अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट पर भी 5 फरवरी को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे: चुनाव आयोग

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर सीट पर भी चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. दिल्ली के साथ अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट पर भी 5 फरवरी को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे.  मिल्कीपुर सीट पर उम्मीदवारों का नॉमिनेशन 10 जनवरी से शुरू होगा और 17 जनवरी तक चलेगा. उसके बाद 18 जनवरी को प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी और जो प्रत्याशी अपना नामांकन वापस लेना चाहें, वो 20 जनवरी तक वापस ले सकते हैं. अगर वोटिंग की बात करें तो यहां 5 फरवरी को वोटिंग होगी और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे.   अवधेश प्रसाद के इस्तीफे से खाली हुई सीट 2022 के विधानसभा चुनावों में मिल्कीपुर सीट से समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद विधायक चुने गए थे. अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें फैजाबाद (अयोध्या) सीट से टिकट दिया और वो बीजेपी के लल्लू सिंह को हराकर चुनाव जीते, जिसके बाद उन्होंने मिल्कीपुर विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया और इस सीट पर अब उपचुनाव हो रहे हैं. यूपी की 9 सीटों पर पहले ही हो चुके हैं उपचुनाव इससे पहले यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो चुके हैं. इनमें से 7 सीटों पर एनडीए जबकि दो सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी. करहल और सीसामऊ सीट पर समाजवादी पार्टी जीती थी, जबकि मझवां, कुंदरकी, खैर, गाजियाबाद सदर, कटेहरी और फूलपुर में बीजेपी और मीरापुर में आरएलडी ने जीत दर्ज की थी. सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नतीजा कुंदरकी का रहा था क्योंकि ये सीट बर्क परिवार की मानी जाती रही है. इस बार बीजेपी के रामवीर सिंह ने कुंदरकी में कमल खिलाया है. मिल्कीपुर में क्यों नहीं हुआ था चुनाव? चुनाव आयोग ने बताया था कि पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की हुई थी. ये याचिका 2022 विधानसभा चुनाव के बाद गोरखनाथ बाबा ने सपा के अवधेश प्रसाद के चुनाव जीतने को लेकर दायर की थी, जो कोर्ट में लंबित थी. हालांकि अब इस याचिका को वापस ले लिया गया है. उम्मीदवारों का ऐलान करें तो सपा ने मिल्कीपुर विधानसभा सीट से अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है. हालांकि बीजेपी ने अबतक यहां अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. recent visitors 72

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, एक ही चरण में होगा मतदान, 5 फरवरी को वोटिंग, 8 को आएंगे परिणाम

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आज चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि एक ही चरण में 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव 5 फरवरी को होंगे, जबकि नतीजे 8 फरवरी को आएंगे।  दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने की रखी बात राजीव कुमार ने जनता से लोकतंत्र में अपनी भागीदारी बढाते रहने की गुजारिश की। उन्होंने कहा, ''सभी लोग लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाते रहें। लोकसभा चुनाव में नया रिकॉर्ड बना है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में भी लोकतंत्र मजबूत होता रहेगा। साल 2024 चुनाव से भरा साल रहा। इस बार दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर वोट होने की उम्मीद है।" उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए गए, लेकिन सभी शंकाएं दूर की गईं। देश में 99 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं।  कहा गया कि वोटर लिस्ट में गलत एंट्री हुई। धीमी मतगणना के आरोप लगाए गए। कहा गया कि ये ईवीएम इलेक्शन है।'' इन्हें मिलेगी घर से मतदान करने की सुविधा इसके अलावा चुनाव में 85 वर्ष से अधिक आयु के तथा दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा रहेगी। मतदान में आसानी के लिए मतदान केंद्रों पर स्वयंसेवक, व्हीलचेयर तथा रैंप बनाए जाएंगे।साथ ही चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को नसीहत भी दी। राजीव कुमार ने कहा, ''चुनाव प्रचार में भाषा का ख्याल रखें। महिलाओं के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल न करें।'' अंतिम मतदाता सूची भी हुई जारी इससे पहले चुनाव आयोग ने बीते सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस सूची में कुल 1,55,24,858 मतदाता हैं। इनमें 85,49,645 पुरुष, 71,73,952 महिलाएं और 1,261 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 18 से 19 वर्ष के करीब 2 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जाते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 (नाम जोड़ने) और फॉर्म 7 (नाम हटाने) का इस्तेमाल होता है। राजनीति दलों को समय-समय पर इन बदलावों की जानकारी दी जाती है। नए मतदाता और हटाए गए नाम आयोग के मुताबिक 29 अक्टूबर से 28 नवंबर के बीच 3,08,942 नए नाम जोड़े गए जबकि 1,41,613 नाम सूची से हटाए गए। इस तरह 1,67,329 नए मतदाता जुड़े हैं सभी आवेदनों की जांच हुई चुनाव आयोग ने बताया कि 16 दिसंबर से एक महीने में 5.10 लाख से अधिक नए आवेदन आए। इनमें से 3 लाख से ज्यादा नाम अंतिम सूची में जोड़े गए। सभी आवेदनों की जांच पूरी गंभीरता से की गई और अधिकारियों को हर आवेदन का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। दिल्ली में वोटर्स का गणित मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि दिल्ली में अब कुल एक करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 मतदाता है। इनमें कुल 83 लाख 49 हजार 645 पुरुष और 71 लाख 73 हजार 952 महिला मतदाता हैं। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1261 है। recent visitors 57

विपक्षी पार्टियों को राजीव कुमार का शायराना जवाब, ‘वो बिना सबूत शक की नई दुनिया रौनक करते हैं’

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। प्रेस वार्ता की शुरूआत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि लोकंतत्र बहुत सुंदर बगिया है, अपने वोटों से ऐसे ही सजाते रहें। हम 90 करोड़ वोटर्स के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जल्द ही एक अरब का आंकड़ा पार कर लेंगे। दिल्लीवालों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। मुझे उम्मीद है कि इस बार दिल्ली दिल से वोट करेगी। ईवीएम पर बोलते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम पर सब जवाब होने के बाद भी कहा गया कि इसे मैनिपुलेट किया जा सकता है। वोटर टर्नआउट 5 बजे के बाद बढ़ जाता है। कई इलाकों में वोटर बढ़ गए। राजीव कुमार ने कहा कि काउंटिंग में मिसमैच हो गया, कहीं कम गिन लिए, कहीं ज्यादा गिन लिए गए। सभी सवालों का जवाब आज देंगे। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को जवाब ईवीएम पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने कहा कि चुनाव से 7-8 दिन पहले ईवीएम तैयार की जाती है। हर दल को वोटर लिस्ट के बारे में जानकारी दी जाती है। एजेंट के सामने ईवीएम में चुनाव चिन्ह डाले जाते हैं। एजेंट के सामने ही ईवीएम सील की जाती है। कोर्ट ने भी कहा कि ईवीएम हैक नहीं की जा सकती। ईवीएम की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। राजीव कुमार ने आगे कहा कि ईवीएम में अवैध वोट डालने की संभावना नहीं है। ईवीएम फुलप्रूफ डिवाइस है। इसे मतदान के बाद सील कर दिया जाता है और इसमें वायरस नहीं जा सकता। """आरोप और इल्जामात का दौर चले, कोई गिला नहीं,झूठ के गुब्बारों को बुलंदी मिलें, कोई शिकवा नहीं,हर परिणाम में प्रमाण देते है,पर वो बिना सबूत शक की नई दुनिया रौनक करते हैं और शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं! ईवीएम मशीनों में दर्ज मतों की गिनती फॉर्म 17सी के साथ की जाती है। फॉर्म 17सी मतदान एजेंटों को मतदान समाप्त होने के बाद दिया जाता है। इसमें उस मतदान केंद्र पर हुए मतदान का रिकॉर्ड होता है। इस तरह, मतदान और मतगणना के दौरान पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाती है। मतदान प्रतिशत में छेड़छाड़ करना नामुमकिन है। मतदान खत्म होने से पहले, मतदान अधिकारियों को कई काम करने होते हैं। इसलिए, शाम 5 बजे के आंकड़ों को अंतिम मतदान प्रतिशत से तुलना करना सही नहीं है। मतदान खत्म होने के बाद, हर मतदान केंद्र पर मतदान एजेंटों को फॉर्म 17सी दिया जाता है। इस फॉर्म में उस मतदान केंद्र पर हुए मतदान का रिकॉर्ड होता है।""" – राजीव कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त recent visitors 75

भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने दिल्ली में रखा प्रस्ताव बोले- ‘Bhopal के बड़ा तालाब में डूबा है प्राचीन नगर’

भोपाल. बड़ा तालाब की अथाह जलराशि में एक प्राचीन नगर डूबा हुआ है। इस दावे के साथ भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने संसद की स्थायी समिति को एक प्रस्ताव दिया है। शहरी मामलों की स्थायी समिति की बैठक में शर्मा ने पानी के भीतर सर्वेक्षण कर इस धरोहर को सामने लाने की वकालत की है। नई दिल्ली स्थित संसद भवन में हुई बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि तालाब के किनारों पर दो बुर्ज और प्राचीन दीवारों के रूप में उस नगर के अवशेष अब भी मौजूद हैं। इसको लेकर वैज्ञानिक अध्ययन और खोज कराई जानी चाहिए, ताकि भोपाल की विरासत पर पड़ा पर्दा उठ सके। भोपाल राजा-महाराजाओं की नगरी सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि भोपाल राजा-महाराजाओं की नगरी रही है। यहां 11वीं सदी की धरोहरें हैं। प्राचीन काल से ही इस शहर का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। इनका संरक्षण, संवर्धन और सुंदरीकरण किया जाना चाहिए। बड़ा तालाब में ऐसी धरोहरों के अवशेष मौजूद हैं, जिनको लेकर कई वर्षों से दावे किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ ही इतिहासकार भी समय-समय पर मांग उठाते रहे हैं। इसकी खोज होना बहुत जरूरी है। शर्मा ने कहा कि कई पुरातत्वविद बताते हैं कि इसमें वैदिक नगर बसा हुआ था। गोंड कालीन किले की दीवारें व बुर्ज भी इसके किनारे पर दिखाई देते हैं। ऐसे में इसकी वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराना जरूरी है। गोंड काल की धरोहरें पुरातत्वविद पूजा सक्सेना का कहना है, ‘बड़ा तालाब के किनारे जो बुर्ज व दीवारें दिखाई देती हैं, उनके गोंड कालीन होने की संभावना है। संभव है कि बड़ा तालाब के किनारों पर गोंड राजाओं ने महल आदि बनवाया हो। यह सभी अध्ययन और खोज का विषय है। यह बात सही है कि भोपाल में 11वीं सदी की धरोहरों के अवशेष मौजूद हैं।’ इसमें मरीन आर्कियोलॉजी के विशेषज्ञों से पानी के भीतर सर्वे कराना था। विशेषज्ञों की उपलब्धता के अभाव में केंद्र स्तर पर यह प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ। बाद में यह ठंडे बस्ते में चला गया। recent visitors 41

HMPV: नागपुर में दो संदिग्ध मामले आए सामने, कर्नाटक-तमिलनाडु-गुजरात के बाद महाराष्ट्र में एचएमपीवी की दस्तक

नई दिल्ली। चीन में फैल रहे नए ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस ने भारत में दस्तक दे दी है। कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी एचएमपीवी संक्रमण का मामला सामने आया है। नागपुर में एचएमपीवी के दो संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है। इनकी उम्र सात और 13 साल बताई जा रही है। स्वास्थ्य उप निदेशक शशिकांत शंभरकर ने बताया कि निजी अस्पताल में बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों मरीजों का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया है। अब इन दोनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट को नागपुर के एम्स में जांच के लिए भेजा गया है। इन राज्यों में आ चुके इतने मामले सामने भारत में पहले ही तीन एचएमपीवी मामलों का पता चल चुका है। इनमें से दो मामले बंगलूरू और एक मामला अहमदाबाद से सामने आया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसकी पुष्टि की। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी दो संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। बता दें, देश भर में श्वसन संबंधी बीमारियों की निगरानी के लिए चल रहे निगरानी प्रयासों के तहत इन मामलों का पता चला था। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं: जेपी नड्डा इस सबके बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कहा था, हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पड़ोसी देशों में वायरस की हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम तैयार हैं, सभी कदम उठा रहे हैं, हमारी सभी पहलुओं पर निगरानी है। ये कोई नया वायरस नहीं है, 2001 में ही वायरस की पहचान हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने एक्सपर्ट के हवाले से स्पष्ट किया कि एचएमपीवी कई सालों से पूरी दुनिया में फैल रहा है। यह सांस के जरिए, हवा के जरिए फैलता है। यह सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है। यह वायरस सर्दियों और मौसम बदलने के शुरुआती महीनों में ज्यादा फैलता है। चीन में एचएमपीवी के मामलों की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र चीन के साथ-साथ पड़ोसी देशों में स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। चिंता की कोई बात नहीं: स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा था, 'हालात की समीक्षा के लिए चार जनवरी को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक हुई। देश की स्वास्थ्य सिस्टम और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। चिंता करने की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।' recent visitors 62

छत्तीसगढ़ में जारी हुई भाजपा जिलाध्यक्षों की लिस्ट, नारायणपुर में महिला को दी कमान

रायपुर  भाजपा ने छत्तीसगढ़ में अपने जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। बस्तर के साथ संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, कोंडागांव, नारायणपुर के अध्यक्ष की घोषणा कर दी गई है। नारायणपुर से संध्या पवार को जिलाध्यक्ष चुना गया है। दंतेवाड़ा भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता बनाए गए। संतोष अभी जिला महामंत्री और गीदम निवासी हैं। इससे पहले रविवार को बीजापुर और कांकेर के अध्यक्ष की घोषणा की जा चुकी है। कांकेर में महेश जैन और बीजापुर में घासीराम नाग अध्यक्ष बनाए गए हैं। वेद प्रकाश पांडे को बस्तर जिला भाजपा अध्यक्ष घोषित किया गया है। 49 वर्षीय वेदप्रकाश को प्रदेश अध्यक्ष का करीबी माना जाता है। वे 2003 में भारतीय युवा मोर्चा बकावंड मंडल के अध्यक्ष बनाए गए थे। इसके बाद मंडल अध्यक्ष, जिला मंत्री और 2019 से जिला महामंत्री हैं। बस्तर स्थित पार्टी कार्यालय में इसकी घोषणा की गई। भाजपा जिला संगठन चुनाव के प्रभारी विक्रम उसेंडी की उपस्थिति में नामों का एलान किया गया। इससे पहले भाजपा कार्यालय में सुबह से चहल-पहल रही। अध्यक्ष पद के दावेदार पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्र से भी मंडलों के पदाधिकारी पहुंचे। नारायणपुर भाजपा जिला अध्यक्ष की कमान महिला को मिली है। छोटे डोंगर की संध्या पवार अध्यक्ष बनाई गई हैं। पूर्व में वे महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष थीं। जातिगत और राजनीतिक समीकरण में सधे भाजपा के 15 जिलाध्यक्ष आगामी पंचायत-निकाय चुनाव से पहले भाजपा का संगठन का चुनाव जारी है। मंडल अध्यक्षों के चुनाव के बाद रविवार को भाजपा ने प्रदेश के 15 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें जातिगत और राजनीतिक समीकरण को साधते हुए सूची जारी हुई है। प्रदेश भाजपा के 36 सांगठनिक जिले हैं। बाकी जिलों में छह जनवरी को चुनाव पूरा करने का दावा है। रमेश ठाकुर को रायपुर शहर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। ठाकुर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर-दक्षिण के विधायक सुनील सोनी के करीबी माने जाते हैं। संगठन चुनाव के जिला प्रभारी शिव रतन शर्मा ने रायपुर शहर जिला अध्यक्ष की सर्वसम्मति से नियुक्ति की है। रमेश ठाकुर रायपुर शहर जिले के महामंत्री हैं। जिला संगठन चुनाव प्रभारी व पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा। विधानसभा चुनाव के पहले ठाकुर पार्टी के विभिन्न अभियानों में सक्रिय रहे हैं। इसी तरह रायपुर ग्रामीण से श्याम नारंग को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। श्याम पेशे से वकील हैं। जनवरी से पहले हो जाएगा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव संगठनात्मक चुनाव के प्रदेश निर्वाचन अधिकारी खूबचंद पारख ने जिला अध्यक्षों की सूची विधिवत रूप से जारी की है। पारख ने कहा कि इन 15 जिलों में 37 विधानसभा क्षेत्र आते हैं जहां से 37 प्रदेश प्रतिनिधियों का निर्वाचन भी विधिवत हो गया है। 18 प्रदेश प्रतिनिधि, जो एससी-एसटी और महिला वर्ग से आते हैं, के भी नाम तय किया जा चुके हैं जिनके चुनाव की प्रक्रिया प्रदेश से होगी। इस तरह से 55 प्रदेश प्रतिनिधियों का चुनाव हो चुका है। पारख ने बताया कि छह जनवरी को बाकी जिला अध्यक्षों का चुनाव होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 10 जनवरी से पहले होने का है। recent visitors 48

आज मध्य प्रदेश में भाजपा के 40 जिला अध्यक्षों की घोषणा !

भोपाल भाजपा जिला अध्यक्षों की 35 से 40 नामों की सूची मंगलवार को जारी की जाएगी। इसकाे लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में दो घंटे तक मंथन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने जिला अध्यक्षों के नामों पर विचार-विमर्श किया। सूची फाइनल हो गई है, इसे स्वीकृति के लिए दिल्ली भेजा गया। बताया जा रहा है कि दिल्ली से भी सूची शामिल नामों को स्वीकृति मिल गई है। नामों की सूची सोमवार को जारी की जानी थी, लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने के कारण सूची रोक दी गई। घोषणा से पहले ही मंदसौर में शुरू हुआ बधाइयों का सिलसिला जिला अध्यक्षों के 15 से अधिक नामों पर अब भी सहमति नहीं बनी है। ऐसे में पहली सूची 35 से 40 नामों की ही जारी की जाएगी। शेष नामों पर पुनर्विचार कर अंतिम रूप दिया जाएगा। सागर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सतना, रीवा, नरसिंहपुर सहित अन्य जिलों के जिला अध्यक्ष के एक से अधिक नामों पर पार्टी नेताओं के बीच खींचतान के बीच फिलहाल इन जिलों में जिला अध्यक्ष की घोषणा बाद में की जा सकती है। इधर, जिला अध्यक्ष की घोषणा से पहले ही पंडित राजेश दीक्षित को मंदसौर जिला अध्यक्ष की बधाई वाले फ्लेक्स तैयार कर लिए गए हैं। सोमवार को इसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होती रही। 12 जिलों के अध्यक्ष को पुन: मिल सकता है मौका भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले मप्र के 12 जिला अध्यक्ष बदले थे। इसमें छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, मैहर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पाढुर्णा, हरदा, इंदौर ग्रामीण, बुरहानपुर, बड़वानी और रतलाम में नए जिला अध्यक्ष बनाए गए। ऐसे में इनमें से अधिकांश जिलों में जिला अध्यक्षों को पुन: मौका दिया जा सकता है। सामाजिक व राजनीतिक समीकरण साधने का प्रयास बताया जा रहा है कि भाजपा ने संभागवार सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने का प्रयास किया है। प्रत्येक संभाग में तीन से आठ जिले हैं। इसमें एसटी, एससी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के अलावा महिला को मौका देने का प्रयास है। हालांकि जहां महिला सांसद व महापौर है, वहां पुरुष को ही जिला अध्यक्ष बनाया जाएगा। recent visitors 49