मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त, तापमान गिरने के साथ ठिठुरन बढ़ी

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। लगातार बर्फीली हवाएं चल रही है, जिसकी वजह से तापमान में गिरावट का असर नजर आ रहा है। तापमान गिरने के साथ ठिठुरन बढ़ गई है और दिन में भी सर्दी का एहसास हो रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिले घने कोहरे की चपेट में आ चुके हैं। सुबह-सुबह सड़कों पर दूर तक कोहरा फैला हुआ नजर आ रहा है और रात को भी यही हाल देखने को मिल रहा है। अधिकांश जिले भयानक ठंड की चपेट में हैं। चलिए जान लेते हैं कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश का मौसम कैसा रहने वाला है। बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठंड इस समय उत्तराखंड, जम्मू, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश जैसे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी के चलते प्रदेश का तापमान लगातार गिर रहा है। बर्फीली हवाओं के असर से हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। अधिकांश जिलों का न्यूनतम तापमान तीन से चार डिग्री तक लुढ़क गया है। बढ़ने वाली है ठंड फिलहाल पड़ रही ठंड ने लोगों का जीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त किया है, लेकिन ठंड की ये रफ्तार अभी कम नहीं होने वाली है। आने वाले दिनों में पहाड़ों से आ रही हवाओं की रफ्तार और भी तेज होगी, जिसके कारण ठंड बढ़ जाएगी। जनवरी के 20 से 22 दिन इसी तरह से शीतलहर और कोहरे की चपेट में निकलने वाले हैं। यहां शीतलहर की चेतावनी मौसम विभाग ने भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, रायसेन, सीधी, नौगांव, शिवपुरी, सतना, सिवनी, बालाघाट, गुना, उज्जैन, उमरिया, सिवनी में कोल्ड डे की स्थिति बने रहने की जानकारी दी है। आने वाले तीन से चार दिनों तक कोहरे और शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है। प्रदेश में आज के मौसम की बात करें तो कई हिस्सों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ दिखाई दे रहा है। दतिया, राजगढ़, निवाड़ी, सागर, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़, उमरिया, कटनी, दमोह में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों में शीतलहर का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक कई शहरों का तापमान 7 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। उज्जैन, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, भोपाल में जबरदस्त ठंड पड़ रही है। अब आने वाले 3 दिनों में कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिलेगा। recent visitors 58

गरियाबंद में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 3 नक्सली ढेर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र के सोरनामाल जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. डीआरजी, एसटीएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने इस एनकाउंटर में तीन नक्सलियों को मार गिराया है. सर्च ऑपरेशन के लिए कुल तीन सौ सैनिक देर रात निकले थे. ओडिशा के नवरंगपुर से आए सैनिकों ने भी घेराबंदी की है. यह सर्च ऑपरेशन खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किया गया था. पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि अब तक तीन नक्सली मारे गए हैं. कब होगा नक्सलवाद का खात्मा? हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने साल 2026 तक पूरी तरह से नक्सलवाद को खत्म करने की बातें कही थीं. इसके बाद से पूरे छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज हो गए हैं. वहीं, केंद्र को मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत की दिशा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. जनवरी 2024 से नवंबर तक कुल 257 नक्सलियों को ढेर किया गया. 861 को गिरफ्तार किया गया और 789 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटे. इसके अलावा 2010 के सर्वाधिक मृत्यु के स्तर 1005 से 90 फीसदी घट कर सितंबर, 2024 तक 96 फीसदी थी. ये चार दशकों बाद साल 2022 में पहली बार मृत्यु की तादाद 100 से कम दर्ज की गई है. साथ ही टॉप 14 नक्सली लीडर न्यूट्रलाइज्ड किया जा चुका है. वहीं, माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में सेक्योरिटी वैक्यूम को खत्म करके साल 2019 से 279 नए कैम्पों की स्थापना द्वारा सुरक्षा ग्रिड का विस्तार किया गया है. recent visitors 45

पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाए जाने का विरोध, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आत्मदाह की कोशिश

 पीथमपुर धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में भोपाल से लाए गए यूनियन कार्बाइड के कचरा का विरोध बढ़ता जा रहा है. इसके विरोध में पहले से घोषित आज बंद को व्यापक समर्थन मिला रहा है. विरोध में दो प्रदर्शनकारियों ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. फिलहाल उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.   दरअसल, शुक्रवार सुबह से ही पीथमपुर के बाजार बंद हैं. चाय पानी की दुकानें बंद रखकर रहवासियों ने इस बंद को समर्थन दिया है. यहां छोटी-छोटी दुकानें भी बंद हैं.   इधर, कुछ बंद समर्थकों ने धनगड, बस स्टैंड और आजाद चौक पर पहुंचकर सड़कें जाम करने का प्रयास किया था. लेकिन वहां पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से झड़प हुई. पुलिस ने कुछ बंद समर्थकों पर लठियां चलाईं, हल्का बल प्रयोग कर उन्हें समझाइश देकर रवाना किया.   वहीं, गुरुवार से आमरण अनशन पर बैठे संदीप रघुवंशी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. जबकि सैलाना विधायक कमलेश डोडियार भी धरना स्थल पर ही मौजूद हैं. सैलाना MLA कमलेश डोडियार भी प्रदर्शन में शामिल हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र में कारखाने चालू हैं. कर्मचारी और मजदूरों के आवागमन में कोई बाधा नहीं हो रही है. बसों का संचालन भी हो रहा है. क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरा धार के लाठीचार्ज पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेर लिया है. एमपी कांग्रेस ने पूछा है, ''क्या मध्यप्रदेश में लोकतंत्र शेष है या नहीं? पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीले कचरा जलाने का विरोध करने पर लाठी, MPPSC के खिलाफ आंदोलन पर युवाओं को जेल. इस सरकार ने विरोध को केवल दमन करना सीख लिया है! मोहन सरकार के अराजक राज में हक अधिकार की बात करना दुश्वार है.'' कांग्रेस राजनीति कर रही: डिप्टी CM धार में यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर हुए लाठीचार्ज पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कचरा अब हानिकारक नहीं है और घटना के 25 साल बाद भी इसका असर खत्म नहीं हुआ है. पीथमपुर में भी कचरे को जलाने से कोई नुकसान नहीं है, इसलिए वहां के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. कांग्रेस यूनियन कार्बाइड के नाम पर राजनीति कर रही है. 337 टन जहरीला कचरा भोपाल से भेजा गया 250 किमी दूर भोपाल गैस कांड के 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड कारखाने का 337 टन जहरीला कचरा गुरुवार तड़के इंदौर के पास स्थित पीथमपुर की एक औद्योगिक अपशिष्ट निपटान इकाई में पहुंचा दिया गया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जहरीले अपशिष्ट को 12 सीलबंद कंटेनर ट्रकों में भोपाल से 250 किलोमीटर दूर धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की अपशिष्ट निपटान इकाई में भेजा गया. एक निजी कंपनी द्वारा संचालित इस यूनिट के आस-पास बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. डधर, स्थानीय नागरिक समूहों ने यूनियन कार्बाइड कारखाने के जहरीले कचरे को पीथमपुर में नष्ट नहीं किए जाने की मांग को लेकर इस औद्योगिक कस्बे में विरोध प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है. करीब 1.75 लाख की आबादी वाले पीथमपुर में शुक्रवार को बंद का आह्वान भी किया गया है. नागरिकों ने जहरीले कचरे को पीथमपुर में नष्ट किए जाने से इंसानी आबादी और पर्यावरण पर दुष्प्रभावों की आशंका जताई है. प्रदेश सरकार ने इस कचरे के सुरक्षित निपटान के पक्के इंतजामों का भरोसा दिलाते हुए हुए इन आशंकाओं को खारिज किया है. दरअसल, पीथमपुर धार लोकसभा क्षेत्र में आता है. इस क्षेत्र की लोकसभा में नुमाइंदगी करने वाली सावित्री ठाकुर केंद्र सरकार में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री हैं. ठाकुर ने बताया कि हम जन प्रतिनिधि राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पीथमपुर के नागरिकों का पक्ष पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से उचित कदम उठाए जाने का आग्रह किया जाएगा. पीथमपुर, राज्य के प्रमुख शहर इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर है. इंदौर के नागरिक भी यूनियन कार्बाइड कारखाने का जहरीला कचरा पीथमपुर में जलाए जाने का विरोध कर रहे हैं. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मांग की है कि इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट किए जाने की योजना पर फिर से विचार किया जाना चाहिए और इस सिलसिले में राज्य सरकार की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की जानी चाहिए। बता दें कि भोपाल में 2-3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से अत्यधिक जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ था. इससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग अपंग हो गए थे. इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में से एक माना जाता है. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तीन दिसंबर को इस कारखाने के जहरीले कचरे को स्थानांतरित करने के लिए चार सप्ताह की समय-सीमा तय की थी और सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर उसके निर्देश का पालन नहीं किया गया, तो अवमानना की कार्यवाही की जाएगी. राज्य के गैस राहत और पुनर्वास विभाग के निदेशक स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पीथमपुर की अपशिष्ट निपटान इकाई में शुरुआत में कचरे के कुछ हिस्से को जलाकर देखा जाएगा और इसके ठोस अवशेष (राख) की वैज्ञानिक जांच की जाएगी ताकि पता चल सके कि इसमें कोई हानिकारक तत्व तो बचा नहीं रह गया है. उन्होंने बताया कि भस्मक में कचरे के जलने से निकलने वाले धुएं को चार स्तरों वाले विशेष फिल्टर से गुजारा जाएगा ताकि आस-पास की वायु प्रदूषित न हो और इस प्रक्रिया के पल-पल का रिकॉर्ड रखा जाएगा.  कचरे के भस्म होने और हानिकारक तत्वों से मुक्त होने के बाद इसके ठोस अवशेष (राख) को दो परतों वाली मजबूत ‘मेम्ब्रेन’ (झिल्ली) से ढक कर 'लैंडफिल साइट' में दफनाया जाएगा ताकि यह अपशिष्ट किसी भी तरह मिट्टी और पानी के संपर्क में न आ सके.   recent visitors 68

नए साल में PM मोदी का झुग्गीवासियों को दिया शानदार तोहफा, 1675 लोगों को सौंपी उनके सपनों की चाबी

नई दिल्ली 'जहां झुग्गी-वहां मकान' वाले वादे को पूरा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने दिल्ली में 1600 से अधिक गरीबों को शानदार फ्लैट बनाकर दिया है। दिल्ली के अशोक विहार फेज-II में 1675 ईडब्ल्यूएस फ्लैट लाभार्थियों को दिए गए हैं। शानदार इमारत और लिफ्ट समेत तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लैट्स को देखकर वे लोग चौंक गए जिनके नाम इन्हें आवंटित किया गया है। दिल्ली के अशोक विहार में स्वाभिमान अपार्टमेंट में बनाए गए इन फ्लैट्स को देखने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। उन्होंने फ्लैट्स और अपार्टमेंट में जाकर सुविधाओं का जायजा लिया। उत्तर पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार में 'स्वाभिमान अपार्टमेंट' नाम से यह आवासीय परियोजना बनाई गई है। केंद्र सरकार ने एक फ्लैट के निर्माण पर 25 लाख रुपये खर्च किए हैं, पात्र लाभार्थी कुल राशि का सात प्रतिशत से कम भुगतान करेंगे, जिसमें मामूली योगदान के रूप में 1.42 लाख रुपये और रखरखाव के पांच साल के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं। फ्लैट लाभार्थियों के साथ पीएम मोदी डीडीए अधिकारियों ने कहा कि 400 वर्ग फुट क्षेत्र के 1,675 ईडब्ल्यूएस फ्लैट को जहां झुगी वहीं मकान योजना के तहत झुग्गी वासियों का पुर्नविकास किया गया है। इनकी कुल लागत 421.81 करोड़ रुपये है। प्रत्येक फ्लैट में दो कमरे, एक रसोईघर, एक बाथरूम, एक शौचालय और एक बालकनी शामिल है। फ्लैटों का निर्माण नवीनतम MIVAN तकनीक का उपयोग करके किया गया है। जहां इमारतों के सभी घटक कंक्रीट से बने हैं। प्रत्येक टावर आठवीं मंजिल पर लिफ्ट और एक खुले मनोरंजन स्थान से सुसज्जित है। इन फ्लैटों में सामुदायिक हॉल, चार दुकानें, आंगनवाड़ी कक्षाएं, डॉक्टर क्लिनिक और बच्चों के डेकेयर सेंटर जैसी सुविधाएं भी हैं। बेसमेंट पार्किंग 11 हजार से अधिक वर्ग मीटर के क्षेत्र में उपलब्ध है और सतही पार्किंग के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के साथ, परियोजना स्थल के अंदर 9,200 वर्ग मीटर का हरित स्थान भी प्रदान किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस अपार्टमेंट में ट्रिपल जल आपूर्ति प्रणाली है। पीने योग्य पानी, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। गैर-पीने योग्य पानी की आवश्यकताओं को उपचारित भूमिगत जल और एसटीपी से उपचारित जल से पूरा किया जाएगा। निवासियों की सुरक्षा के लिए साइट के चारों ओर एक चारदीवारी भी बनाई गई है। recent visitors 55

सौरभ शर्मा पर रेड के बाद RTO में बड़ा फेरबदल, परिवहन आयुक्त समेत 3 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर

भोपाल  मध्य प्रदेश में करोड़ों की संपत्ति के ज़ब्ती के बाद परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्व RTO कांस्टेबल सौरभ शर्मा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के बाद हुई है। इसमें परिवहन आयुक्त डी.पी. गुप्ता भी शामिल हैं। भोपाल में हुई छापेमारी के बाद राज्य के परिवहन विभाग पर सवाल उठ रहे थे। इसके चलते 1994 बैच के IPS अधिकारी डी.पी. गुप्ता को ADG पुलिस मुख्यालय (PHQ) नियुक्त किया गया है। गुप्ता फरवरी 2024 में परिवहन आयुक्त बने थे। उनकी जगह 1988 बैच के IPS अधिकारी विवेक शर्मा को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है। विवेक शर्मा पहले PHQ प्लानिंग में ADG थे। इसके अलावा ADG योगेश चौधरी को PHQ प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह तबादले सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की अधिसूचना के बाद हुए हैं। करोड़ों की सपत्ति मिलने के बाद उठने लगे थे सवाल पूर्व RTO कांस्टेबल सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर ED, आयकर विभाग और लोकायुक्त की SEP ने छापेमारी की थी। इन छापेमारियों में करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई है। इसके बाद परिवहन विभाग पर सवाल उठने लगे थे। इन छापेमारियों के बाद ही यह तबादले हुए हैं। इससे साफ़ है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। लावारिस गाड़ी में मिला था 52 किलो सोना लोकायुक्त ने पिछले हफ्ते छापेमारी में सौरभ शर्मा के पास से 7.98 करोड़ रुपये की चल संपत्ति बरामद की थी। इसमें 2.87 करोड़ रुपये नकद और 235 किलो चांदी शामिल थी। साथ ही कई रियल एस्टेट निवेश दस्तावेज और एक नकदी गिनने की मशीन भी ज़ब्त की गई। इसके बाद आयकर विभाग ने एक और छापेमारी में भोपाल में एक छोड़ी हुई SUV से 40 करोड़ रुपये के 52 किलो सोने के बिस्कुट और 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की। यह SUV शर्मा के करीबी सहयोगी चेतन सिंह गौड़ के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हालांकि आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन अधिकारियों को शक है कि यह बरामदगी शर्मा से जुड़ी है। ईडी ने भी दर्ज किया है मामला लोकायुक्त की FIR के बाद ED ने शर्मा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। पिछले शुक्रवार को भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में छापेमारी की गई। ED ने कई जगहों से वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति और लैपटॉप व कंप्यूटर से इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया है। सौरभ शर्मा 2015 में अनुकंपा के आधार पर परिवहन विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुए थे। उनके पिता सरकारी डॉक्टर थे, जिनकी मृत्यु के बाद उन्हें यह नौकरी मिली थी। शर्मा ने 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। मां, पत्नी और साले के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अधिकारियों का आरोप है कि शर्मा ने भ्रष्ट तरीकों से संपत्ति अर्जित की। उन्होंने अपनी माँ, पत्नी, साली और करीबी सहयोगी चेतन गौड़ और शरद जयसवाल के नाम पर एक स्कूल और एक होटल भी बनाया। शर्मा के घर और दफ्तर से जब्त किए गए दस्तावेजों से करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता चलता है। इससे पता चलता है कि उनके पास बड़ी मात्रा में नकदी आ रही थी। हालांकि, हो सकता है कि शर्मा को बड़ी मात्रा में नकदी के समय के साथ खराब होने की चिंता रही हो, जिसके कारण उन्होंने कीमती धातुओं को तरजीह दी। आने वाले समय में होगा बड़ा खुलासा इस पूरे मामले से मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक साधारण कांस्टेबल इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बना सकता है, यह जांच का विषय है। आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है। सरकार की इस कार्रवाई से यह संदेश ज़रूर जाएगा कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। recent visitors 118

मुख्यमंत्री ने संस्था के विकास हेतु 50 लाख रुपए देने की घोषणा की

रायपुर कोई भी देश तभी मजबूत रह सकता है जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परंपराओं में है। सनातन परंपरा हमें वसुधैव कुटुम्बकं की सीख देती है और देशभक्ति का पाठ पढ़ाती है। अपने देश और राज्य की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है कि हम अपनी युवा पीढ़ी को भी सनातन परंपरा के वही संस्कार प्रदान करें जो हमें अपने शिक्षकों और अभिभावकों से मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के समीप ग्राम कंगोली में वेदमाता गायत्री महाविद्यालय के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सनातन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह मंत्र हमें सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करता है। विद्या भारती संस्थान में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा के साथ-साथ देशभक्ति के संस्कार भी दिए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि मानव जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है और इसी ध्येय के साथ प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम जैसी उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में 341 पीएम स्कूल स्थापित किए गए हैं जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान करने नालंदा परिसर भी बड़े शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्याभारती संस्था के विकास के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग ने विद्याभारती संस्था के प्रदेश में स्थित विभिन्न संस्थाओं के विकास के लिए सांसद निधि से हर वर्ष एक करोड़ रूपए दिए जाने तथा जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह ने जगदलपुर स्थित संस्था के विकास के लिए 10 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदाय करने की घोषणा की। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख राजबहादुर सिंह राणा, संस्थान के महामंत्री नरेन्द्र तनेजा एवं रामदत्त चक्रधर ने संस्था के उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित यज्ञ में सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधानपूर्वक आहुति दी और बस्तर सहित प्रदेशवासियों की प्रगति व खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने प्रांगण में सागौन के पौधे रोपे। इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के आचार्यगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे। recent visitors 68

यूका के कचरे का पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध, पीथमपुर और सागौर में आज शहर बंद का ऐलान

महू-पीथमपुर पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध दिन पर दिन तेज हो रहा है। गुरुवार तड़के कचरा पहुंचने के बाद विरोध में अब एकता नजर आने लगी है। साथ ही विरोध के स्वर भी मुखर हो रहे हैं। पीथमपुर के छत्र छाया गेट के सामने प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम करने का प्रयास भी किया। गुरुवार को विरोध रैली के बाद शुक्रवार को पीथमपुर बंद का आह्वान किया गया था। जिसके चलते शुक्रवार सुबह से ही पूरा पीथमपुर बंद है। सभी बाजार, मोहल्ले व मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बंद के समर्थन में पीथमपुर के उद्योगों ने भी अपने उद्योग बंद कर दिए हैं। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा नष्ट करने के लिए पीथमपुर लाया गया है। जिसे रामकी एनवायरो कंपनी में नष्ट किया जाएगा। इसे लेकर पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पीथमपुर में लोगों और विभिन्न संगठनों ने कचरा यहां जलाए जाने के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। करीब 40 युवा तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इधर, पीथमपुर बचाओ समिति ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का ऐलान किया गया है। स्थानीय नेताओं बंद के समर्थन के लिए घर-घर जाकर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का विरोध करने वाले लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों के साथ बैठक की है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेरी सीएम से बात हुई है। सरकार जवाबदेही से काम कर रही हैं। पहले भी हुआ था चक्काजाम करने का प्रयास इसके साथ ही पुलिस भी पूरे पीथमपुर के हर क्षेत्र में नजर बनाए रखी हुई है। शुक्रवार को दो तीन जगह विरोध के रूप में कुछ लोगों ने चक्काजाम करने का प्रयास किया था। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के कारण चक्काजाम का प्रयास सफल नहीं रहा। सभी छोटी से लेकर बड़ी दुकानें व होटलें भी पीथमपुर में बंद हैं। इसी तरह सागौर में भी सुबह से ही सभी व्यापार व दुकानें बंद रहीं। विरोध शांतिपूर्ण रूप से हो इसके लिए पीथमपुर में हर जगह पर पुलिस तैनात की गई है।   सीएम बोले- यूनियन कार्बाइड के कचरे पर राजनीति न करें इससे पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सारे सुझावों के बाद हमने भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर भिजवाया है। इस घटना को 40 साल हो चुके हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से कई सारी आशंकाओं का अपने आप में उत्तर मिल जाता है। इसलिए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- recent visitors 46