एमपी के लोगों ने धार्मिक स्थलों में जाकर नववर्ष का स्वागत किया, 100000 ओंकारेश्वर और 50 हजार से ज्यादा भोजपुर पहुँचे

भोपाल  मध्यप्रदेश के नागरिकों ने अंग्रेजी नववर्ष का स्वागत धार्मिक स्थलों में जाकर किया हैं। उज्जैन महाकालेश्वर, ओरछा, मैहर, बगलामुखी, ओंकारेश्वर, खजराना-चिंतामन गणेश, भोजपुर जैसे कई मंदिरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल ज्योतिर्लिंग में तो करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। 1 जनवरी के तड़के 3 बजे से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सीएम मोहन पहुंचे हिल स्टेशन पचमढ़ी वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पचमढ़ी में नये वर्ष का आगाज किया। वे मंगलवार को ही हिल स्टेशन पहुंच गए थे। इसे दौरान उन्होंने धूपगढ़ में भी समय बिताया, इसे लेकर उनका वीडियो भी सामने आया है। धार्मिक स्थलों पर भक्तों का लगी भीड़ खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी करीब 1 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। दतिया के पीतांबरा पीठ में माता के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भोपाल के नजदीक स्थित रायसेन जिले के भोजपुर मंदिर में में करीब 50 हजार श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। निवाड़ी जिले के ओरछा में रामराजा के दर्शन के लिए करीब एक लाख लोग पहुंचे। अन्य पर्यटन स्थलों पर भी दिखी भीड़ मैहर जिले के मां शारदा के दरबार में नए साल के पहले दिन देवी दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां पर वन विहार नेशनल पार्क, अरेरा हिल्स पहाड़ी स्थित शौर्य स्मारक, सैर सपाटा, म्यूजियम, बोट क्लब, और लेक व्यू में लोग परिवार समेत पहुंचे। recent visitors 62

मालामाल हुए निवेशक, सेंसेक्स 1436 अंक चढ़ा, निफ्टी 24150 के ऊपर हुआ बंद, हरे निशान में रहा सभी सेक्टर

मुंबई  बाजार में नए साल के साथ ही रौनक लौट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी में आज 2 जनवरी को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी रही। दोनों इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक उछलकर कारोबार कर रहे हैं। दोपहर 2 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स जहां करीब 1,400 अंक बढ़कर 79,900 के स्तर पर चला गया। वहीं निफ्टी 440 अंकों की उड़ान भरकर 24,150 के पार चला गया। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली। सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ निफ्टी वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोश देखने को मिला और सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ। मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी रही जबकि BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स में खरीदारी रही। वहीं ऑटो , IT शेयरों में अच्छी तेजी रही जबकि बैंकिंग, PSE, तेल-गैस इंडेक्स बढ़त पर बंद हुआ। मेटल, रियल्टी इंडेक्स में तेजी रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1436.30 अंक यानी 1.83 फीसदी की बढ़त के साथ 79,943.71 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 445.75 अंक यानी 1.88 फीसदी की बढ़त के साथ 24,188.65 के स्तर पर बंद हुआ। Bajaj Finserv, Eicher Motors, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Shriram Finance निफ्टी का टॉप गेनर रहा। वहीं Britannia Industries, Sun Pharma निफ्टी का टॉप लूजर रहा। वहीं बीएसई का मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर देखें तो सभी सेकटर हरे निशान में बंद हुआ। आईटी इंडेक्स 2 फीसदी और ऑटो इंडेक्स 3.5 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ।  मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें शेयर बाजार की इस शानदार तेजी के पीछे कई 4 बड़ी वजहें रहीं- 1. शानदार GST कलेक्शन दिसंबर महीने में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो कंज्मप्शन गतिविधियों में तेजी को दिखाता है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है। KPMG के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, "मजबूत जीएसटी कलेक्शन स्थिर मांग और इकोनॉमी की अच्छी सेहत को दिखाता है।" निफ्टी अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, जिससे बाजार की तेजी को सपोर्ट मिला है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा, "23,770 का स्तर पार करने के बाद, कंसॉलिडेशन की उम्मीद थी। अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर बना रहता है, तो यह 24,025 तक जा सकता है।" उन्होंने कहा कि हालांकि अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन इस स्तर पर गिरावट की संभावना कम ही दिखती है। 3. अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद शेयर बाजार को कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है। हाल ही में ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर से अच्छे कारोबारी अपडेट देखने को मिली थे।मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और CSB बैंक जैसी कंपनियों के बिजनेस अपडेट को देखकर अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीदें और बढ़ी हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि लक्जरी खपत वाले सेक्टर, जैसे ज्वेलरी और हॉस्पिटैलिटी, भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। 4: आईटी सेक्टर की उछाल पिछले 2 दिनों से शेयर बाजार में जारी तेजी में सबसे अहम योगदान आईटी शेयरों का है। आज 2 जनवरी को भी आईटी इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की उछाल आई। सीएलएसए और सिटी दोनों का का कहना है कि स्थिर मांग और रुपये में गिरावट के चलते दिसंबर तिमाही में आईटी कंपनियों की ग्रोथ बेहतर रह सकती है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइसप्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, "कंसॉलिडेशन का दूसरा सप्ताह बताता है कि यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। ट्रेडर्स को मजबूत मोमेंटटम दिखाने वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर फार्मा और FMCG सेक्टर में।" recent visitors 83

पीथमपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच आज से यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाया जाएगा

 पीथमपुर  भोपाल से यूनियन कार्बाइड का 337 जहरीला कचरा लेकर 12 कंटेनर गुरुवार अल सुबह पीथमपुर की रामकी कंपनी पहुंचे। आज से ही कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्थानीय आमजन के विरोध के चलते यहां कड़ी सुरक्षा इंतजाम के बीच यह प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से अंजाम देने की तैयारी की गई है। परीक्षण के तौर पर पहले 90 किलोग्राम, 180 किलोग्राम और फिर 270 किलोग्राम कचरे को भस्मक में जलाकर देखा जाएगा। इस दौरान विज्ञानियों द्वारा जो मात्रा उचित निष्पादन के लिए मान्य होगी, उसी के आधार पर इसे जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन दिन का समय लगेगा। 2015 में भी यहां जलाया गया था कचरा बता दें कि पीथमपुर स्थित भस्मक में 13 अगस्त 2015 को भी यूनियन कार्बाइड से 10 टन जहरीले कचरा निस्पादन के लिए भेजा गया था। तब परीक्षण के तौर पर तीन दिन जलाया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रायल रन के दौरान भस्मक में हर घंटे 90 किलो कचरा जलाया गया था। इसी ट्रायल रन रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय ने जहरीले कचरे का निपटान पीथमपुर में करने के निर्देश दिए हैं। ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाया गया भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा 250 किमी का ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाया गया। पूरे रास्ते में जगह-जगह पुलिस तैनात रही। जहरीले कचरे से भरे 12 कंटनरों के साथ फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित पुलिस के वाहन भी चल रहे थे। इस तरह टोटल 18 गाड़‍ियां चल रही थीं। पीथमपुर में जारी है विरोध पीथमपुर के रामकी कंपनी में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का लगातार विरोध चल रहा है। आज शहर में इसके विरोध में रैली भी निकाली जाएगी। शुक्रवार को शहर बंद रखने की अपील की गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि जहरीला कचरा जलाए जाने से शहर के लोगों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। रखने के लिए बनाया 25 फीट से ऊंचा प्लेटफार्म पीथमपुर रामकी कंपनी में कचरे का वजन किया जाएगा। इसके बाद यहां जमीन से 25 फीट ऊंचे बनाए गए लकड़ी के प्लेटफार्म पर रखा जाएगा, जिससे यह कचरा पानी, हवा किसी के भी संपर्क में न आ सके। परीक्षण के बाद विज्ञानियों की टीम तय करेगी कि कचरे को कितने तापमान पर और कितनी मात्रा में जलाया जाए। यदि 90 किलोग्राम वाला परीक्षण सफल होता है तो करीब पांच महीने का समय लगेगा और यदि 270 किलोग्राम सफल हुआ तो इसे खत्म करने में 51 दिन का समय लगेगा। ऐसे पैक किया गया जहरीला कचरा जहरीला कचरा भरते हुए विशेष सावधानी बरती गई। फैक्ट्री में तीन जगह एयर क्वालिटी की निगरानी के लिए उपकरण लगाए गए। इनसे पीएम 10 और पीएम 2.5 के साथ नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड की जांच की गई। कचरा जिस स्थान पर रखा था, उस इलाके की धूल भी कचरे के साथ कंटेनरों के जरिये भेजी गई है। जिन जंबो बैग में पैक किया गया, वह एचडीपीई नान रिएक्टिव लाइनर के बने हैं। इसके मटेरियल में कोई रिएक्शन नहीं हो सकता है। ऊंचाई पर रखा जाएगा कचरा     पीथमपुर रामकी कंपनी में अतिसुरक्षित साइट पर कचरे को जमीन व पानी से दूर ऊंचाई पर रखा जाएगा। यहां विज्ञानियों द्वारा इसका अलग-अलग भार में परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जल्द ही इसके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। – स्वतंत्र कुमार सिंह, संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग, भोपाल   recent visitors 51

सरकार ने निशानेबाज मनु भाकर को खेल रत्न से नवाजा, शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश को भी खेल रत्न पुरस्कार मिला

नई दिल्ली भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर को भारी बवाल के बाद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इससे पहले जब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नामों की घोषणा की गई थ तो मनु भाकर का नाम उसमें शामिल नहीं था। इसे लेकर मनु भाकर के पिता ने निराशा भी जाहिर किया था। इसके बाद मनु भाकर को खेल रत्न देने की घोषणा की गई है। खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 का एलान गुरुवार को कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 17 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में विजेताओं को सम्मानित करेंगी। मनु और गुकेश के अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरालंपियन प्रवीण कुमार को भी खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। खेल मंत्रालय ने बयान में कहा, समिति की सिफारिशों और सरकार की जांच के आधार पर खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालयों को पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद, सरकार ने निम्न खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है.  इन ख‍िलाड़‍ियों को म‍िला ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2024  1. गुकेश डी (शतरंज) 2. हरमनप्रीत सिंह (हॉकी) 3. प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स) 4. मनु भाकर (शूटिंग) मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में पहले 10 मीटर एयर पिस्टल में पोडियम पर जगह बनाई और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर मिश्रित टीम में दूसरा कांस्य पदक जीता. इस तरह वह खेलों के इस महाकुंभ के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं. डी गुकेश शतरंज के इतिहास में सबसे युवा विश्व चैम्पियन बने. 2024 में चेन्नई के 18 वर्ष के गुकेश के रूप में एक नया रोलमॉडल सामने आ गया है.सिंगापुर में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन को हराकर वह विश्व चैम्पियन बने. 14 दौर के खिताबी मुकाबले से पहले ही गुकेश को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, जिससे दबाव बनना लाजमी था. तीसरे, 11वें और 14वें दौर में जीत दर्ज करके ने विश्व चैम्पियन का खिताब जीता.  पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने साबित कर दिया कि टोक्यो खेलों में मिला कांसा कोई तुक्का नहीं था.हरमनप्रीत ने पेरिस ओलंपिक में 10 गोल दागे जिसके दम पर उन्हें तीसरी बार एफआईएच वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिला. देखें क‍िन्हें म‍िले अर्जुन पुरस्कार 1. ज्योति याराजी (एथलेटिक्स) 2. अन्नू रानी (एथलेटिक्स) 3. नीतू (मुक्केबाजी) 4. स्वीटी (मुक्केबाजी) 5. वंतिका अग्रवाल (शतरंज) 6. सलीमा टेटे (हॉकी) 7. अभिषेक (हॉकी) 8. संजय (हॉकी) 9. जरमनप्रीत सिंह (हॉकी) 10. सुखजीत सिंह (हॉकी) 11. राकेश कुमार (पैरा तीरंदाजी) 12. प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स) 13. जीवनजी दीप्ति (पैरा एथलेटिक्स) 14. अजीत सिंह (पैरा एथलेटिक्स) 15. सचिन सरजेराव खिलारी (पैरा एथलेटिक्स) 16. धरमबीर (पैरा एथलेटिक्स) 17. प्रणव सूरमा (पैरा एथलेटिक्स) 18. एच होकाटो सेमा (पैरा एथलेटिक्स) 19. सिमरन जी (पैरा एथलेटिक्स) 20. नवदीप (पैरा एथलेटिक्स) 21. नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन) 22. तुलसीमथी मुरुगेसन (पैरा बैडमिंटन) 23. नित्या श्री सुमति सिवान (पैरा बैडमिंटन) 24. मनीषा रामदास (पैरा बैडमिंटन) 25. कपिल परमार (पैरा जूडो) 26. मोना अग्रवाल (पैरा शूटिंग) 27. रुबीना फ्रांसिस (पैरा शूटिंग) 28. स्वप्निल सुरेश कुसाले (शूटिंग) 29. सरबजोत सिंह (शूटिंग) 30. अभय सिंह (स्क्वैश) 31. साजन प्रकाश (तैराकी) 32. अमन (कुश्ती) खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार (आजीवन) 1. सुच्चा सिंह (एथलेटिक्स) 2. मुरलीकांत राजाराम पेटकर (पैरा-तैराकी)  द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी) 1. सुभाष राणा (पैरा-शूटिंग) 2. दीपाली देशपांडे (शूटिंग) 3. संदीप सांगवान (हॉकी) द्रोणाचार्य पुरस्कार (आजीवन श्रेणी) 1. एस. मुरलीधरन (बैडमिंटन) 2. अर्मांडो एग्नेलो कोलाको (फुटबॉल) राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 1. फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी 2024 1 चंडीगढ़ विश्वविद्यालय (ओवरऑल विनर यूनिवर्सिटी) 2. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, (1st रनर-अप यूनिवर्सिटी) 3. गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर (सेकेंड रनर अप यूनिवर्सिटी) recent visitors 73

मध्य प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप, कोहरे की चादर में लिपटे कई शहर, जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सुबह और शाम ही नहीं बल्कि दोपहर में भी हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में फिलहाल बर्फबारी हो रही है और वहां से बर्फीली हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इनकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मध्य प्रदेश के तापमान में आ रही है गिरावट का यह दौर फिलहाल जारी रहने वाला है। बर्फीली हवाओं ने प्रदेश का अधिकांश हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। अब बचे हुए जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में जैसे ही बारिश का दौर खत्म हुआ है, वैसे ही कई शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में 6.1 डिग्री सेल्सियस देखा गया। इसके अलावा राजधानी भोपाल, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम, सतना, उज्जैन, उमरिया, शिवपुरी, बालाघाट, रायसेन, रीवा, नौगांव, गुना जैसे शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक कोहरे और शीतलहर का दौर देखने को मिलेगा। लगातार गिर रहा तापमान फिलहाल हिमाचल प्रदेश लद्दाख उत्तराखंड और जम्मू जैसे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। यहां से आ रही बर्फीली हवाएं प्रदेश के तापमान में गिरावट का कारण बन रही हैं। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक हवा की रफ्तार तेज होगी जिससे ठंड का असर ज्यादा बढ़ जाएगा। जनवरी के 20 से 22 दिन शीतलहर और कोल्ड डे में गुजरने वाले हैं। यहां शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर सहित 19 जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है। मुरैना, दतिया, सागर, भिंड, राजगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, उमरिया, दमोह और कटनी में भी शीतलहर चलेगी। आज सुबह से कई जिले घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं। recent visitors 63

Bhopal को 40 साल बाद मिली जहरीले कचरे से बड़ी राहत, कड़ी सुरक्षा में पहुंचा पीथमपुर

भोपाल  राजधानी भोपाल से 40 साल बाद आखिरकार जहरीला कचरा बाहर निकल ही गया। 12 कंटेनर जहरीला कचरा लेकर धार जिले के पीथमपुर के लिए निकलने की खबर है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह जहरीला अपशिष्ट कचरा भोपाल से पीथमपुर के लिए रवाना हुआ है। इस कचरे को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर भेजा जा रहा है। कंटेनर के साथ एम्बुलेंस, पुलिस और फायर दमकलें चल रही हैं। 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा भोपाल की यूनियन कार्बाइड (यूका) फैक्ट्री के गोदाम में 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा रखा था। अफसरों के अनुसार कंटेनर उस समय रवाने किए जा रहे हैं जब सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं रहेगा। गौरतलब है कि इस जहरीले कचरे को भोपाल की यूनियन कार्बाइड से पीथमपुर ले जाने की तैयारी रविवार दोपहर से शुरू हुई थी। 12 कंटेनर में लोड किया गया जहर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के इस जहर ने सैकड़ों लोगों की जान ली थी। उस दर्द को लोग आज भी नहीं भुला पाए हैं। प्रशासन के द्वारा लंबे समय के बाद इसे हटाने के लिए आखिरकार काम किया गया है। इसे सावधानी के साथ 12 कंटेनरों में लोड किया गया है। एक कंटेनर में 30 टन कचरा जानकारी के अनुसार एक कंटेनर में औसत रूप से 30 टन कचरा भरा गया है। 200 से ज्यादा मजदूरों ने इसे अलग-अलग शिफ्ट में कंटेनर में लोड किया है। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। वहीं सरकार ने भी प्रक्रिया को पूरा करने में हर प्रकार की सावधानी रखी। कचरा हटाने के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पीथमपुर भेजे जा रहे कचरे को रामकी एनवायरो में जलाया जाएगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस कचरे को 6 जनवरी तक हटाने के निर्देश दिए थे। अब 3 जनवरी को सरकार को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी। भोपाल से पीथमपुर तक करीब 250 किलो मीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है। कार्रवाई का पीथमपुर में हुआ विरोध पीथमपुर में इस कचरा को जलाने के विरोध में 10 से ज्यादा संगठनों ने 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का आह्वान किया है। कई संगठनों का कहना है, भोपाल का कचरा अमेरिका भेजा जाए। वहीं पीथमपुर बचाओ समिति 2 जनवरी को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की तैयारी में है। कब और कैसे लीक हुई थी जहरीली गैस 1984 में 2-3 दिसंबर की रात यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट लीक हुई थी, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 5 लाख से अधिक लोग इसकी जद में आ गए थे. यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से निकली गैस 40 किलोमीटर दूर तक में फैल गई थी. शहर की एक चौथाई आबादी गैस चेंबर में तब्दील हो गई थी. सबसे अधिक बच्चों पर गैस का प्रभाव पड़ा था. जिस रात यह घटना घटी थी. उसके कई दिनों बाद तक भोपाल से लोगों का पलायन चलता रहा. हजारों लोग सैकड़ों किसोमीटर दूर चले गए. यहां से जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे. इस उन्माद के बीच साहस और हौसले की भी कमी नहीं थी. बड़ी संख्या में लोगों ने प्रभावित लोगों को निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी थी. हिरोशिमा और नागासाकी के बाद मौत का विकराल रूप भोपाल गैस त्रासदी जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद मृत्यु का तीसरा सबसे वीभत्स और घृणित रूप थी. हालात ऐसे बने थे कि श्मशान में लाशें जलाने की जगह नहीं बची थी. एक चीता पर 10 से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था. मुस्लिम कब्रिस्तान में भी शवों को दफनाने की जगह नहीं बची थी. स्थिति ऐसी बनी थी कि पुरानी कब्रों को खोद कर शवों को दफनाया गया था. भोपाल में मौत का तांडव कई दिनों तक चलता रहा. गैस रिसाव के 30 घंटे बाद भी फैक्ट्री में लाशों का अंबार लगा हुआ था. तीन दिनों तक जानवरों के शव सड़कों और घरों में बिखरे पड़े हुए थे. इससे महामारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही थी. बड़ी संख्या में यहां से लोग पलायन कर रहे थे. तो प्रशासन अन्य शहरों से सफाई कर्मचारियों को बुलाकर अभियान में लगाया था. गैस का दुष्प्रभाव ना सिर्फ सन 1984 में था बल्कि आज भी लोग विकलांगता और गंभीर बीमारियों की जद में जीने को मजबूर हैं. कई पीढ़ियों ने झेला त्रासदी का दंश भोपाल गैस त्रासदी की जद में आने वाले या फिर उस घटना में बचे लोगों का जीवन सामान्य नहीं रहा. लोगों को कई सालों तक इस त्रासदी का दंश झेलना पड़ा. त्रासदी प्रभावित लोगों की जीवन अवधि कम होती चली गई. साथ ही कई लोग विकलांग, नपुंसक और गंभीर बीमारियों का शिकार होते चले गए. इस त्रासदी के शिकार हुए 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को बहुत कष्ट उठाना पड़ा. हाल ही में हुए एक रिसर्च में पता चला कि गैस पीड़ित समूह के पुरुषों और 21 वर्ष से ऊर के व्यक्तियों की मृत्य बहुत जल्द हो गई. इस अध्ययने में पाया गया कि करीब 30 वर्षों में 6 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई. खून में घुल गई जहरीली गैसें त्रासदी के करीब ढाई दशक बाद आईसीएमआर की एक रिपोर्ट सामने आई. इसमें पाया गया कि यहां के लोगों के खून में जहरीली गैसें घुल गई थी. जिससे लोगों में और आने वाली पीढ़ियों में इसका बुरा असर दिखा. आज भी जो बच्चे पैदा होते हैं उनमें सांसों की समस्या, विकलांगता और गंभीर बीमारियां देखी जाती हैं. हालांकि, अब राहत की बात है कि जहरीले कचरे को नष्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि अब यहां के लोग स्वस्थ और सेहतमंद होंगे और आने वाली पीढ़ियां भी हेल्दी पैदा होंगी. recent visitors 58

वैज्ञानिक तरीके से जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाए जाने को लेकर मीडियो से बात की। उन्होंने कहा कि रासायनिक कचरे का निष्पादन वैज्ञानियों से ही कराया जा रहा है। इसमें सभी मानकों का पालन हो रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ आज तीन बजे प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बैठक करेंगे और सभी शंकाओं का समाधान करेंगे। कचरा जलाने से ना तो पर्यावरण कोई कोई नुकसान होगा और ना ही भूजल प्रभावित होगा। समस्त अध्ययन के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। भोपाल के लोग 40 साल से कचरे के साथ जी रहे थे कांग्रेस द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर को लेकर आवाज उठा रहे हैं और भोपाल को लेकर अभी तक कोई बात नहीं की। दोमुही कांग्रेसी करते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। भोपालवासी 40 वर्ष से इस कचरे के साथ जी रहे थे। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस कचरे को हम पीथमपुर में जलाने जा रहे है उसका पहले भी ड्राई रन कर चुके है। इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की थी, उसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने इस कचरे को नष्ट करने के निर्देश हमें दिए थे। इसमें यह साफ कर दिया गया था कि इस कचरे के जलने से पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त 2015 में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का ट्रायल रन किया गया था। परीक्षण में जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक कचरा जलाने से वातावरण में किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने हमें कचरा जलाने के लिए निर्देशित किया है। recent visitors 46