पम्प पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल और फास्टैग, अगर नहीं करवाया Insurance, आने वाला है नया नियम

भोपाल देश में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए पंप संचालक आपसे कोई दस्तावेज नहीं मांगता है. आप जितनी मात्रा में ईंधन खरीदते हैं, उसका मूल्य लेकर पंप के कर्मचारी आपको पेट्रोल-डीजल दे देते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मोटर वाहन बीमा से संबंधित नियमों में बदलाव करने की सिफारिश की है. जिससे थर्ड पार्टी बीमा को प्रोत्साहित किया जा सके. ईंधन खरीदने के लिए जरूरी होगा थर्ड पार्टी बीमा वित्त मंत्रालय की सिफारिशें यदि लागू होती हैं, तो बिना थर्ड पार्टी के कोई भी वाहन सड़क पर दौड़ता हुआ दिखाई नहीं देगा. इसके तहत उन्हीं वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल या सीएनजी दी जाएगी, जिसके पास उसके वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होगा. यानि यदि आपके वाहन का थर्ड पार्टी बीमा नहीं है, तो आपको उस वाहन के लिए ईंधन भी नहीं मिलेगा. इसके लिए वाहन संबंधी सेवाओं को इंश्योरेंस कवर भी जोड़ा जा रहा है. वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सेवाओं को इस प्रकार जोड़ा जाएगा, जिससे केवल वैध बीमा वाले वाहनों को ही सुविधाएं दी जाएंगी. फास्टैग के लिए भी जरुरी होगा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पेट्रोल-डीजल की तरह ही बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाले वाहनों को फास्टैग की सुविधा भी नहीं मिलेगी. केवल उन्हीं वाहनों को फास्टैग की सुविधा मिलेगी, जिनका थर्ड पार्टी बीमा होगा. बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के वाहन चलाना अपराध है. पहली बार पकड़े जाने पर 2 हजार रुपये जुर्माना या जेल की सजा है. विशेष परिस्थियों में जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान रहेगा. इसी प्रकार दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि 4 हजार रुपये तक बढ़ाई जा सकती है. बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस दौड़ रहे 7 करोड़ वाहन बता दें कि देश में आधे से अधिक वाहन बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के दौड़ रहे हैं. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार साल 2022-23 में देश में करीब 34 करोड़ वाहन पंजीकृत थे. जिनमें से 50 से 55 प्रतिशत वाहनों का थर्ड बीमा नहीं था. वहीं साल 2020 में जारी किए गए आंकड़े के अनुसार देश में करीब 6 करोड़ वाहन बिना थर्ड बीमा के पाए गए थे. जिनकी संख्या साल 2025 में 7 करोड़ के करीब पहुंच गई है. इसीलिए संसद की एक कमेटी ने इसे लागू करने की सिफारिश की है. थर्ड पार्टी बीमा के ये हैं फायदे थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी के फायदे की बात करें तो, मोटर वाहन एक्ट के मुताबिक अगर किसी वाहन का एक्सीडेंट हो जाता है और उसमें किसी की शारीरिक या संपत्ति का नुकसान होता है, तो वाहन मालिक को उसके नुकसान की भरपाई करने होती है. जिसके भुगतान की जिम्मेदारी इंश्योरेंस कंपनी की हो जाती है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में विभिन्न प्रकार के मुआवजे शामिल हैं. जैसे-किसी अन्य की मृत्यु या शारीरिक क्षति पर मुआवजा, किसी अन्य व्यक्ति के वाहन व संपत्ति की क्षति पर मुआवजा, कानूनी और अस्पताल संबंधी खर्चों का भुगतान आदि शामिल है. recent visitors 50

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- जैव विविधता संरक्षण एवं पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गोविंदगढ़, रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के विजन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना न केवल बाघों की संख्या को बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि पर्यटन को भी प्रोत्साहन देगी। यह पहल बाघ संरक्षण और प्रकृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार जैव विविधता के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यटन के विकास के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गोविंदगढ़, रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श राज्य बने। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण न केवल "टाइगर स्टेट" बल्कि "लेपर्ड स्टेट" और "चीता स्टेट" के रूप में भी प्रतिष्ठित है। राज्य में देश की सबसे अधिक तेंदुआ आबादी दर्ज की गई है, जो यहां के समृद्ध वन्य आवासों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश ने चीता पुनर्वास परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का सफल पुनर्स्थापन करके "चीता स्टेट" का गौरव भी प्राप्त किया है। कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़, सतपुड़ा और पन्ना टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में वन्य-जीव संरक्षण के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव विशेषज्ञों ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि वन्य-जीव संरक्षण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। बाघ संरक्षण में ऐतिहासिक पहल उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से व्हाइट टाइगर की सुरक्षा और संख्या में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। केन्द्र राज्य में वन्य-जीव पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मध्यप्रदेश बाघों की संख्या में भी अग्रणी है और इस पहल से राज्य की इस प्रतिष्ठा को और मजबूती मिलेगी। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित कर रीवा और सतना क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। रीवा में सेटेलाइट फैसिलिटी के रूप में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की होगी स्थापना महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी और चिड़ियाघर, मुकुंदपुर, सतना के संशोधित मास्टर (ले-आउट) प्लान के तहत गोविंदगढ़, रीवा में सेटेलाइट फैसिलिटी के रूप में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव को केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति द्वारा तकनीकी समिति की अनुशंसा पर स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 9 एवं 17 दिसंबर, 2024 को आयोजित विशेषज्ञ समिति की 114वीं बैठक और 19 दिसंबर, 2024 को तकनीकी समिति की 112वीं बैठक के निर्णय के अनुक्रम में प्रदान की गई है।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कल्याणकारी, सर्व-स्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने समृद्धि के जो नए आयाम स्थापित किए हैं, उनमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशवासियों के कल्याण और भारत को आत्मनिर्भर बनाने और मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार माना। recent visitors 50

MP के 66 लाख से अधिक किसानों को बजट में मिली सौगात, तीन की जगह पांच लाख रुपये का लोन मिल सकेगा

भोपाल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत बजट किसानों के सशक्तीकरण का माध्यम बनेगा। एक ओर जहां खेती में लागत लगाने के लिए किसानों को राशि की व्यवस्था करने किसी का मुंह नहीं देखना पड़ेगा तो दलहन और कपास उत्पादक किसानों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए मदद मिलेगी। किसानों को ऐसे होगा फायदा उच्च पैदावार वाले बीज तैयार करने के साथ उसका प्रसार किया जाएगा। नई किस्में आएंगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और खेती लाभकारी बनेगी मध्य प्रदेश में 65 लाख 83 हजार 726 किसानों को क्रेडिट कार्ड बनाए गए हैं। अभी इन्हें तीन लाख रुपये तक ऋण मिलता है। सहकारी बैंकों के माध्यम से सरकार बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराती है। इसका उपयोग खाद-बीज खेत तैयार करने से लेकर अन्य कार्यों में किया जाता है। अब ऋण की यह सीमा पांच लाख रुपये होगी यानी दो लाख रुपये अधिक मिलेंगे। निश्चित तौर पर इससे अधिक किसान सहकारिता की व्यवस्था से जुड़ेंगे। इससे खेती का लागत भी कम होगी। दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार ने मिशन घोषित किया है। दरअसल, प्रमुख दलहन उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में लगातार तुअर और उड़द का क्षेत्र घट रहा है। लागत अधिक होने और अन्य उपज कही तुलना में उचित मूल्य न मिलने के कारण किसान दलहन फसलों से दूर हो रहे हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, तुअर की बात करें तो वर्ष 2022-23 की तुलना में 2023-24 में 6.63 प्रतिशत की कमी देखने को मिली थी। यही स्थिति उड़द की भी रही। इसका क्षेत्र 34 प्रतिशत घटा, जबकि, मसूर के क्षेत्र 5.80 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, संतोष की बात यह है कि उत्पादन अधिक प्रभावित नहीं हुआ। इस योजना में वर्तमान योजनाओं का अभिसरण के माध्यम से कम उत्पादकता, कम उपज और औसत से कम ऋण मानदंड वाले जिले शामिल किया जाएगा। ग्रामीण समृद्धि और लचीला निर्माण नामक कार्यक्रम में कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर बनेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गति आएगी। इस योजना के पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिलों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश की प्रमुख वाणिज्यिक फसल में शामिल कपास का क्षेत्र मालवांचल है। इसका क्षेत्र लगभग साढ़े छह लाख हजार हेक्टेयर और उत्पादन 9.17 लाख टन हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित मिशन का लाभ मालवा और निमाड़ के किसानों को मिलेगा। किसानों की आय बढ़ाने कृषि से जुड़े क्षेत्रों पर फोकस किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में कृषि से संबद्ध क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। सब्जियों और फलों की खेती को बढ़ावा देने के साथ प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज और लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कार्यक्रम चलाया जाएगा। प्रदेश में भी किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सब्जियों का क्षेत्र 11.88 लाख से बढ़कर 12.19 लाख हेक्टेयर हो चुका है। उत्पादन भी 242.62 लाख टन पहुंच गया है। आलू, टमाटर और प्याज का उत्पादन बढ़ा है। इसी तरह फलों की खेती को देखा जाए तो यह साढ़े चार लाख हेक्टेयर है और उत्पादन लगभग सौ लाख टन हो गया है। प्रमुख फसलों में केला, आम और नारंगी है। क्रियान्वयन पर ध्यान दे सरकार बजट में कृषि क्षेत्र को लेकर किए गए प्रविधानों पर पूर्व कृषि संचालक जीएस कौशल का कहना है कि योजनाएं तो पहले से भी हैं लेकिन क्रियान्वयन नहीं हो पाता है। दलहल का उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्यक्रम पहले भी लागू किए जा चुके हैं पर इसका वैसा लाभ किसानों को नहीं मिली, जिस मंशा के साथ ये प्रारंभ किए गए थे।यही स्थिति कपास को लेकर भी है। उद्यानिकी फसलें निश्चित तौर पर लाभदायक होती हैं लेकिन यह तब जब उचित मूल्य मिले। अभी समस्या बाजार की है। इसके अभाव में बिचौलिए लाभ उठाते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना में भले ही ऋण लेने की सीमा तीन से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है पर इससे किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। इसके स्थान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की गारंटी, प्रसंस्करण और भंडारण की सुविधा का विस्तार किया जाना चाहिए ताकि किसान जब उसे उचित मूल्य तब उपज बेच सके।   recent visitors 75

सीएम मोहन यादव ने कहा वित्त मंत्री सीतारमण का बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला

भोपाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट 2025 पेश कर दिया। इस बजट में मिडिल क्लास को सबसे बड़ी खुशी दी गई है। टैक्स छूट की सीमा 12 लाख तक करने के साथ मोबाइल फोन, चार्जर समेत कईव चीजें भी सस्ती होने वाली हैं। बजट के बाद राजनीतिक गलियारे से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बजट की दिल खोलकर तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला बताया। मोहन यादव ने इसके साथ वित्त मंत्री और पीएम मोदी का भी आभार जताया। सीएम मोहन यादव ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। यह कल्याणकारी, सर्वस्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्टअप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण तथा भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाले इस बजट के लिए प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय वित्त मंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन! मिडिल क्लास को टैक्स छूट में बड़ी सौगात का जिक्र करते हुए मोहन यादव ने कहा कि मध्यम वर्ग के लिए बड़ी सौगात, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा आज लोकसभा में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। मोहन यादव ने आगे कहा कि बीते एक दशक में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने जो समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए हैं,उसमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। निश्चित ही प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में किया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले इस क्रांतिकारी कदम के लिए मध्यप्रदेश वासियों की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आभार-अभिनंदन। recent visitors 47

Union Budget 2025: इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होंगे, यूनियन बजट में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली आज संसद में पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरी पारी का पहल संपूर्ण बजट (Union Budget 2025) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) द्वारा पेश किया गया. इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. जिनमें इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) में इस्तेमाल होने वाले लिथियम आयर बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में मिलने वाली छूट भी शामिल है. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के सस्ते होने की उम्मीद है. बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, "कोबाल्ट पाउडर और अपशिष्ट, लिथियम आयन बैटरी (Lithium-Ion Battery) के स्क्रैप, सीसा, जस्ता और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को छूट दी जाएगी. इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी निर्माण हेतु 35 अतिरिक्त वस्तुओं को सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी." नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन को मजबूती: इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. सरकार की मेक इन इंडिया योजना को और बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि, नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन (National Manufacturing Mission) को और भी मजबूत किया जाएगा, जिसका लाभ ऑटो सेक्टर को भी मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े ऐलान किए. इस दौरान उन्होनें अपने स्पीच में कहा कि, "हमारी सरकार एक नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन का सेटअप करेगी. जो बड़े, मध्यम और छोटे इंडस्ट्री को कवर करेगा. यह मिशन केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों दोनों के लिए पॉलिसी सपोर्ट, एक्जीक्यूशन रोडमैप के साथ गर्वनेंस और मॉनिटरिंग का फ्रेमवर्क प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि, "ये मिशन पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए क्लाइमेट फ्रेंडली डेवलपमेंट साथ-साथ क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग को भी बेहतर बनाएगा. इस स्कीम का लक्ष्य डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन को बेहतर बनाना है. जिसके तहत सोलर पीवी सेल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी, मोटर, कंट्रोलर, इलेक्ट्रोलाइसर्स, विंड टर्बाइन, हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन और ग्रिड स्केल बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग को सहयोग देना है." स्टार्ट-अप के लिए 20 करोड़ का लोन: इस बार के बजट में स्टार्ट-अप को भी एक बड़ा तोहफा मिला है. वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि, "स्टार्ट-अप के लिए लोन अमाउंट सीमा को बढ़ाकर अब 20 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जो अब तक 10 करोड़ रुपये तक की सीमित था. ये सपोर्ट स्टार्ट-अप सेक्टर के 27 अलग-अलग एरिया में दिया जाएगा." जाहिर है कि, इसका बड़ा लाभ देश के ऑटो सेक्टर में भी देखने को मिलेगा. बीते कुछ सालों में देश में कई नए स्टार्ट-अप ने एंट्री की है जो इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बिक्री से जुड़े हैं. इसके अलावा सरकार द्वारा ईवी बैटरी, कंपोनेंट मैक्न्युफैक्चरिंग और मोटर सेक्टर को दिया जाने वाला सहयोग भी ऑटो इंडस्ट्री को बड़ा बल देगा. बजट 2025 पेश होने के साथ ही टेक दुनिया में हलचल तेज हो गई है और मैन्युफैक्चरर्स से लेकर ग्राहकों तक के लिए यह बजट अच्छी खबरें लेकर आया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि ढेरों डिवाइसेज की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाले पार्ट्स से इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा रही हैं। इसका सीधा फायदा यह होगा कि स्मार्टफोन्स, स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते होने वाले हैं। बजट में मोबाइल फोन पर कस्टम ड्यूटी कम करने की घोषणा की गई है। इससे भारत में मैन्युफैक्चर होने वाले मोबाइल फोन्स की लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। उन्हें नए स्मार्टफोन खरीदने के लिए कम खर्च करना पड़ेगा। मोबाइल कंपनियों ने सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग की थी, ताकि ग्राहकों को फायदा हो सके और सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग का मिलेगा फायदा भारत में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जा रहा है। लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाले घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे देश में मोबाइल बैटरी बनाने की लागत कम होगी। मोबाइल फोन के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स जैसे LED-LCD टीवी के दाम भी कम किए जाएंगे। इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी भी कम कर दी गई है। बता दें, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और स्मार्टफोन्स की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने EV बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले 35 एडिशनल गुड्स और मोबाइल फोन बैटरी प्रोडक्शन में यूज होने वाले 28 एडिशनल गुड्स को छूट पाने वाले कैपिटल गुड्स की लिस्ट में शामिल करने का फैसला लिया है। इस तरह बैटरी मैन्युफैक्चरिंग भी सस्ते में होगी। आसान भाषा में समझें तो इलेक्ट्रॉनिक्स या स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाला खर्च कम हो गया है। ठीक इसी तरह बैटरी की लागत भी कम कर दी गई है। यही वजह है कि अब इन चीजों की कीमतें ग्राहकों के लिए भी घट सकती हैं और ये घोषणाएं सकारात्मक बदलाव दर्शाती हैं। recent visitors 56

बीजापुर में जवानों को मिली बड़ी सफलता, 8 माओवादी ढेर, फायरिंग अभी भी जारी

बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र में सुबह से जारी मुठभेड़ में जवानों ने बड़ी सफलता हासिल की है. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 8 नक्सलियों को मार गिराया है. मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरमाद कर लिए गए हैं. तोड़का के जंगल में यह मुठभेड़ हुई है. दरअसल, माओवादियों के सूचना पर डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 202 और सीआरपीएफ 222 बटालियन की टीम गंगालूर के तोड़का व कोरचोली के जंगल रवाना हुई थी. सुरक्षाबलों की ओर से यह ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा था, जिसमें जवानों ने नक्सलियों को मुठभेड़ में कड़ा जवाब दिया. फिलहाल, इलाके में गोलीबारी जारी है. इस सफलता को सुरक्षाबलों ने अपनी महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा है, जो नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है. recent visitors 44