अंतिम एक दिवसीय में अपनी लय बरकरार रखकर क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी

अहमदाबाद पहले दो मैच में आसान जीत से उत्साह से लबरेज भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार को होने वाले तीसरे और अंतिम एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी लय बरकरार रखकर क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। इस मैच में हालांकि विराट कोहली पर निगाह रहेगी जिनके पास चैंपियंस ट्रॉफी से पहले फॉर्म हासिल करने का यह आखिरी मौका होगा। भारत पहले दो मैच चार विकेट के समान अंतर से जीत कर पहले ही श्रृंखला अपने नाम कर चुका है। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम अब उस नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेलने के लिए उतरेगी जहां उसे वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। यह कहने की जरूरत नहीं है कि भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी से पहले कोहली की फॉर्म को लेकर चिंतित होगी। आठ टीमों के बीच खेले जाने वाली चैंपियंस ट्रॉफी 19 फरवरी से पाकिस्तान और दुबई में शुरू होगी। भारत अपने सभी मैच दुबई में खेलेगा। भारत अपना पहला मैच 20 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगा और 23 फरवरी को अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा। कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे वनडे में 90 गेंद पर 119 रन बनाकर फॉर्म में वापसी की जो भारत के लिए अच्छे संकेत हैं। कोहली अपने इस साथी से प्रेरणा लेकर यहां बड़ी पारी खेलना चाहेंगे। कोहली पूरी तरह से लय में नहीं दिख रहे हैं लेकिन वह इतनी देर तक क्रीज पर नहीं टिके हैं कि खुद को बड़ी पारी खेलने का मौका दे सकें। कोहली का बल्ला अगर चल जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में 14000 रन बनाने वाला तीसरा खिलाड़ी बन सकता है। कोहली को इस मुकाम पर पहुंचने के लिए केवल 89 रन की जरूरत है। भारत ने अभी तक तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया है। स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को टीम में शामिल करने और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी से भारत का गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। शमी की सफल वापसी से निश्चित तौर पर भारतीय टीम प्रबंधन को राहत मिली होगी क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर संदेह बना हुआ है। बुमराह को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अहमदाबाद में होने वाले इस वनडे से वापसी करनी थी लेकिन अभी वह बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में ही हैं। भारत और इंग्लैंड दोनों की टीम ने मंगलवार को अभ्यास नहीं किया था क्योंकि वे तरोताजा होकर तीसरे वनडे में उतरना चाहती हैं। रोहित का कटक में खेले गए मैच में शतक टीम के अन्य खिलाड़ियों को भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। इनमें विकेटकीपर बल्लेबाज के एल राहुल भी शामिल हैं जो अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऐसे में अगर भारत ऋषभ पंत को मौका देता है तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं जो भारतीय टीम को संतुलन प्रदान कर सकते हैं। भारत को मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर से अच्छी पारी की उम्मीद होगी। ऑलराउंडर अक्षर पटेल को पांचवें नंबर बल्लेबाजी करने के लिए उतारना अभी तक सही साबित हुआ है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पहले दो मैच में 52 और नाबाद 42 रन बनाए। पटेल के बल्लेबाजी में अच्छे प्रदर्शन से रविंद्र जडेजा पर से कुछ दबाव कम हुआ होगा जिन्होंने अभी तक श्रृंखला में छह विकेट लिए हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने स्पिन गेंदबाजों की मदद करने वाले विकेटों पर अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। चैंपियंस ट्रॉफी में दुबई में उन्हें इसी तरह की परिस्थितियां मिलने की संभावना हैं। जहां तक जोस बटलर की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम का सवाल है तो उसे चैंपियंस ट्रॉफी से पहले मनोबल बढ़ाने वाली जीत हासिल करने के लिए तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। ऑलराउंडर जैकब बैथेल के चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने से भी उसकी टीम की परेशानियां बढ़ गई हैं। पिछले मैच में फिल साल्ट और बेन डकेट की सलामी जोड़ी ने इंग्लैंड को अच्छी शुरुआत दिलाई थी लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा पाया। जो रूट ने भी अपना प्रभाव छोड़ा है लेकिन उन्हें दूसरी तरफ से सहयोग नहीं मिला है। गेंदबाजी में स्पिनर आदिल रशीद ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया है लेकिन अगर इंग्लैंड को जीत हासिल करनी है तो उसके बल्लेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, रविंद्र जड़ेजा, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती। इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान और विकेटकीपर), हैरी ब्रूक, बेन डकेट, जो रूट, फिलिप साल्ट, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, ब्रायडन कार्स, लियाम लिविंगस्टोन, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, साकिब महमूद, आदिल रशीद और मार्क वुड। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 60

मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी, 16 फरवरी को भूमिपूजन

भोपाल  मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी. मध्य प्रदेश में इस तरह का पहला प्रयोग राजधानी भोपाल से सटे मंडीदीप में किया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 फरवरी को इसका भूमिपूजन करने जा रहे हैं. इस प्लान के तहत एक छह मंजिला बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसमें छोटे उद्योगों को फ्लैट जैसी जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इसका फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जिन्हें इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती और छोटे स्थान पर ही अपनी इंडस्ट्री चला सकेंगे. बिल्डिंग ऐसी कि छोटे वाहन ऊपर तक पहुंचेंगे मध्य प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने की कोशिश में जुटी हुई है. इसके लिए 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट भी आयोजित की जा रही है. निवेश की राह आसान बनाने के लिए सरकार उद्योगों से जुड़ी नीतियों को भी फ्रेंडली बना रही है. बड़े उद्योगों के अलावा छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया का कंसेप्ट लेकर आई है. इसमें भोपाल के नजदीक मंडीदीप इंडस्टिल एरिया सहित दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी. मंडीदीप में 30 एकड़ से ज्यादा भूमि पर निर्माण मोहन यादव सरकार के मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया कंसेप्ट के लिए मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया में 30.89 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है. यहां बनाई जा रही 6 मंजिला बिल्डिंग में हर मंजिल पर 128 यूनिट के लिए जगह उपलब्ध होगी. इस तरह एक भवन में 768 छोटे उद्योग चल सकेंगे. बिल्डिंग को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि छोटे वाहन ऊपर तक माल या अन्य सप्लाई लेकर पहुंच जाएं. इसके लिए इसमें हैवी लिफ्ट भी लगाई जाएगी. मंडीदीप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल कहते हैं, '' इस योजना से इंडस्ट्रियल एरिया में छोटे उद्योगों को जगह मिलेगी. सरकार का यह अच्छा कदम है. कुछ राज्यों में इस कंसेप्ट पर काम किया गया, जिसके अच्छे नतीजे रहे हैं. फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने का क्या फायदा? फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने के लिए बनाई जाने वाली बिल्डिंग में एक इंडस्ट्री को 1178 वर्ग फीट की जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इस मल्टी में इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, आईटी और इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े छोटे उद्योग संचालित हो सकेंगे. इसके अलावा बड़े उद्योगों के सपोर्ट में बनने वाले छोटे इक्युपमेंट का निर्माण भी यहां हो सकेगा. इस तरह छोटे उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में जगह उपलब्ध कराना भी आसान हो जाएगा. recent visitors 61

‘112 इंडिया’ एप को डायल100 से एकीकृत किया जाएगा, एप में आपातकालीन सेवाओं की 12 सुविधाएं उपलब्ध

भोपाल  प्रदेश के लोगों को अब पुलिस व अन्य विभागों से जुड़ी वे सभी आपातकालीन सुविधाएं मिल सकेंगी, जो ‘112 इंडिया’ एप में उपलब्ध हैं। उदाहरण के रूप में एप के माध्यम से कोई व्यक्ति पैनिक बटन को क्लिक करता है, तो इसकी सूचना उस क्षेत्र के 112 कंट्रोल रूम में मिल जाएगी। पुलिस मुख्यालय इस एप को डायल-100 के साथ एकीकृत करने जा रहा है। इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। अभी हेल्पलाइन नंबर 112 पर कोई काल करता है, तो प्रदेश में डायल-100 के कंट्रोल रूम से कॉल जुड़ जाती है, पर इस एप के माध्यम से सुविधा नहीं मिल पा रही थी। आमजन की सुरक्षा का रखा है पूरा ध्यान एप में आमजन की सुरक्षा से जुड़े 12 तरह के फीचर हैं। चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं, एंबुलेंस, फयर ब्रिगेड जैसी सुविधाएं इस एप से प्राप्त की जा सकती हैं। इसमें आपातकालीन सेवा प्राप्त करने के लिए फोटो और वीडियो अपलोड करने की सुविधा भी है। आपातकाली हेल्पलाइन नंबरों को 112 से जोड़ा     बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को एकीकृत कर 112 से जोड़ दिया है। एप से भी सभी सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं।     रेडियो दूरसंचार मुख्यालय ने एप को डायल-100 सेवा से एकीकृत करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। एजेंसी चयन होने में लगभग दो माह लगेंगे। इसके बाद एक माह दोनों सेवाओं को एकीकृत करने में लगेंगे। एप में ज्यादा सुविधाएं..     बता दें कि कॉल करने की तुलना में एप में ज्यादा सुविधाएं हैं। सबसे बड़ा लाभ यह कि सहायता मांगने वाले की लोकेशन भी एप के माध्यम से नियंत्रण कक्ष तक पहुंच जाती है। इसी तरह ट्रेन में यात्रा करते समय कोई समस्या आती है, तो उसके लिए भी एप के माध्यम से सहायता ली जा सकती है।     अधिकारियों ने बताया कि सहायता के लिए 100 या 112 नंबर डायल करने सबसे पहले सूचना डायल-100 के नियंत्रण कक्ष में आती है। इसके बाद उस कॉल को संबंधित काल सेंटर से जोड़ा जाता है, जैसे रेलवे में सुरक्षा संबंधी सहायता मांगने पर उसे आरपीएफ व जीआरपी के कंट्रोल रूम से तत्काल जोड़ दिया जाता है।   recent visitors 61

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आधुनिक ड्रोन और सीसीटीवी से बिल्डिंग से लेकर सड़कों के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जाएगी

भोपाल मप्र की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का आयोजन 24 और 25 फरवरी को होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी सुबह दस बजे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में जीआईएस का शुभारंभ करेंगे। पीएम मोदी के साथ करीब दो दर्जन देशों के राजनयिक और दर्जन भर से अधिक देशों के उद्योगपति भी भोपाल आने वाले हैं। भारत के लगभग सभी बड़े उद्योगपतियों या उनके प्रमुख पदाधिकारी जीआईएस में शामिल होने भोपाल आ रहे हैं। इनकी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आधुनिक एक दर्जन ड्रोन और सीसीटीवी से बिल्डिंग से लेकर सड़कों के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जाएगी। इसमें वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए तय रूट को चिन्हित किया गया है। जिन पर पुलिसकर्मी के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जीआईएस में बिना पास के किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। अंदर प्रवेश करने के लिए हर व्यक्ति को हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर और डिजिटल मल्टी-फंक्शन डिटेक्टर से होकर जाना होगा। तीन हजार पुलिस कर्मी रहेगे तैनात भोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में दो दिन जीआईएस का आयोजन होगा। इसके अलावा शहर की 50 होटलों में मेहमानों के ठहरने के इंतजाम किए गए हैं। 100 तंबुओं की टेंट सिटी भी बनाई जा रही है। इन सभी जगह पुलिसकर्मी तैनात होंगे। करीब तीन हजार पुलिस कर्मी पूरी व्यवस्था में लगेंगे। साथ ही रिजर्व में भी पुलिस बल रखा जाएगा। सख्त सुरक्षा के लिए आसपास के जिलों से भी पुलिस बल को बुलाया गया है। ट्रैफिक रूट पर भी होगी निगरानी जीआईएस के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने आठ अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। इन मार्गों पर वीवीआई और वीआईपी मेहमानों का आना जाना होगा। ऐसे में इन रूट के अलावा उनकी पार्किग पर भी पुलिस विशेष निगरानी रखेगी। पुलिस ने संवेदनशील और निर्माणाधीन जगहों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी है। तीसरी आंख से रहेगी हर गतिविधि पर नजर जीआईएस में शामिल होने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा के पुख्ता इंतजार किए गए हैं। जीआईएस से लेकर चिन्हित मार्गों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। होटल, रेस्टारेंट और वीवीआई-वीआईपी मूवमेंट वाले स्थानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वीवीआईपी थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में रहेंगे।   एसपीजी के साथ होगी अधिकारियों की बैठक प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के अधिकारियों की एक राउंड की बैठक मध्यप्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हो चुकी है। संभवत: 16 या 17 फरवरी को एसपीजी की एक टीम भोपाल पहुंचने वाली है जो प्रधानमंत्री के भोपाल स्टेट हैंगर पर उतरने के साथ ठहरने, कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने वाले पूरे मार्ग का निरीक्षण करेगी। इसके बाद मप्र पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर खाका तैयार कर रणनीति बनाई जाएगी। थ्री लेयर सिक्योरिटी की तैयारी की जा रही भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि थ्री लेयर सिक्योरिटी की तैयारी की जा रही है। कुछ दिनों में पुलिस मुख्यालय और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक होने जा रही है। इसके साथ ही एसपीजी के साथ बैठक कर सुरक्षा का पूरा खाकर तैयार किया जाएगा, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सुरक्षा में कितना बल लगाया जाएगा।   recent visitors 51

राजधानी भोपाल में इन लोकेशन्स पर आसमान छूएंगे प्रॉपर्टी के दाम, नई कलेक्टर गाइडलाइन के लिए शेड्यूल जारी

भोपाल  शहर में डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर बढ़ीं हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इन पर प्रापर्टी के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। दरअसल पंजीयन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा एआई की मदद से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे के आधार पर ही कलेक्टर गाइडलाइन 2025-26 के प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा। पंजीयन विभाग के सूत्रों के अनुसार,वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो हजार से अधिक स्थानों पर सर्वाधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र में एक हजार 500 और ग्रामीण क्षेत्र करीब 500 स्थान शामिल हैं। बता दें कि पिछले साल दूसरी बार प्रापर्टी के दाम बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था लेकिन बिल्डर और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए विरोध के चलते इस पर रोक लग गई थी लेकिन अब नये सिरे से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में बढ़ेंगे सबसे अधिक रेट राजस्व अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर भोपाल जिले का 3 हिस्सों में सर्वे किया जा रहा है. इसमें नगर निगम क्षेत्र, प्लानिंग एरिया और नान प्लानिंग एरिया शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक रेट नगर निगम सीमा में आने वाली जमीनों के बढ़ेंगे. इसके साथ प्लानिंग और नान प्लानिंग एरिया की करीब 100 लोकेशन को नगर निगम में भी शामिल किया जाएगा. जमीनों के दो आधार पर बढ़ेंगे रेट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि "अभी कई लोकेशन ऐसी हैं, जहां कलेक्टर गाइड लाइन से अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं. ऐसे स्थानों को राजस्व अधिकारी चिंहित कर रहे हैं. इसके बाद इन क्षेत्रों में प्रापर्टी के रेट बढ़ेंगे. कलेक्टर सिंह ने बताया कि दूसरे ऐसे क्षेत्र, जहां अधिक मात्रा में रजिस्ट्रियां हो रही हैं. इनमें भी नई कलेक्टर गाइड लाइन में जमीनों के दाम बढ़ेंगे." एआई और संपदा साफ्टवेयर से हो रहा सर्वे अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1443 स्थानों पर कलेक्टर गाइड लाइन के रेट बढ़ाए गए थे. इस बार 2 हजार से अधिक लोकेशन में दाम बढ़ सकते हैं. जिन इलाकों में कलेक्टर गाइड लाइन में दरें बढ़नी हैं, उनका सर्वे संपदा 2.0 साफ्टवेयर और एआई के माध्यम से किया जा रहा है. इसके साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राहक बनकर भी किसान और बिलडरों से जमीनों के रेट की जानकारी ले रहे हैं. अधिकारियों ने ग्राहक बनकर किया निरीक्षण इन इलाकों में रेट बढ़ने के पीछे मुख्य कारण ये है कि यहां रजिस्ट्री बहुत ज्यादा दरों पर हुई हैं। दूसरा ऐसे इलाके, जहां बहुत ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं। अधिकारियों ने इन दोनों इलाकों का ग्राहक बनकर निरीक्षण किया और रेट के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा, सोशल मीडिया और ब्रोशर के विज्ञापनों का भी अध्ययन किया गया। अधिकारियों के अनुसार कई इलाकों में कलेक्टर गाइडलाइन के आसपास लेकिन रजिस्ट्री ज्यादा संख्या में हुईं। यहां गाइडलाइन से मार्केट रेट काफी ज्यादा है, इसलिए इन्हें शामिल किया। इन स्थानों पर बढ़ सकते हैं जमीनों के रेट बागली, सेवनिया गौंड, रापड़िया, नीलबड़, झागरिया, बर्रई, बावड़िया कल्याण, मिसरोद, कटारा, लांबाखेड़ा, बागमुगालिया, रायसेन रोड, होशंगाबाद रोड, मुबारकपुर, बिशनखेड़ी, रतनपुर, अयोध्या बायपास, बैरागढ़ चीचली, दामखेड़ा, छापड़िया, अरवलिया, एयरपोर्ट रोड, लाउखेड़ी, परवलिया, गोलखेड़ी, देवलखेड़ी, लहारपुर, तारासेवनिया, रातीबड़ और चांदपुर समेत अन्य लोकेशन पर जमीनों के दाम बढ़ने की संभावना है. recent visitors 67

पीएम मोदी ने एस्टोनियाई राष्ट्रपति से एआई समिट में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर की चर्चा

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस ने मंगलवार को पेरिस में एआई एक्शन समिट के दौरान मुलाकात की। दोनों नेताओं ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। अपनी पहली बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और एस्टोनिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बहुलवाद के मूल्यों के प्रति दोनों देशों की साझी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, आईटी, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एस्टोनियाई सरकार और कंपनियों को 'डिजिटल इंडिया' जैसे कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। बयान में विस्तार से बताया गया, "दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों और संयुक्त राष्ट्र में सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।" प्रधानमंत्री मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और लोगों के बीच रिश्तों पर संतोष व्यक्त किया। पीएमओ ने कहा, "इस संबंध में प्रधानमंत्री ने एस्टोनिया में योग की लोकप्रियता की सराहना की।" इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एआई एक्शन समिट' के दौरान अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर बना कर लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, "शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…" प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। recent visitors 59

जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास IED ब्लास्ट के दौरान 3 जवान घायल, दो के इलाज के दौरान मौत

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास IED ब्लास्ट में जो जवान शहीद हो गए, जबकि 1 गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे जम्मू जिले के खौर थाने के अंतर्गत केरी बट्टल क्षेत्र में LoC के पास आईईडी ब्लास्ट हुआ. इसमें 3 जवान घायल हो गए, जिन्हें सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें से 2 की इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के करीब सेना का दल गश्त कर रहा था. इसी दौरान आतंकवादियों ने आईईडी ब्लास्ट किया. इसकी चपेट में तीन सैनिक आ गए. सूचना मिलते ही मौके पर अतिरिक्त सेना बल पहुंचा और घायल सैनिकों को अस्पताल पहुंचाकर आतंकियों के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया. प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि विस्फोट एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के विस्फोट के कारण हुआ, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसे संदिग्ध आतंकवादियों ने लगाया था. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सड़क हादसे में 2 की मौत, एक घायल बता दें कि इससे एक दिन पहले ही सोमवार को राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी में सेना का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. जवान नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में अग्रिम चौकी पर तैनात था, तभी उसे गोली लग गई और उसे तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया. प्रारंभिक जानकारी से पता चला कि गोलीबारी दोपहर करीब 2.40 बजे नियंत्रण रेखा के पार से आई थी. इससे पहले 8 फरवरी को केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार एक जंगल से सेना के गश्ती दल पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी, जो इस तरफ घुसने के मौके की तलाश में थे. भारतीय सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई में कुछ राउंड फायरिंग की थी और इसके बाद इलाके में कड़ी निगरानी रखने के लिए घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया गया था. LoC के पास मिला था हथियारों का जखीरा कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास करनाह इलाके में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने सोमवार को हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया. अधिकारियों ने बताया कि सेना और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने इलाके में हथियार और गोला-बारूद की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद करनाह तहसील के बड़ी मोहल्ला अमरोही में तलाशी अभियान चलाया. तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक एके 47 राइफल, एक एके मैगजीन, एक सैगा एमके राइफल, एक सैगा एमके मैगजीन और 12 राउंड बरामद किए. recent visitors 61