1984 सिख विरोधी दंगे केस में कांग्रेस के पूर्व MP सज्जन कुमार दोषी करार, राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला; सजा पर बहस 18 को

नई दिल्ली 1984 सिख विरोधी दंगे मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को दो लोगों की हत्या के लिए दोषी ठहराया। अब 18 फरवरी को सज्जन कुमार की सजा को लेकर बहस होगी। सज्जन कुमार पर भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप यह मामला 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार इलाके में पिता-पुत्र की हत्या से जुड़ा है। यहां दो सिखों, सरदार जसवंत सिंह और सरदार तरुण दीप सिंह, की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सज्जन कुमार पर भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप लगा। भीड़ ने घर में घुसकर दो सिखों को जिंदा जलाया आरोप है कि सज्जन कुमार के उकसावे के बाद भीड़ ने बाप-बेटे को उनके घर में जिंदा जला दिया गया। भीड़ ने घर में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी भी की थी। मारपीट कर घर के अन्य लोगों को भी घायल कर दिया। पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को दोषी करार दिए जाने पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के महासचिव जगदीप सिंह कहलों ने कहा, ’40 साल पहले सिख कत्लेआम का नेतृत्व करने वाले सज्जन कुमार को दोषी करार दिया गया है और उन्हें सजा मिलेगी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसके लिए अदालत का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं सत्ता में आने के बाद एसआईटी गठित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का शुक्रिया अदा करता हूं। यह बंद मामलों की दोबारा जांच का नतीजा है। हमें उम्मीद है कि जगदीश टाइटलर मामले में भी हमें न्याय मिलेगा।’ कोर्ट के फैसले पर एडवोकेट एचएस फुल्का ने कहा, ‘आज सीबीआई की विशेष अदालत की जज कावेरी बावेजा ने सज्जन कुमार को 1984 में दो सिखों की हत्या के लिए दोषी करार दिया है। यह जसवंत सिंह और उनके बेटे तरनदीप सिंह की हत्या से जुड़ा मामला है। इस केस को पुलिस ने बंद कर दिया था। 2015 में मोदी सरकार द्वारा एसआईटी गठित किए जाने के बाद इसे फिर से खोला गया। हम अदालत, सरकारी वकील मनीष रावत और आईओ जगदीश कुमार के आभारी हैं जिन्होंने इस पर बहुत मेहनत की। 18 फरवरी को अदालत सजा सुनाएगी।’ आजीवन कारावास की सजा काट रहे सज्जन कुमार अभी सज्जन कुमार दिल्ली कैंट में एक अन्य सिख विरोधी दंगा मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। फैसला सुनाने के लिए सज्जन कुमार को तिहाड़ जेल से कोर्ट में पेश किया गया। बता दें कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी जिसके बाद दंगे भड़क गए थे। विशेष जांच दल ने अपने हाथ में ली ली थी जांच 1 नवंबर, 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या कर दी गई थी. पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन ने यह मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में एक विशेष जांच दल ने इसकी जांच अपने हाथ में ले ली थी. 16 दिसंबर, 2021 को अदालत ने कुमार के खिलाफ आरोप तय किए और उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाया था. दो लोगों की हत्या कर घर में की गई थी लूटपाट इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि भीड़ ने शिकायतकर्ता जसवंत की पत्नी के घर पर हमला किया था. उसके पति और बेटे की हत्या कर दी थी और सामान लूट लिया था. इसके बाद उनके घर को आग के हवाले कर दिया गया था. recent visitors 54

आपको भगवान को देखने कहीं नहीं जाना है, अगर आपका मन पवित्र है कि आपमें ही ईश्वर का वास हो जाता : सीएम यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के हिंदी भवन में संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने संत रविदास जी महाराज को नमन करते हुए अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि ने 648 वर्ष पहले अपने जीवन चरित्र के माध्यम से समूचे समाज, भारत और मानवता के लिए एक संदेश दिया कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। उन्होंने बताया कि सच्चे अर्थों में कठौती में गंगा का अर्थ यही है कि आपको भगवान को देखने कहीं नहीं जाना है, अगर आपका मन पवित्र है कि आपमें ही ईश्वर का वास हो जाता है। इसलिए संत शिरोमणि कहलाए रविदास जी उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने कर्म करते हुए अपने धर्म, समाज, देश के लिए स्वाभिमान के जीवन जीते हुए साथ भक्ति की रसधारा बहाई। उनके भक्तों में चित्तौड़ की महारानी मीरा बाई से लेकर बनारस के बड़े-बड़े राजा-महाराजा शामिल रहे। संत रविदास जी महाराज का दर्शन इतना विराट था कि वे जितना धन अर्जित करते थे उसमें से आधा धन वे दान कर देते थे। वे कहते थे कि हमारे साथ केवल हमारा पुण्य, कर्म, सद्भावना, समाज का विश्वास और जीवन का आनंद जाएगा। इसी उदात्त भाव के कारण उन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी गई। इसीलिए सागर में हमारी सरकार 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनवा रही है। हर गरीब को मिलेगा पक्का मकान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि संत रविदास सभी को समान भाव से देखते थे और गरीबों से उन्हें विशेष प्रेम था। इसी प्रकार हमारी सरकार भी प्रदेश के गरीबों, युवाओं के जीवन में बदलाव लाने का काम कर रही है। हर गरीब को हम संपन्नता की ओर ले जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब व्यक्ति भी सम्मान के साथ जी रहा है। सीएम डॉ मोहन यादव ने घोषणा की है कि हर गरीब को पक्का मकान देने के लिए दोबारा सर्वे कराया जाएगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में गरीब वर्ग के लोगों को ढाई-ढाई लाख के मकान दिये जाएंगे। 10 लाख मकान शहरी क्षेत्र में बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति को सामाजिक कार्य के लिए जमीन का आवंटन किया जाएगा।   recent visitors 35

AAP के अमानतुल्लाह खान लापता, फोन भी बंद, दिल्ली, UP से राजस्थान तक ताबड़तोड़ छापे

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के नवनिर्वाचित विधायक अमानतुल्लाह खान पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है. उन पर गिरफ्तारी के बाद मकोका लगाने की तैयारी चल रही है. विधायक की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीम की ओर से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों पर रेड डाले गए हैं. आम आदमी पार्टी (आप) के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे और अक्सर विवादों में घिरे रहने वाले अमानतुल्लाह खान को एक बार फिर पुलिस तलाश रही है। हाल ही में ओखला विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने वाले अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस बीच अमानतुल्लाह ने दिल्ली पुलिस को लेटर लिखकर दावा किया है कि वह अपनी विधानसभा क्षेत्र में ही मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी के बाद मकोका लगाया जा सकता है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है. उनके फोन की आखिरी लोकेशन मीठापुर में मिली, लेकिन उसके बाद से उनका फोन बंद चल रहा है. सूत्रों का यह भी दावा है कि पुलिस को शक है कि कुछ आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह की मदद कर रहे हैं. अमानतुल्लाह के खिलाफ FIR इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 2 दिन पहले सोमवार को जामिया नगर में पुलिस टीम पर हमले की अगुवाई करने के आरोप में ओखला के AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस के अनुसार, अमानत ने हत्या की कोशिश के मामले में भगोड़े आरोपी की हिरासत से भागने में मदद भी की है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर इस मामले में अपनी पुष्टि की और कहा कि वे अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों के खिलाफ लोकसेवक को दायित्व निर्वहन से रोकने के लिए एफआईआर दर्ज कर रहे हैं. अमानतुल्लाह की मौजूदगी में भागा आरोपी अधिकारी ने बताया कि यह वाकया तब हुआ जब दिल्ली के जामिया नगर इलाके में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम हत्या की कोशिश के एक मामले में वांछित शाबाज खान को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी. AAP विधायक अमानतुल्लाह के समर्थकों के पुलिस टीम के साथ भिड़ने की वजह से शाबाज मौके से भागने में कामयाब हो गया. सूत्रों के अनुसार, हमले के समय अमानतुल्लाह वहां घटनास्थल पर थे, जिससे आरोपी भागने में सफल रहा. अमानतुल्लाह ने लगाई जीत की हैट्रिक दिल्ली पुलिस के डीसीपी रवि कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम की कई धाराएं लगाई गई हैं क्योंकि कई ऐसे मुकदमे हैं जो कि अमानतुल्लाह के खिलाफ पेंडिंग हैं, या फिर ट्रायल चल रहे हैं. अभी तक तो उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है. वह अब जांच में शामिल नहीं हुए हैं. उनसे संपर्क करने की पूरी कोशिश की जा रही है और जिससे हम अपनी जांच को आगे बढ़ा सके. पिछले हफ्ते दिल्ली में हुए चुनाव में ओखला विधानसभा सीट पर अमानतुल्लाह खान ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मनीष चौधरी को 23,639 वोट से हराया. अमानतुल्लाह को 88,392 वोट मिले जबकि बीजेपी के मनीष के खाते में 65,304 वोट आए. अमानतुल्लाह ने ओखला से अपनी जीत की हैट्रिक लगाई. पिछले 24 घंटों में अमानतुल्लाह केस में जुड़ीं नई धाराएं अमानतुल्लाह पर पुलिस ने दंगे से जुड़ी बीएनएस की धारा लगाई है. क्योकि अमानतुल्लाह खान ने भीड़ इकठ्ठा कर ली थी और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, इसलिए पुलिस ने बीएनएस की धारा 191(2) लगाई है. वहीं, पुलिस ने अमानतुल्लाह पर बीएनएस 190 भी लगाई है. जिसका मतलब है अगर कोई व्यक्ति गैरकानूनी सभा का हिस्सा था और उस सभा के मकसद के तहत कोई अपराध हुआ, तो उस व्यक्ति को भी दोषी माना जाएगा. इसके अलावा अमानतुल्लाह पर धारा 221 यानी कि ड्यूटी पर मौजूद लोक सेवक को बाधा पहुंचाना. धारा 121(1) यानी अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे किसी लोक सेवक को नुकसान पहुंचाने का अपराध व धारा 132 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं में भी दर्ज हुई है FIR अमानतुल्लाह पर धारा 351(3) के तहत भी एफआईआर दर्ज की गई है. यह धारा मौत, गंभीर चोट या संपत्ति को नष्ट करने की धमकी से संबंधित है. वहीं, उन पर धारा 263 यानी कि किसी अन्य व्यक्ति की वैध गिरफ्तारी में बाधा डालने या उसका विरोध करने का कार्य करना आदि शामिल है. इसके अलावा अमानतुल्लाह पर धारा 111 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. जानें पूरा मामला क्राइम ब्रांच की टीम जामिया इलाके में वांटेड बदमाश शावेज़ को पकड़ने गई थी. शावेज़ को क्राइम ब्रांच ने पकड़ भी लिया था. लेकिन  अमानतुल्लाह खान अपने 20-25 समर्थकों के साथ पहुंच गए. अमानतुल्लाह खान ने क्राइम ब्रांच के स्टाफ को कहा….तुम्हारी यहां आने की हिम्मत कैसे हुई". मैं ऐसी पुलिस और कोर्ट कुछ नहीं मानता. साथ ही अमानतुल्लाह खान और समर्थकों ने पुलिस पर हमला भी किया था और हाथापाई भी की थी. इसके अलावा पुलिस वाले का आई कार्ड भी छीन लिया गया था. अमानतुल्लाह खान ने पुलिस को धमकी देते कहा था ये इलाका हमारा है, यहां से निकल जाओ वरना जिंदा निकलना भारी पड़ेगा. हमारी आवाज पर इतने लोग इक्कठे हो जाएंगे कि की तुम लोगों का पता भी नहीं चलेगा कि तुम कहां गए. अमानतुल्लाह खान को पकड़ने के लिए पुलिस ने कहां-कहां दी दबिश अमानतुल्लाह खान पर एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस तलाश कर रही है. लेकिन आप विधायक का अभी तक पता नहीं चल सका है. उनका फोन भी बंद आ रहा है. पुलिस अब तक ओखला सहित दिल्ली के कई अन्य इलाकों में दबिश दे चुकी है. वहीं, पुलिस दिल्ली बॉर्डर से लगे राज्यों में भी दबिश दे रही है.   recent visitors 57

आंध्र प्रदेश में संदिग्ध बर्ड फ्लू से लाखों मुर्गियों की सामूहिक मृत्यु , पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी किया

कोलेरू भोपाल हाई सिक्योरिटी लेबोरेटरी ने पुष्टि की है कि आंध्र प्रदेश में लाखों मुर्गियों की मौत का कारण बर्ड फ्लू है। पिछले कुछ हफ्तों में गोदावरी जिलों में बड़ी संख्या में मुर्गियां मर रही हैं। एपी पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोलेरू जलग्रहण क्षेत्रों में पक्षियों के प्रवास के कारण वायरस फैला है। एपी के दो जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि आंध्र प्रदेश में मुर्गियों की अचानक हुई मौतों का कारण पता चल गया है। गोदावरी जिलों में पिछले कुछ हफ्तों में लाखों मुर्गियों की मौत से हड़कंप मच गया है। वायरस के कारण एपी और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में कई मुर्गियां मरी हैं। खम्मम और सथुपल्ली के साथ-साथ दोनों गोदावरी जिलों में भी बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत हुई है। जवाब में, पशुपालन विभाग ने मृत मुर्गियों के नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे। पश्चिमी गोदावरी जिले के दो इलाकों में मुर्गियों की मौत का कारण एवियन इन्फ्लूएंजा (HN1 – बर्ड फ्लू वायरस) होने की पुष्टि हुई है। आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में मरे मुर्गियों के नमूने जांच के लिए मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान में भेजे गए। पश्चिम गोदावरी जिले के तनुकु मंडल के वेलपुर और पूर्वी गोदावरी जिले के पेरावली मंडल के कानुर, अग्रहारम के मुर्गी फार्मों से लिए गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने दोनों जिलों के फार्मों में मुर्गियों को क्वारंटीन कर दिया है। प्रभावित मुर्गी फार्मों के एक किलोमीटर के दायरे में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। आसपास के इलाकों में वायरस को नियंत्रित करने के लिए विशेष उपाय लागू किए गए हैं और रेड जोन की निगरानी विशेष टीमें कर रही हैं। मुर्गी फार्मों में काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है और मुर्गियों को प्रभावित करने वाली बीमारियों के बारे में किसानों के लिए जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। प्रवासी पक्षियों से फैलता है वायरस ऐसा माना जाता है कि बर्ड फ्लू प्रवासी पक्षियों में पाए जाने वाले वायरस से फैलता है जो हर साल विभिन्न देशों से कोलेरू क्षेत्र में आते हैं। पक्षियों के पानी में शौच करने से वायरस जलाशयों में पहुंच गया। अनुमान है कि मुर्गियों में संक्रमण पानी के जरिए हुआ। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी में कम तापमान के कारण वायरस तेजी से फैला। शुरुआत में, प्रसार को मृत पक्षियों के अनुचित निपटान से जोड़ा गया था। यदि तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच है तो बर्ड फ्लू वायरस जीवित नहीं रहता है। वर्तमान में, राज्य के अधिकांश हिस्सों में 34 डिग्री से अधिक तापमान का अनुभव हो रहा है, इसलिए वायरस के आगे फैलने की संभावना नहीं है। एपी पशुपालन विभाग ने घोषणा की है कि उसने अधिकारियों को बर्ड फ्लू से पहचाने गए दो फार्मों में मुर्गियों और अंडों को दफनाने का आदेश दिया है। दफनाए गए प्रत्येक मुर्गे के लिए 90 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। एहतियात के तौर पर, दो चिकन फार्मों के एक किलोमीटर के दायरे में रेड अलर्ट घोषित किया गया है और उन इलाकों में चिकन की दुकानें बंद कर दी गई हैं। हालांकि, अन्य स्थानों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। पशुपालन विभाग के निदेशक दामोदर नायडू ने कहा कि वायरस प्रभावित क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में निगरानी जारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के अन्य हिस्सों में मुर्गियों के साथ कोई समस्या नहीं है और आश्वासन दिया कि उच्च तापमान पर पकाए जाने पर चिकन का मांस खाने के लिए सुरक्षित है।   recent visitors 51

महाकुंभ: माघ पूर्णिमा के अमृत स्नान पर संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रयागराज प्रयागराज में आज यानि बुधवार को माघ पूर्णिया (Magh Purnina Snan) के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं. त्रिवेणी घाट पर तो लोगों का हुजूम देखते ही बन रहा है. सोमवार से ही बाकी दिन के मुकाबले श्रद्धालु यहां ज्यादा संख्या में पहुंचने शुरू हुए, जिससे न केवल मेला परिसर में बल्कि प्रयागराज और पड़ोसी जिलों सहित आसपास के इलाकों में भी भारी भीड़ हो गई. यूपी में आज माघ पूर्णिमा पर संगम नगरी में पार्किंग से लेकर ट्रैफिक तक, पुलिस और प्रशासन की क्या तैयारी है चलिए जानते हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ खुद हर स्थित पर पैनी नजर रखे हुए हैं. मुख्यमंत्री आज सुबह 4 बजे से माघ पूर्णिमा स्नान की निगरानी कर रहे हैं. DGP प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और सीएम सचिवालय के अधिकारी 5 केडी वॉर रूम में मौजूद हैं. प्रयागराज के डीआइजी वैभव कृष्ण ने कहा, ‘माघी पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्नान के लिए यहां पहुंच रहे हैं. हमारी तैयारी वाकई बहुत अच्छी है. सब कुछ नियंत्रण में है. पार्किंग, यातायात परिवर्तन, सब कुछ सक्रिय है. श्रद्धालु नियमों का पालन कर रहे हैं.’ आज 2 करोड़ लोग लगा सकते हैं आस्था की डुबकी मान्यता है कि आज पवित्र नदियों और सरोवरों में अमृत वर्षा होती है जिसकी वजह से सारा जल पवित्र हो जाता है। आज के दिन संगम तट पर स्नान का विशेष महत्व है इसलिए उम्मीद की जा रही है कि आज करीब 2 करोड़ लोग स्नान कर सकते हैं। एक दिन पहले कल मंगलवार को ही डेढ़ करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। आज महाकुंभ के अमृत स्नान का पांचवा स्नान हो रहा है। तड़के से ही लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं और आज दिन भर ये सिलसिला जारी रहने वाला है। सीएम आवास के वॉर रूम में मौजूद हैं योगी इधर, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 4 बजे से मुख्यमंत्री आवास पर बने वॉर रूम से महाकुंभ की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही रास्तों पर कहीं भी जाम ना लगे इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। प्रयागराज शहर में आने और जाने वाले रास्तों की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। महाकुंभ के कमांड सेंटर में आला अधिकारी बैठकर लगातार नजर बनाएं हुए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यातायात स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की. माघ पूर्णिमा पर नया ट्रैफिक प्लान लागू करते हुए प्रशासन ने मेला क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरा शहर नो-व्हीकल जोन घोषित किया है. VVIP पास भी रद्द कर दिए गए हैं. उन्होंने अधिकारियों के साथ सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण उपायों पर चर्चा की और सभा के प्रबंधन के लिए एक विशेष योजना लागू करने का आदेश दिया. सीएम योगी ने अधिकारियों को यातायात और भीड़ प्रबंधन योजनाओं को कुशलतापूर्वक क्रियान्वित करने को सुनिश्चित करते हुए भक्तों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. तीर्थयात्रियों के मार्गदर्शन और सहायता के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सुरक्षा कर्मियों और यातायात टीमों को तैनात किया गया है. भीड़ एवं यातायात प्रबंधन हेतु विशेष उपाय सरकार ने उत्सव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों और संसाधनों को तैनात किया है. स्थिति पर नजर रखने के लिए एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश और उत्तर प्रदेश से 28 पीसीएस अधिकारियों को महाकुंभ में भेजा गया था. सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए ये अधिकारी अभी भी मेन प्वाइंट्स पर तैनात हैं. बेहतर परिवहन सुविधाओं के लिए मेले के लिए पहले से चल रही 3050 बसों के साथ 1200 अतिरिक्त बसें तैनात की गई हैं. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने घोषणा की कि इन बसों को क्षेत्र-वार आवंटित किया गया था, जिसमें 750 शटल बसें विशेष रूप से संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए चल रही थीं. रेलवे ने बढ़ाई स्पेशल ट्रेनें तीर्थयात्रियों की भारी आमद को समायोजित करने के लिए, भारतीय रेलवे ने 25 महाकुंभ विशेष ट्रेनें शुरू की हैं. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ये ट्रेनें गोरखपुर, झूंसी, बनारस और छपरा समेत विभिन्न स्थानों के बीच चलेंगी. वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा अधिकारियों ने विभिन्न मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए 36 पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं. ये पार्किंग क्षेत्र मेला स्थल के पास भीड़भाड़ को रोकने के लिए रणनीतिक रूप से स्थित हैं. श्रद्धालुओं को इन क्षेत्रों में अपने वाहन पार्क करने और मेला मैदान तक पैदल जाने की आवश्यकता होगी. जौनपुर के वाहनों के लिए: पार्किंग चीनी मिल पार्किंग, गारापुर रोड पर शुद्ध सूरदास पार्किंग, समयामाई मंदिर कछार पार्किंग और बदरा सौनौती रहिमापुर पार्किंग में उपलब्ध है. श्रद्धालु पुरानी जीटी रोड से होते हुए मेला मैदान तक पहुंच सकते हैं. वाराणसी के वाहनों के लिए: पार्किंग स्थलों में महुआ बाग पुलिस स्टेशन झूंसी पार्किंग, झूंसी रेलवे स्टेशन के पास सरस्वती पार्किंग, नागेश्वर मंदिर पार्किंग, ज्ञान गंगा घाट पार्किंग और शिव मंदिर उस्तापुर महमूदाबाद पार्किंग शामिल हैं. छतनाग मार्ग से एक्सेस ले सकते हैं. मिर्जापुर के वाहनों के लिए: निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्रों में देवरख उपरहार पार्किंग, मदनुआ में टेंट सिटी पार्किंग, ओमेक्स सिटी पार्किंग और गाजिया पार्किंग शामिल हैं. श्रद्धालु अरैल बांध रोड से होते हुए मेले तक जा सकते हैं. रीवा, बांदा और चित्रकूट के वाहनों के लिए: नवप्रयाग पार्किंग, कृषि संस्थान पार्किंग, महेवा पुरबा/पश्चिम पार्किंग और मीरखपुर कछार पार्किंग में पार्किंग उपलब्ध है. श्रद्धालु पुरानी रीवा रोड और नई रीवा रोड के माध्यम से मेला मैदान में प्रवेश कर सकते हैं. कानपुर और कौशांबी के वाहनों के लिए: काली एक्सटेंशन प्लॉट नंबर 17, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज और दधिकांदो ग्राउंड में पार्किंग प्रदान की जा रही है. जीटी जवाहर चौराहा और काली मार्ग से मेले तक पहुंचा जा सकता है.   recent visitors 58

अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को विकसित बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति सहित अनेक नीतियां स्वीकृत युवाओं के लिये रोजगार क्रांति साबित होंगी नीतियां अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे निवेशकों की राह और आसान होगी निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए "मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन नीति-2025" की स्वीकृति मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक नीति 2025 की स्वीकृति प्रदेश को फिल्म पर्यटन अनुकूल राज्य बनाने के लिए फिल्म पर्यटन नीति 2025 की स्वीकृति प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्य के रूप मे स्थापित करने के लिए पर्यटन नीति 2025 की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 की स्वीकृति दी गयी है। इसके अंतर्गत 10 सेक्टर विशिष्ट नीतियों यथा कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, टेक्सटाइल नीति, परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति, एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति, फार्मास्यूटिकल्स नीति, बायोटेक्नोलॉजी नीति, मेडिकल डिवाईसेस नीति, ईव्ही विनिर्माण नीति, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति और हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति को स्वीकृति दी गयी है। औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 का उदेश्य मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रूपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रूपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पाँच वर्षों में लगभग 20 लाख नवीन रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है। इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किये गये है। कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति में विद्युत टैरिफ प्रतिपूर्ति 1 रूपये प्रति यूनिट 5 वर्षों के लिए प्रदाय की जायेगी। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन, 50% अथवा 5 लाख जो भी कम हो 5 वर्षों के लिए प्रदाय किया जायेगा। इसके साथ ही 75 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाले खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी। टैक्सटाइल नीति के अंतर्गत्‍संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम, 50 करोड़ रूपये प्रदाय की जायेगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये वित्तीय सहायता प्रदाय की जायेगी। साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी। परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्षों तक, कुल 10 वर्षों की अवधि में प्रदान किये जायेंगे। प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रूपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जायेगा। टर्मलोन पर 5% ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रूपये दिया जायेगा। विकास शुल्क में 25% की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रूपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जायेगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये प्रदाय की वित्तीय सहायता प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही 75 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति में विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जायेगी। गुणवत्ता प्रमाणन के रूप मे 50% या 10 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति, जो भी कम हो की जायेगी। साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां कस्टामाईज्ड पैकज के‍लिए पात्र होंगी। नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50% की रियायत दी जायेगी गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 लाख रूपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के‍लिए पात्र होंगी। फार्मास्यूटिकल्स नीति के अंतर्गत्‍गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 करोड़ रूपये 5 वर्षों के लिए प्रदान किया जायेगा। अतिरिक्त निवेश पर 2 वर्षों का स्लैक अवधि प्रोत्साहन के रूप में दिया जायेगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। साथ ही 250 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। बायोटेक्नोलॉजी नीति में इन-हाउस आर एंड डी के लिए यंत्र-संयंत्र एवं भवन का 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। बायोटेक्नोलॉजी पार्क निजी औद्योगिक पार्क के समान सुविधा के लिए पात्र होंगे। 250 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। मेडिकल डिवाइसेस नीति में आर एंड डी सुविधाएं विकसित करने के लिए 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना पर 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। ईव्ही विनिर्माण नीति के बैटरी परीक्षण सहित को ईएफसीआई अंतर्गत मान्य किया जायेगा। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति या 1 लाख रूपये प्रति मॉडल जो भी कम हो, अधिकतम 10 लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे। एमपीआईडीसी द्वारा लगाए गए विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जायेगी। 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति के … Read more

बागेश्वर धाम आएंगे पीएम मोदी, धीरेंद्र शास्त्री ने कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे

छतरपुर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्धाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके लिए 24 फरवरी को भोपाल आएंगे, लेकिन इससे पहले वह बागेश्वर धाम जाएंगे। जहां पीएम नरेंद्र मोदी कैंसर हॉस्पिटल का भूमिपूजन करेंगे। इसको लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं। 23 फरवरी को बागेश्वर धाम आएंगे पीएम नरेंद्र मोदी मोहन सरकार द्वारा आयोजित कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। जिसके बाद सीएम डॉ मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि वह कल दिल्ली जा रहा हैं। जहां राजदूतों के साथ बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को बागेश्वर धाम आएंगे। कैंसर हॉस्पिटल का होगा भूमिपूजन 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का भूमिपूजन होगा। बीते दिनों पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया था कि कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। पहले चरण में 3 साल में 100 बेड का सुविधायुक्त अस्पताल बनकर तैयार किया जाएगा। उद्धाटन के लिए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम नरेंद्र मोदी कैंसर हॉस्पिटल के भूमि पूजन का निमंत्रण दिया था। दरअसल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का निर्माण करा रहे हैं। पहले चरण में 100 बिस्तर का सभी सुविधाओं वाला अस्पताल बनकर तैयार होगा। इसके बाद इसका विस्तार किया जाएगा। अस्पताल के शिलान्यास का कार्यक्रम 23 फरवरी को होने जा रहा है। इसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होगी। ऐसा माना जा रहा है कि यदि प्रधानमंत्री बागेश्वर धाम जाते हैं तो वह अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद भोपाल आएंगे। जहां, राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके अगले दिन 24 फरवरी को सुबह 10 बजे जीआईएस का शुभारंभ करेंगे।  30 देशों के राजदूत और काउंसलर आएंगे राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित हो रही जीआईएस में 30 देशों के राजदूत और काउंसलर ने आने की सहमति दी है। इसमें कई देशों के निवेश और उद्योगपति भी शामिल होंगे। साथ ही केंद्र सरकार में मंत्री अविश्वनी वैष्णव, पीयूष गोयल, नितिन गडकरी, जीकिशन रेड्डों को भी निमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई मंत्री और उद्योगपति मुलाकात कर सकते है। इसके बाद प्रधानमंत्री 12 बजे भोपाल से रवाना हो जाएंगे। recent visitors 37