अब मैनपाट में पर्यटन को लगेंगे पंख, बढ़ावा देने शिमला-मनाली की तर्ज पर बनेगी मॉल रोड

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट अपने प्राकृतिक सौंदर्य के चलते सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को देखने नववर्ष और उसके बाद मैनपाट के हर कोने में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। सरगुजा संभाग के अलावा ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से भी लोग मैनपाट की खूबसूरती देखने पहुंचे। प्रकृति की गोद में रचे-बसे इस हिल स्टेशन में वर्षभर मौसम खुशनुमा रहता है। मगर, बारिश और ठंड के मौसम में यह छुट्टियां मनाने के लिए सबसे उपयुक्त स्थल है। अब मैनपाट में पर्यटन को और बढ़ावा देने शिमला-मनाली की तर्ज पर मॉल रोड बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए स्थल निरीक्षण कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सरगुजा जिले के मैनपाट में पहाड़ियां, नदी-झरने, चारों ओर फैली हरियाली को लेकर सैलानियों में खास आकर्षण बना रहता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासन द्वारा नए प्रयास किए जा रहे हैं। सैलानियों के ठहरने की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा रिजॉर्ट शैला और करमा का निर्माण किया गया है। इससे आसानी से लोगों को रहने की सुविधा मिल सके। दो स्थल चिह्नित पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मैनपाट में मॉल रोड बनाए जाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। मैनपाट महोत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मैनपाट में मॉल रोड बनाने की घोषणा की गई थी। पर्यटन विभाग एवं राजस्व विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है। साथ ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। मॉल रोड के लिए दो साइट का निरीक्षण किया गया है, जिसमें पेट्रोल पंप कमलेश्वरपुर से तिब्बती मंदिर तक मार्ग और पेट्रोल पंप कमलेश्वरपुर से निजी होटल तक मार्ग का निरीक्षण कर प्रस्ताव भेजा गया है। पर्यटन के साथ रोजगार के भी बढ़ेंगे अवसर शिमला-मनाली हिल स्टेशन के मॉल रोड बेहद प्रसिद्ध हैं। वहां स्थानीय मार्केट आकर्षण के केंद्र हैं। मैनपाट में मॉल रोड बन जाने से एक और आकर्षण का केंद्र बनेगा। अक्सर शिमला मनाली जैसे हिल स्टेशनों के मॉल रोड का एहसास अब मैनपाट आने वाले पर्यटकों को भी होगा। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों और मार्केट को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से तेजी से बढ़ेगी। recent visitors 186

आईआरसीटीसी द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है, भोपाल से महाकुंभ के साथ वाराणसी के लिए रवाना होगी

भोपाल मध्य प्रदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह ट्रेन 6 फरवरी 2025 को इंदौर से “महाकुंभ के साथ वाराणसी, गंगासागर और पुरी यात्रा” के लिए प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन इंदौर, देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जहाँ यात्री इस पर सवार हो सकते हैं। आठ रातों और नौ दिनों की इस यात्रा में वाराणसी, प्रयागराज (महाकुंभ), गंगासागर, कोलकाता और पुरी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। आईआरसीटीसी ने इस यात्रा के लिए तीन श्रेणियों में शुल्क निर्धारित किया है। स्लीपर इकॉनमी श्रेणी के लिए ₹24,500 प्रति व्यक्ति, 3एसी स्टैंडर्ड श्रेणी के लिए ₹34,400 प्रति व्यक्ति और 2एसी कम्फर्ट श्रेणी के लिए ₹42,600 प्रति व्यक्ति शुल्क रखा गया है। इस सर्व-समावेशी पैकेज में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, गुणवत्तापूर्ण बसों से दर्शनीय स्थलों का भ्रमण, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास व्यवस्था, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग सेवाएं शामिल हैं। महाकुंभ प्रयागराज के लिए आईआरसीटीसी की टेंट सिटी की अलग से बुकिंग भी उपलब्ध है, जिसे आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर या अधिकृत एजेंट के माध्यम से कराया जा सकता है।   recent visitors 80

मंत्री परमार ने की उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा, शासकीय संस्थानों में ही परीक्षाएं करवाई जाए

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं महाविद्यालयों में गुणवत्ता वृद्धि के लिए आगामी तीन माह की कार्ययोजना बनाकर वास्तविक आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। मंत्री श्री परमार सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों की परीक्षाएं शासकीय संस्थानों में ही आयोजित की जाएं। उन्होंने परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालयों के समग्र विकास में पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के भी प्रयास किए जाएं। श्री परमार ने कहा कि समस्त पात्र विद्यार्थियों को विभागीय छात्रवृत्ति योजनाओं से लाभान्वित किए जाने की दिशा में अधिकाधिक प्रयास करें। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट आवंटन, व्यय की स्थिति एवं आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के लिए विभागीय तैयारियों की गहन समीक्षा की। श्री परमार ने महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं के उन्नयन एवं मरम्मत आदि कार्यों में आवश्यकतानुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग करते हुए महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर अध्ययन-अध्यापन, शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता सुधार के लिए महाविद्यालयों में विभिन्न निर्माण एवं सुधार आदि कार्यों को समयावधि पर पूर्ण करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालयों की प्रवेश क्षमता, प्रवेशित छात्र संख्या एवं उपलब्ध सीटों पर युक्तियुक्तकरण के सम्बन्ध में व्यापक चर्चा कर महाविद्यालय में उपलब्ध अधोसंरचना अनुरूप क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने विधि महाविद्यालयों की स्थिति एवं व्यावसायिक महाविद्यालयों के संचालन की समीक्षा कर उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि के लिए नीतिगत रूप से व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा है। मंत्री श्री परमार ने सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों के प्रवेश की तैयारियों की समीक्षा कर, "कॉलेज चलो अभियान" को सफल बनाने एवं सकल नामांकन अनुपात में उत्तरोत्तर वृद्धि करने के लिए कहा। श्री परमार ने विभागीय गतिविधियों के ऑनलाइन मोड की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालयों के पूर्व विद्यार्थियों के एलुमिनाई कार्यक्रम आयोजन करने एवं संबंधित महाविद्यालय के विकास में उनकी सहभागिता करवाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा। श्री परमार ने विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय डेटा सेंटर "विद्या समीक्षा केंद्र" बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन के निर्देश दिए। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों के संयोजन से, नियत समयावधि की "शिक्षक प्रशिक्षण नीति" तैयार करने की बात की। उन्होंने महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर संकाय वृद्धि एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के प्रारंभ करने को लेकर व्यापक चर्चा की। श्री परमार ने विभिन्न छात्रवृति योजनाओं एवं लोकसेवकों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। श्री परमार ने परिवीक्षा अवधि समाप्ति से वंचित लोकसेवकों की नियमानुसार परिवीक्षा अवधि समाप्ति की प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को कहा। श्री परमार ने विभागीय अधिकारियों को सभी मापदंडों के अनुरूप उच्च पद का प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को भी कहा। उन्होंने विभाग से संबंधित लंबित न्यायालयीन प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में पदों की पूर्ति की जानकारी प्राप्त कर, रिक्त पदों की पूर्ति प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण किए जाने लिये भी कहा।   recent visitors 125

स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने है कि स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक कोने तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे, हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज हों, अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हों और पर्याप्त स्वास्थ्य अमला हो। उन्होंने कहा कि 46 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य अमले की भर्ती के लिये स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सशक्त स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से कोई भी क्षेत्र विकास की छलांग लगाने के लिये तैयार होता है। सशक्त और विकसित प्रदेश के लिये इन क्षेत्रों का सशक्त होना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन से ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सहज और सुलभ उपलब्धता का कार्य करेगी। संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स दुर्गम और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में पहुँचकर आमजन को ओपीडी, रोग निदान, उपचार और दवाइयों जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। प्रत्येक यूनिट में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं। 87 विकासखण्डों के 1268 ग्रामों में पहुँचेगी यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) से 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 1268 ग्रामों के लगभग 3,12,246 लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना में चिन्हित जिले अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, दतिया, डिंडौरी, गुना, गवालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया और विदिशा शामिल हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में लायेंगी क्रांतिकारी बदलाव उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत प्रदेश के 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वे क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े और दुर्गम हैं, वहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच उत्कृष्ट समन्वय और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व और प्रगतिशील सोच से सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश में नए मानक स्थापित हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य विभाग के पूरे अमले के समर्पण और निष्ठापूर्ण प्रयासों से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में अग्रणी राज्य बनने में सफल होगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के लाभ प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में प्रशिक्षित मानव संसाधन, जिसमें एक डॉक्टर, नर्स, एएनएम/एमपीडब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और ड्राइवर शामिल हैं, सेवाएँ प्रदान करेंगे। प्रत्येक यूनिट में 14 प्रकार की जांच सुविधाएँ, 65 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ और 29 प्रकार की स्वास्थ्य सामग्रियाँ उपलब्ध रहेंगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से लोगों को संचारी रोगों और मूलभूत ओपीडी सेवाएँ, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया जैसी बीमारियों की पहचान और उपचार, प्रसवपूर्व एवं प्रसव उपरान्त देखभाल, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और गुर्दा रोगों की पहचान, नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियों की जाँच एवं उपचार, परिवार नियोजन सेवाएँ, मानसिक स्वास्थ्य और पोषण परामर्श, वृद्धजनों की देखभाल और आकस्मिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। इन यूनिट्स को जीपीएस प्रणाली से लैस किया गया है, जिससे उनकी निगरानी और संचालन में पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट एक माह में 24 दिन तक सेवाएँ प्रदान करेगी और प्रतिदिन 2 गांवों में लगभग 50 मरीजों का इलाज करेगी। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप कुमार यादव और एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 73

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा- देश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण स्त्रोत बहुरंगी कलाएं है

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण स्त्रोत बहुरंगी कलाएं है। यह हमारे अंदर की कोमल भावनाओं को जगा कर हमें मनुष्यता का पाठ पढ़ाती है। कलाएं हमारी परम्पराओं, विरासतों, रीति-रिवाजों, संस्कारों, धर्म, समाज, भाषा आदि की विशिष्टताओं को सहेजती और संरक्षित रखती हैं। राज्यपाल श्री पटेल क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान परिसर श्यामला हिल्स भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर देशभर के विजेता छात्र-छात्राओं को कला की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किये और राष्ट्रीय कला उत्सव की विभिन्न विधाओं के निर्णायकों को भी सम्मानित किया। राज्यपाल श्री पटेल ने एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राष्ट्रीय कला उत्सव का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और एन.सी.ई.आर.टी. के सहयोग से 3-6 जनवरी, 2025 तक किया गया। कला उत्सव में भारत के केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय के लगभग 6 सौ प्रतिभागी शामिल हुए। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय कला उत्सव के आयोजन के लिए एन.सी.ई.आर.टी. को साधुवाद भी दिया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कला उत्सव, देश की कला-संस्कृति की विरासत को शिक्षा के क्षेत्र में संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का प्रभावी प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों की प्रतिभा, कौशल को निखार कर उनका समग्र विकास कर 21वीं सदी के वैश्विक नेताओं के रूप में तैयार करने का प्रकल्प है। यह देश के बच्चों की असीम क्षमता को महसूस करते हुए विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से आगामी 12 जनवरी को आयोजित हो रहे विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील भी की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भावी पीढ़ी, अपनी संस्कृति के जिस स्वरूप को देखती है उसी के अनुरूप अपने जीवन के नये मूल्यों का निर्माण करती है। इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा के द्वारा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता से जोड़े और एक भारत-श्रेष्ठ भारत के गौरवशाली दृष्टिकोण से परिचित और प्रेरित कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कला के लिए जीवन में विशेष जगह रखें क्योंकि कला हमें जोड़ती है, प्रेरित करती है और एक समुदाय के रूप में मजबूत बनाती है। इसलिए प्रयास करें कि राष्ट्रीय कला उत्सव का यह आयोजन, कला के विभिन्न रूपों के प्रदर्शन का केवल मंच नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के बारे में जागरूक बनाने और संरक्षण के लिए जन मानस को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बने। राज्यपाल श्री पटेल का कार्यक्रम में शॉल और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान का वीडियों संदेश प्रसारित किया गया। केन्द्रीय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार ने कला के परिचय, प्रकार और उपयोगिता पर अपने विचार रखे। एन.सी.ई.आर.टी. के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कला उत्सव के आयोजन की विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय समन्वय डॉ. ज्योत्सना तिवारी ने कला उत्सव आयोजन की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. दीपक पालीवाल ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय कला उत्सव के समापन समारोह में केन्द्रीय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के अपर सचिव श्री आनंद राव पाटिल, कला मनीषी, कला गुरू, विभिन्न विधाओं के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे।   recent visitors 83

महापौर-इन-काउंसिल की साल की पहली बैठक में 7 से अधिक प्रस्ताव पर लगी मुहर, नदियों को साफ करने खर्च होंगे 500 करोड़

इंदौर इंदौर नगर निगम की इस साल की पहली महापौर-इन-काउंसिल(MIC) की बैठक में शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत चार एसटीपी बनाने को मंजूरी दी गई। इन प्लांट्स के निर्माण पर करीब 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका उद्देश्य शहर की नदियों को स्वच्छ करना है। दरअसल, इंदौर में नगर निगम की इस साल की पहली एमआईसी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में महापौर और एमआईसी मेंबर सहित निगम के अधिकारी मौजूद रहे। एमआईसी में 7 से अधिक प्रस्ताव पास किए। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत शहर में बनाए जा रहे नए एसटीपी प्लांट का है। इन प्लांट के लिए नगर निगम 15 साल का करार भी करेगा। सिंहस्थ के पहले इन एसटीपी प्लांट से शहर की नदियों में साफ पानी लाने की कवायद की जा रही है। इसके अलावा बाबा साहेब आम्बेडकर पार्क का जीर्णोद्धार और कई इलाकों में नई सीवरेज लाइन डालने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। recent visitors 83

तेलंगाना को मिली आधुनिक सुविधाएं, मोदी ने चर्लापल्ली के नए रेलवे टर्मिनल स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी जिले में स्थित चर्लापल्ली के नए रेलवे टर्मिनल स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक टर्मिनल को 413 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह स्टेशन पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन के साथ यात्रियों को उन्नत सुविधाएं प्रदान करेगा। साथ ही, यह सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचेगुडा के मौजूदा टर्मिनलों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा। प्रमुख विशेषताएं और सेवाएं चर्लापल्ली रेलवे टर्मिनल को एक कोचिंग हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां प्रतिदिन लगभग 24 ट्रेनें संचालित होंगी। नए टर्मिनल में यात्रियों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें एक विशाल परिसंचारी क्षेत्र, दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग और बस परिवहन के लिए समर्पित क्षेत्र शामिल हैं। टर्मिनल औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी अहम भूमिका निभाएगा। यहां से विशेष ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की गई है, जिसमें त्योहारों के दौरान संक्रांति विशेष ट्रेनों का संचालन भी शामिल है। स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा इस अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी को टर्मिनल के उद्घाटन के लिए धन्यवाद दिया और राज्य में क्षेत्रीय रिंग रेल परियोजना शुरू करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना तेलंगाना के 60% हिस्से को शहरीकृत करने की क्षमता रखती है। समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह में वर्चुअल माध्यम से कई नेता और अधिकारी जुड़े। recent visitors 144