प्रधानमंत्री मोदी का कश्मीर की संस्कृति और भाषाओं को लेकर विशेष ध्यान है, बदल सकते है कश्मीर का नाम: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को 'J&K and Ladakh Through the Ages' पुस्तक के विमोचन के दौरान कहा कि कश्मीर का नाम कश्यप से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कश्मीर में भारत की संस्कृति की नींव पड़ी थी, और यहां सूफी, बौद्ध और शैल मठों ने बहुत अच्छा विकास किया। अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने कश्मीरी, डोगरी, बालटी और झंस्कारी भाषाओं को सरकारी स्वीकृति दी है, जिससे कश्मीर की छोटी-छोटी भाषाएं जीवित रह सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का कश्मीर की संस्कृति और भाषाओं को लेकर विशेष ध्यान है। गृह मंत्री ने धारा 370 और 35ए के बारे में भी बात की, जिनका उद्देश्य देश को बांटने और कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए था। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने इन धाराओं को हटाकर कश्मीर में विकास के रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि इन धाराओं के कारण आतंकवाद पनपा था, लेकिन इनकी समाप्ति के बाद अब कश्मीर में शांति बढ़ी है। अमित शाह ने कहा कि कश्मीर का इतिहास अब इस पुस्तक के जरिए प्रमाणित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत का इतिहास और संस्कृति पूरे देश में फैली हुई है, और कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा, और इस पुस्तक में इसके ऐतिहासिक प्रमाण दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर में जो मंदिर पाए गए हैं, वे भारत और कश्मीर के बीच अटूट संबंधों को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास कभी भी लुटियन दिल्ली से नहीं लिखा जा सकता, उसे वास्तविकता को समझकर और प्रमाणों के आधार पर लिखा जाना चाहिए। अमित शाह ने अंत में कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसकी सीमाएं सांस्कृतिक परंपरा के आधार पर तय होती हैं, और दुनिया में कोई भी देश हमें भू-राजनीतिक नजरिए से परिभाषित नहीं कर सकता। भारत की एकता और अखंडता की ताकत उसकी संस्कृति में निहित है। recent visitors 91

इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा, मुख्यमंत्री ने बैठक में दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास का विजन डॉक्यूमेंट (रोडमैप) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी विधायक क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ जन समस्याओं के निराकरण को लेकर जन-संवाद करें। जनकल्याण अभियान के मिल रहे परिणामों का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जरूरी है कि जनता के बीच जाएं, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याएं जानें और निराकरण के लिए तुरन्त कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं वृहद् निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्र से वर्चुअली सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्री एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गाँव में रात्रि विश्राम करें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वुर्चअली जुड़े मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकाधिक फील्ड दौरे करें। जन-प्रतिनिधि, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ दूरस्थ गाँव (विशेषकर जनजातीय ग्राम) में रात्रि विश्राम करें। वहां ग्रामीणों से बात करें, उनकी कठिनाईयों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने दिन-ब-दिन बढ़ती सर्दी के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें। जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म वस्त्र प्रदाय करें। किसी को भी सर्दी से कठिनाई न होने पाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विधायक यदि चाहें, तो कोई नवाचार भी कर सकते हैं। ऐसी नवाचारी गतिविधियों को अमल में लाएं, जिससे जनता को अधिकतम लाभ हो। उन्होंने कहा कि अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव जिलेवार समीक्षा बैठक करेंगे। इससे सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख मांगों एवं संवदेनशील विषयों को रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स अब विधानसभावार समीक्षा बैठक करें। जिले के सभी विधायकों से चर्चा करें और उनके विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट बनाने में सहयोग भी करें। पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूल का निर्माण पूरा कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज स्कूलों के निर्माण की समीक्षा में कहा कि पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूलों का जितना भी निर्माण कार्य अभी शेष है, पहले उन्हें विशेष प्राथमिकता से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नये सीएम राइज स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव लिये जाए। ताप्ती-चिल्लूर वृहद परियोजना की पूर्णता के लिये महाराष्ट्र सरकार से करेंगे चर्चा जल संसाधन विभाग की समीक्षा में खंडवा जिले की ताप्ती-चिल्लूर वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर खंडवा जिले के हरसूद से विधायक एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री से इस परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई, तो वे स्वयं महाराष्ट्र शासन से भी इस परियोजना के संबंध में चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 26 हजार 279 करोड़ रूपए लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र के 81 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में फसल सिंचाई एवं वाटर रिचार्जिंग की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जल जीवन मिशन के कामों में तेजी लाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर संभाग में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। जल जीवन मिशन सीधा जनता से जुड़ा अभियान है। यदि इस अभियान के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो आपसी संवाद एवं समन्वय से उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि वे 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया गया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अधीन जिलों में नल-जल योजना के अंतर्गत खोदी गई 3205.83 कि.मी. रोड के विरूद्ध अब तक 3166.81 कि.मी. रोड का रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष रोड का रेस्टोरेशन कार्य पाइप लाईन की टेस्टिंग के बाद पूरा कर लिया जाएगा। इंदौर-उज्जैन के वर्तमान फोरलेन को बनाया जाएगा सिक्स लेन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन के फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि इस काम के लिए निर्माण एजेंसी से अनुबंध कर लिया गया है। तय निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के अनुसार प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां भी तेजी से संचालित की जा रही है। इंदौर सांसद ने इंदौर-देपालपुर मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी।  recent visitors 148

सुशासन के जरिए लोक कल्याण ही सरकार का मूल ध्येय है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन के जरिए लोक कल्याण ही सरकार का मूल ध्येय है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हमारे प्रयासों का अधिकतम लाभ जनता को ही मिले। राज्य सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। जनता के कल्याण के लिए हम दिन-रात काम करेंगे। सरकार इस काम से कभी पीछे नहीं हटेगी। हम अपनी ऊर्जा का अधिकतम उपयोग जनकल्याण के लिए करेंगे। जनता की शत-प्रतिशत संतुष्टि ही हमारा पुण्य फल और पारितोषिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को नर्मदापुरम संभाग में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने में सरकार को समुचित सहयोग भी करें। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, वरिष्ठ विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा, विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, विधायक श्री विजय पाल सिंह सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने बैठक में वर्चुअली सहभागिता की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्री एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। जनहित के कार्यों में विशेष रूचि लें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे जनता से जुड़े कार्यों को पूरा कराने में विशेष रूचि लें। सुशासन के जरिए ही जनता का सरकार पर भरोसा कायम रहता है। हम अपने क्षेत्र में सुशासन के जरिए जनकल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सभी विधायक अपने संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के 5-5 प्रमुख बड़े निर्माण कार्यों सहित अन्य प्रस्ताव लिखित में दें। सरकार सभी निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराएगी और प्रस्तावों पर समुचित निर्णय लेगी। जनकल्याण अभियान से जुड़े, पात्र हितग्राहियों को दिलाएं लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम संभाग क्षेत्र के विधायकों से गत 11 दिसम्बर 2024 से चल रहे जनकल्याण अभियान के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि यह जनता के कल्याण का अभियान है, जो जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के बगैर पूरा नहीं हो सकता। जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाएं और उनसे अभियान के उद्देश्यों और लक्ष्यों के बारे में व्यक्तिश: जानकारी लें। प्रयास करें कि सभी पात्र हितग्राहियों को अभियान का लाभ मिले। यदि किसी समस्या के कारण हितग्राही को हितलाभ देने में कठिनाई आ रही है, तो कलेक्टर, कमिश्नर या शासन स्तर से मार्गदर्शन लेकर उसका निराकरण कराएं। विजन डाक्यूमेंट भेजें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन विधायकों ने अब तक अपनी विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट (विकास का रोडमैप) तैयार नहीं किया है, वे जल्द से जल्द डाक्यूमेंट तैयार कर उन्हें (मुख्यमंत्री सचिवालय को) भेज दें। सरकार प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विजन डाक्यूमेंट पर गंभीरता से काम कर रही है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की सफलता पर मुख्यमंत्री का आभार जताया बैठक में वर्चुअली जुड़े जनप्रतिनिधियों ने नर्मदापुरम में गत माह 7 दिसम्बर को सम्पन्न हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव पर हर्ष जताया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार माना। नर्मदापुरम के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आगामी नर्मदापुरम प्रवास पर मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। विधायकों से वन-टू-वन चर्चा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायकों से भी वन-टू-वन चर्चा की। विधायक सोहागपुर की ओर से माखननगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन कर यहां 50 बेड स्वीकृत करने का आग्रह प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तहसील बनखेड़ी में शासकीय आईटीआई केन्द्र खोले जाने की मांग पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारियों को इस पर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। सोहागपुर विधायक द्वारा एसडीएम कार्यालय सोहागपुर एवं माखन नगर के साथ अन्य विभागों के नवीन कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर करने की मांग रखी गई। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव राजस्व को समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। recent visitors 75

सौरभ शर्मा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी, गिरफ्तारी की तैयारी, प्रॉपर्टी हो जाएगी जब्त

भोपाल लोकायुक्त छापे के 14 दिन बाद भी पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचा है। स्वजन ने बताया था कि वह दुबई में है। उसके विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर भी जारी है, फिर भी उसके नहीं आने की स्थिति में आगे की कार्रवाई के संबंध में अब लोकायुक्त पुलिस विधिक सलाह ले रही है। इसमें उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने से लेकर न्यायालयीन आदेश से संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की तैयारी है। अभी तक सिर्फ सौरभ की मां उमा शर्मा ने बयान दर्ज कराए हैं। पत्नी के साथ दुबई गया था छापे के दौरान सौरभ के स्वजन ने पुलिस को बताया था कि वह कार्रवाई के दो दिन पहले ही पत्नी दिव्या के साथ दुबई गया है। सूत्रों का कहना है कि उसका 21 दिसंबर को वापसी का टिकट था। इसके पहले ही 18 दिसंबर को सौरभ के आवास और कार्यालय में पुलिस ने छापा डाला था। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा सौरभ, उसके करीबी चेतन गौर, शरद जायसवाल, पत्नी दिव्या शर्मा और मां उमा शर्मा से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था। आयकर विभाग की मांग पर एक सप्ताह पहले उसके विरुद्ध पिछले लुकआउट सर्कुलर भी जारी है। साले को गिफ्ट किया साढ़े 3 करोड़ का घर जबलपुर के शास्त्री नगर स्थित रोहित तिवारी के घर पर कुछ दिनों पहले ईडी ने कार्रवाई की थी। रोहित सौरभ का साला है। सौरभ के खिलाफ करोड़ों की अवैध संपत्ति का मामला सामने आया था, जिसके बाद से उसके रिश्तेदारों के यहां पर भी छापामार कार्रवाई चली। कहा यह भी जा रहा है कि रोहित का जो उमा निवास बना है वह सौरभ शर्मा ने उसे गिफ्ट किया था। जिसकी कीमत लगभग 3.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। लाल डायरी पर पूर्व मंत्री भार्गव बोले- 'मेरा तो नाम नहीं होगा' सौरभ के घर से एक डायरी बरामद हुई है। डायरी में कई मंत्रियों के नाम कोड वर्ड में हैं। ऐसे में कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की संभावना है। इस पर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि मेरा नाम तो नहीं होगा। बता दें कि जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि शर्मा घर से एक लाल डायरी मिली है, जिसमें कई मंत्रियों के नाम हैं।  पुलिस नहीं पता कर पाई सौरभ कहा है इससे एयरपोर्ट या बंदरगाह पर पहुंचते ही उसे पकड़ा जा सकेगा। लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि संभवत: सौरभ भारत आ गया है। इसके बाद भी पुलिस पुख्ता तौर पर यह पता नहीं कर पाई है कि वह कहां है। सौरभ के करीबी शरद जायसवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन कर अतिरिक्त समय मांगा है। चेतन गौर ने भी आयकर व ईडी में बयान दर्ज करा दिए हैं, पर लोकायुक्त पुलिस से दूरी बना रखी है। जानें कब तक जांच एजेंसियों को क्या-क्या मिला  ईडी भोपाल ने सौरभ शर्मा और अन्य मामले में मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जिलों में स्थित विभिन्न परिसरों में पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 27 दिसंबर 24 को तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ से अधिक की सावधि जमा के रूप में चल संपत्ति भी मिली है।  25.87 करोड़ रुपए मिले कैश  सौरभ शर्मा के परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपए से अधिक का बैंक बैलेंस और 50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए थे। 23 करोड़ रुपए नकदी बरामद किए गए हैं। लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर से 2 करोड़ 87 लाख नगद जब्त बरामद किए थे। अब इंडी ने 23 करोड़ रुपए नकद बरामद होने के बाद सौरभ शर्मा के पास से कुल बरामद कैश की कीमत बढ़कर 25 करोड़ 87 लाख हो गई है। आईटी टीम ने कार से जब्त किया था 52 किलो सोना, 10 करोड़ नगदी गौरतलब है कि मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बीते दिनों सौरभ शर्मा के ठिकानों से 234 किलो चांदी और करोड़ों रुपए कैश बरामद किए थे. इसके बाद सौरभ के सहयोगी की कार से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे. फिलहाल सौरभ शर्मा फरार है. भोपाल जिला न्यायालय में सौरभ शर्मा के वकील ने अग्रिम जमानत अर्जी लगाई, जिसे खारिज कर दी गई. सौरभ के वकील अब उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में हैं. recent visitors 150

‘गढ़चिरौली जल्द होगा नक्सली प्रभाव से मुक्त’, 11 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सीएम देवेंद्र फडणवीस के सामने डाले हथियार

गढ़चिरौली  महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष सीनियर कैडर विमला चंद्र सिदम उर्फ तारक्का समेत कुल 11 नक्सलियों ने  सरेंडर कर दिया. इन सभी नक्सलियों के सिर पर 1.03 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम रखा गया था. ये सभी सुरक्षा कर्मियों पर हमले करने में शामिल थे. सीएम के सामने सरेंडर करने वाले माओवादियों में सबसे प्रमुख दंडकारण्य जोनल कमेटी का सदस्य विमला चंद्र सिदम उर्फ तारक्का है. विमला पिछले 38 सालों से नक्सलवादी आंदोलन में शामिल था. सीएम फडणवीस ने नक्सल विरोधी अभियानों में बहादुरी के लिए C-60 कमांडो और अधिकारियों को सम्मानित भी किया. उन्होंने कहा कि हथियार डालने वाले माओवादियों की संख्या में वृद्धि और भर्ती करने में आंदोलन में विफलता को देखते हुए महाराष्ट्र जल्द ही नक्सल खतरे से मुक्त हो जाएगा. उन्होंने कहा, "गढ़चिरौली पुलिस ने जिले में नक्सली गतिविधियों को लगभग खत्म कर दिया है. उत्तरी गढ़चिरौली अब माओवादी गतिविधियों से मुक्त है और दक्षिणी गढ़चिरौली जल्द ही नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा." मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ सालों में कई खूंखार नक्सलियों को या तो मार गिराया गया या गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि, माओवादी कैडर आंदोलन से खुद को अलग कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसकी खोखली विचारधारा का एहसास हो गया है. मुख्यमंत्री ने कहा, "उन्हें यकीन है कि, उन्हें संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से ही न्याय मिलेगा." उन्होंने कहा कि, भारत विकास में बड़ी छलांग लगा रहा है और माओवाद खत्म हो रहा है. इससे एक दिन पहले फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि, गढ़चिरौली जिले के दूरदराज के इलाकों में नक्सलियों का प्रभुत्व कम हो रहा है और नक्सलवाद अपने अंत के करीब है. उन्होंने कहा कि सरकार ने माओवादियों के प्रभुत्व को खत्म करके गढ़चिरौली को "पहला जिला" बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि, गढ़चिरौली को अक्सर महाराष्ट्र का आखिरी जिला कहा जाता है क्योंकि यह राज्य की पूर्वी सीमा पर है. फडणवीस ने अपने दौरे के दौरान जिले में 32 किलोमीटर लंबी गट्टा-गरदेवाड़ा-वांगेतुरी सड़क और वांगेतुरी-गरदेवाड़ा-गट्टा-अहेरी मार्ग पर महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बस सेवा का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़चिरौली सरकार के लिए अंतिम नहीं, बल्कि 'पहला जिला' है. उन्होंने कहा कि, आज उद्घाटन किया गया सड़क संपर्क महाराष्ट्र को सीधे छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा. फडणवीस ने नक्सलवाद के खिलाफ उनके काम के लिए गढ़चिरौली पुलिस की सराहना की. उन्होंने कहा कि, लोग अब नक्सलियों का समर्थन नहीं करते हैं. अब कोई भी व्यक्ति गैरकानूनी आंदोलन में शामिल होने को तैयार नहीं है जो "बहुत महत्वपूर्ण" है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने गट्टा-गरदेवाड़ा-तोड़गट्टा-वांगेतुरी सड़क और ताड़गुडा पुल का हवाई निरीक्षण किया. फडणवीस ने कोंसारी में लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के विभिन्न विभागों का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "राज्य सरकार पिछले दस सालों से गढ़चिरौली को बदलने की कोशिश कर रही है ताकि आम आदमी को मुख्यधारा में लाया जा सके और इस जिले से नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके." उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व और गढ़चिरौली पुलिस और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की बदौलत पिछले चार सालों में माओवादी गढ़चिरौली में एक भी कैडर की भर्ती करने में विफल रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि, खनन से जुड़े उपक्रमों में गढ़चिरौली जिले में 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि, निकट भविष्य में गढ़चिरौली में एक हवाई अड्डा बनेगा और गढ़चिरौली बंदरगाहों को जोड़ने वाले जलमार्गों का भी सर्वेक्षण किया जाएगा. recent visitors 97

जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

विधान सभावार विजन आधारित तैयार करें रोडमैप – मुख्यमंत्री डॉ.यादव जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद रैन बसेरों का निरीक्षण करें विधानसभा वार समीक्षा की जाए इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास का विजन डॉक्यूमेंट (रोडमैप) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी विधायक क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ जन समस्याओं के निराकरण को लेकर जन-संवाद करें। जनकल्याण अभियान के मिल रहे परिणामों का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जरूरी है कि जनता के बीच जाएं, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याएं जानें और निराकरण के लिए तुरन्त कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं वृहद् निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्र से वर्चुअली सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गाँव में रात्रि विश्राम करें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वुर्चअली जुड़े मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकाधिक फील्ड दौरे करें। जन-प्रतिनिधि, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ दूरस्थ गाँव (विशेषकर जनजातीय ग्राम) में रात्रि विश्राम करें। वहां ग्रामीणों से बात करें, उनकी कठिनाईयों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने दिन-ब-दिन बढ़ती सर्दी के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें। जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म वस्त्र प्रदाय करें। किसी को भी सर्दी से कठिनाई न होने पाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विधायक यदि चाहें, तो कोई नवाचार भी कर सकते हैं। ऐसी नवाचारी गतिविधियों को अमल में लाएं, जिससे जनता को अधिकतम लाभ हो। उन्होंने कहा कि अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव जिलेवार समीक्षा बैठक करेंगे। इससे सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख मांगों एवं संवदेनशील विषयों को रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स अब विधानसभावार समीक्षा बैठक करें। जिले के सभी विधायकों से चर्चा करें और उनके विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट बनाने में सहयोग भी करें। पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूल का निर्माण पूरा कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज स्कूलों के निर्माण की समीक्षा में कहा कि पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूलों का जितना भी निर्माण कार्य अभी शेष है, पहले उन्हें विशेष प्राथमिकता से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नये सीएम राइज स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव लिये जाए। ताप्ती-चिल्लूर वृहद परियोजना की पूर्णता के लिये महाराष्ट्र सरकार से करेंगे चर्चा जल संसाधन विभाग की समीक्षा में खंडवा जिले की ताप्ती-चिल्लूर वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर खंडवा जिले के हरसूद से विधायक एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री से इस परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई, तो वे स्वयं महाराष्ट्र शासन से भी इस परियोजना के संबंध में चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 26 हजार 279 करोड़ रूपए लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र के 81 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में फसल सिंचाई एवं वाटर रिचार्जिंग की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जल जीवन मिशन के कामों में तेजी लाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर संभाग में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। जल जीवन मिशन सीधा जनता से जुड़ा अभियान है। यदि इस अभियान के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो आपसी संवाद एवं समन्वय से उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि वे 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया गया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अधीन जिलों में नल-जल योजना के अंतर्गत खोदी गई 3205.83 कि.मी. रोड के विरूद्ध अब तक 3166.81 कि.मी. रोड का रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष रोड का रेस्टोरेशन कार्य पाइप लाईन की टेस्टिंग के बाद पूरा कर लिया जाएगा। इंदौर-उज्जैन के वर्तमान फोरलेन को बनाया जाएगा सिक्स लेन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन के फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि इस काम के लिए निर्माण एजेंसी से अनुबंध कर लिया गया है। तय निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के अनुसार प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां भी तेजी से संचालित की जा रही है। इंदौर सांसद ने इंदौर-देपालपुर मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी। बैठक यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान 6 एक्सप्रेस-वे नियोजित हैं,‍जिसमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, अटल प्रगति पथ और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण प्रगतिरत है। अपने सुझाव परिसीमन आयोग को भी दे सकते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वर्चुअली जुड़े सांसद एवं विधायकों से कहा कि यदि वे क्षेत्रीय आबादी या भौगोलिक स्तर पर जनहित में अपने जिले या तहसील का संभाग या जिला परिवर्तन कराना चाहते हैं, तो वे अपने सुझाव लिखित में राज्य सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग को दे सकते हैं। प्राप्त सुझाव पर परिसीमन आयोग ही अंतिम निर्णय लेगा। बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने के दे दें प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बनाने के मामलों में गंभीर … Read more

यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा कचरे का विनिष्टीकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण की करेंगे सतत निगरानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2015 में किया जा चुका है ट्रायल रन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। कचरे का निष्पादन जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता के सरोकार प्राथमिकता में सबसे ऊपर है, कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई सतत् निगरानी में की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे के 40 वर्ष बीतने के बाद भोपाल में रखा लगभग 337 मीट्रिक टन कचरे का हानिकारक प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि बचे हुए शेष कचरे में 60 प्रतिशत से अधिक केवल स्थानीय मिट्टी, 40 प्रतिशत में 7-नेपथॉल, रिएक्टर रेसिड्यूज और सेमी प्रोसेस्ड पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। इसमें मौजूद 7-नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका विषैला प्रभाव 25 साल में लगभग समाप्त हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मीडिया से चर्चा में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया का केन्द्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे- नीरी (नेशनल इन्वॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट), नागपुर, NGRI (नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट) हैदराबाद, IICT (इंडीयन इंस्टीट्यूट ऑफ केमीकल टेक्नोलॉजी) तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर गहन परीक्षण किया गया है। उनके अध्ययन तथा सर्वोच्च न्यायालय को प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को मार्च, 2013 में दिये गये निर्देशानुसार केरल कोच्चि स्थित हिंदुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड के 10 टन यूनियन कार्बाइड के समान कचरे का परिवहन कर पीथमपुर स्थित TSDF में ट्रायल रन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में किया गया। सफल ट्रायल रन का प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ट्रायल रन के निष्कर्षों के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2014 में यूसीआईएल के 10 मीट्रिक टन कचरे का एक और ट्रायल रन भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की निगरानी में टीएसडीएफ पीथमपुर मे किये जाने के निर्देश दिये। सर्वोच्च न्यायालन ने इस ट्रायल रन की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये थे। निर्देशानुसार अगस्त, 2015 में ट्रायल रन के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की समस्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण को कोई नुकसान नही हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने सभी रिपोर्ट के गहन परीक्षण के पश्चात ही यूसीआईएल के कचरे के निपटान की कार्यवाही को आगे बढ़ाने एवं उन्हें नष्ट करने का निर्देश जारी किया। मुख्य सचिव ने 3 बिन्दुओं पर कराई जांच कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई के संबंध में समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये जा रहे निर्देशों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव ने विस्तृत रूप से तीन बिंदुओं को आधार बनाकर पृथक से जांच कराई। जांच के बिंदु :- आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण, फसल की उत्पादकता पर प्रभाव और क्षेत्रीय जल स्त्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण थे। तीनों बिंदुओं के परीक्षण में यह पाया गया कि यूसीआईएल कचरे के निष्पादन से किसी भी प्रकार के नकारात्मक परिणाम परिलक्षित नहीं हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया को लेकर शासन पूरी तरह से संवेदनशील हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही सभी संबंधित टीमों की सतत् निगरानी में विनिष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।   recent visitors 53