Budget 2025: वित्त मंत्री ने किया बड़ा एलान, 12 लाख तक की आमदनी तक कोई आयकर नहीं

नईदिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने प्रत्यक्ष कर पर बजट में कहा कि नए आयकर विधेयक में न्याय की भावना को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा। नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जा रहा है। वित्त मंत्री के बजट 2024 के अनुसार पहले किसी करदाता की सालाना आय 7 लाख 75 हजार रुपये तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये घटाने के बाद उसकी आमदनी 7 लाख रुपये सालाना हो जाती थी। ऐसे में उसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। इसका मतलब है अगर किसी व्यक्ति का मासिक वेतन 64000 या 64500 रुपये के आसपास थी तो नई कर प्रणाली के तहत उसकी आमदनी टैक्स फ्री थी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के मध्यमवर्गीय नागरिकों को आर्थिक मजबूती देना और उनके खर्च को संतुलित करना है। इस छूट से नौकरीपेशा और छोटे व्यवसायियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि टीडीएस की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा. सीनियर सिटिजन्स के लिए टैक्स छूट दोगुनी की जाती है. उनके लिए ब्याज पर छूट 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख की जा रही है. उन्होंने कहा कि TDS-TCS में कमी की जाएगी. मोदी सरकार के बजट में गरीबी, युवाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस किया गया. वहीं मिडिल क्लास का जिक्र अपने बजट से शुरुआत में करने के साथ ही वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास से लिए सस्ते-महंगे की लिस्ट तो जारी कर दी, इसके साथ ही उन्होंने सबसे बड़ा ऐलान कर गया, जिसका इतंजार मिडिल क्लास को था . उन्होंने 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया. यानी 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.  न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये है.   बजट में अब तक के सबसे बड़े ऐलान 12 लाख तक की कमाई पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. वित्त मंत्री ने कहा- न्यू इनकम टैक्स बिल अगले हफ्ते लाया जाएगा. इन डायरेक्ट टैक्स रिफॉर्म को बाद में बताएंगे. कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी, पिछले 4 साल का IT रिटर्न एकसाथ फाइल कर सकेंगे. वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है. इनकम टैक्स फाइलिंग की सीमा को 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दिया है. अगले 6 साल मसूर, तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए फोकस रहेगा. किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख होगी. बिहार में मखाना बोर्ड बनेगा, इससे छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा. छोटे उद्योगों को विशेष क्रेडिट कार्ड, पहले साल 10 लाख कार्ड जारी होंगे. MSME के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़, 1.5 लाख करोड़ तक का कर्ज मिलेगा. स्टार्टअप के लिए लोन 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए किया जाएगा। गारंटी फीस में भी कमी होगी. recent visitors 76

खाद्य तेलों और दलहन में भारत बनेगा आत्मनिर्भर ! बजट भाषण में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश को दलहन और खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए तुअर, उड़द, मसूर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि धन धान्य कृषि योजना 100 कम उत्पादकता वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही कृषि कार्यक्रम 1.7 करोड़ किसानों की मदद करेगा। उन्होंने कहा कि कृषि योजना कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को कवर करेगी, जहां फसल की पैदावार कम होती है और जहां क्रेडिट पैरामीटर औसत से नीचे हैं। योजना के तहत किसानों को आधुनिक फसल टेक्नोलॉजी मुहैया करवाई जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह 8वां बजट है और मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्ण बजट भी है। संसद में बजट सत्र जारी है।केंद्र सरकार खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का एक मिशन शुरू करेगी. निर्मला सीतारमण ने बजट में इसका ऐलान किया है. इस बार बजट में 'बढ़ते मध्यम वर्ग' की खर्च करने की शक्ति को बढ़ाने पर फोकस किया गया है. ये हैं बजट के बड़े ऐलान     खाद्य तेल और बीज के लिए राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है     दालों में आत्मनिर्भर बनने के लिए 6 साल का मिशन शुरू किया जाएगा     केंद्रीय एजेंसियां अगले 4 सालों में तुअर, उड़द, मसूर की खरीद करेंगी     प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा कृषि जिलों के विकास का कार्यक्रम     कृषि जिलों के विकास का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाएं, 1.7 करोड़ किसानों की मदद के लिए ऋण की उपलब्धता     योजना में फसल विविधीकरण को अपनाया जाएगा, कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाया जाएगा। इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी     एमएसएमई विकास का दूसरा इंजन है     एमएसएमई हमारे निर्यात का 45% हिस्सा है। एमएसएमई की वर्गीकरण सीमा बढ़ाई गई है ताकि उनकी वृद्धि को बढ़ावा मिले     सूक्ष्म उद्यमों के लिए, कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे   छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को प्राथमिकता वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2025 टैक्स, पावर, अर्बन डेवलेपमेंट, माइनिंग, फाइनेंशियल सेक्टर और रेगुलेटरी पॉलिसी जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को प्राथमिकता देता है. निर्मला सीतारमण ने सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू किया. पिछले चार बजट और एक अंतरिम बजट की तरह, ये बजट भी पेपरलेस होगा. बजट की प्रमुख बातें – भारतीय खिलौनों के लिए सपोर्ट स्कीम – किसान क्रेडिट की लिमिट पांच लाख रुपये. सस्ते ब्याज पर किसानों को पांच लाख का कर्ज. कपास किसानों को पांच साल का पैकेज. – असम में यूरिया प्लांट का गठन होगा. 12.7 लाख मीट्रिन टन की सालाना क्षमता वाला यूरिया प्लांट खुलेगा. – कृषि योजनाओं से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ. – कॉटन प्रोडक्टिविटी के लिए पांच साल का मिशन – बिहार के किसानों के लिए खास ऐलान. दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता का टारगेट. – मखाना किसानों के लिए बजट में ऐलान.  मखाना बोर्ड बनेगा. – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना चलाएंगे. 10 जिलों में योजना चलाई जाएगी. कम उपज वाले इलाकों में शुरू होगी योजना. – खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल के मिशन का ऐलान. – फल सब्जियों के लिए व्यापक प्रोग्राम का ऐलान. किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपये हुई बजट 2025 में मोदी सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढा दी है. अब यह सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. बजट में सरकार ने किसानों को लेकर कई और बड़ी घोषणाएं भी की है. इनमें धन धान्य कृषि योजना,  कृषि कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों की मदद, कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को कवर करने के लिए कृषि योजना शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि खाद्य तेल और बीज के लिए राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है. इसके तहत दालों में आत्मनिर्भर बनने के लिए 6 साल का मिशन शुरू करेंगे. – केंद्रीय एजेंसियां ​​अगले 4 वर्षों में तुअर, उड़द, मसूर की खरीद करेंगी. प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा. बजट में सरकार ने बताया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम की तर्ज पर कृषि जिला कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे. फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाएं, लोन की उपलब्धता से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी. यह योजना फसल विविधीकरण को अपनाएगी, फसल कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाएगी. इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी. recent visitors 44

भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे

भोपाल/ दिल्ली मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 4 दिवसीय जापान यात्रा से आज वापस लौटेंगे। सीएम टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे से रवाना हो गए हैं, शाम तक मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली पहुंचेंगे। स्वदेश लौटते ही सीएम बिना आराम किए दिल्ली विधानसभा चुनाव की बागडोर संभालेंगे। दिल्ली में मुख्यमंत्री मोहन यादव जनसभा को करेंगे संबोधित भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे। रात 8 बजे दिल्ली के दादा देवता मंदिर, शकूर गांव के विधानसभा टीआरआई नगर, केशवपुरम में जनसभा करेंगे। मुख्यमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे। जापान दौरे से प्रदेश में आएगा बड़ा निवेश मुख्यमंत्री का जापान दौरे से प्रदेश में बड़ा निवेश आएगा। यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने की पहल हुई है। प्रतिष्ठित जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने निवेश की सहमति दी है। निवेशकों के साथ One-to-One बैठक हुई, कृषि, डेयरी एवं फूड प्रोसेसिंग, फिनटेक, आईटी/आईटीईएस और रोबोटिक्स, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल, शहरी एवं औद्योगिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर बैठकें केंद्रित रहीं। प्रदेश के बजट का आधार बनेगा आम बजट आज देश का आम बजट पेश होने जा रहा है। लेकिन इससे प्रदेश को भी काफी आशाएं हैं क्योंकि यह एमपी के बजट का आधार बनेगा। राज्य को विभिन्न योजनाओं में 50 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वित्त विभाग ने सभी विभागों से बजट भाषण सुनने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय योजनाओं के प्रावधानों के साथ नए अवसरों पर विभाग रिपोर्ट तैयार करेंगे। 15 फरवरी से पहले सीएम डॉ मोहन यादव मप्र के बजट को लेकर बैठक करेंगे। गरीब, नारी, युवा और किसानों के लिए होंगे विशेष प्राविधान।   MP जीसीसी नीति लागू करने वाला पहला राज्य मध्यप्रदेश सरकार ने देश की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति-2025 लागू कर दी है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। सरकार इन शहरों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और सायबर सुरक्षा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इसके साथ इनोवेशन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। ये क्लस्टर आधुनिक तकनीकों में नवाचार के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए मंच प्रदान करेंगे। खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक मध्यप्रदेश के खजुराहो में बाल नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नृत्य महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए 10 से 16 वर्ष के मध्यप्रदेश के मूल निवासी बाल नृत्य कलाकार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित होने वाले कलाकारों को 20 से 26 फरवरी तक ऐतिहासिक नगरी खजुराहो में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान एक पृथक मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त होगा। इस महोत्सव में आवेदन करने के लिए 3 फरवरी को रात 12 बजे तक संस्कृति संचालनालय की वेबसाइट culturemp.in अथवा talent.khajurahodancefestival.com पर आवेदन किया जा सकता है। recent visitors 53

1 फरवरी को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की

 नई दिल्ली आज देश का आम बजट (Union Budget 2025) आने वाला है और इससे ऐन पहले एलपीजी सिलेंडर सस्ता हो गया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 फरवरी 2025 को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती (LPG Cylinder Price Cut) की है. इस सिलेंडर का दाम 7 रुपये तक घटाया गया है और इसके बाद राजधानी दिल्ली में एक कॉमर्शियल गैस सिलेंडर बजट वाले दिन से 1804 रुपये से घटकर 1797 रुपये रह गया है. हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली से मुंबई तक LPG सस्ती इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर देखें, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनी ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमतें (LPG Cylinder New Price) जारी कर दिए हैं और इन्हें आज 1 फरवरी 2025 से ही लागू कर दिया गया है. देश के चार महानगरों की बात करें, तो जहां दिल्ली में ये कम होकर (Delhi LPG Price) 1797 रुपये रह गया है. तो वहीं कोलकाता में इसका दाम (Kolkata LPG Cylinder Price) 1911 रुपये से कम होकर 1907 रुपये का रह गया है. मुंबई में ये अब 1756 रुपये की जगह 1749.50 रुपये में मिलेगा और चेन्न्ई में इस कीमत 1966 रुपये से घटकर 1959.50 रुपये रह गई है. साल 2025 की ये दूसरी कटौती इससे पहले साल 2025 की शुरुआत यानी 1 जनवरी को भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतें घटी थीं. नए साल के मौके पर ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में दिल्ली से मुंबई तक 14-16 रुपये तक की कटौती की थी. जबकि बीते साल के आखिरी दिसंबर महीने में 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में तगड़ा इजाफा किया गया था. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर (Delhi LPG Cylinder Price) 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि नवंबर में 1802 रुपये का था. कोलकाता में ये 1911.50 रुपये से 1927 रुपये का, Mumbai में 1754.50 रुपये से 1771 रुपये और चेन्नई में 1964.50 रुपये से 1980.50 रुपये का हो गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई चेंज नहीं दिखा है. 1 फरवरी को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये 1 अगस्त 2024 वाले रेट पर ही मिल रहा है. दिल्ली में इसकी कीमत 803 रुपये, कोलकाता में 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है.   recent visitors 52

अन्न योजना: समस्त हितग्राहियों के ईकेवायसी करने की अनिवार्यता है, एक से 28 फरवरी तक होगी: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत पात्र परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित कर वास्तविक हितग्राहियों को ही निःशुल्क खाद्यान्न वितरण करने और दोहरे/अपात्र/साईलेन्ट हितग्राहियों को पोर्टल से हटाने के लिये ईकेवायसी किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया है कि उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा याचिका क्रमांक एमए No. 94/2022 इन एसएमडब्ल्यू (सी) No. 6/2020 में पारित आदेशानुसार समस्त हितग्राहियों के ईकेवायसी करने की अनिवार्यता है। ईकेवायसी 1 से 28 फरवरी तक अभियान चलाकर की जायेगी। अभी तक 3 करोड़ 77 लाख से अधिक हितग्राहियों के हुये ईकेवायसी वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत 5 करोड़ 53 लाख 08 हजार में से 3 करोड़ 77 लाख 32 हजार पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी किए जा चुके हैं। इस प्रकार 1 करोड़ 75 लाख 76 हजार हितग्राहियों के ईकेवायसी किए जाना शेष है। शेष पात्र हितग्राहियों के निर्धारित समय सीमा में ईकेवायसी करने की कार्यवाही अभियान चलाकर करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं। ईकेवायसी करने की व्यवस्था राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित समस्त पात्र हितग्राहियों के डाटाबेस में आधार नंबर की प्रविष्टि की जा चुकी है। उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीन से पात्र हितग्राहियों के निःशुल्क ईकेवायसी करने की सुविधा उपलब्ध है। उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा पात्र हितग्राही के ईकेवायसी उचित मूल्य दुकान स्तर पर किए जा रहे हैं। पात्र हितग्राही के डाटाबेस में त्रुटिपूर्ण आधार नंबर/अन्य व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज होने पर सही व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज करने की सुविधा पीओएस मशीन में उपलब्ध है। साथ ही त्रुटिपूर्ण आधार नंबर के स्थान पर सही आधार नंबर दर्ज करने की सुविधा एक समय के लिए दी गई है।विशेष अभियान में उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को हितग्राही के घर जाकर भी ईकेवायसी कराने के निर्देश दिये गये हैं। recent visitors 31

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मुझे खुशी है जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे खुशी है कि जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ से उत्पादों को न केवल भारत में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक भी आसानी से पहुँचाया जा सकता है। इसका लाभ जापानी कंपनियों को तो मिलेगा ही साथ ही प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैनासोनिक और ब्रिजस्टोन जैसी कम्पनियों सहित जापानी निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिये सहमति जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी 4 दिवसीय जापान यात्रा के दौरान व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के उद्योग, संस्कृति और तकनीक को करीब से समझने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का वातावरण बदल रहा है। बौद्ध धर्म और संस्कृति से जुड़ाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में कई बौद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि “हमारे यहां धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की परंपरा है। जापान की बौद्ध संस्कृति भगवान सूर्य और गौतम बुद्ध से भी जुड़ी हुई है, जिससे हमें अपनी साझा विरासत को समझने का अवसर मिला।” जापान की औद्योगिक नीति और मध्यप्रदेश में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियां निवेश के फैसले लेने में बेहद सतर्क रहती हैं और गहन अध्ययन एवं शोध के बाद ही आगे बढ़ती हैं। जापान यात्रा के दौरान हमने जिन प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कि सभी ने सकरात्मक रूख अपनाते हुए मध्यप्रदेश में निवेश करने की बात कही। उन्होंने बताया कि रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़े उद्यमियों से भी चर्चा हुई, जिन्होंने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर रुचि दिखाई है। बुलेट ट्रेन और भविष्य की संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की बुलेट ट्रेन में सफर किया और इसकी उन्नत तकनीक की सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना की बात कही है। ऐसी ही अन्य परियोजनाओं पर काम हो रहा है। जापान की सहायता से भारत में भी भविष्य में इसी तरह की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं को साकार किया जा सकता है।” जापानी लोगों का भारत के प्रति प्रेम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापानी लोगों की मेहमाननवाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि जापान के लोग न केवल अपने देश से प्रेम करते हैं, बल्कि भारत के प्रति भी उनके मन में विशेष सम्मान और आत्मीयता है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में भारतीय दूतावास और वहां के अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश और जापान के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने में सहायक होगी। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक है किंकाकूजी स्वर्ण मंदिर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान यात्रा के चौथे दिन क्योटो स्थित विश्व प्रसिद्ध किंकाकूजी (स्वर्ण मंदिर) का भ्रमण किया। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक यह मंदिर अपनी सोने की परतों से ढंकी भव्य संरचना और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और जापानी संस्कृति में इसकी ऐतिहासिक महत्ता को करीब से समझा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर के सामने स्थित क्योकाची तालाब के किनारे कुछ समय बिताया, जहां मंदिर का प्रतिबिंब एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। उन्होंने कहा कि "ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें सिर्फ स्थापत्य कला का उदाहरण नहीं होतीं, बल्कि वे एक सभ्यता की आत्मा को दर्शाती हैं। जापान ने अपनी संस्कृति को सहेजने का जो प्रयास किया है, वह प्रशंसनीय है।" मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा सिर्फ सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने जापानी धरोहर संरक्षण, पर्यटन विकास और वास्तुकला के नवाचारों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है और जापान से इस दिशा में बहुत कुछ सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश के साथ सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंधों को भी और अधिक सशक्त बनाना है। भ्रमण के दौरान उन्होंने जापान की परंपरागत और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति को भी सराहा। जापान में ऐतिहासिक टेम्पल्स में दर्शन के साथ किया कैसल का किया भ्रमण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान दौरे के चौथे दिन क्योटो में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को समझने और मध्यप्रदेश के साथ संभावित सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से प्रसिद्ध निजो-जो कैसल, शेंजुशेंगेन्डो और टोजी टेम्पल का भ्रमण कर दर्शन किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्योटो स्थित निजो-जो कैसल का अवलोकन किया, जो जापान की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर और स्थापत्य कला का प्रतीक है। उन्होंने इस दौरान जापान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को भी जाना। इसके साथ ही, उन्होंने शेंजुशेंगेन्डो मंदिर में दर्शन किए, जो अपनी अनूठी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान और मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंध पहले से ही सुदृढ़ हैं इन्हेंऔर अधिक प्रगाढ़ करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए आयामतलाशे जा रहे हैं, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान की ऐतिहासिक संरचनाओं और उनके संरक्षण के अनुभव से सीखकर मध्यप्रदेश के पर्यटन और धरोहर स्थलों के विकास में नवाचार लाया जा सकता है। उन्होंने इस दौरे को प्रदेश के विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 29

MP News: लाड़ली बहनों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी, बजट में लाड़ली बहना योजना को ज्यादा राशि का प्रावधान!

 भोपाल मध्यप्रदेश की चर्चित योजनाओं में शुमार लाड़ली बहना योजना को मार्च 2025 में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोहन सरकार फरवरी अंतिम या मार्च की शुरुआत में अपना पूर्ण बजट लेकर आ रही है। जिसमें लाड़ली बहना योजना को ज्यादा राशि का प्रावधान किया गया था।  दरअसल, सीएम बनने के बाद डॉ सीएम मोहन यादव ने अपना पहला पूर्ण बजट जुलाई 2024 में प्रस्तुत किया था। साल 2024-25 का बजट 3,65,067 करोड़ रुपये था। जो कि 2023-24 से 16 प्रतिशत ज्यादा था। साल 2024-25 बजट में सबसे ज्यादा ध्यान प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को दिया था। जिसमें लाड़ली बहना योजना के लिए 18984 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया था। साल 2024 के बजट को देखते हुए 2025 में भी उम्मीद राज्य सरकार ने साल 2024 के बजट में लाड़ली बहना योजना को ज्यादा तव्वजो दी गई थी। अब साल 2025 के बजट में भी माना जा रहा है कि बहनों के बजट को बढ़ाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक किस्त की राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर घोषणा की गई थी कि 1250 की राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपए किया जाएगा। ऐसे में अब पूरी निगाहें बजट पर टिकी हैं। आपको बता दें कि, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 के मार्च में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी। जिसमें बहनों को 1 हजार रुपए की सहायता दी जाती थी। इसके बाद रक्षाबंधन पर राशि को बढ़ाकर राशि को 1250 रुपए कर दिया गया। उसके बाद से ही राशि को नहीं बढ़ाया गया है। हालांकि, लाड़ली बहना योजना की किस्त न बढ़ाए जाने का एक कारण कर्ज का बोझ भी है। सरकार पर देश के कुल बकाया कर्ज का पांच प्रतिशत से अधिक बोझ है। लाड़ली बहना योजना चलाने के लिए सरकार को हर महीने 1600 करोड़ रुपए जरूरत रहती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि साल 2025 के बजट में सरकार लाड़ली बहना योजना के लिए कितने रुपए का प्रावधान करती है। recent visitors 45