई। उठापटक का खेल लगातार जारी आगे भी ट्रंप का अस्पष्ट व्यवहार और अप्रत्याशित नीतियों के कारण सोने-चांदी में उठापटक जारी रहेगी। इसलिए निवेशकों के लिए नीचे दरों पर खरीदने की यानी बाय एंड डिप्स की रणनीति कारगर सिद्ध होगी और साथ ही साथ ऊंचे दरों पर मुनाफावसूली भी करते रहना चाहिए। वर्ष 2025 में सोना 75 हजार से 88 हजार रुपए के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, चांदी 85 हजार से लेकर 1 लाख 5 हजार रुपए के बीच रह सकते हैं। भोपाल में सोने-चांदी के भाव 11 फरवरी को भोपाल में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। www.bullions.co.in के अनुसार, 22 कैरेट सोने का भाव 78,220 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो पिछले दिन 77,880 रुपये था। 24 कैरेट सोना 85,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया, जो पिछले दिन 84,960 रुपये था। चांदी की कीमत 95,670 रुपये प्रति किलो रही, जो पिछले दिन 95,580 रुपये थी। इंदौर में क्या है सोना-चांदी का भाव मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सोना 87 हजार रुपए पार कर गया है। यहां चांदी 95,700 रुपए किलो पर मिल रही है। हमेशा खरीदें हॉलमार्क वाला सोना सोने की खरीदारी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी है। भारत में BIS हॉलमार्क का निर्धारण करता है। हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग-अलग होते हैं। इसलिए सोना खरीदते समय हॉलमार्क की जांच जरूर करें। ऐसा न करने पर मिलावटी सोना मिलने का खतरा रहता है। इंटरनेशनल मार्केट में हो रहा उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व के नियमों में बदलाव के बाद से सोने-चांदी के दामों में उछाल आया है। भारतीय बजट के बाद से यह उतार-चढ़ाव और भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल के अंत तक सोना 95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। recent visitors 77

आरक्षक भर्ती के लिए रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण कार्ड होना अनिवार्य शर्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट

 जबलपुर  सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को उचित तरह से निरूपित किया है, जिसके जरिए व्यवस्था दी गई थी कि पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण आवश्यक नहीं है। हाई कोर्ट के आदेश के विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन की विशेष अनुमति याचिका निरस्त कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान आरक्षक पद पर चयनित उम्मीदवारों की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ताओं के आवेदन के समय रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण कार्ड नहीं होने के कारण उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई थी। लाइव पंजीयन कार्ड हाई कोर्ट ने उनके हक में आदेश पारित करते हुए कहा था कि पुलिस आरक्षक पद के लिए उम्मीदवार की पात्रता, योग्यता या फिटनेस तय करने में रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण कार्ड होना अनिवार्य शर्त नहीं है। एमपी सरकार को निराशा हाथ लगी सार्वजनिक रोजगार के लिए विचार किया जाना संविधान के अनुच्छेद-16 के अंतर्गत मौलिक अधिकार है और इसे अनावश्यक शर्तें लगाकर सीमित नहीं किया जा सकता, लिहाजा, आवेदकों को नौकरी दी जाए। इस आदेश के विरुद्ध मप्र शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर दी थी, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। नायब तहसीलदार ने सीमा लांघकर दिया स्टे, कार्रवाई से कराएं अवगत हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने नायब तहसीलदार द्वारा स्टे आर्डर जारी किए जाने को चुनौती के प्रकरण में कलेक्टर जबलपुर से शपथ पत्र पर जवाब मांग लिया है। इस सिलसिले में कलेक्टर के अलावा नायब तहसीलदार शहपुरा सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। हाई कोर्ट ने सवाल किया है कि एक जमीन पर दावा सिविल वाद कोर्ट में लंबित होने के बावजूद अनावेदक के हक में स्टे आर्डर कैसे जारी कर दिया गया। चूंकि मामला बेहद गंभीर है। अत: कलेक्टर हर हाल में चार सप्ताह में हलफनामा देकर जवाब सुनिश्चित करें। यह नियम-कायदे की हद लांघने का प्रकरण है। यदि कलेक्टर ने समय पर जवाब नहीं दिया तो वे कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि नायब तहसीलदार ने पद का दुरुपयोग करते हुए स्टे आर्डर जारी किया है तो उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई, यह भी कोर्ट को अवगत कराना होगा। जवाब न पेश करने पर कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने तैयार रहना होगा। याचिकाकर्ता रोहन लाल मेहरा की ओर से अधिवक्ता सचिन जैन ने पक्ष रखा कि याचिकाकर्ता व मदन लाल, लखन लाल के बीच गांव की एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसे लेकर सिविल कोर्ट में दावा पेश किया। साथ ही स्टे आर्डर की अंतरिम राहत चाही थी, जिसे सिविल कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। recent visitors 72

बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से स्थापित की लोकतांत्रिक व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे 10 लाख आवास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से स्थापित की लोकतांत्रिक व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का संघर्ष पूर्ण जीवन प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा स्त्रोत संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास की जयंती पर दी बधाई और शुभकामनाएं हिंदी भवन में आयोजित समारोह को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि राज्य सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबको आगे बढ़ने का मौका मिले, सबकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो, गरीबों की गरीबी दूर हो, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को सम्मान मिले, किसानों का मान बढ़ें और सभी लोग बराबरी से रहें, राज्य सरकार इस उद्देश्य से हर वर्ग के लिए योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर रही है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में दी गई लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जीवन की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए प्रधानमंत्री बनें। उनसे यह प्रेरणा मिलती है कि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने समाज को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और समानता का अधिकार दिया। जन-जन को इन सब अधिकारों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर हिंदी भवन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और संत रविदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। नवयुवक अहिरवार समाज सुधार संघ भोपाल एवं चर्मकार विकास संघ भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मारिका और रविदास चालीसा का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आयोजनकर्ताओं ने गजमाला पहनाकर स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल दक्षिण-पश्चिम के विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रवींद्र यती और समाज बंधु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी "सबका साथ-सबका विकास" की अवधारणा के साथ समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश ही नहीं देश में सभी को यह अनुभूति है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसमें प्रदेश के सामान्यजन की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर में संत शिरोमणि रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है। उन्होंने उज्जैन स्थित संत रविदास जी के गुरूद्वारे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल संत रविदास के उज्जैन आगमन की स्मृति को अब भी जीवंत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजकों की मांग पर कहा कि सामाजिक गतिविधियों के संचालन के लिए भोपाल में व्यवस्था की जाएगी। साथ ही सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए 10 लाख आवासों का निर्माण आरंभ करने जा रही है। गाँवों में भी पुन: सर्वे कराकर गरीबके अपने पक्के घर का सपना साकार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "मन चंगा तो कठौती में गंगा" का संदेश देने वाले संत रविदास का जीवन इस बात का प्रतीक था कि व्यक्ति के भीतर ही भगवान विद्यमान हैं और भक्ति-साधना से व्यक्ति का उद्धार हो सकता है। उनका मानना था कि भगवान के दरबार में कोई ऊंच-नीच नहीं है। संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया। उन्होंने परिश्रम के आधार पर जीवन संचालित करने और समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का संदेश दिया। संत रविदास ने बताया कि व्यक्ति के सत्कर्म, सद्भावना, परस्पर विश्वास और प्रेम का भाव ही जीवन में सर्वोपरि है। उनके इन उदात्त विचारों के परिणामस्वरूप ही उन्हें समाज में संत शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया। विधायक भगवानदास सबनानी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।   recent visitors 46

सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहली मुफ्त योजनाओं पर भड़का, फ्रीबीज के कारण लोग काम करने तैयार नहीं हैं,

नई दिल्ली चुनाव से पहले मुफ्त योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने जमकर नाराजगी जाहिर की है। शीर्ष न्यायालय का कहना है कि Freebies की वजह से लोग काम करने को तैयार नहीं है। अदालत बुधवार को शहरी इलाकों में बेघरों से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रही थी। फिलहाल, इस मामले पर सुनवाई को 6 हफ्तों के लिए स्थगित कर दिया गया है। शीर्ष न्यायालय में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच शहरी इलाकों में बेघरों को घर के अधिकार से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रही थी। जस्टिस गवई ने कहा, 'दुर्भाग्यवश, मुफ्त की इन सुविधाओं के कारण… लोग काम करने को तैयार नहीं हैं। उन्हें मुफ्त राशन मिल रहा है। उन्हें बिना कोई काम किए ही धनराशि मिल रही है।' बेंच ने कहा, 'हम उनके प्रति आपकी चिंता को समझते हैं, लेकिन क्या यह बेहतर नहीं होगा कि वह भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और उन्हें भी देश के विकास में योगदान का मौका मिले।' अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने पीठ को बताया कि केंद्र सरकार शहरी गरीबी उन्मूलन मिशन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में बेघरों के लिए आश्रय की व्यवस्था समेत विभिन्न मुद्दों का समाधान किया जाएगा। पीठ ने अटॉर्नी जनरल को केंद्र सरकार से यह पूछने का निर्देश दिया कि शहरी गरीबी उन्मूलन मिशन कितने समय में लागू किया जाएगा। recent visitors 50

महाकुंभ में महा रिकॉर्ड !डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 करोड़ पार

प्रयागराज प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'ये नया उत्तर प्रदेश है. 25 करोड़ की आबादी है और कल तक 50 करोड़ लोग प्रयागराज में डुबकी लगा चुके हैं.' इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा. महाकुंभ में माघ पूर्णिमा का स्नान जारी है। संगम से 15 किमी तक चारों तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ है। प्रशासन के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक 1.83 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। अनुमान है कि आज 2.5 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। श्रद्धालु पर हेलिकॉप्टर से 25 क्विंटल फूल बरसाए गए। काटजू रोड पर मस्जिद के बाहर जुटे नमाजियों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। प्रयागराज जाने वाले रास्तों में भीषण जाम के बाद ट्रैफिक प्लान में बदलाव किया गया है। शहर में वाहनों की एंट्री बंद है। मेला क्षेत्र में भी कोई भी वाहन नहीं चलेगा। ऐसे में श्रद्धालुओं को संगम पहुंचने के लिए 8 से 10 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। प्रशासन पार्किंग से शटल बसें चला रहा है। हालांकि यह बेहद सीमित हैं। संगम पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं। वहां लोगों को रुकने नहीं दे रहे हैं, ताकि भीड़ न बढ़ पाए। ज्यादातर लोगों को बाकी घाटों पर स्नान के लिए भेजा जा रहा है। भीड़ कंट्रोल के लिए पहली बार मेले में 15 जिलों के डीएम, 20 IAS और 85 PCS अफसर तैनात किए गए हैं। काटजू रोड पर अब्दुल्लाह मस्जिद में उमड़े नमाजियों ने श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए। इधर, लखनऊ में सीएम योगी सुबह 4 बजे से मुख्यमंत्री आवास पर बने वॉर रूम से महाकुंभ की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीजी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद और कई सीनियर अफसर भी हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, माघ पूर्णिमा स्नान का मुहूर्त शाम 7.22 मिनट तक रहेगा। महाकुंभ मेले से भीड़ जल्दी बाहर निकल जाए, इसलिए लेटे हनुमान मंदिर, अक्षयवट और डिजिटल महाकुंभ सेंटर को बंद कर दिया गया है। आज महाकुंभ में कल्पवास भी खत्म हो जाएगा। संगम स्नान के बाद करीब 10 लाख कल्पवासी घर लौटेंगे। महाकुंभ का आज 31वां दिन है। इससे पहले 4 स्नान पर्व हो चुके हैं। 13 जनवरी से अब तक करीब 46 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। अब 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर आखिरी स्नान पर्व होगा। माघ पूर्णिमा के स्नान से जुड़े अपडेट्स आज 190 ट्रेनें चलाई गईं, 9.46 लाख लोगों ने यात्रा की रेलवे की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, आज 12 फरवरी को दोपहर 3 बजे तक यात्रियों की सुविधा के लिए 190 ट्रेनें चलाई गईं। कुल 9.46 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। इससे पहले 11 फरवरी को 343 गाड़ियां चलाई गईं। 14.69 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। मुस्लिमों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की, खाने-पीने का सामान दिया प्रयागराज में काटजू रोड स्थित अब्दुल्लाह मस्जिद के बाहर जुटे नमाजियों ने माघी पूर्णिमा का स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। खाने पीने का सामान देकर श्रद्धालुओं को विदा किया। सोशल एक्टिविस्ट हसीब अहमद की अगुवाई में कई जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए गए हैं। विदेशी श्रद्धालु ने कहा- गंगा में डुबकी लगाना अविश्वसनीय अनुभव था संगम स्नान के बाद विदेशी श्रद्धालु ने कहा- गंगा में पवित्र डुबकी लगाना एक अविश्वसनीय अनुभव था। यह अद्भुत है और हम यहां जो महसूस कर रहे हैं उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। recent visitors 61

‘पीएम मोदी को हटाना चाहता था US, रची थी बड़ी साजिश’, पूर्व विदेश विभाग अधिकारी के दावे से मची खलबली

नई दिल्ली/ वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व विदेश विभाग के अधिकारी माइक बेंज (Mike Benz) ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने भारत के आंतरिक राजनीति में दखल दिया है। इतना ही नहीं अमेरिका ने बांग्लादेश की राजनीति में भी दखल देने की कोशिश की है।उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका ने मीडिया प्रभाव, सोशल मीडिया सेंसरशिप और विपक्षी आंदोलनों को वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत की राजनीति को प्रभाव डालने की कोशिश की है। एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने अमेरिकी संस्था ‘यूएसएड’ (USAID) द्वारा भारत को विभाजित करने के लिए विभिन्न संस्थाओं को धन दिए जाने का दावा किया था। उन्होंने सोमवार को अपनी सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में जांच कराई जाए और दोषी पाए गए लोगों को जेल में डाला जाए। अब दुबे के दावे को अमेरिका के एक पूर्व अधिकारी के खुलासे से और बल मिलेगा। दरअसल अमेरिका के पूर्व विदेश विभाग अधिकारी माइक बेंज ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने भारत और बांग्लादेश सहित कई देशों की आंतरिक राजनीति में दखल दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मीडिया प्रभाव, सोशल मीडिया सेंसरशिप और विपक्षी आंदोलनों को वित्तीय सहायता के माध्यम से इन देशों की राजनीति को प्रभावित किया। बेंज का दावा है कि अमेरिकी सरकार से जुड़ी संस्थाओं ने ‘लोकतंत्र को बढ़ावा देने’ की आड़ में चुनावों को प्रभावित करने, सरकारों को अस्थिर करने और अपने रणनीतिक हितों के अनुरूप विदेशी सरकार बनाने का काम किया। 2019 के भारतीय आम चुनाव में दखल का आरोप एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंज ने आरोप लगाया कि अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े इस कांड में यूएसएड, थिंक टैंक और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां शामिल हैं। इन्होंने भारत के 2019 के आम चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि इन समूहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ चुनावी नैरेटिव तैयार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी संगठनों ने इस धारणा को बढ़ावा दिया कि मोदी की राजनीतिक सफलता गलत सूचनाओं की वजह से है। इसके आधार पर व्यापक सेंसरशिप का वातावरण तैयार किया गया। सोशल मीडिया पर दबाव का आरोप बेंज का कहना है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने फेसबुक, वॉट्सऐप, यूट्यूब और ट्विटर जैसी बड़ी टेक कंपनियों पर प्रभाव डालते हुए मोदी समर्थक कंटेंट पर अंकुश लगाने का प्रयास किया। वॉट्सऐप की जनवरी 2019 में मैसेज फॉरवर्डिंग की सीमा को कम करने की नीति को भाजपा की डिजिटल पहुंच रोकने का एक सटीक उदाहरण बताया गया। बेंज के अनुसार, अमेरिका समर्थित संस्थाओं ने भारत के डिजिटल स्पेस में हस्तक्षेप को सही ठहराने के लिए मोदी के समर्थकों को ऑनलाइन फर्जी खबरें फैलाने के लिए रणनीतिक रूप से फंसाया। उनका दावा है कि यूएसएड से जुड़े संगठनों सहित कई अन्य संगठनों ने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया और डिजिटल फोरेंसिक समूहों के साथ मिलकर ऐसी रिपोर्टें बनाईं, जिनमें भारत को गलत सूचना के गंभीर संकट से जूझते हुए दिखाया गया। उनका तर्क है कि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मोदी समर्थक बयानों को दबाने का एक बहाना बन गया। बेंज का दावा है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने मोदी समर्थक कंटेंट को रोकने के लिए फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और ट्विटर जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों पर दबाव डाला। ‘यूएसएड’ ने संस्थाओं को पैसा दिया- भाजपा सांसद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अमेरिका में नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘यूएसएड’ संस्था को पूरी तरह बंद कर दिया है क्योंकि यह वर्षों से विभिन्न सरकारों को गिराने के लिए पैसा खर्च कर रही थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बताना चाहिए, ‘‘क्या यूएसएड ने जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन को पांच हजार करोड़ रुपये भारत को विभाजित करने के लिए दिये या नहीं। उसने राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा दिया या नहीं।’’ दुबे ने सवाल उठाया कि क्या ‘यूएसएड’ ने तालिबान को पैसा दिया था? उन्होंने कहा कि इस अमेरिकी संस्था ने आतंकवादी और नक्सलवादी गतिविधिया बढ़ाने वाले कुछ संगठनों को पैसा दिया या नहीं, विपक्ष यह बताए। भाजपा सांसद ने देश में मानवाधिकार के नाम पर और ‘सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च’ के नाम पर विभिन्न संस्थाओं को ‘यूएसएड’ द्वारा पैसा दिए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से अनुरोध किया कि इनकी जांच हो और जिन्होंने देश को नुकसान पहुंचाने के लिए पैसा लिया, उन्हें जेल में डाला जाए। दुबे के इन आरोपों पर कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी की। कुछ सदस्य इस संबंध में व्यवस्था का प्रश्न उठाना चाह रहे थे। हालांकि, पीठासीन सभापति संध्या राय ने कहा कि शून्यकाल में व्यवस्था का प्रश्न नहीं होता। भाजपा सांसद दुबे पहले भी सदन में इन मुद्दों को उठाते रहे हैं। बांग्लादेश में भी अमेरिकी हस्तक्षेप वहीं बेंज ने दावा किया कि अमेरिका ने बांग्लादेश की राजनीति को भी प्रभावित करने की कोशिश की, खासकर प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को कमजोर करने के लिए यूएसएड का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम बांग्लादेश और चीन के बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी के कारण उठाया गया। उनके अनुसार, अमेरिकी संगठनों ने सांस्कृतिक और जातीय तनावों का उपयोग करते हुए विभाजन पैदा करने और सरकार विरोधी प्रदर्शनों को बढ़ावा देने की योजना बनाई। रैप संगीत के जरिए सरकार विरोधी माहौल एक दिलचस्प आरोप में बेंज ने कहा कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल बांग्लादेश में ऐसे रैप संगीत को फंड करने के लिए किया गया, जो सरकार विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देता था। बेंज ने इन गतिविधियों को अमेरिका की वैश्विक रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य लोकतंत्र को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि चीन के प्रभाव का मुकाबला करना, सैन्य ठिकाने सुरक्षित करना और आर्थिक पहुंच बनाए रखना है। बेंज का कहना है कि ये गतिविधियां अक्सर अमेरिकी प्रशासन की अनुमति के बिना विदेश नीति प्रतिष्ठान के कुछ गुटों द्वारा की जाती हैं। उनके अनुसार, ट्रंप प्रशासन के दौरान भी इन गतिविधियों को अंजाम दिया गया, जबकि ट्रंप और मोदी के बीच अच्छे संबंध थे। बेंज ने अपनी रिसर्च के आधार पर यह दावा किया कि यह सिर्फ भारत और बांग्लादेश तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका ने वेनेजुएला, यूक्रेन, मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीका जैसे कई देशों में भी … Read more

पीएम मोदी 17 फरवरी को दिखाएंगे हरी झंडी, उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना का काम पूरा

जम्मू उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना का काम पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 फरवरी को जम्मू से कश्मीर के लिए वंदे भारत ट्रेन काे हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। उक्त जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि वर्षों के समर्पण, इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता और अथक प्रयासों के बाद कश्मीर की रेल कनेक्टिविटी का लंबे समय से संजोया हुआ सपना आखिरकार साकार हो गया है। इस महत्वपूर्ण परियाेजना के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी 17 फरवरी काे जम्मू संभाग से हरी झंडी दिखाएंगे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को विशेष रूप से कटरा-श्रीनगर रेल मार्ग पर जम्मू और कश्मीर की कठोर सर्दियों की परिस्थितियों में कुशलतापूर्वक संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें उन्नत जलवायु-प्रतिरोधी तकनीकाें का प्रयाेग किया गया है, जिसमें हीटिंग सिस्टम शामिल हैं, जो पानी और बायो-टॉयलेट टैंकों को जमने से रोकेगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि एयर-ब्रेक सिस्टम को उप-शून्य तापमान में भी सुचारू संचालन के लिए अनुकूलित किया गया है। अधिकारी ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस में विंडशील्ड में एम्बेडेड हीटिंग तत्व भी शामिल हैं जो ड्राइवर के सामने के लुकआउट ग्लास को स्वचालित रूप से डीफ़्रॉस्ट करते हैं, जिससे अत्यधिक सर्दियों की परिस्थितियों में स्पष्ट दृश्यता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि इन विशेष अनुकूलनों के अलावा ट्रेन में सभी मानक वंदे भारत सुविधाएं हैं जैसे पूरी तरह से वातानुकूलित कोच, स्वचालित प्लग दरवाजे, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट हैं।   recent visitors 55